तकनीकी खराबी के चलते स्थगित हुआ ऑनलाइन महासभा का संचालन

नागपुर:- स्टेट गवर्नमेंट के आदेश अनुसार भले ही गुरुवार को पहली बार आनलाईन मीटिंग रखी गई हो
परन्तु महासभा को नई तकनीक इतना नहीं भायी। इसका बात का पता ऐसे ही लगाया जा सकता है कि मीटिंग की शुरुआत होने के कुछ समय बाद ही टेक्निकल प्रॉब्लम का कारण देते हुए महापौर ने मीटिंग अगले दिन के लिए स्थगित कर दी।

अधिकांश पार्षदों की ओर से ऑनलाइन सभा में उपस्थिति दर्ज की गई। हालाकि आनलाईन सभा की शुरुआती कार्यवाही में शोक व अभिनंदन प्रस्ताव होने के बाद ही महापौर जोशी ने स्थगन प्रस्ताव पर विचार विमर्श करना चालू कर दिया। वरिष्ठ पार्षद दयाशंकर तिवारी की ओर से स्थगन प्रस्ताव की चर्चा की गई इसी बीच कुछ पार्षदों ने आवाज़ नहीं आने की शिकायत की।

भाजपा के वरिष्ठ पार्षद प्रवीण दटके की तरफ से भी टेक्निकल प्रॉब्लम्स के कारण सही तरीके से की संचालन नहीं हो पाने का मुद्दा उठाया।थोड़ी देर बाद ही महापौर जोशी की तरफ से दस मिनट के लिए सभा की कार्यवाही स्थगित की गई।हालांकि फिर भी कुछ मिनटों बाद मीटिंग की कार्यवाही फिर से शुरू हुए पर टेक्निकल प्रॉब्लम्स सॉल्व नहीं हो पाई।जिसके चलते शुक्रवार तक के लिए सभा को टाला गया।

कोरोना के इस संकटकाल में सुरेश भट सभागृह में लगातार 5 दिनों तक सभा का आयोजन किया गया था।इसी तरह कुछ पार्षदों का मानना था कि इस महासभा का भी भट सभागृह में आयोजन होना चाहिए था क्योंकि पूर्व में कोरोना के चलते 5 दिवसीय सभा इसी में आयोजित हुई थी।

चर्चा में महापौर की तरफ से सभी पार्षदों को अपनी आवाज़ें बंद रखने के निर्देश दिए गए।पर पार्षदों द्वारा नियमित सभा के जैसे बीच बीच में बोलने से चर्चा में व्यवधान होता रहा। आखिर में महापौर जोशी ने प्रशासन को तकनीकी खामियां सुधारने और बेहतर करने का निर्देश दे कर शुक्रवार तक के लिए सभा स्थगित की।

गणेश उत्सव के लिए मंडलियों की तैयारियां शुरू , शहरभर से आई 110 अर्जी

कोरोना की छाया इस बार गणेश उत्सव पर भी पड़ी है इसके चलते इस बार पंडालों में गणेश स्थापना को लेकर प्रशासन द्वारा कुछ नियमों की सूची बनाई गई है जिनका पालन गणेश पंडालों को करना होगा। शहर की बड़ी बड़ी मंडलियों ने तो गणेश उत्सव की तैयारियां 2 महीने पहले से ही करना शुरू कर दी थी।

गणेश मंडलियों ने पूरी कोशिश की है के सुरक्षा के पूरे नियमों का पालन किया जाए इसके साथ ही फिलहाल गणेश मंडलियां गणेश स्थापना की तैयारियां पूरे उत्साह से कर रही,स्थापना में आने वाले आयोजकों का इंतजाम,साज सज्जा,महाप्रसादी आदि पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।इसी के साथ संती गणेशोत्सव मंडली की संयोजक संजय चिंचोले मलहने का कहना है के “इस बार पिछले साल जैसा माहौल नहीं है। गणेश प्रतिमा की ऊंचाई भी निर्धारित कर दी गई है।

