नागपुर में कोरोना विषाणु के मामलों में आ रही तेज़ी,आज 8 नए मामले मिलने की खबर

Nagpur updates:- नागपुर में कोरोना विषाणु के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।देखा जाए तो कल भी कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 9-10 थी।सूत्रों के अनुसार आज फिर कोरोना संक्रमण के लगभग 7-8नए मामले सामने आए है।

बताया जा रहा है के कुछ व्यक्ति मायो हॉस्पिटल में तो कुछ एम्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं। नागपुर में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर लगभग 79-80 बताई जा रही है। फिलहाल इन सभी आकंड़ों की अधिकारियों से पुष्टि होना बाकी है।

ऐसा बताया जा रहा है के शहर में संक्रमण के ज्यादा मामले एक तरह की चैन बनने से हो गए।यह चैन सतरंजीपुरा को बताया जा रहा है वहीं के एक व्यक्ति के संपर्क में कई लोग आए थे।हालाकि प्रशासन लगातार कोशिशों में है के यह संक्रमण ज्यादा भयावह स्तिथि ना ले।

नागपुर में बड़ी संक्रमितों की संख्या ,3 और व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिलने की खबर

नागपुर :राज्य के साथ साथ नागपुर में भी कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले बढ़ते नजर आ रहे हैं। बात करें तो आज की तो आज नागपुर में 3 और कोरोना पॉजिटिव मरीज़ मिले हैं।सूत्रों की मानें तो इन 3 पॉजिटिव मरीजों में  1 पुरुष ,1 बच्ची और 1 महिला  है।बताया जा रहा है के यह व्यक्ति एमएलए हॉस्टल में क्वारंटाइन में था।इनका सम्बन्ध सतरनजीपुरा के एक कोरोना मरीज़ से था।

हालाकि अभी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

कुल मिला कर देखा जाए तो नागपुर में संक्रमितों की संख्या  लगभग 76 हो गई है।

प्रशासन भी सख्ती से पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।और यही अपील भी कर रही है के अपने घर पर रहें सुरक्षित रहें ।लॉक डाउन और सोशल डिस्टन्सिंग के नियमों का पालन करें।

केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गड़करी ने दिया आश्वासन, इंडियन फुटवियर इंडस्ट्री को सरकार हर संभव सपोर्ट देगी

नागपुर :दरअसल कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण के कारण लॉक डाउन के बाद बहुत सी इंडस्ट्रीज चैलेंजेस फेस कर रही हैं।उन्हीं में से एक इंडियन फुटवियर इंडस्ट्री भी है।

केंद्रीय एमएसएमई व रोड ट्रांसपोर्ट मंत्री श्री नितिन गड़करी ने नागपुर से ही इंडियन फुटवियर इंडस्ट्री के रिप्रेजेंटेटिव के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग की।श्री गड़करी ने यह भी कहा के एमएसएमई के पास गवर्नमेंट के द्वारा लगभग 5204 करोड़ का फंड आने की संभावना है।इंडियन फुटवियर इंडस्ट्री को इस मौके को समझते हुए कुछ ऐसा करना चाहिए कि इंपोर्ट का कुछ सब्स्टीट्यूट लेकर हम एक्सपोर्ट की तैयारी करें।

वहीं इंडियन फुटवियर इंडस्ट्री के रिप्रेजेन्टेटिव ने वर्कस्पेस की कमी,लॉक डाउन की कमी,लॉजिस्टिक की परेशानी वर्किंग कैपिटल आदि की कमी को लेकर चिंता जताई ।साथ ही लॉक डाउन के कारण अाई डिमांड में कमी को लेकर भी बात की। इंडियन फुटवियर इंडस्ट्री रिप्रेजेंटेटिव ने इन सब मैटर को लेकर सरकार से सपोर्ट मांगा है।

साथ ही कहा के लॉक डाउन के बाद भी धीरे धीरे प्रोडक्शन को गति में लाया जाएगा यदि रॉ मटेरियल अच्छी क्वांटिटी में मिल जाए तो साथ ही कुछ दिनों में बहुत अच्छी कैपेसिटी से प्रोडक्शन करने के लिए भी रेडी है।

इन सब चर्चा के बाद केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गड़करी ने आश्वासन दिया है के वे फाइनेंस और कॉमर्स मिनिस्टर से इस बारे में बात करेंगे और कोशिश करेंगे के इस सेक्टर को कुछ रिलीफ मिल पाए।

