विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं हो सकती है 15 मई के बाद ,वार्षिक पैटर्न पर भी विचार किया  जा रहा है

कोरोना के बढ़ते प्रादुर्भाव के कारन लॉक डाउन जारी है। यदि लॉक डाउन 15 अप्रेल से ख़त्म भी होता है तो इतनी जल्दी परीक्षाओं का इंतज़ाम करना मुश्किल होगा। कल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों की बैठक ली। इसमें परीक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। चर्चा में सहमति 15  मई  या उसके बाद की बन  रही है।

वर्तमान में विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के लिए प्लान ए ,बी ,सी बनाये जा रहे हैं। आर टी एम् नागपुर के उपकुलपति ने इतनी जल्दी परीक्षाएं लेने में असमर्थता दर्शायी।

वार्षिक पैटर्न पर भी विचार किया  जा रहा है-

लॉक डाउन का असर नए शिक्षण सत्र पर भी पड़ेगा यह भी हो सकता है। यह स्तिथि है की सेमेस्टर की परीक्षाएं अलग तौर पर करवानी पड़ें। कम समय होने से सेमेस्टर की परीक्षाएं एक साल में 2  सेमेस्टर के हिसाब से लेना मुश्किल है।

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि 14 अप्रैल के बाद लाॅकडाउन खत्म हाेगा या आगे बढ़ेगा।ट्रेन में यात्रियों को मास्क और सैनिटाइजर पाउच देने का भी सुझाव है।

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि 14 अप्रैल के बाद लाॅकडाउन खत्म हाेगा या आगे बढ़ेगा।सरकार की तैयारी है कि यह जब भी खत्म हाे, तब लोगों को राहत देने के साथ-साथ संक्रमण के खतरे से भी बचाया जाए। एक ड्राफ्ट प्लान में राज्यों को चार हिस्सों में बांटकर लाॅकडाउन खाेलने का प्रस्ताव है। इसके अनुसार, जिस जिले में कोई मरीज नहीं होगा, वहां लोगों को कुछ शर्तों के साथ जिले के अंदर आवाजाही की इजाजत होगी। कुछ जिलों में रेल और बस के साथ-साथ विमान सेवा भी शुरू हो सकती हैं। रेल सर्विस शुरू होती है तो ट्रेन की मिडिल बर्थ बुक नहीं होगी। ज्यादातर जिलों में स्कूल-कॉलेज, पार्क, सिनेमाघर, व्यावसायिक और निजी प्रतिष्ठान बंद ही रहेंगे। ट्रेनें उन जिलों में नहीं रुकेंगी, जहां एक भी कोरोना संक्रमित मरीज हाेगा।

इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने सभी मंत्रियाें काे काेराेनावायरस का आर्थिक असर कम से कम करने के लिए युद्ध स्तर पर याेजनाएं बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्हाेंने कहा कि यह संकट हमारे लिए ‘मेक इन इंडिया’ काे बढ़ावा देने और दूसरे देशाें पर निर्भरता घटाने का अवसर लाया है। उन्होंने वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये कैबिनेट की बैठक ली।

अदालत, कुरियर सर्विस, रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्कैनिंग जरूरी हाेगी। ट्रेन में मिडिल बर्थ बुक नहीं होगी। प्लेटफाॅर्म टिकट महंगा करने का सुझाव है।टीटीई इन्फ्रारेड थर्मामीटर से जांच करेगा। ट्रेन में यात्रियों को मास्क और सैनिटाइजर पाउच देने का भी सुझाव है।एयरपोर्ट पर बुजुर्ग, गर्भवती और बच्चों के लिए बोर्डिंग पास के लिए अलग लाइन होगी। विमान के समय से तीन घंटे पहले यात्री को एयरपोर्ट में जाने की इजाजत नहीं होगी।

स्टेज के हिसाब से ऐसे खत्म किया जाएगा लाॅकडाउन 

स्टेज-4: जरूरी सुविधाएं चलेंगी, 65 से ऊपर के लाेग घर से नहीं निकलेंगे

दूसरे राज्य में नहीं जा सकेंगे। ट्रेन में अनारक्षित टिकट नहीं मिलेगा। बस-ट्रेन में क्षमता से एक तिहाई कम टिकट बुक होंगे। जिस जिले में केस नहीं होगा, वहां इंडस्ट्री शुरू होगी। लेकिन, श्रमिक उसी जिले के होंगे। जिन शहरों में केस होंगे, वहां परिवहन बंद रहेगा। सभी धर्मस्थल, शिक्षण संस्थान आदि बंद ही रहेंगे।

