अवकाळी पाऊस आणि गारपिटीमुळे 28,000 हेक्टरवरील पिकांना फटका

नागपूर: गेल्या काही दिवसांत महाराष्ट्रातील नागपूर विभागात अवकाळी पाऊस आणि गारपिटीचा फटका २८,००० हेक्टरपेक्षा जास्त जमिनीवर उगवलेल्या पिकांना बसला आहे, असे अधिकाऱ्यांनी गुरुवारी सांगितले. याशिवाय विभागातील वर्धा जिल्ह्यात जवळपास 70 आणि नागपूर जिल्ह्यात 27 घरांचे नुकसान झाले आहे. नागपुरातही वीज पडून एकाचा मृत्यू झाला, असे त्यांनी सांगितले.

पूर्व विदर्भातील विविध जिल्ह्यांमध्ये ८ ते ११ जानेवारी दरम्यान पाऊस आणि गारपीट झाली. प्राथमिक अहवालानुसार, खराब हवामानामुळे नागपूर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपूर आणि गडचिरोली जिल्ह्यातील 1,272 गावांमधील 28,000 हेक्टरपेक्षा जास्त शेतजमिनीवर परिणाम झाला आहे, असे एका अधिकाऱ्याने पीटीआयला सांगितले. गडचिरोलीला सर्वाधिक फटका बसला असून ७१४ गावांमधील ८,५५० हेक्टर जमीन प्रभावित झाली आहे, त्यानंतर नागपूरमध्ये ७,४९५ हेक्टर जमीन प्रभावित झाली आहे, असे अधिकाऱ्याने सांगितले.

वर्ध्यात, 8 जानेवारीपासून आर्वी, कारंजा, आष्टी आणि जिल्ह्यातील इतर भागात पावसाने हजेरी लावल्याने 3,000 हेक्टरपेक्षा जास्त जमिनीवरील पिकांचे नुकसान झाले आहे, असे कृषी विभागाच्या अधिकाऱ्याने सांगितले. कापूस, तूर, संत्रा या पिकांचे नुकसान झाले, असे अधिकाऱ्याने सांगितले.

मंगळवारी नागपूर जिल्ह्यातील कांप्टी, सावनेर, रामटेक आणि परसोनी परिसरात पाऊस आणि गारपीट झाल्याचे अधिकाऱ्यांनी सांगितले. स्थानिक प्रशासनाने बाधित शेतजमिनीचे सर्वेक्षण सुरू केले आहे.महाराष्ट्राचे पशुसंवर्धन मंत्री सुनील केदार जिल्ह्यातील बाधित गावांची पाहणी करण्यासाठी नागपुरात आले आहेत.

नागपूरचे पालकमंत्री नितीन राऊत यांनी जिल्ह्यातील नुकसानीचा पंचनामा करण्याचे निर्देश दिले आहेत. जिल्हाधिकारी आर विमला यांनी महसूल विभागाला तसे करून अहवाल सादर करण्याचे आदेश दिले आहेत, असे एका जिल्हा अधिकाऱ्याने सांगितले.

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है चौदह माह का आस्तिक्य

नागपूर: 15 महीने की उम्र तक बच्चे 5 शब्द बोलने लगते है। हालांकि 14 महीने के अस्तिक्य मृगशिष ने 15 क्रियाओं, शरीर के अंगों, सब्जियों और जानवरों का नाम लेते हुए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह ऐसा चमत्कार करने वाले देश के पहले लड़के बन गए हैं।

बहुत कम उम्र में माता-पिता बच्चों को मोबाइल दे देते हैं। इससे उनकी भाषा पर प्रभाव पड़ता दिखाई दिया है। नतीजतन, कुछ भी अवशोषित करने की उनकी क्षमता कम हो जाती है। तो आस्तिक के पैदा होते ही मां मृगा और पिता आशीष ने टीवी और मोबाइल घर से निकाल दिया। इसके अलावा वह उससे कई तरह की गतिविधियां करवाने लगे।

