नागपुर पुलिस करेगी ड्रोन से भीड़भाड़ वाले इलाके की निगरानी

नागपुर : कोरोना विषाणु ने पूरे देश में उथल पुथल मचा दी है।इसके चलते प्रशासन को भी बहुत सतर्कता  बरतने की जरूरत है।खैर नागपुर प्रशासन शुरू से ही  कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए कारगर उपाय करता आया है।नागपुर को कोरोनावायरस से पूरी तरह से मुक्त करने के लिए प्रशासन दिन रात प्रयास कर रहा है।इसी की कड़ी में और संक्रमण बचाव  तैयारी के चलते अब नागपुर पुलिस प्रशासन ड्रोन से शहर की निगरानी करेगा।
ऐसा बताया जा रहा है नागपुर पुलिस को एक अत्याधुनिक ड्रोन कैमरा मिला है इससे पहले प्रशासन की पास 3 ड्रोन उपलब्ध थदरअसल कई नागरिक फल और सब्जी मार्केटों में भीड़ कर रहे हैं यहां तक के कुछ लोग तो बिना मास्क के भी खरीददारी करने आ रहे हैं। यह स्तिथि प्रशासन के लिए काफी चिंताजनक है इसी को ध्यान में रखते हुए भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जाएगी ताकि किसी तरह की लापरवाही से ये विषाणु संक्रमण लोगों में ना फैले।

नागपुर में आज 2 और कोरोना संक्रमित मरीज़ पाए गए जिसमे से एक सतरंजीपुरा और एक चंद्रपुर का पीड़ित

नागपुर: राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती  जा रही  है। देखा जाये तो पुणे, औरंगाबाद, ठाणे, कोल्हापुर और नागपुर में कोरोना के रोगियों में वृद्धि हुई है। इसके कारण, महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के केसेस बाकि राज्यों से ज्यादा है।

आज नागपुर में  दो और लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इनमें से एक मरीज़ एक कोरोना पॉजिटिव मरीज़ के संपर्क में है, जिसकी सतरंजीपुरा इलाके में मौत हो गई। दूसरा मरीज चंद्रपुर के मरीज के संपर्क में है। इस मरीज के संपर्क में आने वाले कुल सात लोगों में कोरोना था। इसलिए नागपुर में भी कड़े एहतियात बरतने की आवश्यकता है।

महाराष्ट्र के कुछ और जिलों की बात करें तो  पुणे में कोरोना से एक पुलिसकर्मी की माँ संक्रमित हो गई है। और आज इस तरह के तीन नए कोरोना रोगी पुणे में पाए गए हैं।उधर, कोल्हापुर के शाहूवाडी तालुका में कोरोना संक्रमित के संपर्क में आई एक रिश्तेदार महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।औरंगाबाद में कोरोना पॉजिटिव से दो और रिपोर्ट सामने आई हैं। इसलिए औरंगाबाद में कोरोना रोगियों की संख्या 20 तक पहुंच गई है।तीन पॉजिटिव  कोरोना रोगी ठाणे जिले के बदलापुर में पाए गए हैं। पुलिसकर्मी की पत्नी और बेटी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं।
फ़िलहाल नागपुर में कोरोनों पीड़ितों की संख्या 25 से बढ़कर 27 हो गई है।

खासदार पद्मश्री डॉ विकास महात्मे यांच्या माध्यमातून बनले कोरोना साठी सुरक्षित तपासणी उपकरण.

