चांदी से सजेगा आग्याराम देवी का दरबार, चांदी से नक्काशीदार ‘सिंह झरोखा’ भी बनेगा

नागपुर के प्रसिद्ध देवी आग्याराम के संपूर्ण दरबार का सौंदर्यीकरण होगा चांदी से।चांदी के निज मंदिर में विराजित आग्याराम देवी के सिंहों का भी 31 किलो चांदी से नक्काशीदार ‘सिंह झरोखा’ का स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे दरबार की सुंदरता और भी बढ़ जाएगी।आग्याराम देवी मां के साथ ही 8 स्वरूपों के दर्शन भी श्रद्धालुओं को मिलेंगे।

चांदी के पत्र एवम् मंदिर के दोनों ओर 2 गजराज स्थापित किए जाएंगे. निज मंदिर में चांदी का 1 बड़ा व 4 छोटे गुंबद, 2 बड़े और 4 मध्यम एवम् 19 छोटे कलश के साथ ही 8 पिलर हैं।श्री आग्याराम देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष व विधायक गिरीश व्यास ने बताया कि देवी मां के भक्तों द्वारा दान की गई चांदी से सिंह झरोखा का निर्माण रोकड़े ज्वेलर्स के नेतृत्व में किया जा रहा है।संभवत: नागपुर का पहला मंदिर है जिसमें आग्याराम देवी मां की मूल प्रतिमा के साथ ही चांदी से साकार मां के आठ स्वरूपों के दर्शन श्रद्धालु कर सकेंगे।

सिंह झरोखा के निर्माण कार्य के चलते मंदिर के गर्भगृृह का द्वार मात्र दो दिन के लिये बंद रहेगा.ज्ञात हो के पिछले वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर 60 किलो चांदी से बना मां का निज मंदिर लोकार्पित किया गया था।

लकड़गंज,आशीर्वाद नगर, नेहरूनगर सतरंजीपुरा जोन में कल से जल आपूर्ति में कटौती

नागपुर : महानगर पालिका और जल शुद्धिकरण केंद्र द्वारा लकड़गंज व कैंसर हॉस्पिटल,नागोबा मंदिर के समीप स्थित पाइपलाइन व इनलेट फ्लोमीटर की मरम्मत का काम करवाया जा रहा है।यह कार्य अगले 1-2 दिन में पूरा होने की संभावनाएं है।

इसी स्थिति को देखते हुए मेगा शटडाउन करने का निर्णय लिया गया है। लकड़गंज,आशीर्वाद नगर, नेहरूनगर सतरंजीपुरा जोन के हिस्से इस कार्य से प्रभावित रहेंगे।नागरिकों से आवश्यक जल-भंडारण करने को का आव्हान किया है।

इससे 2 व 3  नवम्बर शहर के कुछ हिस्सों को 24 घंटे बिना पानी रहना पड़ेगा ।  सुधार कार्यों के पूर्ण होते ही फिर से वॉटर सप्लाई शुरू किया जाएगा तब तक नागरिकों को सावधानीपूर्वक जल उपयोग करने की भी अपील है।

कोविशिल्ड’ वैक्सीन का तीसरा परीक्षण स्वयंसेवकों पर हुआ , सभी का स्वास्थ्य अच्छा

नागपुर: कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए जल्द ही इसके लिए वैक्सीन्स परीक्षण किए जा रहे हैं उन्हीं में से एक कोरोना वैक्सीन ‘कोविशिल्ड’ वैक्सीन के लिए मानव परीक्षण के तीसरे चरण के लिए चुने गए 50 स्वयंसेवकों का स्वास्थ्य अच्छा है। इसमें 20 महिलाएं और 30 पुरुष स्वयंसेवक हैं।- सुशांत मेश्राम ने कहा।