इसमें पहेलियाँ, वार्तालाप, पॅसेज, भाषा शामिल हैं। इसलिए सामान्य बच्चे पांच शब्द बोलते हैं, उतने से कही अधिक शब्द आस्तिक बोलने लगा। इससे मृगा और आशीष ने इस उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया। इसके बाद इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा साक्ष्यों की सावधानीपूर्वक जांच की गई। इसके अलावा, रिकॉर्ड डेटाबेस में विसंगतियों की विस्तृत जांच के बाद, उन्होंने जुलाई में इसका प्रदर्शन किया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज किया। प्रमाण पत्र और पुरस्कार अगस्त में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के माध्यम से भेजे गए थे।

ऐसा है रिकॉर्ड

अस्तिक्य मृगशिश (जन्म 5 मई 2020) ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शरीर के 10 हिस्सों की पहचान की। इसके अलावा 5 रिश्तेदारों, 6 जानवरों, 4 वाहन, 5 फल, 10 घरेलू सामानों की पहचान कर जानकारी दी गई। उन्होंने 15 कार्यों के बारे में भी विस्तार से बताया। खास बात यह है कि वह चार जानवरों की आवाज की नकल भी करता था। उस समय वह 14 महीने का था।‌‌

“डॉक्टर्स डे स्पेशल”- डॉक्टर्स भी किसी फरिश्ते से कम नहीं,किंतु डॉक्टर्स के प्रति और संवेदनशील होना जरूरी

नागपुर: कहा जाता है की डॉक्टर्स भी फरिश्तों से कम नहीं।कोरोना वायरस जैसी महामारी में इन डॉक्टर्स रूपी फरिश्तों ने ही हॉस्पिटल्स में पीपीई किट पहनकर कोरोना से जंग लड़ी। 
कई लोग ने तो अपनी जान बचाने वाले डॉक्टर्स को धन्यवाद देने के बजाए उन पर हमला किया यहां तक के उन पर थूका भी।अब इसमें सवाल उठ रहे हैं कि यह समाज कब जागेगा और डॉक्टर्स की मानसिक स्थिति को समझेगा।

आज हम कुछ डॉक्टर्स की राय और विचार आपसे साझा करेंगे। महाराष्ट्र चिकित्सा सेवा अधिनियम के तहत डॉक्टरों पर हमला करने वालों को सजा दी जाती है। फिर भी कोविड काल में मार्च 2020 से अब तक राज्य में 69 डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले हो चुके हैं।जान बचाने वालों के साथ इतना रूखा और अमानवीय व्यवहार आखिर कब तक सहन किया जाएगा।

समाज में हर घटना के प्रति सकारात्मक नजरिया बनाने से डॉक्टरों को ऊर्जा मिलेगी।यदि डॉक्टरों को निडर होकर मरीजों की सेवा करने की अनुमति दी जाए तो कठिन परिस्थितियों को दूर किया जा सकता है।डॉक्टर और मरीज के बीच एक भावनात्मक संबंध बनाकर इसे बनाए रखे रहना चाहिए।

-डॉ. आनंद संचेती, कार्डियोलॉजिस्ट, नागपुर।

लगभग 75 प्रतिशत निजी डॉक्टरों को अपनी प्रैक्टिस में कम से कम एक बार पिटाई का सामना करना पड़ता है। मारपीट में रिश्तेदारों ने 68 प्रतिशत हिस्सा लिया। इसमें 50 फीसदी मामले आईसीयू के सामने हुए।नकारात्मक बदलाव समाज को एक अलग दिशा में ले जाएंगे।

-डॉ. वाई एस देशपांडे, पूर्व अध्यक्ष, आईएमए-महाराष्ट्र

“अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” के उपलक्ष्य में नागपुर विरासत स्थलों पर भी हुआ योग प्रदर्शन