स्टेज-3: घरेलू विमानाें से यात्रा होगी, लेकिन संक्रमित जिले में नहीं 

दूसरे राज्याें में नहीं जा सकेंगे। घरेलू विमान चलेंगे। जिस जिले में मरीज होगा, वहां आवाजाही बंद रहेगी। बाकी जिलों में आ-जा सकेंगे। जिन जिलों में कोई मरीज नहीं होगा, वहां गैर जरूरी सामान भी आ-जा सकेगा। स्टेज-4 और स्टेज-3 में करीब-करीब एक समान पाबंदियां होंगी।

स्टेज-2: स्कूल-काॅलेज बंद ही रहेंगे, शाॅपिंग माॅल-सिनेमाघर खुलेंगे

दूसरे राज्य में रेल और सड़क मार्ग से आ-जा सकेंगे। लेकिन, यह देखा जाएगा कि बीच में स्टेज-3 और स्टेज-4 का शहर न आए। विमान से निचली स्टेज के शहराें में जा सकेंगे। सिर्फ वहीं जा सकेंगे, जहां 28 दिन से एक भी केस नहीं आया हो। इंडस्ट्री में राज्य के किसी भी हिस्से से मजदूर काम कर सकेंगे।

स्टेज-1स्कूल-काॅलेज शुरू होंगे, पर कमरे में 50 से ज्यादा स्टूडेंट नहीं होंगे

रेल या सड़क मार्ग से एक से दूसरे राज्य में जाने की इजाजत होगी। स्टेज-3 और स्टेज-4 शहराें में नहीं जा सकेंगे। उन जिलों में ट्रेन नहीं रुकेगी, जहां मरीज होगा। जिन जिलों में 28 दिन में मरीज नहीं आया होगा, वहां आने-जाने की इजाजत होगी। धार्मिक स्थल खुल सकेंगे।

 

नागपुर :20 वर्षीय गर्भवती कोरोना संदिग्ध की मौत । मेडिकल के वार्ड नंबर 25 में भर्ती थी । 

नागपुर :20 वर्षीय गर्भवती कोरोना संदिग्ध की मौत । मेडिकल के वार्ड नंबर 25 में भर्ती थी । चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही की रहने वाली थी । कोरोना रिपोर्ट का इंतजार है ।

 

महा मेट्रोच्या कामगाराकरिता आयसोलेशन चेंबरची निर्मिती,कामगारांची नियमित आरोग्य तपासणी,काउंसेलिंग सेशन सुरु

