कुम्हारपुरा में लक्ष्मीजी के आगमन की आशा , बाजारों में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद

देखा जाए तो यह वर्ष कोरोना महामारी के चलते आर्थिक,मानसिक व शारीरिक त्रासदी लेकर आया था। अभी भी संकट टला नहीं है किन्तु त्यौहारों के आने से सभी को उम्मीद है के उनका व्यवसाय शायद धीरे धीरे ही सही पटरी पर आयेगा।

इसी कड़ी में आज हम बात कर रहे हैं लॉक डाउन व कोरोना के चलते आर्थिक मार झेल रहे क्षेत्र कुम्हारपूरा की।लॉक डाउन के खुलते ही अब लोगों में  कोरोना का भय भी कम होगया है बाजार भी खुल गए हैं ।इस बार कुम्हारों ने दीवाली पर लक्ष्मी मां के आगमन की आशा करते हुए फिर से अपने काम का प्रारंभ किया है।

उनको आशा है के मां लक्ष्मी दीवाली पर उनके लिए सुख समृद्धि लेकर आएंगी और फिर से बाजारों में पहले सी रौनक रहेगी ।

महामेट्रो का सराहनीय प्रयास 31 अक्टूबर से ई वाहनों को विशेष सुविधा

महामेट्रो ने पर्यावरण को प्रदूषणमुक्त बनाने की ओर एक उठाया सराहनीय कदम उठाया है।महामेट्रो के एयरपोर्ट स्टेशन पर 31 अक्टूबर से इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग व पार्किंग की शुरूआत की जा रही है। इससे ई स्कूटर्स के उपयोग को प्रोत्साहन भी मिलेगा और आमजन में ई वाहनों को लेकर जागरूकता भी आएगी।

स्टेशन से उतरते से ही यात्रियों को ई स्कूटर की सुविधा मिलेगी।इसके साथ ही छोटे ई वाहनों जैसे कम स्पीड के स्कूटर,ई साइकिल,ई रिक्शा के लिए शुरुआती 2 महीनों के लिए यह सुविधा मुफ्त रहेगी।सोमवार सुबह 6 से 10 व शाम 5-10 यह सेवा मिलेगी इसके बाद 10 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से चार्ज देना रहेगा।

नागपुर के आसमान में 31 अक्टूबर को चांदनी बिखेरेगा “ब्लू मून”

नागपुर : 31 अक्‍टूबर हम सभी के लिए विशेष दिन होने वाला है क्योंकि इस दिन आसमान में “ब्लू मून” दिखेगा। इस शनिवार को इस दौरान एक महीने के अंदर दूसरी ऐसा मौका आने वाले है जब दुर्लभ “पूर्ण चंद्र” आसमान में अपनी चमक बिखेरेगा हुआ। 

वैसे सामान्‍य तौर पर एक महीने में एक बार पूर्णिमा और एक बार अमावस्या आती है लेकिन ये विरल  दुर्लभ होता है कि एक महीने में 2 बार पूर्णिमा (पूर्ण चंद्र) होती है और ऐसे दूसरे पूर्ण चंद्र को ‘ब्लू मून’ की संज्ञा दी गई है।नागपुर में 31 अक्‍टूबर को रात्रि 8 ऐसा ही संयोग पड़ने वाला है।

इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल ने सीताबर्डी मेट्रोस्टेशन को दिया प्लेटिनम स्टेशन का सराहनीय दर्जा

नागपुर महामेट्रो आए दिन नए नए कीर्तिमान स्थापित करते जा रहा है इसी कड़ी में नागपुर के सीताबर्डी इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन ने नया एक कीर्तिमान स्थापित करते हुए ” इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल” से प्लैटिनम स्टेशन का दर्जा प्राप्त किया है।

दरअसल सीताबर्डी इंटरचेंज का निर्माण बहुत ही आकर्षक ढंग से हुआ है इसकी एल आकर की इमारत को सर्वसुविधा युक्त बनता गया है। यह आकर्षक 5 मंज़िल इमारत मेट्रो स्टेशन पर हर मंजिल पर अलग अलग सुविधाएं दी गई है। पहली मंज़िल पर टिकिंग काउंटर दूसरी मंज़िल और तीसरी मंज़िल पर मेट्रो पार्किंग बाकी ऑपरेशनल सेंटर्स भी रखे गए हैं।

स्टेशन अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस है पिछले कई वर्षों से इस पर काम चल रहा था।

