बड़ी खबर- राज्य की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने किया ट्वीट,महाराष्ट्र एसएससी स्थगित हुई

कक्षा 10 के छात्रों के लिए महाराष्ट्र एसएससी परीक्षा 2021 रद्द कर दी गई है। महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री एलवीरशा गायकवाड़ ने आज खबर की पुष्टि की। राज्य में महामारी की बिगड़ती स्थिति के बीच राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया। महाराष्ट्र एचएससी बोर्ड परीक्षा 2021, हालांकि, स्थगित कर दी गई है और समय के साथ नई तारीखों की घोषणा की जाएगी।

राज्य की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ का ट्वीट –

छात्रों के स्वास्थ्य तथा सुरक्षा पर बात करते हुए वर्षा गायकवाड़ ने लिखा “# कोविड -19 महामारी की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए, महाराष्ट्र सरकार ने अब कक्षा 10 वीं के लिए राज्य बोर्ड परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है। छात्रों और शिक्षकों की स्वास्थ्य और सुरक्षा। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ” 

शहर के कोविड पेशेंट्स के लिए अब वर्धा में 1000 बेड वाला हॉस्पिटल सेटअप किया जाएगा

नागपुर: नागपुर के पालक मंत्री डॉ नितीन राऊत ने बताया कि नागपुर के पेशेंट्स के लिए वर्धा में लॉयल स्टील प्लांट में 1,000 बेड का जंबो कोरोना हॉस्पिटल सेटअप किया जाएगा। नितिन राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया।

नागपुर में, रविवार को कोरोना पेशेंट्स के लिए ऑक्सीजन की कमी थी।दो ट्रकों की दैनिक आपूर्ति थी।लेकिन रविवार को सिर्फ एक ट्रक पहुंचा। इससे एक कमी पैदा हो गई।उन्होंने इसका विकल्प खोजने के लिए जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श किया है।इससे वर्धा में लॉयड की इस्पात परियोजना का विकल्प तैयार हुआ। वर्तमान में 260 टन ऑक्सीजन उपलब्ध हैं।इसका इस्तेमाल करने के लिए परियोजना क्षेत्र में एक जंबो हॉस्पिटल सेटअप करने का निर्णय लिया गया। 

यह 1000 बेड का हॉस्पिटल होगा।नागपुर में जिस भी पेशेंट को ऑक्सीजन की जरूरत होगी उस पेशेंट को वर्धा के हॉस्पिटल में ले जाया जाएगा।संभागीय आयुक्त डाॅ संजय कुमार को परियोजना स्थल पर भेजा गया है।राउत ने कहा कि जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।

सरकारी हॉस्पिटल्स में बेड्स की संख्या बढ़ाई गई है। इसे और भी से बढ़ाया जाएगा। किसी भी हाल में, शहर के नागरिकों का इलाज किया जाएगा। मेयो तथा मेडिकल में उपलब्ध बेड का पर्यवेक्षण किया जायेगा। क्योंकि मेयो हॉस्पिटल में बड़ी संख्या में राज्य के पेशेंट्स आ रहे हैं। राउत ने कहा कि दोनों हॉस्पिटल्स के अधीक्षक इस पर काम कर रहे हैं। ऑक्सीजन के स्टॉक को बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक एवम जरूरी योजनाएं भी बनाई जा रही हैं। भिलाई से एक ट्रक आएगा तथा जिले के खापरखेड़ा और कोराडी पावर स्टेशनों से भी ऑक्सीजन मिलेगी।

इसी तरह, सीएसआर फंड के साथ रूसी टेक्नोलॉजी पर आधारित 100 बेड का ऑक्सीजन अवेलेबल हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। इसी तरह, तालुका में दो से तीन दिनों में एक ऑक्सीजन परियोजना स्थापित की जाएगी। दो सप्ताह में 100 वेंटिलेटर आ जाएंगे। मनकापुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक जंबो हॉस्पिटल स्थापित किया जा रहा है। 

