संजय राउत के बयान से आहत है आई एम ए और स्वास्थ्य कर्मी

पिछले दिनों संजय राऊत ने एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू देते हुए डॉक्टर्स, कंपांउडर्स और विश्व स्वास्थ्य संगठन के विषय में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

इससे संपूर्ण चिकित्सक समुदाय की भावनाओं को बहुत आहत हुआ है।डॉक्टरों के संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने शिवसेना के वरिष्ठ नेता व सांसद संजय राऊत के बयान का तीव्र विरोध किया है और नाराजगी जताई है।

आईएमए कार्यकारिणी की बैठक में राऊत के बयान के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया और उन्हें अपना बयान वापस लेकर माफी मांगने की मांग की गई है। इस विषय पर सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र भी भेजा गया है।

कोरोना संक्रमण से लड़ते लड़ते हजारों डॉक्टर्स जान गवां चुके है

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन नागपुर की अध्यक्ष डॉ. अर्चना कोठारी और सचिव डॉ. राजेश सावरबांधे ने कहा कि आज कोरोना महामारी का कहर सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में है।

कोरोना से जंग जीतने के लिए राज्य भर में तीन लाख डॉक्टर दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं।इसी कोशिश में अब तक करीब पचास डॉक्टर महामारी की चपेट में आकर जान गवां चुके हैं।आईएमए महाराष्ट्र राज्य की 216 शाखाओं और 45 हजार उच्चशिक्षित सदस्यों ने महाराष्ट्र सरकार के आह्वान को स्वीकारा है। मानवता के दृष्टिकोण और सामाजिक प्रतिबद्धता रखकर काम किया है और कर रहे हैं. सांसद संजय राऊत के इस तरह मजाक उड़ाने वाले बयान से राज्य के डॉक्टरों का धैर्य जवाब दे गया है.

डॉक्टरों पर विभिन्न प्रकार के अपमानजनक और उपहास करने वाले स्टेटमेंट्स समाचारपत्रों, मीडिया और सोशल मीडिया मे जैसे एक ट्रेंड सा चल रहा है। महाराष्ट्र के डॉक्टर जिस बात के लिए जिम्मेदार नहीं हैं उसके लिए भी उन्हें दोषी बताया जा रहा है जिससे डॉक्टरों का मनोबल टूट रहा है।

और उनका कहना है के यह कोरोना संक्रमण से भी जयादा खतरनाक है। ऐसी परिस्थिति के बीच काम करना असंभव होता जा रहा है। इसलिए डॉक्टरों के बारे में बिना विचार किए कोई भी स्टेटमेंट्स देना उचित नहीं है।

कोरोना इफेक्ट- सादगी से मना पोला घर,आज मनेगा तान्हा पोला

नागपूर:- कोरोना संक्रमण के चलते मंगलवार को बैलों का त त्यौहार पोला घरों में ही सादगी पूर्ण मनाया गया।सालभर खेती में काम करने वाले बैलों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने लिए ही यह त्यौहार मनाया जाता है।ग्रामीण इलाकों में यह त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है। नगर में पारडी, जूनी शुक्रवारी, काछीपुरा सक्करदरा सहित कई जगहों पर शाम को बड़ा पोला रहता है ,लेकिन इस बार जिलाधिकारी रवीन्द्र ठाकरे द्वारा पोले को सार्वजनिक रूप से मनाने पर रोक लगाए जाने से कहीं भी यह आयोजन नहीं हुआ।उनकी अपील पर लोगों ने बैलों की पूजा आदि अपने घरों पर ही रहकर की ।हर वर्ष पोले पर दिखने वाली रौनक इस बार दिखाई नहीं दी।

तान्हा पोला 

बड़े पोले के पाड़वे पर बुधवार को शहर में छोटे बच्चों का तान्हा पोला भी सादगी से बिना कोई ताम-झाम के घरों में ही मनाया जाएगा।वैसे तान्हा पोला सिर्फ विदर्भ में ही मनाया जाता है।तान्हा पोला की शुरुआत वर्ष 1806 में राजे रघुजीराव भोसले (द्वितीय) ने कि थीं इसका लक्ष्य यह था कि छोटे बच्चे भी अन्न पकाने में महत्वपूर्ण बैलों की महत्ता जानें।इसे करीब 215 वर्ष हो गए हैं।

