नियमित व्यायाम करा- सुनील केदार

कोरोना या महाभयंकर आपत्ती मुळे शासनाने सध्या संपूर्ण देशात लॉकडाऊन चे आदेश दिले आहे. कोरोना या रोगाने संपुर्ण जगात थैमान घातले आहे. आतापर्यंत जगातील कित्येक नागरिक या रोगामुळे मृत्युमुखी पडले आहे. आपल्या देशात ही परिस्थिती न उदभवो या करिता शासनाने लॉकडाऊन या पर्यायाचा उपयोग केला आहे. या मुळे नागरिकांना आपल्या घरीच राहण्याचा आदेश शासनाने दिला आहे.

परंतु नागरिकांनी घरी राहताना सुद्धा आपल्या आरोग्याची काळजी घ्यावी व आपली रोगप्रतिकारक शक्ती वाढविण्याकरिता सतत प्रयत्न करावे व या करिता नियमित योगा, व्यायाम, दोरीच्या उड्या इत्यादी व्यायाम प्रकार करण्याचे आव्हाहन राज्याचे क्रीडा व युवक कल्याण मंत्री सुनील केदार यांनी समस्त जनतेला केले आहे.

 आपल्या वक्तव्यात मंत्री सुनील केदार यांनी सांगितले की कोरोना हा ज्यांची रोगप्रतिकारक शक्ती कमी आहे त्यांच्याकरिता मोठ्या प्रमाणात धोकादायक आहे.त्यामुळे आपली रोगप्रतिकारक शक्ती वाढवून आपण कोरोना या रोगापासून आपला आणि आपल्या कुटुंबातील सदस्यांचा जीव वाचवू शकतो. त्यामुळे आपली रोगप्रतिकारक क्षमता वाढविण्याकरिता नियमित व्यायाम, योगा व दोरीवरच्या उढ्या हे नियमित क्रिया आपण आपल्या घरी करा. व्यायामा व्यतिरिक्त सकस आहार सुद्धा रोगप्रतिकारक शक्ती वाढण्याला कारणीभूत आहे. या करिता आपल्या रोजच्या आहारात प्रोटीनयुक्त पदार्थांचे सेवन हे केलेच पाहिजे. या मध्ये प्रामुख्याने दूध, दुग्धजन्य पदार्थ, अंडी, चिकन,डाळी इत्यादी पदार्थाचे सेवन केले पाहिजे.

जगातीक वैद्यकीय संस्थेने सुद्धा व्यायाम व सकस आहाराने शरीराची रोगप्रतिकारक शक्ती वाढत असल्याचे स्पष्ट केले आहे. व ज्यांची रोगप्रतिकारक शक्ती जास्त आहे अश्या व्यक्तींना कोरोना या रोगाचा धोका हा कमी असतो हे सुद्धा जागतिक आरोग्य संस्था (WHO)ने स्पष्ट केले आहे. म्हणून सकस आहार व नियमित व्यायाम करून आपण कोरोनाचा आपल्या देशातून समूळपने हद्दपार करू असा आशावाद मंत्री सुनील केदार यांनी व्यक्त केला

Additional force to execute effective lockdown in City

Even after Prime Minister Modi declared the lockdown, the city has undergone a full shutdown. Police have been instrumental in making the lockdown effective. With fewer officers on the road, however, they seemed to have encountered difficulties in managing the crowds coming out. Despite less manpower in the area, people like the youngsters make fun and run about amid the lockout, without maintaining the city’s safe distance.

Thus Maha Police has agreed to give the lockdown in the city additional manpower. They also called for additional power from the centre to provide extra strength to keep things under control. Talking about the same Mr. Subhodh Jaiswal the DGP has asked additional forces in the state along with the town to get additional forces for the same. It is expected that the city will soon get additional PCR cans and manpower that will help maintain the city’s successful lockdown.