मास्क पहना है? सुरक्षा नियमों का पालन किया ? – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिवाइस रखेगा नजर

कोरोना संक्रमण के बढ़ते वैश्विक प्रभाव के साथ ही अब कई कम्पनियां इससे लड़ने के लिए और बचने के लिए नई नई तकनीक ला रही हैं।इसी कड़ी में बेंगलुरु की एक स्टार्टअप कम्पनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित आईरिस नाम का उपकरण तैयार किया है।

इस उपकरण की विशेषता यह है के स्थानों जैसे चौराहों या मॉल्स या सार्वजनिक स्थानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को संशोधित कर किस व्यक्ति ने मास्क पहना है या नहीं? कितने लोग सोशल डिस्तंसिंग के नियमों का पालन कर रहे हैं।कितने लोगों ने पीपीई किट पहना है या नहीं इसकी रियल टाइम में जानकारी देगा। 

एक बार में 30 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज को संशोधित करने की क्षमता भी इस उपकरण में है।फिलहाल बेंगलुरु स्थित यह कम्पनी इस उपकरण के साथ कई देशों के लिए काम कर रही है। उपकरण द्वारा किसी भी व्यक्ति की गोपनीयता भंग ना हो इसका भी ध्यान रखा गया है।इस तरह के उपकरण से कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण रखने की अच्छी कोशिश की जा सकती है।

भारत में कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कंपनियां इस तरह के उपकरण बना रही हैं क्योंकि भविष्य में इसकी डिमांड बढ़ सकती है।और टेक्नोलॉजी के लेवल पर यह एक अच्छा प्रयास भी है।

आरयूबीवर काम, नागरिकांचे हाल: सदरच्या फे-याने लोक अस्वस्थ

नागपूर:- कामठी रोडवरील गद्दीगोदामजवळील रेल्वे अंडरब्रिजवर गेल्या अनेक दिवसांपासून काम सुरू आहे. यामुळे कामठी रोड गद्दीगोदाम ते कडबी चौक असा बंद झाल्याने नागरिकांचा त्रासात वाढ झाली आहे. या रस्त्यावर, दररोज महत्त्वाच्या कामाने येणेजाने करणारे नागरिक बॅरिकेड्स पाहून त्रस्त होतात. प्रत्येकचजण इथे उभे असलेल्या गार्डला विचारतो की ते केव्हा उघडतील. पण कोणीही उत्तर देण्यास तयार नाही. कोणतीही नागरि माहिती नाही किंवा कोणताही चांगला सर्व्हिस रोड नाही. फक्त बॅरिकेडने रस्ता बंद करुन ठेवण्यात आला आहे. वाहन चालक शिव्याशाप देत वळून परततात.

उखडलेला रस्ता बनवला सर्व्हिस रोड: महामार्ग थांबवून पर्यायी बनवलेला रस्ता आधीच उकरलेला असल्याने नागरिकांची अडचण वाढली आहे. कडबी चौक ते बर्डीकडे जाण्यासाठी मंगळवारी सदरकडे जाणार्‍या आरओबी उड्डाणपुलाचा मार्ग देण्यात आला आहे. यानंतर मंगळवारीहून गडडीगोदामकडे जाणारी गल्ली आहे.

या रस्त्यावरचा अडथळा येऊ नये म्हणून काही लोक सदरच्या सखाराम मेश्राम चौककडे वाटचाल करतात परंतु ते सदरच्या रहदारीत अडकतात. त्यामुळे लोकांना परत वळून एलआयसी चौकात पोचत पुन्हा गद्दीगोदाम चौक करत एलआयसी चौक जावे लागेल. सदरहून फिरण्यात फेरा पडतोय तर दुस-या बाजूस गल्लीत प्रवेशल्यास बेकायदा रोड ब्रेकर्सला सामोरे जावे लागते.

आधीच, आरओबीचा थर इतका खराब झाला आहे की येथून निघताना वाहनांचे पार्ट हलतात. हा मार्ग खराब असल्यामुळे वाहने हळू चालवावी लागतात. मोठमोठे खड्डे आणि रस्त्यावर उभे ब्रेकर देखील डोके खराब करतात. यानंतर गद्दीगोदामच्या रस्त्यावर दुरुस्तीसाठी येणार्‍या वाहनाच्या रांगामधून जावे लागते.