इस साल पारम्परिक मारबत-बड़ग्या का जुलूस नहीं निकलेगा

कोरोना प्रभाव के चलते बुराई के प्रतीक के रूप में पोले के पाड़वे के दिन शहर में निकलने वाला पारम्परिक मारबत-बड़ग्या का जुलूस भी बुधवार को नहीं निकलेगा।पहली बार 13 दशकों से चली आ रही मारबत-बड़ग्या के जुलूस की परंपरा खंडित होगी।पीली मारबत का दहन नाईक तालाब परिसर व काली मारबत का नेहरू पुतला के निकट स्थित मैदान में दहन किया जाएगा।

जिला परिषद् में कोरोना इफेक्ट , केवल अधिकारियों को प्रवेश की अनुमति

नागपूर:- जिला परिषद के लगभग 3-4 विभागों में कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से ही सीईओ योगेश कुंभेजकर ने मुख्यालय में अधिकारियों, पदाधिकारियों व जिप सदस्यों व ड्यूटीरत कर्मचारियों को छोड़कर बाकी किसी के भी प्रवेश पर रोक लगा दी है।सिटी में तेजी से बढ़ते कोरोना प्रभाव और मौतों के चलते जिप के कर्मचारियों में भी डर का माहौल बन गया है।

स्वास्थ्य,शिक्षा,सामान्य प्रशासन विभाग में कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद से ही बाकी कर्मचारियों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि कार्यालय में जो बाहरी व्यक्तियों का अपने कार्य के लिए बड़ी तादात में आना हो रहा है उससे वो भी जोखिम में है ।

कुछ विभागों के कर्माचारियों में तो इसलिए रोष में थे कि सरकार ने 15 फीसदी या 15 कर्मचारियों को ही रोटेशनल शिफ्ट में बुलाया जाना चाहिए लेकिन 1-2 विभागों में उससे अधिक लोगों की ड्युटी लगाई जा रही थी।

अब जब जोखिम बढ़ गया तब जिला परिषद मुख्य कार्यालय में अन्य लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया।

फोन से संपर्क

सीईओ द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार कहा गया है कि जिन्हें जरूरी काम है वे उन विभागों के विभाग प्रमुख से फोन, मोबाइल, ई-मेल, मैसेज आदि के जरिए संपर्क कर जानकारी जुटा सकते हैं।इससे पहले भी मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रिनिंग, सेनिटाइनजर व आने-जाने वालों के नाम-काम आदि नोट करने के लिए कर्मचारियों को बिठाया गया था ।लेकिन कुछ दिनों के बाद यहां लापरवाही होने लगी थी।

बिना स्क्रिनिंग के बिना कोई डिटेल लिए ही लोगों को धड़ल्ले से कार्यालय में प्रवेश दिया जा रहा था ।सबसे ज्यादा खतरा समाज कल्याण विभाग में नजर आ रहा था वहां विविध योजनाओं के अनुदान के लिए आवेदकों की भारी भीड़ मिल रही थी।इसी तरह बांधकाम विभाग में ठेकेदारों का जमघट नजर आ रहा था।

नागपुर में 16000 के नजदीक पहुंचा संक्रमण, लापरवाही से बड़ रहे मामले

नागपुर:- एक तरफ तो कोरोना संक्रमण के आंकडें रोज़ नया रिकार्ड छू रहे है पर दूसरी तरफ आम जनता लापरवाही भी चरम सीमा पर है। अब तो बहुत से लोग बिना मास्क के ही घुम रहे है। कई स्थानों पर सोशल डिसडेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा है।

इसी कारण से कि ज्यादातर लोग पाजिटिव हो रहे हैं। इस बीच मंगलवार को 37 लोगों की मौत हो गई। अब तक मरने वालों की 549 हो चुकी है।और 1024 नये पाजिटिव मरीज मिलने के साथ ही कुल मरीजों की संख्या 15637 हो गई है। अनुमान है कि यह संख्या अगले दिनों में और तेजी से बढ़ेगी।

डाक्टरों ने पहले भी अनुमान लगाया था व्यक्त कि अगस्त में मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी। फिलहाल इन हालातों में सतर्कता और सावधानी पहले कि अपेक्षा ज्यादा रखनी चाहिए थी।

परन्तु लेकिन स्थिति इसके ठीक विपरीत है।कई जगह तो इतनी लापरवाही हो रही है मानो कोरोना संक्रमण खत्म हो गया है। लापरवाही लोगों पर बहुत भारी पड़ रही हैं। वाइरस कब हमला बोल रहा है किसी को भी पता नहीं चल रहा है।

