केंद्र सरकार द्वारा दी गई रियायतों के बाद,अब नागपुर में डिविजनल स्कूल खुलने की संभावनाएं

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते 21 मार्च से केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉक डाउन घोषित किया था ।  इसके साथ ही सभी स्कूल और कॉलेज भी अनिश्चित समय के लिए बन्द कर दिए गए थे है तथा सरकार ने  विद्यार्थियों को ऑनलाइन लरनिंग के लिए प्रोत्साहित किया ताकि आसानी से बिना किसी नुकसान हुए विद्यार्थियों की शिक्षा जारी रहे।
इसी कड़ी में अब धीरे धीरे बदलाव किए जा रहे हैं और 21 सितम्बर से अनलॉक फेस के हिसाब से नागपुर के कनिष्ठ विद्यालयों में 9 से 12 तक की क्लासेज खोली जाने की संभावना है।ज्ञात हो के नागपुर में कनिष्ठ विद्यालयों की संख्या लगभग 1500 है।
इसके साथ ही सभी पालकों को हिदायत भी दी जाएगी ताकि वह बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजक बनाए और कुछ डिस्तंसिंग नियम पालन करें। कक्षा 9 से लेकर 12 तक बच्चों के एडमिशन के लिए पालक आवेदन दे सकेंगे।

बाढ़ आई और लाई महावितरण और जनता के लिए परेशानियां ,महावितरण को 9 करोड़ की हानि

इस बार बाढ़ के कारण पूर्व विदर्भ के भंडारा, नागपुर, गडचिरोली जिलों में महावितरण को बहुत हानि हुई है।
पूर्व विदर्भ के बाढ़ पीढ़ित क्षेत्रों में करीब 1.38 लाख कस्टमरों की बिजली भी बंद करनी भी पड़ी।
महावितरण कम्पनी की तरफ से बताया गया कि बाढ़ की लपेटें में आकर महावितरण कम्पनी को लगभग 9.20 करोड़ रुपयों की बड़ी हानि हुई है।फिलहाल अभी जिन क्षेत्रों में पानी उतर चुका है वहां के 1.23 लाख कस्टमरों की बिजली व्यवस्था पूरी सही तरीके से की जा चुकी है।
नागपुर और गडचिरोली जिले के दूर दूर क्षेत्रों में जहां बाढ़ का पानी अभी भी भरा है वहां के करीब 15000 कस्टमरों की बिजली अभी भी चालू नहीं हो पाई है।
625 गांव हैं बाढ़ पीढ़ित
नागपुर जिले में बीस हजार व भंडारा जिले में अठाविस हजार परिवारों की बिजली गुल हो गई थी।
विदर्भ में बाढ़ से कुल 625 गांव पीढ़ित हो गए। जिसमें सबसे ज्यादा 89000 कस्टमर्स गडचिरोली जिले में प्रभावित हुए।
सबसे अधिक 3.27 करोड़ की हानि भी गडचिरोली जिले में ही हुई है।नागपुर जिले में 2.68 करोड़ और भंडारा जिले में 3.20 करोड़ की हानि हुई है।
4334 ट्रांसफार्मरों में खराबी आने से नुकसान पहुंचा है।नागपुर प्रादेशिक प्रभारी प्रादेशिक संचालक सुहास रंगारी तथा मुख्य अभियंता दोडके ने मौदा डिस्ट्रिक्ट के माथनी का दौरा कर कुल हानि का जायजा लिया। जिन क्षेत्रों में अभी भी बिजली में ठीक से शुरू नहीं हुई है वहां सुधार कार्य प्रगति पर है।

नई टेंडर प्रक्रिया से रोजगार आया खतरे में ,इसी वजह से वी एन आई टी में सुरक्षाकर्मियों ने छेड़ा आंदोलन