इस वर्ष की थीम ‘योग फॉर वेलनेस’ है। महामारी को ध्यान में रखते हुए, हर एक साइट पर सत्रों के लिए पार्टिसिपेंट्स की संख्या 20 तक सीमित थी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज सुबह सातवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, “जब दुनिया घातक बीमारी कोविड -19 महामारी से जूझ रही है, वहीं योग आशा की किरण है।”

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने एक MyYoga ऐप भी लॉन्च किया है, जो ‘वन वर्ल्ड, वन हेल्थ’ जैसे आदर्श वाक्य को पूरा करने में सहायता करेगा।

साथ ही साथ संस्कृति मंत्रालय ने देश भर में 75 सांस्कृतिक विरासत स्थलों पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया। 

बढ़िया बात यह रही के नागपुर के नागरिकों ने भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया तथा अपना उत्साह एवं योग कौशल दिखाया।

महाराष्ट्र के विरासत स्थल जैसे –
औरंगाबाद,एलोरा गुफाएं,आगा खान पैलेस,पुणे, कन्हेरी गुफाएं, मुंबई तथा ओल्ड हाई कोर्ट बिल्डिंग, नागपुर में भी 4 विरासत स्थलों पर योग प्रदर्शन किया गया।
इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नागपुर सर्कल तथा दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित शास्त्रीय नृत्य प्रदर्शन किया गया।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इसमें हिस्सा लिया और बताया कि वे रोज सुबह प्राणायाम एवम योग करते है, जिससे उनकी सेहत में काफी सुधार हुआ है। 
एनएमसी में मेयर दयाशंकर तिवारी ने एनएमसी प्रमुख राधाकृष्णन बी और अन्य ऑफिसर्स के साथ एनएमसी में योग प्रदर्शन किया।

युवा ने किया रोल ऑन वॉच का एक ऐसा प्रयोग,अब घड़ी से भी होगा सैनिटाइजर स्प्रे

नागपुर: कहा जाता है की 21वीं सदी प्रतिस्पर्धा का युग है। इस दौर में हर व्यक्ति नई नई खोज अविष्कार में लगा हुआ है।और विशेष तौर पर देश की युवा पीढ़ी समाज को कुछ नया देने के लिए प्रयासरत है।ऐसा ही कुछ कर दिखाया है प्रियरंजन सिंह ने।दरअसल प्रियरंजन सिंह ने रोल ऑन वॉच पर एक ऐसा प्रयोग किया है और वे सफल भी रहे है।प्रियरंजन सिंह ने घड़ी पर एक ऐसा रोल बनाया है जो सैनिटाइजर का छिड़काव करता है।

अब तक हम लोगो ने घड़ियों को एनालॉग, डिजिटल प्रारूप में देखा है।22 वर्षीय प्रियरंजन सिंह ने अपनी प्राथमिक शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल से ग्रहण की है। फिलहाल वे नोएडा में एमिटी यूनिवर्सिटी से मनोविज्ञान में अपनी डिग्री पूरी कर रहे हैं। 

बात करें इस घड़ी की तो इस घड़ी में केवल सैनिटाइजर ही नहीं बल्कि अलग-अलग मौसम में काम आने वाला कोई भी तरल पदार्थ बहुत ही आसानी से उपयोग किया जा सकता है।खास तौर पर यह घड़ी उन युवाओं के काम आएगी जो मेडिकल, खेलकूद, मनोरंजन के साथ ही डांस भी कर रहे हैं।

अब यह इंसान के लिए बहुत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी  क्योंकि सैनिटाइज़र ले जाना बेहद सरल हो गया है। क्योंकि घड़ी किसी एक व्यक्ति के हाथ में होगी, वह कई लोगों के हाथ में नहीं होगी जैसे सैनिटाइजर की बोतल। इसलिए संक्रमण फैलने का कोई खतरा नहीं है।

आइए जानते है रोल-ऑन सिस्टम क्या है?