मंगलवार को जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनमें 62 वर्षीय लाकडीपुल निवासी महिला, 73 वर्षीय महात्मा गांधी हाईस्कूल के पास जरीपटका निवासी, 66 वर्षीय बांग्लादेश नाईक तालाब निवासी, 50 वर्षीय मीनीमाता नगर पारडी निवासी, 49 वर्षीय सिंधीवन ताजबाग निवासी, 79 वर्षीय पवार नगर हुडकेश्वर रोड निवासी, 75 वर्षीय रामा नगर कामठी निवासी, 57 वर्षीय चिखली निवासी, 67 वर्षीय मोहन नगर निवासी, 65 वर्षीय पाचपावली निवासी और 62 वर्षीय नंदनवन निवासी का समावेश रहा।मंगलवार तक जिले में 176991 लोगों की जांच हो चुकी है।

बात करें प्राइवेट लैब की तो वहां से 337 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। और रैपिड टेस्ट में 370 लोग पाजिटिव मिले।गंभीर मरीजों को हॉस्पिटल तथा बिना लक्षण वालों को घरों में ही आयसोलेट होने की सलाह दी गई है।

इन हालातों में सावधानी और सतर्कता ही सिर्फ अपने आप को सुरक्षित रखने का उपाय है 

  • नागपुर सिटी में वर्तमान स्थिति
  • 15637 कुल संक्रमित
  • 549 की मौत
  • 1024 मंगलवार को पाजिटिव
  • 7196  रिकवरी

आर्थिक कमजोर वर्ग के लिए सरकार से प्रॉपर्टी टैक्स में छूट की मांग

नागपूर:- कोरोना संक्रमण के इस वित्तीय संकटकाल में लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला देते हुए  सत्तापक्ष की ओर से आयुक्त पर प्रॉपर्टी टैक्स और वॉटर टैक्स में 50 प्रतिशत की कटौती करने का दबाव बनाया जा रहा था.

अब इस मामलें में सत्तापक्ष ने मानो यु-टर्न ले लिया हो 20 तारीख को होने जा रही मनपा की आम सभा में सत्तापक्ष नेता संदीप जाधव के प्रस्ताव के अनुसार सरकार की मंजूरी के हिसाब से सम्पत्ति कर में छूट देने की मांग की गई है।

सूत्रों के अनुसार सत्तापक्ष नेता संदीप जाधव ने सभा के लिए प्रस्ताव दिया है. जिसमें महानगर पालिका के अधिकार का रेफरेंस देते हुए जिन लोगों की आर्थिक  स्थिति काफी कमजोर है, ऐसे व्यक्ति वर्ग पर बाकी प्रॉपर्टी टैक्स में 50 प्रतिशत तक छूट देने का निर्णय मनपा की सभा में लेकर उसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाना है।

बताया जाता है कि प्रस्ताव में शहर के सभी सम्पत्तिधारकों को छूट देने का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया।यहां तक कि सरकार को प्रस्ताव भेजने के बाद सरकार जो छूट मान्य करेगी, उसके अनुसार ही व्यक्ति वर्ग को वित्तीय तंगी में राहत देने की मांग रखी गई है। जानकारों के अनुसार प्रस्ताव पर चर्चा के उपरांत भले ही मनपा की सभा में सरकार की ओर से मंजूरी मिलने तक वसूली पर रोक लगाने की मांग पार्षदों की ओर से की जाए, लेकिन सरकार की मंजूरी तक वसूली पर रोक लग पाना संभव नहीं है. ऐसे में मनपा की आय पर भारी विपरित परिणाम होंगे.

सूत्रों के अनुसार सत्तापक्ष नेता संदीप जाधव की ओर से रखे गए प्रस्ताव में वॉटर टैक्स रेट वृद्धि को लेकर किसी तरह का उल्लेख नहीं किया गया है। इसके अलावा प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं पाने के कारण जो जुर्माना लगाया जाता है, उसे माफ करने के अधिकार आयुक्त के होने से अब जुर्माना की राशी अंशत: या फिर पूरी माफ करने पर चर्चा की मांग की गई।

ऐवजदारांना नियमित करण्याचे निर्देश द्या: महापौरांनी दिला 10 दिवसांचा अल्टिमेटम

नागपूर:- शहर स्वच्छ आणि सुंदर बनविण्यासाठी कंत्राटी सफाई कामगार प्रयत्नरत आहेत. त्यांच्या या कार्याचा आदर करण्याच्या दृष्टीने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी २० वर्षे पूर्ण केलेल्या कामगारांना मनपामध्ये कायमस्वरुपी करण्याचा निर्णय घेण्यात आला होता.

