मुसळधारचा शहराला त्रास: अनेक वस्त्या जलमय

नागपूर: बराच कालावधीचे विश्रांतीनंतर रविवारी उशिरा रात्री शहरात जोरदार वारा, विजा व गडगडाटासह मुसळधार पाऊस पडला. तो पहाटे 6 वाजेपर्यंत सुरूच होता. त्यामुळे शहरातील अनेक रस्ते पाण्याखाली गेल्या, अनेक वस्त्यांमध्ये रस्ते नद्या बनले. वस्त्यांमध्ये पाणी शिरले. संपूर्ण शहरच जलमय झाले. हवामान विभागाने सायंकाळी साडेपाच वाजेपर्यंत शहरात 117.1 मिमी पावसाची नोंद केली. रविवारी रात्री नागपूर शहरात सर्वाधिक पाऊस झाला. पावसामुळे तापमानातही घट झाली. विभागाने शहरातील कमाल तापमान 32.0 आणि किमान तापमान 22.4 अंश नोंदविले. रात्रभर पावसामुळे शहरातील अनेक खोलगट वस्त्यांमध्ये घरांमध्ये पाणी शिरले. शेकडो कुटुंबाची रात्र जागण्यात गेली.

कंबरेपर्यंत पाणी: रात्रीच्या मुसळधार पावसामुळे महाल भागात अयाचित मंदिराशेजारी असलेल्या मानपुरा भागात कंबरभर पाणी तुंबले. येथील नाल्याचे पाणी ओसंडून वाहत असल्याचे नागरिकांनी सांगितले आणि गडर लाइनमधील बॅक वॉटर घरात प्रवेश घुसले. त्याचबरोबर गंगाबाईघाट परिसरातही खोल वस्त्यांत पाणी गुडघ्यापर्यंत भरून गेले त्यामुळे नागरिकांचे हाल झाले. दक्षिण नागपुरात, स्वामीनारायण मंदिरामागील वस्त्या अशाच गुडघ्यापर्यंत पाण्याने भरल्या. कळमना परिसरातील काही वस्त्यांमध्ये पाणी भरल्याच्या बातम्या आहेत. एका रात्रीच्या पावसाने संपूर्ण शहर जलमग्न झाले. मानेवाडा परिसरातील सद्गुरु नगरातल्या गल्ल्या नद्यांसारख्या वाहत्या झाल्या. सकाळपर्यंत पाण्याचा निचरा झाला नाही आणि लोक त्यांचे घरात कैद झाले. नरेंद्रनगर पुलाखालगत दोन्ही बाजूंनी पाणी भरून असल्याने वाहतूक थांबवावी लागली. दोन्ही बाजूला वाहनांच्या लांबच लांब रांगा लागल्या होत्या.

रात्रभर विज खंड: पावसाने त्रासलेले लोक वीज बंद पडल्यानेही तितकेच त्रस्त झाले, शहरातील अनेक भागात वीज खंडित झाली होती. रात्रभर वीज अडथळे निर्माण झाल्याने नागरिक त्रस्त झाले ऊर्जामंत्र्यांच्या गावीच या अघोषित लोडशेडिंगमुळे शहरवासी हैरान झाले. सोमवारी दुसर्‍या दिवशी अनेक भागात वीज आली. मात्र कुठेतरी सुधारणेच्या कामाच्या नावाखाली तर कुठे देखभालच्या नावाखाली वीजेची आंधळी कोशिंबीर सुरूच होती. राखी सणाच्या दिवशी वीज बंद असल्याने लोकांमध्ये संताप होता.

संध्याकाळी दमदार, नंतर संततधार: काल सायंकाळी 5.30 च्या सुमारास आकाशात गडद ढग होते. त्यानंतर बर्‍याच भागात दमदार पाऊस पडला. सुमारे अर्धा तास पाऊस पडल्यानंतर संततधार सरी सुरु झाल्या. रात्री उशिरापर्यंत अधून मधून पाऊस पडला. संततधार पावसामुळे वातावरण थंड झाले आणि आर्द्रतेपासून मुक्तता झाली.

जोमदार पावसाचा इशारा: हवामान खात्याने येत्या 24 तासांत शहरासह जिल्ह्यात काही ठिकाणी मुसळधार पावसाचा अंदाज वर्तविला आहे. 9 ऑगस्टपर्यंत शहराचे हवामान असेच राहील. विभागाच्या म्हणण्यानुसार 5 ते 7 ऑगस्टला मुसळधार पाऊस पडेल. साधारणत: 7 ऑगस्ट या कालावधीपर्यंत हवामान ढगाळ राहील आणि दररोज पाऊस पडेल. त्याचबरोबर 8 आणि 9 ऑगस्टला जोरदार वा-यासह पावसाची शक्यता आहे.

