MECL Provided Ambulance To District Health Officers Nagpur

Nagpur: During a very critical time when a pandemic-COVID-19 has hit the entire nation MECL treated a district ambulance to the Ranchi district collectorate in order to augment its existing health care facilities and help the vulnerable.

In addition, during a important COVID-19 outbreak, an Ambulance has been sent to the Nagpur District Health Officer for use at the CSR Operation of MECL, the Public Health Center, Dhanla, Taluk-Mauda District, MECL.

Nagpur University Offers Isolation Centre for Covid -19 patients

Nagpur University was asked to give its university admin building for patients with a novel coronavirus pandemic when the isolation or quarantine centers in the city became required. In response to this, however, Nagpur has provided a hostel to the university rather than an administrative building, which is better suited for a stay that is required for the patients when testing for viruses.

Nagpur, including the NMC, is a local authority that is planning to combat the deadly virus without leaving a stone unturned .. And so they need the core of quarantine. The government depended on the Nagpur University administrative building. Since the admin house, however, had no facilities and a lot of other arrangements were required, the authority, therefore, thought a second time. The University Hostel was provided to that by the NU authorities.
Since hostels have the right toilets and other similar spaces which can be very useful for patients who are admitted to the virus. According to records, about 1190 students reside at the Nagpur University hostel. Since the hostels are actually empty, they can also be used for the isolation center. Such rooms are furnished with 500 beds and toilets. The VC has also suggested the same. Yet the city council also needs to agree to use it for a quarantine center. We also look at MLA or Aamdar Nivas and other buildings in Nagpur

विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं हो सकती है 15 मई के बाद ,वार्षिक पैटर्न पर भी विचार किया  जा रहा है

कोरोना के बढ़ते प्रादुर्भाव के कारन लॉक डाउन जारी है। यदि लॉक डाउन 15 अप्रेल से ख़त्म भी होता है तो इतनी जल्दी परीक्षाओं का इंतज़ाम करना मुश्किल होगा। कल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों की बैठक ली। इसमें परीक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। चर्चा में सहमति 15  मई  या उसके बाद की बन  रही है।

वर्तमान में विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के लिए प्लान ए ,बी ,सी बनाये जा रहे हैं। आर टी एम् नागपुर के उपकुलपति ने इतनी जल्दी परीक्षाएं लेने में असमर्थता दर्शायी।

वार्षिक पैटर्न पर भी विचार किया  जा रहा है-

लॉक डाउन का असर नए शिक्षण सत्र पर भी पड़ेगा यह भी हो सकता है। यह स्तिथि है की सेमेस्टर की परीक्षाएं अलग तौर पर करवानी पड़ें। कम समय होने से सेमेस्टर की परीक्षाएं एक साल में 2  सेमेस्टर के हिसाब से लेना मुश्किल है।

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि 14 अप्रैल के बाद लाॅकडाउन खत्म हाेगा या आगे बढ़ेगा।ट्रेन में यात्रियों को मास्क और सैनिटाइजर पाउच देने का भी सुझाव है।

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि 14 अप्रैल के बाद लाॅकडाउन खत्म हाेगा या आगे बढ़ेगा।सरकार की तैयारी है कि यह जब भी खत्म हाे, तब लोगों को राहत देने के साथ-साथ संक्रमण के खतरे से भी बचाया जाए। एक ड्राफ्ट प्लान में राज्यों को चार हिस्सों में बांटकर लाॅकडाउन खाेलने का प्रस्ताव है। इसके अनुसार, जिस जिले में कोई मरीज नहीं होगा, वहां लोगों को कुछ शर्तों के साथ जिले के अंदर आवाजाही की इजाजत होगी। कुछ जिलों में रेल और बस के साथ-साथ विमान सेवा भी शुरू हो सकती हैं। रेल सर्विस शुरू होती है तो ट्रेन की मिडिल बर्थ बुक नहीं होगी। ज्यादातर जिलों में स्कूल-कॉलेज, पार्क, सिनेमाघर, व्यावसायिक और निजी प्रतिष्ठान बंद ही रहेंगे। ट्रेनें उन जिलों में नहीं रुकेंगी, जहां एक भी कोरोना संक्रमित मरीज हाेगा।

इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने सभी मंत्रियाें काे काेराेनावायरस का आर्थिक असर कम से कम करने के लिए युद्ध स्तर पर याेजनाएं बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्हाेंने कहा कि यह संकट हमारे लिए ‘मेक इन इंडिया’ काे बढ़ावा देने और दूसरे देशाें पर निर्भरता घटाने का अवसर लाया है। उन्होंने वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये कैबिनेट की बैठक ली।

अदालत, कुरियर सर्विस, रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्कैनिंग जरूरी हाेगी। ट्रेन में मिडिल बर्थ बुक नहीं होगी। प्लेटफाॅर्म टिकट महंगा करने का सुझाव है।टीटीई इन्फ्रारेड थर्मामीटर से जांच करेगा। ट्रेन में यात्रियों को मास्क और सैनिटाइजर पाउच देने का भी सुझाव है।एयरपोर्ट पर बुजुर्ग, गर्भवती और बच्चों के लिए बोर्डिंग पास के लिए अलग लाइन होगी। विमान के समय से तीन घंटे पहले यात्री को एयरपोर्ट में जाने की इजाजत नहीं होगी।

स्टेज के हिसाब से ऐसे खत्म किया जाएगा लाॅकडाउन 

स्टेज-4: जरूरी सुविधाएं चलेंगी, 65 से ऊपर के लाेग घर से नहीं निकलेंगे

दूसरे राज्य में नहीं जा सकेंगे। ट्रेन में अनारक्षित टिकट नहीं मिलेगा। बस-ट्रेन में क्षमता से एक तिहाई कम टिकट बुक होंगे। जिस जिले में केस नहीं होगा, वहां इंडस्ट्री शुरू होगी। लेकिन, श्रमिक उसी जिले के होंगे। जिन शहरों में केस होंगे, वहां परिवहन बंद रहेगा। सभी धर्मस्थल, शिक्षण संस्थान आदि बंद ही रहेंगे।

स्टेज-3: घरेलू विमानाें से यात्रा होगी, लेकिन संक्रमित जिले में नहीं 

दूसरे राज्याें में नहीं जा सकेंगे। घरेलू विमान चलेंगे। जिस जिले में मरीज होगा, वहां आवाजाही बंद रहेगी। बाकी जिलों में आ-जा सकेंगे। जिन जिलों में कोई मरीज नहीं होगा, वहां गैर जरूरी सामान भी आ-जा सकेगा। स्टेज-4 और स्टेज-3 में करीब-करीब एक समान पाबंदियां होंगी।

स्टेज-2: स्कूल-काॅलेज बंद ही रहेंगे, शाॅपिंग माॅल-सिनेमाघर खुलेंगे

दूसरे राज्य में रेल और सड़क मार्ग से आ-जा सकेंगे। लेकिन, यह देखा जाएगा कि बीच में स्टेज-3 और स्टेज-4 का शहर न आए। विमान से निचली स्टेज के शहराें में जा सकेंगे। सिर्फ वहीं जा सकेंगे, जहां 28 दिन से एक भी केस नहीं आया हो। इंडस्ट्री में राज्य के किसी भी हिस्से से मजदूर काम कर सकेंगे।

स्टेज-1स्कूल-काॅलेज शुरू होंगे, पर कमरे में 50 से ज्यादा स्टूडेंट नहीं होंगे

रेल या सड़क मार्ग से एक से दूसरे राज्य में जाने की इजाजत होगी। स्टेज-3 और स्टेज-4 शहराें में नहीं जा सकेंगे। उन जिलों में ट्रेन नहीं रुकेगी, जहां मरीज होगा। जिन जिलों में 28 दिन में मरीज नहीं आया होगा, वहां आने-जाने की इजाजत होगी। धार्मिक स्थल खुल सकेंगे।

 

सतरंजीपूरा झोनमधील बडी मज्जीद परिसरातील सीमा सिल

नागपूर शहरातील सतरंजीपूरा झोनमधील बडी मज्जीद परिसरातील रहिवासी नागरिकाचा कोरोनामुळे मृत्यू झाला. यासंबंधी खबरदारी म्हणून सतरंजीपूरा भागाच्या सर्व सीमा सील करण्यात आल्या आहेत. शहरातील नागरिकांच्या सुरक्षेच्या दृष्टीने मनपा आयुक्त श्री.तुकाराम मुंढे यांनी संपूर्ण भाग सिल करण्याचा निर्णय घेतला आहे.

