टॉसीची आयात वाढवा: पालक मंत्र्यांची सरकारला मागणी

नागपूर: कोरोना रूग्णांस उपचारांसाठी लागणा-या रेमजेसिवीर इंजेक्शनसह, टोसिलिजुमॅब इंजेक्शनचा पुरवठा वाढविण्याची मागणी नितीन राऊत यांनी राज्य सरकारकडे केली आहे. विभागीय आयुक्त कार्यालयात झालेल्या बैठकीत ते बोलत होते. या काळात विभागीय आयुक्त संजीव कुमार उपस्थित होते. या दरम्यान, एक खाजगी कंपनीने ऑक्सिजन प्लांट बांधकाम दृष्टीने सादरीकरणे दिली.

असे ज्ञात आहे की 800 टोसिलिजुमाब इंजेक्शन केंद्राकडून येतात. कोरोना रुग्णांची संख्या वाढल्यामुळे, इंजेक्शनची मागणी वाढली आहे. 5 मे रोजी 105 इंजेक्शन तत्पुर्वी 29 एप्रिलला हे प्राप्त झाले. सिप्ला कंपनीकडून इंजेक्शनची मागणी केली गेली आहे.

170 टन ऑक्सिजन: विभागीय आयुक्तानी सांगितले की रविवारी, 170 मेट्रिक टन ऑक्सिजन जिल्ह्यात आणले गेले. यातील जिल्ह्यातील ऑक्सिजन पुरवठादारांस 62 मेट्रिक टन आणि 72 मेट्रिक टन रुग्णालयांस वितरीत करण्यात आले. जगदंब 10 टन, भरतीया 10, आदित्य हिंगना 15, आदित्य बूटिबोरी 15, विदर्भ 6 आणि रुक्मानी हिंगना 6 मेट्रिक टन, अशा प्रकारे एकूण 62 मेट्रिक टन वितरीत केले गेले.

त्याच वेळी, 26 टन, मेयोस 20, शालिनीताई मेघे हॉस्पीटल 5, लता मंगेशकर हॉस्पिटल 6, अॅलेक्सिस 4, आशा हॉस्पिटल कामठी 2, अवंती 4, क्रीम्स 1, ऑरेंज सिटी 1, श्योरटेक 2 आणि वोकहर्ट 1 असे एकूण 72 मेट्रिक टन्स वितरीत केले गेले. त्यांनी सांगितले की जिल्ह्याला 3,322 रेमडेसिवीर इंजेक्शन मिळाले आहेत जे मागणीनुसार वितरीत केले गेले आहे.

एक्टर गुरमीत चौधरी ने दिया सराहनीय योगदान -नागपुर में खोला कोविड हॉस्पिटल “आस्था”

गुरमीत एक असली नायक की तरह उभरते हुए देश को इस कोरोना नाम के संकट से उबारने की कोशिश में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने हाल ही में नागपुर में ‘आस्था’ नाम का एक कोविड हॉस्पिटल खोला है।

यह डॉ सैय्यद वजाहतली और उनकी टीम के सहयोग से स्थापित किया गया है। उसी के बारे में बात करते हुए, अभिनेता ने कहा कि वह चाहते हैं कि लोग किसी भी कोविड से संबंधित सहायता के लिए उनके और उनकी टीम के पास पहुंचें।

दरअसल गुरमीत ने पहले कहा था कि वह लखनऊ तथा पटना में 1000 बेड का हॉस्पिटल स्थापित करना चाहते हैं क्योंकि भारत कोरोनोवायरस महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है।

गुरमीत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ये बातें सांझा की –

“मैं डॉ सैय्यद वजाहतली और टीम के सहयोग से नागपुर में एक समर्पित मेकशिफ्ट कोविड देखभाल अस्पताल के शुभारंभ की घोषणा करते हुए खुश हूं। आस्था कोविड हॉस्पिटल H.B टाउन, Pardi, नागपुर में स्थित है और Covid पीड़ितों के कल्याण के लिए काम करता है। मेरा मानना ​​है कि लोगों की मदद के लिए हमें और केंद्रों की आवश्यकता है”