हम सब मुंढे के साथ- बालासाहेब थोरात

नागपुर: राज्य के राजस्व मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोरात ने नागपुर के नगर आयुक्त मुंढे का समर्थन किया है। हम सरकार के रूप में मुंढे और पूरे प्रशासन के पीछे खड़े हैं, यह बालासाहेब थोरात ने स्पष्ट किया।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सामना के एक साक्षात्कार में मुंढे को समर्थन किया था। उसके बाद, अब बालासाहेब थोरात ने भी कहा कि वह सब मुंढे के साथ हैं।

नागपुर में आज की बैठक में सभी को आमंत्रित किया गया था। बालासाहेब थोरात ने कहा कि हम नागपुर के भविष्य की स्थितियो को ध्यान में रखते योजनाए बना रहे हैं।

इस समय, बालासाहेब थोरात ने शिव संग्राम के अध्यक्ष विनायक मेटे द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ की गई आलोचना का जवाब दिया। उन्होंने कहा मराठा आरक्षण के बारे में विनायक मेटे द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं, मेटे वर्तमान में विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। मंत्री अशोक चव्हाण ने मराठा आरक्षण पर कई बैठकें कीं। हमने दिल्ली में एक बड़ा वकील भी खड़ा किया है। बालासाहेब थोरात ने कहा कि हम मराठा आरक्षण को वैध बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।‌‌

आयुक्त मुंढे के घर पहुंचे नागरिक, क्या है कारण ?

नागपुर: नगर निगम ने बिना कोई सुचना दिए पानी के बिल का भुगतान नहीं करने पर नल कनेक्शन काट दिया। परिणामस्वरूप, नाराज नागरिकों ने रविवार दोपहर आयुक्त मुंढे के आवास पर धावा बोल दिया। पानी के लिए आए इन नागरिकों में और भी अधिक गुस्सा बढ गया जब कमिश्नर ने इन नागरिकों को पुलिस स्टेशन का रास्ता दिखाया। पुलिस ने पार्षद अभय गोटेकर, पार्षद रूपाली ठाकुर, भाजपा शहर उपाध्यक्ष परशु ठाकुर सहित सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया।

विश्वकर्मा नगर में म्हाडा कॉलोनी में पानी के बिल को लेकर विवाद जारी है, म्हाडा ने यहां घरों के पानी के बिल का भुगतान नहीं किया। तो करिब पचास पानी मिटर काटे गए, पानी की कमी के कारण नागरिक आंदोलित थे। नागरिक सीधे पार्षद अभय गोटेकर और पार्षद रूपाली ठाकुर के पास पहुंचे। दोनों भाजपा नगर उपाध्यक्ष परशु ठाकुर और सैकड़ों नागरिकों के साथ सिविल लाइंस स्थित नगर आयुक्त के निवास पर पहुंचे। नागरिकों के अचानक मार्च के कारण आयुक्त के संरक्षण में जो पुलिस है उनमें भी खलबली मच गई।‌‌

पार्षद और नागरिक आयुक्त के घर के सामने बैठ गए। नागरिकों ने नारे भी लगाए। नल बंद होने से नागरिकों की विगत तीन दिनों से दुर्दशावहै। नगर निगम के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद भी कोई हल नहीं निकला, यह कहा निगम पार्षद रूपाली ठाकुर ने। नागरिकों ने बिल का भुगतान करने के लिए अधिकारियों से तीन दिन का समय मांगा। उन्होंने हां भी कहा, लेकिन अपने वादे को पूरा किए बिना, अधिकारियों ने पाइपलाइन कनेक्शन काट दिए, पार्षद अभय गोटेकर ने कहा।

आयुक्त ने नागरिकों को संतुष्ट तो नहीं किया उल्टे उन्हें पुलिस को सौंप दिया। सीताबर्डी पुलिस ने निगमायुक्त अभय गोटेकर, पार्षद रूपाली ठाकुर, भाजपा शहर उपाध्यक्ष परशु ठाकुर सहित नाराज नागरिकों को भी गिरफ्तार किया। गोटेकर ने मांग की कि पुलिस उन्हें दो या तीन दिनों के लिए हिरासत में रखे, लेकिन नागरिकों को पानी मुहैया कराए। यह आशंका जताई जा रही है कि आंदोलन और तेज हो जाएगा क्योंकि नागरिक इस बात पर अड़े हैं कि जब तक नल चालू नहीं हो जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे।

पानी की दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन की तैयारी: आयुक्त ने मार्च में पानी की दरों में पांच प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया। कोरोना अवधि के दौरान लोगों के सामने आर्थिक संकट के दौरान पानी की कीमतों में बढ़ोतरी अन्यायपूर्ण है नागपुर विकास परिषद ने 10 अगस्त को कमिश्नर के इस फैसले के खिलाफ संविधान चौक पर एक आंदोलन की तैयारी कर रखी है।‌‌

बिजली बिल में बढ़ोतरी के बाद अब नागपुर में फिर गर्माएगा माहौल, जाने किससे?