कोरोना चे निदान करण्यासाठी  संशयास्पद रुग्णांची  तपासणी करण्यासाठी घशातील  स्रावांचे नमुने घेऊन  पाठवावे लागतात. हे करताना रुग्ण कोरोना बाधित आहे अथवा नाही हे ठाऊक नसते.  त्यामुळे ही चाचणी घेणारे डॉक्टर आणि सहाय्यक यांच्या डोक्यावर सतत टांगती तलवार असते व आपल्याला कोरोना तर होणार नाही अशी भीती ही त्यांना सतत वाटत असते.
STOP कोरोना (Gadget for Safety To Operating Persons) हे एक उपकरण आहे ज्यामध्ये डॉक्टर आणि सहकारी एका बंद केबिन मध्ये उभे राहून, संशयित रुग्णाच्या संपर्कात न येता आजारी व्यक्तीच्या घशातील नमुने घेऊ शकतात. यामुळे आरोग्य कर्मचार्‍यांना संपूर्ण संरक्षण मिळेल. न घाबरता आरोग्य कर्मचारी काम करू शकतील. मुख्य म्हणजे हे करताना त्यांना PPE किट घालण्याची आवश्यकता राहणार नाही त्यामुळे या किट वर होणारा खर्च ही कमी करता येईल.
खासदार आणि पद्मश्री पुरस्कारप्राप्त नेत्रतज्ञ  डॉ विकास महात्मे यांच्या संकल्पनेतून व वैयक्तिक देणगीतून  हे साधन तयार केले गेले आहे आहे.  हे उपकरण प्रत्यक्ष तयार करून घेण्यासाठी  ऑरियस इन्स्टिट्यूट ऑफ हेल्थ सायन्सेस (स्टेट ऑफ आर्ट मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, नागपूर) चे डॉ. परीक्षित महाजन आणि डॉ. अनंतसिंग सिंग राजपूत यांनी खास परिश्रम घेतले. खासदार डॉ विकास महात्मे यांनी आज हे उपकरण लोकार्पण करून शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालयाला वापरण्यासाठी दिले. मेडिकलचे वैद्यकीय अधिक्षक डॉ. अविनाश गावंडे यांना हे उपकरण हस्तांतरित करण्यात आले.

कलमना बाज़ार स्थित कृषि उपज मंडी में उमड़ी भीड़ , सोशल डिस्टन्सिंग नियम हुआ नजरअंदाज़

नागपुर : दरअसल कलमना कृषि उपज मंडी में इस शुक्रवार फलों की आवक अच्छी रही उसके साथ ही मंडी में स्थानीय नागरिकों और फल विक्रेताओं की भारी भीड़ जमा हो गई।जहां एक तरफ राज्य में कोरोना वायरस तेज़ी से फ़ैल रहा है वहीं मंडी में ग्राहकों की इस भीड़ को देख के प्रश्न यह उठता है के ऐसी भीड़ में सोशल डिस्टन्सिंग को नजरअंदाज करते हुए नागरिकों को कैसे नियंत्रित किया जाए। या फिर प्रशासन इस बाज़ार बंद करने के निर्णय पर क्या विचार करेगा.

मुंबई में कृषि उपज मंडी जो की हर गुरुवार को लगती है और पुणे में कृषि उपज मंडी जो की हर शुक्रवार को लगती है।हालाकि बहुत बड़ी मंडी है पर फिलहाल प्रशासन ने कोरोना विषाणु के चलते इन्हें बंद करने का निर्णय लिया है। किन्तु नागपुर में फिलहाल कलमना बाज़ार कृषि उपज मंडी को बंद करने पर संशय है।

प्रशासक सचिव राजेश भूसारी ने कहा के उन्होंने बाज़ार को सेनिटाइज करने का सुझाव भी दिया है । साथ ही मंडी में काम करने वाले मजदूरों को भी मास्क वितरित करने की बात हुई है।लेकिन फिलहाल शुक्रवार बाज़ार बंद के फैसले को लेकर भूसारी ने कोई बात स्पश्ट नहीं की।

कल जब शुक्रवार को फलों का बाज़ार लगा तो लोगों की काफी भीड़ उमड़ गई।कई लोगों ने तो सोशल डिस्टन्सिंग के सभी नियमों को ताक पर रख दिया।

कहीं कोरोना आपके दरवाजे पर तो नहीं दे रहा दस्तक,नागपुर के सतरंजीपूरा में मिले 6 पॉजिटिव केसेस

नागपुर: बताया जा रहा है के रविवार के दिन कोरोना पीड़ित एक मरीज़ की मृत्यु हुई थी अब उसी व्यक्ति के परिवार के 6 और सदस्यों में कोरोणा संक्रमण पाया गया है।ये खबर फैलते से ही आसपास की कॉलोनी में रहने वाले लोगों में सनसनी फैल गई है।

वैसे तो प्रशासन कड़े प्रयास कर रहा है के लोगों में सोशल डिस्टन्सिंग और जागरूकता कायम रहे। किन्तु अब नागपुरवासियों को और गंभीरता से इसे लेने की जरूरत है।जैसा के प्रशासन सबको चेता रहा है के घर में रहें , सोशल डिस्टन्सिंग को फॉलो करें और यदि आपको लगता है के आप सर्दी जुखाम से पीड़ित हैं तो आप स्वास्थ्य विभाग से तुरंत संपर्क करें।

