कौन है महाराष्ट्र पुलिस का नया कप्तान-हेमंत नगराले

सुबोध कुमार जायस्वाल की जगह महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक हेमंत नगराले बन गए है। उनके पास पदग्रहण करते ही पद का अतिरिक्त प्रभार है। पद के लिए कई बड़े नामों की चर्चा थी। हालांकि, महाविकास आघाड़ी सरकार में वरिष्ठ नेताओं ने नगराले के नाम का समर्थन किया। इसलिए हेमंत नगरले को लेकर उत्सुकता पैदा हो गई है।

कौन हैं हेमंत नगराले? मूल रूप से चंद्रपुर के निवासी, उन्होंने चंद्रपुर जिले के भद्रावती में जिला परिषद स्कूल में छठी कक्षा तक की शिक्षा पूरी की। फिर उन्होंने नागपुर के पटवर्धन हाई स्कूल में अध्ययन किया। नगराले एक मेकेनिकल इंजीनियर है जिसके पास वित्त प्रबंधन में मास्टर डिग्री है। 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी नगराले वर्तमान में महानिदेशक (कानून और तकनीकी) हैं। इसके अलावा, उन्हें महानिदेशक के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वह अगले 19 महीनों तक महानिदेशक के पद पर बने रह सकते हैं।

नगराले ने राज्य के कई जिलों के साथ-साथ दिल्ली में भी IPS अधिकारी के रूप में कार्य किया है। उन्हें अपनी पहली पोस्टिंग चंद्रपुर जिले के राजुरा के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में मिली। 1992 से 1994 तक, वह सोलापुर में पुलिस उपायुक्त थे। उन्होंने सोलापुर जिले में एक नया आयुक्तालय शुरू करने के लिए कई प्रयास किए थे। 1992 के दंगों के बाद, उन्होंने सोलापुर में कानून और व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह से संभाला था। जिसके लिए उनकी काफी प्रशंसा की गई।

जब वे रत्नागिरी जिला पुलिस अधीक्षक थे, तब उन्होंने 1994 से 1996 तक दाभोल ऊर्जा कंपनी से संबंधित भूमि अधिग्रहण मामले को संभाला। 1996 से 1998 तक, पुलिस अधीक्षक, सीआईडी और अपराध शाखा में विभिन्न पदों पर रहते हुए, उन्होंने राज्यव्यापी एमपीएससी पेपर लीक मामले की जांच की थी।‌‌

नगराले ने कुख्यात अंजनाबाई गावित के खिलाफ मामले की भी जांच की, जिसने बच्चों का अपहरण और हत्या की थीं। गावित को बाद में सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। 1998 से 2002 तक नगराले मुंबई और दिल्ली में सीबीआई के लिए भी कार्य किया। सीबीआई की सेवा में रहते हुए, उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया केतन पारेख घोटाले, माधोपुरा सहकारी बैंक घोटाले, हर्षद मेहता घोटाले जैसे कई मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिकाए निभाई। तेलगी स्टांप घोटाले में उनकी सावधानीपूर्वक जांच की सराहना की गई थी।

बैंक ऑफ बड़ौदा डकैती मामला: 2016 में, नगराले नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त थे। उस समय, बैंक ऑफ बड़ौदा में डकैती का मामला प्रसिद्ध था। इस डकैती की पूरे देश में चर्चा हुई थी। नगराले के नेतृत्व में एक टीम ने केवल दो दिनों में इस मामले को उजागर किया था। सरकार ने पॉप गायक जस्टिन बीबर कार्यक्रम के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी इनकी प्रशंसा की। वह उन पुलिस अधिकारियों पर नकेल कसने की प्रतिष्ठा रखते हैं जो अपना कर्तव्य निभाने में कोताही बरतते हैं।

निलंबित होना पड़ा: नगराले को 2018 में निलंबित कर दिया गया था जब वह नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त थे। नगराले ने कर्ज वसूली मामले में रायगढ़ जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष और निदेशकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। इनमें शेतकरी कामगार पक्ष के विधायक जयंत पाटिल भी थे। विधान परिषद के अध्यक्ष के अनुमोदन के बिना किसी भी विधायक के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करना नियम है। नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में नगराले के साथ पुलिस उपायुक्त तुषार जोशी को निलंबित कर दिया गया था।

