प्रधानमंत्री मोदी के बालकनी में दिया जलाने वाले सन्देश को लेकर सोशल मीडिया छिड़ी बहस कुछ मोटिवेशनल फायदे बता रहे हैं तो कुछ लोग सरकार की तैयारियों पर सवाल उठा रहे हैं।

दरअसल जब से प्रधानमंत्री मोदी ने 5 अप्रैल को रात को 9 बजे 9 मिनट के लिए दिया या मोमबत्ती ,टॉर्च की जलाकर अपनी बालकनी में आ कर देश के लिए मंगल कामना करने के लिए कहा है साथ ही यह भी कहा है के 9 मिनट के लिए घर की सभी लाइटें बंद रखें।प्रधानमंत्री के इस संबोधन के बाद से जैसे सोशल मीडिया पर एक बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों का कहना है के ये देशवासियों को मोटिवेट करने का एक अच्छा उपाय है, साथ ही कुछ समय के लिए बिजली की बचत भी होगी।

कुछ लोगों का कहना है के दिया या मोमबत्ती जला के क्या फायदा ? कुछ का कहना है के ऐसा करने से सभी ग्रिडों पर लोड पड़ेगा और वोल्टेज बड़ जाएगा ग्रिड जल भी सकती है ? तो कुछ का कहना है के सिर्फ अंधकार में दिए जला कर एक आध्यात्मिक शक्ति की बात तो कर सकते हैं लेकिन इसका कोरोना वायरस संक्रमण से क्या संबंध है?

सोशल मीडिया पर छिड़ी इस बहस पर हमने बहुत से पहलू खंगाले और विश्लेषण किया के यह संदेश देश को एकजुट करने के लिए दिया गया है।

खैर गौर करें तो ऐसा माना जाता है के घर में घी का दीया जलाने से सकारात्मक ऊर्जा वातावरण में आती है।

यदि घी के दिए के साथ लौंग जलाते है तो यह घर का वातावरण शुद्ध करता है।

घी या सरसों का तेल का दीया जलाने से अस्थमा के मरीज़ को भी फायदा है।
कुल मिलाकर यह समय है देश के साथ एकजुट हो कर सबके मन में फिर से एक विश्वास और उमंग पैदा करने का के अंधकार कितना भी घना हो , एक सकारात्मकता और विश्वास का दिया जलाने से हम में साहस मिलता है और एक जंग से लड़ने के लिए एक नया जोश पैदा होता है। यह वक़्त है एकदूसरे के हौंसले बढ़ाने का और इस संकट से आगे बढ़ कर विजय पाने का ।

नागपुर के आईजीएमसी और मायो हॉस्पिटल में कोरोना टेस्टिंग मशीन बंद पड़ी,रिपोर्ट के लिए करना पड़ेगा लंबा इंतज़ार

नागपुर:एक तरफ देश में कोरोना का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है साथ ही राज्य में भी केस बढ़ते जा रहे है।लेकिन दुखद बात यह है कि ऐसी विकट परिस्थिति में नागपुर के आईजीएमसी हॉस्पिटल की कोरोना टेस्टिंग मशीन आज सुबह से बंद है।इसके साथ ही मायो हॉस्पिटल में भी कोरोना टेस्टिंग की 2 मशीन थी जिसमे से एक बंद हो गई है बस एक मशीन ही चालू है।ऐसे में पीड़ितों को और अधिक इंतज़ार करना पड़ सकता है।

अब इन मशीनों को सुधारने के लिए अस्पताल प्रबंधन क्या कदम उठाएगा ये देखने वाली बात है और कब तक ये फिर से काम करना शुरू करेगी।फिलहाल तो यह शहर और पीड़ितों दोनों के लिए बड़ा ही चिंताजनक विषय है।इसके जल्द ही निदान होना जरूरी है।

नागपुर एनएमसी क्षेत्र से मरकज में शामिल हुए लोगों को पुलिस कर रही ट्रेस

नागपुर:ऐसा बताया जा रहा है दिल्ली स्तिथ मरकज में नागपुर से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से 189 लोग शामिल थे।बहुत से लोगों को क्वारंटाइन कर दिया गया है वहीं 19 लोग अभी भी ऐसे है जो प्रशाशन की रडार में नहीं आए हैं।

