वीजबिल भरण्यास्तव कर्मचा-यांचा पुढाकार

नागपूर: लॉकडाऊन काळात इलेक्ट्रिसिटी प्रणाली सुरळीत होती, त्यात खंड पडला नाही, मात्र मिटर रिडिंग व विजबिल भरणा केंद्र बंद असल्याने तब्बल दोन महिने वसूली रखडली, ऑनलाइन भरणा सेवा सुरू होती मात्र सर्वच ग्राहक अॅण्ड्रॉईड फोन अथवा ऑनलाईन पेमेंट सुविधा वापरन्यात सक्षम नसतात परिणामी वितरण कंपनी आर्थिक अडचणीत सापडलीय, अशावेळी सर्वस्तरावर प्रलंबीत भरणा करण्याचे ग्राहकांना आवाहन केले जातेय. अशावेळी महावितरणच्या मदतीला तिन्ही वीज कंपनी कर्मचारीच व्हॉट्‌सऍपवरून भावनिक मॅसेज पाठवून हातभार लावताहेत.

मोबाईल डेटा संपताच रिचार्ज केला जातो… एका घरात चार असे वर्षात तेरा रिचार्ज करतात… पण महिन्याचं साधं वीज बिल मात्र भरु शकत नाहीत… नवल आहे ना? अशा ओळींत वीज देयके भरण्याचे आवाहन कर्मचारी करीत आहेत.

त्यातच आता वीजबिल माफ करण्याची मागणी पुढे येऊ लागलीय. या संकटकाळात वीज कर्मचारी आपल्या संस्थेच्या बाजुने उभे रहात वीजबिल माफी मागणी करणाऱ्यांसमोर मोबाईल आणि वीजबिलाची तुलना मांडून वीजबिल भरण्याचा आग्रह धरत आहेत.लॉकडाउन काळात वितरण कंपनीला 7 हजार 200 कोटींचे नुकसान सहन करावे लागले. एप्रिल महिन्यात केवळ 40 टक्केच वसुली झाली असून मे महिन्यातील वसुली 25 टक्‍क्‍यांच्या आतच असण्याची शक्‍यता आहे.

आता व्हाट्सअपचाही देशी पर्याय

लॉकडाऊन 4 चे सुरुवातीच्या काळात मा. पंतप्रधान मोदी यांच्या आत्मनिर्भर व स्वदेशी चळवळीच्या आवाहनानंतर सर्वच बाबींत लोक स्वदेशी पर्याय शोधत आहेत, सोशल मिडियावर तर अशा आवाहनांचा व प्रतिक्रियांचा पूर ओसंडलाय, असाच देशी पर्याय व्हाट्सअप या मैसेंजर अॅप करीताही सुरू झालाय

व्हाट्सअप सर्व अँड्रॉईड फोन वापरकर्त्यांच्या अंगवळणी पडलंय त्याऐवजीचे सध्या उपलब्ध असलेले सर्व पर्याय वापरूनही लोक परतून त्यावरच आले पण व्हॉट्‌सऍपची जागा घेऊ शकेल असा भारत मॅसेंजर नावाचा हा नवा मॅसेंजर वाराणसीत जन्माला आलेला आहे. यात 16 ते 50 एमबीपर्यंतचा व्हिडिओ पाठविता येणार आहे. वर्ड, एक्‍सेल व ऍडोबच्या फाइल पाठविता येणार असून, ऍप वापरण्याची पद्धत व्हॉट्‌सऍप सारखीच आहे.

