कोव्हिड संदर्भातील परिस्थितीचा घेतला आढावा, रविवारपासून ‘वॉकर स्ट्रीट’वर ऑक्सिजन तपासणी

 कोव्हिड संदर्भात परिस्थितीचा आढावा घेण्यासाठी शनिवारी (ता.५) महापौर संदीप जोशी यांनी वानाडोंगरी येथील शालिनीताई मेघे आणि डिगडोह येथील लता मंगेशकर रुग्णालयाला भेट दिली. रुग्णालयासंदर्भातील नागरिकांच्या तक्रारी व रुग्णालय प्रशासनाला येणाऱ्या अडचणी याबाबत चर्चा केली. यावेळी मनपाचे आरोग्य समिती सभापती वीरेंद्र कुकरेजा, सहायक आरोग्य अधिकारी डॉ. विजय जोशी, शालिनीताई मेघे रुग्णालय व अनुसंधान केंद्राचे अधिष्ठाता डॉ.दिलीप घोडे, डॉ. सौरव, डॉ. सिंग, डॉ. खान, डॉ.ललित जाधव, लता मंगेशकर रुग्णालयाचे प्रशासकीय संचालक कर्नल धानोरकर, वरीष्ठ प्रशासकीय अधिकारी मेजर लोकेश उपस्थित होते.
जास्त लक्षणे असलेल्या कोव्हिड पॉझिटिव्ह रुग्णांना रुग्णालयात दाखल करण्याची गरज असते. अनेकदा रुग्णालयात गेल्यानंतर व्हेंटिलेटर उपलब्ध नसल्याने रुणांना परत पाठविण्याचा प्रकार घडतो. कोरोनाच्या संकटात रुग्णांची ही भटकंती टाळण्यासाठी रुग्णात जास्त लक्षणे आढळल्यास त्याची सविस्तर माहिती त्वरित मनपाच्या नियंत्रण कक्षाला द्यावी. आवश्यक माहिती घेतल्यानंतर नियंत्रण कक्षाकडून बेडची उपलब्धता लक्षात घेऊन संबंधित रुग्णालयात भरती होण्याचे सुचविले जाते. मात्र प्रत्यक्ष रुग्णालयात गेल्यानंतर आधी रुग्णाची ऑक्सिजनची पातळी तपासली जाते. ती पातळी कमी असल्यास रुग्णाला परत पाठविले जाते. शालिनीताई मेघे आणि लता मंगेशकर रुग्णालय शहरापासून दूर असून शहरातून येथे जाणाऱ्या रुग्णांना सर्वाधिक त्रास होतो. रुग्णालयात जाण्यापूर्वी ऑक्सिमीटरवरून रुग्णाची ऑक्सिजन पातळी तपासावी ती जर ९५ पेक्षा कमी असल्यास शहराबाहेरील वानाडोंगरी येथील शालिनीताई मेघे किंवा डिगडोह येथील लता मंगेशकर या सारख्या रुग्णालयामध्ये रुग्णास दाखल करणे गैरसोईचे होईल त्यामुळे शक्यतो अशा रुग्णास जवळच्या रुग्णालयात दाखल करावे, अशी सूचना महापौर संदीप जोशी यांनी केली.
शालिनीताई मेघे रुग्णालयाच्या वतीने उद्या रविवार (ता.५) पासून ‘रामगिरी’ या मुख्यमंत्री निवासस्थानापुढील ‘वॉकर स्ट्रीट’वर ऑक्सिजन तपासणी केली जाणार आहे. कोरोनामध्ये एकदम ऑक्सिजनची पातळी कमी होणे हे अत्यंत धोकादायक आहे. अशा स्थितीत सर्वच नागरिकांनी घरात ऑक्सिमीटर ठेवावा. ९५ ते १०० दरम्यान ऑक्सिजन असणे आवश्यक आहे. नागपूरकरांना ही सवय लावण्यासाठी ‘वॉकर स्ट्रीट’वर सहा मिनिटे पायी चालल्यानंतर ऑक्सिमीटरद्वारे तपासणी केली जाईल. सहा मिनिटे चालल्यानंतर ९५ ते १०० च्या दरम्यान ऑक्सिजनची पातळी असल्यास सदर व्यक्ती सुदृढ समजली जाईल. अन्य नागरिकांचे वैद्यकीय समुपदेशन केले जाईल, असे रुग्णालयाचे अधिष्ठाता डॉ. दिलीप घोडे यांनी सांगितले.
लता मंगेशकर रुग्णालयात झालेल्या चर्चेमध्ये रुग्णालयाचे प्रशासकीय संचालक कर्नल धानोरकर यांनी या समस्येवर सहकार्य करण्यास तयार असल्याचे सांगितले. यासाठी रुग्णांना  रुग्णालयाचे निर्धारित शुल्क भरावे लागणार आहे. लता मंगेशकर रुग्णालयात कोव्हिडचे एकूण १९० बेड असून त्यात १० आयसीयू चे तर १० व्हेंटिलेटरचे आहेत. यामध्ये आणखी बेड वाढविण्यात येणार असल्याचे कर्नल धानोरकर यांनी सांगितले. आयसीयूचे बेड वाढविण्यासाठी आवश्यक उपकरणांची पूर्तता करण्याची मागणीही त्यांनी यावेळी महापौरांकडे केली. यासंदर्भात आयुक्तांशी चर्चा करून सकारात्मक निर्णय घेऊ, असे आश्वासन महापौर संदीप जोशी यांनी दिले.