आगे उन्होंने यह भी कहा के -हम उन सभी स्वयंसेवकों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं जिन्हें पहली खुराक दी गई थी।फिलहाल किसी को कोई परेशानी नहीं है। अब दूसरी खुराक 28 दिनों के बाद यानी 20 नवंबर को दी जाएगी।

यह परीक्षण 23 अक्टूबर को नागपुर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में शुरू हुआ। शुक्रवार को परीक्षण सप्ताह समाप्त हो गया।

इस संबंध में, डॉ। “हम उन सभी स्वयंसेवकों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं, जिन्हें पहली खुराक दी गई थी,” मेश्राम ने कहा। अब दूसरी खुराक 28 दिनों के बाद यानी 20 नवंबर को दी जाएगी। फिर 56 वें दिन रक्त परीक्षण किया जाएगा।

आरोग्य सेतु एप पर क्यों हुई कंट्रोवर्सी? किसने बनाया है यह एप ?

वैश्विक कोरोना संकट के समय में आपको लगभग हर भारतीय के स्मार्ट फोन में आरोग्य सेतु मिल जाएगा। फिलहाल लगभग 16 करोड़ से ज्यादा लोग इस एप का इस्तेमाल कर रहे हैं.

किन्तु क्या आप जानते हैं आरोग्य सेतु एप किसने बनाया है? जानकार हैरानी होगी कि सरकार को भी यह पता ही नहीं कि आरोग्य सेतु एप बनाया किसने है? 

दरअसल सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई सूचना में यह बात सामने आई है, जिसके बाद केंद्रीय सूचना आयोग ने केंद्रीय सार्वजनिक सूचना अधिकारियों, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और नेशनल ई-गवर्नेस डिविजन को कारण बताओ नोटिस भी भेजा है। 

सीआइसी ने एनआइसी से यह स्पष्ट करने को कहा है कि जब आरोग्य सेतु की वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई है कि उसी ने इसे डिजाइन और विकसित किया है और होस्ट भी वही है, तब उसे एप बनाने वाले के बारे में जानकारी कैसे नहीं है?

CIC ने मंत्रालय व संबंधित विभागों से पूछा है कि एप से संबंधित सूचना देने में रुकावट पैदा करने और गोलमोल जवाब देने पर क्यों न उनके खिलाफ RTI एक्ट की धारा 20 के तहत जुर्माना लगाया जाए। 

आरोग्य सेतु एप पर उठ रहे सवालों पर सरकार ने अब सफाई पेश करते हुए कहा कि आरोग्य सेतु एप  सरकार के जरिए पब्लिक प्राइवेट ऑपरेशन के तहत बनाया गया है। माय गवर्नमेंट व डिजिटल इंडिया के सीईओ अभिषेक सिंह ने कहा कि नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मिलकर इस एप को बनाया है।

महामेट्रो का सराहनीय प्रयास 31 अक्टूबर से ई वाहनों को विशेष सुविधा

महामेट्रो ने पर्यावरण को प्रदूषणमुक्त बनाने की ओर एक उठाया सराहनीय कदम उठाया है।महामेट्रो के एयरपोर्ट स्टेशन पर 31 अक्टूबर से इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग व पार्किंग की शुरूआत की जा रही है। इससे ई स्कूटर्स के उपयोग को प्रोत्साहन भी मिलेगा और आमजन में ई वाहनों को लेकर जागरूकता भी आएगी।

स्टेशन से उतरते से ही यात्रियों को ई स्कूटर की सुविधा मिलेगी।इसके साथ ही छोटे ई वाहनों जैसे कम स्पीड के स्कूटर,ई साइकिल,ई रिक्शा के लिए शुरुआती 2 महीनों के लिए यह सुविधा मुफ्त रहेगी।

सोमवार सुबह 6 से 10 व शाम 5-10 यह सेवा मिलेगी इसके बाद 10 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से चार्ज देना रहेगा।