या निर्णयानुसार 2 मार्च रोजी मनपाच्या स्थापना दिनी 2206 कामगारांना कायमस्वरुपी नियुक्तीसाठी आदेश देण्यात आले. परंतु उर्वरितना अद्याप नियुक्तीचे आदेश देण्यात आले नाहीत. याची गांभीर्याने दखल घेत महापौर संदीप जोशी यांनी 10 दिवसात 1138 शिल्लक कामगार कायम करण्याचे आदेश दिले.

सप्टेंबर 2019 पासून प्रस्ताव प्रलंबीत: या संदर्भात मनपा मुख्यालयात झालेल्या बैठकीत महापौर म्हणाले की, 20 सप्टेंबर 2019 पासून सर्व ऐवजदारांना कायमस्वरुपी करण्याच्या संदर्भात प्रस्ताव सुरू झाले. मनपाच्या स्थापना दिनानिमित्त 2206 कामगार नियमित केले गेले, दुर्दैवाने कोरोना साथीच्या आजारामुळे ज्यांनी या संक्रमणात 20 वर्षे सेवा पूर्ण केली आहेत त्यांना नियमित केले गेलेले नाही. असे बरेच कामगार सध्या प्रतीक्षा यादीकडे टक लावून बसले आहेत. म्हणूनच, या संदर्भात त्यांनी टप्प्याटप्प्याने कायम करण्याची प्रक्रिया पूर्ण करण्यासंदर्भात सूचनाही दिल्या.

प्रशासनाला अल्टीमेटम देताना जास्त वेळ घालवू नका, असे ते म्हणाले की कोरोनाच्या या संकटात गोरगरीब कामगार आधीच खूप त्रस्त आहे. अनेक प्रकारच्या शोकांतिका असूनही ते सेवा देत आहेत. त्यांचे सेवांच्या सन्मानार्थ उर्वरित 1138 स्वच्छता कामगारांना कायमस्वरुपी करण्यात यावे. त्यांनी प्रशासनाला 10 दिवसांपेक्षा जास्त वेळ न घेण्याच्या सूचना दिल्या.

मोठ्या संख्येत लोकांची चाचणी घेणे अनिवार्य: माजी मुख्यमंत्री फडणवीस यांनी व्यक्त केली चिंता

नागपूर:- शहरातील कोरोना संसर्गाची स्थिती आणि त्यामुळे होणा-या मृत्यूची संख्या रोखण्यासाठी मोठ्या प्रमाणात लोकांची चाचणी सुरू करावी. पुढील महिना नागरिकांसाठी खूपच गुंतागुंतीचा आहे. या महिन्यात पॉजिटिव्ह रूग्णांची संख्या वाढण्याची शक्यता नाकारता येत नाही. माजी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी पुरेशी व्यवस्था तयार ठेवण्याबाबत निर्देश दिले. सोमवारी त्यांनी मनपा मुख्यालयात असलेल्या कोरोना वॉर रूममध्ये आढावा बैठक घेतली.

महापौर संदीप जोशी, चंद्रशेखर बावनकुळे, परिणीता फुके, कृष्णा खोपडे, विकास कुंभारे, ना गो गाणार, अनिल सोले, मोहन मते, समीर मेघे, प्रवीण दटके, विजय झलके, मनपा आयुक्त मुंढे, जलज शर्मा, राम जोशी, संजय निपाणे, योगेंद्र सवाई आदी. यावेळी उपस्थित होते. पश्चात फडणवीस यांनी जिल्हाधिकारी कार्यालयात जाऊन जिल्ह्यातील कोरोना प्रकरणांची माहिती घेतल्यानंतर उचित उपाय योजनांची जिल्हाधिकारी ठाकरे यांना माहिती दिली.

दररोज 5000 चाचण्या आवश्यक: फडणवीस म्हणाले की कोरोना संसर्गाच्या सुरुवातीच्या काळात नियंत्रण चांगले होते. त्या काळात मृत्यूचे प्रमाणही खूप कमी होते. परंतु गेल्या 2 महिन्यांत कोरोना बाधितांची संख्या लक्षणीय वाढली आहे. ऑगस्टमध्ये मृत्यूची संख्याही खूप वेगात वाढली आहे.