सोमवारी (ता.६) सतरंजीपूरा झोनमधील बडी मज्जीद परिसरातील एका ६८ वर्षीय रुग्णाचा कोरोनामुळे मृत्यू झाला. शहरात कोरोनामुळे पहिला मृत्यू झाल्याने खळबळ माजली. यासंबंधी खबरदारी म्हणून मनपा आयुक्तांनी तात्काळ सतरंजीपूरा झोनमधील बडी मज्जीद परिसरातील सर्व सीमा बंद करण्याचे आदेश दिले. त्यानुसार बडी मस्जीद, सतरंजीपूरा प्रभाग २१ या भागातील निश्चित केलेल्या कंटेनमेंट एरीया उत्तर-पूर्वेस शासकीय मागासवर्गीय मुलींचे वसतिगृह, दक्षिण-पूर्वेस रचना कॉम्प्लेक्स, दक्षिण-पश्चिमेस जुना मोटार स्टँड चौक, उत्तर-पश्चिमेस मारवाडी चौक टी-पॉईंट हा सर्व भाग प्रतिबंधीत क्षेत्र म्हणून घोषित करण्यात आले असून या भागात येणारे व जाणारे सर्व मार्ग बंद करण्यात आले आहेत.

अत्यावश्यक सेवा देणारे जसे, शासकीय व निमशासकीय सेवेतील अत्यावश्यक सेवेत कार्यरत असणारे अधिकारी आणि कर्मचारी, आवश्यक तातडीची सेवा करणे तसेच अंत्यविधी, वैद्यकीय सेवेशी संबंधित खाजगी डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टोअर्स् दुकानदार, पॅथॉलॉजीस्ट, रुग्णवाहिका इत्यादी तसेच पोलिस विभागातर्फे पास धारक असलेल्या जीवनावश्यक वस्तूंचा पुरवठा करणा-या व्यक्ती आदी सर्व वगळता इतर नागरिकांना बाहेर येण्या-जाण्यासाठी प्रतिबंध करण्यात आले आहे.

नागरिकांनी घाबरून न जाता स्वतःसह कुटुंबीयांची काळजी घ्यावी. कुणीही अनुज्ञेय कारणाशिवाय घराबाहेर पडू नये. नियमीत स्वच्छता राखावी. आवश्यक मदतीसाठी मनपाच्या नियंत्रण कक्षाशी संपर्क साधावा, असे आवाहन मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी केले आहे.

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नागपुर :20 वर्षीय गर्भवती कोरोना संदिग्ध की मौत । मेडिकल के वार्ड नंबर 25 में भर्ती थी । 

नागपुर :20 वर्षीय गर्भवती कोरोना संदिग्ध की मौत । मेडिकल के वार्ड नंबर 25 में भर्ती थी । चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही की रहने वाली थी । कोरोना रिपोर्ट का इंतजार है ।

 

महा मेट्रोच्या कामगाराकरिता आयसोलेशन चेंबरची निर्मिती,कामगारांची नियमित आरोग्य तपासणी,काउंसेलिंग सेशन सुरु

