कोरोना से बड़ी राहत: नागपुर डिस्ट्रिक्ट में जीरो डेथ, 39 नए केसेस

नागपुर में अब महामारी की स्थिति पहले की अपेक्षा थोड़ी बेहतर हो रही है एवम इस रविवार को जिले को राहत की सांस लेने के लिए सभी कारण मिले क्योंकि इस साल 2021 में पहली बार शून्य मृत्यु के मामले दर्ज किए गए।

COVID-19 के कारण पिछले कई दिनों से तहलका मचा हुआ था मृत्यु दर भी बड़ी थी किंतु कल यानी की रविवार को एक भी पेशेंट की मृत्यु कोरोना से दर्ज नहीं हुई इसके साथ ही जिले में कल यानी के रविवार को पिछले 24 घंटों में 39 नए मामले सामने आए।
साथ ही जिले में कल तक 1 हजार से भी कम एक्टिव मामले सामने आए हैं, जिसमें 907 व्यक्ति पॉजिटिव हैं।

नागपुर ग्रामीण ने 26 नए मामले दर्ज किए हैं, जबकि 13 व्यक्तियों ने शहर में कोरोनोवायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया है, जिससे एक्टिव केसेज 476761 हो गए हैं।

रिकवरी रेट में पहले से काफी सुधार आया है और अब यह रेट 97.90% हो गया है।

पुलिस में मानवता का दर्शन

नागपुर: बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करने के बजाय, उन्हें वृद्धाश्रम में छोड़े जाने के बारे में आपने सुना या देखा होगा. बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल तक नहीं करने के कई मामले हैं। हालांकि अब एक ऐसी घटना सामने आई है जिससे की नागपुर पुलिस की हर तरफ तारीफ की जा रही है. जी हां, क्योंकि नागपुर पुलिस एक बुजुर्ग दादी की मदद के लिए दौड़ पड़ी है।

पुलिस भी इंसान है जो इंसानी कारणों से ही हर तरह मदद करती है लेकिन कानून की रक्षा और बढ़ते अपराध को रोकने के लिए उन्हें सख्त होना पड़ता है। एक ऐसी ही घटना शांतीनगर इलाके में हुई थी। बरसात के दिन होने के कारण, हर दिन बारिश होती है। बारिश का पानी कवेलु के घर में प्रवेश करता है और पूरा घर बाढ़ की तरह हो जाता है। चूंकि घर में कोई मदद को नहीं है, इसलिए इसे बारिश के पानी से बचाने का दादी के पास कोई उपाय नहीं है। पुरा पाणी निकलने तक वह पाणी में ही भिगती रही।

बारिश थमने के बाद शांतिनगर की यह 70 वर्षीय दादी अपने घर से पानी निकालना शुरू करती थी. डीसीपी जोन 3 के लोहित मतानी और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जामदार और शांतिनगर थाने के कर्मचारियों को इस बात की जानकारी शांतिनगर इलाके में रूट मार्च निकालने के दौरान मिली. बुढ़िया अकेली रहती है और उसकी मदद करने वाला कोई नहीं। इंसानीयत के रिश्ते उन्होंने पाणी निकलने में दादी की मदद की उसके बाद घर पर तिरपाल फैलाने में भी मदद की।

बरसात के दिनों में चाल वासी घरों की छतें टपकती हैं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मामलों में, नागरिक अपने घरों को प्लास्टिक की चादरों या ताडपत्री से ढक देते हैं ताकि घर में पानी रिस न जाए। ऐसी ही इस दादी को संकट में देख नागपुर पुलिस फरिश्ता की तरह उनकी मदद के लिए दौड़ पड़ी।

इस बाबत वीडियो को नागपुर पुलिस ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है. नागपुर पुलिस द्वारा की गई मदद की हर ओर से तारीफ हो रही है. वीडियो को खूब शेयर भी किया जा रहा है.