नागपुर :दरअसल वी एन आई टी बनाज नगर में कार्यरत सुरक्षाकर्मियों ने आंदोलन शुरू किया है जिसकी वजह यह है के इस वर्ष वी एन आई टी ने जो टेंडर निकाला है उसके अनुसार अब किसी दूसरी सुरक्षा एजेंसी को यह टेंडर मिला है।
बताया जा रहा है शायद नई सुरक्षा एजेंसी के साथ नए हाउसकीपिंग,मैंटेनेस और सुरक्षा कर्मी आयंगे किन्तु पुराने सुरक्षाकर्मियों का यह कहना है के हर बार कॉन्ट्रैक्टर बदलते हैं किन्तु स्टाफ वही रहता है तो इस साल ऐसा क्यों हो रहा है, के स्टाफ भी बदल रहा है?
हाउसकीपिंग,मैंटेनेस और सुरक्षाकर्मियों को मिलाकर लगभग 170 कर्मियों का ऐसे में रोजगार चले जाएगा। अब जबकि पूरे देश में कोरोना महामारी ने पैर पसार लिए है और लाखों लोगों को रोजगार की समस्या झेलनी पड़ रही है ऐसे में वह कहां जाएंगे ? कैसे अपना घर चलाएंगे ? यही उनका वी एन आई टी मैनेजमेंट से प्रश्न है ।
सुरक्षाकर्मियों का यह भी कहना है के यदि ऐसे ही हालात रहे तो उनके पास कोई रोजगार नहीं बचेगा और आत्महत्या के अलावा कोई उपाय नहीं होगा।
उनकी मांग यही है के उन्हें कंटिन्यू किया जाए । वरना जय जवान , जय किसान संघटना आंदोलन एक उग्र रूप लेलेगा। उनका यह भी कहना है के अभी तक वी एन आई टी के किसी भी प्रबंधक ने उनसे इस विषय में बात नहीं की है।

शराब दुकानों को शराब बिक्री संबंधित आदेशों का करना होगा पालन अन्यथा हो सकती है कड़ी कार्यवाही

नागपुर :दरअसल कोविड के बढ़ते संक्रमण के चलते नागपुर जिला प्रशासन ने शराब बिक्री संबंधित महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है।
शासन के द्वारा जारी अधिसूचना को जो की 4 जून 2020 के तहत शराब बिक्री क्षेत्र एफएल , ई -1, ई-2 क्षेत्रों में सील बंद शराब बेची जा सकती है। ( एस पर कंटेंटमेंट जोन रूल)
एफएल-2 ,एफएल -3, एफएल बीआर -2 ,सीएल -3  जोन में रात्रि 9 बजे तक शराब बेची जा सकती है।
एफ एल -1 व सीएल -1 में शराब बिक्री समय रात्रि 8 बजे तक ही रहेगा ।
इसके साथ ही होम डिलीवरी भी दे सकेंगे और काउंटर सेल भी चालू रहेगी। हालाकि देशी शराब की घर पहुंच बिक्री बन्द रहेगी।
सिर्फ विदेशी शराब ही होम डिलीवरी दी जाएगी। लेकिन यह बिक्री बॉटल सील्ड होना जरूरी है।
उपरोक्त सभी नियमों का पालन का करना जरूरी है। अन्यथा शासन द्वारा दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी ।

परीक्षा को लेकर खड़ा हो रहा था विवाद ,पर NTA ने सोशल डिस्टैंसिंग के साथ करवाई JEE की परीक्षा

दरअसल पिछले दिनों पूर्व विदर्भ में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हुए थे जिसके मद्देनजर शैक्षणिक कार्यकर्ता नितेश बावनकर ने जेईई परीक्षा आगे बढ़ाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल की थी। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई लेकिन आदेश में कोई परिवर्तन की राहत नहीं मिली।जो विद्यार्थी बाढ के कारण परीक्षा नहीं दे पाए,उन्हें जिलाधिकरी के पास आवेदन करने के आदेश देते हुए केंद्र व राज्य सरकार को डिसिजन लेने का स्पष्ट किया।मंगलवार व बुधवार को प्रात: 9 बजे से शहर के 2 सेंटर्स पर JEE परीक्षा हुई। इसमें बहुत से छात्रों ने हिस्सा लिया।कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी नियमों निर्देशों का पालन किया गया।
नेशनल टेस्टिंग एजेन्सी (NTA) ने केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सोशल डिसटेंसिंग सहित अन्य नियमों व निर्देशों का पालन किया।पहले दिन आर्किटेक्ट विषय की प्रवेशपरीक्षा हुई पर विद्यार्थियों की संख्या कम थी, किन्तु बुधवार को बीई, बीटेक विषय के लिए परीक्षा होने से विद्यार्थियों की भारी भीड़ उमड़ी।परीक्षा में सेनेटाइजेशन सहित अन्य सतर्कता भी बरती गई।इसी कारणवश विद्यार्थियों को भी परेशानी नहीं हुई।
IITसहित समकक्ष पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए JEE Mains ली जाती है।इसमें सिलेक्टेड स्टूडेंट्स JEE ADVANCE  के लिए क्वालिफाय होगे।
अभी स्टूडेंट्स गत 2 दो वर्षों से JEE की तैयारी में लगे हुए थे, पर अब कोरोना की वजह से अनिश्चिता की स्तिथि बन गई है।यह परीक्षा लगभग चार महीने लेट हो रही है जिससे बहुत से छात्रों उदासी आ गयी है।
वैसे कई पॉलिटिकल पार्टीज ने परीक्षा पोस्टपोन करने की भी मांग की थी। परन्तु सभी तैयारी पूरी होने की वजह से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को अधिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा ।