बड़े तूफान से बूटीबोरी क्षेत्र में बिजली संयंत्र को नुकसान,कोविड हॉस्पिटल्स के लिए तुरंत बिजली बहाल की गई

नागपुर: बुटीबोरी क्षेत्र में सोमवार को तूफान के कारण बिजली आपूर्ति क्षेत्र बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।MSEDCL ने बड़े स्तर पर मरम्मत का काम शुरू किया है।क्षेत्र में ऑक्सीजन प्लांट एवम कोविड हॉस्पिटल को बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई और पीड़ितों को राहत मिली। अन्य क्षेत्रों में भी आपूर्ति तुरंत शुरू हुई। (ऑक्सीजन प्लांट और कोविड अस्पताल की बिजली आपूर्ति सुचारु है)

तूफान ने सोमवार शाम ग्रामीण इलाकों में भी तबाही मचाई।लॉकडाउन के कारण उपभोक्ता घर पर ही हैं। ऐसे में बिजली आपूर्ति को तुरंत बहाल करने की जरूरत है।बुटीबोरी डिवीजन के कार्यकारी अभियंता प्रफुल्ल लांडे ने क्षतिग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण किया। तूफान के थमने के एक-डेढ़ घंटे के भीतर, बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई और कोरोना मरीजों को राहत दी गई।

बुटीबोरी एमआईडीसी तथा ऑल इंडिया रेडियो सबस्टेशन में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई। दोनों बिजली सबस्टेशन क्षेत्र में औद्योगिक सम्पदा के साथ आवासीय ग्राहकों को बिजली की आपूर्ति करते हैं। 

हिंदुस्तान कंपनी के इंडोरामा गेट के पास एक बिजली लाइन पर एक पेड़ गिर गया था। यह पाया गया कि मोदी गोल्ड कंपनी और बुटीबोरी उद्यान के पास जम्पर टूट गया था। MSEDCL द्वारा तत्काल कार्रवाई किए जाने के कारण, रात 10 बजे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। तालघाट और बुटीबोरी शाखा कार्यालयों के तहत विभिन्न क्षेत्रों में बारह निम्न दबाव के पोल और 7 उच्च दबाव के पोल तूफान के कारण झुक गए। तत्काल उपाय किए गए और बिजली आपूर्ति बहाल की गई। इस तत्परता के लिए, ऊर्जा मंत्री डॉ नितिन राउत, BMA अध्यक्ष प्रदीप खंडेलवाल ने MSEDCL की प्रशंसा की है।

नागपुर की प्रसिद्ध दीक्षा भूमि में आज से प्रारंभ हुआ 30 बेड का कोविड केयर केंद्र

नागपुर की प्रसिद्ध देवभूमि में कोरोना पेशेंट्स के इलाज के लिए कोविड केयर सेंटर की स्थापना की गई है। आज से मरीजों के लिए कोविड केयर सेंटर शुरू होगया है।

इस कोविड केयर सेंटर का उदघाटन भंते सुरई ससाई ने किया था।नागपुर के जरूरतमंद एवम गरीब कोरोना पेशेंट्स के उपचार के लिए दीक्षाभूमि स्मारक समिति ने सराहनीय कदम आगे बढ़ाए है।

इसमें 15 बेड ऑक्सीजन के साथ तथा 15 साधारण बेड हैं।विशेष रूप से, हॉस्पिटल में ऑक्सीजन प्रणाली की तरह ऑक्सीजन बेड के लिए एक स्थायी केंद्रीय ऑक्सीजन प्रोसेस सिस्टम स्थापित किया गया  है।दीक्षाभूमि स्मारक समिति ने आज से दीक्षाभूमि क्षेत्र में यति निवास में 30 बेड का कोविड केयर सेंटर शुरू किया है।