नागपुर में 9 नए कोरोना संक्रमित मिलने की खबर,एमएलए होस्टल में थे क्वारंटाइन

नागपुर शहर के लिए कोरोना संक्रमण दिनों दिन चिंता का सबब बनता जा रहा है।सूत्रों की मानें तो रविवार सुबह कोरोना संक्रमण के 9 नए मामले सामने आए है।बताया जा रहा है के सभी 9 पेशेंट एमएलए हॉस्टल में क्वारंटाइन थे और रविवार सुबह मायो हॉस्पिटल से इनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आयी है।बताया जा रहा है के शहर का ताजा आकंड़ा 72 पहुंच चुका है।हालाकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

11 कोरोना संक्रमित मरीज़ पिछले कुछ दिनों में ठीक भी हुए हैं जो कि एक अच्छी सूचना है।

इसके साथ ही अगर बात करें राज्य की तो कोरोना केसेस के मामले में संख्या काफी चिंताजनक हो चुकी है।राज्य के मुंबई महानगर में भी कोरोना संक्रमण के काफी ज्यादा मामले हैं।

कोरोना संक्रमण की इस विकट परिस्थिति में मरीज के साथ खुद का ध्यान रखना और सुरक्षित रखना स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक बड़ा चैलेंज है

नागपुर : कहते है के स्वास्थ्य सेवा में आना बहुत नोबल ड्यूटी माना जाता है ।जैसा के सभी जानते है के इस वक़्त देश में कोरोना वॉरियर्स पूरी शिद्दत से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कई स्वास्थ्यकर्मियों जैसे डॉक्टर्स,नर्सेज आदि ने अपने विचार और जो चैलेंज फेस कर रहे हैं वो शेयर किया है।उनका कहना है के इस वक़्त ज्यादातर हॉस्पिटल्स में स्वास्थ्य कर्मियों जिनकी उम्र 45 वर्ष से कम है कोरोना वार्ड में या ड्यूटी लगाई जा रही है किन्तु पर्सनल प्रोटेक्शन किट होने के बावजूद मेडिकल स्टाफ को बहुत से चैलेंज फेस करने पड़ते हैं।कई घंटो की ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड और कोरोना पॉजिटिव पेशेंट्स के उपचार में देने होते हैं।ऐसे में कई बार कोई पर्सनल काम या इमरजेंसी आने पर भी एक बार वार्ड में दाखिल होने पर वह बाहर नहीं आ सकते है इसके कई सुरक्षा कारण होते हैं।

कई स्वस्थकर्मियों की शिफ्ट 6 घंटे की है तो कई की 4 घंटे की ।कुछ लोगों की ड्यूटी हर 14 दिन में अलग अलग अरेंजमेंट के हिसाब से कभी आइसोलेशन वार्ड में है तो कभी कोरोना पेशेंट वार्ड में।ऐसे में कोरोना पेशेंट का तो ध्यान रखना ही है साथ ही अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना है।

डॉक्टर्स और नर्सेज को अपने आपको क्वारंटाइन में भी रखना पड़ता है ताकि यदि किसी में कोरोना के लक्षण है तो उससे कोई और संक्रमित ना हो।

इस विकट परिस्थिति में स्वास्थ्य कर्मी जो अपने आपकी जान जोखिम में डाल कर हम सब की जान बचाने में लगे हैं । सच में इस प्रोफेशन को आदर्श प्रोफेशन क्यों कहा जाता है उन्होंने अपने कर्मो से साबित कर दिया है।

लॉक डाउन के दौरान पर्यावरण में हुआ सुधार

नागपुर :एक तरफ तो लॉक डाउन के कारण जैसे सभी तरफ नेगेटिविटी छा गई है लेकिन इसी बीच एक पॉजिटिव बात ये सामने आयी है के पर्यावरण ने अपने आपको हील करना शुरू कर दिया गया है।
दरअसल राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीयूट (NEERI) के शोधकर्ताओं ने नागपुर की एयर क्वालिटी स्टडी में पाया है के लॉक डाउन के दौरान कई दिनों से सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बहुत ही कम होने के कारण एयर पार्टिकल पहले की अपेक्षा काफी शुद्ध हुए हैं।
इस स्टडी का नाम दिया गया था “इम्पैक्ट ऑफ़ लॉक डाउन ओन एयर क्वालिटी ऑफ नागपुर” इसे प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉक्टर नील कमल ने पहले और बाद के डाटा को एनालाइज किया।बताया जा रहा है के इससे जुड़ा एक प्रेस रिलीज भी दिया गया है जिसमें इसकी सम्पूर्ण जानकारी दी गई है। इस अध्ययन की पहली अवधि 20 फ़रवरी से 20 मार्च की रखी गई थी और दूसरी अवधि 21 मार्च से 17 अप्रैल की रखी गई ।दोनों ही अध्ययन में पाया गया के शहर की एयर क्वालिटी में काफी सुधार आया है।
बताया जा रहा है के CSIR NEERI ने कॉन्टिनुएस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन सिविल लाइन्स नागपुर में इंस्टाल किया गया था।
लॉक डाउन के कारण वातावरण में अच्छा सुधार आया है और मेजर वायु प्रदूषक PM 10 और PM 2 और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड या सल्फर डाइऑक्साइड आदि की मात्रा हवा में कम हो गई है।
देखा जाए तो यह पर्यावरण के लिए एक अच्छा समय रहा वातावरण भी शुद्ध हुआ।