नागपुर: बिजली बिल में बढ़ोतरी से शहर में सत्ता में रही भाजपा ने नगर निगम में जल कर बढ़ा दिया है। इस बारे में स्थायी समिति को सूचित करने का प्रस्ताव स्थायी समिति को भेजा जा चुका है। हालांकि आयुक्त ने नियमों के अनुसार दरों में वृद्धि की है, लेकिन नागरिक लॉकडाउन की पृष्ठभूमि में वित्तीय संकट में हैं। इसलिए, जल कर वृद्धि को रोकने की मांग जोर पकड़ रही है।

भाजपा ने कल भी शहर में 32 स्थानों पर बिजली बिल जलाकर बिजली बिल में वृद्धि के खिलाफ आंदोलन किया। हालांकि, भाजपा शासित नगर निगम में, कमिश्नर मुंढे ने मार्च में मौजूदा जल शुल्क में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। जलप्रदाय विभाग ने इस जल कर में वृद्धि के बारे में स्थायी समिति को सूचित करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया। तदनुसार, सोमवार को स्थायी समिति की बैठक में जल दरों में वृद्धि पर एक तूफानी चर्चा होने की संभावना है।

इस बीच, पार्षद आभा पांडे ने भी जल कर वृद्धि का विरोध किया। नई टैरिफ बढ़ोतरी के अनुसार, प्रत्येक चरण में 1 से 20 और 21 से 30, 31 से 80 और 80 इकाइयों के आगे आवासीय उपयोग के लिए एक रूपए प्रति यूनिट आयुक्त द्वारा दरों को मंजूरी दी गई है। झुग्गी बस्तियों के लिए 33 पैसे से एक रुपये करने का प्रस्ताव भी है।

इसके अलावा, संस्थागत और वाणिज्यिक जल उपयोग शुल्क में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कोरोना ने पहले ही सभी को आर्थिक रूप से प्रभावित किया है। इसलिए पूरे शहर में बिजली बिल के खिलाफ भाजपा का आंदोलन जारी है। इसपर अब पानी की दरों में बढ़ोतरी का खामियाजा भी अब नागरिकों को भुगतना पड़ेगा। पिछले दस वर्षों से जल कर में वृद्धि हुई है। नगर निगम ने इस संबंध में एक उपनियम तैयार किया है।‌‌

इस उप-कानून के आधार पर, आयुक्त ने जल कर में वृद्धि को मंजूरी दी। लेकिन जल कर में वृद्धि के बाद, कोरोना ने हर जगह तबाही मचाई। कईयों की नौकरीया छूट गई। कई व्यवसायों के बंद होने से नागरिकों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस पर विचार करते हुए, नगरसेवक आभा पांडे ने मांग की कि स्थायी समिति अध्यक्ष पिंटू झलके को जल कर की दर बढ़ाए बिना नागरिकों को इस वर्ष रियायतें दी जानी चाहिए।

सदन को प्रस्ताव संभव: हर साल अप्रैल के महीने में पानी की दरें बढ़ाई जाती हैं। तदनुसार, वृद्धि को आयुक्त द्वारा अनुमोदित किया गया था। हालांकि, एक अधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव सदन में आ सकता है क्योंकि यह बढ़ोतरी को रोकने का एक रणनीतिक निर्णय था। इसलिए अधिकारियों ने इस बढ़ोतरी के बारे में क्या निर्णय लिया है, इसकी जांच चल रही है। इस बीच, यदि मूल्य वृद्धि को रोक दिया जाता है, तो मनपा को 13 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।

राष्ट्रवादी कांग्रेस का आंदोलन: पानी की दरों में पांच फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव अन्यायपूर्ण है। नगर निगम के लिए एनसीपी शहर अध्यक्ष अनिल अहिरकर के नेतृत्व में पदयात्रा निकाल कर एक आंदोलन किया गया। पूर्व विधायकों दीनानाथ पडोले, लीलाताई शिंदे, मिलिंद मानापुरे, संदीप डोरलीकर, सुरेश कर्णे, राजेश तिवारी, ज्योति लिंगायत, अरुण जायसवाल, प्रकाश लिखाणकर और धनंजय देशमुख ने आंदोलन में भाग लिया।‌‌