The special police staff has been in deployment and selection process. According to reports, there are about 2.20 lakh police personnel in the Maha Police and 10 per cent of the personnel are seen working in domains such as PCR, ACB, and CID. With the state ordering the lockdown to prevent the virus from spreading the entire police force was mobilized for lockdown operation. The Homeguard units are to be ruptured in with the extra manpower coming from other areas.

एमआयडीसी पोस्टे हद्दीत बाक्षे मेडिकल अॅण्ड जनरल स्टोअर्स येथे ठरवून दिलेल्या किमतीपेक्षा जास्त दराने मास्क ची विक्री होत

आज दि. ०४/०४/२०२० रोजी युनिट १ पथकातर्फे पोलीस निरीक्षक मुक्तार शेख यांच्या मार्गदर्शनाखाली एमआयडीसी पोस्टे हद्दीत बाक्षे मेडिकल अॅण्ड जनरल स्टोअर्स येथे ठरवून दिलेल्या किमतीपेक्षा जास्त दराने मास्क ची विक्री होत असल्याचे दिसून आल्याने सदर मेडिकल चालकावर  पुरवठा निरिक्षक यांचे वतीने MIDC पोस्टे  येथे अत्यावश्यक वस्तू सेवा अधिनियम १९५५ चे कलम १०चे उपकलम ३ (२),(क) चे उल्लंघन केल्याने गुन्हा दाखल करून सदर मुद्देमाल पुढील कारवाईस्तव  पोलीस स्टेशनच्या स्वाधीन करण्यात आला आहे .

प्रधानमंत्री मोदी के बालकनी में दिया जलाने वाले सन्देश को लेकर सोशल मीडिया छिड़ी बहस कुछ मोटिवेशनल फायदे बता रहे हैं तो कुछ लोग सरकार की तैयारियों पर सवाल उठा रहे हैं।

दरअसल जब से प्रधानमंत्री मोदी ने 5 अप्रैल को रात को 9 बजे 9 मिनट के लिए दिया या मोमबत्ती ,टॉर्च की जलाकर अपनी बालकनी में आ कर देश के लिए मंगल कामना करने के लिए कहा है साथ ही यह भी कहा है के 9 मिनट के लिए घर की सभी लाइटें बंद रखें।प्रधानमंत्री के इस संबोधन के बाद से जैसे सोशल मीडिया पर एक बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों का कहना है के ये देशवासियों को मोटिवेट करने का एक अच्छा उपाय है, साथ ही कुछ समय के लिए बिजली की बचत भी होगी।

कुछ लोगों का कहना है के दिया या मोमबत्ती जला के क्या फायदा ? कुछ का कहना है के ऐसा करने से सभी ग्रिडों पर लोड पड़ेगा और वोल्टेज बड़ जाएगा ग्रिड जल भी सकती है ? तो कुछ का कहना है के सिर्फ अंधकार में दिए जला कर एक आध्यात्मिक शक्ति की बात तो कर सकते हैं लेकिन इसका कोरोना वायरस संक्रमण से क्या संबंध है?

सोशल मीडिया पर छिड़ी इस बहस पर हमने बहुत से पहलू खंगाले और विश्लेषण किया के यह संदेश देश को एकजुट करने के लिए दिया गया है।

खैर गौर करें तो ऐसा माना जाता है के घर में घी का दीया जलाने से सकारात्मक ऊर्जा वातावरण में आती है।

यदि घी के दिए के साथ लौंग जलाते है तो यह घर का वातावरण शुद्ध करता है।

घी या सरसों का तेल का दीया जलाने से अस्थमा के मरीज़ को भी फायदा है।
कुल मिलाकर यह समय है देश के साथ एकजुट हो कर सबके मन में फिर से एक विश्वास और उमंग पैदा करने का के अंधकार कितना भी घना हो , एक सकारात्मकता और विश्वास का दिया जलाने से हम में साहस मिलता है और एक जंग से लड़ने के लिए एक नया जोश पैदा होता है। यह वक़्त है एकदूसरे के हौंसले बढ़ाने का और इस संकट से आगे बढ़ कर विजय पाने का ।