वर्तमानपत्रे व मासिकांचे घरोघर वितरण करण्यास मनाई

मुंबई, दि. १८ – राज्यात कोवीड  -१९ या विषाणूच्या नियंत्रणासाठी करावयाच्या उपाययोजनांविषयी प्रसिद्ध करण्यात आलेल्या मार्गदर्शक सूचनांमध्ये सुधारणा करण्यात आली असून नव्या सुधारणेनुसार, २० एप्रिल २०२० पासून मुद्रित माध्यमांना टाळेबंदीतून (लॉकडाऊन) सूट देण्यात आली आहे मात्र वृत्तपत्रांचे घरोघर वितरण करण्यावर निर्बंध घालण्यात आले आहेत.
सर्व विभागाच्या आयुक्तालयातील आयुक्तांना तसेच संचालनालयातील संचालकांना कार्यालयात उपस्थित राहण्यास नव्या सुधारणेनुसार सांगण्यात आले आहे.
कोरोना अर्थात कोवीड १९ चा प्रादुर्भाव कमी करण्यासाठी केंद्र शासनाने ३ मे पर्यंत टाळेबंदी जाहीर केली आहे. मात्र, जनतेची अडचण लक्षात घेऊन २० एप्रिलपासून काही बाबींना या टाळेबंदीतून सूट देण्यात आली आहे. त्यासंबंधीची एकत्रित मार्गदर्शक सूचना १७ एप्रिल २० रोजी जाहीर करण्यात आली आहे. यामध्ये आज दुरुस्ती करण्यात आली.  त्यामध्ये काही बाबींचा नव्याने समावेश करण्यात आला आहे. यासंबंधीचे परिपत्रक आज काढण्यात आले आहे.
त्यानुसार, राज्यातील प्रिंट मीडियाला टाळेबंदीतून वगळण्यात आले आहे. मात्र, कोवीड १९ च्या प्रसारणाचे प्रमाण पाहता वर्तमानपत्रे व मासिकांचे घरोघरी वितरण करण्यास मनाई करण्यात आली आहे.
तसेच मंत्रालयीन सर्व विभागांच्या आयुक्तालयातील आयुक्त, संचालनालयातील संचालक यांनी १० टक्के कर्मचाऱ्यांसह कार्यालयात उपस्थित रहावे, असे निर्देश देण्यात आले आहेत.

महासंकटाच्या काळात ‘मैत्री’चा आधार

कोरोनाच्या पार्श्वभूमीवर लॉकडाऊन सुरू असताना बाहेरगावचे असलेले आणि नागपुरात अडकलेले विद्यार्थी, निराधार ज्येष्ठ नागरिक, दिव्यांग आणि नागपुरात अडकलेल्या बाहेरगावच्या व्यक्तींच्या मदतीसाठी नागपूर महानगरपालिकेच्या आवाहनाला साद देत अनेक सामाजिक संस्था धावून आल्या. मनपाच्या नेतृत्वात या सामाजिक संस्थांनी अशा व्यक्तींना आधार दिला. यातीलच एक संस्था म्हणजे मैत्री परिवार. अन्नदानाचे महत्‌कार्य करीत ‘मैत्री’ने गरजूंना दिलेला आधार लाख मोलाचा ठरत आहे.