ऐसा लग रहा है सिर्फ एक औपचारिकता पूरी कर रहे हैं।इस बार तो इतना काम ही नहीं है कार्यकर्ताओं को क्या काम बताएं ये भी समझ नहीं आता। लेकिन हर बार गणेश स्थापना करने की परम्परा खंडित ना हो इसलिए हम गणेश स्थापना जरूर करेंगे” इसके अलावा इस बार कई मंडलों ने ऑनलाइन स्पर्धा रखने का मन बनाया है ताकि लोगों में उत्साह बना रहे इसके साथ ही कोरोना को लेकर जन जागृति अभियान भी चलाया जाएगा जिसमें लोगों को हैंड सेनिटाइजर,मास्क वितरित किए जाएंगे इसके साथ ही रक्तदान शिविर और आरोग्य शिविर भी लगाया जाएगा।

इस बार शहर भर की 110 गणेश मंडलियों ने सार्वजनिक गणेश स्थापना की अर्जी पेश की है जबकि गत वर्षों लगभग 1138 अर्जियां आयी थी। जिसमे एमआईडीसी , वाडी , इमामबाड़ा , प्रताप नगर , हिंगना , सोने गांव , सीताबर्डी , गिट्टीखदान , अंबाझरी , कोतवाली , तहसील , मनकापुर , गणेश पेठ, लकड़ गंज , शांतिनगर ,बजाज नगर , धांतोली ,सक्करदरा , नंदनवन , बेलत रोड़ी , हुडकेश्वर ,नवीन कामठी , पचपवली , जरीपटका, यशोधरा , सदर , जुनी कामठी , कल्मना , अजनी , कोराडी आदि को शामिल कर 1138 सार्वजनिक गणेश स्थापना अर्जी थी।

स्वछता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सुधरी,महापौर जोशी ने किया मनपा का अभिनंदन

केंद्र सरकार की ओर चलाए जाने वाले हर साल स्वच्छ भारत अभियान में पिछले साल की अपेक्षा इस बार नागपुर की रैंकिंग में सुधार आया है। जहां पिछले वर्ष स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में नागपुर शहर की रैंकिंग 58 थी वहीं आज शहर की रैंकिंग सुधार कर 18होगयी है। यह संभव इसलिए हो पाया क्योंकि के लगातार सफाई की दिशा में कार्य होता रहा। यह सर्वेक्षण जनवरी 2020 में हुआ था।केंद्र सरकार के गृह निर्माण और शहरीय विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को दिल्ली से सर्वेक्षण के परिणाम घोषित किए।

घोषित हुए परिणामों के अनुसार पूरे राज्य में 10 शहरों को इसमें शामिल किया गया।इसी के अन्तर्गत शहर 5वें स्थान पर होने की घोषणा हुई।

सर्वेक्षण स्पर्धा में सिटी को 4345 अंक प्राप्त हुए हैं। इसी के साथ सर्विस लेवल प्रोग्रेस में 1500 में से 1208 अंक, सर्टिफिकेशन में 1500 में से  500 अंक, प्रत्यक्ष निरीक्षण में 1500 में से 1354 अंक, और नागरिकों के प्रतिसाद श्रेणी में 1500 में से 1283 अंक प्राप्त हुए।पिछले साल शहर को 63.22 प्रतिशत अंक मिले थे।जबकि इस वर्ष सुधार के साथ 72.4 अंक प्राप्त हुए।

महापौर ने शहर को 18वां स्थान मिलने की बधाई दी। और साथ ही मनपा के सभी अधिकारी और कर्मचारियों का भी बधाई दी। उनका कहना था के तत्कालीन आयुक्त अभिजीत बांगर की लीडरशिप में मनपा के हैल्थ डिपार्टमेंट के साथ अन्य सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने शहर को स्वच्छ रखने में काफी प्रयास किए।