नागपुर में जारी हुई नई गाइडलाइन अब रात 8 बजे तक खुली रहेगी दुकानें,और 11 बजे तक रेस्टोरेंट

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नागपुर ने अपनी बैठक में जिले में विभिन्न गतिविधियों के लिए और अधिक छूट की अनुमति देने का निर्णय लिया

वर्तमान में कोरोना पॉजिटिविटी रेट तथा ऑक्सीजन बेड कंजप्शन के प्रतिशत को देखते हुए नागपुर जिला अभी भी स्तर 1 के मानदंडों को पूरा कर रहा है।

रवींद्र ठाकरे, कलेक्टर तथा जिला मजिस्ट्रेट, नागपुर एतद् द्वारा निम्नलिखित गतिविधियों में छूट की अनुमति देते हुए आदेश जारी करते हैं।

उक्त आदेश पूरे नागपुर जिले में 21 जून, 2021 को सुबह 7.00 बजे से 28 जून 2021 को सुबह 07.00 बजे तक लागू रहेगा।

जरूरी वस्तुओं, गैर जरूरी वस्तुओं से संबंधित दुकानों एवम प्रतिष्ठानों को रात 8 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है-

मॉल/थिएटर (मल्टीप्लेक्स के साथ-साथ सिंगल स्क्रीन)/नाट्यगृह आदि को 50 पर्सेंट के साथ रात 8 बजे तक काम करने की परमिशन दी गई है। केपेसिटी

  • 50% के साथ रेस्तरां का समय 11 बजे तक बढ़ा दिया गया है –
    सार्वजनिक स्थान / खुले मैदान / पैदल / साइकिल चलाने की अनुमति सुबह 5 बजे से 9 बजे और शाम 5 बजे से 9 बजे
    तक – निजी कार्यालयों तथा कार्यालयों की उपस्थिति सहित- सरकारी कार्यालय और निजी यदि अनुमति हो तो) खेल (जिमनैजशियम सहित) को नियमित रूप से कार्य करने की अनुमति है –
    व्यायामशाला सहित खेलों को सुबह 5 बजे से 9 बजे तक और शाम 5 बजे से 9 बजे तक (इनडोर और आउटडोर दोनों) काम करने की अनुमति है।
  • सभा (सामाजिक/सांस्कृतिक/मनोरंजन) की अनुमति 50% क्षमता या 100 व्यक्तियों में से जो भी कम हो – 50% क्षमता या 100 व्यक्तियों के
    साथ विवाह की अनुमति, जो भी कम हो –
    अधिकतम 50 लोगों के लिए अंतिम संस्कार की अनुमति –
    पुस्तकालय, पढ़ने के कमरे 8 तक की अनुमति है। दोपहर
    1 बजे तक शॉपिंग मॉल में रेस्तरां और बार को कुल क्षमता के 50% के साथ
    अनुमति दी गई – गोरेवाड़ा जंगल सफारी को रात 8 बजे तक परमिशन दी गई –
    कोचिंग कक्षाएं नियमित रूप से संचालित होंगी

इस बीच स्कूल, कॉलेज तथा अन्य शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक स्थल, स्वीमिंग पूल अगले आदेश तक बंद रहेंगे

अब एनएमसी के रिटायर्ड कर्मचारियों को भी प्राप्त होगा सातवें वेतन आयोग का लाभ

राज्य सरकार ने एनएमसी के रिटायर्ड नागपुर कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के कार्यान्वयन को परमिशन दे दी है। 
पूर्व में एनएमसी कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू था, किंतु रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए ऐसा नहीं किया गया था।

राष्ट्रीय नागपुर निगम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 9 जून को अभिभावक मंत्री डॉ नितिन राउत से मीटिंग की थी और इन विषयों पर डिस्कस किया था।

इसके बाद राज्य के उप सचिव सतीश मोघे ने एनएमसी आयुक्त को सातवें वेतन आयोग के क्रियान्वयन के संबंध में आदेश दिए

1 जनवरी 2016 से 7 जुलाई 2020 के बीच रिटायर्ड हुए अनुमोदित पदों पर कार्यरत एनएमसी कर्मचारी सातवें वेतन आयोग का लाभ पाने के पात्र हैं।

इसी तरह, 1 अगस्त 2019 के बाद रिटायर्ड या मृत्यु होने वालों को इन लाभों के अलावा बकाया राशि मिलेगी।

राष्ट्रीय नागपुर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र टिंगने, महासचिव रंजन नालोडे और कोषाध्यक्ष प्रवीण तंत्रपाले सहित एसोसिएशन के अधिकारियों ने इस निर्णय का स्वागत किया।

Futula व्यूइंग गैलरी परियोजना के कार्य को मिली गति

फुटाला व्यूइंग गैलरी और सीमेंट कंक्रीट सड़क परियोजना पर तेज गति से काम चल रहा है।यह एक सेंट्रल रोड फंड परियोजना है एवम इसकी लागत लगभग 113 करोड़ रुपये है। पूरा प्रोजेक्ट समय से पूरा हो जाएगा।