केंद्र सरकार द्वारा दी गई रियायतों के बाद,अब नागपुर में डिविजनल स्कूल खुलने की संभावनाएं

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते 21 मार्च से केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉक डाउन घोषित किया था ।  इसके साथ ही सभी स्कूल और कॉलेज भी अनिश्चित समय के लिए बन्द कर दिए गए थे है तथा सरकार ने  विद्यार्थियों को ऑनलाइन लरनिंग के लिए प्रोत्साहित किया ताकि आसानी से बिना किसी नुकसान हुए विद्यार्थियों की शिक्षा जारी रहे।
इसी कड़ी में अब धीरे धीरे बदलाव किए जा रहे हैं और 21 सितम्बर से अनलॉक फेस के हिसाब से नागपुर के कनिष्ठ विद्यालयों में 9 से 12 तक की क्लासेज खोली जाने की संभावना है।ज्ञात हो के नागपुर में कनिष्ठ विद्यालयों की संख्या लगभग 1500 है।
इसके साथ ही सभी पालकों को हिदायत भी दी जाएगी ताकि वह बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजक बनाए और कुछ डिस्तंसिंग नियम पालन करें। कक्षा 9 से लेकर 12 तक बच्चों के एडमिशन के लिए पालक आवेदन दे सकेंगे।

महापौर व मनपा आयुक्त ने की प्राइवेट हॉस्पिटल्स से कोविड पेशेंट्स के लिए बेड बढ़ाए जाने की अपील

