निगम के इतिहास में पहली बार ऑनलाइन बैठक

नागपुर:- अब तक, केवल नागरिकों से कॉल लेने, संदेश पढ़ने, फोटो देखने और सोशल मीडिया पढ़ने के काम आनेवाले मोबाइल का उपयोग सभी राजनीतिक दलों के नगरसेवक निगम की आम बैठक ऑनलाइन भाग लेने के लिए करने वाले हैं। निगम अधिकारी अपने मोबाइल और लैपटॉप से ​​अधिकारियों से सवाल पूछ सकेंगे। प्रशासन ऑनलाइन बैठक के लिए तैयार है; लेकिन यह सदस्यों के लिए एक अच्छी परीक्षा होगी।

कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण, राज्य सरकार ने नगरपालिका को सामान्य बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का विकल्प दिया है। 20 अगस्त को होने वाली बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी, क्योंकि पिछली बैठक मे सोशल डिस्टेंस में काफी गड़बड़ीया हुई थी। विभिन्न दलों के 156 निर्वाचित पार्षद और 5 मनोनीत पार्षद निगम में हैं और उन सभी को इस बैठक के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, निगम के ई-गवर्नेंस विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को बैठक की जानकारी और मार्गदर्शन भी दिया है। बैठक 20 अगस्त को सुबह 11 बजे शुरू होगी। यह बैठक विशेष महत्व की है क्योंकि यह निगम के इतिहास में पहली ऑनलाइन बैठक है। बैठक से 45 मिनट पहले बैठक की एक कड़ी सभी नगरसेवकों, पदाधिकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को भेजी जाएगी।‌‌

पहली बार, ऑनलाइन प्रश्न उत्तर सत्र होगा। यह न केवल अधिकारियों के लिए बल्कि नगरसेवकों और पदाधिकारियों के लिए भी एक परीक्षा होगी। चूंकि यह पहली ऑनलाइन बैठक है, इसलिए नगरसेवकों में भ्रम की संभावना है। इसी बैठक में, सत्तारूढ़ दल भी जल कर में कमी का प्रस्ताव लाएगा। कमिश्नर इसका विरोध कर रहे हैं। इसलिए, आयुक्त और निगम के बीच संघर्ष ऑनलाइन दिखाई देगा। अनुमोदन के लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रस्ताव लाए गए हैं। इस पर चर्चा होगी। ऑनलाइन चर्चा में क्या होगा, इसे लेकर सभी उत्सुक हैं।

ऑनलाइन मीटिंग के लिए नगरसेवकों को क्या करना होगा?

  • Webex मीटिंग ऐप को प्लेस्टोर से डाउनलोड करना होगा।
  • हेडफोन का उपयोग
  • इंटरनेट और मोबाइल बैटरी का सुनिश्चितीकरण।
  • बैठक से 20 मिनट पहले उपस्थिति आवश्यक।‌‌

TikTok जैसे 50 चीनी मोबाइल ऐप भारत के लिए खतरा: सुरक्षा एजेंसियां

नई दिल्ली: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कम से कम 50 चीनी मोबाइल ऐप की पहचान की है, उनका दावा है कि उन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए क्योंकि वे देश के लिए सुरक्षा खतरा पैदा करते हैं। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के महत्वपूर्ण सुरक्षा डेटा को इन ऐप के माध्यम से भारत के बाहर भेजा जा रहा है। टिक-टोक, हेलो, यूसी ब्राउज़र जैसे मोबाइल ऐप को देश की सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है।

हालांकि इन कंपनियों ने उपयोगकर्ता डेटा को देश से बाहर भेजने के सभी आरोपों का खंडन किया है। लद्दाख की गैलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़पों में 20 भारतीय सैनिक शहीद होने के बाद, चीन निर्मित सामानों के बहिष्कार का आह्वान एक बार फिर पूरे भारत में हुआ। गुस्साए प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार शहीद सैनिकों की मौतों का बदला ले और चीन के साथ व्यापार संबंधों को अलग करने की मांग करे।

समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने चीनी झंडे, चीन निर्मित उत्पादों और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पुतले जलाए। इसके अलावा, दूरसंचार विभाग ने बीएसएनएल और एमटीएनएल को अपने 4 जी उन्नयन के दौरान चीनी दूरसंचार उपकरणों का उपयोग नहीं करने के लिए नोटिस जारी किया।

इसके अलावा, सूत्रों ने कहा कि भारत चीनी कंपनियों ZTE और Huawei के साथ देश में 5G रोलआउट के लिए अपनी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) रणनीति पर फिर से विचार कर सकता है।

बॉलीवुड एक्टर इरफ़ान ख़ान का निधन

तबीयत क्यों बिगड़ी और उन्हें क्या तकलीफ़ हुई और आईसीयू में क्यों भर्ती किया गया था, अभी फ़िलहाल इस बारे में कोई जानकारी खुलकर सामने नहीं आई है.मंगलवार को तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया था.

इरफ़ान के परिवार में से भी किसी ने आधिकारिक तौर पर ज़्यादा कुछ नहीं बताया.इरफ़ान ख़ान के एक प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा था, “जी हाँ ये सच है कि इरफ़ान ख़ान मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती हैं. उन्हें कोलन इन्फ़ेक्शन हुआ है. हमलोग आप सभी को उनके बारे में जानकारी देते रहेंगे.

लॉक डाउन के पार्ट 2 में कुछ महत्वपूर्ण गाइडलाइंस जारी की,खेती किसानी और मजदूरों को लेकर विशेष गाइडलाइन

केंद्र सरकार ने कोरोना को लेकर इस जंग में 3 मई तक लॉक डाउन बढ़ाने की घोषणा की।इसी को लेकर बुधवार को केंद्र ने कुछ आवश्यक गाइडलाइन जारी की।
वैसे तो लगभग लॉक डाउन पार्ट 1 की तरह इस एक्सटेंशन में बहुत सी चीजें पहले की तरह रहेंगी जैसे एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर रोक।मॉल,सिनेमा घर, होटल,स्कूल,कॉलेज और धार्मिक स्थल पहले की तरह 3 मई तक बंद रहेंगे।हवाई उड़ान,सड़क परिवहन, बस,मेट्रो सेवा बंद रहेंगे।इन सब पर फैसला 3 मई के बाद होगा।
लेकिन अब घर से बाहर निकलने पर फेस कवर करना अनिवार्य है।सार्वजनिक स्थानों पर थूकना मना है इस पर जुर्माना देना होगा।बेवजह घूमने और लॉक डाउन का पालन ना करने पर होगी सख्त कार्यवाही।
नयी गाइडलाइंस में 20 अप्रैल के बाद कुछ चीजों को सशर्त छूट दी जाएगी।जानिए किन चीजों को छूट में शामिल किया गया है –
1.गांव,किसान,खेती के हित में कुछ छूटें दी जाएंगी।
2.गांव के इलाकों में चल रहे लघु उद्योगों पर छूट दी जाएगी।
3.दिहाड़ी मजदूरों को और मनरेगा मजदूरों को मिले काम इसकी व्यवस्था की जाएगी।
4.खेती और खेती से जुड़े सामानों पर कोई रोक नहीं रहेगी ।
5.वहीं बैंक,एटीएम,और उससे जुड़ी सेवाओं को पहले की तरह छूट रहेगी।
6.खेती किसानी से जुड़े सामान,मशीनों की आवाजाही पर छूट रहेगी।
7.फिशिंग मार्केट और मछली पालन से जुड़ी चीजों पर छूट।
8.चाय,काफी,रबर,काजू पैकेजिंग और बिक्री की इजाज़त लेकिन सिर्फ 50 प्रतिशत वर्कर ही कर सकेंगे काम।
9.पशुपालन या एनिमल हसबेंडरी से जुड़ी एक्टिविटीज को इजाजत इसके अलावा दूध उत्पादन,मुर्गी पालन को भी छूट ।
10.जानवरों के शेल्टर होम और गौ शालाएं खोलने की इजाजत।
देखा जाए तो देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को ध्यान में रखते हुए लॉक डाउन को एक्सटेंड किया गया है अब और भी सख्ती से लॉक डाउन फॉलो करना होगा।जिन कामों को लॉक डाउन के तहत छूट दी जाएगी उसमे भी कुछ आवश्यक नियमो को ध्यान में रखते हुए ही छूट दी जाएगी।