नागपूर : कोरोना वायरसचा (कोविड-१९) प्रादुर्भाव रोखण्याकरिता महा मेट्रोद्वारे सुरुवातीपासूनच खबरदारी घेतल्या जात आहे. यांच अनुषंगाने महा मेट्रोद्वारे कामगार कॉलनी मध्ये औषध फवारणी तसेच कामगारांची नियमितपने आरोग्य तपासणी केल्या जात आहे. वायरस प्रादुर्भाव रोखण्याकरिता आवश्यक सर्व खबरदारी महा मेट्रोद्वारे घेण्यात येत आहे.
महा मेट्रो द्वारे शहरातील विविध भागामधील ४० कामगार कॉलोनी मध्ये ३००० कामगारांकरिता या प्रकारचे नियोजन करण्यात आले आहे. औषध फवारणी आणि नियमित आरोग्य तपासणी व्यतिरिक्त कोविड-१९ व कुठल्याही आजाराची खबरदारी म्हणून तपासणी केल्या जात आहे. मेट्रो निर्माण कार्यात कार्यरत झारखंड राज्यातील कामगार श्री. कुलदीप सिंह ने कामगार कॉलोनी मध्ये उपलब्ध असलेल्या सोई सुविधा पासून प्रसन्नता व्यक्त केली.
८ डॉक्टर आणि ११ नर्स विविध कामगार कॉलोनीमधील कामगाराची काळजी घेत असून कुठल्याही आपत्कालीन परिस्थितीकरिता रुग्णवाहिका याठिकाणी उपलब्ध करण्यात आली आहे. २० सुरक्षा रक्षाकाची चमू आपत्कालीन परिस्थिती करिता सदैव कार्यरत आहे.
मुख्य म्हणजे या सर्व कामगार कॉलोनीमध्ये आयसोलेशन चेंबरची निर्मित करण्यात आली आहे. या ठिकाणी कार्यरत श्री. मोहम्मद सबीर या कामगारने सांगितले कि, कॉलोनी मध्ये नियमितपणे साफसफाई करण्यात येते असून कामगांराचे थर्मल स्कॅनरद्वारे तपासणी केल्या जाते.
उत्तर प्रदेश राज्यातील श्री. समशेर सिंह या कामगाराने सांगितले कि, कोविड-१९ मुळे उदभवलेल्या समस्येमुळे सोशल डीस्टसिंग पाळत असल्याचे सांगितले. कामगारांनमध्ये जागरुकता आणन्याकरिता प्रशिक्षण सत्र आणि पोस्टरच्या माध्यमाने जागरुकता अभियान राबविल्या जात आहे. आतापर्यत सुमारे १३० जागरूकता अभियान राबविले असल्याचे त्यांनी सांगितले.
या सर्व कामगारांना सुरक्षा उपकरण ज्यामध्ये मास्क, हातमोजे इत्यादीचे वाटप करण्यात आले आहे. या व्यतिरिक्त १२ थर्मल स्कॅनर (इंफ्रारेड थर्मामीटर) शरीराचे तापमान मोजण्याकरिता उपलब्ध आहे.वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारी नियमितपणे या कॉलोनीची पाहणी करून आवश्यक काळजी घेत आहे. महा मेट्रोद्वारे कोविड-१९ च्या बचावापासून कामागांराकरिता आवश्यक सर्व उपाय योजना करण्यात येत असून कामगार कॉलोनीची आवश्यक काळजी घेण्यात येत आहे.

उत्तर नागपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन 137 लोगों ने किया रक्तदान

