द्वि साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेनें चलेगी 22 अक्टूबर से 2 दिसंबर तक

दरअसल कई समय से रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को लेकर प्रशासन चिंतित था अब यात्रियों की सुविधाएं देखते हुए और उनकी मांगो का ध्यान देते हुए प्रशासन ने दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे से व होकर गुजरने वाली भुवनेश्वर–लोकमान्य तिलक टर्मिनल-भुवनेश्वर, पूरी–सूरत-पूरी, पूरी–लोकमान्य तिलक टर्मिनल-पूरी, विशाखापट्टनम–निजामुद्दीन-विशाखापट्टनम एवं विशाखापट्टनम-लोकमान्य तिलक टर्मिनल- विशाखापट्टनम के साथ ही 5 पूजा स्पेशल ट्रेनों की शुरुआत की है।

इस योजना के तहत 02880 / 02879 भुवनेश्वर–लोकमान्य तिलक टर्मिनल-भुवनेश्वर द्वि- साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन 22 अक्टूबर से 02 दिसंबर तक चलेगी

गाड़ी नंबर 02827 पूरी–सूरत हर रविवार को पूरी से और विपरीत दिशा में 02828 सूरत-पूरी प्रत्येक मंगलवार को सूरत से 27 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक चलेगी। तीसरी ट्रेन नंबर 02866 /02865 पूरी–लोकमान्य तिलक टर्मिनल-पूरी स्पेशल ट्रेन 20 अक्टूबर से 26 नवंबर तक चलेगी।

गाड़ी 02880 भुवनेश्वर–लोकमान्य तिलक टर्मिनल द्वि- साप्ताहिक पूजा स्पेशल हर सोमवार व गुरुवार को भुवनेश्वर से और विपरीत दिशा में 02879 स्पेशल ट्रेन हर बुधवार एवं शनिवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनल से चलेगी।

गाड़ी नंबर 02827 / 02828 पूरी–सूरत-पूरी साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन 25 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक चलेगी।

गाड़ी नंबर 02866 पूरी–लोकमान्य तिलक टर्मिनल प्रत्येक मंगलवार को पूरी से 20 अक्टूबर से 24 नवंबर तक और विपरीत दिशा में 02865 लोकमान्य तिलक टर्मिनल-पूरी प्रत्येक गुरुवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 22 अक्टूबर से 26 नवंबर तक चलेगी।

गाड़ी नंबर 02817 / 02818 विशाखापट्टनम–निजामुद्दीन-विशाखापट्टनम स्पेशल ट्रेन की सुविधा 20 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक होगी। 02817

विशाखापट्टनम–निजामुदिन स्पेशल ट्रेन प्रत्येक मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शनिवार एवं रविवार को विशाखापट्टनम से 20 अक्टूबर से 29 नवंबर तक चलेगी और विपरीत दिशा में भी 02818 निजामुदिन-विशाखापट्टनम स्पेशल ट्रेन प्रत्येक गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार, सोमवार एवं मंगलवार को निजामुदिन से 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक चलेगी. गाड़ी नंबर 02857 / 02858 विशाखापट्टनम- लोकमान्य तिलक टर्मिनल-विशाखापट्टनम साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की सुविधा 25 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक रहेगी।गाड़ी 02857 विशाखापट्टनम- लोकमान्य तिलक टर्मिनल प्रत्येक रविवार को विशाखापट्टनम से 25 से 29 नवंबर तक चलेगी।

विपरीत दिशा में 02858 लोकमान्य तिलक टर्मिनल- विशाखापट्टनम प्रत्येक मंगलवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 27 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक चलेगी. गाड़ी नंबर 02817 / 02818 सांतरागाछी-पुणे-सांतरागाछी साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन 24 अक्टूबर से 30 नवंबर चलेगी।

02815 दुर्ग–जम्मूतवी दुर्ग से प्रत्येक बुधवार को 21 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगी वहीं 02816 जम्मूतवी-दुर्ग जम्मूतवी से प्रत्येक शुक्रवार को 23 अक्टूबर से 27 नवंबर तक चलेगी।

