राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) ५१ व्या वर्धापनदिनानिमित्त रक्तदान

रक्ताची भासत होती गरज मग दिली एनएसएस ला हाक ,कोरोनाचा वाढता प्रादुर्भाव पाहता व नागपूर शहरात रक्ताची कमतरता पडू नये  म्हणून .

कोरोना महामारीच्या या काळात मोठ्या प्रमाणात रक्ताचा तुटवडा असल्यामुळे गरजु रुग्णांना रक्त मिळत नाही. अशा या काळात तायवाडे महाविद्यालयाचा विद्यार्थी व   एनएसएस स्वयंसेवक राहूल मनोहर जिभकाटे यांनी राज्य रक्त संक्रमण परिषद महाराष्ट्र राज्य  (         SBTC  ) येथील शासकीय ब्लड बॅंकेत , सोमवार रोजी रक्तदान शिबिराचे आयोजन केले होते. सक्षम अधिकारी नागपूर यांच्या उपस्थितीत यावेळी रक्तदात्यांनी कोरोना योध्दाप्रमाणे येवून उस्फुर्तपणे रक्तदान केले. या रक्तदान शिबीरामुळे गरजु रुग्णांना नक्कीच या रक्ताची मदत होईल, कारण मी  नागपूरात अपघात ग्रस्त रक्षक म्हणून नेहमी काम करत असतात अपघात झाल्यानंतर रक्त किती महत्वाचे असते .असे राहूल जिभकाटे यांनी सांगितले  यावेळी  रासेयो स्वयंसेवक  अभिषेक धुर्वे गौरव शाहू  विनोद हजारे रोहीत जिभकाटे शुभम वाघमारे यांनी महत्त्वपूर्ण योगदान दिले. 

 कोरोना_योद्धा_सन्मान प्रमाणात देऊन सन्मानित करण्यात आले.  तसेच मास्क व सॅनिटायझर देण्यात आले.यात प्रशासनाच्या सुचनांच्या आदेशानुसार  चे पालन करण्यात आले .

सीताबर्डी बाजार को वाहन मुक्त करने की तैयारी ,स्ट्रीट फॉर पीपल सर्वेक्षण का शुभारंभ

नागपुर: वर्ल्ड कार फ्री डे के उपलक्ष्य पर स्ट्रीट फॉर पीपल सर्वेक्षण का शुभारंभ किया गया।इस मुहिम के तहत शहर के मुख्य बाजारों का 7 दिन सर्वेक्षण चलेगा।नागपुर शहर में पॉल्यूशन फ्री वाहनों को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह सराहनीय कदम उठाया गया है। सर्वेक्षण के चलते नागरिकों की प्रतिक्रिया, सूचना व अभिप्राय जानने के बाद भविष्य में इसी तर्ज पर उपाययोजना की नीति बनाई जाएगी।

सीताबर्डी बाजार को वाहन मुक्त करने की संभावनाये तलाशी जा रही है।स्मार्ट सिटी सीईओ महेश मोरोणे और यातायात पुलिस निरीक्षक पराग पोटे ने सीताबर्डी बाजार का निरीक्षण किया। सेंट्रल गवर्नमेंट के गृहनिर्माण व शहरीय विकास मंत्रालय के अंतर्गत इंडिया साइकल्स फॉर चेंज चैलेंज उपक्रम की शुरुआत हुई है।इसी के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए शहर के मुख्य बाजारों का सर्वेक्षण निरीक्षण किया जा रहा है।

हालाकि इन सबसे दुकानदारों के मन में भी कई विचार है जैसे वाहन मुक्त करने पर व्यवसाय पर क्या परिणाम होगा।नागरिक मार्केट में पैदल चल सकेंगे या नहीं।मोरोणे ने नागरिकों से चर्चा में कहा कि वाहन मुक्त जोन करने पर हॉकर्स की सुविधा होगी। चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए दूसरी जगह व्यवस्था की जाएगी।