लगभग 22 से ज्यादा राज्यों में संक्रमण दिनों दिन भयावह रूप लेता जा रहा है।कई राज्यों और जिलों की सीमाओं को सील कर दिया गया है।

नागपुर में आज 2 और कोरोणा संदिग्धों की मौत , शहर के मेडिकल कॉलेज वार्ड में हुई मृत्यु

नागपुर :प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद शहर में न जबए कोरोना पीड़ित मरीज़ मिल रहे हैं।

दरअसल आज नागपुर के मेडिकल कॉलेज के वार्ड क्रमांक 25 में 2 और कोरोना संदिग्धों की मृत्यु हो गई।बताया जा रहा है पहला मरीज़ नामदेव नगर का रहवासी था परन्तु कुछ लोगों का कहना है उसकी रिपोर्ट नेगटिव आयी है.
और दूसरा मरीज़ परसिविनि का रहवासी था जिसकी उम्र 12 साल बताई जा रही है।उसकी मौत का समय आज शाम 4:30 बजे के आसपास का है।हालांकि अभी उसकी कोरोना रिपोर्ट आने का अभी भी इंतजार है ।दूसरी तरफ नागपुर प्रशासन अपनी ओर से संक्रमण को रोकने के हर संभव प्रयास कर रहा है।
गौरतलब है के महाराष्ट्र में अब तक कोरोनावायरस संक्रमित सबसे ज्यादा लोग हैं।ऐसा बताया जा रहा है के देश के कुल केसेस में से 20 प्रतिशत केस सिर्फ महाराष्ट्र राज्य के है।

शहर में बढ़ाई जा सकती है पुलिस पेट्रोलिंग , बेफिजूल घूमने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही

नागपुर :जैसे जैसे शहर से कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की सूची जारी होती जा रही है।प्रशासन पूरी तरह से प्रयास कर रहा है के लोग लॉक डाउन का सख्ती से पालन करें और कोरोना महामारी पूरी तरह से लोगों को चपेट में ना लेले।किन्तु कुछ लोग  अनावश्यक रूप से सड़कों पर घूमते नजर आते हैं। ऐसे सभी लोगों पर प्रशासन कड़ी कार्यवाही करने की तैयारी में है।

सूत्रों के अनुसार प्रशासन अपनी चौकसी पूरे शहर में बड़ा रहा है ताकि यह सुनिश्चित कर सके के जो लोग  किसी आपातकाल स्तिथि में है सिर्फ वहीं निर्देशानुसार बाहर जा सकें। पर बताया जा रहा है कई जगह आमजन लॉक डाउन को लेकर इतना गंभीर नहीं है ।कुछ लोग आस पड़ोसी के साथ गपशप में लगे पाए गए तो कुछ लोग बेफिजूल रास्तों पर घूमने के बहाने बनाते हुए।

कई जगह शहर के अंदरूनी इलाकों में लोग नाइट वॉक करते पाए गए ।कुछ रहवासी सोसायटियों में लोग एकत्रित को होकर बातचीत करते हुए पाए गए ऐसे में पुलिस प्रशासन पेट्रोलिंग और सख्त करने का मन बना रहा है ताकि सिर्फ चौराहे या मुख्य मार्गों पर नहीं हर गली मोहल्ले में लोग अनुशासन का पालन करें।

रोजमर्रा में आवश्यक खाद्य सामग्री के बड़े दाम

नागपुर :कोरोणा संक्रमण के चलते 25 मार्च से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी लॉक डाउन की घोषणा की थी।उसके बाद से ही लोगों में जीवन आवश्यक वस्तुओं को लेकर अफरा तफरी मच गई थी।

दरअसल लॉक डाउन के चलते कई जगह जीवन आवश्यक वस्तुएं जैसे तेल,गेंहू,दाल,शकर आदि पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहे है।विभिन्न प्रदेशों से आने वाला खाद्य समान भी शहर तक नहीं पहुंच पा रहा है क्योंकि माल वाहन जैसे ट्रक,माल गाड़ी आदि कई दिनों से बंद थे।अभी तो जीवन जरूरी समान माल-वाहनों द्वारा पहुंचाया जा रहा है प्रशासन भी अपनी तरफ से पूरे प्रयास में है के जीवन आवश्यक वस्तुएं लोगों तक पहुंचती रहें।किन्तु कई कई जगह आमजन को पहले से ज्यादा कीमत भी देनी पड़ रही है।