02817 संतरागाछी-पुणे सांतरागाछी से प्रत्येक शनिवार को 24 अक्टूबर से 28 नवंबर तक चलेगी।

विपरीत दिशा में गाड़ी संख्या 02818 पुणे-सांतरागाछी पुणे से प्रत्येक सोमवार को 26 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगी. 02815/02816 दुर्ग–जम्मूतवी-दुर्ग साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन 21 अक्टूबर से 27 नवंबर तक चलेगी।

20 ऑक्टोबर रोजी मनपाचे बजेट: प्रथमच ऑनलाइन सादर केले जाईल

नागपूर: कोरोना संकटकाळात जरी मनपाच्या उत्पन्नावर मोठा विपरीत परिणाम झाला असेल, तरीही नियमांनुसार आता स्थायी समिती सभापती मनपाचा सर्वसाधारण अर्थसंकल्प सादर करत आहेत. मनपाच्या इतिहासात प्रथमच 20 ऑक्टोबरला होणा-या ऑनलाईन बैठकीत अध्यक्ष पिंटू झलके 2020-21 या आर्थिक वर्षाचे सर्वसाधारण अर्थसंकल्प सादर करतील. तसेच अर्थसंकल्पाबरोबर मनपाची सर्वसाधारण सभादेखील आयोजित केली जात आहे.

आमसभा देखील ऑनलाईन असेल. विशेषत: तत्कालीन आयुक्त मुंडे यांच्या कार्यकाळात ऑनलाइन बैठकीत इंटरनेट यंत्रणेची कमतरता असल्याचे सांगून सुरेश भट सभागृहात पुरेशा प्रमाणात लोकांची व्यवस्था असल्याने तेथे सभा घेण्याविषयी सत्ताधारी व विरोधकांकडून मागणी केली जात आहे. आता अर्थसंकल्प ऑनलाईन पद्धतीने सादर केला जात आहे. यामुळे नगरसेवकांमध्ये अर्थसंकल्पावरील चर्चेबाबत संभ्रमाची स्थिती आहे.

भट सभागृहात करावी चर्चा: आमसभेच्या संदर्भात काही नगरसेवकांनी आक्षेप घेतले नाही, परंतु अर्थसंकल्प ऑनलाईन मांडण्यास तीव्र विरोध दर्शविला. आतापर्यंतच्या परंपरेनुसार पहिले स्थायी समिती सभापती सभागृहासमोर अर्थसंकल्प सादर करतात, असे नगरसेवकांचे मत होते. त्यासाठी नगरसेवकांना काही दिवसांचा कालावधी दिल्यानंतर पुन्हा चर्चा आयोजित केली जाते. त्याचप्रमाणे ऑनलाइन बजेट सादर केले गेले तरी भट सभागृहात चर्चा व्हायला हवी. जेणेकरून प्रत्येक नगरसेवकांना त्याबद्दल सविस्तरपणे बोलण्याची संधी मिळू शकेल.

अनलॉक गाइडलाइंस में फिर से शुरू होगी महा मेट्रो सेवाएं – विशेष सुरक्षा उपायों का रखा जाएगा ध्यान

अनलॉक दिशा-निर्देशों के अनुसार, मेट्रो सेवाओं को क्रमबद्ध तरीके से शुरू किया जाना है। इसलिए, शुरू में लोकमान्य नगर मेट्रो स्टेशन और सीताबुलडी इंटरचेंज के बीच III एक्वा लाइन में सेवाएं शुरू होंगी। इसके बाद ऑरेंज लाइन पर सेवाएं शुरू की जाएंगी।सर्विस सुबह 8 से रात 8 बजे तक चालू रहेंगी। ग्लोबल महामारी को देखते हुए किए जा रहे विशेष उपायों को सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है।