शहर में दिनों दिन कोरोना का आतंक बढ़ता ही जा रहा है ना कि सिर्फ कोरोना पॉजिटिव पेशेंट्स में बढ़ोतरी हो रही है बल्कि धीरे धीरे मृत्यु दर भी बढ़ती जा रही है।
इसी के चलते महापौर जोशी व नव नियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन ने भी प्राइवेट हॉस्पिटल्स से तुरंत हॉस्पिटल्स में कोविड इफेक्टेड पेशेंट्स के लिए बेड तथा आईसीयू बेड बढ़ाए जाने की अपील की है। इसी के संबंध में उन्होंने गुरुवार को निजी अस्पतालों के साथ मनपा मुख्यालय में मीटिंग भी रखी थी।जहां मौजूद थे उपमहापौर मनीषा कोठे, विजय झलके, आयुक्त राधाकृष्णन बी., वीरेन्द्र कुकरेजा, अति. आयुक्त जलज शर्मा,राम जोशी,संजय निपाने ।
महापौर जोशी का कहना था कि कुछ उपाय करना जरूरी है वरना भविष्य में शायद कोई और बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है।
गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स पर जिम्मेदारी कुछ ज्यादा बढ़ गई है।इस कारणवश कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल्स को अनुमति दी गई है।और आगे भी जो भी हॉस्पिटल्स कोरोना उपचार के लिए आगे आएंगे। उन्हें हम परमिशन देंगे।
उन्होंने बताया कि ICMR की रिपोर्ट के हिसाब से सितंबर महीने में कोरोना मरीजों की संख्या रेकार्ड गति से बढ़ेगी।इसलिए हमें भी सतर्क रहना जरूरी है। रोज़ मिनिमम 5000 लोगों की कोविड टेस्ट करने के लिए जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। इसके बाद भी हालात काबू नहीं हो रहा।
प्राइवेट हॉस्पिटल्स को इस जंग में साथ मिलकर सहयोग करने की अपील भी की।
51 कोविड हॉस्पिटल्स को परमीशन
नव नियुक्त मनपा आयुक्त राधाकृष्णन ने बताया कि मनपा के पास फैसिलिटी और अरेंजमेंट है उपलब्ध,लेकिन हमारे पास कर्मचारियों की कमी है।
हॉस्पिटल्स भी रेडी है, पर पेशेंट्स को उपचार के लिए डाक्टरों की जरूरत है। मनपा ने डाक्टरों की भर्ती के लिए विज्ञापन भी दिया, इसलिए निजी डाक्टरों को आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ 20 हॉस्पिटल्स  को कोविद हॉस्पिटल्स के रूप में परमीशन दी गई थी। जिसे बढ़ाकर अब 51 किया गया है।
यदि IMA पहल कर हेल्प देनेवाले इच्छुक डाक्टरों की लिस्ट देते है, तो 24 घंटे के भीतर कार्यादेश जारी किए जाएंगे।
अति. आयुक्त जलज शर्मा ने कहा कि शहर में कोविद हॉस्पिटल्स में सिर्फ 440 आईसीयू बेड उपलब्ध है। जिसे और अधिक बढ़ाना जरूरी है।वहीं प्राइवेट डाक्टरों का मानना था कि कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल में बेड उपलब्ध है, पर कर्मचारियों की संख्या न के बराबर है यदि मनपा अपनी ओर से कर्मचारी उपलब्ध कराती है, तो प्राइवेट हॉस्पिटल भी मदद कर सकेंगे।

नई टेंडर प्रक्रिया से रोजगार आया खतरे में ,इसी वजह से वी एन आई टी में सुरक्षाकर्मियों ने छेड़ा आंदोलन

नागपुर :दरअसल वी एन आई टी बनाज नगर में कार्यरत सुरक्षाकर्मियों ने आंदोलन शुरू किया है जिसकी वजह यह है के इस वर्ष वी एन आई टी ने जो टेंडर निकाला है उसके अनुसार अब किसी दूसरी सुरक्षा एजेंसी को यह टेंडर मिला है।
बताया जा रहा है शायद नई सुरक्षा एजेंसी के साथ नए हाउसकीपिंग,मैंटेनेस और सुरक्षा कर्मी आयंगे किन्तु पुराने सुरक्षाकर्मियों का यह कहना है के हर बार कॉन्ट्रैक्टर बदलते हैं किन्तु स्टाफ वही रहता है तो इस साल ऐसा क्यों हो रहा है, के स्टाफ भी बदल रहा है?
हाउसकीपिंग,मैंटेनेस और सुरक्षाकर्मियों को मिलाकर लगभग 170 कर्मियों का ऐसे में रोजगार चले जाएगा। अब जबकि पूरे देश में कोरोना महामारी ने पैर पसार लिए है और लाखों लोगों को रोजगार की समस्या झेलनी पड़ रही है ऐसे में वह कहां जाएंगे ? कैसे अपना घर चलाएंगे ? यही उनका वी एन आई टी मैनेजमेंट से प्रश्न है ।
सुरक्षाकर्मियों का यह भी कहना है के यदि ऐसे ही हालात रहे तो उनके पास कोई रोजगार नहीं बचेगा और आत्महत्या के अलावा कोई उपाय नहीं होगा।
उनकी मांग यही है के उन्हें कंटिन्यू किया जाए । वरना जय जवान , जय किसान संघटना आंदोलन एक उग्र रूप लेलेगा। उनका यह भी कहना है के अभी तक वी एन आई टी के किसी भी प्रबंधक ने उनसे इस विषय में बात नहीं की है।