दावा है की जिले में कुल 8 हजार 128 बेड उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में, 31 अस्पतालों में 203 साधारण बेड, 1247 ऑक्सीजन सुविधाएं तथा 88 वेंटिलेटर हैं। कोविद केयर सेंटर में 513 बेड हैं। संरक्षक मंत्री नितिन राउत ने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 1792 बिस्तर और शहर के निजी अस्पतालों में 4014 बिस्तर हैं। मेयो, मेडिकल, एम्स में कुल 1800 बेड हैं। पेशेंट्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर के 23 होटलों में कोविद केयर सेंटर की अनुमति दी गई है।

राउत ने बताया कि यह स्टॉक कम से कम 100 मरीजों के लिए पर्याप्त होगा। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के लिए 250 और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 500 ऑक्सीजन सिलेंडर दो हफ्ते में उपलब्ध होंगे। आज शहर को 3000 रेमेडिसीविर इंजेक्शन प्राप्त हुए हैं।राउत ने कहा कि इंजेक्शन सिर्फ उन्ही पेशेंट्स को उपलब्ध होना चाहिए जिन्हें बहुत ज्यादा जरूरत हो। किंतु यदि कोई इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए पाया जाएगा तो पुलिस को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी ।

नागपूर पोलीस ‘ऍक्शन मोड’ मध्ये

राज्यात बुधवारी रात्री आठ वाजल्यापासून संचारबंदी लागू करण्यात आली.मात्र तरीदेखील नागरिक रस्त्यांवर विनाकारण फिरत असल्याचं अनेक ठिकाणी पाहायला मिळत आहे.

नागपुरात संचारबंदीच्या काळात विनाकारण रस्त्यावर फिरणाऱ्यांवर कारवाई करण्यासाठी पोलीस ‘ऍक्शन मोड’ मध्ये असल्याचं पाहायला मिळत आहे. रस्त्यांवर विनाकारण फिरणाऱ्या बेजबाबदार नागरिकांची रस्त्यावरच रॅपिड अँटिजन चाचणी सुरू करण्यात आली आहे. सुरुवातीच्या तीन नागरिकांपैकी दोन नागरिक कोरोना पॉझिटिव्ह असल्याचं आढळून आलं आहे. त्यामुळे या पॉझिटिव्ह आलेल्या लोकांची इन्स्टिट्यूशनल विलगीकरण केंद्रात रवानगी करण्यात आली आहे.

हाईकोर्ट का लेबोरेटरीज को आदेश , RTPCR रिपोर्ट पेशेंट्स को वाट्स एप पर उपलब्ध कराएं

नागपुर: कोविड -19 पेशेंट की बढ़ती संख्या के बावजूद बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने एक बड़ी राहत देते हुए, गुरुवार को पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं को सख्त आदेश दिया है कि वे RTPCR टेस्ट की रिपोर्ट व्हाट्सएप पर भेजने के लिए व्यवस्था करें तथा साथ ही एक हार्ड कॉपी भी सौंपें।

वर्तमान में, विशेष रूप से सरकार द्वारा संचालित फैसिलिटीज पर टेस्ट देने वालों को अगले दिन अपने RTPCR रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए व्यक्तिगत रूप से वहां जाने की जरूरत है,इसमें उन्हें स्वयं को और अन्य लोगों को संक्रमणों को बहुत बड़ा खतरा है। 

डॉ मुकेश चांडक काउंसिल राहिल मिर्ज़ा के माध्यम से एक आवेदन पर सुनवाई करते हुए, खंडपीठ जस्टिस जका हक तथा अमित बोरकर ने प्रयोगशालाओं को 24 घंटे के भीतर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) वेबसाइट पर कोविड पॉजिटिव पेशेंट्स के रिपोर्ट को अपलोड करने का निर्देश दिया।

“जिनका टेस्ट नेगेटिव है ऐसे पेशेंट्स की रिपोर्ट भी सात दिनों में ICMR पोर्टल पर अपलोड हो जानी चाहिए। यह व्यवस्था अगले आदेशों तक जारी रहेगी।”