इसी के दौरान बुजुर्ग व महिलाओं को पैदल चलने में परेशानी होने का प्रश्न उपस्थित किया। इस प्रश्न पर मोरोणे ने कहा कि उन लोगों के लिए ई-रिक्शा की और साइकिल की व्यवस्था की जाएगी। युवा वर्ग भी इसी बहाने साइकिल का लाभ ले सकेंगे। इसी के साथ दुकानों में रात के समय माल लाने-लेजाने की अनुमति दी जाएगी।

मनकापुर डिवीजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में जल्द ही शुरू हो सकता है 1000 बेड वाला जंबो कोविड सेंटर

पालक मंत्री नितिन राउत ने मनकापुर में डिवीजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के विशाल परिसर में 1,000 बेड की क्षमता वाला एक जंबो कोविड हॉस्पिटल विकसित करने की योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है।फिलहाल सरकारी और निजी-संचालित डेडिकेटेड कोविद हॉस्पिटल्स (DCHs) में समय पर प्रवेश और उपचार प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है।

नागपुर को यह जंबो कोविद सेंटर चलाने की परमिशन भी मिल गई है।लगभग 85 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई यह परियोजना यह भी बताती है कि महामारी के जल्द ही खत्म होने की संभावना नहीं है।

राउत ने रविवार को एक बैठक की और परियोजना को अंतिम रूप दिया।”एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) जल्द ही मंगाई जाएगी। संभागीय खेल परिसर में उपलब्ध खुली जगह में निजी एजेंसी द्वारा कोविद अस्पताल विकसित किया जाएगा।डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वच्छता कर्मचारियों और अन्य सहायक श्रमशक्ति को निजी एजेंसी द्वारा प्रदान किया जाएगा। ” ( Image is just for representation)

परियोजना के लिए छह स्थानों को शॉर्टलिस्ट किया गया था – संभागीय खेल परिसर,राधा सौमी सत्संग ब्यास,शालिनीताई मेघे अस्पताल,यशवंत स्टेडियम, पटवर्धन ग्राउंड और वीसीए स्टेडियम।

राउत ने कहा, “कोविद अस्पताल पूरे विदर्भ के रोगियों को भी सहायता देगा।इसे इस तरह से विकसित किया जाएगा कि एयरोसोल बूंदों में वायरस नष्ट हो जाए। ” मंत्री ने यह भी कहा कि कोविद अस्पताल मध्यम और महत्वपूर्ण कोविद -19 रोगियों के लिए होगा। “इसमें आईसीयू और सभी आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी,” उन्होंने कहा।

राउत ने मुंबई में अवधारणा के सफलतापूर्वक लागू होने के बाद शहर के जंबो कोविद अस्पताल के लिए योजना बनाई है। मुंबई में पांच जंबो कोविद अस्पताल कथित तौर पर ऑपरेशन में हैं। राज्य की राजधानी की तर्ज पर, पुणे तीन ऐसे अस्पताल विकसित कर रहा है – दो शहर में और एक पिंपरी-चिंचवाड़ में – जो अब अंतिम चरण में हैं।

संभागीय आयुक्त संजीव कुमार, नगर निगम आयुक्त तुकाराम मुंढे, कलेक्टर रवींद्र ठाकरे और स्वास्थ्य विभाग और सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों के अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया और कथित तौर पर जंबो कोविद अस्पताल के लिए सहमति प्रदान की।जिले ने अगस्त की शुरुआत से कोरोनवायरस मामलों में रिकॉर्ड स्पाइक देखना शुरू कर दिया है।11 मार्च से 31 जुलाई के बीच 143 दिनों में 5,392 मामले सामने आए। अगस्त के 16 दिनों में जिले में 10,527 मामले दर्ज किए गए। बढ़ती संख्या में लक्षणात्मक और गंभीर रोगियों के प्रवेश और उपचार में बाधा आ रही है।

शनिवार को, हृदय रोगी  एक 14 वर्षीय लड़के को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।जब उसने पॉजिटिव परीक्षण किया, तो अस्पताल ने उसे वेंटिलेटर पर रखा और वहां के अधिकारियों को सूचित किए बिना आईजीजीएमसीएच भेज दिया। वेंटिलेटर सपोर्ट पर मौजूद मरीज को एम्बुलेंस में करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा क्योंकि IGGMCH ने वेंटिलेटर के साथ बेड उपलब्ध नहीं होने का हवाला दिया।हालांकि बाद में लड़के को भर्ती कर लिया गया, लेकिन रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।