महा-मेट्रो नागपुर इस लंबे समय के अनलॉक के बाद कल (16 अक्टूबर 2020) से शुरू होने वाली सेवाओं के लिए तैयार है।इसके साथ ही कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यात्रियों और महा मेट्रो के अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षित और सुरक्षित रहें। जबकि इस तरह की सभी सावधानियां बरती जाती रहेंगी, यात्रियों के लिए अन्य महत्वपूर्ण उपायों की एक श्रृंखला भी की जा रही है।

स्टेशन के एंट्री गेट पर स्टेशन सिक्योरिटी स्टाफ  सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की करेगा इसके साथ ही 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले व्यक्तियों को यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। छींकने, खांसी और सांस लेने में कठिनाई के अन्य लक्षण दिखाने वाले यात्रियों को भी यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।

मास्क वाले यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। सभी यात्रियों को हैंड सैनिटाइज़र प्रदान किए जाएंगे और मेट्रो परिसर में प्रवेश करने से पहले उन्हें हाथ धोना होगा। सभी स्टेशनों पर यात्रियों के डे-बोर्डिंग के बाद ही यात्रियों को बोर्डिंग ट्रेन के लिए अनुमति दी जाएगी। यात्रियों से लिफ्ट और अन्य विद्युत उपकरणों के स्विच को नहीं छूने की उम्मीद की जाएगी , इसी तरह उन्हें एस्केलेटर के साइड बार छूने से भी बचना चाहिए।

लाइन प्रबंधक, स्पैस जैसे पर्याप्त संसाधनों को प्लेटफॉर्म पर क्षेत्रों को जैसे काउंटर,स्क्रीनिंग पॉइंट्स, बोर्डिंग / डिबोर्डिंग पॉइंट्स आदि करने सभी पर यात्रियों में सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए चिह्नित किया गया है।

सभी ट्रेनों और मेट्रो स्टेशनों को खोलने से पहले कीटाणुरहित किया जाएगा।मेट्रो कर्मचारी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण(पीपीई) का सामना करेंगे जैसे फेस मास्क, हैंड ग्लव्स।एंट्री प्वाइंट पर प्रदान किए जाएंगे  हैंड सैनिटाइजर।स्टेशन के प्रवेश द्वार, क्रू कंट्रोल रूम, बेबी केयर रूम, टीओएम रूम, ईएफओ क्यूबिकल, स्टेशन कंट्रोल रूम को नियमित अंतराल पर साफ किया जाएगा।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा: यात्रियों को डिजिटल मोड के माध्यम से यात्रा किराया के लिए भुगतान करने का संकेत दिया जाएगा।भुगतान के विभिन्न तरीकों के माध्यम से भुगतान, नकद के अलावा, डिजिटल माध्यम को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस तरह के कदम से शारीरिक संपर्क कम से कम होगा और बीमारी के प्रसार में काफी कमी आएगी। इसमें महा मेट्रो मोबाइल ऐप के माध्यम से भुगतान करना भी शामिल है। इस प्रकार उत्पन्न ई-टिकट को एएफसी गेट पर स्कैन किया जा सकता है।

सुरक्षा कर्मचारी स्टेशनों में पर्याप्त रूप से पोस्टिंग, प्रवेश और निकास के लिए स्टेशन पर सामाजिक सुरक्षा आवश्यकताओं को सुनिश्चित करेंगे। वे स्टेशन से बाहर निकलने और प्रवेश करने आदि के लिए यात्रियों का मार्गदर्शन करेंगे, और यह सुनिश्चित करेंगे कि स्टेशनों और ट्रेनों में जनता द्वारा नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाता है।

जुना भंडारा रोड अद्यापही दुर्लक्षीत

नागपूर:- महालातील केळीबाग रोड २४ मीटर रूंदिकरणाचे काम गेल्या आठवडाभर जोमात सुरू झाले पण त्याप्रमाणेच जूना भंडारा रोड जो 7/1/2000 लाच मंजूर झाला होता, हायकोर्टाचे तसे आदेश झाले आहेत याबाबत केंद्रीय मंत्री श्री नितीन गडकरी यांना मध्य नागपूर विकास आघाडी तर्फे वारंवांर लेखी निवेदन व प्रत्यक्ष भेटीत हायकोर्टाचे आदेश प्रत देण्यात आले आहेत त्यांनीही आयुकत तथा प्रशासना सोबत मिंटीग घेऊन आदेश दिले आहेत, 21 वर्षे होत आहेत नागपूर स्मार्ट सिटीचे प्रगतीसाठी व विकासासाठी घोषणा वारंवार झाल्या पंरतु डीपी रोड साठी हायकोर्टाचे आदेशाचे पालन झाले नाही केळीबाग रोड साठी काम त्वरीत झाले.