नागपुर के आईजीएमसी और मायो हॉस्पिटल में कोरोना टेस्टिंग मशीन बंद पड़ी,रिपोर्ट के लिए करना पड़ेगा लंबा इंतज़ार

नागपुर:एक तरफ देश में कोरोना का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है साथ ही राज्य में भी केस बढ़ते जा रहे है।लेकिन दुखद बात यह है कि ऐसी विकट परिस्थिति में नागपुर के आईजीएमसी हॉस्पिटल की कोरोना टेस्टिंग मशीन आज सुबह से बंद है।इसके साथ ही मायो हॉस्पिटल में भी कोरोना टेस्टिंग की 2 मशीन थी जिसमे से एक बंद हो गई है बस एक मशीन ही चालू है।ऐसे में पीड़ितों को और अधिक इंतज़ार करना पड़ सकता है।

अब इन मशीनों को सुधारने के लिए अस्पताल प्रबंधन क्या कदम उठाएगा ये देखने वाली बात है और कब तक ये फिर से काम करना शुरू करेगी।फिलहाल तो यह शहर और पीड़ितों दोनों के लिए बड़ा ही चिंताजनक विषय है।इसके जल्द ही निदान होना जरूरी है।

15 अप्रैल से कुछ शर्तों के साथ खुल सकता है लॉकडाउन, जानें क्या है सरकार की तैयारी

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉकडाउन है। बाजार बंद हैं। ट्रेनें, बसें, हवाई जहाज, टैक्सियां कुछ भी नहीं चल रहा। ऐसे में सरकार ने लॉकडाउन खोलने की तैयारियों पर चर्चा शुरू कर दी  है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें कहा गया लॉकडाउन खुलने का मतलब पूरी छूट नहीं होगा। यूपी सरकार 14 अप्रैल के बाद लोकडाउन हटने की सूरत में कई बन्दिशें बरकरार रखेगी। इसका मकसद अफ़रातफ़री को रोकना व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का है। 

स्कूल कालेज बंद रहेंगे, फंसे लोगों को मिलेगी तरजीह
सूत्रों के मुताबिक, सरकार बेसिक  व माध्यमिक स्कूल व कॉलेज आगे भी एक निश्चित अवधि तक बंद रखेगी लेकिन टेक्निकल व व्यवसायिक कॉलेज खोलने की तैयारी है। लॉकडाउन जब खुलेगा तब पहले उन लोगों को आने जाने में तवज्जों दी जाएगी, जो कई दिनों से इधर उधर फंसे हुए हैं। और घर नहीं जा पा रहे हैं। इसके लिए सीमित दायरे में परिवहन सेवा शुरू होगी।

बाजार व मंडियां खुल सकती हैं, माल रह सकते हैं बंद
 बाजार व मंडियों को खोला जाएगा। माल में मल्टीपलेक्स को इस दायरे से बाहर रखने की योजना बन रही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि डीएम व एसपी पहले लॉक डाउन हटाने के बाद के हालात का आकलन अभी कर लें, जिससे बाद की आने वाली मुश्किलों से निपटा जा सके। सरकार का जोर 15 के बाद भी कही भी किसी रूप में भीड़ न लगने देने का है। मौजूदा वक्त की सारी ऐहतियात बाद में भी सख्ती से बरती जाएगी। इसमें समूह में न निकलने से लेकर सैनिटाइजेशन तक शामिल हैं।