कोरोना: बढ़ते शहरी प्रकोप का यह हो सकता है कारण …

नागपुर: तहसील में पीड़ितों की संख्या हर दिन बढ़ रही है, वहीं कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कामठी में, कोरोनोग्रस्त रोगियों की संख्या पांच सौ पार कर गई है और पिछले बारह दिनों से पंद्रह लोगों की मृत्यु से कोरोना श्रृंखला लगातार बनी हुई है। इधर सीबीएससी और राज्य बोर्ड दसवीं, बारहवीं कक्षा के परिणाम घोषित हुए, जैसे ही परिणाम सामने आते हैं, शहर मे कॉलेजों की तरह शुरू होने वाले ट्युशन वर्ग ने माता-पिताओ को आकर्षित करने कोरोना के सभी नियम ताक पर रखकर अपनी कक्षाएं शुरू कर दी हैं। कई ट्यूशन कक्षाओं ने चुपचाप छात्रों को बैठाना और पढ़ाना शुरू कर दिया है, प्रशासन द्वारा ऐसी ट्यूशन कक्षाओं की व्यापक उपेक्षा से कोरोना फैलने में बढ़ोतरी की संभावना हो सकती है।

जिला प्रशासन के नियम चूर: कोरोना पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कई उपाय किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने कोरोना संक्रमण के दौरान भीड़ से बचने का आदेश दिया है। जहां भीड़ देखी जाती है, वहां प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती है। फिर, यह सवाल कि क्या ट्यूशन वर्ग प्रशासन के संज्ञान में नही, यह सवाल इन ट्युशन वर्ग के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों द्वारा पूछा जा रहा है। सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि कोरोना हवा के माध्यम से भी फैल रहा है। कामठी शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ रहा है, जहां पॉजिटिव्ह रोगियों की संख्या दो सौ के आंकड़े को पार कर गई है और कोरोना के कारण चार लोगों की मौत हो गई है। साथ ही शहर का पूरा हिस्सा इस संक्रमण से घिरा हुआ है। कई छात्र ट्यूशन के नाम पर शहर के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी आते हैं। इससे उस क्षेत्र में कोरोना घुसपैठ की संभावना बढ़ गई है जहां ट्यूशन वर्ग शुरू किया गया है।‌‌

सुबह, शाम शुरू रहते है ट्यूशन: शहर में पुराने कामठी पुलिस स्टेशन से काफी करीब कामठी लाइब्रेरी क्षेत्र में, तिलकनगर मोंढा, नया थाना क्षेत्र में यरखेड़ा रोड, रनाला में पंकज मंगल कार्यालय के पीछे, गणेश मंदिर प्रांगण में ट्यूशन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। ये कक्षाएं विशेष रूप से सुबह और शाम को शुरू होती हैं। कुछ जगहों पर ये कक्षाएं सुबह पांच बजे और कुछ जगहों पर शाम सात बजे के बाद भी शुरू रहती हैं। कोरोना के सभी नियमों को ताक पर रखकर कक्षाएं शुरू की गई हैं। इस अवधि के दौरान, क्षेत्र के नागरिक बाहर निकलते हैं। तो छोटे बच्चे भी खेल रहे होत हैं। इस से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण का खतरा बढ़ने की संभावना है।‌‌

स्मार्ट सिटी संचालक मंडळाच्या बैठकीत का पडले आयुक्त मुंढे वाचा !

नागपूर:- स्मार्ट सिटी कंपनीच्या संचालक मंडळाची बैठक आज महापालिकेतील कंपनीच्या सभागृहात पार पडली. या बैठकीची आवश्‍यकता काय होती, असा प्रश्‍न सदस्यांनी विचारला. दोनच दिवसांत या बैठकीसाठी विषयपत्रिका तयार करण्यात आली. एवढ्या घाईत बैठक घेण्याची गरज काय, असा प्रश्‍न महापौरांनी उपस्थित केला होता.

नागपूर स्मार्ट ॲन्ड सस्टेनेबल सिटी डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेडच्या बैठकीत आयुक्तांनी कंपनीच्या सीईओपदी नसताना अनेक निर्णय घेतले. या निर्णयांना मंजुरीच्या प्रस्तावात कायदेशीर बाबींचा मुद्दा उपस्थित करीत संचालक मंडळातील १३ सदस्यांनी धुडकावून लावला.