भूमीअधिग्रहण प्रक्रीयाही तडकाफडकी नूकतीच झाली पंरतु जूना भंडारा रोड (मेयो हाॅस्पीटल ते शहीद चौक सूनील हाॅटेल) या रोड वरील 41 नागरिकांना मोबदला मिळाला मनपा, नझूल, एन आय टी ची जागा मिळून 199 जागा क्लियर झाल्या आहेत तरी आजपावेतो 40 महीने झाले रोड साठी जागा भूसंपादन प्रक्रिया सुरू झालेली नाही असा प्रश्न विचारला जात आहे मेयो हाॅस्पीटल ते सुनिल हॉटेल असा २.५ कि मीटर व ६० मीटर रूंदिकरणाचा प्रस्ताव मार्ग आहे, रूंदिकरणात ५८७ प्रापर्टी चा भाग तुटतो, आतापावेतो ४१ प्रापर्टी धारकांना मोबदलाही दिला गेलाय तर १५८ प्रॉपर्टी नझूल एन आय टी मनपा चे ताब्यात आहे १९९ प्रॉपर्टी क्लियर असतांना याकडे दुर्लक्ष केले जात आहे.

आमदार निवास कोविड केंद्र हिवाळी अधिवेशनाच्या पार्श्वभूमीवर रिकामे

नागपूर: हिवाळी अधिवेशनाचे सत्र पाहता आमदार निवास इमारत क्र. २०१ मध्ये निर्मिलेले कोविड केअर सेंटर रिकामे केले गेले आहे. या इमारतीचे सॅनिटाईजेशन करण्यात आले आणि आता इमारत आठवडाभर बंद राहील.

जिल्हा प्रशासनाच्या आदेशावरून आमदार निवास इमारत क्र.२ व ३ चे कोविड केअर सेंटर बनवले गेले. येथे कोविड रूग्णांसाठी २२० खोल्या आरक्षित होत्या. ७ डिसेंबरपासून असलेल्या हिवाळी अधिवेशनाच्या पार्श्वभूमीवर सार्वजनिक बांधकाम विभागाने जिल्हा प्रशासनाला एक महिन्यापूर्वी एक पत्र देऊन कोविड केअर सेंटर रिकामे करण्याची विनंती केली होती. जिल्हाधिकारी रवींद्र ठाकरे वर्क फ्रॉम होम स्थितीत असल्यामुळे या पत्रावर तातडीने प्रक्रिया होऊ शकली नाही. जिल्हा प्रशासनाने बुधवारी आमदार निवासस्थानाची इमारत क्र. 3 मधील केंद्र रिकामे करण्यास परवानगी दिली. 

यानंतर इमारत क्र. ३ कोविड केअर सेंटर रिकामे केले गेले. येथे 70 बेड आरक्षित होते. इमारत क्र. 2 ऑक्टोबर 15 पर्यंत रिक्त करण्यास सांगितले गेले आहे. सार्वजनिक बांधकाम विभागाने (पीडब्ल्यूडी) इमारत क्र. २ येथे सॅनिटायझेशन करून कोणाच्याही प्रवेशावर बंदी घातली आहे. एका आठवड्यानंतर ही इमारत आतून रंगविली जाईल. देखभाल व दुरुस्तीची कामेही सुरू केली जातील.