कम संक्रमण वाले जिलों में पहले हटेगा लाकडाउन
सरकार पहले उन जिलों से लॉकडाउन हटाएगी, जहाँ कोरोना वायरस संक्रमण अपेक्षा काफी  कम है। इसमे भी वायरस संक्रमण वाले हॉट स्पॉट चिन्हित किए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि तब्लीगी जमात के संक्रिम त लोग कई जिलों में पहुँच चुके हैं और कोरोना वैरियर बन हुए हैं। ऐसे लोगो के कारण खास जिलों या उनके खास इलाको में जांच पूरी होने तक बंदिश रहेगी। सीएम ने पहले 15 जिलो में व बाद में पूरे यूपी में लॉकडाउन का एलान किया। 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में इसका ऐलान करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा था। पीएम ने हाल में 14 अप्रैल के बाद लॉक डाउन हटाने का संकेत दिया है।

लॉकडाउन खुलने पर सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल  करें 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर 15 अप्रैल से लॉकडाउन खुलता है तो हालात बहुत चुनौतीपूर्ण होंगे। सभी को इसका पूरा ख्याल रखना जरूरी है। ऐसे में जो जहां फंसा होगा, वहां से आने का प्रयास करेगा। इन हालातों में सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कराना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करें। स्कूल, कॉलेज, अलग-अलग तरह के बाजार और मॉल कब और कैसे खुलेंगे इसकी कार्ययोजना तैयार करें। सीएम ने शुक्रवार को बैठक कर टीम-11 के ऑफिसर्स के साथ लॉक डाउन के खुलने की स्थिति की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जरूरतमंद तक समय से भोजन पहुंचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद लें। संबंधित जिलों के डीएम से समन्वय कर आंगनबाड़ी का पौष्टिक आहार भी घर-घर तक पहुंचाएं।

एक हजार करोड़ का कोरोना केयर फंड तैयार करेंगे
सरकार 1000 करोड़ रुपये का कोरोना केयर फंड तैयार करेगी। इस फंड से टेस्टिंग लैब की सुविधाएं बढ़ाने के साथ इलाज में जरूरी और उपकरणों मसलन वेंटीलेटर, मास्क, सेनिटाइजर, पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट) आदि की व्यवस्था की जाएगी। इस फंड में सरकार तो मदद देगी ही, अन्य लोगों के अलावा कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबलटी के तहत औद्योगिक घरानों से भी मदद ली जाएगी। प्रयास होगा कि हर मंडल और सभी 24 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जांच की सुविधा हो।

Railways are ramping up masks and sanitizers in-house to supplement the Government of India’s health-care efforts

By 1 April 2020 Indian Railways developed a total of 287704 nos. of masks and 25806 litres of sanitizers All railway zones do this but some like CR and WR have ramped up Masks and hand sanitizers are made available to all employees on duty; they are also made available to contract staff Continuing the steps taken to prevent the spread of COVID-19, Indian Railways In this direction Indian Railways manufactures in-house masks and sanitizers in all its Zonal Railways, Processing Units, and PSUs.

In its Zonal Railways, Production Units and PSUs Indian Railways manufactured a total of 287704 nos. of masks and 25806 litres of sanitizer by 1st April 2020. Within this regard some of the Indian Railway Zones have taken the lead, such as Central Railway with 22580 nos. of masks & 2693 litres of sanitizer, Western Railway with 46313 nos. of masks & 700 litres of sanitizer, North Central Railway with 26567 nos. of masks & 3100 litres of sanitizer and Eastern Railway with 14800 nos. of masks & 2620 litres of sanitizer.

Because Indian Railways freight operations run 24X7 to maintain critical products and supplies of goods, operational and maintenance personnel operate round the clock. The following are maintained at all workplaces to ensure the health of these workers and to raise their morale: I Masks and hand sanitizers are made available to all workers who are in service. These are also guaranteed for contract labourers.

Any workplace is provided with ii. Soap, water and washing facilities. Hands-free washing facilities were provided with the local technologies.

The iii. Social distancing is given. In this regard, knowledge is distributed regularly among all the workers such as trackmen, locomotive pilots etc.