डॉ चांडक के अनुसार,उपचार में देरी इसलिए होती है क्योंकि प्रयोगशालाओं को प्रोसेस करने में समय लगता है और इसके साथ ही आईसीएमआर वेबसाइट पर अपलोड भी करना होता है, लेकिन कई बार सर्वर प्रक्रिया को धीमा कर देता है।

हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से अनुरोध किया की वर्तमान में कोविड महामारी विकराल रूप ले चुकी है ,इस संकट से निपटने के लिए शहर में ऑक्सीजन-उत्पादक संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया था।सरकार ने सूचित किया है कि उसने मुख्य रूप से इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

वैक्सीन को लेकर आ सकता है केंद्र सरकार का बड़ा फैसला …अब घर घर जाकर वैक्सिनेशन हो सकता है।

आने वाले 3 महीने में बड़ी जनसंख्या को वैक्सीनेशन का लक्ष्य है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों की माने तो सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्दी एक बड़ी आबादी को टीकाकरण करने का है इसी के लिए सरकार ने कुछ अन्य वैक्सिनो को भी जल्दी ही मंजूरी देने का इरादा किया है।
फिलहाल लगभग 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।स्पुतनिक वी को परमिशन के साथ ही अब घर घर जा कर लोगों को वैक्सीन लगाने की तैयारी हो रही है।
कई फार्मा कंपनियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सामने यह प्रस्ताव दिया है के , प्राइवेट कंपनी को वैक्सीन के साथ ही सरकारी वैक्सीन को भी घर जाकर लगाने की पेशकश की है।हालांकि इस कार्य के लिए लिए इन कंपनियों ने प्रति व्यक्ति 25 रुपए से लेकर 37 रुपए तक लेने का प्रस्ताव रखा है।
 लेकिन अभी किसी भी कंपनी को परमिशन नहीं मिली है।यदि इसकी शुरुआत होगी तो स्वास्थ्य मंत्रालय सरकारी नेटवर्क का उपयोग करेगा।

मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी. यांची माहिती : निर्बंधाचे पालन करण्याचे आवाहन

कोव्हिड-१९ ची साखळी खंडित करण्यासाठी महाराष्ट्र शासनाने ५ एप्रिलच्या रात्री ८ वाजतापासून कडक निर्बंध लावले आहेत. या निर्बंधाची अंमलबजावणी नागपुरातही होणार असून मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी. यांनी यासंदर्भातील आदेश जारी केला आहे.

कोरोनाची साखळी खंडित करण्यासाठी ५ एप्रिलचे रात्री ८ वाजतापासून कडक निर्बंध लावण्यात आले आहे. रात्री ८ वाजतापासून सकाळी ७ वाजतापर्यंत संचारबंदी तसेच सकाळी ७ ते रात्री ८ पर्यंत जमावबंदी राहणार आहे. शिवाय मॉल, चित्रपटगृहे, हॉटेल, बार, रेस्टॉरंट, धार्मिक स्थळे, नाट्यगृहे, बाजारपेठ बंद राहणार आहेत. फक्त अत्यावश्यक सेवा सुरू राहतील. दरम्यान, सार्वजनिक वाहतूकही नियमानुसार सुरू राहील. हे निर्बंध ३० एप्रिलपर्यंत राहणार असून नागपूरकरांनी या निर्बंधांचे पालन करावे, असे आवाहन आयुक्त राधाकृष्णन बी. यांनी केले आहे.

 

फडणवीस सरकारने विदर्भाला दिलेले ४ हजार कोटी परत का गेले ?

माजी मंत्री बावनकुळे यांचा महाविकास  आघाडी सरकारला सवाल – श्रेय घेण्याच्या चढाओढीत जनतेचे नुकसान

नागपूर : राज्याचे तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या सरकारने विदर्भाचा विकासासाठी दिलेला ४ हजार कोटी रुपयांचा निधी विद्यमान महाविकास  आघाडी सरकारच्या नाकर्तेपणामुळे परत गेला असा आरोप माजी ऊर्जा मंत्री आणि भारतीय जनता पार्टीचे प्रदेश सरचिटणीस चंद्रशेखर बावनकुळे यांनी केला आहे. राज्यातील महाविकास आघाडी सरकारची वर्षपूर्ती हा विदर्भातील जनतेसाठी काळा दिवस असून मागील एक वर्षात विदर्भाच्या विकासासाठी या सरकारने कुठलाही निर्णय घेतला नाही अशी टीका बावनकुळे यांनी केली आहे. 