सुमारे दहा वर्षांपूर्वी अमेरिकेत उदयाला आलेल्या व्हॉट्‌सऍपने जगभरात वेड लावले, अल्पावधीतच या ऍपने प्रत्येकाच्या मोबाईलमध्ये स्थान पटकवीले. व्हॉट्‌सऍपने केवळ जगभरातील लोकांच्या जीवनशैलीत  बदल घडविले. याचे महत्त्व ओळखत फेसबुक चे सर्वेसर्वा मार्क झुकेरबर्ग यांनी त्या काळातला सर्वात महागडा करार करत ही ॲप ताबडतोब विकत घेतली, म्हणून सद्य याची मालकी फेसबुक कडे आहे मात्र, आता स्वदेशीचा पुढाकाराचे समर्थनात व चीनचे संशयास्पद  पाऊल पहाता, तसेच थ्री इडियट ज्यांच्यावर आधारित आहे असे सोनम वांगचूक यांनीही नुकतेच भारतीयांना चिनी प्रॉडक्ट बॉयकॉट करण्याचे आवाहन सोशल मीडियावर केले अशा परिस्थितित चीन उत्पादीत वस्तूंना बॉयकॉट केले जात आहे.

याचाच एक भाग म्हणून नागरिकांनी मोबाईलमधील चीनी बनावटीचे ऍपही अनइन्स्टॉल करणे सुरू केलेय. याचा ब-याच चिनी अॅप निर्मात्या कंपन्यांवर परिणाम झालाय, अशात आता व्हॉट्‌सऍप मॅसेंजरलाही पर्याय उपलब्ध झाला असल्याने भारतीयांनी भारत मॅसेंजरला पसंती दिलेली आहे.  प्ले-स्टोअरवर ही अॅप सहज उपलब्ध असून, डाउनलोड करण्यासाठी अवघी 51 एमबीची जागा लागते. आत्तापर्यंत एक लाखाहून अधिक युझर्सने अॅप डाउनलोडही केलीय.

महाराष्ट्र:- जून महीने में मिलेगा 35 हजार मीट्रिक टन चावल मुफ्त

उन्होंने बताया कि केद्र सरकार की यह योजना खासकर प्रवासी मजदूरों के लिए शुरु की गई है। 15 जून तक मई और जून माह का मुफ्त चावल वितरित किया जाएगा। राज्य सरकार ने मुंबई के लिए 3 लाख 979 मैट्रिक टन चावल उपलब्ध कराए हैं। सरकार ने निर्देश दिया है कि यह चावल साढ़े चार लाख मजदूरों को वितरित किया जाए। राज्यभर में 70 लाख लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा। श्री पगारे ने बताया कि कोराना संकट के कारण जनजीवन ठप पड़ गया है। इस लिए सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत सरकारी राशन की दुकानों पर मिलने वाले नियमित अनाज के अलावा मई व जून माह के लिए मुफ्त चावल का वितरण होगा। उन्होंने बताया कि मुंबई-ठाणे क्षेत्र में विस्थापित मजदूर अपना आधार कार्ड अथवा कोई अन्य सरकारी कागजात दिखा कर 5 किलो मुफ्त चावल प्राप्त कर सकते हैं।

हर व्यक्ति को पांच किलो चावल दिया जाएगा। खाद्य आपूर्ति विभाग के नियंत्रक कैलाश पगारे ने परेल में जरुरतमंदों को चावल वितरित कर इस योजना का शुभारम्भ किया। आर्थिक रुप से कमजोर, बिना राशन कार्ड वालों व दिहाडी मजदूरों को इस माह (जून) राज्य सरकार की तरफ से 35 हजार मीट्रिक टन चावल मुफ्त में बांटा जाएगा। 


अब हर माह 31 लाख शिवभोजन थाली

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना  के तहत अप्रैल से जून तक प्रति लाभार्थी प्रति महिने 5 किलो चावल मुफ्त में दिया जाना है। 4 मई तक 1 करोड़ 25 लाख 74 हजार 180 राशनकार्ड धारकों को 28 हजार 32 हजार 700 कुंतल चावल बांटा गया। राज्य के 52 हजार 428 सरकारी राशन दुकानों से 1 मई से 29 मई के दौरान 1 करोड़ 50 लाख 12 हजार 175 राशनकार्ड धारकों को 72 लाख 27 हजार कुंतल अनाज बांटा गया है। इस दौरान 5 रुपए वाली 31 लाख 66 हजार 773 शिवभोजन थाली भी वितरित की गई। यह जानकारी राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने दी है। 