बीजेपी ने शुरू कि निकाय चुनाव की तैयारी ,शहर के 201 प्रमुख पदाधिकारियों को मिला आमंत्रण

नागपुर : दरअसल जल्द ही नागपुर शहर में निकाय चुनाव होने जा रहे हैं।इसी के चलते सभी पार्टियां अपनी अपनी तैयारियों में जुट गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इसी सिलसिले में एक सभा कि जिसमें शहर के लगभग 201  प्रमुख भाजपा नेताओं को आमन्त्रित किया गया था ।इस सभा में उपस्थित सदस्यों को सम्मानित भी किया गया।

इस मौके पर बीजेपी के 3 दिग्गज नेता नितिन गड़कारी ,देवेन्द्र फडणवीस व बावनकुले की उपस्थिति में यह सभा हुई।इसी कड़ी में बीजेपी के नगर अध्यक्ष विधायक प्रवीण दटके को भी सम्मानित किया गया साथ ही 3 महामंत्री, 21 उपाध्यक्ष, 6 संपर्क प्रमुख ,20 मंत्री के साथ ही और भी पार्टी के प्रमुख चेहरे शामिल हुए।

नागपुर के उत्तर पूर्व ने महसूस किए भूकंप के झटके रिक्टर स्केल पर तीव्रता रही 3.3

कोरोना संक्रमण के साथ ही अब प्राकृतिक आपदाए भी आमजन को परेशान कर रही है।नागपुर में सुबह 4 बजकर 10 मिनट पर कई स्थानों पर भूकंप से धरती हिलने की जानकारी मिली है। यह भूकंप सुबह 4:10 बजे नागपुर के उत्तर-उत्तरपूर्व में 96 किमी दूर दर्ज किया गया .

इसके साथ ही नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.3 रही।फिलहाल इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। बताया जा रहा है के रविवार को नाशिक में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 रही थी।

पारडी उड्डाणपुलाच्या कार्यरखडणीमुळे लोक त्रस्त: वर्धमान नगरच्या ते एसबी टाऊन रस्त्यांवर लोकांचे हाल

नागपूर:- गेल्या ५ वर्षांपासून पारडी उड्डाणपुलाचे काम कासवगतीने सुरू आहे. नॅशनल हायवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआय) च्या अधिका-यांच्या हलगर्जीपणामुळे आणि उड्डाणपुलाबाबत कंत्राटदारांच्या दिरंगाईमुळे जनता प्रचंड अस्वस्थ झाली आहे. खराब रस्ते, धूळधाण, वाहतुकीची कमकुवत व्यवस्था आणि अनेक समस्यांमुळे जनता सरकार व प्रशासनाविरोधात संताप व्यक्त करीत आहे.

नागरिकांच्या समस्या कमी करण्याऐवजी प्रशासनाने त्यांच्या अडचणी आणखी वाढवल्या आहेत. एचबी टाऊन ते वर्धमान नगर आणि वाठोडा रिंग रोडला जोडणा-या पुलाच्या अपूर्ण कामांमुळे येथील परिस्थिती भयानक बनली आहे. सतत होणा-या रोड अपघातात लोक आपले जीव गमावत आहेत, पण परिसराची दयनीय अवस्था पाहण्यास नेत्यांना व अधिका-यांनाही वेळ नाही.

महिनोंमहिने चौकात पडलेला आहे मलबा:
युवा सेना सचिव सलमान खान सांगतात की, सन २०१६ पासून उड्डाणपुलाचे काम सुरू आहे. ५ वर्षानंतरही परिसराची स्थिती तशीच आहे. वर्धमान नगर व वाठोडा रोडला जोडणारा रेल्वेमार्ग भागात वाहने सोडा पायी चालनेही अवघड झाले आहे.

वर्धमान नगरातील एका रस्त्यावर सिमेंटीकरण कामासाठी पुर्ण रस्ताच खोदला गेला आहे. त्याचवेळी, दोन्ही बाजू खड्ड्यांनी भरलेल्या रस्त्यावर दुतर्फा वाहतूक सुरू केली जाते. कंत्राटदार समानार्थी रस्त्याचे खड्डेदेखील भरत नाही. याशिवाय रेल्वे क्रॉसिंगच्या चौकात अनेक ठिकाणी मोठे खड्डे खोदले गेले आहेत. आपण जिथे जिथे पहाल तिथे मलबे पडून आहेत. अशा परिस्थितीत लहान आणि दुचाकी वाहनचालकांना येथून पुढे जावे लागत आहे.