In house production of masks by RPF

To ensure the in-house production of reusable washable masks, the help of ladies living in the outhouse was taken. Kusum and his husband living in my outhouse willingly supported the move and they are producing 100 masks per day to be used by RPF. She will be producing 1100 masks. RPF has provided her with cloth

Similarly, to utilise the talent of RPF staff, one staff HC Pawan Namdeo of Ballarshah post of Nagpur CR, willingly came forward and is making masks after his duty from the bed sheet cloth after sanitising it.

Together they will produce around 3000 masks and around 1000 staff of both the division will have 3 masks each with our own in-house effort

मेणबत्त्यांच्या इव्हेंटसाठी देशातली राष्ट्रीय पॉवरग्रीड बंद पाडू नका, ही नम्र विनंती- डॉ नितिन राउत

१) केवळ महाराष्ट्राचे उदाहरण घेऊ. महाराष्ट्राची विजेची कमाल मागणी २३००० मेगावॉट आहे जी लॉकडाउनमुळे आधीच १३००० मेगावॉटवर आलेली आहे. ती जर अचानक कमी केली तर विद्युत निर्मितीसंचांवर थेट परिणाम होऊन ती बंद पडतील आणि ती पुन्हा सुरू करायला १२-१६ तास लागतील.

२) हीच परिस्थिती देशभर उद्भवू शकते.

३) गेल्याकाही दशकांत हळूहळू विजेचा पुरवठा करणाऱ्या high voltage ग्रीड्स या integrate करून एक राष्ट्रीय ग्रीड तयार करण्यात आली आहे त्यामुळे आता पॉवर फेल्युअर हे राष्ट्रीय स्वरूपाचे असण्याची शक्यता निर्माण होईल.

४) याचा परिणाम इस्पितळे, पाणी पुरवठा यंत्रणा आदी २४ तास विजेची गरज असणाऱ्या अत्यावश्यक सेवांवर पडण्याची दाट शक्यता आहे.

५) वीज क्षेत्रातल्या काही जबाबदार अधिकाऱ्यांनी, तज्ज्ञांनी आजच पंतप्रधान यांना पत्र लिहून हे आवाहन मागे घेण्याची विनंती केली आहे.

६) अशीच विनंती आपण जनतेसही करूया. कृपा करून सगळे घर अंधारात ढकलून बाल्कनीत आणि खिडकीत येऊन मेणबत्त्या पेटवून उभे राहण्याचा खुळेपणा करू नका. फारफार तर खिडकी आणि बाल्कनीत अंधार करून तुमची मेणबत्ती पेटवून जी कोणती भावना व्यक्त करायची आहे ती करा.

नागपुर एनएमसी क्षेत्र से मरकज में शामिल हुए लोगों को पुलिस कर रही ट्रेस

नागपुर:ऐसा बताया जा रहा है दिल्ली स्तिथ मरकज में नागपुर से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से 189 लोग शामिल थे।बहुत से लोगों को क्वारंटाइन कर दिया गया है वहीं 19 लोग अभी भी ऐसे है जो प्रशाशन की रडार में नहीं आए हैं।

निजामुद्दीन में कोरोना वायरस के केंद्र बने मरकज से गए लोगों की तलाश में 15 से अधिक राज्यों की विशेष टीम लगी हुई है।खतरे की बात यह है के ये लोग पिछले कई दिनों से अलग अलग राज्यों और जिलों में इस तरह के आयोजन कर चुके हैं जिससे कोरोना वायरस फैलने का डर और बड़ गया है। इससे पहले भी महाराष्ट्र के अहमदनगर से लगभग 89  लोगों को पकड़ा गया था जो आयोजन में शामिल हुए थे। वहीं निगमायुक्त तुकाराम मुंडे ने लोगों से अपील भी की थी के जो भी इस तरह के आयोजन में शामिल हुआ है वो प्रशाशन से संपर्क करे। उन्हें तुरंत उपचार दिया जाएगा।

इसके अलावा नागपुर प्रशासन अभी 19 लोगों की तलाश में है। इन लोगों के फोन बंद आ रहे हैं।इनकी सूची जारी की गई है।
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