बेहतर उपचार उपलब्ध हो इस उद्देश्य से मनपा ने लिया अहम फैसला , शुरू होंगे 16 नए कोरोना टेस्ट सेंटर्स

नागपुर. शहर में फैलती कोरोना महामारी के चलते अब पहल से और ज्यादा जांच केंद्र खोल कर संक्रमितों को समय पर सही उपचार व देखभाल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से महानगर पालिका ने नए 16 टेस्ट सेंटर्स की शुरुआत करने का निर्णय लिया है।
इन नए सेंटर्स को मिलाकर अब शहर के अलग अलग हिस्सों में कुल 50 सेंटर्स पर कोरोना का टेस्ट होगा। कोरोना पेशेंट्स की बढ़ती संख्या और डेथ रेट को कंट्रोल में लाने के लिए मनपा नव नियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन की ओर से सेंटर्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
जांच का समय – इन सभी 50 टेस्ट सेंटर्स पर सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक ही टेस्ट होंगे।
ज्ञात हो कि कोरोना टेस्ट सेंटर्स पर कहीं एन्टीजेन तो  कहीं पर आरटीपीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं।अब आरटीपीसीआर टेस्ट सेंटर्स की भी संख्या बढ़ाई जाएगी ।
एन्टीजेन टेस्ट में 30 मिनट के अंदर ही टेस्ट रिपोर्ट आती है।और आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लगता है।
फिलहाल शहर में 4000 टेस्ट हो रहे है ।अब इसकी संख्या बढ़ाकर रोज़ 5000 टेस्ट कराने का लक्ष्य निर्धारित हुआ है।
आरटीपीसीआर टेस्ट – जोनल सेंटर्स
धरमपेठ – ला कालेज छात्रावास, रवि भवन, मारिस कालेज छात्रावास
लक्ष्मीनगर – पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (आरपीटीएस)
मंगलवारी – राज नगर
आसीनगर – पांचपावली पुलिस क्वार्टर्स
एन्टीजेन टेस्ट – जोनल सेंटर्स
धंतोली – काटन मार्केट पीएचसी, आयसोलेशन अस्पताल, बाबुलखेडा पीएचसी
लक्ष्मीनगर – जयताला पीएचसी, सोमलवाडा पीएचसी,
धरमपेठ – केटी नगर पीएचसी, फुटाला, तेलंगखेडी, हजारी पहाड पीएचसी, इंदिरा गांधी अस्पताल, डीक अस्पताल, बुटी अस्पताल
हनुमाननगर – हुडकेश्वर-नरसाला पीएचसी, मानेवाडा पीएचसी
नेहरूनगर – नंदनवन पीएचसी, दिघोरी हेल्थ पोस्ट, बीडीपेठ पीएचसी, बड़ा ताजबाग
गांधीबाग – मोमीनपुरा पीएचसी, नेताजी अस्पताल, डायग्नेटीक सेंटर महल पीएचसी, भालदारपुरा पीएचसी, दाजी अस्पताल
सतरंजीपुरा – मेहंदीबाग पीएचसी, बिनाकी फिमेल अस्पताल, जागनाथ बुधवारी पीएचसी, शांतिनगर पीएचसी, सतरंजीपुरा अस्पताल
मंगलवारी  – नारा पीएचसी, जरीपटका अस्पताल, इंदोरा पीएचसी, झींगाबाई टाकली और गोरेवाडा पीएचसी, सदर रोगनिदान केंद्र
लकडगंज – चकोले अस्पताल, डिप्टी सिग्नल और आदिवासी छात्रों के छात्रावास, पारडी पीएचसी
आसीनगर – कपीलनगर और शेंडे नगर पीएचसी गरीब नवाज नगर, कुंदनलाल नगर, बंदे नवाज नगर
महानगर पालिका आयुक्त और महापौर व  जनप्रतिनिधियों के साथ कोरोना को लेकर की गई थी बैठक।इस मीटिंग में हुई चर्चा के हिसाब से टेस्ट की संख्या बढ़ाने की सूचनाएं दी गई।अब उसी के अनुसार प्रशासन द्वारा जरूरी कार्यवाही की जा रही है और बड़े फैसले लिए जा रहे हैं।

