कलमना बाज़ार स्थित कृषि उपज मंडी में उमड़ी भीड़ , सोशल डिस्टन्सिंग नियम हुआ नजरअंदाज़

नागपुर : दरअसल कलमना कृषि उपज मंडी में इस शुक्रवार फलों की आवक अच्छी रही उसके साथ ही मंडी में स्थानीय नागरिकों और फल विक्रेताओं की भारी भीड़ जमा हो गई।जहां एक तरफ राज्य में कोरोना वायरस तेज़ी से फ़ैल रहा है वहीं मंडी में ग्राहकों की इस भीड़ को देख के प्रश्न यह उठता है के ऐसी भीड़ में सोशल डिस्टन्सिंग को नजरअंदाज करते हुए नागरिकों को कैसे नियंत्रित किया जाए। या फिर प्रशासन इस बाज़ार बंद करने के निर्णय पर क्या विचार करेगा.

मुंबई में कृषि उपज मंडी जो की हर गुरुवार को लगती है और पुणे में कृषि उपज मंडी जो की हर शुक्रवार को लगती है।हालाकि बहुत बड़ी मंडी है पर फिलहाल प्रशासन ने कोरोना विषाणु के चलते इन्हें बंद करने का निर्णय लिया है। किन्तु नागपुर में फिलहाल कलमना बाज़ार कृषि उपज मंडी को बंद करने पर संशय है।

प्रशासक सचिव राजेश भूसारी ने कहा के उन्होंने बाज़ार को सेनिटाइज करने का सुझाव भी दिया है । साथ ही मंडी में काम करने वाले मजदूरों को भी मास्क वितरित करने की बात हुई है।लेकिन फिलहाल शुक्रवार बाज़ार बंद के फैसले को लेकर भूसारी ने कोई बात स्पश्ट नहीं की।

कल जब शुक्रवार को फलों का बाज़ार लगा तो लोगों की काफी भीड़ उमड़ गई।कई लोगों ने तो सोशल डिस्टन्सिंग के सभी नियमों को ताक पर रख दिया।

कहीं कोरोना आपके दरवाजे पर तो नहीं दे रहा दस्तक,नागपुर के सतरंजीपूरा में मिले 6 पॉजिटिव केसेस

नागपुर: बताया जा रहा है के रविवार के दिन कोरोना पीड़ित एक मरीज़ की मृत्यु हुई थी अब उसी व्यक्ति के परिवार के 6 और सदस्यों में कोरोणा संक्रमण पाया गया है।ये खबर फैलते से ही आसपास की कॉलोनी में रहने वाले लोगों में सनसनी फैल गई है।

वैसे तो प्रशासन कड़े प्रयास कर रहा है के लोगों में सोशल डिस्टन्सिंग और जागरूकता कायम रहे। किन्तु अब नागपुरवासियों को और गंभीरता से इसे लेने की जरूरत है।जैसा के प्रशासन सबको चेता रहा है के घर में रहें , सोशल डिस्टन्सिंग को फॉलो करें और यदि आपको लगता है के आप सर्दी जुखाम से पीड़ित हैं तो आप स्वास्थ्य विभाग से तुरंत संपर्क करें।

लगभग 22 से ज्यादा राज्यों में संक्रमण दिनों दिन भयावह रूप लेता जा रहा है।कई राज्यों और जिलों की सीमाओं को सील कर दिया गया है।

रोजमर्रा में आवश्यक खाद्य सामग्री के बड़े दाम

नागपुर :कोरोणा संक्रमण के चलते 25 मार्च से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी लॉक डाउन की घोषणा की थी।उसके बाद से ही लोगों में जीवन आवश्यक वस्तुओं को लेकर अफरा तफरी मच गई थी।

दरअसल लॉक डाउन के चलते कई जगह जीवन आवश्यक वस्तुएं जैसे तेल,गेंहू,दाल,शकर आदि पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहे है।विभिन्न प्रदेशों से आने वाला खाद्य समान भी शहर तक नहीं पहुंच पा रहा है क्योंकि माल वाहन जैसे ट्रक,माल गाड़ी आदि कई दिनों से बंद थे।अभी तो जीवन जरूरी समान माल-वाहनों द्वारा पहुंचाया जा रहा है प्रशासन भी अपनी तरफ से पूरे प्रयास में है के जीवन आवश्यक वस्तुएं लोगों तक पहुंचती रहें।किन्तु कई कई जगह आमजन को पहले से ज्यादा कीमत भी देनी पड़ रही है।

