केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी का भाजपा व्यापारी आघाड़ी नागपुर के पदाधिकारियों ने भव्य सत्कार किया।

नागपुर :- देश के 2.5 करोड़ से अधिक खुदरा और थोक व्यापारियों को एमएसएमई के दायरे में लाने का फ़ैसला एमएसएमई मंत्रालय ने आज किया है। इसलिए भाजपा व्यापारी आघाड़ी नागपुर महानगर के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग एवं सुक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी का नागपुर स्थित उनके निवास स्थान पर जाकर भव्य सत्कार किया तथा देश के सभी व्यापारियों की ओर से धन्यवाद कहा।
कोविड के दूसरे वेव के कारण आई दिक़्क़तों से खुदरा और थोक व्यापारियों पर पड़े असर को ध्यान में रखते हुए अब इसे एमएसएमई के दायरे में लाने का फ़ैसला एमएसएमई मंत्रालय ने किया गया है। प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के अंतर्गत इस सेक्टर को लाकर आर्थिक सहायता पहुँचाने की बहुत बड़ी कोशिश की जा रही है।
अब खुदरा और थोक व्यापारी भी उद्यम रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे तथा एमएसएमई मंत्रालय के व्दारा जो योजना लागू की जाती है उन सभी योजनाओं का देश के 2.5 करोड़ से अधिक खुदरा और थोक व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा।
केन्द्रीय मंत्री गडकरी साहब ने इस अवसर पर नागपुर की समस्त व्यापारी एसोसिएशन को अव्हान किया कि आप अपने स्तर पर नागपुर के आउटर क्षेत्र में जहां जहां आपको बड़े स्तर पर जगह मिलती है उसे आप खरिद लीजिए और लेने के पश्चात हम आपको उस क्षेत्र में बड़े व्यापारिक मार्केट बनाना का सहयोग करेंगे।
इस अवसर पर भाजपा व्यापारी आघाड़ी नागपुर महानगर अध्यक्ष संजय वाधवानी ने‌ केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भाजपा व्यापारी आघाड़ी नागपुर व्दारा पुर्व में जो एक ज्ञापन के माध्यम से मांग की थी वो आज पुर्ण करने पर देश समस्त व्यापारीयों ओर से आभार माना और कहा कि गडकरी साहब के नेतृत्व में एमएसएमई मंत्रालय के अंतर्गत जो कार्य हो रहे हैं उससे देश की इकोनॉमिक की ग्रोथ बहुत तेजी से बढ़ेंगी।
गडकरी साहब के स्वागत सत्कार में भाजपा व्यापारी आघाड़ी नागपुर महानगर अध्यक्ष संजय वाधवानी, प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना नागपुर अध्यक्ष राकेश गांधी, भाजपा व्यापारी आघाड़ी नागपुर के विधानसभा मंडल अध्यक्ष पुर्व नागपुर के राजेश मुनीयार, मध्य नागपुर के विनय जैन, पच्चिम नागपुर के रुपसिंग जुनेजा, उत्तर नागपुर के विरभान केवलरमाणी, शहर व्यापारी आघाड़ी के अशोक शनिवारे, राहुल जैन, राजेश अडिचा, प्रशांत मिश्रा, श्याम बजाज, संतोष काबरा, सतिश गिडवानी व प्रमुख पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थें।

नागपुर:मजदूरों को नहीं मिल रहा काम,रोजाना खाली हाथ लौटना मजबूरी

नागपुर : दरअसल यहां कोरोना संक्रमण से तबाही तो अब नियंत्रित है।किंतु अभी विकास कार्य तथा निर्माण पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो पाया है। इसलिए मजदूरों को काम नहीं मिल रहा। नागपुर के सभी श्रमिक स्थलों पर बड़ी संख्या में मजदूर आते हैं।पर कई घंटो इंतजार करने के बाद भी मजदूरों को काम नहीं मिलता है इससे वे सभी परेशानी में हैं।नागपुर में आधे से ज्यादा मजदूर रोजाना खाली हाथ लौटते हैं।(इमेज सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए )

क्या नागपुर में मंडरा रहा है डेल्टा प्लस का संकट?