सम्मान और पदक: हेमंत नगराले को पुलिस बल में उत्कृष्ट कार्य के लिए कई सम्मान मिले हैं। नगराले को राष्ट्रपति पुलिस पदक, विशेष सेवा पदक और आंतरिक सुरक्षा पदक से सम्मानित किया गया है।‌‌

कोरोना संकट में अब बर्ड फ्लू का भी जोखिम

इधर कोरोना संकट अभी खत्म भी नहीं हुआ है, वहीं नया साल आते ही देश के पांच राज्य बर्ड फ्लू के संकट में हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और केरल में बर्ड फ़्लू का ख़तरा बढ़ गया है। बिहार, झारखंड और उत्तराखंड की राज्य सरकारों ने अलर्ट जारी किया है। एहतियात के तौर पर, हिमाचल प्रदेश में मछली, मुर्गी और अंडे की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इस बीच, 425 से अधिक कौवे, बगुले और अन्य पक्षी मर गए हैं। झालावाड़ के पक्षियों को नमूना लेने के लिए भोपाल में राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु चिकित्सा संस्थान भेजा गया है। अन्य जिलों से परीक्षण रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।

पिछले साल जनवरी के अंत तक, एक लाख से अधिक पक्षी यहां आए थे। इस साल 50 साल में सबसे कम पक्षी आए हैं। अधिकारियों ने कहा कि बर्ड फ्लू के निर्देशों के अनुसार मृत पक्षियों का निस्तारण किया गया। केरल में स्थिति नियंत्रण में होने पर भी हाई अलर्ट जारी किया गया। 2016 में भी केरल बर्ड फ्लू की चपेट में आया था।

हिमाचल प्रदेश के पौंग बांध जिले में घाटी के अभयारण्य में अब तक 1800 प्रवासी पक्षी मृत पाए गए हैं। मृत पक्षी नमूनों के परीक्षण से निष्कर्ष निकाला गया कि वे सब बर्ड फ्लू से मर गए।‌‌

नागपुर के मेयर और डिप्टी मेयर पद पर भाजपा के उच्च शिक्षित उम्मीदवारों की जीत

नागपुर:- नागपुर के मेयर संदीप जोशी और डिप्टी मेयर मनीषा कोठे ने अपना 13 महीने का कार्यकाल पूरा करने के बाद इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद, मंगलवार, 5 जनवरी, 2021को नागपुर के मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए एक नया चुनाव हुआ। बीजेपी ने दोनों चुनाव जीते। खास बात यह है कि दोनों पदों पर नियुक्त नए सदस्यों ने एमए के साथ-साथ करियर के लिए आगे की पढ़ाई भी की है।

नागपुर नगर निगम के 2017 के चुनावों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला। इस कारण से, भाजपा ने पार्टी के अधिकतम नेताओं को अवसर देने के लिए एक सीमित अवधि के लिए विभिन्न सदस्यों को मेयर और डिप्टी मेयर के पद देने का एक अभिनव प्रयोग किया। खास बात यह है कि सत्तारूढ़ भाजपा ने हर बार मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव आराम से जीते।

भाजपा के दयाशंकर तिवारी ने मेयर का चुनाव जीता, जिसमें भाजपा के 151 सदस्यों के 107 वोट मिले। साथ ही डिप्टी मेयर पद के लिए भाजपा की मनीषा धावड़े ने चुनाव जीता। उन्हें भाजपा के 151 सदस्यों में से 107 के वोट भी मिले। दयाशंकर तिवारी 13 महीने के लिए नागपुर महानगर पालिका के मेयर होंगे। साथ ही, मनीषा धावड़े भी अगले 13 महीने के लिए डिप्टी मेयर होंगी।‌‌

मेयर दयाशंकर तिवारी ने इतिहास विषय में एमए और पत्रकारिता की डिग्री हासिल की है। वह 1997 से 2002, 2002 से 2007, 2012 से 2017 और 2017 से अब तक निगम के सदस्य के रूप में सेवारत रहे हैं। वह सन 2012-13 मे स्थायी समिति के अध्यक्ष थे।

उप महापौर मनीषा धावड़े शिक्षिका हैं। निगम की राजनीति में प्रवेश करने से पहले, वह निजी ट्यूशन कक्षाएं चला रही थीं। मनीषा धावड़े धावडे परिवार में छठी कॉर्पोरेटर हैं। इससे पहले अनिल धावडे, विमल धावडे, प्रभाकर धावडे, सिंधु धावडे और शंकर धावड़े ने नगरसेवक के रूप में अच्छा काम किया है। मनीषा धावडे ने इतिहास और मराठी में एमए और बी.एड. किया है