मास्क न लावणा-या २२२ नागरिकांकडून दंड वसूली

नागपूर महानगरपालिकेच्या उपद्रव शोध पथकाचे जवानांनी शुक्रवार (९ ऑक्टोंबर) ला मास्क शिवाय फिरणा-या बेजबाबदार २२२ नागरिकांविरुध्द कारवाई केली असून त्यांच्याकडून प्रत्येकी रुपये ५०० प्रमाणे १ लक्ष ११ हजार रुपयांचा दंड वसूल केला. मागील काही दिवसात शोध पथकांनी ११००६ नागरिकांविरुध्द कारवाई करुन रु. ३८,६२,०००/- चा दंड वसूल केला आहे.

लक्ष्मीनगर झोन अंतर्गत ४१, धरमपेठ झोन अंतर्गत ६०, हनुमाननगर झोन अंतर्गत १४, धंतोली झोन अंतर्गत १३, नेहरुनगर झोन अंतर्गत ९, गांधीबाग झोन अंतर्गत १६, सतरंजीपूरा झोन अंतर्गत २०, लकडगंज झोन अंतर्गत १६, आशीनगर झोन अंतर्गत १६, मंगळवारी झोन अंतर्गत १३ आणि मनपा मुख्यालयात ४ जणांविरुध्द शुक्रवारी ही कारवाई शोध पथकाचे प्रमुख विरसेन तांबे यांच्या मार्गदर्शनात करण्यात आली. ५०० रुपये प्रमाणे आतापर्यंत ५५३६ बेजबाबदार नागरिकांकडून रु २७ लक्ष ६८ हजार वसूल करण्यात आले आहे.

नागपूरात रुग्णांची संख्या सतत वाढत आहे तसेच मृतांची संख्या पण वाढत चालली आहे. यावर नियंत्रण करण्यासाठी महानगरपालिकेचे उपद्रव शोध पथक दररोज दहा ही झोनमधील मास्क शिवाय फिरणा-या बेजबाबदार नागरिकांविरुध्द कारवाई करत आहे. नागरिकांना कोरोनापासून वचक करण्यासाठी मास्क लावणे, सामाजिक अंतराचे पालन करणे, हात स्वच्छ धुणे इ. ची सूचना नागपूर मनपा व्दारे वारंवार केली जात आहे. कोरोनाचा वाढता संसर्ग लक्षात घेता मास्क न वापणा-या नगारिकांना बचक बसावा व त्याची प्रभावी अंमलबजावणी व्हावी यादृष्टीने ही दंडाची रक्कम १५ सप्टेंबर पासून ५०० रुपये करण्यात आली आहे. तरीसुध्दा नागरिक मास्क शिवाय फिरत आहेत. 

ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए हाईकोर्ट ने लगाई विभाग को फटकार

शहर में यातायात नियोजन एक अहम चिंता का विषय बना हुआ है यातायात व्यवस्था अस्त व्यस्त होने के कारण हर दूसरे दिन कोई न कोई नागरिक  दुर्घटनाओं का शिकार हो रहा है।लेकिन पुलिसकर्मी  इन मुद्दों को नजरंदाज किए हुए है।

अवैध हॉकर्स के साथ बहुत से रास्तों व चौराहों पर अवैध पार्किंग के कारण सालों से वाहन चालकों को यातायात में कई तरह की मुसीबतों का सामना करना पड रहा है। छोटे-मोटे वाहनों के साथ ट्रक व बस वालों की मनमर्ज़ी चलती है।जहां रोड़ खाली दिखी वहीं ट्रकों व बसों का पार्किंग अड्डा बन जाता हैं।

ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए हाईकोर्ट ने जिस तरह से बुधवार को पुलिस प्रशासन को फटकार लगाई।उसके बाद अब जनता के मन में एक ही प्रश्न उठ रहा है कि क्या सड़कों का ट्रैफिक परिचालन करने के लिए भी अब हाईकोर्ट को खुद को सड़कों पर उतरना होगा। शहर के कई महत्वपूर्ण मुद्दे है जो कि हाईकोर्ट में लंबे समय से अटके है लेकिन यातायात की चरमराती व्यवस्था व पुलिस प्रशासन की बेपरवाही के चलते हाईकोर्ट को विवशतापूर्वक खुद ही संज्ञान लेते हुए मामले को अपने हाथों में लेना पड़ा।