पेटेंट्स के इलाज के लिए देखभाल केंद्र में 4 एमडी डॉक्टर और 3 नर्स 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।बताया जा रहा है समिति ने एक मई से इसके लिए तैयारी शुरू कर दी थी। कोविड केयर सेंटर पूरी तरह से निशुल्क है और मरीजों के इलाज का पूरा खर्च स्मारक समिति द्वारा वहन किया जाएगा।हालांकि, इसमें महंगी दवाएं शामिल नहीं होंगी।यहाँ हल्के लक्षणों वाले पेशंट्स का उपचार किया जाएगा और इसके साथ ही जिन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी के बाद ऑक्सीजन की आवश्यकता होगी, उन्हें भी यहाँ भर्ती किया जाएगा।

दीक्षाभूमि मेमोरियल कमेटी ने कहा है कि कोविड केयर सेंटर कोरोना की दूसरी लहर के बाद भी तीसरी लहर का सामना करने के लिए तैयार होगा।

प्यारे खान को शहर के लिए रोज़ 200 MT ऑक्सीजन परिवहन करने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई

नागपुर : जिला प्रशासन की मदद के बाद 400MT ऑक्सीजन का परिवहन शहर के गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स में अपने फंड द्वारा 85 लाख रुपये खर्च कर कोरोना संकट समाप्त होने तक विभिन्न स्थानों से शहर में ऑक्सीजन की सभी आपूर्ति लाने की जिम्मेदारी प्यारे खान को सौंपी गई है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जिले के लिए विशुद्ध रूप से 200 MT ऑक्सीजन खरीदने का आश्वासन दिया, यहां तक कि आवश्यकता अभी 166MT है ।यह फैसला गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शहर में कोरोनावायरस संकट की समीक्षा बैठक के दौरान लिया।

बैठक में शहर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करने वाले संभागीय आयुक्त संजीव कुमार, कलेक्टर रवींद्र ठाकरे, एनएमसी आयुक्त बी राधाकृष्णन और खान उपस्थित थे। वहां अभिभावक मंत्री नितिन राउत वस्तुतः बैठक में शामिल हुए । प्यारे खान अब विभिन्न स्थानों से ऑक्सीजन लाने, टैंकरों के लिए ड्राइवर उपलब्ध कराने एवम उनके रखरखाव तथा मेंटेनेंस का ध्यान रखने की पूरी योजना पर गौर करेंगे।

प्यारे खान ने कहा “पूरे परिवहन के बाद मेरे और 10-12 व्यक्तियों की मेरी टीम और प्रशासन द्वारा नहीं देखा जाएगा ।भिलाई प्लांट के अलावा रायपुर, विशाखापट्टनम, बेलारी, और राउरकेला से गैस लाने के लिए हमारे पास कुल 13 वाहन हैं।उनमें से, मैंने सात से आठ वाहन किराए पर लिए हैं और उनके मालिकों को लगभग रु1 करोड़ का किराया भी दिया है।बाकी राशि का भुगतान कलेक्टर द्वारा किया जाएगा, ” मंत्रियों ने रेमडेसीविर और ऑक्सीजन की आपूर्ति, अधिक सिलेंडर खरीदने और अन्य जरूरतों के लिए योजनाओं पर भी चर्चा की ।कुमार को रेमदेसीवीर वितरण एवं आपूर्ति में समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में स्थानीय कंपनियों द्वारा उत्पादित कोटे के अलावा भिलाई से 140एमटी ऑक्सीजन आ रही थी।उनके अनुसार यदि 200एमटी उपलब्ध कराया जाता तो निजी अस्पतालों से बढ़ी हुई मांग पूरी की जा सकती थी।राउत ने ट्रांसपोर्टरों को डिलीवरी होने पर तत्काल भुगतान स्पष्ट करने का निर्देश दिया।

नागपुर की डॉक्टर अपूर्वा ने कोविड पेशेंट्स की सेवा के लिए शादी भी करदी कैंसल ,जानिए पूरी कहानी