आज डॉ. बाबासाहेब आबेडंकर रूग्णालय व अनुसंधान केंद्र, कामठी रोड, नागपुर में उत्तर नागपुर कांग्रेस कमेटी की तरफ से डॉ. नितीन राऊत माननीय ऊर्जा व पालक मंत्री नागपुर इनके प्रमुख उपस्थिति में रक्तदान शिबीर का आयोजन किया गया. कांग्रेस के इस रक्तदान शिबीर में 137 लोगों ने रक्तदान किया.
 रक्तदान शिबीर का आयोजन राज्य सरकार के आह्वान और अस्पताल में हो रही रक्त की कमी को देखकर किया गया. रक्तदान के लिए आने वाले सभी लोगों को समय के अनुसार सुबह 11:00 से 5:00 बजे तक का समय दिया गया था, जिस कारण से एक समय पर ज्यादा लोगों की संख्या इकट्ठा ना हो सके और सभी के द्वारा समय का पालन कर रक्तदान किया जा रहा था. रक्तदान शिबीर में आने वाले सभी को मास्क का इस्तेमाल और सैनिटाइझर के उपयोग से हाथ साफ करना जरूरी किया गया था. किसी रक्तदाता को कोई परेशानी ना हो इसकी पूरी व्यवस्था की गई थी.
रक्तदान शिबीर, इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व रुग्णालय नागपुर (IGGMC) के सहयोग से किया गया, शिबीर के आयोजकों ने सभी डॉक्टर और नर्स का स्वागत और एक साथ ताली बजाकर सभी का धन्यवाद किया.
रक्तदान शिबीर का शुभारंभ डॉ. नितीन राऊत ऊर्जा व पालक मंत्री नागपुर इनके प्रमुख उपस्थिति मे किया गया इस रक्तदान शिविर का आयोजन उत्तर नागपुर कांग्रेस कमेटी के सुरेश पाटील, असद खान, अजित सिंह, धीरज पांडे, सतीश पाली, गौतम अंबादे ने किया.
इस रक्तदान शिविर में अखिल भारतीय कांग्रेस सेवा दल के संगठन कृष्ण कुमार पांडे, वरिष्ठ नगरसेवक प्रफुल गुळदे पाटिल, प्रदेश सचिव संजय दुबे, सुरेश जग्याशी, फिलीप जयसवाल, दिनेश यादव, विजया हजारे, सलीम खान, हिरा गेडाम, रविन्द्र सिंग राणा, कुमार रामटेके, इरशाद शेख, हनिफ सिदीक, आमिर नुरी भेंट दि.
रक्तदान शिविर को सफल बनाने में दिपक खोबरागडे, सलीम मस्ताना, आशिफ शेख, पंकज सावरकर, चेतन तरारे, गोविद गौरे, निखिल सहारे, अलिम बफाती, इमरान खान, सागर उइके, सन्तोष खडसे, पंकज नगरारे,  निलेश खोबरागडे, सचिन वासनिक, शेख शहनवाज, गणेश धुर्वे, आतिश साखरे, प्लाश लिगायत, अविनाश ताडेकर, धीरज गुप्ता, मुना पटेल, अजय वजारी, अशोक नगरारे, अरविंद बदोले,आकाश इंदुरकर, बडु नगरारे, प्रतिक शेन्डे, रत्नदीप गणवीर, स्वपनिल धाडे, अजमल अहमद, विपुल महल्ले आदि ने सहभाग लिया.

आज हुई कैबिनेट की बैठक में वर्तमान स्थिति को देखते हुए लिए गए अहम फैसले

नागपुर:आज हुई कैबिनेट की बैठक में वर्तमान स्थिति को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है –

1.अप्रैल से जून 2020 की अवधि के लिए केसरी राशन कार्ड धारकों के लिए रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध करवाने के संशोधन में।

2.कोरोनावायरस के संबंध में दिए गए दान या वित्तीय सहयोग लिए महाराष्ट्र ट्रस्ट अधिनियिम के तहत संशोधन लाया जा सकता है।

3.शिवभोज योजना का, तालुका स्तर पर विस्तार करने और अगले तीन महीनों के लिए 5 रुपए प्रति थाली की दर से भोज देने का निर्णय

4.कोरोनावायरस महामारी के उपचार सम्बन्धी विचार विमर्श और जानकारी

खांकी वाले कोरोना वॉरियर्स को मेरा एक सलाम

कभी किसी ने उन्हें ठुल्ला कहा ,तो कभी किसी ने घूसखोर,कभी वर्दी वाला गुंडा कहा तो कभी कुछ और। ….. अब आप समझ ही गए होंगे आज हम किसकी बात करने जा रहे हैं।जी हां यहां बात हो रही है एक ऐसी प्रशासनिक सेवा की जिसकी अधिकतर आलोचना ही होती है। इतना गरिमामय पेशा होने के बाद भी कुछ लोग इसे बिल्कुल भी इज्जत नहीं देते।पुलिस ऑफिसर्स को सम्मान नहीं देते।