बेहतर उपचार उपलब्ध हो इस उद्देश्य से मनपा ने लिया अहम फैसला , शुरू होंगे 16 नए कोरोना टेस्ट सेंटर्स

नागपुर. शहर में फैलती कोरोना महामारी के चलते अब पहल से और ज्यादा जांच केंद्र खोल कर संक्रमितों को समय पर सही उपचार व देखभाल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से महानगर पालिका ने नए 16 टेस्ट सेंटर्स की शुरुआत करने का निर्णय लिया है।
इन नए सेंटर्स को मिलाकर अब शहर के अलग अलग हिस्सों में कुल 50 सेंटर्स पर कोरोना का टेस्ट होगा। कोरोना पेशेंट्स की बढ़ती संख्या और डेथ रेट को कंट्रोल में लाने के लिए मनपा नव नियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन की ओर से सेंटर्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
जांच का समय – इन सभी 50 टेस्ट सेंटर्स पर सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक ही टेस्ट होंगे।
ज्ञात हो कि कोरोना टेस्ट सेंटर्स पर कहीं एन्टीजेन तो  कहीं पर आरटीपीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं।अब आरटीपीसीआर टेस्ट सेंटर्स की भी संख्या बढ़ाई जाएगी ।
एन्टीजेन टेस्ट में 30 मिनट के अंदर ही टेस्ट रिपोर्ट आती है।और आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लगता है।
फिलहाल शहर में 4000 टेस्ट हो रहे है ।अब इसकी संख्या बढ़ाकर रोज़ 5000 टेस्ट कराने का लक्ष्य निर्धारित हुआ है।
आरटीपीसीआर टेस्ट – जोनल सेंटर्स
धरमपेठ – ला कालेज छात्रावास, रवि भवन, मारिस कालेज छात्रावास
लक्ष्मीनगर – पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (आरपीटीएस)
मंगलवारी – राज नगर
आसीनगर – पांचपावली पुलिस क्वार्टर्स
एन्टीजेन टेस्ट – जोनल सेंटर्स
धंतोली – काटन मार्केट पीएचसी, आयसोलेशन अस्पताल, बाबुलखेडा पीएचसी
लक्ष्मीनगर – जयताला पीएचसी, सोमलवाडा पीएचसी,
धरमपेठ – केटी नगर पीएचसी, फुटाला, तेलंगखेडी, हजारी पहाड पीएचसी, इंदिरा गांधी अस्पताल, डीक अस्पताल, बुटी अस्पताल
हनुमाननगर – हुडकेश्वर-नरसाला पीएचसी, मानेवाडा पीएचसी
नेहरूनगर – नंदनवन पीएचसी, दिघोरी हेल्थ पोस्ट, बीडीपेठ पीएचसी, बड़ा ताजबाग
गांधीबाग – मोमीनपुरा पीएचसी, नेताजी अस्पताल, डायग्नेटीक सेंटर महल पीएचसी, भालदारपुरा पीएचसी, दाजी अस्पताल
सतरंजीपुरा – मेहंदीबाग पीएचसी, बिनाकी फिमेल अस्पताल, जागनाथ बुधवारी पीएचसी, शांतिनगर पीएचसी, सतरंजीपुरा अस्पताल
मंगलवारी  – नारा पीएचसी, जरीपटका अस्पताल, इंदोरा पीएचसी, झींगाबाई टाकली और गोरेवाडा पीएचसी, सदर रोगनिदान केंद्र
लकडगंज – चकोले अस्पताल, डिप्टी सिग्नल और आदिवासी छात्रों के छात्रावास, पारडी पीएचसी
आसीनगर – कपीलनगर और शेंडे नगर पीएचसी गरीब नवाज नगर, कुंदनलाल नगर, बंदे नवाज नगर
महानगर पालिका आयुक्त और महापौर व  जनप्रतिनिधियों के साथ कोरोना को लेकर की गई थी बैठक।इस मीटिंग में हुई चर्चा के हिसाब से टेस्ट की संख्या बढ़ाने की सूचनाएं दी गई।अब उसी के अनुसार प्रशासन द्वारा जरूरी कार्यवाही की जा रही है और बड़े फैसले लिए जा रहे हैं।