कोरोना संकट के कारण आज नागपुर के मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए ऑनलाइन चुनाव हुए। चुनाव से पहले, कांग्रेस के मनोज गावंडे ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली, जिससे मेयर पद के लिए भाजपा के दयाशंकर तिवारी और कांग्रेस के रमेश पुनेकर के बीच सीधी लड़ाई थी। इस चुनाव में, भाजपा के दयाशंकर तिवारी ने 151 में से 107 वोट प्राप्त करके शानदार जीत दर्ज की। कांग्रेस के रमेश पुनेकर को 27 वोट मिले। बसपा के नरेंद्र वालदे को 10 वोट मिले। 5 सदस्यों ने मतदान नहीं किया।‌‌

चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से 45 मिनट पहले सभी सदस्यों को ई-मेल से वोट डालने के लिए एक लिंक भेजा गया था। मतदान शुरू होने से 15 मिनट पहले सभी सदस्यों को उपस्थिती दिखाने के लिए कहा गया था। पीठासीन अधिकारी सदस्यों के नाम के बाद पसंदीदा उम्मीदवार के समर्थन में अपना वोट हाथ उठाकर डालना था। वीडियो कॉन्फ्रेंस विधि से मतदान प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों ने सब दर्ज कर परिणामों की घोषणा की।

डिप्टी मेयर पद के लिए वोटिंग भी मेयर पद की तरह ही ऑनलाइन हुई। बीजेपी की मनीषा धावड़े ने 151 में से 107 वोटों के साथ चुनाव जीता। कांग्रेस की रश्मि धुर्वे को 26 और बसपा की वैशाली नारनवरे को 10 वोट मिले। 5 सदस्यों ने मतदान नहीं किया।‌‌

नाना पटोले बनेंगे नए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष?

नागपुर:- कांग्रेसके महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात के इस्तीफे की खबरें मीडिया में घूमने लगी हैं और तुरंत चर्चाएं जोरों पर है कि नया प्रदेश अध्यक्ष कौन बनने वाला है। और इसके कुछ समय बाद, चर्चा मे विधान सभा के अध्यक्ष नाना पटोले के नाम पर अटकलें चल पडी।

इस बारे में पूछे जाने पर नाना पटोले ने कहा, “मैंने पार्टी से कुछ भी नहीं मांगने का फैसला किया है।” इसलिए मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता कि मैं प्रदेश अध्यक्ष रहूंगा या नहीं। लेकिन अगर पार्टी वह जिम्मेदारी देती है, तो मैं इसे जरूर पूरा करूंगा, जब उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष का पद दिया गया था, तब कहा गया था कि वह राज्य अध्यक्ष बनने के इच्छुक थे। लेकिन जब से पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी दी है, वे विधानसभा अध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं।

पार्टी ने दी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने की पूरी कोशिश कर रहे है। इसलिए ही पिछले एक साल में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और सभी मीडिया द्वारा उनकी कामकाज को सराहा गया है। पहले सरकार के प्रदर्शन पर एक वर्ष के लिए मीडिया द्वारा समीक्षा होती थी। इस समय, पहली बार विधानसभा अध्यक्ष के काम को मीडिया ने दिखाया है। श्री पटोले ने कहा कि लोगों के लाभ के लिए पार्टी द्वारा दिए गए पद का उपयोग करना एक कौशल है और वे ऐसा ही कर रहे हैं।‌‌

पटोले ने कहा कि कर्नाटक में ऐजो हुआ, वह महाराष्ट्र में नहीं होना चाहिए। अगर कुछ भी गलत हुआ, तो अध्यक्ष शासन संभाल सकते हैं। इसलिए मुझे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की जगह विधान सभा का अध्यक्ष बनाया था। यदि विधानसभा को सक्षम रूप से संभाला जाता है, तो राज्य सुचारू रूप से चलेगा, यह इतिहास है। आज हम नागपुर में विधान सभा का कार्यालय हमेशा के लिए शुरू कर रहे हैं। यह इतिहास में दर्ज रहेगा और यह विदर्भ के लिए महत्वपूर्ण बात है। क्योंकि पिछले कई सालों में, विदर्भ के लिए किसी ने भी यह काम नहीं किया है और किसी ने भी इसके बारे में नहीं सोचा है।