रिस्ट वॉच में तीन पट्टियाँ लगी होती हैं। इसके तहत आधा सैनिटाइजर से भरे डिब्बे में और आधा बाहर होगा।रोल करते ही अंदर से सेनिटाइजर ऊपर आ जाएगा और हाथ को सैनिटाइज करेगा।बाजार में यह घड़ी मात्र 60 रुपये से 100 रुपये में उपलब्ध होगी क्योंकि इसमें किसी विशेष तकनीक का उपयोग नहीं किया गया है।

सतत बदलताहेत परीक्षांच्या तारखा: कोरोना संक्रमण आणि लॉकडाउनचा प्रभाव

नागपूर: कोरोना संक्रमणवाढीने सतत लॉकडाउन कड़क केले जात आहे, जेणेकरून संक्रमणाची साखळी तुटावी. लॉकडाउन आणखी कठोर केले जात आहे. यांचा परिणाम  शिक्षणावर दिसून येतो आहे. एका बाजूला जेथे शाळांच्या परीक्षा रद्द केल्या जात आहे आणि परीक्षा ऑनलाइन घेत आहेत. अशा परिस्थितीत, स्पर्धात्मक परीक्षांच्या तारखेमध्ये मोठ्या प्रमाणात बदल होताहेत. जेईई-मेन, एल-एसएटी किंवा इतर स्पर्धात्मक परीक्षा. सर्व परीक्षेत तारखेमध्ये बदल होत आहेत. शहरात या वेळी अनेक परीक्षांसाठी परीक्षा केंद्र तयार करण्याची तयारी होती. परंतु या कालावधीत ट्यूशन शाळा, महाविद्यालय सर्व बंद आहेत. स्पर्धात्मक परीक्षा करणे देखील शक्य नाही. विद्यार्थ्यांना अशा नुकसानीस तोंड द्यावे लागत आहेत.

एल-सेट आता 29 मे रोजी : लॉ स्कूल प्रवेश परिषदेने जूनमध्ये लॉ स्कूल प्रवेश चाचणी (एल-सॅट) ची तारीख बदलली आहे. आता ही परीक्षा 29 मे पासून वेगवेगळ्या स्लॉटमध्ये होणार आहे. त्याआधी, 14 जूनपासून परीक्षा आयोजित केली जाणार होती. याबाबत, परिषदेने अधिसूचना जारी केली आहे की सीबीएसईच्या 12 वी बोर्डाच्या तारखां टाळण्यासाठी कौन्सिलने परीक्षा प्री पोन करण्याचा निर्णय घेतला आहे.

जेईई-मेन स्थगित : यापूर्वी,  27 एप्रिल, 28 आणि 30 एप्रिलमध्ये होणारी जेईई-मेन स्थगित करण्यात आली आहे. एनटीएने म्हटले आहे की नवीन तारीख दिल्यास विद्यार्थ्यांना 15 दिवस तयारीचे दिले जातील. या परीक्षेत, शहरातले 8 ते 10 हजार परीक्षार्थी सामील होणार होती. फेब्रुवारी आणि मार्चची परीक्षा पूर्ण झाली आहे. अद्याप दोन चरण परीक्षा बाकी आहेत. परीक्षा 24 ते 28 मे 2021 दरम्यान आहे. कदाचित त्या रद्द केल्या जाऊ शकतात.

विद्यार्थ्यांना सतत नुकसान: विद्यार्थ्यांच्या उच्च शिक्षणानंतर व्यावसायिक अभ्यासक्रम करणा-याना कोरोनामुळे सर्वात जास्त त्रास सहन करावा लागतो आहे. शालेय नंतर, इतर वर्ष इतर अभ्यासक्रमासाठी शेड्यूलवर परीक्षा न घेता विद्यार्थ्यांचे संपूर्ण वर्ष वाया गेले आहे. जॉब किंवा पदवीसाठी अभ्यासक्रम करणार्या विद्यार्थ्यांना या सुविधा मिळू शकणार नाहीत. 