परियोजना के 3 घटक हैं:
1) प्रोजेक्टर रूम के साथ गैलरी देखना
2) मल्टीलेवल पार्किंग प्लाजा
3) सीमेंट कंक्रीट रोड

व्यूइंग गैलरी और प्रोजेक्टर रूम
की लंबाई 350 मीटर और बैठने की क्षमता 4,000 है। नागपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट फुटाला झील में एक मल्टीमीडिया लेजर शो डेवलप्ड हो रहा है एवम लोग इसे गैलरी से देख सकते हैं। शो के लिए गैलरी के अलावा एक प्रोजेक्ट रूम बनाया जा रहा है। गैलरी पूरी तरह से 350 मीटर लंबी तन्यता वाली छत से ढकी होगी।
गैलरी के पास पार्किंग की जगह होगी। इसमें 13 कारों, 24 दोपहिया और 24 साइकिलों के लिए पार्किंग स्लॉट होंगे।

सीमेंट कंक्रीट रोड सड़क
इस रोड़ की लंबाई 2.86 किलोमीटर है। यह फ़ुटाला झील के किनारे दीर्घा के पीछे और पहुंच पर है। यह 18 मीटर चौड़ा है और 90% पूर्ण है।

मल्टीलेवल पार्किंग प्लाजा
गैलरी के पास एक मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी ताकि शो देखने आने वाले लोग अपने वाहन पार्क कर सकें। यह एक मैकेनाइज्ड पजल पार्किंग होगी। कारों के लिए 1,000 पार्किंग स्लॉट तथा टू व्हीलर्स के लिए 305 स्लॉट होंगे।

नागपुर हेरिटेज कमेटी ने बिना किसी आपत्ति के 15 जून को परियोजना की समीक्षा की। इससे पहले, महा मेट्रो ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निर्देशों के अनुसार गैलरी के नीचे एक सड़क सुरंग बनाने की योजना बनाई थी। हालाँकि, इस सुरंग को जनवरी 2019 में गिरा दिया गया था एवम अक्टूबर 2019 में पीडब्ल्यूडी द्वारा अनुमोदित अंतिम ड्राइंग में सुरंग शामिल नहीं थी। 

मल्टीमीडिया लेजर शो के लिए एनआईटी के सलाहकार ने महा मेट्रो को बताया था कि गैलरी के नीचे सुरंग की दीवार में ध्वनिकी समस्याएं और अन्य तकनीकी समस्याएं होंगी। इसलिए, महा मेट्रो ने एक नया डिज़ाइन तैयार किया। नए डिजाइन के अनुसार गैलरी के पीछे सीमेंट कंक्रीट की सड़क बनाई जा रही है।

स्टूडेंट्स को बड़ी राहत !नागपुर विश्वविद्यालय के स्टूडेंट्स की परीक्षा फीस होगी माफ़

नागपुर: कोरोना, लॉकडाउन के चलते बहुत से लोगों पर बड़ा आर्थिक संकट आन पड़ा है।इसी को ध्यान में रखते हुए,राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ करने का निर्णय लिया है।

फिलहाल विद्यार्थियों ने ग्रीष्मकालीन 2021 परीक्षा के लिए पहले ही एनरोलमेंट कर दिया है। इससे शीतकालीन परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को लाभ होगा।इसके साथ ही मैनेजमेंट बोर्ड ने कॉलेजों द्वारा ली जाने वाली अन्य फीस को भी कम करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी कर दिया जाएगा। 

यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट बोर्ड के मेंबर डॉ. मिलिंद बरहाटे की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है।समिति में डॉ. नितिन कोंगरे एवम विष्णु चंगाडे शामिल हैं।कमेटी कॉलेज की ओर से ली जाने वाली अलग अलग फीस पर चर्चा करेगी। समिति को छात्रवृत्ति छात्रों तथा आर्थिक कमजोर वर्ग छात्रों के लिए शुल्क माफी पर नीति समिति गठित करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। समिति अगले 10 से 12 दिनों में अपनी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी को सौंप देगी। कॉलेज छात्र संघों की ओर से बहुत समय से परीक्षा व अन्य फीस माफ करने की डिमांड उठ रही थी। इसको लेकर आंदोलन हो चुके हैं। लॉकडाउन के कारण पिछले एक वर्ष से कॉलेज एवम टीचिंग बंद है।इसलिए छात्र संघों ने कुलपति से जिम, लाइब्रेरी, कंप्यूटर एवम प्रैक्टिकल की फीस वसूली पर रोक लगाने की मांग की थी। 