नागपूर महानगरपालिकेचे आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी शहरातील अशा व्यक्तींच्या मदतीसाठी स्वयंसेवी संस्थांना हाक दिली. शहरातील २७ ठिकाणी कम्युनिटी किचन उघडून ज्या व्यक्तींना भोजनाची आवश्यकता आहे अशा व्यक्तींना दोन वेळचे भोजन पुरविण्याचे कार्य नागपूर महानगरपालिकेने सुरू केले. यामध्ये शहरातील अग्रणी सेवाभावी संस्था ‘मैत्री परिवारा’चे कार्य प्रशंसनीय ठरले आहे.
मैत्री परिवाराने २५ मार्चपासून लॉकडाऊनच्या काळात बाहेरगावचे होस्टलवर किंवा रुमवर राहणारे विद्यार्थी ज्यांच्याकडे जेवणाची काही सोय नाही अशांना भोजन पुरविण्याची व्यवस्था उभारली. प्रारंभी ४१६ व्यक्तींना कोतवाली पोलिस ठाण्याच्या माध्यमातून भोजन पुरविण्याची सुरुवात झाली. हळूहळू हा आकडा वाढत गेला. २९ मार्चपासून मैत्री परिवाराने संस्थेच्या नेटवर्कच्या माध्यमातून सेवा देण्यास प्रारंभ केला. आज सुमारे २५०० विद्यार्थी, ज्येष्ठ नागरिक आदींना फूड पॅकेट पोहचविण्यात येतात.
मैत्री परिवाराच्या किचनमधून तयार झालेल्या फूड पॅकेटस्‌पैकी ८७३ व्यक्तींना मैत्री परिवार स्वयंसेवकांच्या माध्यमातून, १७५ फूड पॅकेटस्‌ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाच्या स्वयंसेवकांच्या माध्यमातून, १०० फूड पॅकेटस्‌ कोतवाली पोलिस ठाण्याच्या माध्यमातून तर ३०० फूड पॅकेटस्‌ नागपूर महानगरपालिका कर्मचाऱ्यांच्या माध्यमातून पोहचविण्यात येतात. हा आकडा दररोज बदलत असतो.

दोन किचन आणि शेकडो स्वयंसेवक
मैत्री परिवार दोन किचनच्या माध्यमातून सामाजिक अंतराचे भान राखत शेकडो स्वयंसेवकांच्या मदतीने अन्नदानाचे कार्य करीत आहे. मैत्री परिवारातर्फे संचालित सुरेंद्र नगर येथील वसतिगृहात एक स्वयंपाकघर तयार करण्यात आले आहे तर दुसरे स्वयंपाकघर धरमपेठ येथील वझलवार लॉन येथे सिटीझन ॲक्शन ग्रुपच्या सहकार्याने तयार करण्यात आले आहे. येथे निर्जंतुकीकरण नियमित करण्यात येते. या दोन्ही स्वयंपाकघरात सकाळी ५ वाजतापासून स्वयंपाकाला सुरुवात होते. दुपारी १२ वाजताच्या आत गरजूंना फूड पॅकेट पोहचविले जातात. विशेष म्हणजे हे अन्न जीवनसत्व युक्त असून त्यात वैविध्य असते. या काळात नागरिकांना श्रीखंड, बुंदीचे लाडू, या मिष्ठान्नासोबतच फळेसुद्धा दिली जातात. अन्न वितरणाच्या दृष्टीने मैत्री परिवाराने संपूर्ण शहराची विभागणी १४ झोनमध्ये केली आहे. वितरणासाठी १४ वाहने असून वाडी, हिंगणा, पारडी, उमरेड रोड, हुडकेश्वर, काटोल रोड आदी दूरवरच्या भागातही अन्न पुरविले जात आहे. विशेष म्हणजे या फूड पॅकेट्सव्यतिरिक्त १५०० अतिरिक्त चपात्याही गरजूंना पुरविल्या जातात. मागणी आल्यानंतर संबंधित व्यक्तींकडून आधार कार्ड, महाविद्यालयाचे ओळखपत्र किंवा कर्मचारी असेल तर कार्यालयाचे ओळखपत्र घेतले जाते. संबंधित व्यक्ती खरंच गरजू आहे अथवा नाही याची शहानिशा केल्यानंतरच त्याला सेवा पुरविली जाते.

मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी दिली भेट
नागपूर महानगरपालिकेचे आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी शनिवारी (ता. १८) सुरेंद्रनगर आणि धरमपेठ येथील दोन्ही स्वयंपाकघराला भेट देऊन मैत्री परिवार आणि कॅगच्या सेवाकार्याची प्रशंसा केली. मैत्री परिवाराचे अध्यक्ष प्रा. संजय भेंडे प्रा. प्रमोद पेंडके, कॅगचे विवेक रानडे, श्रीपाद इंदोलीकर यांच्याशी चर्चा केली. मैत्री परिवार या महासंकटसमयी करीत असलेल्या कार्याला तोड नाही. भविष्यात जर गरज पडली तर नागपूर महानगरपालिका पुन्हा काही संसाधने उपलब्ध करून देईल, असा विश्वास त्यांनी यावेळी दिला. यावेळी त्यांनी तेथील स्वयंसेवकांशी संवाद साधून त्यांचा उत्साह वाढविला. यावेळी मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे यांच्यासह अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी, उपायुक्त तथा नोडल अधिकारी मिलिंद मेश्राम उपस्थित होते. बंडू भगत, अमन रघुवंशी, रोहित हिमते, माधुरी यावलकर, मनीषा गाडगे, मृणालिनी पाठक, दिलीप ठाकरे, किरण संगावार, सुचित सिंघानिया, नितीन पटवर्धन आदी मैत्री परिवाराच्या माध्यमातून या सेवेसाठी अथक परिश्रम घेत आहेत.