महाराष्ट्र पर कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट पर संकट बढ़ता ही जा रहा है। नागपुर जिले में एक ही फैमिली के दस मेंबर कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं अब जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
बताया जा रहा है नागपुर में डेल्टा प्लस के संदिग्ध के तौर पर निरी ने उन दस मरीजों की रिपोर्ट जांच के लिए हैदराबाद की एक प्रयोगशाला में भेजी है।अब नागपुर की जनता का इस बात पर ध्यान केंद्रित है की आखिर रिपोर्ट में क्या आता है।

“डॉक्टर्स डे स्पेशल”- डॉक्टर्स भी किसी फरिश्ते से कम नहीं,किंतु डॉक्टर्स के प्रति और संवेदनशील होना जरूरी

नागपुर: कहा जाता है की डॉक्टर्स भी फरिश्तों से कम नहीं।कोरोना वायरस जैसी महामारी में इन डॉक्टर्स रूपी फरिश्तों ने ही हॉस्पिटल्स में पीपीई किट पहनकर कोरोना से जंग लड़ी। 
कई लोग ने तो अपनी जान बचाने वाले डॉक्टर्स को धन्यवाद देने के बजाए उन पर हमला किया यहां तक के उन पर थूका भी।अब इसमें सवाल उठ रहे हैं कि यह समाज कब जागेगा और डॉक्टर्स की मानसिक स्थिति को समझेगा।

आज हम कुछ डॉक्टर्स की राय और विचार आपसे साझा करेंगे। महाराष्ट्र चिकित्सा सेवा अधिनियम के तहत डॉक्टरों पर हमला करने वालों को सजा दी जाती है। फिर भी कोविड काल में मार्च 2020 से अब तक राज्य में 69 डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले हो चुके हैं।जान बचाने वालों के साथ इतना रूखा और अमानवीय व्यवहार आखिर कब तक सहन किया जाएगा।

समाज में हर घटना के प्रति सकारात्मक नजरिया बनाने से डॉक्टरों को ऊर्जा मिलेगी।यदि डॉक्टरों को निडर होकर मरीजों की सेवा करने की अनुमति दी जाए तो कठिन परिस्थितियों को दूर किया जा सकता है।डॉक्टर और मरीज के बीच एक भावनात्मक संबंध बनाकर इसे बनाए रखे रहना चाहिए।

-डॉ. आनंद संचेती, कार्डियोलॉजिस्ट, नागपुर।

लगभग 75 प्रतिशत निजी डॉक्टरों को अपनी प्रैक्टिस में कम से कम एक बार पिटाई का सामना करना पड़ता है। मारपीट में रिश्तेदारों ने 68 प्रतिशत हिस्सा लिया। इसमें 50 फीसदी मामले आईसीयू के सामने हुए।नकारात्मक बदलाव समाज को एक अलग दिशा में ले जाएंगे।

-डॉ. वाई एस देशपांडे, पूर्व अध्यक्ष, आईएमए-महाराष्ट्र

डेल्टा प्लस वैरिएंट पेशेंट्स को लेकर चिंता कहां रखे जायेंगे?NIV पुणे में भेजे गए सैंपल्स

नागपुर: बताया जा रहा है डेल्टा प्लस कोरोना वेरिएंट से इंफेक्टेड पेशेंट्स के लिए एक चुनौती खड़ी होती नज़र आ रही है के उन्हे आखिर कहां रखा जाएगा।यही चर्चा अभी सभी तरफ चल रही है।इस बीच, जिले के 8 डेल्टा प्लस संदिग्धों के सैंपल टेस्ट के लिए पुणे में राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान प्रयोगशाला (NIV Pune) भेजे गए। 

संदिग्ध डेल्टा प्लस के लिए उमरेड तालुका में 8 कोरोना पेशेंट्स के सैंपल्स की जांच की गई। इसमें फिर से शहर के 4 लोगों को शामिल किया गया है।

डेल्टा प्लस का पेशेंट मिलने के बाद मेडिकल-मेयो स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के बीच इस बात को लेकर भी सीधी चर्चा नहीं हुई कि उसे कोरोना वार्ड में रखा जाए, उसे कहीं और रखा जाए और उस मरीज का इलाज का क्या होगा. इस तरह की चर्चाएं हैं।