फिलहाल सोयाबीन का तेल लोकल बाज़ार में 102 रुपए प्रति लिटर के आसपास उपलब्ध है जो कि बीच में 108 रुपए प्रति लिटर तक पहुंच गया था। वहीं शक्कर के भाव अभी स्थिर है। बात करें चना दाल , तुअर दाल और गेहूं की तो इनके भाव थोड़ा बड़े हुए हैं। मध्य प्रदेश से हर साल नया गेहूं आता है किन्तु इस बार लॉक डाउन के चलते नया गेहूं मंडियों तक नहीं पहुंचा है जिससे भाव में बड़त देखने को मिली।

कम्पनियां भी कई दिनों से बंद है उसके साथ ही कच्चा माल भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है । इसका ताजा उदाहरण मैदा फिलहाल लोकल बाज़ार में मिलना थोड़ा सा मुश्किल हो रहा है। फिलहाल जो उपलब्ध ब्रांड मार्केट में है उससे ही लोगों को काम चलाना पड़ रहा है।कुछ लोग चक्की से साबुत अन्न पिसवा कर काम चला रहें हैं।लॉक डाउन की वजह से अभी तो किराना दुकानों और मॉल में भी कोई भीड़ देखने नहीं मिल रही।

कोरोना संक्रमण के चलते सार्वजनिक स्थल पर थूकना पड़ सकता है महंगा ,थूकने पर 1000 रुपए आर्थिक दण्ड

नागपुर:दरअसल कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव से आम नागरिकों को बचाने के लिए प्रशासन तरह तरह के प्रयास कर रहा है उन्हीं में से एक प्रयास यह भी है के यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर थूकता है तो उसे आर्थिक दण्ड देना होगा ।पहले ये आर्थिक दण्ड 200 रुपए था किन्तु वर्तमान स्थिति और हाईजीन और सेंटाइजेशन को ध्यान में रखते हुए अब इस आर्थिक दण्ड को बड़ा कर 1000 रुपए कर दिया गया है। महानगर पालिका के लोकायुक्त श्री तुकाराम मुंडे के अनुसार नगर पालिका कोरोणा संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए तरह तरह के जन जागृति अभियान भी चला रही है।इस अभियान के तहत एक नियम उपद्रव शोध पथक भी बनाया गया है।

महानगर पालिका सुनिश्चित करना चाहती है के जो भी सार्वजनिक स्थल है वो साफ और स्वच्छ रहें साथ ही इन पर किसी तरह का अतिक्रमण ना हो।महानगर पालिका आयुक्त श्री तुकाराम जी ने नागपुर की जनता से आवाहन भी किया है के वो वायरस के खतरे को देखते हुए सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करे।

उपद्रव शोध नियम के तहत सार्वजनिक स्थल पर थूकने व गंदगी फैलाने के तहत आर्थिक दण्ड की कार्यवाही भी की गई है।

कुछ दिनों पहले ही इस नियम के 23 मार्च को धांतोली में एक व्यक्ति से 1000 रुपए आर्थिक दण्ड वसूला गया। 26 मार्च को धरमपेठ मार्ग पर थूकते हुए एक व्यक्ति पर कार्यवाही की गई ।इसके बाद 27 मार्च कोलकड़गंज ज़ोन में भी एक व्यक्ति पर उपद्रव शोध पथक के तहत 1000 रुपए के आर्थिक दण्ड की कार्यवाही की गई।

 

 

Maharajbagh, Gorewada, take steps in the defense of animals

NAGPUR: The Maharashtra Zoo Authority (MZA) has advised all 13 zoos and animal shelters in the state to take top priority safety screening of the maintainers and the handlers of animal animals after a four-year-old tigress has been confirmed positive in the US in Bronx Zoo.
MZA worked to ensure that these zoos were operated by the Central Zoo Authority in compliance with all guidelines. On Tuesday Maharajbagh Zoo was inspected by Ravikiran Govekar, MZA member secretary. In the reserve of Maharashtra, there are 36 tigers, five lions, and 88 leopards.
Although the condition at state zoos is better despite the CZA Directives, we demanded that they all be sanitized and decontaminated and see animal husbandry tests for COVID-19.In Bronx zoo coronavirus transmitted by humans to the tiger

Nagpur University Offers Isolation Centre for Covid -19 patients

Nagpur University was asked to give its university admin building for patients with a novel coronavirus pandemic when the isolation or quarantine centers in the city became required. In response to this, however, Nagpur has provided a hostel to the university rather than an administrative building, which is better suited for a stay that is required for the patients when testing for viruses.