महामेट्रो का सराहनीय प्रयास 31 अक्टूबर से ई वाहनों को विशेष सुविधा

महामेट्रो ने पर्यावरण को प्रदूषणमुक्त बनाने की ओर एक उठाया सराहनीय कदम उठाया है।महामेट्रो के एयरपोर्ट स्टेशन पर 31 अक्टूबर से इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग व पार्किंग की शुरूआत की जा रही है। इससे ई स्कूटर्स के उपयोग को प्रोत्साहन भी मिलेगा और आमजन में ई वाहनों को लेकर जागरूकता भी आएगी।

स्टेशन से उतरते से ही यात्रियों को ई स्कूटर की सुविधा मिलेगी।इसके साथ ही छोटे ई वाहनों जैसे कम स्पीड के स्कूटर,ई साइकिल,ई रिक्शा के लिए शुरुआती 2 महीनों के लिए यह सुविधा मुफ्त रहेगी।सोमवार सुबह 6 से 10 व शाम 5-10 यह सेवा मिलेगी इसके बाद 10 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से चार्ज देना रहेगा।

नए राजनीतिक समीकरण में अनिल सोले या संदीप जोशी कौन होगा बीजेपी का अगला उम्मीदवार ?

नागपुर :भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवार के नाम की घोषणा अभी तक नहीं की है। इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।विधायक अनिल सोले या संदीप जोशी, वर्तमान में इसी सवाल पर चर्चा की जा रही है।सभी  आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। 

मेयर संदीप जोशी ने घोषणा की है कि वह अब नगर निगम चुनाव नहीं लड़ेंगे।वर्तमान में,भाजपा, कांग्रेस और कुछ स्वतंत्र उम्मीदवार काम कर रहे हैं। बड़ी संख्या में मतदाताओं का पंजीकरण किया जा रहा है। कांग्रेस से अभिजीत वंजारी की उम्मीदवारी निश्चित मानी जा रही है। अनिल सोले ने अपनी टीम को काम पर लगा दिया है। दौरे भी शुरू हो गए हैं। उनका जोर वास्तविक मुठभेड़ों पर है। दूसरी ओर, युवा मोर्चा ने हाल ही में कई वर्गों में पोस्टर लगाना शुरू किया है।

मतदाताओं को पंजीकृत करने और भाजपा उम्मीदवार का चुनाव करने की अपील की जा रही है।यह कहा जा रहा है कि युवा नेता को बढ़ावा देने के लिए मोर्चा ने काम करना शुरू कर दिया है। क्या खास है संदीप जोशी चुनाव लड़ने के लिए पहले से ही उत्सुक थे। उम्मीदवारों की घोषणा से पहले, भाजपा ने उन्हें मतदाता पंजीकरण की जिम्मेदारी सौंपी थी। 

हालांकि, जैसा कि यह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सीट है, पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार तय करने का एकमात्र अधिकार दिया था। लेकिन अब राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस की राय भी एक उम्मीदवार का चयन करने में महत्वपूर्ण होगी।        

आगामी नपा चुनावों के चलते नागपुर में नवनियुक्त शिवसेना पदाधिकारियों के नामों की घोषणा

नागपुर नगर निगम में भाजपा सत्ता में है। नागपुर महानगर पालिका के चुनाव अगले दो वर्षों में होंगे।वर्तमान में, नागपुर महानगर पालिका की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा दो प्रमुख दल हैं। लेकिन शिवसेना पिछले कुछ दिनों से नागपुर में बहुत सक्रिय है। इसी आधार पर, मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नागपुर जिले में शिवसेना के पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा की है।

आगामी नगरपालिका चुनावों को देखते हुए नागपुर जिले में नवनियुक्त शिवसेना पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की गई है। शेख सावरबंधे और सतीश हार्डे को नागपुर संपर्क प्रमुख नियुक्त किया गया है।तदनुसार, व्यवसायी प्रमोद मनमोडे को नागपुर महानगर के महानगर प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है जबकि मंगेश काशीकर को नागपुर दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम महानगर का आयोजक नियुक्त किया गया है।