अवधारणा को गलत ठहराया: मुझे कुछ मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा पद ग्रहण करते समय बताया गया था कि विधान सभा के अध्यक्ष का पद सेवानिवृत्ति वाला है। लेकिन मेरी यह शुरुआत थी। इसलिए रिटायरमेंट का कोई सवाल ही नहीं है ‘, नाना पटोले ने उस समय यह जवाब दिया था। शुरुआत ऊर्जावान है और पटोले ने इसे आज तक अपनी कार्य शैली के माध्यम से दिखाया है। नाना पटोले ने इस अवधारणा का खंडन किया कि लोगों के लाभ के लिए पद का उपयोग कैसे किया जाए। इसलिए, अगर राज्य की अध्यक्षता भी उन्हें सौंपी जाती है, तो पार्टी भी समृद्ध ही होगी।‌‌

‘११२’ सिंगल इमर्जन्सी हेल्पलाईन सेवा महाराष्ट्रातील पाच शहरांमध्ये सुरू

नागपूर: परदेशांप्रमाणेच लवकरच आपत्कालीन सेवाही एकाच व्यासपीठावर राज्यात उपलब्ध होतील. यापूर्वी पोलिसांची मदत घेण्यासाठी १००, रुग्णवाहिकेसाठी १०१ आणि अग्निशमन विभागासाठी १०१ डायल करायची गरज होती. परंतु आता राज्य सरकार आपत्कालीन सेवा एकाच क्रमांकावर उपलब्ध करुन देणार आहे. सर्वच सेवांसाठी ११२ हा सार्वत्रिक क्रमांक असेल. महाराष्ट्र आपत्कालीन प्रतिसाद प्रणाली प्रकल्प लवकरच सुरू होणार आहे.

त्याअंतर्गत राज्य पोलिस, अग्निशमन दल आणि रुग्णवाहिका सेवा सर्व एकाच क्रमांकावर उपलब्ध असतील. या प्रकल्पाचे काम जवळजवळ पूर्ण झाले असून या महिन्यात ११२ चे उद्घाटन होऊ शकेल. या प्रकल्पाची जबाबदारी महिंद्रा डिफेन्स सिस्टम्स लिमिटेडकडे देण्यात आली. सर्व पायाभूत सुविधा महिंद्राने तयार केली आहे.

नागपुरात दुसरे संचार केंद्र: या प्रकल्पांतर्गत 2 संपर्क केंद्रे तयार केली गेली आहेत. एक केंद्र नवी मुंबईत, तर दुसरे केंद्र नागपुरात असेल. सुरक्षेच्या दृष्टीने, 2 केंद्रे बांधली गेली आहेत. एखाद्या केंद्राचे कामात आपत्तीच्या वेळी अडथळा आणल्यास संपूर्ण काम दुसर्‍या केंद्राकडून केले जाईल. मुंबईत 14 जिल्ह्यांचा समावेश करण्यात आला आहे. तर 8 जिल्हे नागपूरला जोडत आहेत. 2-3 जिल्ह्यांचे काम अद्याप बाकी आहे, पण हे कामही येत्या १ आठवड्यात पूर्ण होईल.

70 टक्के कॉल मुंबई केंद्रातच जातील, तर उर्वरित कॉल नागपुर केंद्राशी जोडले जातील. नागपूरचे संपर्क केंद्र लकडगंज पोलिस स्टेशनच्या इमारतीत असेल. या केंद्रात 50 लोक काम करतील, ज्यांना प्रशिक्षणही देण्यात आले आहे. या संपर्क केंद्रातून सर्व जिल्ह्यातील पोलिस आयुक्तालय व अधीक्षकांना माहिती देण्यात येणार आहे.

पोलिसांना पिन पॉइंट लोकेशन मिळेल: संप्रेषण केंद्रात, कॉल प्राप्त करणारे कर्मचारी सिस्टममध्ये डेटा लोड करतील आणि शहर आणि ग्रामीण पोलिसांना क्लिक करताच माहिती मिळेल. सर्व जिल्ह्यातील कंट्रोल रूममध्ये तैनात असलेल्या पोलिस कर्मचार्‍यांनाही यासाठी प्रशिक्षण दिले जात आहे. त्याचे काम नागपूर शहरातील कमांड अँड कंट्रोल सेंटरमध्ये असेल. येथे 15 कर्मचारी 24×7 तैनात असतील.