22 जून से शुरू होना है अधिवेशन, मानसून सत्र पर कोरोना संकट

कहा जा रहा है कि मानसून सत्र अगस्त में बुलाया जाए और गणपति उत्सव के शुरू होने से पहले ही सत्र खत्म किया जाए। इस बारे में अंतिम फैसला 9 जून को हो सकता है। संविधान के अनुसार 6 माह के भीतर एक बार विधानमंडल का अधिवेशन होना चाहिए।विधानमंडल का बजट सत्र 15 मार्च को खत्म हुआ था। इसके अनुसार अगला सत्र 14 सितंबर के पहले आयोजित होना चाहिए। मानसून सत्र 22 जून से शुरू होने वाला है। पर इसे अब आगे टाला जा सकता है। 22 अगस्त से गणपति उत्सव शुरू होने वाला है। 

इस बार मानसून सीजन की अवधि भी कम हो सकती है। कोरोना के कारण राज्य पिछले ढाई महीने से बंद है। इससे पहले, कोरोना के कारण विधानमंडल के बजट सत्र की अवधि को छोटा किया जाना था। इस बीच, मानसून के मौसम का समय आ गया है लेकिन सुधार के बजाय स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।कोरोना संकट ने पूरे गणित को गड़बड़ कर दिया है। इसके प्रभावों से कोई भी अछूता नहीं रहा। इस महामारी के प्रकोप के कारण, 22 जून से शुरू होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र अगस्त में बदल सकता है।

एक उपाय यह भी सुझाया गया कि मानसून सत्र में विधानसभा की बैठक सेट्रल हॉल में कराई जाए क्योंकि वहां जगह काफी है। विधानसभा में कुल 288 सदस्य हैं। इसलिए यहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जा सकेगा। और विधानपरिषद की बैठक विधानसभा सदन के भीतर कराई जाए। विधानपरिषद में कुल 78 सदस्य हैं। इससे विप सदस्य यहां दूर-दूर बैठ सकेंगे. अब 9 जून को विधानमंडल कामकाज सलाहकार समिती की बैठक होने वाली है। 

इस बैठक में मानसून सत्र की बाबत फैसला लिया जाएगा। हालांकि इस बैठक के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सहमति मिलनी बाकी है। विधानमंडल के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना संकट में मानसून सत्र बुलाना ठीक नहीं होगा।क्योंकि अधिवेशन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना कठिन होगा। 

 

ग्राहक पंचायत कर रही उर्जा मंत्री नितिन राउत से बिजली बिल कम करने की मांग

कोरोना संक्रमण के चलते देश भर में पिछले लगभग 2 महीने से लॉकडाउन था जिसके कारण लोगों की आय पर गहरा असर पड़ा और यहां तक के कई लोगों के यहां तो पिछले 2 महीनों से एक रुपए की कमाई तक नहीं हो पाई है। इस हालत में वे भारीभरकम बिजली बिल कैसे भरेंगे?इसलिए विद्युत विभाग चाहे तो उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कम से कम 50 प्रतिशत की राहत दे।ग्राहक पंचायत महाराष्ट्र ने ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत से यह मांग की।

पंचायत के विदर्भ अध्यक्ष श्याम पात्रीकर, संगठक डा. कल्पना उपाध्याय व सचिव लीलाधर लोहरे ने अपनी राय व्यक्त की और कहा कि वैसे ही विद्युत वितरण कम्पनियां पिछले कई वर्षों से सामान्य से डबल बिल वसूल रही थी। कम से कम लॉकडाउन की जैसी स्थिति में भी कम्पनियों ने अपने उपभोक्ताओं की आर्थिक परेशानी पर ध्यान देना चाहिए और अप्रैल माह से अगले 6 माह तक तीन सौ यूनिट से कम बिजली खर्च करने वाले  को बिल में 50 प्रतिशत की राहत प्रदान करनी चाहिए।