नागपूर : कोरोना वायरसचा (कोविड-१९) प्रादुर्भाव रोखण्याकरिता महा मेट्रोद्वारे सुरुवातीपासूनच खबरदारी घेतल्या जात आहे. यांच अनुषंगाने महा मेट्रोद्वारे कामगार कॉलनी मध्ये औषध फवारणी तसेच कामगारांची नियमितपने आरोग्य तपासणी केल्या जात आहे. वायरस प्रादुर्भाव रोखण्याकरिता आवश्यक सर्व खबरदारी महा मेट्रोद्वारे घेण्यात येत आहे.
महा मेट्रो द्वारे शहरातील विविध भागामधील ४० कामगार कॉलोनी मध्ये ३००० कामगारांकरिता या प्रकारचे नियोजन करण्यात आले आहे. औषध फवारणी आणि नियमित आरोग्य तपासणी व्यतिरिक्त कोविड-१९ व कुठल्याही आजाराची खबरदारी म्हणून तपासणी केल्या जात आहे. मेट्रो निर्माण कार्यात कार्यरत झारखंड राज्यातील कामगार श्री. कुलदीप सिंह ने कामगार कॉलोनी मध्ये उपलब्ध असलेल्या सोई सुविधा पासून प्रसन्नता व्यक्त केली.
८ डॉक्टर आणि ११ नर्स विविध कामगार कॉलोनीमधील कामगाराची काळजी घेत असून कुठल्याही आपत्कालीन परिस्थितीकरिता रुग्णवाहिका याठिकाणी उपलब्ध करण्यात आली आहे. २० सुरक्षा रक्षाकाची चमू आपत्कालीन परिस्थिती करिता सदैव कार्यरत आहे.
मुख्य म्हणजे या सर्व कामगार कॉलोनीमध्ये आयसोलेशन चेंबरची निर्मित करण्यात आली आहे. या ठिकाणी कार्यरत श्री. मोहम्मद सबीर या कामगारने सांगितले कि, कॉलोनी मध्ये नियमितपणे साफसफाई करण्यात येते असून कामगांराचे थर्मल स्कॅनरद्वारे तपासणी केल्या जाते.
उत्तर प्रदेश राज्यातील श्री. समशेर सिंह या कामगाराने सांगितले कि, कोविड-१९ मुळे उदभवलेल्या समस्येमुळे सोशल डीस्टसिंग पाळत असल्याचे सांगितले. कामगारांनमध्ये जागरुकता आणन्याकरिता प्रशिक्षण सत्र आणि पोस्टरच्या माध्यमाने जागरुकता अभियान राबविल्या जात आहे. आतापर्यत सुमारे १३० जागरूकता अभियान राबविले असल्याचे त्यांनी सांगितले.
या सर्व कामगारांना सुरक्षा उपकरण ज्यामध्ये मास्क, हातमोजे इत्यादीचे वाटप करण्यात आले आहे. या व्यतिरिक्त १२ थर्मल स्कॅनर (इंफ्रारेड थर्मामीटर) शरीराचे तापमान मोजण्याकरिता उपलब्ध आहे.वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारी नियमितपणे या कॉलोनीची पाहणी करून आवश्यक काळजी घेत आहे. महा मेट्रोद्वारे कोविड-१९ च्या बचावापासून कामागांराकरिता आवश्यक सर्व उपाय योजना करण्यात येत असून कामगार कॉलोनीची आवश्यक काळजी घेण्यात येत आहे.

आज हुई कैबिनेट की बैठक में वर्तमान स्थिति को देखते हुए लिए गए अहम फैसले

नागपुर:आज हुई कैबिनेट की बैठक में वर्तमान स्थिति को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है –

1.अप्रैल से जून 2020 की अवधि के लिए केसरी राशन कार्ड धारकों के लिए रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध करवाने के संशोधन में।

2.कोरोनावायरस के संबंध में दिए गए दान या वित्तीय सहयोग लिए महाराष्ट्र ट्रस्ट अधिनियिम के तहत संशोधन लाया जा सकता है।

3.शिवभोज योजना का, तालुका स्तर पर विस्तार करने और अगले तीन महीनों के लिए 5 रुपए प्रति थाली की दर से भोज देने का निर्णय

4.कोरोनावायरस महामारी के उपचार सम्बन्धी विचार विमर्श और जानकारी

Nagpur: No new positive case has reported with data disclosure of Nagpur DIO in the last 24 hours

Nagpur: No new positive case has reported with data disclosure of Nagpur DIO in the last 24 hours, the total number of cases reported in Nagpur is still 17 with four recovered discharged patients.
On the other news, the newly-launched AIMMS Nagpur laboratory checked sixty-two swab samples on Sunday for coronavirus, all negative.
Between 1 and 3 April, NMC tracked and quarantined 197 individuals according to the Ministry of Housing Directives.
Mayo released 33 reports on April 3, and all were negative. Mayo released a survey. On 4 April, AIIMS Nagpur tested 45 samples and one of the positive checks, a takia Deewanshah, Mominpura capsule. Positive testing.
AIIMS Nagpur is scheduled to publish remaining reports on Monday

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद,रेल सेवाओं के लिए हरी झंडी का इंतजार

सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि सभी रेलवे सुरक्षाकर्मियों, स्टाफ, गार्ड, टीटीई और अन्य अधिकारियों से कहा गया है कि वे 15 अप्रैल से अपनी ड्यूटी ज्वॉइन करने के लिए तैयार हो जाएं।हालांकि रेलवे, ट्रेनों का परिचालन सरकार से हरी झंडी के बाद ही शुरू करेगी, जिन्होंने इस मुद्दे पर मंत्रियों के समूह का गठन किया है।

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद रेलवे 15 अप्रैल से सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रहा है, हालांकि रेलवे की ओर से इसपर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।

 

The Ministry Of Power tweeted that the call was given by PM Modi is to just switch off only light in the residence