इस बीच दोनों अस्पतालों ने दावा किया है कि डेल्टा के मरीजों को संभालने की सुविधा है।
कोरोना की दूसरी लहर नागपुर में तांडव मचा दिया था। इस लहर के कारण नागपुर ने कई मौतें देखी थी। इस कोरोना लहर में कोरोना के पांच से छह नए वैरिएंट सामने आए हैं।इसलिए इन मरीजों को खोजने से पहले यहां के चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इन मरीजों के इलाज को लेकर नियम तय करने की जरूरत है। इसके साथ ही नए वैरिएंट के पेशेंट्स को कैसे ट्रीटमेंट दिया जायेगा इस पर गहन चर्चा चल रही है।

बिना मास्क दुल्हे को जुर्माना

नागपुर: राज्य में अभी भी कोरोना का प्रकोप जारी है. साथ ही कोरोना के नए वेरिएंट डेल्टा प्लस ने पाबंदियों को और कड़ा कर दिया है। हालांकि इसके बावजूद कुछ नागरिक नियमों की अनदेखी कर नियमों का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। इसी तरह नागपुर नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले एक दुल्हे पर जुर्माना लगाया है.

शहर में एक दुल्हे की शादी के बाद बारात निकाली गई। घोड़े पर दुल्हा और उनके साथ बाराती मण्डली भी थी। हालांकि, कोविड के इस संकट में उन्होंने अपने चेहरे पर मास्क नहीं लगाया। इसके चलते नागपुर नगर निगम के अधिकारियों ने दुल्हे पर जुर्माना लगाया है।

दुल्हा ही नहीं बल्कि शादी में शामिल होने वाले रिश्तेदारों ने भी मास्क नहीं पहना था। इसलिए बारात में हिस्सा लेने वालों को भी जुर्माना लगाया गया है. नागपुर के नेहरू नगर झोन में यह कार्रवाई की गई है।

तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए प्रतिबंध: राज्य में संभावित तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए कोविड के डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट की एहतियाती नोटिस जारी किए गए हैं. जैसा कि INSACOG (कोविड -19 के संदर्भ में पूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए स्थापित प्रयोगशालाओं की एक टीम) द्वारा सुझाया गया है, डेल्टा प्लस संस्करण निम्नलिखित विशेषताओं के कारण चिंता का विषय है। ये बढ़ी हुई संक्रामकता, मोनोक्लोनल एंटीबॉडी की प्रतिक्रिया में संभावित कमी और फेफड़ों की कोशिकाओं की दृढ़ता से चिपकने की क्षमता है। यह पेशंट महाराष्ट्र के रत्नागिरी, जलगांव और अन्य जिलों में पाए गए हैं, जिसकारण सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं।‌‌

एनएमसी को मिले 20,000 डोज, शहर के 116 सेंटर्स पर होगा वैक्सीनेशन

नागपुर: एनएमसी को शुक्रवार को वैक्सीन की 20,000 डोज प्राप्त हुई है।आज शहर के 116 सेंटर्स पर वैक्सीन दी जाएगी।
18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोग वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक ले सकेंगे।युवाओं के उत्साह को देखते हुए एनएमसी ने 10 तथा नए सेंटर्स जोड़े हैं। बुधवार से 18 से 29 आयु वर्ग के युवाओं का टीकाकरण भी शुरू किया गया। इसलिए बुधवार को शहर में रिकॉर्ड 23 हजार 703 नागरिकों का वैक्सीनेशन किया गया। 

गुरुवार को 20,021 नागरिकों का टीकाकरण किया गया। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा वैक्सीन की आपूर्ति न होने के कारण शुक्रवार को निगम के सभी 103 टीकाकरण केंद्रों पर टीकाकरण रोक दिया गया. तीन सरकारी टीकाकरण केंद्रों से ही टीकाकरण शुरू होता है। 
हालांकि, शुक्रवार को राज्य सरकार ने वैक्सीन की आपूर्ति की और एनएमसी को 20,000 खुराक मिली संजय चिलकर ने कहा।

फिलहाल शहर में 106 टीकाकरण केंद्र हैं। अब इसमें दस की बढ़ोतरी की जाएगी- चिलकर ने कहा।