बैठकीत कंपनीचे चेअरमन प्रवीण परदेसी आणि दुसरे संचालक भारत सरकारचे दीपक कोचर व्हिडिओ कॉन्फरन्सिंगद्वारे सहभागी झाले होते. एवढ्या घाईत बैठक आयोजित केल्यामुळे प्रवीण परदेशी यांनी नागपुरातील ज्येष्ठ विधिज्ज्ञ एस. के. मिश्रा यांचे मत घेतले.

त्यावर त्यांनी उच्च न्यायालयात हे प्रकरण सुरू असून मागील संचालक मंडळाच्या बैठकीत स्पष्टपणे कायदेशीर मत घेण्याचे नमूद केले होते, असे सांगितले. त्यानंतरच १४ फेब्रुवारी ते १० जुलैपर्यंत आयुक्तांनी घेतलेल्या निर्णयावर चर्चा करावी, असेही मिश्रा यांनी परदेसी यांना सांगितले.

विशेष म्हणजे हे सर्व प्रस्ताव आयुक्तांनीच आजच्या बैठकीसाठी तयार करून चेअरमन प्रवीण परदेसी यांच्याकडे पाठविले असल्याचे महापौर संदीप जोशी यांनी सांगितले. त्यामुळे त्यांच्याच पुढाकाराने बोलावण्यात आलेल्या बैठकीत आयुक्त पुन्हा एकाकी पडल्याचा टोला महापौरांनी लगावला.

आयुक्तांनी कुठल्याही कायदेतज्ज्ञांचे मत न घेता बैठक घेण्यामागचे कारण काय? असा प्रश्न महापौरांनी केला.

आजच्या बैठकीच्या विषय पत्रिकेत आयुक्त तुकाराम मुंढे यांना महापालिकेत रुजू झाल्यापासून स्मार्ट सिटी कंपनीबाबत घेतलेल्या निर्णयांना कार्योत्तर परवानगी द्यावी, रुजू झालेल्या तारखेपासूनच सीईओ म्हणून मान्यताही द्यावी आणि या काळात घेतलेल्या सर्व निर्णयांना परवानगी हवी आहे. यामध्ये त्यांनी आजपर्यंत केलेले नियोजन, बायोमाईनिंगच्या निविदेला परवानगी, सर्व प्रशासकीय निर्णय, आर्थिक व्यवहाराचे घेतलेले सर्व निर्णय यांचा समावेश आहे. यावर महापौर जोशींनी आक्षेप घेतला.

हे प्रकरण न्यायप्रविष्ट असताना कायदेशीर मत घेतल्यानंतरच या विषयावर विचार करावी, असा निर्णय एकमताने सर्व अधिकारी, राजकीय पक्षांच्या पदाधिकाऱ्यांनी घेतला. व्हीसीवरुन सहभागी झालेले दीपक कोचर यांचेही तेच मत पडले. त्यामुळे आजच्या बैठकीतही १३ जण एका बाजूला, तर तुकाराम मुंढे एका बाजूला असल्याचे चित्र दिसल्याचे जोशी यांनी सांगितले. नागपूर मेट्रो धक्कादायक घटनेने हादरली! मेट्रो कार्यालयाची टेलिफोन लाईन झाली हॅक..तब्बल इतक्या लाखांचा फटकाअशी बैठक घेताच येत नाही, असे मत एस.के. मिश्रा यांनी या आक्षेपावर व्यक्त केल्याचेही महापौर म्हणाले.

यामध्ये त्यांनी आजपर्यंत केलेले नियोजन, बायोमाईनिंगच्या निविदेला परवानगी, सर्व प्रशासकीय निर्णय, आर्थिक व्यवहाराचे घेतलेले सर्व निर्णयाला मंजुरी द्यावी, असा प्रस्ताव होता. यावर महापौर जोशींनी आक्षेप घेतला. विषय पत्रिकेतआयुक्त तुकाराम मुंढे यांना महापालिकेत रुजू झाल्यापासून स्मार्ट सिटी कंपनीबाबत घेतलेल्या निर्णयांना कार्योत्तर परवानगी द्यावी, रुजू झालेल्या तारखेपासूनच सीईओ म्हणून मान्यताही द्यावी आणि या काळात घेतलेल्या सर्व निर्णयांना परवानगी हवी आहे.