जर कोरोना नियंत्रित करायचा असेल तर दररोज 5 हजार चाचण्यांची एक प्रणाली बनवावी लागेल. तसेच, नजीकच्या काळात कोरोना रूग्णांची संख्या वाढल्यामुळे कोविड केअर सेंटर, ऑक्सिजन व पुरेशी बेडची व्यवस्था करावी लागेल. व्हिडीओ कॉन्फरन्सिंगद्वारे होम आयसोलेशनच्या रूग्णांना डॉक्टरांचा सल्ला देणे आणि स्वयंसेवी संस्थांच्या सहकार्याने कोरोनाची लढाई लढणे देखील सूचविले.

आरटी-पीसीआर चाचणीकडे अधिक लक्ष:  मनपा आयुक्त मुंढे म्हणाले की, मिशन बिगीन अगेन अंतर्गत सूट दिल्यानंतर रुग्णांची संख्या वाढली आहे. सध्या दररोज 3 हजार चाचण्या होत आहेत. भविष्यातील परिस्थितीचा सामना करण्यासाठी प्रत्येक संभाव्य व्यवस्था तयार केली जात आहे. आतापर्यंत 70 हजाराहून अधिक चाचण्या झाल्या आहेत. त्यापैकी 11894 रुग्ण सकारात्मक आढळले आहेत.

सध्या आरटी-पीसीआर चाचणी घेण्यावर भर दिला जात आहे. आता लोकांना जीवनशैली आणि राहणीमानात बदल करावे लागतील. तरच कोरोनावर नियंत्रण शक्य होईल. नगराध्यक्ष जोशी म्हणाले की कोरोनावर नियंत्रण ठेवण्यासाठी मनपाने यंत्रणा सुसज्ज ठेवणे आवश्यक आहे. त्यासाठी त्यांनी औरंगाबाद पॅटर्न लावण्याचीही माहिती दिली. उपमहापौर मनीषा कोठे, दयाशंकर तिवारी, नरेंद्र बोरकर, धरमपाल मेश्राम, निर्भय जैन, विजय जोशी आदी याप्रसंगी उपस्थित होते.

मॅट कार्यालय 14 दिवसांसाठी बंद: अधिकारी कोरोना पॉजिटिव्ह मिळाल्यानंतर निर्णय

नागपूर:- महाराष्ट्र प्रशासकीय प्राधिकरणाच्या नागपूर युनिट ऑफिसमधील एका अधिका-यास कोरोना पॉजिटिव्ह निदानानंतर मॅटचे चेरमन आणि डेप्युटी चेयरमन यांच्यात झालेल्या चर्चेनंतर नागपुरातील महाराष्ट्र प्रशासकीय प्राधिकरण कार्यालय 14 दिवसांसाठी बंद ठेवण्याचा निर्णय घेण्यात आला.

या संदर्भात जारी केलेल्या नोटिसनुसार, मॅट कार्यालयास सेवा देणा-या वकिलास कोवीड बाधा झाली. 10 ऑगस्ट रोजी त्यांचे निधन झाले. त्याचप्रमाणे 14 ऑगस्ट रोजी प्राप्त झालेल्या अहवालानुसार मॅटचे अधिकारी कोरोना पॉझिटिव्ह आढळले आहेत. म्हणूनच कोरोनाचा संसर्ग कार्यालयात पसरू नये म्हणून 28 ऑगस्टपर्यंत प्रशासकीय व न्यायालयीन काम बंद करण्याचा निर्णय घेण्यात आला आहे.

घरातून तातडीची कामे: मॅटच्या उपाध्यक्षांनी जारी केलेल्या नोटीसनुसार कार्यालयातील कर्मचा-यांना या प्रसारापासून वाचविण्यासाठी घरातूनच वेतन व इतर बिले तयार करणे, सारखे तातडीची कामे, विशेषत: वित्त विभागाच्या कर्मचार्‍यांना तातडीची कामे पूर्ण करण्याच्या सूचना देण्यात आल्या.

तसेच टाळता न येण्यासारख्या कामांसाठी आणि कार्यालयात आल्यानंतरच पूर्ण होणारी कामे करण्यासाठी विशेष परवानगी घ्यावी लागेल. महसूल विभागाला पगाराची व इतर बिले पाठविण्यासही मॅटच्या रजिस्ट्रारला परवानगी देण्यात आली. राज्य सरकारच्या मार्गदर्शक सूचनांनुसार संबंधित अधिका-याच्या संपर्कात आलेल्या कार्यालयातील प्रत्येक व्यक्तीला सूचना देण्यात आल्या.