निजामुद्दीन में कोरोना वायरस के केंद्र बने मरकज से गए लोगों की तलाश में 15 से अधिक राज्यों की विशेष टीम लगी हुई है।खतरे की बात यह है के ये लोग पिछले कई दिनों से अलग अलग राज्यों और जिलों में इस तरह के आयोजन कर चुके हैं जिससे कोरोना वायरस फैलने का डर और बड़ गया है। इससे पहले भी महाराष्ट्र के अहमदनगर से लगभग 89  लोगों को पकड़ा गया था जो आयोजन में शामिल हुए थे। वहीं निगमायुक्त तुकाराम मुंडे ने लोगों से अपील भी की थी के जो भी इस तरह के आयोजन में शामिल हुआ है वो प्रशाशन से संपर्क करे। उन्हें तुरंत उपचार दिया जाएगा।

इसके अलावा नागपुर प्रशासन अभी 19 लोगों की तलाश में है। इन लोगों के फोन बंद आ रहे हैं।इनकी सूची जारी की गई है।

तब्लीगी जमात में शामिल हुए नागपुर के बाकी 73 लोगों की तलाश में जुटे वरिष्ठ अधिकारी

नागपुर :दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मरकज में विभिन्न राज्यों के लोग शामिल हुए थे। बताया जा रहा है के महाराष्ट्र राज्य से भी कई लोग इस मरकज की जमात में शामिल हुए।नागपुर पुलिस ने तब्लीगी जमात में भाग लेने वाले लोगों का पता लगाना शुरू करदिया है। मरकज में नागपुर से लगभग 266 लोग शामिल थे जिसमें से 164 लोगो को क्वारंटाइन में रखा गया है। और उन लोगों की चिकित्सा रिपोर्ट आज प्राप्त होगी।

बाकी 73 लोगों की तलाश जारी है। वरिष्ठ अधिकारी तलाश में जुट गए हैं।इन 266 की सूची में से 8 लोग नागपुर विभाग के बाहर के है।और सूची के बाकी 21 लोग महाराष्ट्र राज्य के बाहर के हैं।राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को भी सूचित कर दिया गया।

Light candles, Diyas at 9 pm this Sunday to mark Coronavirus fight: PM Narendra Modi

On Friday Premier Narendra Modi talked to the country via a video message as India entered its ten-day lock-up to avoid the spread of COVID-19 in the midst of a global crisis. In its fourth speech to the people at the COVID 19 shutdown in China, the Prime Minister invited people on 5 April, at 21:00, to shut down the darkness of the COVID-19 and to build an environment of hope to improve the fight against this new disease by switching off lights and light candles, Diyas, torch flashlight, and mobile lamps.

Modi said no force is greater than our spirit and passion, 09:21 am Strengthening trust in the COVID 19 struggle.
09:19 am Service of people during coronavirus lockout is incredible, said PM in his video message.

09:15 a.m. We are at home when locking down, but not alone because each one of us has his collective energy. We must switch from the obscurity produced by the coronavirus towards the light, PM Modi said. 09/11,00 PM calls for all light shut-offs and for nine minutes on 5 April / Sunday at doors/windows, with candles, Diya and handheld flashlights.

09:03 am 130 Crore Indians battle coronaviruses together. If the country fights such a major battle, then we will move towards hope. We have to think about this segment and help those who have been most affected because of the COVID-19 to achieve hope.

09:00 PM Modi talks to the country via the coronavirus lockout video post. He’s worried about the country’s lockout.
08:44 am A video link will be exchanged between the people of India within a short time from 9 am. React, PM Modi tweeted.