फिलहाल सोयाबीन का तेल लोकल बाज़ार में 102 रुपए प्रति लिटर के आसपास उपलब्ध है जो कि बीच में 108 रुपए प्रति लिटर तक पहुंच गया था। वहीं शक्कर के भाव अभी स्थिर है। बात करें चना दाल , तुअर दाल और गेहूं की तो इनके भाव थोड़ा बड़े हुए हैं। मध्य प्रदेश से हर साल नया गेहूं आता है किन्तु इस बार लॉक डाउन के चलते नया गेहूं मंडियों तक नहीं पहुंचा है जिससे भाव में बड़त देखने को मिली।

कम्पनियां भी कई दिनों से बंद है उसके साथ ही कच्चा माल भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है । इसका ताजा उदाहरण मैदा फिलहाल लोकल बाज़ार में मिलना थोड़ा सा मुश्किल हो रहा है। फिलहाल जो उपलब्ध ब्रांड मार्केट में है उससे ही लोगों को काम चलाना पड़ रहा है।कुछ लोग चक्की से साबुत अन्न पिसवा कर काम चला रहें हैं।लॉक डाउन की वजह से अभी तो किराना दुकानों और मॉल में भी कोई भीड़ देखने नहीं मिल रही।

कोरोना संक्रमण के चलते सार्वजनिक स्थल पर थूकना पड़ सकता है महंगा ,थूकने पर 1000 रुपए आर्थिक दण्ड

नागपुर:दरअसल कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव से आम नागरिकों को बचाने के लिए प्रशासन तरह तरह के प्रयास कर रहा है उन्हीं में से एक प्रयास यह भी है के यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर थूकता है तो उसे आर्थिक दण्ड देना होगा ।पहले ये आर्थिक दण्ड 200 रुपए था किन्तु वर्तमान स्थिति और हाईजीन और सेंटाइजेशन को ध्यान में रखते हुए अब इस आर्थिक दण्ड को बड़ा कर 1000 रुपए कर दिया गया है। महानगर पालिका के लोकायुक्त श्री तुकाराम मुंडे के अनुसार नगर पालिका कोरोणा संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए तरह तरह के जन जागृति अभियान भी चला रही है।इस अभियान के तहत एक नियम उपद्रव शोध पथक भी बनाया गया है।

महानगर पालिका सुनिश्चित करना चाहती है के जो भी सार्वजनिक स्थल है वो साफ और स्वच्छ रहें साथ ही इन पर किसी तरह का अतिक्रमण ना हो।महानगर पालिका आयुक्त श्री तुकाराम जी ने नागपुर की जनता से आवाहन भी किया है के वो वायरस के खतरे को देखते हुए सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करे।

उपद्रव शोध नियम के तहत सार्वजनिक स्थल पर थूकने व गंदगी फैलाने के तहत आर्थिक दण्ड की कार्यवाही भी की गई है।

कुछ दिनों पहले ही इस नियम के 23 मार्च को धांतोली में एक व्यक्ति से 1000 रुपए आर्थिक दण्ड वसूला गया। 26 मार्च को धरमपेठ मार्ग पर थूकते हुए एक व्यक्ति पर कार्यवाही की गई ।इसके बाद 27 मार्च कोलकड़गंज ज़ोन में भी एक व्यक्ति पर उपद्रव शोध पथक के तहत 1000 रुपए के आर्थिक दण्ड की कार्यवाही की गई।

 

 

Maharajbagh, Gorewada, take steps in the defense of animals

NAGPUR: The Maharashtra Zoo Authority (MZA) has advised all 13 zoos and animal shelters in the state to take top priority safety screening of the maintainers and the handlers of animal animals after a four-year-old tigress has been confirmed positive in the US in Bronx Zoo.
MZA worked to ensure that these zoos were operated by the Central Zoo Authority in compliance with all guidelines. On Tuesday Maharajbagh Zoo was inspected by Ravikiran Govekar, MZA member secretary. In the reserve of Maharashtra, there are 36 tigers, five lions, and 88 leopards.
Although the condition at state zoos is better despite the CZA Directives, we demanded that they all be sanitized and decontaminated and see animal husbandry tests for COVID-19.In Bronx zoo coronavirus transmitted by humans to the tiger

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