संप्रेषण केंद्रावरून पाठविलेली माहिती नियंत्रण कक्षाच्या स्क्रीनवर प्रदर्शित केली जाईल. यामध्ये मदत शोधणार्‍या व्यक्तीची संख्या आणि स्थान दोन्ही दिसेल. मोबाइलच्या जीपीएसच्या आधारे पोलिसांना पिन पॉईंट लोकेशन मिळेल. ज्यामुळे पोलिसांचा प्रतिसादाचा वेळही कमी होणार आहे.

सर्व काही असेल हायटेक: डिजिटल इंडियाची संकल्पना लक्षात घेऊन हा हायटेक प्रकल्प तयार करण्यात आला आहे. ज्यामध्ये सर्व काही हायटेक असेल. यापूर्वी मदत घेणा-या व्यक्तीची माहिती नियंत्रण कक्षात फोन करून मॅन्युअली घेण्यात यायची. यानंतर सर्व तपशील संबंधित पोलिस ठाण्याच्या पेट्रोलिंग पार्टीला देण्यात यायचा. यानंतरच मदत पथक निघायचे. पण आता असं होणार नाही. ही प्रणाली पूर्णपणे हायटेक आहे. कंट्रोल रूममध्ये बसलेले डिस्पेचर्स सिस्टममध्ये डेटा फीड करतील आणि जवळच्या पेट्रोलिंग पोलिस कर्मचा-यास त्याच्या टॅबवर सर्व माहिती मिळेल.

जीपीएसच्या माध्यमातून पोलिस थेट कॉलरपर्यंत पोहोचतील: पोलिस आणि अग्निशमन विभागाच्या सर्व वाहनांमध्ये टॅब लावण्यात येतील. या प्रकल्पासाठी राज्य सरकारने नवीन दुचाकी आणि चारचाकी वाहनेही खरेदी केली. जुन्या वाहनांमध्ये टॅबसुद्धा असतील. सर्व पोलिस ठाण्यांच्या गस्त पथके आणि बीट मार्शल यांनाही या यंत्रणेची माहिती व प्रशिक्षण दिले जाईल.

या महिन्यात उद्घाटन संभव: देशभरात राबविल्या जाणा-या या प्रकल्पाला सन २०१७ मध्ये महाराष्ट्रात मान्यता देण्यात आली होती, परंतु राजकीय फेरबदलामुळे हा प्रकल्प रखडला होता. प्रकल्पाचे काम त्याच वेळी सुरू करण्यात आले होते, परंतु गेल्या काही महिन्यांत यास गती मिळाली आहे. असे म्हणतात की गृहमंत्री अनिल देशमुख यांनी या महिन्यात प्रकल्प सुरू करण्यासाठी अल्टिमेटम दिला आहे. म्हणूनच उर्वरित काम युद्धपातळीवर हाताळले जात आहे. असा विश्वास आहे की या महिन्यातच एमईआरएसचे उद्घाटन होईल.

आज तलावनजीक रस्ते आणि उड्डाणपूलावर वाहतूक बंद, अशांतता पसरविणा-यांची खैर नाही

नागपूर:- कोरोना विषाणूच्या सावटाखाली नवीन वर्षाच्या आदल्या दिवशी, 31 डिसेंबरच्या रात्री धिंगाना घालणा-यांवर कडक कारवाई करण्याचा इशारा पोलिस खात्याने दिला आहे. यावर्षी शहरात नववर्षाच्या उत्सवावर बंदी घालण्यात आली आहे. रात्रीचा कर्फ्यू लावण्यात आला आहे. शहर पोलिस आयुक्त अमितेश कुमार यांनी सुरक्षा व्यवस्थेचा आढावा घेतला. त्यांनी कर्मचार्‍यांना सर्व रस्त्यांवर लक्ष ठेवण्याची सूचना केली आहे. नवीन वर्ष पाहता पोलिस प्रशासनाने नाकाबंदी व पेट्रोलिंग सुरू केली आहे. रात्री 11 नंतर कोणालाही रस्त्यावर फिरण्याची परवानगी दिली जाणार नाही.