सिग्नल बंद होने पर भी कई वाहन चालक सिग्नल तोड़ के गाड़ियां आगे बढ़ाते रहते हैं।इतना होने पर भी  पुलिस कर्मचारी टस से मस नहीं हुए।चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए एक पुलिस कर्मी जबकि चालान की कार्रवाई के लिए पूरा काफिला शामिल हो जाता है।कार्रवाई के दौरान कोई भी सिग्नल तोड़े या इससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता है।

शहर के बहुत सारे परिसरों में फुटपाथ व सड़कों पर अवैध हॉकर्स ने अपनी दूकाने सजा कर कब्ज़ा जमा लिया है।इन अवैध हॉकर्स का इंतजाम मनपा भी अभी तक नहीं कर पायी है। धरमपेठ हो,सीताबर्डी मेन रोड हो या इतवारी,या नंदनवन अधिकांश परिसर में वैध हॉकर्स की आड़ में अवैध हॉकर्स ने सड़कों व फुटपाथ पर अपना रोब जमा लिया है।

महानगर पालिका व पुलिस प्रशासन इन अतिक्रमणकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई होती तो है लेकिन अतिक्रमण दस्ते के गुजरने से पहले ही स्थिति वहीं की वहीं हो जाती है।अतिक्रमणकर्ताओं को इतना साहस प्रशासन के अधिकारियों से मिलता है।एक छोटे दूकानदार की पहचान पुलिस कर्मी से लेकर महानगर पालिका अधिकारी तक होती है।यही कारण है कि अधिकारियों की मिली भगत से शहर में अतिक्रमण बढ़ता ही जा रहा है।

वेस्ट हाईकोर्ट रोड, रामदासपेठ, जरीपटका , इतवारी, मुंजे चौक, की तरह कई परिसरों में यातायात के साथ पार्किंग व्यवस्था को लेकर कोई नियोजन ही नहीं है। अतिक्रमण और पार्किंग से 40 फूट की सड़क भी 4 फूट की बन जाती है।इस स्तिथि में नागरिकों को हर परिसर में लंबे ट्रैफिक जाम की समस्या से जूंझना पड़ता है।तो भी प्रशासन अवैध पार्किंग पर कार्रवाई करने में आना कानी करती है।

आरटीओ का पुलिस प्रशासन और पुलिस प्रशासन का महानगर पालिका से कोई समन्वय नहीं होने पर शहर में सड़क दुर्घटनाए बढ रही है।

पहले साप्ताहिक बाजार हफ्ते में एक दिन लगता था, लेकिन अब साप्ताहिक बाजार के नाम पर हर दिन सड़कों पर सजे हुए सब्जी-भाजी दूकानों ने नागरिकों का सड़क पर चलना मुश्किल कर दिया है।अब सड़कों पर सब्जी मार्केट ही नहीं बल्कि बिरयानी सेन्टर और फास्ट फूड का भी मेला लगा रहता है।

प्रशासन की बेपरवाही के कारण हाई कोर्ट के न्यायाधीश पिछले कुछ माह से स्वयं ऐतिहासिक स्थानों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।यदि हाईकोर्ट को ही शहर के विकास और देखरेख पर ध्यान देना है तो अनेक विभाग में हाई पोस्ट पर बैठे अधिकारी को किस काम का वेतन दिया जा रहा यह सवाल जनता पूछ रही है। 

पहले कस्तूरचंद पार्क, फिर जीरो माईल और अब ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करने के लिए हाईकोर्ट आगे आया। अब शहर की किस प्रॉब्लम को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाएगी यह कुछ कहा ही नहीं जा सकता।

नाना पटोले – कई विधायक कर रहे विरोध पर शीतकालीन सत्र नागपुर में होगा

कोरोना संक्रमण के चलते,कई लोग व विधायक  मांग कर रहे हैं कि दिसंबर में नागपुर में शीतकालीन सत्र का आयोजन न किया जाए बल्कि अधिवेशन का खर्च कोरोना उपायों और विदर्भ के विकास कार्यों पर खर्च कर दिया जाए। विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने आज कहा-  “हालांकि, मानसून सत्र में घोषणा की गई थी, शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से आरंभ होगा”