डिवाइडर वाली सड़कों के पास स्तिथ दुकानों पर अब नहीं लगेगा ऑड इवन रूल – एनएमसी

नागपुर: तीन महीने के  के बाद, नागपुर नगर निगम सभी गैर-जरूरी दुकानों को 2 सितंबर से सभी दिनों में खुली रहने की अनुमति देगा।
अब, सड़क के दोनों किनारों पर दुकानें, जहां सड़क विभाजित है, को कार्य करने की अनुमति होगी। नया नियम उन सभी गैर-जरूरी दुकानों के लिए भी लागू होगा जब वे स्टैंड-अलोन हैं, मंगलवार को नगरपालिका आयुक्त राधाकृष्णन बी द्वारा जारी अधिसूचना।
यह नया नियम इतवारी, महल, गांधीबाग आदि क्षेत्रों में स्थित दुकानों पर लागू नहीं होगा जहाँ सड़कें संकरी हैं और वहाँ कोई डिवाइडर नहीं है।वे दुकानें 30 सितंबर तक ऑड इवन के रूल का पालन करना होगा।
सभी गैर-जरूरी दुकानों को उन सड़कों पर पूरे दिन खुला रहने दिया जाएगा, जहां दूसरी तरफ दुकानें नहीं हैं। अन्य सभी सड़कों पर ऐसी गैर-जरूरी दुकानों को पहले के दिशानिर्देशों के अनुसार वैकल्पिक दिनों (पी 1 और पी 2 आधार) पर खोलने की अनुमति होगी।
अलग-अलग स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर के अनुसार 100% कैपेसिटी से हॉटेल्स और लॉज खुले रहेंगे लेकिन आवश्यक सावधानियों के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी की गाइडलाइन्स का ध्यान रखना जरूरी है।
ऐसी सभी गैर-आवश्यक दुकानों को अब मौजूदा शाम 7 बजे तक ही खुला रहने दिया जाएगा ना की 9 बजे तक।
शराब की दुकानें पहले के दिशानिर्देशों के अनुसार काम करती रहेंगी।
सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर (मॉल और बाजार परिसर में शामिल हैं), बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और इसी तरह के स्थान भी अभी बंद ही रहेंगे।
स्कूल,कॉलेजेस,एजुकेशनल और कोचिंग इंस्टीट्यूशन 30 सितंबर तक ऑनलाइन /डिसटेंस लर्निंग की अनुमति जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसके साथ ही सामाजिक,राजनीतिक, खेल,मनोरंजन, एकेडमिक,सांस्कृतिक,धार्मिक कार्यों और अन्य बड़ी सभाओं के साथ-साथ मेट्रो रेल के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।
अधिसूचना के अनुसार सभी आवश्यक दुकानें जिन्हें इन आदेशों से पहले खुले रहने की अनुमति है, वो पहले की तरह ही खुली रहेंगी ।