स्वच्छता बनाए रखने के लिए ‘मम्मी पापा यू टू’ जैसी मुहिम भी छेड़ी थी।इस मुहिम में 3लाख से ज्यादा स्कूल स्टूडेंट्स ने भाग लिया था।मनपा द्वारा इस साल भी अच्छे कार्य करने और रैंकिंग में इसी तरह सुधार करने की अपील की।मनपा आयुक्त मुंढे ने भी मनपा टीम का बधाईयां दी। और भविष्य में भी ऐसे ही अच्छी रैंकिंग मिलने की आशा जताई।

नागपुरातील १६ खासगी रुग्णालये आता ‘कोव्हिड हॉस्पीटल्स

शासकीय रुग्णालयांसोबतच आता कोव्हिड-१९च्या रुग्णांवर उपचार करण्यासाठी खासगी रुग्णालयांनाही मान्यता देण्यात आली आहे. नागपुरातील १६ खासगी रुग्णालये आता पूर्णत: कोव्हिड हॉस्पीटल्स बनले असून या संपूर्ण रुग्णालयात एकूण १८७६ बेड्‌स उपलब्ध करून देण्यात आले आहे. यासंदर्भातील आदेश नुकतेच निर्गमित करण्यात आले आहेत. नागपूर महानगरपालिकेचे आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी सर्व रुग्णालयांचे स्वतंत्र आदेश काढून या सर्व रुग्णालयांना कोव्हिड हॉस्पीटल म्हणून मान्यता दिली आहे. या संपूर्ण रुग्णालयांमध्ये एकूण १८७६ एकूण बेड्‌सची उपलब्धता आहेत. यामध्ये २५६ बेडस्‌ अतिदक्षता कक्षातील आहेत. ऑक्सीजनची उपलब्धता असलेली ९९७ बेड्‌स आहेत तर ६२३ ऑक्सीजन नसलेले बेड्‌स आहेत. संपूर्ण रूग्णालय मिळून एकूण ९० व्हेन्टिलेटरची व्यवस्था आहे.

हे राहतील आता कोव्हिड हॉस्पीटल

ज्या १६ हॉस्पीटल्सला कोव्हिड हॉस्पीटल म्हणून मान्यता मिळाली यामध्ये ऑरेंज सिटी हॉस्पीटल ॲण्ड रिसर्च सेंटर, सावरकर चौक (१५० बेड्‌स), सेव्हन स्टार हॉस्पीटल, जगनाडे चौक (१०५), श्री भवानी मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पीटल ॲण्ड रिसर्च इंस्टिट्युट, पुनापूर (११०), गंगा केअर हॉस्पीटल, रामदासपेठ (१०५), श्री राधाकृष्ण हॉस्पीटल ॲण्ड रिसर्च इंस्टिट्युट, पूर्व वर्धमान नगर (१५०), लता मंगेशकर हॉस्पीटल, सीताबर्डी (१५०), कुणाल हॉस्पीटल, मानकापूर (१००), होप हॉस्पीटल, टेका नाका (१००), सेंट्रल हॉस्पीटल, रामदासपेठ (५०), वोक्हार्ट हॉस्पीटल, गांधीनगर (४५), रेडिअन्स हॉस्पीटल, वर्धमाननगर (६५), वोक्हार्ट हॉस्पीटल, नॉर्थ अंबाझरी रोड (११८), किंग्जवे हॉस्पीटल, कस्तुरचंद पार्क जवळ (२२८), अलेक्सिस मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पीटल प्रा.लि.,मानकापूर (२००), न्यू एरा हॉस्पीटल, टेलिफोन एक्स्चेंज चौक (१००), व्हिम्स हॉस्पीटल (१००) या रुग्णालयांचा समावेश आहे.

हॉस्पीटल्सच्या जबाबदाऱ्या काय?