ऐसी ही स्थिति अन्य पाँच निजी DCH पर भी है। लक्षणों से पीड़ित एक 74 वर्षीय महिला को ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसने रविवार की उसका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया। शाम 6 बजे तक मरीज को निजी DCH में प्रवेश नहीं मिला। मरीज के बेटे को उसे वापस घर ले जाना पड़ा।

देरी से शुरू होने के बाद, जिला प्रशासन ने रविवार को हिंगना के लता मंगेशकर अस्पताल में कोविद रोगियों को भर्ती करना शुरू किया, जो मध्यम लक्षणों वाले रोगियों के लिए एक समर्पित कोविद स्वास्थ्य केंद्र के रूप में काम करेंगे। एक अन्य ट्रस्ट-संचालित संस्थान – शालिनीताई मेघे अस्पताल – स्पर्शोन्मुख रोगियों के लिए कोविद केयर सेंटर के रूप में कार्य कर रहा है, लेकिन अपनी पूर्ण क्षमता के लिए नहीं।

एक और निजी अस्पताल ने रविवार को कोविद -19 प्रवेश शुरू किया, जिसमें कोरोनोवायरस रोगियों का इलाज करने वाले निजी अस्पतालों की संख्या छह थी, हालांकि 10 निजी अस्पतालों के लिए नागपुर महानगर पालिका द्वारा तय की गई समयसीमा एक पखवाड़े पहले ही समाप्त हो गई है।

जीवन सुरक्षित रखना जरूरी ,2 दिवसीय जनता कर्फ्यू को 100% सफल बनाने की जनता से विनती- विधायक कृष्णा खोपले

शहर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए महापौर संदीप जोशी ने जनता से 2 दिवसीय जनता कर्फ्यू का आग्रह किया था। उसी को लेकर विधायक कृष्णा खोपले ने चर्चा की उनका कहना था के कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक बैठक भी हुई थी जिसमें गृह राज्यमंत्री अनिल देशमुख व पालक मंत्री नितिन राउत ने और बाकी सभी ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।कई व्यापारी संगठनों ने और भी अलग अलग संगठनों से पत्र भी आए थे कर्फ्यू को ले कर सभी अपनी राय व्यक्त कर रहे थे।

इसके साथ ही महापौर संदीप जोशी ने शनिवार व रविवार को 2 दिवसीय जनता कर्फ्यू का जनता से आग्रह किया था। जिससे जनता भीड़भाड़ में जाने से बचे।व सोशल डिस्तंसिंग का पालन भी हो। उन्होंने जनता से आवाहन किया के वो इस जनता कर्फ्यू को सफल बनाएं

सर्दी खांसी या बुखार को नज़रअंदाज़ ना करें,तुरंत उपचार करवाएं और कोरोना से छुटकारा पाएं – डॉ समीर अरबट

दरअसल शहर में दिनों दिन कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है इसके साथ ही सरकारी व प्राइवेट हॉस्पिटल्स में भी मरीजों की तादात बढ़ गई है।

वर्तमान स्तिथि को देखते हुए क्रीम्स हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ समीर अरबट ने स्वास्थ्य से जुड़े कुछ सुझाव नागरिकों को दिए – 

“उनका कहना था के यदि किसी मरीज़ को मौसमी सर्दी खांसी या बुखार है।या किन्हीं कारणों से उसे स्वास्थ्य ठीक नहीं लग रहा है तो ,वह व्यक्ति घर पर ही आराम करे और साथ ही अपने स्वास्थ्य सलाहकार या निकटतम स्थित हॉस्पिटल से संपर्क कर के तुरंत अपना उपचार शुरू करवाए । ” 

आगे डॉ समीर अरबट ने यह भी कहा के ” यदि आप पहले से ही बीमार हैं तो ऐसी स्तिथि में बाहर घूमना आपको कोरोना संक्रमण की चपेट में ना ला दे ” वैसे आजकल डिजिटल टेक्नोलॉजी इतनी आगे बढ़ गई है कि आप घर बैठे बैठे भी वीडियो कॉल के जरिए डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं। 

