नागपुर की प्रसिद्ध दीक्षा भूमि में आज से प्रारंभ हुआ 30 बेड का कोविड केयर केंद्र

नागपुर की प्रसिद्ध देवभूमि में कोरोना पेशेंट्स के इलाज के लिए कोविड केयर सेंटर की स्थापना की गई है। आज से मरीजों के लिए कोविड केयर सेंटर शुरू होगया है।

इस कोविड केयर सेंटर का उदघाटन भंते सुरई ससाई ने किया था।नागपुर के जरूरतमंद एवम गरीब कोरोना पेशेंट्स के उपचार के लिए दीक्षाभूमि स्मारक समिति ने सराहनीय कदम आगे बढ़ाए है।

इसमें 15 बेड ऑक्सीजन के साथ तथा 15 साधारण बेड हैं।विशेष रूप से, हॉस्पिटल में ऑक्सीजन प्रणाली की तरह ऑक्सीजन बेड के लिए एक स्थायी केंद्रीय ऑक्सीजन प्रोसेस सिस्टम स्थापित किया गया  है।दीक्षाभूमि स्मारक समिति ने आज से दीक्षाभूमि क्षेत्र में यति निवास में 30 बेड का कोविड केयर सेंटर शुरू किया है।

पेटेंट्स के इलाज के लिए देखभाल केंद्र में 4 एमडी डॉक्टर और 3 नर्स 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।बताया जा रहा है समिति ने एक मई से इसके लिए तैयारी शुरू कर दी थी। कोविड केयर सेंटर पूरी तरह से निशुल्क है और मरीजों के इलाज का पूरा खर्च स्मारक समिति द्वारा वहन किया जाएगा।हालांकि, इसमें महंगी दवाएं शामिल नहीं होंगी।यहाँ हल्के लक्षणों वाले पेशंट्स का उपचार किया जाएगा और इसके साथ ही जिन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी के बाद ऑक्सीजन की आवश्यकता होगी, उन्हें भी यहाँ भर्ती किया जाएगा।

दीक्षाभूमि मेमोरियल कमेटी ने कहा है कि कोविड केयर सेंटर कोरोना की दूसरी लहर के बाद भी तीसरी लहर का सामना करने के लिए तैयार होगा।

नागपुर की गोल्डन गर्ल “अल्फिया” के नाम हुआ सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज का खिताब

नागपुर : हाल ही में पोलैंड में हुई वर्ल्ड जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली नागपुर के अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाज अल्फिया पठान को एक और जबरदस्त उपलब्धि प्राप्त हुई है।अल्फिया को प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज के रूप में चुना गया है। (बॉक्सर अल्फिया पठान को चैम्पियनशिप में सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज के रूप में चुना गया)

दरअसल इंटरनेशनल एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन (आईबीए) ने टूर्नामेंट के 50 मुक्केबाजों में से सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज के रूप में चयन करने के लिए अपनी वेबसाइट के माध्यम से दुनिया भर के मुक्केबाजी प्रशंसकों से अपील की थी। इसके लिए विभिन्न मैचों के वीडियो लिंक भी पोस्ट किए गए थे।और नागपुर की ‘गोल्डन गर्ल’ अल्फिया को प्रशंसकों से सबसे ज्यादा लाइक और वोट मिले।

वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि नागपुर एवम महाराष्ट्र सहित पूरे देश के लिए यह गर्व की बात है, 18 वर्षीय अल्फिया को स्वर्ण पदक के बाद टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज के रूप में रखा गया। 

इसके साथ ही राज्य मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष जे केवली, उपाध्यक्ष सज्जाद हुसैन, सचिव राकेश तिवारी, नागपुर जिला संघ के अध्यक्ष मेयर दयाशंकर तिवारी, सचिव पोरस कोतवाल, सचिव अरुण बुटे, अल्फिया के स्थानीय कोच पुरोहित ने अल्फिया तथा साई के अंतरराष्ट्रीय कोच भास्कर भट को बधाई दी।