On Thursday, after his meeting with all chief ministers, PM Modi tweeted: “It has had a long-standing relationship with heads of ministers from different States. The Center and all states work closely together to resolve the danger from COVID 19. We are doing our best for ensuring a stable India.” Following the Jamaat Tablighi episode near 2,000 people attended a religious event in Nizamuddin West, Delhi, the country saw a significant rise in COVID-19 positive cases. The country witnessed The Tabligh-e-Jamaat Markaz in Nizamuddin West was an epicenter, following the involvement by a group of thousands from 1-15 March, of the spread of coronavirus through various parts of Nizamuddin West.

At its meeting with CM, PM Modi called upon the head of the Ministers, in the next few weeks in order to ensure minimum death, to concentrate on COVID-19 confinement — monitoring, tracing, isolation and quarantine — to devise a “staggered” escape plan for the permanent lock-down.

कोरोना महामारी से लड़ने में देश की सहायता की स्वदेशियों ने- पीएम केयर फण्ड में दिया अतुल्य योगदान

यह उल्लेखनीय बात है के जब देश पर संकट आया परिस्थितियां विपरीत हुई।उस वक़्त देश के काम कौन आया?किस किस ने देश का सहयोग इस संकट में किया ?गौर करेंगे तो पाएंगे के इस लॉक डाउन की स्तिथि में भारत की बड़ी बड़ी कम्पनियों ने अपना अतुल्य योगदान दिया है जिसमें प्राइवेट सेक्टर के टाटा समूह,विप्रो,अडानी ग्रुप,रिलायंस इंडस्ट्रीज,एस्सार ग्रुप,हीरो साइकिल्स, बजाज ग्रुप,आईटीसी ग्रुप,इंफोसिस ग्रुप,डी सुपरमार्केट चैन,वहीं पब्लिक सेक्टर की इंडियन रेलवे,स्टेट बैंक ऑफ इंडिया,बैंक ऑफ बड़ौदा आदि के सभी एम्प्लोयी ने अपने एक एक दिन का वेतन दिया।रही फिल्मी हस्तियों की बात तो इसमें अक्षय कुमार,प्रभास,रामचरण,अल्लू अर्जुन,हेमा मालिनी,सन्नी देओल ,रजनीकांत आदि ने योगदान दिया।क्रिकेट जगत के भी सितारे इसमें शामिल हैं जैसे सचिन तेंदुलकर,सौरव गांगुली,सुरेश रैना आदि ने सहयोग दिया ।

अब कुछ प्रसिद्ध मंदिरों की बात करें तो इसमें शिरडी साईं मंदिर,सोमनाथ मंदिर,वैष्णो देवी मंदिर ट्रस्ट, आदि ने अपना खज़ाना खोला। इस तरह से देश की मुसीबत में हर अपने ने भले ही छोटा सही अंशदान जरूर दिया है। 

दूसरी ओर भारतीय बाजारों से करोड़ों अरबों का बिजनेस करने वाली विदेशी कम्पनियों की बात करें तो इनका अभी तक कोई आर्थिक योगदान नहीं आया है।जबकि यह कम्पनियां तरह तरह की ऑनलाइन सेल से,फूड डिलीवरी से,जंक फूड व्यापर ,ऑटोमोबाइल सेक्टर से ,मोबाइल फ़ोन बिक्री सेक्टर से करोड़ों का धन लाभ हमारे देश से अर्जित कर रही हैं।

यह समय एक विश्लेषण का है जो आपको बताता है के विपत्ति के समय स्वदेशी कम्पनियां,और अपने ही देश के ही लोग आपके काम आ रहे हैं।कई बार युवा वर्ग बड़े  ब्रांड्स  के चक्कर में इंडियन ब्रांड्स को नजरअंदाज कर देता है उनसे खरीदारी नहीं करता ।और इस तरह से हमारी अर्थव्यवस्था भी डगमगा जाती है।

ऐसे में यदि देश का हर एक व्यक्ति ठान ले के वो अब से उस कंपनी को पहली प्राथमिकता देगा जो कम्पनियां मुसीबत में हमारे साथ खड़ी हैं तो ऐसी स्तिथि में देश की अर्थ व्यवस्था भी सुधरेगी और देश का पैसा देश में ही रहेगा।कुछ तो अर्थव्यवस्था सुधारने की ये अनूठी पहल हम देशवासी भी कर सकते हैं।  

रेशन कार्ड संदर्भात मार्गदर्शक तत्त्वे उपलब्ध करून द्या!