महाराष्ट्रात 14 एप्रिलनंतर देखील लॉकडाउन वाढणार आहे. किमान 30 एप्रिलपर्यंत राहणार

या वाढलेल्या कालावधीचे स्वरूप कसे असेल, मजूर व कामगारांचे काय तसेच उद्योगांसाठी काय करायचे या बाबी 14 एप्रिलपर्यंत आम्ही स्पष्ट करीत आहोत

आज पंतप्रधानांची राज्यांच्या मुख्यमंत्र्यांसमवेत व्हिडीओ कॉन्फरन्स झाली.  वर्षा निवासस्थानाहून मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी सहभागी होऊन संवाद साधला. यावेळी गृहमंत्री अनिल देशमुख, आरोग्यमंत्री राजेश टोपे, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, मुख्य सचिव अजोय मेहता उपास्थित होते

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी प्रथम पंतप्रधानांना राज्यातील कोरोना परिस्थितीबाबत अवगत केले. ते म्हणाले की राज्यातील चाचणी गेल्या काही दिवसांत मोठ्या प्रमाणावर वाढली आहे. सुमारे 33 हजार चाचण्या घेण्यात आल्या असून 1574 जणांचे नमुने पॉझिटिव्ह आहेत तर 30 हजार 477 जणांचे निगेटिव्ह आहेत. 188 रुग्ण बरे करून घरी पाठवले आहेत.

बाधित क्षेत्रांसाठी आम्ही तत्काळ तपासणी, अलगीकरण, विलगीकरण धोरण याची परिणामकारक अंमलबजावणी करीत असल्याने संख्या वाढत असली तरी  फैलाव रोखण्याचा आम्ही चांगला प्रयत्न करीत आहोत असे सांगून मुख्यमंत्री म्हणाले की मृत्यू दर इतर राज्यांच्या तुलनेत जास्त असला तरी जास्तीतजास्त मृत्यू अति धोका गटातील ज्येष्ठ आणि ज्यांना इतरही काही आजार आहेत यांचे झाले आहेत.

राज्यातील तपासणीसाठी आलेल्या 70 टक्के लोकांत लक्षणे दिसत नाहीत. यातील रोज 150 लोकांना आम्ही प्राथमिक उपचार करून बरे करून पाठवत आहोत.  राज्यात कोविड उपचारांसाठी तीन स्तरावर व्यवस्था केली असून अगदी सर्दी, ताप, न्यूमोनिया लक्षणांसाठी कोविड केअर सेंटर, मध्यम स्वरूपाच्या लक्षणांसाठी डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर आणि गंभीर रुग्णांसाठी डेडिकेटेड कोविड रुग्णालयातून उपचार करीत नाहीत अशी माहितीही त्यांनी दिली

राज्यात मुंबई, पुण्यासारख्या ठिकाणी संख्या वाढत असली तरी इतरत्र परिस्थिती नियंत्रणात हे सांगताना मुख्यमंत्र्यांनी सांगली जिल्ह्याचे उदाहरण दिले.

परराज्यातील सुमारे 6 लाख श्रमिक, कामगार, स्थलांतरित यांना निवारा केंद्रातून दोन वेळेसचे जेवण, नाश्ता देण्यात येत आहे पुल टेस्टिंग किंवा ग्रुप टेस्टिंग बाबत केंद्राने विचार करावा त्याचप्रमाणे सारी रोगाच्या प्रादुर्भावकडेही आमचे लक्ष आहे असे सांगून मुख्यमंत्र्यांनी पीपीई किट, एन 95 मास्क, इतर वैद्यकीय उपकरणे लवकरात लवकर मिळावेत अशी मागणी केली बहुतेक राज्यांच्या मुख्यमंत्र्यांनी लॉक डाऊन वाढविण्याबाबत मत व्यक्त केले.