ज्या हॉस्पीटल्सना आता नवे कोव्हिड हॉस्पीटल म्हणून मान्यता देण्यात आली आहे, त्या रुग्णालयात येणाऱ्या प्रत्येक रुग्णाप्रति काही जबाबदाऱ्या निश्चित करण्यात आल्या आहेत. या रुग्णालयात जो कोणी रुग्ण येईल तो जर अतिगंभीर असेल तर त्याला सर्वप्रथम उपचार देणे, आवश्यकता असेल तर व्हेंटिलेटरवर ठेवणे आणि त्या रुग्णाला स्टेबल करणे, हे त्या रुग्णालयाचे प्रथम कर्तव्य राहील. ज्या रुग्णांकडे थर्ड पार्टी विमा आहे, त्यांच्यावर उपचार करून क्लेमसाठी रुग्णालयानेच विमा कंपनींना पाठवावे. शासनाच्या परिपत्रकानुसार ८० टक्के बेड्‌स हे आरक्षित ठेवावे आणि त्यावर शासनाने निर्धारित केलेल्या दरानुसारच बिल आकारावे. रुग्णालयात येणाऱ्या रुग्णांना हे बेड्‌स पूर्ण होईपर्यंत तेथेच दाखल करावे. त्यानंतरच २० टक्के बेड्‌स ज्यावर रुग्णालयाच्या दरानुसार बिल आकारता येईल, तेथे दाखल करावे.

केंद्रीय कॉल सेंटर

रुग्ण पॉझिटिव्ह आल्यानंतर त्याने कुठे जावे, कुठल्या रुग्णालयात उपचार घ्यावेत, याबाबत रुग्णांमध्येच संभ्रम असतो. मात्र, नागपूर महानगरपालिकेने आता यापुढे ही व्यवस्था केंद्रीय पद्धतीने केली आहे. मनपात सध्या असलेल्या कोव्हिड कॉल सेंटरचा विस्तार करीत केंद्रीय कॉल सेंटर (Centralised Call Center) कार्यान्वित केले आहे. त्याचा क्रमांक ०७१२-२५६७०२१ असा आहे. जो रुग्ण पॉझिटिव्ह आला त्याने सर्वप्रथम संबंधित क्रमांकावर याबाबत माहिती द्यावी. तेथून त्यांनी होम आयसोलेशन अथवा रुग्णालयातील उपचार याबाबत मार्गदर्शन करण्यात येईल.

या कॉल सेंटरच्या माध्यमातून नागरिकांना खासगी रुग्णालय आणि शासकीय रुग्णालयांमध्ये किती बेड उपलब्ध आहे, त्यांना कुठे भरती करु शकतो याबद्दल माहिती दिली जाणार आहे. या कॉल सेंटरची जबाबदारी मनपाचे डॉ. लाड व इतर शासकीय कर्मचाऱ्यांना देण्यात आली आहे. मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी बुधवारी (ता. १९) केंद्रीय कॉल सेंटरची पाहणी केली. या व्यवस्थेमुळे रुग्णांचा त्रास कमी होईल आणि पॉझिटिव्ह आल्यानंतर उपचार कुठे घ्यायचा याविषयी निर्माण होणारा संभ्रम दूर होईल, असा विश्वास त्यांनी व्यक्त केला. यावेळी त्यांच्यासोबत अतिरिक्त आयुक्त जलज शर्मा, राम जोशी, वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. योगेंद्र सवाई उपस्थित होते.

३४ कोव्हिड चाचणी केंद्र

ज्या व्यक्तीला कोव्हिडसदृश लक्षणे आहेत अथवा जे व्यक्ती पॉझिटिव्ह रुग्णाच्या संपर्कात आले आहेत, त्यांनी तातडीने चाचणी करून घेणे बंधनकारक आहे. यासाठी मनपाने झोननिहाय ३४ कोव्हिड चाचणी केंद्राची व्यवस्था केली आहे. सहा कोव्हिड चाचणी केंद्रावर आर.टी.-पीसीआर चाचणीची व्यवस्था आहे. आर.टी.पी.सी.आर. चाचणी ज्या केंद्रांवर होते त्या केंद्रांमध्ये पोलिस प्रशिक्षण केंद्र (आर.पी.टी.एस.), लॉ कॉलेज वसतिगृह, रवि भवन, मॉरिस कॉलेज वसतिगृह, पाचपावली पोलिस वसाहत आणि राज नगर या केंद्रांचा समावेश आहे.