नागपुर के सिविल लाइंस इलाके में सरकारी इमारत में लगी भीषण आग

नागपुर: राज्य में आग लगने की घटनाओं की संख्या पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही है। कोरोना की भयानक महामारी और इस तरह की आग की घटना ने इस महीने को अनहोनी का समय बना दिया है। आज सुबह नागपुर में भी कुछ ऐसा ही हुआ है।

नागपुर के सिविल लाइंस इलाके में एक सरकारी इमारत में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग सुबह करीब 9 बजे लगी। इस सरकारी भवन में कई बड़े कार्यालय हैं।

सुबह अचानक आग लग गई और इमारत में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।नागरिकों ने समझदारी बरतते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड से संपर्क किया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड 3 गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। आग बुझाने के प्रयास अभी भी जारी हैं।

संतोषजनक बात यह है की भीषण आग में कोई भी नहीं मारा गया था। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक सरकारी भवन में सामग्री और दस्तावेज क्षतिग्रस्त हो गए।

नागपुर जिला परिषद अध्यक्ष का आदेश फैबीफ्लू मेडिसिन की तुरंत खरीद हो

नागपुर: दरअसल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फैबिफ्लू दवा की कमी के चलते जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि बर्वे ने स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिया है कि कोरोना संक्रमितों के लिए आवश्यक फैबिफ्लू दवा की तुरंत खरीद की जाए और जरूरतमंद मरीजों को मुहैया करवाई जाए।

रश्मि बर्वे की अध्यक्षता में स्वास्थ्य समिति की आज ऑनलाइन बैठक हुई।बैठक में सदस्यों के साथ स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दीपक सेलोकर, अति जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ अनंत शामिल थे।

ज्यादातर लोग इलाज के लिए ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले फर्जी डॉक्टरों के पास जाते हैं।क्योंकि डॉक्टर अच्छी तरह प्रशिक्षित नहीं है और ठीक से उपचार नहीं कर पाता है।असामयिक निदान तथा उपचार की कमी के कारण मरीज पीड़ित हैं। उन्होंने फर्जी डॉक्टरों को खोजने एवम उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी निर्देशित किया है।

साथ ही यह भी कहा के स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले डॉक्टर तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ता अच्छा काम कर रहे हैं और उन्हें आवश्यक सैनिटाइज़र, मास्क और पीपीई किट के साथ-साथ आवश्यक सामग्री प्रदान करना ज़रूरी हैं।

नागपुर को ग्रीन सिटी बनाने के लिए शहर के युवा रोहित देशपांडे ने की सराहनीय पहल

“नागपुर सिटी को ग्रीन और ब्यूटीफुल सिटी बनाना का मेरा सपना है” मैंने पहले इस बात को लेकर एनएमसी और संबंधित अधिकारियों को रोड के किनारे पेड़ लगाने चाहिए,लेकिन फिर सोंचा इसके लिए सिर्फ एनएमसी और ऑथरिटीज़ पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। और नागपुर को ग्रीन सिटी बनाने का सपना सिर्फ ‘ड्रीम’ ही रह जाएगा। – ऐसा कहना है शहर के युवा रोहित देशपांडे का।

दरअसल शहर के युवा रोहित देशपांडे और उनके पिता बाबा देशपांडे खुद सड़क किनारे पेड़ लगाते हैं। ये लोग ऐसा कैसे करते हैं आइए जानते हैं –

सबसे पहले हम एक स्पॉट का चयन करते हैं, फिर हम नर्सरी में जाते हैं, और पौधे खरीदते हैं या कई बार कुछ प्रकृति और पौधे प्रेमी लोग हमें पेड़ पौधे प्रायोजित कर देते हैं, फिर हम जरूरी साधन लेकर सड़क किनारे जा कर खुदाई कर के वहां पौधारोपण करते हैं कई बार हम लोगों को प्रेरित कर के उनके साथ मिल कर ये कार्य करते हैं अभी तक हम लगभग 1000 पौधे लगा चुके हैं। हम चाहते हैं के सभी शहरवासी इस अच्छे सामाजिक कार्य के लिए आगे आएं।

हम सभी को प्रेरित करना चाहते हैं की सभी लोग कम से कम एक पौधा लगाएं और प्रकृति के प्रति अपना उत्तरदायित्व निभाएं.