Nagpur, including the NMC, is a local authority that is planning to combat the deadly virus without leaving a stone unturned .. And so they need the core of quarantine. The government depended on the Nagpur University administrative building. Since the admin house, however, had no facilities and a lot of other arrangements were required, the authority, therefore, thought a second time. The University Hostel was provided to that by the NU authorities.
Since hostels have the right toilets and other similar spaces which can be very useful for patients who are admitted to the virus. According to records, about 1190 students reside at the Nagpur University hostel. Since the hostels are actually empty, they can also be used for the isolation center. Such rooms are furnished with 500 beds and toilets. The VC has also suggested the same. Yet the city council also needs to agree to use it for a quarantine center. We also look at MLA or Aamdar Nivas and other buildings in Nagpur

विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं हो सकती है 15 मई के बाद ,वार्षिक पैटर्न पर भी विचार किया  जा रहा है

कोरोना के बढ़ते प्रादुर्भाव के कारन लॉक डाउन जारी है। यदि लॉक डाउन 15 अप्रेल से ख़त्म भी होता है तो इतनी जल्दी परीक्षाओं का इंतज़ाम करना मुश्किल होगा। कल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों की बैठक ली। इसमें परीक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। चर्चा में सहमति 15  मई  या उसके बाद की बन  रही है।

वर्तमान में विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के लिए प्लान ए ,बी ,सी बनाये जा रहे हैं। आर टी एम् नागपुर के उपकुलपति ने इतनी जल्दी परीक्षाएं लेने में असमर्थता दर्शायी।

वार्षिक पैटर्न पर भी विचार किया  जा रहा है-

लॉक डाउन का असर नए शिक्षण सत्र पर भी पड़ेगा यह भी हो सकता है। यह स्तिथि है की सेमेस्टर की परीक्षाएं अलग तौर पर करवानी पड़ें। कम समय होने से सेमेस्टर की परीक्षाएं एक साल में 2  सेमेस्टर के हिसाब से लेना मुश्किल है।

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि 14 अप्रैल के बाद लाॅकडाउन खत्म हाेगा या आगे बढ़ेगा।ट्रेन में यात्रियों को मास्क और सैनिटाइजर पाउच देने का भी सुझाव है।

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि 14 अप्रैल के बाद लाॅकडाउन खत्म हाेगा या आगे बढ़ेगा।सरकार की तैयारी है कि यह जब भी खत्म हाे, तब लोगों को राहत देने के साथ-साथ संक्रमण के खतरे से भी बचाया जाए। एक ड्राफ्ट प्लान में राज्यों को चार हिस्सों में बांटकर लाॅकडाउन खाेलने का प्रस्ताव है। इसके अनुसार, जिस जिले में कोई मरीज नहीं होगा, वहां लोगों को कुछ शर्तों के साथ जिले के अंदर आवाजाही की इजाजत होगी। कुछ जिलों में रेल और बस के साथ-साथ विमान सेवा भी शुरू हो सकती हैं। रेल सर्विस शुरू होती है तो ट्रेन की मिडिल बर्थ बुक नहीं होगी। ज्यादातर जिलों में स्कूल-कॉलेज, पार्क, सिनेमाघर, व्यावसायिक और निजी प्रतिष्ठान बंद ही रहेंगे। ट्रेनें उन जिलों में नहीं रुकेंगी, जहां एक भी कोरोना संक्रमित मरीज हाेगा।

इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने सभी मंत्रियाें काे काेराेनावायरस का आर्थिक असर कम से कम करने के लिए युद्ध स्तर पर याेजनाएं बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्हाेंने कहा कि यह संकट हमारे लिए ‘मेक इन इंडिया’ काे बढ़ावा देने और दूसरे देशाें पर निर्भरता घटाने का अवसर लाया है। उन्होंने वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये कैबिनेट की बैठक ली।

अदालत, कुरियर सर्विस, रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्कैनिंग जरूरी हाेगी। ट्रेन में मिडिल बर्थ बुक नहीं होगी। प्लेटफाॅर्म टिकट महंगा करने का सुझाव है।टीटीई इन्फ्रारेड थर्मामीटर से जांच करेगा। ट्रेन में यात्रियों को मास्क और सैनिटाइजर पाउच देने का भी सुझाव है।एयरपोर्ट पर बुजुर्ग, गर्भवती और बच्चों के लिए बोर्डिंग पास के लिए अलग लाइन होगी। विमान के समय से तीन घंटे पहले यात्री को एयरपोर्ट में जाने की इजाजत नहीं होगी।