डिवाइडर वाली सड़कों के पास स्तिथ दुकानों पर अब नहीं लगेगा ऑड इवन रूल – एनएमसी

नागपुर: तीन महीने के  के बाद, नागपुर नगर निगम सभी गैर-जरूरी दुकानों को 2 सितंबर से सभी दिनों में खुली रहने की अनुमति देगा।
अब, सड़क के दोनों किनारों पर दुकानें, जहां सड़क विभाजित है, को कार्य करने की अनुमति होगी। नया नियम उन सभी गैर-जरूरी दुकानों के लिए भी लागू होगा जब वे स्टैंड-अलोन हैं, मंगलवार को नगरपालिका आयुक्त राधाकृष्णन बी द्वारा जारी अधिसूचना।
यह नया नियम इतवारी, महल, गांधीबाग आदि क्षेत्रों में स्थित दुकानों पर लागू नहीं होगा जहाँ सड़कें संकरी हैं और वहाँ कोई डिवाइडर नहीं है।वे दुकानें 30 सितंबर तक ऑड इवन के रूल का पालन करना होगा।
सभी गैर-जरूरी दुकानों को उन सड़कों पर पूरे दिन खुला रहने दिया जाएगा, जहां दूसरी तरफ दुकानें नहीं हैं। अन्य सभी सड़कों पर ऐसी गैर-जरूरी दुकानों को पहले के दिशानिर्देशों के अनुसार वैकल्पिक दिनों (पी 1 और पी 2 आधार) पर खोलने की अनुमति होगी।
अलग-अलग स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर के अनुसार 100% कैपेसिटी से हॉटेल्स और लॉज खुले रहेंगे लेकिन आवश्यक सावधानियों के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी की गाइडलाइन्स का ध्यान रखना जरूरी है।
ऐसी सभी गैर-आवश्यक दुकानों को अब मौजूदा शाम 7 बजे तक ही खुला रहने दिया जाएगा ना की 9 बजे तक।
शराब की दुकानें पहले के दिशानिर्देशों के अनुसार काम करती रहेंगी।
सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर (मॉल और बाजार परिसर में शामिल हैं), बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और इसी तरह के स्थान भी अभी बंद ही रहेंगे।
स्कूल,कॉलेजेस,एजुकेशनल और कोचिंग इंस्टीट्यूशन 30 सितंबर तक ऑनलाइन /डिसटेंस लर्निंग की अनुमति जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसके साथ ही सामाजिक,राजनीतिक, खेल,मनोरंजन, एकेडमिक,सांस्कृतिक,धार्मिक कार्यों और अन्य बड़ी सभाओं के साथ-साथ मेट्रो रेल के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।
अधिसूचना के अनुसार सभी आवश्यक दुकानें जिन्हें इन आदेशों से पहले खुले रहने की अनुमति है, वो पहले की तरह ही खुली रहेंगी ।