अपूर्वा मंगलगिरी एक महिला डॉक्टर है जो की नागपुर के सेंट्रल इंडिया कार्डिओलॉजी हॉस्पिटल में एक फिजिशियन के तौर पर काम कर रही हैं।दरअसल अपूर्वा की शादी 26 अप्रैल को शादी होने जा रही थी,लेकिन बाद में उन्होंने इसे संबंध तोड़ने का फैसला लिया।

उनकी फैमिली कोरोना काल में शादी नहीं करना चाहती थी, ऐसे में शादी की डेट को पोस्टपोन करने पर विचार चल रहा था।किंतु लड़के वालों की तरफ से इस प्रस्ताव को नहीं माना गया जिसके बाद अपूर्वा ने उस शादी को ना करने का फैसला कर लिया सिर्फ यही नहीं उन्होंने खुद को केवल कोविड मरीजों की सेवा में समर्पित कर दिया। 

अपूर्वा ने बताया है कि कोरोना से ही पिछले वर्ष सितंबर माह में उनके पिता की डेथ हो गई थी। उन्होंने उस मायूसी और दर्द को महसूस किया है जो कई कोविड पेशेंट्स और उनके परिवार वाले करते हैं। 

कोरोना की दूसरी लहर में भी उनके पास भी कई जरूरतमंदों के फोन आते रहते है, किसी न किसी तरह की हेल्प के लिए और इस तरह की बिगड़ती परिस्थितियों को देखते हुए ही इस महिला डॉक्टर ने अपनी शादी को छोड़ उन कोविड पेशेंट्स की सहायता करने की ठानी एवम अब इस सेवा को ही उन्होंने अपना धर्म मान लिया है।

इसके साथ ही अपूर्वा को इस बात का भी पता है कि कोरोना की दूसरी लहर में हॉस्पिटल्स में डॉक्टर तथा नर्सों की भारी कमी है, ऐसे में वे अपना हर पल सिर्फ कोविड पेशेंट्स की हेल्प करते हुए बिताना चाहती हैं।  उनका कहना था कि शादी तोड़ने का फैसला बहुत मुश्किल था, किंतु इस महिला डॉक्टर ने हिम्मत दिखाते हुए ये कदम उठाया और अपने परिवार को भी राजी कर लिया।

अब अपूर्वा की फैमिली को भी अपनी बेटी पर गर्व है। उन्हें भी इस बात की खुशी है कि उनकी बेटी इस कठिन वक्त में कई लोगों की सहायता कर रही है और अपना फर्ज निभा रही है।

एप्रिल पिक मे मध्ये कमी होत आहे, कोव्हीड रूग्णांच्या संख्येत घट

नागपूर: संपूर्ण जिल्ह्यात, कोरोना ची तीव्रता कमी होणे सुरू झाली आहे. एप्रिल महिन्यातला पिक मे मधे कमी होत आहे, ज्याने प्रशासन आणि आरोग्य विभागास काहिसा दिलासा भेटला आहे. पालक मंत्री नितीन राऊत यांच्या नेतृत्वाखाली मनपा आणि जिल्हा प्रशासनाचा संयुक्त प्रयत्न यशस्वी झाला आहे. मे पासून कोरोनाच्या संक्रमित लोकांचे संख्येत कमी, सुधार असलेल्यांची संख्या वाढत आहे. कोरोना च्या पहिल्या लाटे नंतर, अचानक संपूर्ण जिल्ह्यात दुसर्या लाटेच्या हल्ल्याने शहरास हादरवले. रुग्णसंख्या हजारोवर गेल्याने ऑक्सिजन तुटवडा, इंजेक्शनची तुटवडा, रुग्णालयात बेड मिळविणे कठीण होते. त्वरित व्यवस्थेमुळे रुग्णांना ऑक्सिजन, इंजेक्शन्स तात्काळ बेडांची संख्या वाढविणे वगैरे वर नियंत्रण मिळवले गेले. त्याच वेळी सरकारच्या सूचनांवर कठोर लॉकडाउन केले गेले परिणाम आता सकारात्मक लागला.