विश्वविद्यालय को शिकायत मिली थी कि एक कॉलेज ने अपने कर्मचारियों को 13 महीने से वेतन नहीं दिया है। प्रबंधन बोर्ड ने मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। 

क्या जल्द ही होने वाले हैं जिला परिषद के चुनाव ? चुनाव आयोग ने मांगी विस्तृत जानकारी

नागपुर: सुप्रीम कोर्ट (ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट) के निर्णय के कारण जिला परिषद एवं पंचायत समिति में ओबीसी वर्ग के सदस्यों की सदस्यता निरस्त कर दी गई है।इन सीटों के लिए इलेक्शन (जिला चुनाव) होगा अभी स्टेट इलेक्शन कमीशन राज्य चुनाव आयोग इस संबंध में जांच कर रहा है।
आयोग ने उन सभी जिलों से कोरोना के हालातों की पूरी जानकारी मांगी है, जहां चुनाव होने हैं।
ऐसी स्थिति में संकेत हैं कि इन सीटों के लिए जल्द चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। 

चूंकि महिला आरक्षण तथा उसके बाद आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत हो गई है, ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों पर निर्वाचित सदस्यों की सदस्यता निरस्त कर दी गई है। 
नागपुर, अकोला, वाशिम, धुले, नंदुरबार एवं पालघर में छह रिक्त जिला परिषदों तथा पंचायत समितियों में उपचुनाव होने हैं। सरकार ने कोरोना के कारण चुनाव स्थगित करने का फैसला किया है। अब स्थिति साफ हो रही है। कई जिलों में लॉकडाउन में छूट दी गई है. वहीं, खाली जे.पी. एवम पी.एस. सीटों का आरक्षण हटा दिया गया। इसके साथ ही वोटर लिस्ट को भी अंतिम रूप दिया गया है। रिक्ति हुए तीन महीने हो गए हैं। कहा जाता है कि छह महीने से अधिक समय तक इस सीट को खाली नहीं छोड़ा जा सकता है। आयोग चुनाव कराने की तैयारी में जुटा है। 

अब देखिए नागपुर में कितनी सीटें हैं –
नागपुर जिले की 16 सीटें- नागपुर जिला परिषद में ओबीसी वर्ग के 16 सदस्यों की सदस्यता रद्द कर दी गई।7 भाजपा, 4 राकांपा, इनमें 5 भाजपा और 1 पीडब्ल्यूडी सदस्य हैं। रिक्तियां और आरक्षण – सावरगाँव – सामान्य महिला बिश्नूर – जनरल येनवा – जनरल परदसिंग – सामान्य महिला वकोड़ी – सामान्य महिला केलवाड़ – सामान्य महिला कर्मभद – सामान्य महिला बोथिया – जनरल अरोली – जनरल गुमथला – जनरल वडोदरा – सामान्य महिला गोधनी जनरल दिग्दोह – सामान्य महिला दिग्दोह – इसासानी जनरल महिला राजोला – जनरल

नागपुर के एक युवा ने अजीबो गरीब घटना को दिया अंजाम,यू ट्यूब देख बनाया बम फिर पहुंचा थाने


नागपुर: आज के समय में सोशल मीडिया करोड़ों लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है।लोकप्रिय वीडियो प्लेटफॉर्म यू ट्यूब पर हर रोज़ कई वीडियो देखे जाते हैं। इसी तरह यूट्यूब पर बम देख कर बम बनाने का प्रयोग नागपुर के एक युवक को बहुत महंगा पड़ा ।उसने यूट्यूब पर एक वीडियो देखकर विस्फोटकों का इस्तेमाल कर बम बनाया।लेकिन इन सब प्रक्रिया में बम बनाने के बाद उसे डिफ्यूज करना उसे नहीं आया।बम को डिफ्यूज नहीं किया जा सका, इसलिए युवक सीधे पुलिस के पास भागा। वहीं पुलिस ने तुरंत बम निरोधक दस्ता बुलाया। तब जा कर कहीं बम निरोधक दस्ते ने बम को डिफ्यूज किया। हालांकि इसके बाद पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया ।

( प्रस्तुत इमेज केवल काल्पनिक स्थिति दर्शाने के तौर पर उपयोग की गई है)