महापौरांनी मानले नागपूरकरांचे आभार

नागपूर महानगरपालिकेतर्फे वारंवार करण्यात आलेल्या आवाहनाला नागपूरकर जनतेने भरभरून प्रतिसाद दिला. यंदा सार्वजनिकरित्या गणेशोत्सव साजरा न करणे, चार फुटांपेक्षा जास्त उंचीची मूर्ती ठेवू नये तसेच गणेश मूर्तींचे विसर्जन प्राधान्याने घरीच करण्याचे आवाहन महापौर संदीप जोशी यांनी केले होते. नागपूर महानगरपालिकेतर्फे करण्यात येणा-या या आवाहना नागपूरकरांनी उत्स्फूर्त प्रतिसाद दर्शविला. अनंत चतुर्दशीला अनेक नागपूरकरांनी घरीच विघ्नहर्त्या गणरायाच्या मूर्तीचे विसर्जन करून आपल्या जबाबदारपणाची प्रचिती दिली. या संकटप्रसंगी नागपूरकर जनतेने दाखविलेली सामंजस्याची भूमिका कौतुकास्पद असून शहराचा प्रथम नागरिक या नात्याने समस्त नागपूरकरांचे आभार मानतो, अशा शब्दांत महापौर संदीप जोशी जनेतेच्या सहकार्याप्रती कृतज्ञता व्यक्त केली.

मंगळवारी (ता.१) महापौर संदीप जोशी यांनी शहरातील विसर्जनस्थळी भेट देउन परिस्थितीचा आढावा घेतला. शहरातील फुटाळा, गांधीसागर आणि सक्करदरा तलाव परिसरातील कृत्रिम टँकची व्यवस्था केलेल्या विसर्जनस्थळाची पाहणी केली. याप्रंसगी स्थायी समिती सभापती विजय (पिंटू) झलके, क्रीडा समिती सभापती प्रमोद चिखले, पोलिस उपायुक्त विनीता शाहू, उपायुक्त घनकचरा व्यवस्थापन डॉ. प्रदीप दासरवार, पोलिस निरीक्षक राघवेंद्रसिंग क्षीरसागर आदी उपस्थित होते.

महापौरांनी सर्वच ठिकाणी सेवाकार्य बजावणा-या मनपाच्या कर्मचा-यांसह, पोलिस कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थांच्या प्रतिनिधींसोबत यावेळी संवाद साधला. फुटाळा तलावात सेवा देत असलेल्या ग्रीन व्हिजील फाउंडेशन आणि मर्चंट नेव्ही ऑफीसर्स वेलफेअर असोसिएशनच्या स्वयंसेवकांकडूनही महापौर संदीप जोशी यांनी आढावा घेतला. शहरातील विसर्जनस्थळी मागील वर्षीच्या तुलनेत यावर्षी अत्यंत कमी प्रमाणात गणेश मूर्ती विसर्जीत करण्यात आल्या आहेत. परिसरात येणारे प्रत्येक नागरिक नियमांचे पालन करूनच येत आहेत. प्रत्येक जण स्वत:ची काळजी घेत असल्याची माहिती फुटाळा तलाव परिसरात सेवाकार्य बजावत असलेल्या ग्रीन व्हिजील फाउंडेशनचे संस्थापक कौस्तभ चॅटर्जी यांनी दिली. फुटाळा तलाव परिसरातील विसर्जन स्थळी ग्रीन व्हिजील फाउंडेशनच्या स्वयंसेवकांमार्फत पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव व कोरोना संबंधी जनजागृती करणारे संदेशाचे फलक दर्शविण्यात आले होते. ग्रीन व्हिजीलचे कौस्तभ चॅटर्जी यांच्यासह सुरभी जायस्वाल, मेहुल कोसुरकर, विष्णूदेव यादव, शीतल चौधरी, नम्रता जवेरी, विकास यादव आदी स्वयंसेवकांनी मंगळवारी (ता.१) सकाळपासून विसर्जन पूर्ण होईपर्यंत सेवाकार्य बजावले.

दरवर्षीच्या तुलनेत यावर्षी शहरात २५० कृत्रिम टँक कमी लावण्यात आल्या आहेत. मात्र यानंतरही कोणत्याही स्थळी विसर्जनासाठी नागरिकांची गर्दी दिसत नाही. हा नागपूरकर जनतेद्वारे मिळालेला सामंजसपणाचा संदेश आहे. अशीच खबरदारी आपण पुढेही घेत अनावश्यक गर्दी टाळण्याची तत्परता दाखविल्यास लवकरच कोरोनाला हद्दपार करू, असा विश्वासही यावेळी महापौर संदीप जोशी यांनी व्यक्त केला.