बावनकुळे यांनी म्हटले आहे की, महाराष्टातील कुठल्याही जिल्ह्यातील जिल्हा नियोजन समितीला निधी मिळालेला नाही. मुख्यमंत्री मुंबईचे, उपमुख्यमंत्री पुण्याचे आणि मंत्री आपापल्या मतदार संघाचे असा कारभार सध्याच्या सरकारचा सुरू आहे. काँग्रेस, राष्ट्रवादी काँग्रेस आणि शिवसेना या तीन पक्षाच्या सरकारमध्ये श्रेय घेण्याचा चढाओढीत विदर्भातील सर्व योजना ठप्प पडलेल्या आहेत. विदर्भ वैधानिक विकास मंडळ बंद करून या सरकारने विदर्भावर फार मोठा अन्याय केला आहे. दरवर्षी डिसेंबर महिन्यात होणारे विधिमंडळाचे अधिवेशन या सरकारने मुंबईला पळविले. यंदा पावसामुळे सोयाबीन, तुर, कापूस, धान आणि फळ- भाज्यांचे दहा हजार कोटी रुपयांचे नुकसान झाले. पण सरकारने फक्त शंभर कोटी रुपयांची मदत जाहीर केली. पाच कोटी ग्राहकांच्या वीज बिलाचा प्रश्न या सरकारला सोडविता आलेला नाही. ऊर्जा मंत्र्यांनी दिलेले आश्वासन त्यांच्याच पक्षाचे मंत्री खोडून काढीत आहेत. संजय गांधी निराधार योजना समित्यांचे अजूनही गठण झालेले नाही. त्यामुळे लाभार्थ्यांना अनुदान मिळालेले नाही. लोकांचे रेशन कार्ड काढले परंतु आरसीआयडी नंबर मिळत नाही. रस्ते, वीज, पाणी यांचा बॅकलॉग वाढत आहे. जलसंधारणाचे कामे बंद पडली आहेत. हे सरकार विदर्भाला सापत्न वागणूक देत असून मागील एक वर्षात विदर्भाच्या वाट्याला काहीही आले नाही मग हे सरकार वर्षपूर्तीचा आनंद साजरा करून विदर्भातील जनतेच्या दुःखावर मीठ चोळत आहे, असा आरोप देखील बावनकुळे यांनी केला आहे.

आरटी-पीसीआर चाचणीविना जिल्ह्यात प्रवेशबंदी : जिल्हाधिका-यांनी जारी केला आदेश

नागपूर: कोरोनाचा दुबार वाढता कहर लक्षात घेता जिल्हाधिकारी रवींद्र ठाकरे यांनी आता इतर राज्यातून येणा-या नागरिकांना आरटी-पीसीआर चाचणीशिवाय प्रवेशाची परवानगी न देण्याचे आदेश जारी केले आहेत. हवाई, रेल्वे आणि रस्ते मार्गाने इतर राज्यातून येणा-या नागरिकांना आरटी-पीसीआर चाचणी अनिवार्य करण्यात आली आहे. ठाकरे म्हणाले की, नागपूरसह देशभरात कोरोनाचा संसर्ग होण्याचे प्रमाण मोठ्या प्रमाणात वाढत आहे. कोरोनाच्या संसर्गावर नियंत्रण ठेवण्यासाठी आता बाह्य राज्यांतून येणार्‍या लोकांची आरटी-पीसीआर चाचणी अनिवार्य करण्यात आली आहे. 25 नोव्हेंबरपासून सर्व संबंधित यंत्रणेला हा आदेश लागू करण्याचे निर्देश देण्यात आले आहेत.