फोनवर असतील उपलब्ध: या कालावधीत देण्यात आलेल्या सूचनांनुसार कार्यालयातील सर्व कर्मचारी फोनवर उपलब्ध असतील. तसेच कोणालाही परवानगीशिवाय मुख्यालय सोडण्याची परवानगी दिली जाणार नाही. मॅटमधील सुनावणीदरम्यान, 14 ऑगस्ट ते 28 ऑगस्ट दरम्यानच्या प्रकरणांमध्ये अंतरिम सवलत देण्यात आली आहे, ती प्रकरणे 30 सप्टेंबरपर्यंत चालवण्याचे आदेश देण्यात आले. तसेच 17 ऑगस्टला सुनावणीसाठी ठेवण्यात येणा-यआ खटल्यांची सुनावणी आता 3 सप्टेंबरला होणार आहे.

हम राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेते: फडणवीस

नागपुर:- पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कल के बयान पर मजा लिया है, जिन्होंने फेसबुक पर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नियंत्रण में रहने का आरोप लगाया है।

वर्तमान में, राहुल के बयान से राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। आरोप प्रत्यारोप भी लगाए जा रहे हैं। फेसबुक ने खुद इस पर ध्यान दिया है। “हमारे पास कोई राजनीतिक विचारधारा नहीं है और विवादास्पद कंटेंट को हटा दिया जाता है,” फेसबुक ने कहा।

फड़णवीस आज कोरोना का निरीक्षण करने नागपुर आए थे। राहुल गांधी के ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ ही मगर तिव्र शब्दों में प्रतिक्रिया दी। फड़नवीस ने कहा, ” हम राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेते, आप भी मत लिजीए।

सोच समझकर बोलें: भाजपा पर पहले से ही सोशल मीडिया का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने का आरोप है। कई लोगों ने यह भी माना है कि 2014 के चुनावों में भाजपा को इसका फायदा हुआ है। फडणवीस ने संभागीय आयुक्त कार्यालय में कोरोना के संबंध में आयुक्त संजीव कुमार के साथ चर्चा की। जब मीडिया ने फडणवीस से इस बारे में बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने इस मामले पर आगे टिप्पणी करने से परहेज किया।

हमारे डॉक्टर आज बहुत मेहनत कर रहे हैं। वे  दिन-रात लोगों की सेवा करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। राउत के बयान ने डॉक्टरों के मन को आघात दिया है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि आज सब जिस स्थिति से गुजर रहे हैं उस स्थिति में किसी भी बयान को करते समय ध्यान रखा जाना चाहिए।‌‌

एआईसीटीई द्वारा इंजीनियरिंग एडमिशन का संशोधित टाईम टेबल

नागपुर:- अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने इंजीनियरिंग सहित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक संशोधित समय सारिणी की घोषणा की है। साथ ही, इस सारिणी के अनुसार, राज्यों को 20 अक्टूबर से पूर्व प्रथम गुणवत्ता सूची की घोषणा करनी होगी।

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए घोषित लॉकडाऊन के कारण स्कूल और कॉलेज बंद हैं।  इससे इस शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में देरी हो रही है। इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक जेईई सितंबर में होगी। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका को खारिज कर दिया गया है। अब, परिषद द्वारा दिए गए संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, पहली गुणवत्ता सूची 20 अक्टूबर से पहले जारी होने की उम्मीद है। इसलिए, राज्यों को अब सितंबर में अपनी प्रवेश परीक्षा पूरी करनी होगी।

दूसरी गुणवत्ता सूची 1 नवंबर तक घोषित करनी होगी। परिषद ने यह भी सुझाव दिया है कि इंजीनियरिंग कक्षाएं 1 नवंबर से शुरू होनी चाहिए। इसके परिणामस्वरूप, राज्य सरकार को 1 नवंबर तक व्यावसायिक डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश पूरा करना होगा।

सरकार से अपेक्षित निर्णय: अब राज्य सरकार से इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पर जल्द निर्णय लेने की उम्मीद है। क्यों की अगली सारी प्रक्रिया इसी पर निर्भर करेगी। छात्रों का जीवन अधर में लटका हुआ है क्योंकि अंतिम वर्ष की परीक्षा पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

नई सारणी

  • 1 सितंबर – नया शैक्षणिक वर्ष शुरू होगा
  • 20 अक्टूबर तक – प्रवेश का पहला दौर
  • 1 नवंबर तक – प्रवेश का दूसरा दौर
  • 1 नवंबर – नव प्रवेशित छात्रों के लिए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआ
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