किशोर परते को नागपुर पश्चिम और मध्य के लिए महानगर संयोजक, नागपुर उत्तर और पूर्व के लिए विशाल बारबेटे के रूप में नियुक्त किया गया है। दीपक कापसे नागपुर सेंट्रल, साउथ और साउथ वेस्ट के मेयर हैं, जबकि नितिन तिवारी नागपुर नॉर्थ, ईस्ट और वेस्ट के मेयर हैं।

इसके अलावा, नागपुर उत्तर से बंधु तलवेकर, नागपुर पूर्व से गुड्डू और नागपुर पश्चिम से दिगंबर ठाकरे को चुना गया है। सतीश हार्डे, शेखर सवरबंधे और किशोर कुमेरिया को सह-संपर्क प्रमुख के रूप में चुना गया है। हालाकि नागपुर शिवसेना नवनियुक्त नेता चुनाव के लिए शिवसेना के पूर्व सांसद प्रकाश जाधव को पद से हटा दिया गया है। 

इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल ने सीताबर्डी मेट्रोस्टेशन को दिया प्लेटिनम स्टेशन का सराहनीय दर्जा

नागपुर महामेट्रो आए दिन नए नए कीर्तिमान स्थापित करते जा रहा है इसी कड़ी में नागपुर के सीताबर्डी इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन ने नया एक कीर्तिमान स्थापित करते हुए ” इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल” से प्लैटिनम स्टेशन का दर्जा प्राप्त किया है।

दरअसल सीताबर्डी इंटरचेंज का निर्माण बहुत ही आकर्षक ढंग से हुआ है इसकी एल आकर की इमारत को सर्वसुविधा युक्त बनता गया है। यह आकर्षक 5 मंज़िल इमारत मेट्रो स्टेशन पर हर मंजिल पर अलग अलग सुविधाएं दी गई है। पहली मंज़िल पर टिकिंग काउंटर दूसरी मंज़िल और तीसरी मंज़िल पर मेट्रो पार्किंग बाकी ऑपरेशनल सेंटर्स भी रखे गए हैं।

स्टेशन अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस है पिछले कई वर्षों से इस पर काम चल रहा था।

मास्क पहना है? सुरक्षा नियमों का पालन किया ? – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिवाइस रखेगा नजर

कोरोना संक्रमण के बढ़ते वैश्विक प्रभाव के साथ ही अब कई कम्पनियां इससे लड़ने के लिए और बचने के लिए नई नई तकनीक ला रही हैं।इसी कड़ी में बेंगलुरु की एक स्टार्टअप कम्पनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित आईरिस नाम का उपकरण तैयार किया है।

इस उपकरण की विशेषता यह है के स्थानों जैसे चौराहों या मॉल्स या सार्वजनिक स्थानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को संशोधित कर किस व्यक्ति ने मास्क पहना है या नहीं? कितने लोग सोशल डिस्तंसिंग के नियमों का पालन कर रहे हैं।कितने लोगों ने पीपीई किट पहना है या नहीं इसकी रियल टाइम में जानकारी देगा। 

एक बार में 30 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज को संशोधित करने की क्षमता भी इस उपकरण में है।फिलहाल बेंगलुरु स्थित यह कम्पनी इस उपकरण के साथ कई देशों के लिए काम कर रही है। उपकरण द्वारा किसी भी व्यक्ति की गोपनीयता भंग ना हो इसका भी ध्यान रखा गया है।इस तरह के उपकरण से कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण रखने की अच्छी कोशिश की जा सकती है।

भारत में कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कंपनियां इस तरह के उपकरण बना रही हैं क्योंकि भविष्य में इसकी डिमांड बढ़ सकती है।और टेक्नोलॉजी के लेवल पर यह एक अच्छा प्रयास भी है।

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