स्टेज के हिसाब से ऐसे खत्म किया जाएगा लाॅकडाउन 

स्टेज-4: जरूरी सुविधाएं चलेंगी, 65 से ऊपर के लाेग घर से नहीं निकलेंगे

दूसरे राज्य में नहीं जा सकेंगे। ट्रेन में अनारक्षित टिकट नहीं मिलेगा। बस-ट्रेन में क्षमता से एक तिहाई कम टिकट बुक होंगे। जिस जिले में केस नहीं होगा, वहां इंडस्ट्री शुरू होगी। लेकिन, श्रमिक उसी जिले के होंगे। जिन शहरों में केस होंगे, वहां परिवहन बंद रहेगा। सभी धर्मस्थल, शिक्षण संस्थान आदि बंद ही रहेंगे।

स्टेज-3: घरेलू विमानाें से यात्रा होगी, लेकिन संक्रमित जिले में नहीं 

दूसरे राज्याें में नहीं जा सकेंगे। घरेलू विमान चलेंगे। जिस जिले में मरीज होगा, वहां आवाजाही बंद रहेगी। बाकी जिलों में आ-जा सकेंगे। जिन जिलों में कोई मरीज नहीं होगा, वहां गैर जरूरी सामान भी आ-जा सकेगा। स्टेज-4 और स्टेज-3 में करीब-करीब एक समान पाबंदियां होंगी।

स्टेज-2: स्कूल-काॅलेज बंद ही रहेंगे, शाॅपिंग माॅल-सिनेमाघर खुलेंगे

दूसरे राज्य में रेल और सड़क मार्ग से आ-जा सकेंगे। लेकिन, यह देखा जाएगा कि बीच में स्टेज-3 और स्टेज-4 का शहर न आए। विमान से निचली स्टेज के शहराें में जा सकेंगे। सिर्फ वहीं जा सकेंगे, जहां 28 दिन से एक भी केस नहीं आया हो। इंडस्ट्री में राज्य के किसी भी हिस्से से मजदूर काम कर सकेंगे।

स्टेज-1स्कूल-काॅलेज शुरू होंगे, पर कमरे में 50 से ज्यादा स्टूडेंट नहीं होंगे

रेल या सड़क मार्ग से एक से दूसरे राज्य में जाने की इजाजत होगी। स्टेज-3 और स्टेज-4 शहराें में नहीं जा सकेंगे। उन जिलों में ट्रेन नहीं रुकेगी, जहां मरीज होगा। जिन जिलों में 28 दिन में मरीज नहीं आया होगा, वहां आने-जाने की इजाजत होगी। धार्मिक स्थल खुल सकेंगे।

 

सतरंजीपूरा झोनमधील बडी मज्जीद परिसरातील सीमा सिल

नागपूर शहरातील सतरंजीपूरा झोनमधील बडी मज्जीद परिसरातील रहिवासी नागरिकाचा कोरोनामुळे मृत्यू झाला. यासंबंधी खबरदारी म्हणून सतरंजीपूरा भागाच्या सर्व सीमा सील करण्यात आल्या आहेत. शहरातील नागरिकांच्या सुरक्षेच्या दृष्टीने मनपा आयुक्त श्री.तुकाराम मुंढे यांनी संपूर्ण भाग सिल करण्याचा निर्णय घेतला आहे.

सोमवारी (ता.६) सतरंजीपूरा झोनमधील बडी मज्जीद परिसरातील एका ६८ वर्षीय रुग्णाचा कोरोनामुळे मृत्यू झाला. शहरात कोरोनामुळे पहिला मृत्यू झाल्याने खळबळ माजली. यासंबंधी खबरदारी म्हणून मनपा आयुक्तांनी तात्काळ सतरंजीपूरा झोनमधील बडी मज्जीद परिसरातील सर्व सीमा बंद करण्याचे आदेश दिले. त्यानुसार बडी मस्जीद, सतरंजीपूरा प्रभाग २१ या भागातील निश्चित केलेल्या कंटेनमेंट एरीया उत्तर-पूर्वेस शासकीय मागासवर्गीय मुलींचे वसतिगृह, दक्षिण-पूर्वेस रचना कॉम्प्लेक्स, दक्षिण-पश्चिमेस जुना मोटार स्टँड चौक, उत्तर-पश्चिमेस मारवाडी चौक टी-पॉईंट हा सर्व भाग प्रतिबंधीत क्षेत्र म्हणून घोषित करण्यात आले असून या भागात येणारे व जाणारे सर्व मार्ग बंद करण्यात आले आहेत.