किन्तु सबसे ज्यादा जरूरी यह है के आप समय रहते उपचार करें ताकि आपको कोई बड़ी समस्या का सामना ना करना पड़े।

नागपुर पुलिस व मनपा, शहर में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए अतिक्रमणों पर कर रही है कार्यवाही

दरअसल नागपुर शहर में कोरोना के बढ़ते प्रसार को देखते हुए, सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए अतिक्रमणों को हटाने की कार्यवाही शुरू कि गई है।

नागपुर पुलिस ने यह कार्यवाही की शुरुआत की है और आगे भी शहर भर में जहां जहां सड़कों पर छोटे वाहन या ढेला गाड़ी,गुमटियों आदि का फैलाव है वहां महानगर पालिका की मदद से अतिक्रमण हटा कर सोशल डिस्तंसिंग की तर्ज पर सुनिश्चित दूरी पर रखा जाएगा।यह कदम शहर में बढ़ते कोरो ना संक्रमण को देखते हुए लिया जा रहा है ताकि लोगों में उचित शारीरिक दूरी बनी रहे। और वायरस का खतरा कुछ कम हो।

नागपुर विद्यापीठ के प्रोफेसर डॉ संजय ढोबले का अनूठा प्रयोग “अल्ट्रा वायलेट यूनिट”, लॉक डाउन के समय आया था विचार

नागपुर विद्यापीठ के भौतिक शास्त्र विभाग ने एक नया उपकरण बनाया है जिसका नाम है अल्ट्रा वायलेट यूनिट और इसे नागपुर मेडिकल हॉस्पिटल को डोनेट भी किया है।इस बात की जानकारी भौतिक शास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ संजय ढोबले ने दी।

उन्होंने कहा के लॉक डाउन के समय उनके मन में विचार आया के कोरोना से मृत व्यक्ति के परिवार वालों को मृत देह के अंतिम दर्शन भी नहीं करने को मिल रहे और सिर्फ 4 मुनिसिपालिटी के व्यक्ति उसका अंतिम संस्कार कर रहे है।इसी लिए उन्होंने यह उपकरण बनाने का विचार किया जिसके माध्यम से आप किसी भी कोरोना मृत व्यक्ति के अंतिम दर्शन आसानी से कर पाएंगे।

डॉ संजय ढोबले ने यह भी बताया के इस उपकरण की टेकनोलॉजी के अनुसार यदि किसी कोरोना मृत व्यक्ति की प्लास्टिक पैक बॉडी रख दी जाए और 5मिनट के लिए लाईट चालू की जाए इससे कोरोना विषाणु अल्ट्रा वॉयलेट किरण से मर जाएगा और उसके बाद मृत व्यक्ति के परिवार के लोग उसके अंतिम दर्शन कर सकेंगे।आप मृत्य व्यक्ति को 2 मीटर की दूरी से श्रद्धा सुमन अर्पित कर सकेंगे।

उन्होंने बताया दरअसल अल्ट्रा वॉयलेट किरण की वेवलेंथ 210 – 280 नैनोमीटर विषाणु मर सकता है।इस उपकरण को बनाने में बहुत मुश्किलें आई लेकिन मुझे राष्ट्रीय संत तुकोजी महाराज विश्व विद्यालय के कुलगुरु डॉ संतोष चौधरी , सेवादान महाविद्यालय की डॉ निरुपमा ,दादा साहेब महापण्डित महाविद्यालय के डॉ नीलेश महाजन ने , व डॉ मनोज बालपांडे आदि ने बहुत मदद की इसके अलावा भी मुझे कई प्राचार्यों से मदद मिली ।

मुख्यमंत्री ठाकरे व उपमुख्यमंत्री अजित पंवार से विदर्भ और नागपुर स्वास्थ्य प्रणाली पर ध्यान देने का आग्रह करता हूं – भाजपा नेता बावनकुले