आयईएस-आयएसएससाठी शेवटचा दिवस: युनियन पब्लिक सर्व्हिस कमिशन (युपीएससी) 2021 आणि भारतीय सांख्यिकी सेवा (आयएसएस) चाचणी 2021 एप्रिल 27 साठी अर्ज करण्याची आज अंतिम तारीख आहे. जाहिरातीसाठी पात्र उमेदवार वेबसाइट  http://upsconline.nic.in वरून ऑनलाइन अर्ज करू शकतात. या भर्तीची परीक्षा 16 जुलैपासून आयोजित केली जाईल. या परीक्षेत सामील होण्यासाठी, उमेदवाराबद्दल पीजी असणे आवश्यक आहे. त्यासाठी अर्जदाराचे वय 21 ते 30 वर्षे असावे.

एनडीए-एनए 2020 ची अन्सर की: यूपीएससीने एनडीए -2020 परीक्षा आंसर-की जारी केली आहे. उमेदवार Upsc.gov.in वरून उत्तरे डाउनलोड करू शकतात. गणित आणि सामान्य योग्यता चाचणीसाठी दोन्ही कागदपत्रांना आंसर-की जारी करण्यात आली आहे, उमेदवार पीडीएफ स्वरूपात डाउनलोड करू शकतात. यूपीएससीने 6 सप्टेंबर रोजी एनडीए-एनए 2020 परीक्षा आयोजित केली. परीक्षांचे निकाल 6 मार्च 2021 रोजी प्रसारीत केले गेले.

वैक्सीनेशन टारगेट -100पर्सेंट वैक्सीनेशन करवाओ और जिलास्तरीय पुरस्कार पाओ

दरअसल टीकाकरण से जुड़ी बहुत सारी भ्रांतियां है जिसकी वजह से कुछ लोग वैक्सीन लगवाने के लिए राजी नहीं है। इसी के चलते जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि बर्वे ने पूरे ग्राम पंचायत से ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के बारे में फैली भ्रांतियों से छुटकारा पाने की अपील की है। 

18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का टीकाकरण 1 मई से शुरू होगा।उन्होंने घोषणा की कि 3 ग्राम पंचायतों को जिला स्तर पर पुरस्कार दिए जाएंगे जो सबसे पहले 100 प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।

यदि अधिक टीकाकरण किया जाता है, तो कोरोनावायरस संक्रमण को रोका जा सकता है।उन्होंने इसकी समीक्षा की।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास कोरोना संबंधित सामग्रियों कम हैं उन्हें तुरंत सामग्री प्रदान की जानी चाहिए, स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।   

जिला परिषद ने जिले में कोरोना को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सुविधाओं और उपकरणों के लिए सरकार को 57 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इस बैठक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डॉ कमल किशोर फुटाने, मनोहर कुंभारे, दुद्धाराम सावलखेले, समीर उमप, कैलास बरबटे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ दीपक सेलोकर भी मौजूद रहे।                

टैक्सी ड्राइवर्स झेल रहे हैं आर्थिक संकट कैसे करे परमिट टैक्स का भुगतान? सरकार से सहायता की अपेक्षा

इस कोरोना संक्रमण की महामारी ने जीवन चक्र को जैसे थाम लिया है।लगभग हर एक का रोजगार प्रभावित हुआ है। और इसी वजह से निजी वाहनों के पहिए भी थम गए हैं।जिससे ऐसे कई ड्राइवरों को जीवित रहने के लिए भी संकट का सामना करना पड़ रहा है। 