येथे सकाळी १० ते २ या वेळेत चाचणी सुरू राहील. अन्य २८ केंद्रांमध्ये जयताळा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, फुटाळा, तेलंगखेडी, हजारी पहाड प्राथमिक आरोग्य केंद्र, बाबुळखेडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, नंदनवन प्राथमिक आरोग्य केंद्र, बिडीपेठ नागरी प्राथमिक आरोग्य केंद्र, मोमीनपुरा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, भालदारपुरा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, जागनाथ बुधवारी प्राथमिक आरोग्य केंद्र, शांतीनगर प्राथमिक आरोग्य केंद्र, डिप्टी सिग्नल प्राथमिक आरोग्य केंद्र, पारडी प्राथमिक आरोग्य केंद्र, इंदोरा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, झिंगाबाई टाकळी प्राथमिक आरोग्य केंद्र, हुडकेश्वर प्राथमिक आरोग्य केंद्र, नरसाळा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, सोमलवाडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, गोरेवाडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, मानेवाडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, नारा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, कपिल नगर प्राथमिक आरोग्य केंद्र, मेहंदीबाग प्राथमिक आरोग्य केंद्र, शेंडेनगर प्राथमिक आरोग्य केंद्र, डायग्नोस्टिक सेंटर महाल प्राथमिक आरोग्य केंद्र, आदिवासी बॉईज होस्टल कळमना, कॉटन मार्केट प्राथमिक आरोग्य केंद्र, के.टी. नगर प्राथमिक आरोग्य केंद्र या २८ केंद्रांचा समावेश आहे. येथे सकाळी १० ते दुपारी २ या वेळेत चाचणी करता येईल.

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तेरह दशकों से चली आ रही मारबत-बड़ग्या के जुलूस परंपरा इस साल हुई खंडित

नागपुर:- मराठी श्रावण के खत्म होते ही तान्हा पोला के दिन ‘इडा-पीडा घेऊन जा गे मारबत’ यह शब्द कानों में गूंजते है। कोरोना संक्रमण के चलते इस साल सार्वजनिक आयोजनों पर बैन लगा हुआ है। इस वजह से तेरह दशकों से चली आ रही मारबत-बड़ग्या के जुलूस परंपरा इस साल टूट गई।

मारबत व बड़ग्ये के द्वारा दिए जाने वाले संदेशों के साथ निकलने वाले जुलूस को देखने हर साल बड़ी तादात में लोग इकट्ठा होते हैं।
पीली मारबत का इस साल 136वां साल व काली मारबत का यह 140वां साल था।परंपरा न टूटे इसी वजह से पीली मारबत उत्सव कमेटी, तरहाने तेली समाज, मारबत नागोबा देवस्थान, जागनाथ बुधवारी द्वारा निकाली जाने वाली पीली मारबत का दहन नाईक तालाब परिसर व काली मारबत उत्सव कमेटी की काली मारबत का नेहरू पुतला के पास मैदान में दहन किया गया।
बुराई के प्रतीक के रूप में पोले के पाड़वे के दिन नगर में निकलने वाला पारम्परिक मारबत-बड़ग्या का जुलूस बुधवार को नहीं निकला।

 

जिम व बॉडी बिल्डर संचालकों का प्रदर्शन ,महापौर जोशी भी हुए शामिल

जिम संचालकों द्वारा से बुधवार को किए गए प्रदर्शन में महापौर जोशी ने भी भाग लिया व सरकार की कुछ नीतियों का विरोध भी किया।
दरअसल बिगीन अगेन की तर्ज पर अनलाक में देशभर में जिम फिर से शुरू किए गए।किंतु राज्य में अबतक जिम शुरू करने के विषय में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से संविधान चौक पर कुछ जिम संचालकों ने प्रतिकात्मक रूप से महापौर के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का पूर्णतः पालन किया गया।