डा. उपाध्याय ने कहा कि एक ओर लोगों की आमदनी भी बंद है, और दूसरी तरफ भीषण गर्मी के कारण घरों में एसी, कूलर, पंखे आदि देर तक चलाए रखना भी जरूरी है। लॉकडाउन के कारण सभी लोग पूरा समय घर पर ही बीता रहे हैं।इससे बिजली उपभोग भी बढ़ गया है।लेकिन आय न होने से कई सामान्य परिवार एक ही बार में अधिक बिजली बिल भरने में समर्थ नहीं हैं।इसलिए ऊर्जा मंत्री राऊत से हमारी मांग है कि वे नागरिकों को बिल भरने में विलंब शुल्क से भी राहत प्रदान करें और उनका बिजली कनेक्शन न काटा जाये.

पंचायत के जिला अध्यक्ष प्रशांत चौधरी, जिला संगठक रेखा भोंगाडे, सचिव दिलीप चौधरी, सहसचिव प्रशांत लांजेवार, अर्चना पांडे, पल्लवी खापरीकर, योगिता गुरव, अश्विनी मेश्राम, रंजिता चापके, वर्षा तिवस्तर, उज्वला सहारे आदि ने भी एक इसी विषय में अपनी सकारात्मक राय दी।

ग्लोबल एडल्ट टोबैको के सर्वे आकंड़े चिंताजनक , युवाओं में बढ़ रहा मुंह का कैंसर

नागपुर:- वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन द्वारा 31 मई को विश्व तंबाखू निषेध दिवस मनाया । दरअसल ग्लोबल एडल्ट टोबेको द्वारा एक सर्वे किया गया था जिसके अनुसार यह पाया गया है के 20-40 वर्षीय युवाओं में तंबाखू का सेवन करने की लत पायी गई है। जो कि आने वाले समय में बहुत घातक सिद्ध हो सकता है।

यह स्तिथि काफी चिंताजनक

देश के युवाओं में कैंसर का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।विशेष तौर पर तंबाकू और सिगरेट का सेवन करने वाले युवाओं में मुंह का कैंसर बढ़ रहा है।

ऐसा माना जाता है कि बीसवीं सदी में तंबाकू के सेवन से करीब सौ मिलियन लोगों की मृत्यु हो गई थी। वहीं इक्कसवीं सदी में यह आंकड़ा एक अरब के पार जाने की संभावना बताई जा रही है।  इस साल ‘प्रोटेक्टिंग यूथ फार्म इंडस्ट्री मैनिपुलेशन एंड प्रिवेन्टिंग देम फार्म टोबैको एंड निकोटिन यूज’ विषय पर जनजागृति की गई।

रविवार को राष्ट्रीय तुकड़ोजी कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेन्टर ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाते हुए युवाओं को तंबाकू का सेवन नहीं करने के संदेश दिया ।

संचालक (आर एस टी) डा. बी.के. शर्मा ने कहा के  बीमारी के साथ रहने वाले लोगों की अनुमानित संख्या लगभग  2.25 मिलियन के आस पास है। हर साल नए 11,54,294 कैंसररोगी सामने आते हैं। इस तरह से रहा तो भविष्य में लोगों बड़ी समस्या हो सकती है।इसके अलावा यह भी बताया के अस्पताल के डाक्टर व कर्मचारी द्वारा जनजागृति कार्यक्रम किये जाते हैं। जांच के लिए समय-समय पर शिविर का आयोजन कर फ्री इलाज व दवाईयां भी दी जाती है

मैं पूरी तरह से ‘परफेक्ट’ होने का दावा नहीं करता, ‘सही’ होने की कोशिश करता हूं – मुंडे