अत्यावश्यक सेवा देणारे जसे, शासकीय व निमशासकीय सेवेतील अत्यावश्यक सेवेत कार्यरत असणारे अधिकारी आणि कर्मचारी, आवश्यक तातडीची सेवा करणे तसेच अंत्यविधी, वैद्यकीय सेवेशी संबंधित खाजगी डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टोअर्स् दुकानदार, पॅथॉलॉजीस्ट, रुग्णवाहिका इत्यादी तसेच पोलिस विभागातर्फे पास धारक असलेल्या जीवनावश्यक वस्तूंचा पुरवठा करणा-या व्यक्ती आदी सर्व वगळता इतर नागरिकांना बाहेर येण्या-जाण्यासाठी प्रतिबंध करण्यात आले आहे.

नागरिकांनी घाबरून न जाता स्वतःसह कुटुंबीयांची काळजी घ्यावी. कुणीही अनुज्ञेय कारणाशिवाय घराबाहेर पडू नये. नियमीत स्वच्छता राखावी. आवश्यक मदतीसाठी मनपाच्या नियंत्रण कक्षाशी संपर्क साधावा, असे आवाहन मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी केले आहे.

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उत्तर नागपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन 137 लोगों ने किया रक्तदान

आज डॉ. बाबासाहेब आबेडंकर रूग्णालय व अनुसंधान केंद्र, कामठी रोड, नागपुर में उत्तर नागपुर कांग्रेस कमेटी की तरफ से डॉ. नितीन राऊत माननीय ऊर्जा व पालक मंत्री नागपुर इनके प्रमुख उपस्थिति में रक्तदान शिबीर का आयोजन किया गया. कांग्रेस के इस रक्तदान शिबीर में 137 लोगों ने रक्तदान किया.
 रक्तदान शिबीर का आयोजन राज्य सरकार के आह्वान और अस्पताल में हो रही रक्त की कमी को देखकर किया गया. रक्तदान के लिए आने वाले सभी लोगों को समय के अनुसार सुबह 11:00 से 5:00 बजे तक का समय दिया गया था, जिस कारण से एक समय पर ज्यादा लोगों की संख्या इकट्ठा ना हो सके और सभी के द्वारा समय का पालन कर रक्तदान किया जा रहा था. रक्तदान शिबीर में आने वाले सभी को मास्क का इस्तेमाल और सैनिटाइझर के उपयोग से हाथ साफ करना जरूरी किया गया था. किसी रक्तदाता को कोई परेशानी ना हो इसकी पूरी व्यवस्था की गई थी.
रक्तदान शिबीर, इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व रुग्णालय नागपुर (IGGMC) के सहयोग से किया गया, शिबीर के आयोजकों ने सभी डॉक्टर और नर्स का स्वागत और एक साथ ताली बजाकर सभी का धन्यवाद किया.
रक्तदान शिबीर का शुभारंभ डॉ. नितीन राऊत ऊर्जा व पालक मंत्री नागपुर इनके प्रमुख उपस्थिति मे किया गया इस रक्तदान शिविर का आयोजन उत्तर नागपुर कांग्रेस कमेटी के सुरेश पाटील, असद खान, अजित सिंह, धीरज पांडे, सतीश पाली, गौतम अंबादे ने किया.
इस रक्तदान शिविर में अखिल भारतीय कांग्रेस सेवा दल के संगठन कृष्ण कुमार पांडे, वरिष्ठ नगरसेवक प्रफुल गुळदे पाटिल, प्रदेश सचिव संजय दुबे, सुरेश जग्याशी, फिलीप जयसवाल, दिनेश यादव, विजया हजारे, सलीम खान, हिरा गेडाम, रविन्द्र सिंग राणा, कुमार रामटेके, इरशाद शेख, हनिफ सिदीक, आमिर नुरी भेंट दि.
रक्तदान शिविर को सफल बनाने में दिपक खोबरागडे, सलीम मस्ताना, आशिफ शेख, पंकज सावरकर, चेतन तरारे, गोविद गौरे, निखिल सहारे, अलिम बफाती, इमरान खान, सागर उइके, सन्तोष खडसे, पंकज नगरारे,  निलेश खोबरागडे, सचिन वासनिक, शेख शहनवाज, गणेश धुर्वे, आतिश साखरे, प्लाश लिगायत, अविनाश ताडेकर, धीरज गुप्ता, मुना पटेल, अजय वजारी, अशोक नगरारे, अरविंद बदोले,आकाश इंदुरकर, बडु नगरारे, प्रतिक शेन्डे, रत्नदीप गणवीर, स्वपनिल धाडे, अजमल अहमद, विपुल महल्ले आदि ने सहभाग लिया.
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