कोरोना: 18 परिसर सील, मनपाने प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित केले

नागपूर:- कोरोनामुळे सतत वाढत असलेल्या रुग्णांबरोबरच आता शहरातील प्रतिबंधित भागांतही वाढ होते आहे. शुक्रवारी मनपा आयुक्त मुंढे यांचे आदेशावरून शहरातील १८ परिसर सील करण्यात आले. मंगळवारी विभागांतर्गत प्रभाग ११ मधील गोधनी रोड झिंगाबाई टाकळी स्थित श्री कृष्णा मंगल कार्यालयाजवळ सातपुते अपार्टमेंट्सचा काही परिसर, याच विभागातील किड्स वर्ल्ड जवळील  आरएमएस कॉलनी, सानवी क्लासिक अपार्टमेंट्सचा काही परिसर, प्राइम नर्सिंग होमसमोर अहबाब कॉलनीचा काही परिसर, प्रभाग 10 मधील पासपोर्ट कार्यालयाशेजारी सादिकाबाद कॉलनीतील काही परिसर सील करण्यात आले.

धंतोली झोनअंतर्गत प्रभाग १७ मधे रामेश्वरी रोड येथील जोशीवाडीचा काही परिसर, त्याच विभागातील चंद्रमणी नगरातील जयभीम को ऑप सहकारी संस्थेचा काही परिसर, वंजारी नगर येथील विश्वमुख अपार्टमेंट इमारत, प्रभाग 35 येथे श्रीनगर चे एचआयजी -9 अपार्टमेंट प्लॉट क्रमांक सी -6 संपूर्ण इमारत सील केली गेली.

नेहरू नगर झोनमध्ये ४ परिसर सील केले गेले. इतर विभागांप्रमाणेच नेहरू नगर झोनमध्येही ४ परिसराला सील करण्यात आले. प्रभाग २६ मधील गोपाळ कृष्ण नगर परिसरातील काही भाग, चेतनेश्वर नगरचा परिसर, ललिता पब्लिक स्कूलजवळील शैलेश नगरचा काही परिसर व प्रभाग २८ मधील रतन नगर परिसर, गाडगेबाबा लेआऊटचा परिसर सीलबंद करण्यात आला.

लक्ष्मीनगर झोन अंतर्गत प्रभाग ३७ मधील रवींद्र नगरचा काही परिसर, प्रभाग ३८ मधील जयताळा घाट रोडवरील हिरणवार लेआउटचा काही परिसर आणि प्रभाग ३६ मधील स्नेहनगरमधील सेंट्रल एक्साईज कॉलनीचा काही परिसर सीलबंद करण्यात आला. धरमपेठ विभागांतर्गत प्रभाग १२ मधील सेमिनरी हिल्समध्ये असलेल्या सुरेंद्र गढ येथील राधाकृष्ण मंदिराजवळील काही जागेस सील करण्यात आले. आसिनगर झोन अंतर्गत प्रभाग ७ मधील आशिष ज्वेलर्सजवळ महेंद्र नगरच्या काही रांगेचा परिसर सील करण्यात आला.

प्रतिबंध: सीपी उपाध्याय यांची हाफसेंचुरी, 50 गुन्हेगारांवर लादला एमपीडीए

नागपूर:- अजनी पोलिस स्टेशन परिसरातील एका सक्रिय गुन्हेगारासह शहर पोलिस आयुक्त भूषणकुमार उपाध्याय यांनी आपले अर्धशतक पूर्ण केले आहे. उपाध्याय शहराचे पहिले आयुक्त ठरले ज्यांनी ईतक्या मोठ्या प्रमाणावर गुन्हेगारांवर प्रतिबंधात्मक कारवाई केली.

शहराचा ताबा घेताच त्यांनी हे स्पष्ट केले होते की दोषी एकतर तुरूंगात किंवा शहराबाहेर असले पाहिजेत. त्यांनी संपूर्ण पोलिस विभागाला दोषींवर जास्तीत जास्त प्रतिबंधात्मक कारवाई करण्याचे आदेश दिले. हेच कारण आहे की शहरातील सर्व प्रसिद्ध गुन्हेगार आज कारागृहात आहेत. लॉकडाउन उघडल्यानंतर शहरात अचानक गुन्हेगारीचा आलेख वाढू लागला. म्हणूनच त्यांनी पुन्हा ऑपरेशन क्रॅकडाउन पार्ट 2 सुरू केला.

पोलिसांनी गुन्हेगार आणि त्यांच्या टोळ्यांवर कारवाई सुरू केली. दरोड्याची जवळपास 3 डझन प्रकरणे नोंदविण्यात आली आणि गुन्हेगारांना तुरुंगात टाकण्यात आले. तलवारीने केक कापण्याचा ट्रेंडही थांबला आहे. सी.पी. उपाध्याय यांनी सर्व ठाणेदारांना बाहेर फिरणार्‍या हिस्ट्री शीटर ची कुंडली तयार ठेवण्यास सांगितले आहे. त्याअंतर्गतच अजनी पोलिस स्टेशन अंतर्गत सक्रिय कार्यवाही आणखी कठोर करण्यात आली.