कोरोना प्रतिबंधों ने कई लोगों के लिए रोजगार की एक बहुत बड़ी समस्या पैदा कर दी है।सरकारी सहायता के बावजूद, कई व्यवसाय अभी भी ठीक से अपने पैरों पर खड़े नही हो पाए हैं। अब प्रतिबंध के कारण टैक्सी लाइसेंसधारी के वाहनों का कर का भुगतान करने का समय भी आया इसलिए वे अन्य लोगों की तरह कर छूट या वित्तीय मदद मांग रहे हैं।

कई लोगों ने आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार की सलाह को अपनाया है। उनमें से कुछ ने निजी परिवहन व्यवसाय शुरू किया।सभी आवश्यक नियमों का पालन भी कर रहे हैं। कई ने टैक्सी लाइसेंस ले लिए। इन लाइसेंसधारियों को सरकार को मासिक कर देना होता है।अब कोरोना तथा लॉकडाउन ने व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया। अब सब कुछ थम गया लोग भी घरों में कैद है जिससे गाड़ी भी रुक गई है। व्यापार भी सरकारी नियमों से प्रभावित था। यह सवाल उठाता है, खासकर छोटे व्यवसायों के लिए।

कई टैक्सी चालकों ने अपनी समस्या साझा की कुछ ने बताया टैक्सी परमिट के साथ, वह देश के अन्य राज्यों की यात्रा करने के लिए बुकिंग प्राप्त करते थे।इसी से उनका घर खर्च चलता है।लेकिन लॉक डाउन की वजह से वाहन चालकों को आर्थिक परेशानीयां झेलनी पड़ रही है। आय कुछ भी नहीं है। तो सवाल यह है कि टैक्सी परमिट टैक्स का भुगतान कैसे किया जाए। सरकार ने कई को सहायता की घोषणा की।उन्हे उम्मीद है की इसी तरह सरकार छोटे टैक्सी परमिट धारकों की भी हेल्प करेगी।

मराठी के विद्वान,साहित्यकार समर्थ कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ संजय गोविंद राव पोहारकर का निधन

एक महान लेखक,कवि,नाटककार,विचारक और मार्गदर्शक और समर्थ कॉलेज लखनी के प्राचार्य संजय गोविंदराव पोहरकर का 22 अप्रैल को सुबह 4 बजे निधन हो गया।

मराठी के विशेषज्ञ विद्वान, साहित्यकार, कवि, वाक्पटु वक्ता, डॉ पोहरकर प्रसिद्ध थे। डॉ पोहरकर ने ‘कवि सावरकर – व्यक्तित्व और कविता’ विषय पर आचार्य की उपाधि अर्जित की थी। उनके मार्गदर्शन में 5 छात्रों ने पीएचडी की। डॉ पोहरकर ने सावरकर काव्यमीमांसा, सावरकर फॉर चिल्ड्रन, कम्युनिकेशन स्किल्स, वैचारिक पुस्तकें और ईश्वर को स्नान कराने के लिए किताबें लिखी हैं।

2012 में, उन्होंने स्वातंत्र्यवीर सावरकर गौरव पुरस्कार प्राप्त किया। उन्होंने संघ परिवार क्षेत्र में कई संगठनात्मक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक स्वीकार किया और पूरा किया। उन्होंने 1999 में कारसेवक का नेतृत्व किया। वह भंडारा एवम गोंदिया जिले के प्रमुख भी रहे। इसके साथ ही वह स्वदेशी जागरण मंच के जिला समन्वयक थे।अभविप से लेकर विश्व हिंदू परिषद और कई दूसरी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को उन्होंने सफलतापूर्वक स्वीकार किया था।आज उनके निधन से संघ, साहित्य तथा शिक्षा के क्षेत्र ने अपना एक अमूल्य हीरा खो दिया है।

शहर के कोविड पेशेंट्स के लिए अब वर्धा में 1000 बेड वाला हॉस्पिटल सेटअप किया जाएगा