दुर्गोत्सवातही नियमांचे पालन व्हावे

गणेशोत्सवानंतर सर्वत्र दुर्गोत्सवाची तयारी केली जाणार आहे. कोरोनाच्या या संकटकाळात सर्वच उत्सव साजरे करताना काळजी घेणे आवश्यक आहे. गणेशोत्सवाप्रमाणेच दुर्गोत्सवही सार्वजनिकरित्या साजरा करण्याचे टाळण्यात यावे. उत्सव साजरा करताना मूर्तीची उंची चार फुटांपेक्षा जास्त असू नये, याची काळजी घ्यावी. एकूणच गणेशोत्सवाप्रमाणेच दुर्गोत्सवातही सर्व नियमांचे काटेकोर पालन केले जावे, असे आवाहनही महापौर संदीप जोशी यांनी केले.

 

नव नियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन बी ने पदभार सँभालते ही एक्शन मोड में,निगम के 66 कर्मचारियों को जारी किया नोटिस

नागपुर नगर आयुक्त के पद से आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के तबादले के बाद निगम के कर्मचारियों ने देर से कार्यालय आना शुरू किया है। इसलिए, नव नियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन बी , पदभार संभालने के बाद से वह एक्शन मोड में हैं। पूर्व आयुक्त तुकाराम मुंधे के नक्शेकदम पर चलते हुए, उन्होंने निगम के 66 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है (नागपुर नगर आयुक्त 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस)।

आयुक्त राधाकृष्णन ने आज (1 सितंबर) को निगम मुख्यालय में विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। यह पाया गया कि कई कर्मचारी बिना अनुमति के अवकाश पर चले गए। उसी समय, राधाकृष्णन ने देखा कि कुछ कर्मचारी देर से आ रहे हैं। नव नियुक्त आयुक्त ने निगम कर्मचारियों के गैर जिम्मेदार प्रबंधन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की। 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
आयुक्त राधाकृष्णन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी निगम कार्यालय में देरी से आता है तो कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को हमेशा समय पर पहुंचना चाहिए। यदि आप छुट्टी चाहते हैं, तो आपको नियमानुसार स्वीकृति मिलनी चाहिए, राधाकृष्णन ने चेतावनी दी है।

तुकाराम मुंढे के नागपुर नगर आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालने के अगले दिन, चार कर्मचारियों की पिटाई की गई। तुकाराम मुंढे ने लेखा और वित्त विभाग के चार कर्मचारियों को काम में अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था। उन्होंने अपनी नियुक्ति के अगले दिन ही लेखा और वित्त विभाग का निरीक्षण किया था। उसके बाद अब नागपुर निगम के नवनियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन बी  ने 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है .

कर्मचाऱ्यांची वाणवा, बिलांची अडचण

कोव्हिड-१९ चा सामना करण्यासाठी, रुग्णांना लवकर उपचार मिळावे, यासाठी खासगी रुग्णालयांना परवानगी देण्यात आली. मात्र, अनेक रुग्णालयात कर्मचाऱ्यांची वाणवा आहे. बिलांच्या बाबतीत अनेक तक्रारी आहे. मनपाने तयार केलेले कोव्हिड केअर सेंटर आणि कोव्हिड चाचणी केंद्रात मात्र उत्तम कार्य सुरू असल्याचा अहवाल यासाठी तयार करण्यात आलेल्या उपसमितीने दिला

कोव्हिड-१९ च्या पार्श्वभूमीवर नागपुरात असलेल्या आरोग्य व्यवस्थेचा आढावा घेण्यासाठी महापौर संदीप जोशी यांनी पदाधिकारी-प्रशासनाच्या चार समित्या तयार करण्यात आल्या होत्या. या समितीने संबंधित विषयाचा अभ्यास करून, दौरा करून एक अहवाल सादर करावा, असे निर्देश दिले होते. त्यानुसार सोमवारी (ता. ३१) या सर्व समितींचा महापौरांनी आढावा घेतला.

सदर आढावा बैठकीला महापौर संदीप जोशी यांच्यासह आमदार प्रवीण दटके, उपमहापौर मनीषा कोठे, स्थायी समिती सभापती विजय झलके, सत्तापक्ष नेते संदीप जाधव, विरोधी पक्ष नेते तानाजी वनवे, आयुक्त राधाकृष्णन बी., सत्तापक्ष उपनेते वर्षा ठाकरे, नरेंद्र बोरकर, प्रतोद दिव्या धुरडे, शिवसेना गटनेते किशोर कुमेरिया, राकाँचे गटनेते दुनेश्वर पेठे, आरोग्य समिती सभापती वीरेंद्र कुकरेजा, विधी समिती सभापती ॲड. धर्मपाल मेश्राम, ज्येष्ठ नगरसेवक सुनील अग्रवाल, अतिरिक्त आयुक्त जलज शर्मा, राम जोशी, संजय निपाने उपस्थित होते.