कार्यवाही झालेल्या कुख्यातावर 15 गंभीर गुन्हे आधीच दाखल आहेत, तरिही त्याने तडीपारीचे उल्लंघन केले. २०१४ मध्ये त्याच्याविरोधात एमडीपीए देखील लागू करण्यात आला होता, परंतु तुरूंगातून बाहेर आल्यानंतर तो पुन्हा गुन्हेगारीत सक्रिय झाला. त्यानंतर एमपीडीएचा प्रस्ताव लगाम घालण्यासाठी तयार झाला होता. बुधवारी सीपीने त्यावर एमपीडीए लावण्याचे आदेश जारी केले. पोलिस पथकाने त्याला नाशिक मध्यवर्ती कारागृहात दाखल केले आहे.

डेंटल कॉलेज के छात्रों ने क्वारंटाईन की अर्जी क्यों दि?

नागपुर:- सरकारी डेंटल कॉलेजों और अस्पतालों के सहायक प्रोफेसरों, रेजिडेंट डॉक्टरों और पैरामेडिक्स के साथ-साथ सफाईकर्मियों सहित सात लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए।

इससे डेंटल कॉलेज के छात्रों में भारी दहशत है। दंत चिकित्सकों के संपर्क में आने वाले 20 से अधिक छात्रों ने क्वारंटाईन करने का अनुरोध किया, लेकिन अब तक उन्ह क्वारंटाईन नहीं किया गया है, ये छात्र सरकारी डेंटल कॉलेज के छात्रावास में हैं। इससे पूरा हॉस्टल कोरोना रडार पर आ गया है।

इसके अलावा, दो बाधित कर्मचारीयों को भर्ती होने में देर करी गई। फलस्वरूप सभी सीधे नोडल अधिकारी से शिकायत करने के लिए दंत चिकित्सक के पास आए क्योंकि दोनों स्वतंत्र रूप से डेंटल अस्पताल में घूम रहे थे, जिससे कर्मचारियों में डर का माहौल है।

डेंटल कॉलेज के कोरोना हुए एसोसिएट प्रोफेसर को मेडिकल में भर्ती कराया गया। उनकी तबियत ठीक नहीं है। उन्हें उच्च रक्तचाप भी पता चला हैं। यह जानने के बावजूद, प्रशासन ने कोरोना के काम में लगा देने पर नाराजगी व्यक्त की है। कुछ दंत चिकित्सक कोरोना संक्रमित थे। परिणामस्वरूप, 20 से अधिक प्रशिक्षुओं और अन्य छात्रों ने दंत प्रत्यारोपण के संपर्क में आने की बात कबूल की। इसकारण उन्होंने क्वारंटाईन की मांग कि। लेकिन अभी तक उनके अलगाव के बारे में प्रशासन ने कुछ भी कदम नहीं उठाया है।

वे दोनों कोरोना संक्रमित: 

संदिग्धों के सैंपलिंग में सहायता करते कोरोना संक्रमित हुए। इससे उन्हें मेडिकल में दाखिल होने का विकल्प मिला। इस बीच, दिए गए निर्देशों के अनुसार, उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन से भर्ती के लिए कहा। मेडिकल प्रशासन ने “दंत चिकित्सा प्रशासन” पर उंगली उठाई, जिसके चलते दोनो दंत नोडल अधिकारियों से मदद मांगने आए। दोनों एक साथ अस्पताल गए। इस वजह सब दहशत में आए।

संतरानगरी दहशत में: कई गुना बढ़ रहे है बाधित, एक ही दिन में 13 मौतें

नागपुर:- कोरोना का प्रकोप अब संतानगरी पर छा गया है। दो दिवसीय जनता कर्फ्यू लोगों द्वारा कर्मठता से मनाया गया। फिर भी, कोरोना संक्रमण के साथ मृत्यु की श्रृंखला टूट नहीं पाई। उल्टे पिछले पांच महीनों के दौरान के उच्चांक बन रहे हैं। एक ही दिन, 13 मौतें और 305 कोरोनाबाधित दर्ज किए गए। कोरोना की पकड़ फैलने से प्रशासन हिल गया है। विशेष रूप से, घातक कोरोना ने दो दिन के बच्चे की मां को भी निगल लिया। इससे हर जगह शोक चल रहा है।