नागपुर:- “आप स्टंट करने में सक्षम हो सकते हैं। यह मेरे स्वभाव में नहीं है। मैं कार्रवाई कर सकता हूं,” नगर आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा। इसलिए, तानाशाह जैसे विशेषणों को जोड़ा जा रहा है क्योंकि कई लोगों के हितों को चोट पहुंचाई गई है। आरोप लगाने से पहले तानाशाह क्या होता है? इसका अध्ययन किया जाना चाहिए, “उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा।

कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने फेसबुक लाइव के जरिए नागरिकों से बातचीत की। इस दौरान कई लोगों ने उनसे सवाल पूछे। उनमें से एक ने टिप्पणी की, “आप स्टंट करते हैं, आप एक तानाशाह की तरह काम करते हैं।” इस अवसर को लेते हुए, उन्होंने पिछले कुछ दिनों में विपक्ष के नेता द्वारा लगाए गए आरोपों का भी जवाब दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने पिछले तीन महीनों में कभी स्टंट किया है, आयुक्त ने कहा कि अगर स्टंट किया गया होता, तो कोरोना के खिलाफ किए गए उपायों से अच्छे परिणाम नहीं आते।

जनहित को प्राथमिकता देते हुए, उन्होंने प्रतिबंधित क्षेत्र में जाकर खुद दुकानें बंद कर दीं। उन्होंने कहा कि न केवल कोरोना बल्कि स्वाइन फ्लू भी इस साल नियंत्रण में है। अब तक केवल दो मामले सामने आए हैं। पिछले साल दो सौ पचास मरीज थे। “यह मेरे बारे में नहीं है, यह स्वास्थ्य विभाग के बारे में है,” ।

एक तानाशाह है जो कानून के अनुसार काम नहीं करता है। तो मैं कैसे एक तानाशाह हूँ? क्या व्यक्तिगत लाभ को देखे बिना लोगों के हितों की देखभाल करना तानाशाही है? उन्होंने इस तरह के सवाल किए। पिछले ढाई महीने से लोग सामाजिक संगठनों से भोजन प्राप्त कर रहे हैं। सरकार ने इसके लिए भुगतान किया। लेकिन उनका उपयोग नहीं किया जाता है। मैं परफेक्ट होने का दावा नहीं करता। लेकिन मै  परफेक्ट बनने की कोशिश करता हूं।

“मैं यह करूँगा यदि कठिन उपायों की आवश्यकता है। अगर कोई इसे तानाशाही कहता है, तो इसे रहने दो,” उन्होंने कहा। मुझे कभी भी सफलता का श्रेय नहीं दिया गया।

घाबरू नका, सतर्कतेनेच पळेल कोरोना व्हायरस: रूग्णसंख्या आणखी वाढेल, स्वत:चा करावा बचाव

नागपूर:- शहरात कोरोना रूग्णांची संख्या सतत वाढतेय. पहाता पहाता आकडा 500 पल्याड गेला. जून आणि जुलैमध्ये हा ग्राफ असाच वेगवान राहील. तरी बर्‍याच लोकांत लक्षणं दिसत नाहीय, ती सामान्य रूग्णाप्रमाणे असल्याने व्हायरसविरोधात लढ्यात मदत होतेय, रिकवरी रेट अधिक असल्याचे देखील हेच कारण आहे. म्हणून कोरोनापासून घाबरण्याची आवश्यकता नाही, परंतु सतर्कता बाळगण्याची गरज आहे.

कोरोना संक्रमितांच्या वाढत्या आकड्यांमुळे  लोकांत भितीची स्थिति आहे. दररोज नवनव्या जागांतून रूग्ण सापडताहेत, त्यांचे संपर्कातील असलेल्यांची साखळी वाढती आहे. आणि ही स्थिति पुढील काही महिन्यांपर्यंत अशीच चालू असणार आहे. पण या सर्वामुळे घाबरण्याची गरज नाही. आपल्या स्वत:च्या बचावाची आवश्यकता आहे.