कोव्हिड हॉस्पीटल, कोव्हिड केअर सेंटर, कोव्हिड चाचणी केंद्र आणि मेडिकल, मेयो, एम्स येथील व्यवस्थेची पाहणी त्यासाठी तयार करण्यात आलेल्या उपसमितीने केली. खासगी कोव्हिड हॉस्पीटलसाठी तयार करण्यात आलेल्या समितीचे प्रमुख उपमहापौर मनीषा कोठे यांनी अहवालातील तथ्य मांडताना सांगितले की, काही हॉस्पीटलमध्ये कर्मचाऱ्यांची कमतरता आहे. अनामत रक्कम अधिक घेण्यात येत आहे. एका रुग्णालयात केवळ औषधींचे बिल २,३६,००० आणि उपचाराचे बिल १,९६,००० देण्यात आले. त्यामुळे खासगी रुग्णालयांवर मनपाचा वचक असणे आवश्यक असल्याची सूचना अहवालातून मांडली.

कोव्हिड केअर सेंटरचा अहवाल उपसमितीचे प्रमुख तथा स्थायी समिती सदस्य विजय झलके यांनी मांडला. या उपसमितीने आमदार निवास, पाचपावली आणि व्हीएनआयटी कोव्हिड केअर सेंटरला भेट दिली. तीनही ठिकाणी व्यवस्था उत्तम असल्याचे सांगितले. केवळ आमदार निवासात मनपाचा कुणीही समन्वयक नसल्याने तेथे समन्वयक नेमण्याची सूचना समितीने केली.

शासकीय रुग्णालयातील व्यवस्थेचा अहवाल उपसमितीचे सदस्य ज्येष्ठ नगरसेवक सुनील अग्रवाल यांनी मांडला. बेड उपलब्ध असतानाही अपुऱ्या कर्मचारी वर्गामुळे केवळ ५० टक्के बेडचा उपयोग होत असल्याचे त्यांनी सांगितले. मृत्यू झाल्यानंतर शववाहिका वेळेवर पोहचत नाही. एम्समध्ये मनपातर्फे गाद्या व इतर साहित्य पाठविल्यास बेड्‌सची संख्या वाढू शकते. मनपाच्या इंदिरा गांधी रुग्णालयात संपर्कासाठी फोन क्रमांक आवश्यक असल्याची सूचना त्यांनी केली.

कोव्हिड चाचणी केंद्राचा अहवाल उपसमितीच्या प्रमुख सत्तापक्ष उपनेत्या वर्षा ठाकरे यांनी मांडला. ३४ पैकी ३० चाचणी केंद्राला उपसमितीने भेट दिली असून सर्व केंद्रांवर व्यवस्था उत्तम आहे. इंदोरा केंद्रावर सर्व महिला अधिकारी-कर्मचारी असल्यामुळे गर्दीला आवर घालण्यासाठी पुरुष कर्मचारी नेमण्याची सूचना त्यांनी मांडली.

आमदार प्रवीण दटके यांनी यावेळी गंगाबाई घाट येथील वास्तव मांडले. तेथे कोव्हिड रुग्ण दहन करण्याची संख्या अधिक झाल्यामुळे परिसरातील नागरिकांमध्ये भीतीचे वातावरण आहे. अन्य मृत व्यक्तीचे दहन करताना बऱ्याच अडचणी येत आहे. मोक्ष काष्ठची चौकशी करण्याची मागणीही त्यांनी यावेळी केली. मानेवाडा डिझेल शववाहिनी तातडीने सुरू केल्यास मृत कोव्हिड बाधित व्यक्तीचे दहन तेथे करता येईल, अशी सूचना त्यांनी मांडली.

उपसमितीने केलेल्या सर्व सूचना महापौर संदीप जोशी यांनी स्वीकारल्या असून त्यावर तातडीने अंमल करण्याचे निर्देश प्रशासनाला दिले.

 

Exit mobile version