इसलिए शनिवार से युवा भी वैक्सीनेशन करा सकेंगे।

जिले को 39,000 दोजनागपुर जिले के लिए राज्य सरकार से 39,000 वैक्सीन मिले हैं। इसमें से 20,000 नागपुर शहर के लिए तथा बाकी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है।इसलिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन में फुर्ती लाई जाएगी।

टीकाकरण केंद्र सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक ओपन रहेंगे।इसके लिए रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है।45 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए कोवासिन मेडिकल की पहली तथा दूसरी खुराक सिद्धार्थनगर में बैरिस्टर राजाभाऊ खोबरागड़े हॉल, डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर अस्पताल और महल डायग्नोसिस सेंटर में उपलब्ध है। फर्स्ट डोज लेने वाले 18 से 44 वर्ष की आयु के नागरिकों को कोवासिन की दूसरा डोज देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए उनके पास ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन है।

किसानों के लिए खबर : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत संतरे और खट्टे फल शामिल

नागपुर : जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मिलिंद शेंडे ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पुनर्गठित जलवायु आधारित फल फसल बीमा योजना में जिले में संतरे और खट्टे फलों को शामिल किया गया है।

नारंगी फसल के लिए उमरेड, कलमेश्वर, कटोल, कमाठी, कुही, नरखेड़, नागपुर ग्रामीण, परशिवानी, भिवापुर, रामटेक, सावनेर, हिंगना के 12 तालुकों में अधिसूचित राजस्व बोर्ड तथा कलमेश्वर, कटोल, नरखेड़, नागपुर ग्रामीण के 5 तालुकों में अधिसूचित नुकसान। साइट्रस फसल के लिए सावनेर प्रभावित किसानों को बीमा कवर दिया जाता है। अधिसूचित क्षेत्र में उधारकर्ता और गैर-उधारकर्ता इस योजना में भाग ले सकते हैं।

यह योजना प्राकृतिक आपदाओं एवम प्रतिकूल मौसम की स्थिति से प्रभावित किसानों को बीमा सुरक्षा प्रदान करने के लिए लागू की गई है। इस योजना के लिए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का चयन किया गया है। 

अधिसूचित फसलों के लिए वैकल्पिक है। अधिसूचित क्षेत्र में कबीले या पट्टे के आधार पर खेती करने वाले किसान भाग ले सकते हैं। बीमा 4 हेक्टेयर क्षेत्र की सीमा तक पंजीकृत किया जा सकता है।1 वर्ष में एक ही सीजन के लिए बीमा कवर के लिए आवेदन कर सकते हैं।उत्पादक का मतलब है कि 3 वर्ष पूरे कर चुके बागों को बीमा कवर द्वारा कवर किया जाएगा।कर्जदार तथा गैर कर्जदार किसानों के पास आवेदन करने के लिए 30 जून तक का समय है।

इसके लिए आप अपने नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क कर पूरी जानकारी ले सकते हैं।यदि फल फसलों के लिए ऋण लेने वाले किसान इस योजना में भाग नहीं लेना चाहते हैं, तो वे समय सीमा के 7 दिनों के भीतर अपने ऋण बैंक को बीमा प्रीमियम न काटने की घोषणा प्रस्तुत करके सूचित करें।

आप दोनों फसलों के लिए 4,000 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से प्रीमियम देकर भाग ले सकते हैं।जिला कृषि अधीक्षक मिलिंद शेंडे ने इस योजना में भाग लेने के लिए अपने नजदीकी बैंक,आपके सरकारी केंद्र तथा कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क करने की अपील की है.

पूर्व नागपुर विद्यार्थी विभाग व बजरंग दल महानगर की ओर से छत्रपति शिवाजी को दुग्धाभिषेक व माल्यार्पण

ऐसा माना जाता है की रायगढ़ में शिवाजी का राज्याभिषेक कर उन्हे छत्रपति की उपाधि दी गई थी। कई इतिहासकारों का यह भी मानना है की आज ही के दिन तथा तिथि से शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था।

पुर्व नागपुर विद्यार्थी विभाग की ओर से इस तिथि के उपलक्ष्य में आज श्री छत्रपति शिवाजी महाराज का दूध तथा जल से अभिषेक किया गया इसके साथ ही महाराज की पूजा भी की गई साथ ही माल्यार्पण भी किया गया।