एम्सच्या डायरेक्टर डॉ. विभा दत्ता मानतात की प्रारंभि लोकांनी लॉकडाउनचे काटेकोर पालन केले. पण जस-जसा वेळ जातोय, लोकांची सतर्कता काही अंशी कमी होऊ लागलीय, परिणामी रूग्णसंख्या वाढत आहे. तसे पाहिल्यास या संख्येत पुढील महिन्यांत आणखी वाढ संभवते, परंतु यात घाबरण्याची गरज नाही. रूग्णसंख्या कमी होईल, केव्हा ते आताच सांगता यायचे नाही. पण स्वत:चे बचावासाठीचे उपाय चालूच ठेवायाचे आहेत.

नियमांचे पालन जरूरी: डॉ. दत्ता मानतात वारंवार हात धुने, मास्क वापरने आणि सॅनिटायझरच्या उपयोगाने कोरोना विषाणु विरोधात लढा शक्य आहे. ही चांगली बातमी आहे की पॉझिटिव लोकांत त्याची लक्षणं दिसत नाहीत. परंतु बर्‍याच वेळा हेच लोक इतर लोकांस अडचणीचे ठरतात, कारण पॉझिटिव्ह असुन ते अनभिज्ञ असतात. शास. महाविद्यालय व हॉस्पिटलचे वैद्यकीय अधिक्षक डॉ. अविनाश गावंडे मानतात की लोकांनी अजिबात घाबरू नये, कारण प्रशासकी स्तरावर सर्वच प्रकारचे प्रयत्न सुरू आहेत फक्त लोकांनी सावधगीरी बाळगावी. सुरक्षितता न बाळगण्यामुळेच आज दिसते ती रूग्णसंख्या बळावलीय. बहुतेक रूग्णांत लक्षणं आढळत नाही याचाच अर्थ या लोकांची प्रतिकारक क्षमता चांगली आहे. व उपचार करणा-या डॉक्टरांसाठी देखील हे चांगले संकेत आहेत.

“कोरोना पासून घाबरून जाण्याऐवजी सतर्कता बाळगने जरूरीचे आहे. नियमांचे पालन करा, थोडीशी निष्काळजीही अंगलट येऊ शकते. लोकांचे जागरूकतेनेच विषाणुस दूर सारले जाऊ शकते.- डॉ. विभा दत्ता, संचालिका, एम्स संपर्कात येणा-यांमुळेच हा आजार वेगाने वाढतो आहे. मात्र जर सतर्कता बाळगल्यास कोरोना विषाणु जवळही फटकणार नाही. इम्युनिटी वाढवण्यास सकस आहार व व्यायामावर लक्ष देणे गरजेचे आहे.

~अविनाश गावंडे, वैद्यकीय अधिक्षक, मेडिकल

कोरोना संसर्ग: घरी परतलेल्यांचे दारी लागतील पोस्टर

नागपूर:- केंद्र आणि राज्य सरकारकडून घरगुती उड्डानांस परवानगी देत लॉकडाउन 4 काही अंशी शिथिल करत दिलासा दिल्या गेला मात्र यामुळे परतलेल्यांमुळे कोवीड संसर्ग फैलाव होऊ नये म्हणून विमानांतून आलेल्यांना 14 दिवसांपर्यंत क्वारंटाइनची अट ठेवल्या गेली आहे. याचे उल्लंघन होऊ नये म्हणूनच्या उपायांसाठी अशांचे घराबाहेर पोस्टर् लावले जाणार असल्याची माहिती मनपा आयुक्त मुंढे यांनी दिली.