जिले में गुणा-पद्धती से पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। बुधवार को एक ही दिन 305 लोग पॉजिटिव्ह होने के कारण कुल पिडीत संख्या 4,972 हो गई। मरने वालों की संख्या बढ़कर 109 हो गई है। इसके अलावा, 379 लोग दुरूस्त हुए, यह भी एक दिन में कोरोना को हरानेवालो का बड़ा आंकड़ा रहा, जो एक राहत की बात है।

नागपुर में मेयो और मेडिकल में 9 मौतों में से 2 पीड़ित बाहरी हैं। शेष 7 शहरके होने से प्रशासन में चिंता बढ़ गई है। मेयो अस्पताल में 6 मौतें हुई जिनमें 5 महिलाओं सहित 1पुरुष था।

गांधीबाग के एक 58 वर्षीय व्यक्ति को एक दिन पहले ही कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, उन्हें हृदय रोग के साथ-साथ सांस की बीमारी थी। उसमें यह पता चला कि कोरोना बाधित था। जफरनगर की एक 75 वर्षीय महिला को 23 जुलाई को सांस की समस्या के कारण मेयो में भर्ती कराया गया था। इस बीच, उन्हें कोरोना का पता चला। जादा उम्र के चलते श्वसन प्रणाली बुरी तरह प्रभावित थी। उनका बुधवार को निधन हो गया।

उत्तरी नागपुर के नारी रोड कामगार नगर की एक 68 वर्षीय महिला कोरोना से मृत हो गई। कोरोना की बीमारी के कारण उनका फेफड़ा फेल हो गया। सांस लेना मुश्किल हो गया। वेंटिलेटर पर रखा गया था। आखिरकार उसकी मृत्यु हो गई। पंचशीलनगर की एक 50 वर्षीय महिला की कोरोना के कारण मृत्यु हो गई। कलमना भरतनगर की एक 65 वर्षीय महिला की कोरोना के कारण मृत्यु हो गई।‌‌

महिला को 16 जुलाई को मेयो में भर्ती कराया गया था। तब से, वे लगातार उपचार जारी थे। मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसे विभिन्न खतरे कोरोना से बढ़ जाते है। डॉक्टरों ने कोशिश की, लेकिन आखिरकार 29 जुलाई को मेयो में उसकी मौत हो गई। बुधवार को 3 लोगों की मेडिकल में मौत हुई। कोरोना पीड़ित होने के बाद उन्हें 22 जुलाई को मेडिकल के लिए रेफर किया गया था। हालांकि, उनकी हालत गंभीर थी। उच्च रक्तचाप था। किडनी ट्रांसप्लांट की सूचना भी मिली। उन्हें अधिक खतरा था।

इसी कारण उसकी मौत हो गई। यशोधरनगर के 59 वर्षीय एक व्यक्ति को 29 जुलाई को दोपहर में कोरोना होने की सूचना मिली थी। सुबह चार बजे उनकी मौत हो गई। रामबाग के एक 50 वर्षीय व्यक्ति को 28 तारीख को मेडिकल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को उनकी मृत्यु हो गई।

गर्भवती माँ की कोरोना से मौत: मध्य प्रदेश के मुलताई तहसील की एक 20 वर्षीय गर्भवती माँ को कोरोना से संक्रमित पाया गया। उसे गंभीर हालत में मेयो में भर्ती कराया गया था। कोरोना होने के बाद, डॉक्टरों ने खतरा होकर भी बच्चे को जन्म दिया। हालांकि, जैसे-जैसे रक्तचाप बढ़ता गया, वैसे हीमोग्लोबिन कम हुआ। डॉक्टरों ने बहुत कोशिश की, लेकिन मां को नहीं बचा सके। लेकिन दो दिन का बच्चा सुरक्षित है।

एक ही दिन में 379 कोरोना-मुक्त: एक तरफ, कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, जबकि मेडिकल मेयो, एम्स तथा कोविड केयर सेंटरों से एक ही दिन में 379 लोगों ने कोरोना को हराकर घरवआपसी कि, पांच महीने की अवधि में यह पहली बार है कि 379 लोगों को एक ही दिन छोडा गया है। परिणामस्वरूप, नागपुर जिले में कोरोना मुक्त लोगों की संख्या बढ़कर 3,069 हो गई है।

इनमें से 1,693 शहरी इलाकों में और 1,376 ग्रामीण इलाकों से है। वर्तमान में 1616 कोरोना पीड़ितों का नागपुर शहर में इलाज चल रहा है। मेयो में 378, मेडिकल में 297 और AIIMS में 40 शेष कोविड केयर सेंटर में उपचार प्राप्त कर रहे हैं।

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