इस साल अगस्त महीने में नागपुर में हुई सामान्य से अधिक बारिश ,मौसम रहा खुशगवार

दरअसल क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC), नागपुर द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, शहर में इस महीने कुल 437 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अगस्त महीने के लिए नागपुर जिले के लिए बारिश  280.6 मिमी है।
इस अगस्त में, शहर के जिलों में इस महीने सामान्य से डेढ़ गुना अधिक बारिश हुई।
28 अगस्त को शहर में भारी बारिश हुई, जो दिन-रात रुक-रुक कर जारी रही। उस पूरे दिन में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र अधिकारियों ने आगे बताया कि अगस्त में शहर में 20 दिनों तक बारिश हुई।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में विदर्भ के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
इन सब में एक अच्छी खबर यह है कि बार, नागपुर में इस मौसम में 14% अधिक बारिश हुई है। भंडारा और गोंदिया में 10 से 2% अधिक बारिश हुई है, जबकि बुलढाणा और वाशिम में क्रमशः 5 और 11% अतिरिक्त बारिश हुई है।
पिछले साल के विपरीत, इस क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। अकोला और अमरावती इस क्षेत्र में सबसे शुष्क रहे हैं, दोनों में 26% बारिश की कमी है। सितंबर के पहले सप्ताह में शहर में अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम पारा स्तर 25-27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

नव नियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन बी ने पदभार सँभालते ही एक्शन मोड में,निगम के 66 कर्मचारियों को जारी किया नोटिस

नागपुर नगर आयुक्त के पद से आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के तबादले के बाद निगम के कर्मचारियों ने देर से कार्यालय आना शुरू किया है। इसलिए, नव नियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन बी , पदभार संभालने के बाद से वह एक्शन मोड में हैं। पूर्व आयुक्त तुकाराम मुंधे के नक्शेकदम पर चलते हुए, उन्होंने निगम के 66 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है (नागपुर नगर आयुक्त 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस)।

आयुक्त राधाकृष्णन ने आज (1 सितंबर) को निगम मुख्यालय में विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। यह पाया गया कि कई कर्मचारी बिना अनुमति के अवकाश पर चले गए। उसी समय, राधाकृष्णन ने देखा कि कुछ कर्मचारी देर से आ रहे हैं। नव नियुक्त आयुक्त ने निगम कर्मचारियों के गैर जिम्मेदार प्रबंधन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की। 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
आयुक्त राधाकृष्णन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी निगम कार्यालय में देरी से आता है तो कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को हमेशा समय पर पहुंचना चाहिए। यदि आप छुट्टी चाहते हैं, तो आपको नियमानुसार स्वीकृति मिलनी चाहिए, राधाकृष्णन ने चेतावनी दी है।

तुकाराम मुंढे के नागपुर नगर आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालने के अगले दिन, चार कर्मचारियों की पिटाई की गई। तुकाराम मुंढे ने लेखा और वित्त विभाग के चार कर्मचारियों को काम में अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था। उन्होंने अपनी नियुक्ति के अगले दिन ही लेखा और वित्त विभाग का निरीक्षण किया था। उसके बाद अब नागपुर निगम के नवनियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन बी  ने 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है .

कर्मचाऱ्यांची वाणवा, बिलांची अडचण

कोव्हिड-१९ चा सामना करण्यासाठी, रुग्णांना लवकर उपचार मिळावे, यासाठी खासगी रुग्णालयांना परवानगी देण्यात आली. मात्र, अनेक रुग्णालयात कर्मचाऱ्यांची वाणवा आहे. बिलांच्या बाबतीत अनेक तक्रारी आहे. मनपाने तयार केलेले कोव्हिड केअर सेंटर आणि कोव्हिड चाचणी केंद्रात मात्र उत्तम कार्य सुरू असल्याचा अहवाल यासाठी तयार करण्यात आलेल्या उपसमितीने दिला