यह कार्यक्रम बजरंग दल महानगर संयोजक विशाल जी पुंज एवम विद्यार्थी विभाग‌ प्रमुख रजनीशजी मिश्रा, महानगर प्रचार प्रसार सदस्य अक्षय राघवानी, के मार्गदर्शन में और पूर्व नागपुर विद्यार्थी प्रमुख कुणाल राघवानी के नेतृत्व में सफलता पूर्वक संपन्न किया गया।
इस कार्यक्रम में रितिक मालदार, हर्ष मालदार, पिंकेश नथानी, प्रज्योत चूग, हिमांशु गुप्ता, शुभम मिश्रा और अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

शहीद भूषण सताई के पिता रमेश सताई ने नागपुर में अपने निवास स्थल पर सुसाइड किया

नागपुर :शहीद भूषण सताई के पिता रमेश ढोंडू सताई ने नागपुर में अपने निवास स्थल पर अपना जीवन का अंत कर लिया।
दरअसल नायक भूषण सताई पिछले वर्ष नवंबर में ऐन दिवाली में कश्मीर घाटी में पाकिस्तान से हाथ मिलाते हुए शहीद हो गए थे। 

लड़के की शहादत के बाद वयोवृद्ध पिता रमेश ढोंडू सताई सदमे में हैं।कहा जाता है कि इसी कारण से उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का निर्णय किया।रमेश सताई ने नागपुर के फेलपुरा कटोल क्षेत्र में अपने आवास पर फांसी लगा ली।
सताई की ऑटोप्सी रिपोर्ट ने पुष्टि की कि उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।सताई के परिवार में उनकी पत्नी सरिता सताई,छोटा बेटा लेखदास सताई तथा बेटी हैं।

शहीद भूषण सताई संक्षिप्त परिचय

शहीद भूषण सताई छह मराठा बटालियनों में नायक के रूप में कार्यरत थे।भारतीय सेना में चयनित होने के बाद, वह मराठा बटालियन में सम्मिलित हो गए थे।शहीद होने से पूर्व वह एक वर्ष के लिए जम्मू-कश्मीर में तैनात थे।

दिवाली के दिन (13 नवंबर, 2020) पाकिस्तानी सेना ने भारत पर कायरतापूर्ण हमला किया।भारतीय सेना ने फायरिंग का जवाब दिया। हालाँकि, महाराष्ट्र के भूषण सताई और ऋषिकेश जोंधले की वीरता से मृत्यु हो गई थी।

“अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” के उपलक्ष्य में नागपुर विरासत स्थलों पर भी हुआ योग प्रदर्शन

इस वर्ष की थीम ‘योग फॉर वेलनेस’ है। महामारी को ध्यान में रखते हुए, हर एक साइट पर सत्रों के लिए पार्टिसिपेंट्स की संख्या 20 तक सीमित थी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज सुबह सातवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, “जब दुनिया घातक बीमारी कोविड -19 महामारी से जूझ रही है, वहीं योग आशा की किरण है।”

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने एक MyYoga ऐप भी लॉन्च किया है, जो ‘वन वर्ल्ड, वन हेल्थ’ जैसे आदर्श वाक्य को पूरा करने में सहायता करेगा।

साथ ही साथ संस्कृति मंत्रालय ने देश भर में 75 सांस्कृतिक विरासत स्थलों पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया। 

बढ़िया बात यह रही के नागपुर के नागरिकों ने भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया तथा अपना उत्साह एवं योग कौशल दिखाया।

महाराष्ट्र के विरासत स्थल जैसे –
औरंगाबाद,एलोरा गुफाएं,आगा खान पैलेस,पुणे, कन्हेरी गुफाएं, मुंबई तथा ओल्ड हाई कोर्ट बिल्डिंग, नागपुर में भी 4 विरासत स्थलों पर योग प्रदर्शन किया गया।
इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नागपुर सर्कल तथा दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित शास्त्रीय नृत्य प्रदर्शन किया गया।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इसमें हिस्सा लिया और बताया कि वे रोज सुबह प्राणायाम एवम योग करते है, जिससे उनकी सेहत में काफी सुधार हुआ है। 
एनएमसी में मेयर दयाशंकर तिवारी ने एनएमसी प्रमुख राधाकृष्णन बी और अन्य ऑफिसर्स के साथ एनएमसी में योग प्रदर्शन किया।

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