जबकि देखा जाए तो पुलिस प्रशासन हर मुश्किल घड़ी में मुस्तैद रहता है।चाहे 26 /11 के वक़्त एसआई अशोक काम्टे हों,चाहे बाढ़ या भूकंप हो,चाहे शाहीन बाग में लोगों से पत्थर खाये हों ,चाहे दंगे फसाद को रोकने की कोशिश में खुद की जान गँवाई हो ,अब और चाहे यह कोरोना युद्ध ही क्यों ना हो।

इस खाकी वर्दी ने हमेशा संकट काल में अपने साहस और कर्तव्यनिष्ठ होने का परिचय दिया है।भले ही कुछ लोगों ने इन्हे अंडरएस्टिमेट किया हो ,इनके चरित्र और घटनाओं को अलग तरह से छायांकित किया हो।

लेकिन जब जब बात आमजनता पर संकट की आती है सबसे पहले सरकार इस महकमे को लोगों की ज़िम्मेदारी देती है। कई बार नेता,अभिनेता इन्हें बेड लाईट में दिखा के कुछ व्यक्ति विशेषों से या कुछ आमजन से सहानुभूति और वोट्स जीत लेते हैं।लेकिन वो कहते हैं ना के कुछ प्रोफेशन,जॉब नहीं होते ज़िम्मेदारी होते हैं,कर्तव्य होते हैं जिनका पैसों से कोई मोल नहीं चुकाया जा सकता।

अब आज की स्तिथि को ही देखलो ,जब से ये लॉक डाउन की घोषणा हुई है तब से आप गौर करें तो पाएंगे पुलिस ऑफिसर की दिन भर की ड्यूटी है। कुछ की रात भर गश्त की।कभी बरेली पुलिस,कभी दिल्ली कभी पंजाब,कभी प्रयागराज,कभी इंदौर पुलिस,कभी नागपुर, पुलिस किसी भी राज्य की क्यों ना हो अपनी जान की परवाह किए बिना ड्यूटी दे रही है।सिर्फ ड्यूटी ही नहीं दे रही बल्कि लोगों की सहायता भी कर रही है।जो लोग निराश्रित हैं उनको खाना देना , कुछ लोग जो अपने घर नहीं पहुंच पा रहे उनकी मदद करना।

कोरोंना के पेशेंट के स्पेशल वार्ड के बाहर ड्यूटी तक दे रहें हैं।कोरोना संक्रमण का तो यह हाल है के रिश्तेदार भी किसी अपने को कोरोना होने पर ना पूछे।ऐसे लोगों की देखभाल ये खांकी वाले कर रहे हैं।वहां ड्यूटी दे रहे हैं। इनका भी को तो परिवार है,इन्हे भी तो कोरोना जैसा संक्रमण हो सकता है लेकिन फिर भी यह अपने और अपने परिवार वालों की ना सोच कर ड्यूटी दे रहे हैं।

इन्हें ये सब कर के मिलता क्या है?चन्द रुपए की सैलरी और बस आलोचना ही आलोचना।कुछ भी हो सरकार भी इन्हें गाली दे के अपनी ज़िम्मेदारी से बच जाती है।जनता भी अपनी गलतियों को छुपाने के लिए खुद निर्दोष बन कर इनपे भंडा फोड़ देती है।

आखिर कब तक ये लोग अपने कामों के लिए सिर्फ आलोचना ही सुनेगे।कभी तो हम इनकी पीठ थपथपा के कह सकते हैं के “धन्यवाद हमारी सुरक्षा करने के लिए,हम बहुत खुश हुए।आपने अपनी ड्यूटी बहुत अच्छे से की है “.

ये सड़कों पर इसलिए खड़े हैं क्योंकि आप घर ही रहें ,बाहर मौज करने के चक्कर में संक्रमण को न्यौता ना देदें ।

तो आइए हम थोड़ा सा नजरिया बदल के इनके ज़िंदगी के भी कुछ पहलुओं को समझते हैं थोड़ा सम्मान करते हैं।और इनकी वर्दी को,ड्यूटी को,जज्बे को सलाम करते हैं। नागपुर अपडेट्स भी नागपुर पुलिस के जोश और जज़्बे को सलाम को करता है।

By Paridhi Raghuvanshi

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