कोव्हिड-१९ च्या पार्श्वभूमीवर नागपुरात असलेल्या आरोग्य व्यवस्थेचा आढावा घेण्यासाठी महापौर संदीप जोशी यांनी पदाधिकारी-प्रशासनाच्या चार समित्या तयार करण्यात आल्या होत्या. या समितीने संबंधित विषयाचा अभ्यास करून, दौरा करून एक अहवाल सादर करावा, असे निर्देश दिले होते. त्यानुसार सोमवारी (ता. ३१) या सर्व समितींचा महापौरांनी आढावा घेतला.

सदर आढावा बैठकीला महापौर संदीप जोशी यांच्यासह आमदार प्रवीण दटके, उपमहापौर मनीषा कोठे, स्थायी समिती सभापती विजय झलके, सत्तापक्ष नेते संदीप जाधव, विरोधी पक्ष नेते तानाजी वनवे, आयुक्त राधाकृष्णन बी., सत्तापक्ष उपनेते वर्षा ठाकरे, नरेंद्र बोरकर, प्रतोद दिव्या धुरडे, शिवसेना गटनेते किशोर कुमेरिया, राकाँचे गटनेते दुनेश्वर पेठे, आरोग्य समिती सभापती वीरेंद्र कुकरेजा, विधी समिती सभापती ॲड. धर्मपाल मेश्राम, ज्येष्ठ नगरसेवक सुनील अग्रवाल, अतिरिक्त आयुक्त जलज शर्मा, राम जोशी, संजय निपाने उपस्थित होते.

कोव्हिड हॉस्पीटल, कोव्हिड केअर सेंटर, कोव्हिड चाचणी केंद्र आणि मेडिकल, मेयो, एम्स येथील व्यवस्थेची पाहणी त्यासाठी तयार करण्यात आलेल्या उपसमितीने केली. खासगी कोव्हिड हॉस्पीटलसाठी तयार करण्यात आलेल्या समितीचे प्रमुख उपमहापौर मनीषा कोठे यांनी अहवालातील तथ्य मांडताना सांगितले की, काही हॉस्पीटलमध्ये कर्मचाऱ्यांची कमतरता आहे. अनामत रक्कम अधिक घेण्यात येत आहे. एका रुग्णालयात केवळ औषधींचे बिल २,३६,००० आणि उपचाराचे बिल १,९६,००० देण्यात आले. त्यामुळे खासगी रुग्णालयांवर मनपाचा वचक असणे आवश्यक असल्याची सूचना अहवालातून मांडली.

कोव्हिड केअर सेंटरचा अहवाल उपसमितीचे प्रमुख तथा स्थायी समिती सदस्य विजय झलके यांनी मांडला. या उपसमितीने आमदार निवास, पाचपावली आणि व्हीएनआयटी कोव्हिड केअर सेंटरला भेट दिली. तीनही ठिकाणी व्यवस्था उत्तम असल्याचे सांगितले. केवळ आमदार निवासात मनपाचा कुणीही समन्वयक नसल्याने तेथे समन्वयक नेमण्याची सूचना समितीने केली.

शासकीय रुग्णालयातील व्यवस्थेचा अहवाल उपसमितीचे सदस्य ज्येष्ठ नगरसेवक सुनील अग्रवाल यांनी मांडला. बेड उपलब्ध असतानाही अपुऱ्या कर्मचारी वर्गामुळे केवळ ५० टक्के बेडचा उपयोग होत असल्याचे त्यांनी सांगितले. मृत्यू झाल्यानंतर शववाहिका वेळेवर पोहचत नाही. एम्समध्ये मनपातर्फे गाद्या व इतर साहित्य पाठविल्यास बेड्‌सची संख्या वाढू शकते. मनपाच्या इंदिरा गांधी रुग्णालयात संपर्कासाठी फोन क्रमांक आवश्यक असल्याची सूचना त्यांनी केली.