सतत बदलताहेत परीक्षांच्या तारखा: कोरोना संक्रमण आणि लॉकडाउनचा प्रभाव

नागपूर: कोरोना संक्रमणवाढीने सतत लॉकडाउन कड़क केले जात आहे, जेणेकरून संक्रमणाची साखळी तुटावी. लॉकडाउन आणखी कठोर केले जात आहे. यांचा परिणाम  शिक्षणावर दिसून येतो आहे. एका बाजूला जेथे शाळांच्या परीक्षा रद्द केल्या जात आहे आणि परीक्षा ऑनलाइन घेत आहेत. अशा परिस्थितीत, स्पर्धात्मक परीक्षांच्या तारखेमध्ये मोठ्या प्रमाणात बदल होताहेत. जेईई-मेन, एल-एसएटी किंवा इतर स्पर्धात्मक परीक्षा. सर्व परीक्षेत तारखेमध्ये बदल होत आहेत. शहरात या वेळी अनेक परीक्षांसाठी परीक्षा केंद्र तयार करण्याची तयारी होती. परंतु या कालावधीत ट्यूशन शाळा, महाविद्यालय सर्व बंद आहेत. स्पर्धात्मक परीक्षा करणे देखील शक्य नाही. विद्यार्थ्यांना अशा नुकसानीस तोंड द्यावे लागत आहेत.

एल-सेट आता 29 मे रोजी : लॉ स्कूल प्रवेश परिषदेने जूनमध्ये लॉ स्कूल प्रवेश चाचणी (एल-सॅट) ची तारीख बदलली आहे. आता ही परीक्षा 29 मे पासून वेगवेगळ्या स्लॉटमध्ये होणार आहे. त्याआधी, 14 जूनपासून परीक्षा आयोजित केली जाणार होती. याबाबत, परिषदेने अधिसूचना जारी केली आहे की सीबीएसईच्या 12 वी बोर्डाच्या तारखां टाळण्यासाठी कौन्सिलने परीक्षा प्री पोन करण्याचा निर्णय घेतला आहे.

जेईई-मेन स्थगित : यापूर्वी,  27 एप्रिल, 28 आणि 30 एप्रिलमध्ये होणारी जेईई-मेन स्थगित करण्यात आली आहे. एनटीएने म्हटले आहे की नवीन तारीख दिल्यास विद्यार्थ्यांना 15 दिवस तयारीचे दिले जातील. या परीक्षेत, शहरातले 8 ते 10 हजार परीक्षार्थी सामील होणार होती. फेब्रुवारी आणि मार्चची परीक्षा पूर्ण झाली आहे. अद्याप दोन चरण परीक्षा बाकी आहेत. परीक्षा 24 ते 28 मे 2021 दरम्यान आहे. कदाचित त्या रद्द केल्या जाऊ शकतात.

विद्यार्थ्यांना सतत नुकसान: विद्यार्थ्यांच्या उच्च शिक्षणानंतर व्यावसायिक अभ्यासक्रम करणा-याना कोरोनामुळे सर्वात जास्त त्रास सहन करावा लागतो आहे. शालेय नंतर, इतर वर्ष इतर अभ्यासक्रमासाठी शेड्यूलवर परीक्षा न घेता विद्यार्थ्यांचे संपूर्ण वर्ष वाया गेले आहे. जॉब किंवा पदवीसाठी अभ्यासक्रम करणार्या विद्यार्थ्यांना या सुविधा मिळू शकणार नाहीत. 

आयईएस-आयएसएससाठी शेवटचा दिवस: युनियन पब्लिक सर्व्हिस कमिशन (युपीएससी) 2021 आणि भारतीय सांख्यिकी सेवा (आयएसएस) चाचणी 2021 एप्रिल 27 साठी अर्ज करण्याची आज अंतिम तारीख आहे. जाहिरातीसाठी पात्र उमेदवार वेबसाइट  http://upsconline.nic.in वरून ऑनलाइन अर्ज करू शकतात. या भर्तीची परीक्षा 16 जुलैपासून आयोजित केली जाईल. या परीक्षेत सामील होण्यासाठी, उमेदवाराबद्दल पीजी असणे आवश्यक आहे. त्यासाठी अर्जदाराचे वय 21 ते 30 वर्षे असावे.