मृत्यूदर 20 टक्क्याने कमी: 2 मे पासून ही संख्या कमी होने सुरू झाले. 1 मे ला, जिल्ह्यात 6,576 पॉजिटिव होते आणि 99 मृत्यु होते त्यानंतर या आकृतीत घट झाली आहे. आता 7 मे 4,306 नवीन पॉजिटिव प्राप्त झाले आहेत आणि मृत्यूची संख्या 79 आहे. 1 मेपासून आता गणना केल्यास, दैनिक रुग्णांची संख्या 25 टक्क्यांनी कमी झाली आहे आणि मृतांची संख्या सुमारे 20 टक्क्यांनी कमी झाली आहे. आणखी सुधारणा अपेक्षित आहे.

थर्डवेव्हसाठी मास्टर प्लॅन: तज्ञ आता तिसऱ्या लाटेच्या आगमनाची चेतावणी देत आहेत. तीव्रतेवर मात करण्यासाठी, पालक मंत्री नितीन राऊत यांनी एक मास्टर प्लॅन तयार केला आहे. ऑक्सिजन पुरवठा, ऑक्सिजन कॉनसट्रेटर खरेदी वर अधिक जोर दिला आहे. त्यांनी मुख्यमंत्र्यांस हा प्लान पाठविल्याचे सांगितले आहे. लॉकडाउनचे नागरिक आणि व्यापार्यांकडून पालन सुरू झाले, म्हणून कोरोनावर नियंत्रणात काही प्रमाणात यश आले आहे. अद्याप लढा संपलेला नाही. राज्य सरकारने जारी केलेल्या मार्गदर्शक तत्त्वांचे पालन करण्याचे त्याने आवाहन केले आहे. राऊत स्वतः 15 दिवसांपासून शहरात राहून परिस्थितीवर लक्ष ठेवत होते. मेडिकल आणि मेयोमध्ये ऑक्सिजन प्लांटला प्राधान्य देण्यासाठी त्यांनी सूचना दिल्या आहेत. शहराच्या आणि जिल्ह्याच्या काही भागांमध्ये, कोव्हीिड केअर सेंटर सुरू करण्यात आले आहे, जेणेकरून रुग्णालयांचा भार कमी व्हावा, त्यांनी ग्रामीण भागातील नियंत्रणासाठी चाचणी आणि लसीकरण वाढविण्याची सूचना दिली आहे.

शहर में 61,000 नए वैक्सीन 18 वर्ष औरअधिक वालों को वैक्सीनेशन ,इन 5 केंद्रों पर लग रहे हैं

नागपुर: कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के साथ वैक्सीनेशन की गति भी तेज होती जा रही है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए जिले को 61,000 कोरोना वैक्सीन प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही, एक विशेष वायु सेना के विमान द्वारा ओडिशा राज्य के अंगुल में इस्पात संयंत्र से ऑक्सीजन के चार और टैंकर भेजे गए। ऐसी उम्मीद है की शुक्रवार शाम चार ऑक्सीजन टैंकर शहर में पहुंच जायेंगे। (नागपुर में 61 हजार वैक्सीन की आई है)

जिला कलेक्टर रवींद्र ठाकरे के अनुसार, 45,000 कोविशील्ड ​​और 16,000 कोवैक्सीन प्राप्त हुए हैं।16,000 कोवैक्सीन में से 18 साल के बच्चों को सावनेर, कामठी में ग्रामीण क्षेत्रों में एवम नागपुर के महल, छपरु स्कूल, मानेवाड़ा यूपीएचसी में वैक्सीन लगाया जाएगा। इसके अलावा जिले में 45 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को अन्य 45,000 टीकों के माध्यम से वैक्सीन लगाया जा रहा है।

जिले में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए, उड़ीसा राज्य से ऑक्सीजन आयात करने का निर्णय लिया गया है। कल, वायु सेना के एक स्पेशल विमान से चार टैंकर भेजे गए। गुरुवार को फिर से चार टैंकर भेजे गए। ओडिशा राज्य के भुवनेश्वर के पास अंगुल में एक स्टील प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति नागपुर में की जाएगी।