After the announcement of PM Modi’s 9 minutes of darkness to light Initiative, some people were in confusion as switch off mode is applicable for appliances like TVs, fans, AC’s, etc. Apart from these, some people were also concerned about Grid Load Balancing as if all the people will switch off the lights and other appliances there will be a huge load to the grid and it can create problems due to imbalance in load.
But to resolve all the queries related to this initiative. The Ministry of power tweeted to clarify the confusion related to the appeal.
The tweet stated, “People are requested not to worry about other appliances as they can run other appliances”.They clarified that the call of darkness to light is the Initiative to just switch off the lights, bulbs, tube lights of the residents. There is no mention of other appliances.
Apart from these the lights of local and essential bodies will remain on. Bodies like hospitals, police stations, municipal offices, manufacturing utilities, etc. Street Lights will remain on to maintain law and order situation. To sum up they cleared all the doubts which were in the mind of some people. 
Let’s be responsible citizens. Turn off only lights on April 5 between 9 pm and 9.09 pm and light candles to show solidarity against coronavirus. Let us light the lamps, or candles from our home balconies and not coming out on the street & maintain the social distancing protocol.

नागपुर बना देश का पहला शहर जहां किया जायेगा हाई रिस्क पॉपुलेशन सर्वे ,लगभग 25-30 लाख लोगों का होगा सर्वे

नागपुर में कोरोना लेकर हाई रिस्क पापुलेशन सर्वेक्षण किया शुरू।सर्वेक्षण के लिए 500 टीमें ,25/30 लाख लोगो में करेंगी सर्वेक्षण। नागपुर बना देश का पहला शहर है जहां पर इस तरह का पहला सर्वे किया जा रहा है।हाई रिस्क पॉपुलेशन सर्वे, इस सर्वे में नागपुर के रहने वाले सभी व्यक्तियों का डाटा एकत्र किया जा रहा है। 

लोगों की उम्र ,लोगों की बीमारी का भी डाटा एकत्र किया जा रहा है  ताकि आपदा के समय हाई रिस्क वाले व्यक्ति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा .

इस तरह से नागपुर प्रशाशन एक अच्छी तकनीक और सूझबूझ के साथ आगे बढ़ाना चाह रहा है जिससे शहर में कोरोना संक्रमण के मामले थम जाएँ।और प्रशाशन के पास लगभग सभी शहरवासियों का स्वास्थ्य सम्बन्धी डाटा भी रहे जिससे भविष्य भी किसी तरह के स्वास्थ्य संकट में ,प्रशाशन उस डाटा की मदद से बड़ी बीमारियां या महामारियों से लड़ने में सक्षम रहे। 

इस सर्वेक्षण के लिए प्रशाशन ने तैयारी शुरू करदी है अब देखना यह है के यह प्लान कब तक फ्लोर पर आएगा .

नागपुर एनएमसी क्षेत्र से मरकज में शामिल हुए लोगों को पुलिस कर रही ट्रेस

नागपुर:ऐसा बताया जा रहा है दिल्ली स्तिथ मरकज में नागपुर से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से 189 लोग शामिल थे।बहुत से लोगों को क्वारंटाइन कर दिया गया है वहीं 19 लोग अभी भी ऐसे है जो प्रशाशन की रडार में नहीं आए हैं।

निजामुद्दीन में कोरोना वायरस के केंद्र बने मरकज से गए लोगों की तलाश में 15 से अधिक राज्यों की विशेष टीम लगी हुई है।खतरे की बात यह है के ये लोग पिछले कई दिनों से अलग अलग राज्यों और जिलों में इस तरह के आयोजन कर चुके हैं जिससे कोरोना वायरस फैलने का डर और बड़ गया है। इससे पहले भी महाराष्ट्र के अहमदनगर से लगभग 89  लोगों को पकड़ा गया था जो आयोजन में शामिल हुए थे। वहीं निगमायुक्त तुकाराम मुंडे ने लोगों से अपील भी की थी के जो भी इस तरह के आयोजन में शामिल हुआ है वो प्रशाशन से संपर्क करे। उन्हें तुरंत उपचार दिया जाएगा।

इसके अलावा नागपुर प्रशासन अभी 19 लोगों की तलाश में है। इन लोगों के फोन बंद आ रहे हैं।इनकी सूची जारी की गई है।
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