एनडीए-एनए 2020 ची अन्सर की: यूपीएससीने एनडीए -2020 परीक्षा आंसर-की जारी केली आहे. उमेदवार Upsc.gov.in वरून उत्तरे डाउनलोड करू शकतात. गणित आणि सामान्य योग्यता चाचणीसाठी दोन्ही कागदपत्रांना आंसर-की जारी करण्यात आली आहे, उमेदवार पीडीएफ स्वरूपात डाउनलोड करू शकतात. यूपीएससीने 6 सप्टेंबर रोजी एनडीए-एनए 2020 परीक्षा आयोजित केली. परीक्षांचे निकाल 6 मार्च 2021 रोजी प्रसारीत केले गेले.

शहर के प्रमुख ट्रांसपोर्टर प्यारे खान की अनूठी पहल 85 लाख रुपए खर्च कर हॉस्पिटल्स में ऑक्सीजन सप्लाई करेंगे

नागपुर से महाराष्ट्र में और नागपुर के आसपास के सरकारी अस्पतालों में 400 मीट्रिक टन मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए महाराष्ट्र के एक अरबपति प्यारे खान ने 85 लाख रुपये खर्च किए हैं, जब पूरा देश ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है और कोविड केसेस में उछाल आया है। 

वही शहर के एक प्रमुख ट्रांसपोर्टर प्यारे खान ने कई कोविड पेशेंट्स के जीवन को बचाते हुए, नागपुर तथा उसके आसपास के हॉस्पिटल्स में ऑक्सीजन प्रदान करने का निश्चय किया हैं।उन्होंने अब तक 32 टन ऑक्सीजन प्रदान की है।

प्रशासन ने उन्हें ऑक्सीजन परिवहन के लिए भुगतान करने का वादा किया है, लेकिन प्यारे खान ने यह कहते हुए इनकार कर दिया है कि रमजान के पवित्र महीने के दौरान खर्च उनके कर्तव्य-आधारित ‘जकात’ में शामिल है।वे कहते हैं कि इस संकट के समय में ऑक्सीजन पर खर्च मानवता के लिए उनकी सेवा है।

प्यारे खान की पहल में 116 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर शामिल हैं, जिसका उद्देश्य वह एम्स, सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) और इंदिरा गांधी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (आईजीएमसीएच) को नागपुर में दान करना है।

प्यारे खान ने बेंगलुरु के दो क्रायोजेनिक गैस टैंकरों को किराए पर लेने के लिए तीन गुना अधिक भुगतान किया। नागपुर में बढ़ती मृत्यु दर के बीच ऑक्सीजन की मांग बढ़ने के कारण, प्यारे खान ने टैंकरों के लिए बाजार मूल्य से 14 लाख रुपये अधिक का भुगतान किया।

वैक्सीनेशन टारगेट -100पर्सेंट वैक्सीनेशन करवाओ और जिलास्तरीय पुरस्कार पाओ

दरअसल टीकाकरण से जुड़ी बहुत सारी भ्रांतियां है जिसकी वजह से कुछ लोग वैक्सीन लगवाने के लिए राजी नहीं है। इसी के चलते जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि बर्वे ने पूरे ग्राम पंचायत से ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के बारे में फैली भ्रांतियों से छुटकारा पाने की अपील की है। 

18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का टीकाकरण 1 मई से शुरू होगा।उन्होंने घोषणा की कि 3 ग्राम पंचायतों को जिला स्तर पर पुरस्कार दिए जाएंगे जो सबसे पहले 100 प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।

यदि अधिक टीकाकरण किया जाता है, तो कोरोनावायरस संक्रमण को रोका जा सकता है।उन्होंने इसकी समीक्षा की।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास कोरोना संबंधित सामग्रियों कम हैं उन्हें तुरंत सामग्री प्रदान की जानी चाहिए, स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।   