दरअसल दिनों दिन कोरोना के संक्रमण से लोग ग्रसित होते जा रहे हैं। आलम यह है कि अब ऐसी स्तिथि आग़ई है के ज्यादातर सरकारी व निजी अस्पतालों में आईसीयू बेड व जरूरी उपचारों के लिए मरीज़ को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है या दर ब दर भटकना पड़ रहा है।इसी बात को लेकर भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने अपना बयान जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि- विदर्भ और नागपुर स्वास्थ्य प्रणाली कोविद को नियंत्रित करने में विफल रही है।

अब तो विदर्भ भी कोरोना का एक गढ़ बना हुआ है। नागपुर में भी कोरोना से हालात गंभीर है। भाजपा नेता चंद्रशेखर का यह भी कहना था कि – ऐसी स्तिथि देखते हुए मैं राज्य के मुख्यमंत्री उद्घव ठाकरे जी से यह आग्रह करता हूं के वो इस मामले को गंभीरता से लें।वरना लोगों में यह संक्रमण भयावह रूप ले लेगा और मृत्यु दर भी बढ़ जाएगा।

यहां पर एक बढ़ा कोविड सेंटर बनाने की जरूरत है ताकि बढ़ी संख्या में आईसीयू बेड, दवाईयां, वेंटिलेटर उपलब्ध हो सकें। जैसी सुरक्षा प्रणाली मुंबई व पुणे में की जा रही है वैसी ही ध्यान रखना होगा विदर्भ और नागपुर का । इसी विषय में उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकरे व उपमुख्य मंत्री अजित पवार से आग्रह किया।

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने दिए निर्देश – अब शनिवार व रविवार को भी आरटीओ ऑफिस चालू रहेंगे

कोरोना संक्रमण के चलते शहर भर में कई सरकारी व प्राइवेट ऑफिसेज आंशिक रूप से या रोटेशनल शिफ्ट में काम कर रहे थे।उसी तरह आरटीओ ऑफिस में भी लाइसेंस बनवाने संबंधी प्रक्रिया अवलंबित हो रही थीं ।
इस के साथ ही शहर में परमानेंट लाइसेंस और लरनिंग लाइसेंस बनवाने के लिए नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने आरटीओ सिटी कार्यालय को शनिवार व रविवार खुला रखने के आदेश दिए हैं।जिससे सभी ग्राहक अपने जरूरत संबंधी लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन व अपॉइंटमेंट ले सकते हैं।

“आप जो प्यार दिखाते हैं वह अभूतपूर्व है। शब्दों में वर्णन करना असंभव है – मुंढे “

नगर आयुक्त तुकाराम मुंढे शुक्रवार को नागपुर से जाते समय नागपुर के लोगों द्वारा दी गई सहज भावपूर्ण विदाई से अभिभूत हो गए हैं।
मुंबई रवाना होने के बाद, उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए शनिवार दोपहर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया।
मुंढे – नागपुर को अलविदा कहते समय मैं स्तब्ध था। लोगों ने मुझमें एक सख्त अधिकारी का अनुभव किया है।
हालांकि, मीडिया ने विश्लेषण किया कि नागपुरवासीयों ने उनकी भावनात्मकता का अनुभव  किया।
“मेरे जीवन में इससे पहले कभी भी मैं इतना इमोशनल नहीं हुआ।नागपुर से बाहर निकलने पर मेरा हृदय भारी होगया था।”
उसके लिए कारण वही था।मेरे कार्यकाल के दौरान, नागरिक मुझे रोकने के लिए चार घंटे तक बंगले के दरवाजे पर बैठे रहते हैं।
मैं नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करता हूं। हालाँकि, मैं केवल एक बहाना था। एक अधिकारी के रूप में, मेरा प्रतिस्थापन निश्चित है। इसलिए, नागरिकों के रूप में, हमें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को पहचानना चाहिए। आप जो प्यार दिखाते हैं वह अभूतपूर्व है। शब्दों में वर्णन करना असंभव है।
मैं इस प्रेम और आपके द्वारा दिखाए गए विश्वास को अस्वीकार नहीं कर सकता।मैं हमेशा तुम्हारे प्यार के कर्ज में डूबा रहूंगा। फिर से शुक्रिया मेरे तहे दिल से नीचे से…!
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