हालांकि संभावनाएं ऐसी थी के प्रदर्शन में कई विधायक शामिल होंगे,लेकिन सोशल डिस्टेन्सिंग के चलते विधायकों ने अपने क्षेत्र में हुए आंदोलन में हिस्सा लिया ।

जिम व बॉडी बिल्डर एसोसिएशन के प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शापिंग माल में जैसे भीड़ होती है, उससे शहर का हर व्यक्ति अच्छे से जानता है। जबकि जिम में आनेवाला हर व्यक्ति जिम्मेदारी से सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन कर सकता है।
इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आए।जहां सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसी जगहों पर अनलाक हो रहा है जहां लोग सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन नहीं कर रहे ।
जिम में सोशल डिस्टेन्सिंग का पूर्णतः पालन करने का भी आश्वासन दिया जा रहा है। किंतु सरकार की ओर से इसे मंजूरी नहीं आ रही है।

शहर के लगभग 222 जिम के सामने संचालकों द्वारा सोशल डिस्टेन्सिंग के साथ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बहुत समय से जिम बंद होने से कई परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हो गए हैं।जिसे प्रशासन की ओर से नजरंदाज किया जा रहा है।ऐसे ही पाबंदी जारी रही, तो कड़ा विरोध होने की संभावनाएं भी कुछ संचालकों
द्वारा व्यक्त की गई।

ऑनलाइन होने जा रही है मनपा की महासभा – प्रशासन पर साधेंगे निशाना

नागपुर:- इतिहास में पहली बार गुरुवार को मनपा की आनलाईन महासभा का आयोजन किया जा रहा है।मार्गदर्शक सूचनाओं के अनुसार यह निर्णय कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देख कर लिया गया है। वैसे पहले भी मनपा की विभिन्न आनलाईन बैठकों के अनुभव अनुसार कई समस्याओं के बावजूद इस तरह से हो रही सभा पर सभी की नजरें टिकी हुई है।

गुरुवार को होने जा रही इस महासभा में प्रॉपर्टी टैक्स में छूट, वॉटर बिल रेट वृद्धि से लेकर कई अहम विषयों को लेकर प्रशासन को घेरने की रणनीति तैयार की गई है।सूत्रों के हवाले से आनलाईन मीटिंग के लिए 2 दिन पहले ही डेमो लिया गया है।खैर इसका आवश्यकता जैसे प्रतिफल तो नहीं मिला ,लेकिन नियमों के अनुसार आनलाईन मीटिंग होने से प्रशासन द्वारा सभी पार्षदों को पूर्ण जानकारी भेजी गई है।

व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता लागू किए जाने को लेकर भी शासन को से सवाल जवाब की रणनीति बनाई गई है।ट्रेड लाईसेंस को लेकर ट्रेडर्स द्वारा किए गए एक दिवसीय बंद आंदोलन को भाजपा की ओर से पहले ही समर्थन घोषित किया गया है।जिससे प्रॉपर्टी टैक्स और वॉटर रेट में बढ़ोतरी के साथ ही इस मामले के महासभा में गरमाने की संभावना जताई जा रही है।

सभा की कार्यवाही के साथ अभिनंदन प्रस्ताव, शोक प्रस्ताव तथा सदस्यों द्वारा किए गए प्रश्नों को लेकर नियमों की जानकारी देने की अनिवार्यता को देखते हुए निगम सचिव की भी स्थायी समिति मीटिंग हॉल में व्यवस्था की गई है।