वाहतुकीची कोंडी ही सर्वात मोठी समस्या आहे – पटले
स्थानिक रहिवासी मंथन पटले सांगतात, आतापर्यंत पुलाचे बांधकाम अंतिम टप्प्यात पोहोचायला हवे होते. पण ना पुलाचा पत्ता आहे ना रस्त्याचा. रेल्वे क्रॉसिंगपासून एचबी टाऊन चौकातील मेट्रो ब्रिज व स्टेशनचे काम सुरू असल्याने अनेक वर्षांपासून रस्त्यावर बेरिकेडिंग घातले जात आहे. या मार्गावरुन एक ट्रक जाऊ शकतो इतकीच जागा आहे.

सकाळपासून रात्री उशिरापर्यंत 500 मीटरच्या या रस्त्यावर बरीच रहदारी कोंडी होते. याशिवाय त्याच्या बाजूच्या रस्त्यावर अनेक भयंकर खड्डे पडले आहेत की गाडीच्या चेसीसना जबरदस्त धक्का बसण्याची खात्री आहे. या रस्त्यावरून जाणा-या दुचाकी चालकांचा वाहन चालवने की मृत्यूसमानच आहे. याशिवाय दररोज जेसीबीतून खोदकाम करत असताना एखाद्याच्या घराची पाईपलाईन तुटली असते, ज्याच्या दुरुस्तीचा खर्चही नागरिकांनाच करावा लागत आहे.

स्थानांतरण के बाद भी मुंढे की आलोचना जारी

नागपुर:- पूर्व नगर आयुक्त मुंढे शहर से स्थानांतरित हो चुके हैं, लेकिन सत्तापक्ष की उनपर आलोचनाओ का मौका नहीं छोडा है। स्थायी समिति के अध्यक्ष पिंटू झलके ने 20 अक्टूबर को एनएमसी बजट पेश किया। बजट से, झलके ने नगर निगम के नियमों और विनियमों के आधार पर मुंढे पर निशाना साधा। इतना ही नहीं, मुंडे द्वारा तैयार किए गए अनुबंध कानून के दायरे में फिट नहीं होते हैं, इसलिए वे बाध्यकारी नहीं होंगे, कोविड की अवधि के निर्णय को रद्द कर दिया जाने के उन्होंने संकेत दिए।

अपने बजट भाषण में, झलके ने उल्लेख किया कि इस वित्तीय वर्ष में सत्तापक्ष और नौकरशाह के बीच संघर्ष था। महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की ओर इशारा करते हुए, झलके ने विभिन्न वर्गों का उल्लेख करके सत्तापक्ष के अधिकारों के बारे में बताया। झलके ने आयुक्त को मेयर की मंजूरी के बिना 25 लाख से 50 लाख रुपये तक के काम नहीं करने की बात भी रखी।

यदि निगम के नियमों और विनियमों को संसाधित किया जाता है, तो पखवाड़े के भीतर स्थायी समिति को सूचित करना अनिवार्य है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि यह अधिनियम में स्पष्ट है कि इस नियम के आधार पर भी यदि कोई अनुबंध तैयार किया जाता है, तो यह नगर निगम के लिए बाध्यकारी नहीं होगा।‌‌

महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के लागू होने के बाद, नियम और उपनियम तैयार करना और सरकार से अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक था। लेकिन कर्तव्यपरायण, मेहनती, कानून का पालन करने वाले अधिकारी ने ऐसा नहीं किया।

उन्होंने उप-समिति अधिनियम और स्थायी समिति के नियमों के अनुसार नए नियम तैयार करने के अपने इरादे की घोषणा की और उन्हें नगर निगम की मेज पर रखा। झलके ने यह भी निरीक्षण रखा कि निविदा प्रक्रिया राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग की तर्ज पर लागू की जा रही है।

यह देखा जाता है कि अधिकारी ने इस संबंध में भी देरी की है। नतीजतन, निविदाओं के बारे में अस्पष्टता थी। उन्होंने सदन से ठेकेदारों को कोवीड कारण छह महीने का विस्तार देने का भी अनुरोध किया।

मुंढे ने फरवरी के बजाय मार्च में बजट पेश किया: मुंढे को फरवरी में प्रशासन के बजट को नियमानुसार पेश करने की उम्मीद थी। हालांकि, देरी ने स्थायी समिति को मार्च में अपना बजट प्रस्तुत करने दिक्कत बनी, झलके ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार से विभिन्न पदों के तहत मिलने वाले अनुदान के साथ-साथ अनुदान से खर्च किए गए धन के बारे में भी बजट में जानकारी नहीं दी गई थी।‌‌

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