कोरोनाच्या पार्श्वभूमीवर सुरू असलेल्या ‘लॉकडाऊन’दरम्यान अनेकांची अन्नधान्यासाठी परवड होत आहे. ज्यांच्याकडे रेशन कार्ड आहे आणि ज्यांच्याकडे नाही, अशांना शासनाने केलेल्या उपाययोजनांसंदर्भात अनेक शंका आहेत. त्यामुळे शासन आणि जिल्हा प्रशासनाने यासंदर्भात तात्काळ मार्गदर्शक तत्त्वे उपलब्ध करुन द्यावे, अशी विनंती करणारे पत्र नागपूर महानगरपालिकेचे स्थायी समितीचे सभापती विजय (पिंटू) झलके यांनी मुख्यमंत्री आणि जिल्हाधिकाऱ्यांना दिले आहे.

सदर पत्रात नमूद केल्यानुसार, लॉकडाऊनमध्ये दैनंदिन गरजा भागविण्यासाठी गोरगरीबांना अनेक संकटांचा सामना करावा लागत आहे. अशा परिस्थितीत नागरिक लोकप्रतिनिधींकडे जाऊन विविध मागण्या करीत आहेत. राशन मिळण्याकरिता फॉर्म भरून द्यावा, असा आग्रह ते लोकप्रतिनिधींना करीत आहेत. मात्र, यासंदर्भात प्रशासनाकडून काही गोष्टी लोकप्रतिनिधींनाच जाणून घेणे क्रमप्राप्त आहे. ज्या नागरिकांकडे राशन कार्ड आहे. मात्र ऑनलाईन नसल्याने त्यांना राशन मिळण्याकरिता अडचण येत आहे. ज्या नागरिकांकडे राशन कार्ड आहे, मात्र ते बाहेरगावचे असल्याने त्यांना राशन मिळण्यात अडचण येत आहे. जे नागरिक बाहेरगावकडी मजूर किंवा किरायदार आहेत त्यांना राशन मिळण्याकरिता अडचण येत आहे. मोफत गॅस सिलिंडरचीही घोषणा झाली. मात्र, ते केवळ उज्ज्वला सिलिंडर धारकांनाच मिळणार की सर्वांनाच मिळणार याबाबतही शंका आहे. या सर्व शंकांचे निरसन करण्यासाठी आणि लोकप्रतिनिधींना नागरिकांना उत्तरे देता येतील, यादृष्टीने मार्गदर्शक तत्वे उपलब्ध करून देण्याची विनंती या पत्रात केली आहे. जिल्हाधिकारी रवींद्र ठाकरे यांना आज (ता. २) हे पत्र सोपविण्यात आले असून मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनाही पाठविण्यात आले आहे. यावेळी स्थायी समितीचे सभापती विजय (पिंटू) झलके यांच्यासोबत तुषार वानखेडे, मनोज डोरले उपस्थित होते.

 

सीबीएसई ने की घोषणा , नागपुर में होंगे सीबीएसई के 12 पेपर

नागपुर: बताया जा रहा है के 10वी कक्षा का कोई पेपर नागपुर में नहीं होगा।देश भर में सीबीएसई कुल २९ महत्वपूर्ण विषय के पेपर लेगा जिसमें से 12 पेपर नागपुर में होंगे।

अपने पत्रक में सीबीएसई ने साफ किया के इस समय परीक्षा मूल्यांकन शुरू करने की स्तिथि में नहीं है।हो सकता है इस वर्ष सीबीएसई के नतीजे देरी से आएंगे।

‘कोरोना’शी लढण्यासाठी मनपात ‘वॉर रूम’

नागपुरातील ‘कोरोना’चा वाढता प्रादुर्भाव लक्षात घेता प्रशासनाने केलेल्या उपाययोजना, त्याची अंमलबजावणी आणि परिस्थितीवर नियंत्रणाच्या दृष्टीने नागपूर महानगरपालिका मुख्यालयात ‘वॉर रूम’ तयार करण्यात आली आहे. ‘कोरोना’च्या आव्हानाला सामोरे जाण्यासाठी गेल्या आठवडाभरापासून ह्या ‘वॉर रूम’मध्ये रणनीति आखली जात आहे.