स्थायी समिति सभागार में रहेंगे महापौर संदीप जोशी, उपमहापौर मनपा की ओर से भले ही नियमों के अनुसार आनलाईन महासभा का आयोजन किया जा रहा हो, लेकिन महापौर, उपमहापौर मुख्यालय स्थित स्थायी समिति सभागृह से सभा का संचालन करेंगे।
इसके साथ ही मनपा आयुक्त मुंढे और अन्य अधिकारी अपने कक्ष से मोबाईल फोन से महासभा में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे ।

महापौर जोशी ने की अपील – घर में ही करें गणेश प्रतिमा विसर्जन

नागपुर:- विसर्जन के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ ना हो, इसके लिए सभी को घरेलू गणेश का विसर्जन घर में ही करें। इस समय कोरोना महामारी के चलते हर एक को संयम बरतना और नियमों का पालन करना जरूरी है।

बुधवार को नगर भवन में गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन की ओर से की जाने वाली तैयारियों के लिए विचार विमर्श और बैठक की गई। इस बैठक में उपमहापौर मनीषा कोठे, स्थायी समिति सभापति पींटू झलके, अति.आयुक्त संजय निपाने, प्रदीप दासवार, उपायुक्त मिलिंद मेश्राम, अधीक्षक अभियंता मनोज तालेवार आदि शामिल थे।

महापौर संदीप जोशी ने कहा कि सरकार के दिशा निर्देशों से गणेशोत्सव सार्वजनिक रूप से मनाते समय नियमों का पालन करना अति आवश्यक है। गणेश प्रतिमा 4 फूट से अधिक ऊंची नहीं होगी।और किसी भी तरह से सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन भी नहीं हो सकेगा।इसे मंडलों द्वारा गंभीरता से लेना होगा।गणेश पंडाल को लेकर भी नियम तय है, जिससे प्रशासन को कड़ी मुसीबत उठानी होगी। सभी लोग नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।इसका ध्यान रखने की हिदायत प्रशासन को दी।

सभी दूकानदारों को भी नियमों का पालन करना है।

ग्रीन विजिल फाऊंडेशन के कौस्तुभ चैटर्जी का कहना है – यदि पीओपी की प्रतिमा हो, तो घरेलू गणेश विसर्जन के दौरान विशेष ध्यान रखना होगा।इसके साथ ही पीओपी के विषय में नियमों का दूकानदारों को पालन करना होगा।  वृक्ष संवर्धन समिति के बाबा देशपांडे ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में बड़े पैमाने पर जनजागृति अभियान करना होगा।और अरविंदकुमार रतुडी ने सुझाव दिया कि निर्माल्य जमा कर उसका कम्पोस्ट खाद तैयार करने का होगा। विचार व चर्चा के दौरान संस्थाओं की ओर से कहा गया कि घरेलू गणेश विसर्जन के दौरान सोसाईटी में पूरी व्यवस्था करनी होगी। रोटरी क्लब आफ नागपुर विजन के दिनेश नायडू का सुझाव था के सभी तालाबों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई जानी चाहिए ।

पालकमंत्री नितिन राउत ने जिला और मनपा प्रशासन को दिये सख्त कार्यवाही के निर्देश

नागपुर:- बढ़ते कोरोना संक्रमण और कोरोना मृतकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन द्वारा हर स्तर पर उपाय योजना की जा रही है।पालकमंत्री नितिन राउत ने कहा कि अब लोगों को पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा और अपनी देखभाल की जिम्मेदारी खुद ही लेना होगी।ऐसा करने पर ही संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है।

कोरोना मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद भी कई लोग सोशल इश्यू का पालन नहीं कर रहे है ना ही मास्क लगा रहे हैं।बाजार, दुकानों, बैंको व जन कार्यालय सहित भीड़ की जगह पर नियमों का पालन बहुत जरूरी है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन द्वारा इन लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये।