ते सांगतात की विमान, रेल्वे, बस आणि खाजगी वाहनांद्वारे लोक घरांमध्ये परतताहेत. शासकी दिशानिर्देशांनुसार अशांना 14 दिवस विलगीकरनात रहावे लागेल. अशा सर्व लोकांच्या घरांबाहेर पोस्टर लावले जातील.

नियम तोडल्यास क्वारंटाईन सेंटरमधे रवानगी:

आयुक्तांनी बजावले होम क्वारंटाईन केलेल्यांवर शिक्के लावलेयत असे लोक जर बाहेर वावरतांना आढळले तर क्वॉरंटाईन सेन्टरला त्यांची रवानगी केली जाईल, शहरात येणा-या अशा लोकांमुळे संभ्रमावस्था आहे. राज्य सरकारच्या दिशानिर्देशांनूसार शहरात प्रवेशताच अशा लोकांच्या हातावर होम क्वॉरंटाईनचे शिक्के लावले जाताहेत, अशांस 14 दिवस घरातच रहायचे आहे. घरांवर लावले जात असलेले पोस्टरवर या लोकांच्या नावाची नोंद असेल. असे लो कुठेही फिरतांना आढळल्यास त्याची माहिती मनपा कंट्रोल रूमचे दूरध्वनीवर द्यावी, यांचे क्रमांक 0712-2567021 आणि 0712-2551866 आहेत.

खाजगी हॉस्पिटलांतही जाण्याची मुभा:

घरांत क्वारंटिन लोकांस ताप, खोकला आणि श्वास संबंधी त्रास झाल्यास त्वरित मनपाचे प्राथमिक आरोग्य केंद्रांस किंवा कोणत्याही खासगी हॉस्पिटलमध्ये जाऊन डॉक्टरांकडून तपासणी करावी. खाजगी हॉस्पिटलमध्ये अशा प्रकारचे लक्षणं आढळताच रूग्नाचे स्वॅब नमुने घेत अहवाल येईपर्यंत संबंधितास आयसोलेशन करून ठेवावे लागेल. रिपोर्ट पॉजिटिव मिळाल्यास ही माहिती त्वरित मनपास द्यावी लागेल.

 

पदाधिकारियों को नजरंदाज ना करें, यह व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा – महापौर ने मुंडे को चेताया

नागपुर:- दरअसल महापौर संदीप जोशी ने कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते कहर को लेकर सभी जिम्मेदार अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी हालातों की समीक्षा की इसी के साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी । हर दिन कोई न कोई आदेश जारी होता रहता हैं कई बार आदेश विरोधाभासी भी होते हैं और असमंजस पैदा करते हैैं।इसी बात को लेकर बैठक में खबर ली गई।

ऐसा समझा जा रहा है के उन्होंने तुकाराम मुंडे को डायरेक्टली ना कहते हुए शिष्टाचार का पालन करने को कहा।कई अधिकारियों का यह भी कहना है के मुंडे उन्हें आदेश के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं देते या कई बार उन्हें ठीक से सूचित नहीं किया जाता और आदेश जारी हो जाते हैं।

सब्जी मंडी को लेकर हर दिन नई नई जगहों की घोषणा की जारी है तो कई जगह कुछ दुकानें खोलने के आदेश थे तो कई प्रतिबंधित क्षेत्रों में कुछ आदेश थे।कभी रात में दुकानें खोलने के आदेश जारी होते हैं तो कभी दिन में बंद करने के।कई बार तो जन प्रतिनिधियों को भी आदेशों के बारे में पता नहीं होता।

ऐसे में माना जा रहा है के महापौर संदीप जोशी ने समझाया है के इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सभी दूसरे पदाधिकारियों के साथ शिष्टाचार से व्यवहार करना जरूरी है।

महापौर संदीप जोशी ने मौखिक आदेश भी दिए हैं के कोरोना के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दें। महापौर ने प्रशासन को मौखिक नारा भी दिया के पदाधिकारियों को नज़रंदाज़ ना करें शिष्टता से व्यवहार करें।

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