ज्येष्ठ निराधारांसाठी विशेष सेवा
मैत्री परिवार अन्नदानासोबतच शहरातील निराधार ज्येष्ठ नागरिकांसाठी विशेष सेवा पुरवित आहे. भोजनाची मागणी असलेल्या विद्यार्थ्यांसाठी ९११९५६७६७२ आणि निराधार ज्येष्ठांच्या मदतीसाठी ८६००५९०६२० हे दोन क्रमांक संस्थेने जाहीर केले आहे. निराधार वृद्धांना कुठलीही मदत हवी असल्यास त्यांनी संबंधित क्रमांकावर फोन केल्यास मैत्री परिवार त्यांना मदत पोहचवेल. दरम्यान मैत्री परिवाराने त्यांना आलेल्या कॉलच्या आधारावर बुटीबोरीतील एका ज्येष्ठ व्यक्तीला औषधी पोहचविली होती.

नागपुर में 30 वर्षीय युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने की खबर,संक्रमण का कारण रिश्तेदार से संपर्क बताया जा रहा है

नागपुर : शहर में कोरोना का कहर दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है।शुक्रवार को शहर के एक 30 वर्षीय युवक की कोरोना संक्रमण रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है।सूत्रों की माने तो 30 वर्षीय शांतिनगर नगर निवासी ,सतरंजीपुरा में किसी रिश्तेदार के संपर्क में आया था। 10 अप्रैल से ही युवक आइसोलेशन में रखा गया था। युवक के सैम्पल्स लिए गए थे जो कि रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है।फिलहाल युवक को मेयो हॉस्पिटल में उपचार के लिए रखा गया है।

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है के सतरंजीपुरा में एक कोरोना पॉजिटिव 68 वर्षीय पुरुष की मृत्यु हो गई थी।पर उसके पहले कई रिश्तेदार उसके संपर्क में आए थे उसी में से एक युवक शांति नगर रहवासी 30 वर्षीय युवक बताया जा रहा है इसके अलावा संपर्क में आए लगभग 22 रिश्तेदारों को भी आइसोलेशन में रखा गया है।हालाकि अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

बढ़ते हुए संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन ने कई संस्थाओं को आइसोलेशन सेंटर के रूप में चुना है।प्रतिदिन अनेकों कोरोना सैम्पल्स की नियमित जांच भी हो रही है।

शुक्रवार को गिट्टीखदान परिसर को सुरक्षा की दृष्टि से सील कर दिया गया था। किन्तु कुछ युवक बेफिजूल घूमते नजर आए पुलिस ने दण्ड के तौर पर युवकों को उठक बैठक लगाने की सजा दी और चेतावनी दे कर उन्हें घर का रास्ता दिखा दिया।

आठवडी बाज़ार में हुई ग्राहकों की हुई भीड़,लोगों ने उड़ाई सोशल डिस्टन्सिंग की धज्जियां

नागपुर : बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए वैसे तो पूरे देश भर में लॉक डाउन घोषित कर दिया गया है।नागपुर शहर की कई मंडियां बंद है इसी के साथ कई दिनों से कामठी बाज़ार और आठवडी बाज़ार भी बंद था।पर शुक्रवार को कुछ व्यापारियों ने आठवडी मार्केट में ग्राहकों के लिए भाजी की दुकानें खोल रखी थी।सब्जी भाजी खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ उमड़ आयी और लोगों ने सोशल डिस्टन्सिंग के नियमों को ताक पर रखते हुए खरीददारी की।

शुक्रवार को ट्रक व छोटे माल वाहन आठवडी मार्केट में दिखाई दिए।बाज़ार में नागरिकों की भीड़ की खबर मिलते ही अधिकारियों ने जनता से भीड़ ना करने और सोशल डिस्टन्सिंग के नियम पालन करने का आग्रह किया।

साथ ही यह भी सुनने में आ रहा है के प्रशासन अब सोशल डिस्टन्सिंग और सरकारी अनुदेशों का पालन ना करने पर सख्त कार्यवाही करने जैसे कदम भी उठाएगा।

Exit mobile version