कोव्हिड चाचणी केंद्राचा अहवाल उपसमितीच्या प्रमुख सत्तापक्ष उपनेत्या वर्षा ठाकरे यांनी मांडला. ३४ पैकी ३० चाचणी केंद्राला उपसमितीने भेट दिली असून सर्व केंद्रांवर व्यवस्था उत्तम आहे. इंदोरा केंद्रावर सर्व महिला अधिकारी-कर्मचारी असल्यामुळे गर्दीला आवर घालण्यासाठी पुरुष कर्मचारी नेमण्याची सूचना त्यांनी मांडली.

आमदार प्रवीण दटके यांनी यावेळी गंगाबाई घाट येथील वास्तव मांडले. तेथे कोव्हिड रुग्ण दहन करण्याची संख्या अधिक झाल्यामुळे परिसरातील नागरिकांमध्ये भीतीचे वातावरण आहे. अन्य मृत व्यक्तीचे दहन करताना बऱ्याच अडचणी येत आहे. मोक्ष काष्ठची चौकशी करण्याची मागणीही त्यांनी यावेळी केली. मानेवाडा डिझेल शववाहिनी तातडीने सुरू केल्यास मृत कोव्हिड बाधित व्यक्तीचे दहन तेथे करता येईल, अशी सूचना त्यांनी मांडली.

उपसमितीने केलेल्या सर्व सूचना महापौर संदीप जोशी यांनी स्वीकारल्या असून त्यावर तातडीने अंमल करण्याचे निर्देश प्रशासनाला दिले.

 

अनलॉक फेज 4 : राज्य की ठाकरे सरकार ने कई गतिविधियों पर लिए फैसले , होटलों की ऑक्युपेंसी में बढ़ोतरी

मुंबई अपडेट
कोरोना संक्रमण के चलते केंद्र सरकार ने कंटेनमेंट जोन के बाहर कई अन्य एक्टिविटीज को मंजूरी दे दी है।इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री ठाकरे ने भी प्रदेश के अंदर और बाहर कई एक्टिविटीज से प्रतिबंध हटाने का फैसला ले लिया है।इसके अनुसार प्रदेश में आने  या बाहर जाने के लिए किसी तरह के पास की जरूरत अब नहीं होगी।
सरकारी दफ्तरों, विद्यालयों और होटल्स में लोगों की अटेंडेंस बढ़ाने की मंजूरी भी सरकार की ओर से दी गई है।
महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सूत्रों के अनुसार,राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अनलॉक फेज 4.0 के अनुसार होटलों में ऑक्युपेंसी में बढ़ोतरी कर उसे 33 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है।इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों में आईएएस लेवल के स्टाफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति को भी मंजूरी मिल गई है। सब-ऑर्डिनेट स्टाफ की ऑफिसों में मौजूदगी को 15 से 30 फीसदी कर दिया गया है।और इसके साथ ही लोकल ट्रेनों के आवागमन को भी बढ़ाने का फैसला  ठाकरे सरकार ने किया है।
स्कूली छात्रों को भी छूट
आदेश अनुसार, 21 सितंबर से अपने सब्जेक्ट्स के डाउट्स क्लियर कराने के लिए क्लास 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स स्व इच्छा से अपने स्कूल जा सकेंगे। स्कूलों में अटेंडेंस को लेकर राज्यों की सरकार केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों का अनुकरण करेगी। इसके आधार पर माता-पिता की परमिशन के बाद क्लास 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को टीचर्स से परामर्श के लिए स्कूल जाने की अनुमति होगी।
अधिकारियों के अनुसार अनलॉक फेज 4.0 के दौरान मुख्यमंत्री कई अन्य मामलों में भी छूट देने का मन बना रहे थे परन्तु वह प्रदेश में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमणों को लेकर चिंता में हैं।इसी कारणवश बहुत से क्षेत्र अभी भी छूट मिलने की उम्मीद में है।
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