गुरुवार को जिले के लिए कुल 4,485 अवशेष उपचार उपलब्ध कराए गए। इसे 156 शहरी और 49 ग्रामीण सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल में डिस्ट्रीब्यूट किया गया था।

माज़ी उपमहापौर किशोर कुमेरिया ने किया क्षेत्र को सैनिटाइज और जनता से सावधानी रखने की अपील की

नागपुर: कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए कुछ राजनेता भी सतर्क हो गए हैं। इसके साथ ही वे अपनी ओर से जनता की ज़रूरी मदद भी कर रहे हैं। इस बीच शहर के पार्षद एवम नागपुर के पूर्व उपमहापौर रहे शिवसेना नेता किशोर कुमेरिया भी काफी सक्रिय है। कोरोना काल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 

किशोर कुमेरिया ने टैंकर से सैनिटाइजेशन अभियान की भी शुरुआत की है।उन्होंने यह शुरुआत प्रभाग क्रमांक 28 दक्षिण नागपुर से की है।यहां तक के उन्होंने खुद सैनिटाइजेशन टैंकर चला कर क्षेत्र को सैनिटाइज किया साथ ही जनता से सुरक्षित रहने और कोरोना से संबंधित सभी सावधानियां रखने की भी अपील  की ।

किशोर कुमेरिया ने अपने दोनो ही कार्यालयों को आम जनता की सहायता के लिए खोल दिया है। किशोर कुमेरिया के जनसंपर्क कार्यालय चिटनिस नगर में 45+ के लिए फ्री वैक्सीनेशन रजिस्ट्रशन का कार्य किया जा रहा है। साथ ही जनसंपर्क कार्यालय दिघोरी ओर चिटनिस नगर में आरटीसीपीआर एवम एंटीजन टेस्ट भी निशुल्क किए जा रहे हैं। ये सभी कार्य कोरोना गाइडलाइंस और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए किया जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों की इस तरह से भागीदारी जनता को जागरूक और प्रेरित करने के लिए बहुत ही अच्छी पहल है। उनका कहना है की नागपुर की कोरोना से इस लड़ाई में वो जनता की सहायता करने का हर संभव प्रयास करेंगे।

नागपुर की गोल्डन गर्ल “अल्फिया” के नाम हुआ सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज का खिताब

नागपुर : हाल ही में पोलैंड में हुई वर्ल्ड जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली नागपुर के अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाज अल्फिया पठान को एक और जबरदस्त उपलब्धि प्राप्त हुई है।अल्फिया को प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज के रूप में चुना गया है। (बॉक्सर अल्फिया पठान को चैम्पियनशिप में सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज के रूप में चुना गया)

दरअसल इंटरनेशनल एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन (आईबीए) ने टूर्नामेंट के 50 मुक्केबाजों में से सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज के रूप में चयन करने के लिए अपनी वेबसाइट के माध्यम से दुनिया भर के मुक्केबाजी प्रशंसकों से अपील की थी। इसके लिए विभिन्न मैचों के वीडियो लिंक भी पोस्ट किए गए थे।और नागपुर की ‘गोल्डन गर्ल’ अल्फिया को प्रशंसकों से सबसे ज्यादा लाइक और वोट मिले।

वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि नागपुर एवम महाराष्ट्र सहित पूरे देश के लिए यह गर्व की बात है, 18 वर्षीय अल्फिया को स्वर्ण पदक के बाद टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज के रूप में रखा गया। 

इसके साथ ही राज्य मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष जे केवली, उपाध्यक्ष सज्जाद हुसैन, सचिव राकेश तिवारी, नागपुर जिला संघ के अध्यक्ष मेयर दयाशंकर तिवारी, सचिव पोरस कोतवाल, सचिव अरुण बुटे, अल्फिया के स्थानीय कोच पुरोहित ने अल्फिया तथा साई के अंतरराष्ट्रीय कोच भास्कर भट को बधाई दी।

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