अहवाल निगेटिव असणे आवश्यक: जिल्हाधिकारी म्हणाले की नागपूर जिल्ह्यातील ग्रामीण भाग व शहरात कोरोनाचे रुग्ण वाढू लागले आहेत. राज्य सरकारने सर्व जिल्ह्यांनाही या संदर्भात माहिती दिली आहे. प्रामुख्याने दिल्ली, एनसीआर, राजस्थान, गुजरात आणि गोवा या राज्यामधून येणा-या प्रवाशांना कोरोनाचा आरटीपीसीआर चाचणी अहवाल असणे आवश्यक आहे, तरच त्यांना प्रवेश देण्यात येईल. जिल्हास्तरावर आरोग्य विभाग, पोलिस विभाग आणि महसूल विभागाच्या अधिका-यांची टीम तयार केली आहे. नागपूर जिल्ह्यातील रेल्वे मार्गावरून काटोल आणि नरखेड दिशेने येणार्‍या प्रवाशांची यादी मिळाल्यानंतर ही टीम आरटी-पीसीआर अहवाल तपासेल.

सीमेवर तपासणी यंत्रणा: त्याचप्रमाणे जिल्ह्यातील सावनेर, नरखेड, रामटेक मार्गे नागपूर जिल्ह्यात दाखल होणा-या नागरिकांची तपासणी करण्यासाठी जिल्ह्याच्या सीमेवर चेकपोस्ट तयार करण्याच्या सूचना त्यांनी दिल्या आहेत. कोरोना संसर्गाची वाढती संख्या पाहता नागरिकांनी मास्क घालावे, सुरक्षित अंतर ठेवावे, साबणाने वारंवार हात धुवावेत, सॅनिटाईजेशन करने आणि गरज नसतांना घराबाहेर पडू नये असे त्यांनी आवाहन केले आहे. कोरोना लस येईपर्यंत नागरिकांना वरील उपायांचे काटेकोरपणे पालन करावे लागेल, असे ठाकरे म्हणाले आहेत.

रेल्वे स्टेशनवर पुन्हा कडक बंदोबस्त, प्रत्येक प्रवाश्यांची होईल तपासणी

नागपूर: कोरोना विषाणूच्या दुसर्‍या लाटेने त्रस्त राज्य सरकारने दिल्ली, गुजरात, राजस्थान आणि गोवा येथून येणा-या प्रवाश्यांसाठी कोरोनाच्या आरटी-पीसीआर चाचणीचे अहवाल अनिवार्य केले आहेत. त्याअंतर्गत नागपूर स्थानकातही विभागीय रेल्वे व्यवस्थापन व मनपा प्रशासनाकडून कडक बंदोबस्ताची तयारी करण्यात आली आहे.

प्राप्त माहितीनुसार बुधवारी वरील राज्यांमधून येणा-या प्रवाश्यांसाठी एक्झिट गेट बनविण्यात आला आहे. प्रत्येक प्रवाशाने त्यांचा आरटी-पीसीआर चाचणी अहवाल दर्शविलाच पाहिजे. ज्या प्रवाशांकडे हा अहवाल नाही, त्यांची एंटिजेन चाचणी त्वरित केली जाईल. कोरोना अहवाल निगेटिव आल्यावरच प्रवाशांना घरी पाठविण्यात येईल. हा अहवाल लक्षणे नसलेला पॉजिटिव्ह असल्यास प्रवाशाला थेट मनपाच्या कोरोना हॉस्पिटल किंवा क्वारंटाईन सेंटरमध्ये पाठविले जाईल.

रुग्णवाहिका असतील हजर: मनपा प्रशासन वरील तपास केंद्रांची जबाबदारी स्वीकारेल. येथे संपूर्ण वैद्यकीय कर्मचारी आणि डॉक्टरांकडून आवश्यक वैद्यकीय साहित्य मनपाकडूनच पुरविले जाईल. यावेळी 24 तास स्टेशनवर रुग्णवाहिकादेखील सज्ज ठेवली जाईल.