जिला परिषद ने जिले में कोरोना को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सुविधाओं और उपकरणों के लिए सरकार को 57 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इस बैठक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डॉ कमल किशोर फुटाने, मनोहर कुंभारे, दुद्धाराम सावलखेले, समीर उमप, कैलास बरबटे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ दीपक सेलोकर भी मौजूद रहे।                

इस हफ्ते का कोविड विश्लेषण -कोरोना के बढ़ते मामले, किंतु बेहतर हुआ रिकवरी रेट

नागपुर: कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले, पिछले चार दिनों में लगातार 16,000 प्रति दिन, और इनमें एक बार सबसे अधिक विदर्भ में शनिवार को 17,019 से अधिक हो गए थे। दूसरी ओर, पेशेंट्स की रिकवरी भी बढ़कर 14,366 हो गई, जो अब तक की सबसे अधिक है ।

प्रति दिन की मृत्यु घटकर 252 रह गई, जो पिछले चार दिनों में सबसे कम थी। कुल मामलों की संख्या अब 7.66 लाख तक पहुंच गई है, जबकि पॉजिटिव पेशेंट्स की संख्या 6 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। 

किंतु विदर्भ के ग्रामीण क्षेत्रों से मौत का सिलसिला जारी रहा। नागपुर शहर से 39 तथा नागपुर ग्रामीण से 35, वर्धा में सबसे अधिक – 38 मौतों की सूचना मिली, जबकि भंडारा में 23. गोंदिया एवम चंद्रपुर में 21-21 मौतों की सूचना मिली।चंद्रपुर के हालात थोड़े बेहतर शहर में एक भी मौत नहीं हुई। जिले के ग्रामीण इलाकों से सभी 21 मौतें हुई थीं।यवतमाल (20), गढ़चिरौली (16) और अमरावती (14) में भी शहरों से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों मृत्यु हुईं। यह ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के गंभीर प्रसार को इंगित करता है।

एक अन्य बेहतर बात पिछले 24 घंटों में किए गए परीक्षणों की संख्या कुल मिलाकर, 11 जिलों में 67,457 परीक्षण किए गए। नागपुर में उच्चतम (25,300 परीक्षण) आयोजित करने के साथ, यवतमाल और बुलढाना ने 6,000 से अधिक परीक्षण किए।

जैसे-जैसे कोविड पेशेंट्स की रोजाना बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन पॉजिटिव बात यह भी है की रिकवरी दर में भी लगातार सुधार हो रहा है। शनिवार को यह 79.1% पर पहुंच गया।

अंतरराज्यीय एवम अंतर-जिला यात्रा के लिए ई पास बिना आवागमन की अनुमति नहीं

नागपुर: कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण लगाने की दृष्टि से महाराष्ट्र पुलिस ने शुक्रवार को ‘चरम आपातकाल’ अंतर-जिला तथा अंतरराज्यीय यात्रा के लिए ई-पास प्रणाली को फिर से शुरू किया है।

पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे covid19.mhpolice.in में चरम आपात स्थिति में केवल ई-पास के लिए आवेदन करें ।

एक प्रेस से वार्ता में पुलिस ने सभी को सूचित किया है कि अंतर-जिला एवम अंतरराज्यीय यात्रा की अनुमति केवल तभी दी जाएगी जब किसी को एसेंशियल सर्विस के लिए या  चिकित्सा आपात स्थिति में या परिवार में किसी के अंतिम संस्कार या गंभीर बीमारी जैसी अपरिहार्य स्थिति में हो। इसलिए, पुलिस ने ‘चरम आपातकालीन’ स्थितियों के लिए ई-पास प्रणाली को फिर से शुरू किया और https://covid19.mhpolice.in/ ई-पास के लिए आवेदन किया जा सकता है और आवश्यक डॉक्यूमेंट प्रस्तुत कर सकते हैं और उनकी यात्रा के कारण का उल्लेख कर सकते हैं।

पुलिस ने बताया कि जिन लोगों के पास ऑनलाइन सिस्टम की सुविधा नहीं है, वे नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर ई-पास दाखिल करने के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

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