नागपूर महानगरपालिकेचे आयुक्त तुकाराम मुंढे यांच्या संकल्पनेतून तयार करण्यात आलेल्या या ‘वॉर रूम’मध्ये कोरोनासोबत लढण्याची रणनीति तयार केली जाते. नागपूर महानगर पालिकेकडे कोरोना कंट्रोल रूम, कोव्हिड-१९ मोबाइल ॲप, कंटेनमेंट सर्वेक्षण, हाय रिस्क नागरिकांचे सर्वेक्षण, ४८ रॅपिड रिस्पांस टीम, राज्य शासन आणि केन्द्र शासन आदींच्या माध्यमातूनदररोज ‘कोरोना’संदर्भात माहिती प्राप्त होते. मिळालेल्या माहितीवर काय कार्यवाही करायला हवी, काय कार्यवाही झाली आहे यावर मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे यांच्या उपस्थितीत दररोज रात्री ९.३० वाजता चर्चा केली जाते. डॉक्टरांच्या चमूसोबत विचारविनिमय करून याच ‘वॉर रूम’मध्ये रणनीति ठरविली जाते. गेल्या आठवडाभरापासून हे काम अविरत सुरू आहे.

यासंदर्भात अधिक माहिती देताना मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे म्हणाले, ‘कोरोना’वर प्रतिबंध घालण्यासाठी नागपूर महानगरपालिका प्रशासन आटोकाट प्रयत्न करीत आहे. कोरोनाचा प्रसार रोखण्यासाठी आणि परिस्थितीवर नियंत्रण मिळविण्यासाठी ‘वॉर रूम’ची भूमिका महत्त्वाची राहणार आहे. मात्र, ही वॉर रूम केवळ कोरोनापुरतीच मर्यादित राहणार नसून ‘कोरोना’चे संकट गेल्यानंतरही भविष्यात मनपाची आरोग्य यंत्रणा अधिक सुदृढ आणि सक्षम होण्याच्या दृष्टीने ‘वॉर रूम’ कार्य करेल. ही वॉर रूम नेहमीकरिता राहणार असल्याचे त्यांनी सांगितले.

 

मोदी सरकार ने सभी लोगों तक खाने-पीने के जरूरी सामान और दवाइयां पहुंचाने के लिए गुरुवार से देशभर में 2 लाख ट्रकों को फिर से सड़क पर दौड़ाने जा रही है

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जारी है. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को हराने के लिए मोदी सरकार ने 21 दिन के लिए देशव्यापी लॉकडाउन कर दिया है, जो 14 अप्रैल तक चलेगा. लॉकडाउन के चलते लोग घर के अंदर बंद हो गए हैं. बाजार बंद हैं और सड़कें वीरान हो गई हैं. लॉकडाउन के दौरान रोजमर्रा की चीजों की कमी न हो पाए, इसके लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है.

मोदी सरकार ने सभी लोगों तक खाने-पीने के जरूरी सामान और दवाइयां पहुंचाने के लिए गुरुवार से देशभर में 2 लाख ट्रकों को फिर से सड़क पर दौड़ाने जा रही है.पीएमओ ने दवाइयों और खाने-पीने की जरूरी चीजों की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए टीमों का भी गठन किया है. ये टीम सभी लोगों तक दवाइयां और खाने-पीने की चीजें पहुंचाने के लिए काम कर रही हैं.

आपको बता दें कि जब 24 मार्च को पीएम मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था, उसी दिन से ये ट्रक बंद थे और सिर्फ 20 से 25 हजार ट्रक ही चल रहे थे. एक अप्रैल को करीब डेढ़ लाख ट्रक चले. अब गुरुवार से 2 लाख ट्रक चलेंगे, ताकि देशभर में लोगों के खाने-पीने की चीजों और दवाइयों की कमी न हो पाए.

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