नागपुर में आज 2 और कोरोना संक्रमित मरीज़ पाए गए जिसमे से एक सतरंजीपुरा और एक चंद्रपुर का पीड़ित

नागपुर: राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती  जा रही  है। देखा जाये तो पुणे, औरंगाबाद, ठाणे, कोल्हापुर और नागपुर में कोरोना के रोगियों में वृद्धि हुई है। इसके कारण, महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के केसेस बाकि राज्यों से ज्यादा है।

आज नागपुर में  दो और लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इनमें से एक मरीज़ एक कोरोना पॉजिटिव मरीज़ के संपर्क में है, जिसकी सतरंजीपुरा इलाके में मौत हो गई। दूसरा मरीज चंद्रपुर के मरीज के संपर्क में है। इस मरीज के संपर्क में आने वाले कुल सात लोगों में कोरोना था। इसलिए नागपुर में भी कड़े एहतियात बरतने की आवश्यकता है।

महाराष्ट्र के कुछ और जिलों की बात करें तो  पुणे में कोरोना से एक पुलिसकर्मी की माँ संक्रमित हो गई है। और आज इस तरह के तीन नए कोरोना रोगी पुणे में पाए गए हैं।उधर, कोल्हापुर के शाहूवाडी तालुका में कोरोना संक्रमित के संपर्क में आई एक रिश्तेदार महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।औरंगाबाद में कोरोना पॉजिटिव से दो और रिपोर्ट सामने आई हैं। इसलिए औरंगाबाद में कोरोना रोगियों की संख्या 20 तक पहुंच गई है।तीन पॉजिटिव  कोरोना रोगी ठाणे जिले के बदलापुर में पाए गए हैं। पुलिसकर्मी की पत्नी और बेटी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं।
फ़िलहाल नागपुर में कोरोनों पीड़ितों की संख्या 25 से बढ़कर 27 हो गई है।

खासदार पद्मश्री डॉ विकास महात्मे यांच्या माध्यमातून बनले कोरोना साठी सुरक्षित तपासणी उपकरण.

कोरोना चे निदान करण्यासाठी  संशयास्पद रुग्णांची  तपासणी करण्यासाठी घशातील  स्रावांचे नमुने घेऊन  पाठवावे लागतात. हे करताना रुग्ण कोरोना बाधित आहे अथवा नाही हे ठाऊक नसते.  त्यामुळे ही चाचणी घेणारे डॉक्टर आणि सहाय्यक यांच्या डोक्यावर सतत टांगती तलवार असते व आपल्याला कोरोना तर होणार नाही अशी भीती ही त्यांना सतत वाटत असते.
STOP कोरोना (Gadget for Safety To Operating Persons) हे एक उपकरण आहे ज्यामध्ये डॉक्टर आणि सहकारी एका बंद केबिन मध्ये उभे राहून, संशयित रुग्णाच्या संपर्कात न येता आजारी व्यक्तीच्या घशातील नमुने घेऊ शकतात. यामुळे आरोग्य कर्मचार्‍यांना संपूर्ण संरक्षण मिळेल. न घाबरता आरोग्य कर्मचारी काम करू शकतील. मुख्य म्हणजे हे करताना त्यांना PPE किट घालण्याची आवश्यकता राहणार नाही त्यामुळे या किट वर होणारा खर्च ही कमी करता येईल.
खासदार आणि पद्मश्री पुरस्कारप्राप्त नेत्रतज्ञ  डॉ विकास महात्मे यांच्या संकल्पनेतून व वैयक्तिक देणगीतून  हे साधन तयार केले गेले आहे आहे.  हे उपकरण प्रत्यक्ष तयार करून घेण्यासाठी  ऑरियस इन्स्टिट्यूट ऑफ हेल्थ सायन्सेस (स्टेट ऑफ आर्ट मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, नागपूर) चे डॉ. परीक्षित महाजन आणि डॉ. अनंतसिंग सिंग राजपूत यांनी खास परिश्रम घेतले. खासदार डॉ विकास महात्मे यांनी आज हे उपकरण लोकार्पण करून शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालयाला वापरण्यासाठी दिले. मेडिकलचे वैद्यकीय अधिक्षक डॉ. अविनाश गावंडे यांना हे उपकरण हस्तांतरित करण्यात आले.