नाना पटोले ने बताया के यह फैसला कहां,कब व कितने दिनों तक आयोजित होना चाहिए, यह पूरे तौर  से विधायिका के हाथ में है। उस समय, कोरोना से हालात पहले की अपेक्षा  खराब थे।लेकिन गत कई दिनों में,कोवीड पेशेंट्स की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है और मृत्यु दर में भी कमी आई है। वैसे तो यह एक अच्छी बात है, पर शीतकालीन सत्र अभी दो महीने दूर है।इसी कारण से उस वक़्त की स्थिति के आधार पर निर्णय किया जाएगा। बस इसी वजह से आज चर्चा का विषय यह नहीं हो सकता है। 

अधिवेशन के वक़्त विधान भवन के बहुत से कमरे खाली कर दिए गए हैं।इससे अब प्रश्न यह उठता है कि अधिकारी व कर्मचारी वर्ग कहां रहना चाहता है और कोरोना काल के समय कमरे किराए पर उपलब्ध नहीं हैं।ऐसी छोटी बड़ी परेशानियां हो सकती हैं। एक सम्मेलन के लिए निश्चित तौर पर व्यवस्था की जाएगी।क्योंकि सम्मेलन हर वर्ष आयोजित किया जाता है, इसलिए यह इस साल भी होगा। 

संयुक्त महाराष्ट्र के गठन के बाद नागपुर में सम्मेलन आयोजित करने के लिए एक समझौता किया गया है।इसी कारणवश किसी भी निर्णय में समझौते पर विचार करना होगा। उसी के तहत सरकार कितने बिल लाती है, सम्मेलन कितने दिन चलेगा, यह सब तय किया जाएगा। 

जिले में टेस्ट स्पीड अभी भी कम है, डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की अपील की

डाक्टरों की माने तो मौसम में हो रहे बदलाव का असर सीधे तौर पर होता है। सितंबर की अपेक्षा अक्टूबर में कोरोना से मरने वाले मरीजों की संख्या कमी आ रही हैं।वहीं पाजिटिव पेशेंट भी कम हो रहे हैं।लेकिन प्रशासन द्वारा टेस्टिंग में सुस्ती बरती जा रही है।यही वजह है कि मामूली सर्दी, जुकाम को भी हल्के में लेना नुकसानदायक हो सकता है।

परन्तु संदेह होने पर तुरंत टेस्ट कराने पर ही बीमारी का पता चल सकेगा।इस बीच बुधवार को 976 नये संक्रमितों के साथ ही अब तक टोटल 84081 पर पहुंच गई है।वहीं अब तक 71602 मरीज स्वस्थ होकर अपने काम पर लौट चुके हैं।

मौसम का बिगड़ा हुआ मिजाज बार-बार लोगों को परेशान कर रहा है।अक्टूबर में ज्यादातर ठंड शुरू हो जाती है।लेकिन अब तक बारिश का ही सिलसिला यूंही जारी है। बेमौसम की बारिश एक बार फिर मुसीबतें ला सकती हैं।इस मौसम में बच्चों में सर्दी, जुकाम आम हो जाता है।और इसके कारण ही डाक्टरों ने सावधानी बरतने की अपील की है।

84081 कुल संक्रमित

2704 की मौत

71602 हुये ठीक

976 बुधवार को पाजिटिव

बुधवार को 24 घंटे के अंदर 22 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें जिले के 18 मरीजों का समावेश रहा। जबकि 4 मरीज जिले से बाहर के रहे।इस तरह अब तक मरने वालों की संख्या 2704 हो गई है।बुधवार को 835 मरीजों को ठीक होने के बाद छुट्टी दी गई। इस तरह अब तक 71602 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। अधिकाधिक पेशेंट्स के ठीक होने की वजह से अब रिकवरी रेट 85.16 फीसदी तक आ गया है। बुधवार को 976 पेशेंट्स में संक्रमण की पुष्टी हुई।वहीं अब तक टोटल 84081 हो गये हैं।फिलहाल जिले में 9775 एक्टिव केस है।इनमें आधे से अधिक होम आयसोलेशन में है।