नागपुर: नागपुर के पालक मंत्री डॉ नितीन राऊत ने बताया कि नागपुर के पेशेंट्स के लिए वर्धा में लॉयल स्टील प्लांट में 1,000 बेड का जंबो कोरोना हॉस्पिटल सेटअप किया जाएगा। नितिन राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया।

नागपुर में, रविवार को कोरोना पेशेंट्स के लिए ऑक्सीजन की कमी थी।दो ट्रकों की दैनिक आपूर्ति थी।लेकिन रविवार को सिर्फ एक ट्रक पहुंचा। इससे एक कमी पैदा हो गई।उन्होंने इसका विकल्प खोजने के लिए जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श किया है।इससे वर्धा में लॉयड की इस्पात परियोजना का विकल्प तैयार हुआ। वर्तमान में 260 टन ऑक्सीजन उपलब्ध हैं।इसका इस्तेमाल करने के लिए परियोजना क्षेत्र में एक जंबो हॉस्पिटल सेटअप करने का निर्णय लिया गया। 

यह 1000 बेड का हॉस्पिटल होगा।नागपुर में जिस भी पेशेंट को ऑक्सीजन की जरूरत होगी उस पेशेंट को वर्धा के हॉस्पिटल में ले जाया जाएगा।संभागीय आयुक्त डाॅ संजय कुमार को परियोजना स्थल पर भेजा गया है।राउत ने कहा कि जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।

सरकारी हॉस्पिटल्स में बेड्स की संख्या बढ़ाई गई है। इसे और भी से बढ़ाया जाएगा। किसी भी हाल में, शहर के नागरिकों का इलाज किया जाएगा। मेयो तथा मेडिकल में उपलब्ध बेड का पर्यवेक्षण किया जायेगा। क्योंकि मेयो हॉस्पिटल में बड़ी संख्या में राज्य के पेशेंट्स आ रहे हैं। राउत ने कहा कि दोनों हॉस्पिटल्स के अधीक्षक इस पर काम कर रहे हैं। ऑक्सीजन के स्टॉक को बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक एवम जरूरी योजनाएं भी बनाई जा रही हैं। भिलाई से एक ट्रक आएगा तथा जिले के खापरखेड़ा और कोराडी पावर स्टेशनों से भी ऑक्सीजन मिलेगी।

इसी तरह, सीएसआर फंड के साथ रूसी टेक्नोलॉजी पर आधारित 100 बेड का ऑक्सीजन अवेलेबल हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। इसी तरह, तालुका में दो से तीन दिनों में एक ऑक्सीजन परियोजना स्थापित की जाएगी। दो सप्ताह में 100 वेंटिलेटर आ जाएंगे। मनकापुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक जंबो हॉस्पिटल स्थापित किया जा रहा है। 

दावा है की जिले में कुल 8 हजार 128 बेड उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में, 31 अस्पतालों में 203 साधारण बेड, 1247 ऑक्सीजन सुविधाएं तथा 88 वेंटिलेटर हैं। कोविद केयर सेंटर में 513 बेड हैं। संरक्षक मंत्री नितिन राउत ने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 1792 बिस्तर और शहर के निजी अस्पतालों में 4014 बिस्तर हैं। मेयो, मेडिकल, एम्स में कुल 1800 बेड हैं। पेशेंट्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर के 23 होटलों में कोविद केयर सेंटर की अनुमति दी गई है।

राउत ने बताया कि यह स्टॉक कम से कम 100 मरीजों के लिए पर्याप्त होगा। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के लिए 250 और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 500 ऑक्सीजन सिलेंडर दो हफ्ते में उपलब्ध होंगे। आज शहर को 3000 रेमेडिसीविर इंजेक्शन प्राप्त हुए हैं।राउत ने कहा कि इंजेक्शन सिर्फ उन्ही पेशेंट्स को उपलब्ध होना चाहिए जिन्हें बहुत ज्यादा जरूरत हो। किंतु यदि कोई इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए पाया जाएगा तो पुलिस को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी ।

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