आरपीएफनेदेखील कसली कंबर: लॉकडाऊननंतर पुन्हा एकदा रेल्वे संरक्षण दलाला कोरोना योद्धा सारखेच स्टेशन परिसरातील फ्रंट लाइन वर सज्ज रहावे लागेल. मंडल सुरक्षा आयुक्त आशुतोष पांडे यांच्या मार्गदर्शनाखाली आरपीएफ जवान प्रवाशांच्या हालचालींवर नजर राखून असतील. नागपुरात उतरणा-या प्रवाशांच्या निर्गमनापर्यंत, प्रवेशद्वाराजवळ स्टेशनच्या आत जाणा-या प्रवाशांची जवळून नोंद ठेवली जाईल. कोरोनाच्या पहिल्या लाटेमध्ये बरेच आरपीएफ जवान कोरोना पॉझिटिव्ह झाले होते. अशा परिस्थितीत डीएससी पांडे यांनी आपल्या जवानांना तद्विषयक संपूर्ण काळजी घेण्याचे निर्देश दिले आहेत.

रेल्वे स्टेशनवर पुन्हा कडक बंदोबस्त, प्रत्येक प्रवाश्यांची होईल तपासणी

नागपूर: कोरोना विषाणूच्या दुसर्‍या लाटेने त्रस्त राज्य सरकारने दिल्ली, गुजरात, राजस्थान आणि गोवा येथून येणा-या प्रवाश्यांसाठी कोरोनाच्या आरटी-पीसीआर चाचणीचे अहवाल अनिवार्य केले आहेत. त्याअंतर्गत नागपूर स्थानकातही विभागीय रेल्वे व्यवस्थापन व मनपा प्रशासनाकडून कडक बंदोबस्ताची तयारी करण्यात आली आहे.

प्राप्त माहितीनुसार बुधवारी वरील राज्यांमधून येणा-या प्रवाश्यांसाठी एक्झिट गेट बनविण्यात आला आहे. प्रत्येक प्रवाशाने त्यांचा आरटी-पीसीआर चाचणी अहवाल दर्शविलाच पाहिजे. ज्या प्रवाशांकडे हा अहवाल नाही, त्यांची एंटिजेन चाचणी त्वरित केली जाईल. कोरोना अहवाल निगेटिव आल्यावरच प्रवाशांना घरी पाठविण्यात येईल. हा अहवाल लक्षणे नसलेला पॉजिटिव्ह असल्यास प्रवाशाला थेट मनपाच्या कोरोना हॉस्पिटल किंवा क्वारंटाईन सेंटरमध्ये पाठविले जाईल.

रुग्णवाहिका असतील हजर: मनपा प्रशासन वरील तपास केंद्रांची जबाबदारी स्वीकारेल. येथे संपूर्ण वैद्यकीय कर्मचारी आणि डॉक्टरांकडून आवश्यक वैद्यकीय साहित्य मनपाकडूनच पुरविले जाईल. यावेळी 24 तास स्टेशनवर रुग्णवाहिकादेखील सज्ज ठेवली जाईल.

आरपीएफनेदेखील कसली कंबर: लॉकडाऊननंतर पुन्हा एकदा रेल्वे संरक्षण दलाला कोरोना योद्धा सारखेच स्टेशन परिसरातील फ्रंट लाइन वर सज्ज रहावे लागेल. मंडल सुरक्षा आयुक्त आशुतोष पांडे यांच्या मार्गदर्शनाखाली आरपीएफ जवान प्रवाशांच्या हालचालींवर नजर राखून असतील. नागपुरात उतरणा-या प्रवाशांच्या निर्गमनापर्यंत, प्रवेशद्वाराजवळ स्टेशनच्या आत जाणा-या प्रवाशांची जवळून नोंद ठेवली जाईल. कोरोनाच्या पहिल्या लाटेमध्ये बरेच आरपीएफ जवान कोरोना पॉझिटिव्ह झाले होते. अशा परिस्थितीत डीएससी पांडे यांनी आपल्या जवानांना तद्विषयक संपूर्ण काळजी घेण्याचे निर्देश दिले आहेत.

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