पिछले दिनों प्रशासन द्वारा घर-घर जाकर लोगों की जांच की मुहिम शुरू की। इसके बावजूद टेस्ट कराने वाले नहीं बढ़ रहे हैं। बुधवार को कुल 5918 लोगों की जांच की गई। बताया जा रहा है कि जिन कर्मचारियों को जांच का दायित्व सौंपा गया है वे सिर्फ जानकारी लेकर ही डॉक्यूमेंट तैयार कर रहे हैं। वहीं महानगर पालिका द्वारा शुरू की गई मोबाइल फैसिलिटी का भी अधिकाधिक लोग फायदा नहीं ले रहे हैं।

गंभीर होने के बाद ही लोग हॉस्पिटल्स में जा रहे हैं और कोविड का टेस्ट करवा रहे हैं।शंका होने पर तुरंत हर व्यक्ति को टेस्ट करवाना चाहिए। बात करें टेस्टिंग की तो नागपुर को छोड़कर जिले में  टेस्ट की गति अभी भी धीमी ही रही है।

महानगर पालिका नागपुर ने जीता स्टार म्युनिसिपल लीडरशीप अवॉर्ड

महानगर पालिका द्वारा ग्रीन विजिल फाऊंडेशन के सहयोग से शुरू किए गए उपक्रम को संस्था द्वारा गंभीरता से लिया गया। पुर्णिमा दिवस के अवसर पर एनर्जी सेविंग का मैसेज देनेवाली नागपुर मनपा को अर्थ डे नेटवर्क इंडिया की तरफ से ऊर्जा बचत वर्ग में स्टार म्युनिसिपल लीडरशीप अवार्ड से सम्मानित किया गया। महानगर पालिका की इस सफलता के लिए महापौर संदीप जोशी व आयुक्त राधाकृष्णन बी ने सभी स्वयंसेवक और महानगर पालिका कर्मचारियों का स्वागत किया।

ज्ञात हो के नागपुर में तत्कालीन महापौर अनिल सोले के मार्गदर्शन में वर्ष 2014 से ऊर्जा बचत का उपक्रम चलाया जा रहा है।विशेष तौर पर पुर्णिमा की रात में गैर जरूरी लाईट व बल्ब बंद करने की अपील लोगों से की जाती है।जिसमें रात 8 से 9 बजे तक लोगों को और दूकानदारों को बल्ब बंद करने की अपील की जाती है।

ऐसा अनुमान है कि इस उपक्रम के चलते अबतक 2.53 लाख किलो कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण पाने में सफलता मिली है।यहां तक कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस उपक्रम की प्रशंसा की। एलईडी प्रकल्प के तहत महानगर पालिका ने 1.39 लाख पारंपरिक पथदीपो को एलईडी लाईट में परिवर्तित किया है।जिसके कारण वर्ष में 2.27 लाख युनिट कार्बन फुटप्रिंट की सेविंग हुई है।

महापौर संदीप जोशी ने यह भी कहा कि शहर की ग्रीन सिटी के रूप में पहचान है।अब इस पुरस्कार से पर्यावरण की दृष्टि से शहर एक कदम आगे बढ़ा है।

ग्रीन सिटी के साथ ही एनर्जी सेविंग करनेवाले शहर के रूप में देश में नाम दर्ज हुआ है।इस सफलता के पीछे जनता के सहयोग के साथ ही ग्रीन विजिल फाऊंडेशन के स्वयंसेवकों द्वारा की गई जनजागृति की भी अहम रोल है।अब शहर के नागरिकों के रूप में हर एक की जिम्मेदारी बढ़ गई है।हर एक व्यक्ति ने पुर्णिमा की रात घर और आंगन में बिजली बंद रखकर अपनी नैतिक दायित्व निभाना चाहिए।

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