शहर के जिन हॉस्पिटल्स में मध्यवर्ती ऑक्सिजन,ICU फैसिलिटी बेड्स हैं, यह अस्पताल अधिकाधिक मरीजों को भर्ती कर अच्छी सेवा प्रदान करे।इन अस्पतालों को ICMR की गाइड लाइन्स का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है।
और मनपा प्रशासन भी पूरी गंभीरता से मामले की ओर नजर रखे।मरीजों की बढ़ती संख्या से दवाई की कमी को देखते हुए कालाबाजारी की भी शिकायतें आ रही है। इस हालत में मरीजों को दोयम दर्जे की दवाई मिलने की संभावना संभावनाएं भी है।
इसके विषय में अन्न व औषधि शासन विभाग द्वारा तत्परता से कठोर कदम उठाते हुए प्रतिबंधात्मक उपाय योजना के निर्देश दिये।

नागरिकों के लिए सबंधित हेल्प लाइन

०७१२-२५६२६६८, २५४५४७3 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों के लिए पोस्ट कोविड पुनवर्सन केंद्र शुरू कर लंग्स रिलेटेड एक्सरसाइज ,फूड व डाईट और निर्देशन कार्यक्रम चलाने के भी निर्देश प्रशासन को दिये है।

प्राइवेट हॉस्पिटल्स द्वारा मरीजों को एडमिट नहीं करने और करीब 2 से 3 लाख रुपये अग्रिम राशि के तौर पर लेने की भी शिकायतें मिल रही हैं।जिला प्रशासन को इन अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश राऊत ने दिये। आदेश दिए सभी अस्पतालों को कोविड और नॉन कोविड मरीजों का इलाज करना ही होगा।

नागपुर विश्वविद्यालय में ३१ अगस्त तक बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित

नागपुर:- शहर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए आरटीएम नागपुर विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रा सुभाष चौधरी ने 31 अगस्त तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
आदेशानुसार कार्यालयीन कर्मचारियों के अलावा अन्य किसी भी व्यक्ति का विवि में प्रवेश वर्जित है। विश्वविद्यालय ने इसकी सूचना जारी करते हुए कहा है -कि देश भर में कोरोना मामले बढ़ते जा रहे हैं और इस दौरान किसी भी शिष्टमंडल व प्राधिकरण सदस्यों पर बंदी नहीं लगाने से कुछ सदस्य इसका विरोध कर रहे हैं।

इस वक़्त शहर में कोरोना महामारी बहुत ज्यादा फैल चुकी है।शासन के निर्देश अन्तर्गत सिर्फ आवश्यक कर्मचारियों को ही कार्यालय में बुलाना है ।इसके अलावा अन्य किसी को भी 31 अगस्त तक न बुलाया जाए।इसके साथ ही किसी भी अभ्यागत को मुलाकात करने से साफ इनकार किया जाए।इसी प्रकार अपने कार्यालय के मुख्य द्वारा से सिर्फ कर्मचारियों और अधिकारियों को ही प्रवेश देने की सूचना गार्डों को दी गई है।

कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए शासन के निर्देशानुसार विद्यापीठ प्रशासन सभी सावधानियां रखी जा रही है।परन्तु इस निर्णय का प्राधिकरण सदस्यों द्वारा विरोध किया जा रहा है। सदस्यों का कहना है कि कोरोना का संकट पूरे देश में व्याप्त है।ऐसे में राज्यपाल से लेकर किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस प्रकार का पत्र निकालकर मिलने से मना नहीं किया है।केवल नागपुर विद्यापीठ द्वार इस तरह का पत्र निकालने से इसका प्रतिरोध हो रहा है।

इसके साथ ही अधिसभा सदस्य डॉ. केशव मेंढे का कहना है कि कुलगुरु द्वारा जारी किया गया आदेश निंदनीय है।अभी तक मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने भी जनप्रतिधियों को न मिलने या निवेदन नहीं देने का निर्णय नहीं दिया है।लेकिन नागपुर विद्यापीठ के कुलगुरु ने पद ग्रहण करते ही ऐसा पत्र जारी कर के प्रशासनिक कामों में अव्यवहारिकता का परिचय दिया है।

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