दरअसल नागपुर के रहने वाले 25 वर्षीय युवा राहुल पगड़े ने यू ट्यूब देखकर बम बनाने का फैसला किया। इसके बाद उसने सभी सामान जुटाया। फिर उसने बम के लिए आवश्यक इलेक्ट्रिक डिवाइस बनाया, कांच के बर्तन में विस्फोटक का उपयोग करके बम बनाया तथा उसे एक बैग में रख दिया। लेकिन तब उसे नहीं पता था कि बम को कैसे निष्क्रिय किया जाए।उसने कड़ी मेहनत की लेकिन, उसका कोई समाधान नहीं निकल पाया। अंतत: युवक ने युक्ति लगाई और बैग को नागपुर में केडीके टी पॉइंट के पास रख गया। कुछ देर के बाद वह बैग को नागपुर के नंदनवन पुलिस स्टेशन ले गया एवम पुलिस को बताया कि उसे केडीके टी पॉइंट के पास बैग लावारिस मिला।

पुलिस ने बैग को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू की। पुलिस को बैग में बिजली का सर्किट भी मिला है।एक मोबाइल बैटरी, कुछ तारों के टुकड़े, एक लाइटर, एक बल्ब एवम एक साधारण कीपैड वाला मोबाइल भी मिला।बैग में एक पेपर भी मिला। कागज पर लिखा था आई किल यू नागपुर KBMA यह देखकर पुलिस हैरान रह गई। नंदनवन थाने की पुलिस ने बम निरोधक दस्ते को बुलाया। बम का पता लगाने वाली टीम ने कहा कि यह बम निम्न श्रेणी के विस्फोटक है। उसके बाद बम को बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया।

पुलिस ने इस पूरे मामले की छानबीन की तो पता लगा की इस युवक ने ही बम तैयार किया है। पुलिस ने राहुल पगाड़े को पुलिस को गुमराह करने और विस्फोटक बनाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस सभी कारणों की तलाश कर रही है।

मंगेश जाडे को “नागपुर के सिटी हीरो”अवार्ड से किया गया सम्मानित

नागपुर: चुनौतीपूर्ण कोविड महामारी के समय में, मंगेश जाडे ने गरीबों एवं जरूरतमंदों को भोजन, मास्क तथा विटामिन सी की गोलियां बांटना शुरू किया है। जैसा कि लॉकडाउन के कारण कई व्यवसाय भी ठप हो गए, ज़ेड ने भी बेरोजगारों की हर तरह से मदद की।

उनके मानवीय तथा निस्वार्थ भाव के लिए, जाडे को एचडीएफसी बैंक द्वारा ‘नागपुर के सिटी हीरो’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें ‘कोरोना योद्धा’ घोषित किया गया ।

जाडे ने वर्धा रोड के मनीष नगर में जयंती नगरी (भवन 5) से भोजन किट बांटना शुरू किया। जाडे की मेहनत से करीब 12,000 लोगों को लाभ पहुंचा। उन्होंने मनीष नगर थाने के कर्मियों को भोजन भी कराया।
उन्हें एनएमसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रकाश भोयर ने भी सम्मानित किया, जो एनआईटी के ट्रस्टी भी हैं।
जयश्री बोडे, अर्चना ठाकरे तथा जयंती नगरी के निवासियों ने भी जाडे के इस महत्वपूर्ण प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जिले के 13 ग्रामीण क्षेत्रों में रिकॉर्ड तोड़ वैक्सिनेशन

नागपुर: जिले के 13 गांवों ने कोरोना टीकाकरण अभियान में रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि हासिल की है।जिले में 45 वर्ष से अधिक आयु के 48% नागरिकों का अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है। हालांकि, 13 तालुकों में समान आयु वर्ग के सभी नागरिकों ने टीके की पहली खुराक ले ली है। 

ये 13 गांव छह तालुका में हैं और ज्यादातर गांव कमाठी तालुका में हैं। इनमें गोंडीखापा, खापा, घुबडी, कवाडीमेथ, मोहगांव (ढोले) शामिल हैं। देवली पेठ और तकलघाट हिंगना तालुका में दो गाँव हैं, तराना और पौनी दो कुही तालुकाओं में हैं, परसोदी (दीक्षित) और रणवाड़ी नरखेड़ तालुका में दो गाँव हैं, कलमेश्वर तालुका में दाहेगाँव और सावनेर तालुका में सावली (मोहटकर)। इन नागरिकों की कुल संख्या 1700 है। यह सब ‘हमारे गांव में टीकाकरण’ की अवधारणा से संभव हुआ है। इसके लिए ग्राम पंचायत, सरकारी प्रतिनिधियों, आंगनबाडी सेवाओं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों आदि ने मदद की. साथ ही टीकाकरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए प्रत्येक गांव में विशेष टीमों का गठन किया गया। 

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