नागपुर में आज 2 और कोरोणा संदिग्धों की मौत , शहर के मेडिकल कॉलेज वार्ड में हुई मृत्यु

नागपुर :प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद शहर में न जबए कोरोना पीड़ित मरीज़ मिल रहे हैं।

दरअसल आज नागपुर के मेडिकल कॉलेज के वार्ड क्रमांक 25 में 2 और कोरोना संदिग्धों की मृत्यु हो गई।बताया जा रहा है पहला मरीज़ नामदेव नगर का रहवासी था परन्तु कुछ लोगों का कहना है उसकी रिपोर्ट नेगटिव आयी है.
और दूसरा मरीज़ परसिविनि का रहवासी था जिसकी उम्र 12 साल बताई जा रही है।उसकी मौत का समय आज शाम 4:30 बजे के आसपास का है।हालांकि अभी उसकी कोरोना रिपोर्ट आने का अभी भी इंतजार है ।दूसरी तरफ नागपुर प्रशासन अपनी ओर से संक्रमण को रोकने के हर संभव प्रयास कर रहा है।
गौरतलब है के महाराष्ट्र में अब तक कोरोनावायरस संक्रमित सबसे ज्यादा लोग हैं।ऐसा बताया जा रहा है के देश के कुल केसेस में से 20 प्रतिशत केस सिर्फ महाराष्ट्र राज्य के है।

कोरोना संक्रमण के चलते सार्वजनिक स्थल पर थूकना पड़ सकता है महंगा ,थूकने पर 1000 रुपए आर्थिक दण्ड

नागपुर:दरअसल कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव से आम नागरिकों को बचाने के लिए प्रशासन तरह तरह के प्रयास कर रहा है उन्हीं में से एक प्रयास यह भी है के यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर थूकता है तो उसे आर्थिक दण्ड देना होगा ।पहले ये आर्थिक दण्ड 200 रुपए था किन्तु वर्तमान स्थिति और हाईजीन और सेंटाइजेशन को ध्यान में रखते हुए अब इस आर्थिक दण्ड को बड़ा कर 1000 रुपए कर दिया गया है। महानगर पालिका के लोकायुक्त श्री तुकाराम मुंडे के अनुसार नगर पालिका कोरोणा संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए तरह तरह के जन जागृति अभियान भी चला रही है।इस अभियान के तहत एक नियम उपद्रव शोध पथक भी बनाया गया है।

महानगर पालिका सुनिश्चित करना चाहती है के जो भी सार्वजनिक स्थल है वो साफ और स्वच्छ रहें साथ ही इन पर किसी तरह का अतिक्रमण ना हो।महानगर पालिका आयुक्त श्री तुकाराम जी ने नागपुर की जनता से आवाहन भी किया है के वो वायरस के खतरे को देखते हुए सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करे।

उपद्रव शोध नियम के तहत सार्वजनिक स्थल पर थूकने व गंदगी फैलाने के तहत आर्थिक दण्ड की कार्यवाही भी की गई है।

कुछ दिनों पहले ही इस नियम के 23 मार्च को धांतोली में एक व्यक्ति से 1000 रुपए आर्थिक दण्ड वसूला गया। 26 मार्च को धरमपेठ मार्ग पर थूकते हुए एक व्यक्ति पर कार्यवाही की गई ।इसके बाद 27 मार्च कोलकड़गंज ज़ोन में भी एक व्यक्ति पर उपद्रव शोध पथक के तहत 1000 रुपए के आर्थिक दण्ड की कार्यवाही की गई।

 

 

MECL Provided Ambulance To District Health Officers Nagpur

Nagpur: During a very critical time when a pandemic-COVID-19 has hit the entire nation MECL treated a district ambulance to the Ranchi district collectorate in order to augment its existing health care facilities and help the vulnerable.

In addition, during a important COVID-19 outbreak, an Ambulance has been sent to the Nagpur District Health Officer for use at the CSR Operation of MECL, the Public Health Center, Dhanla, Taluk-Mauda District, MECL.

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