गुरुवारी रात्रीपासून शहरात सुमारे 4500 पोलिस कर्मचा-यांचा बंदोबस्त ठेवण्यात येणार आहे. प्रत्येक एसएचओने आपल्या पोलीस स्टेशन परिसरात एक विशेष पथक तयार केले आहे. चार्ली कमांडो रात्रभर सिटी स्ट्रीटवर पेट्रोलिंग करतील. महिला पोलिस अधिका-यांचाही आराखडा तयार करण्यात आला आहे. शहरातील महिलांच्या सुरक्षेसाठी साध्या वेशात पोलीस तैनात केले जाईल. शहरातील अपघात रोखण्यासाठी वाहतूक पोलिस विभागाला विशेष सूचना देण्यात आल्या आहेत. वाहन चालकांना दारूसेवन पश्चात वाहन न चालवण्यास सांगण्यात आले आहे.

येथे प्रवेशबंदी: ५ हून अधिक लोक जमल्यास पोलिस कारवाई केली जाईल. शहरातील उद्याने, तलाव, सार्वजनिक ठिकाणे आणि उड्डाण पूल, ई वर प्रवेश करण्यास बंदी आहे. या ठिकाणी आढळल्यास पोलिस कायदेशीर कारवाई करतील. लोकांना गर्दी करू नका असे म्हटले गेले आहे. सार्वजनिक ठिकाणी उत्सव साजरा करू नये अशा सूचना आहेत. नागरिकांनी घरी राहूनच नवीन वर्ष साजरे करण्याची विनंती केली आहे.

दंगल प्रतिबंध पथक सज्ज: शहर पोलिस विभागाचे अतिरिक्त पोलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी यांच्या म्हणण्यानुसार शहरातील सर्व गर्दी असलेल्या भागांमध्ये, फुटाळा तलाव आणि उडानपूल येथे 31 डिसेंबर रोजी रात्री 11 नंतर वाहतुकीला बंदी घालण्यात आली आहे. रेड्डी म्हणाले की, नवीन वर्षासाठी नागपुरातील नागरिक मोठ्या संख्येने घराबाहेर जातात. रेड्डी यांनी घरीच नवीन वर्ष साजरे करण्याचे आवाहन केले आहे. बंदोबस्तामध्ये 200 पोलिस अधिकारी, 4500 पोलिस कर्मचारी तैनात असतील. यात गुन्हे शाखा पोलिस दल, विशेष शाखा पोलिस आणि वाहतूक पोलिस विभागातील अधिकारी, कर्मचारी यांचा समावेश आहे. दंगल विरोधी पथकाला सतर्क राहण्याचे आदेश देण्यात आले आहेत.

अशी आहे योजना: बंदोबस्तामध्ये एकूण ४३०० अधिकारी व कर्मचारी असतील. ७५ ठिकाणी नाकाबंदी असेल. १०० फिक्स पॉइंट्स, १०० पेट्रोलिंग वाहने, १५० बीट मार्शल, गुन्हे शाखेचे १२ पथक आणि बॉम्ब शोधक पथकही कार्यरत राहणार आहेत.

हिंगणा एमआयडीसी मधील स्पेसवूड कंपनीला मोठी आग

नागपुरातील हिंगणा औद्योगीक वसाहतीत मध्ये असलेल्या एका फर्निचर कंपनीला दुपारी साडे चार च्या सुमारास मोठी आग लागली आहे. स्पेसवूड नामक ही कंपनी आहे. आज सायंकाळच्या सुमारास साडे चार वाजता अचानक मोठी आग लागल्याने एकच गोंधळ उडाला. आगीवर नियंत्रण मिळविण्यासाठी नागपुर महापालिकेचे अग्निशमन दलाच्या पथकांनी पाण्याचा जोरदार मारा सुरू केला आहे. आगीनं रौद्र रूप धारण केल्याने लांब अंतरावरूनही आगीचे आणि धुराचे लोट दिसतायेत. आगीच्या घटनेनंतर तुर्तास तरी कोणत्याही जिवित हानीची अद्याप तरी महिती नाही. ज्या कंपनीत आग लागली त्या कंपनीत लाकुड मोठ्या प्रमाणात असल्याने आग अतिशय वेगाने पसरली आहे.

आग विझविण्याचे प्रयत्न युध्दस्तरावर सुरू आहे. अग्निशमन दलाचे जवान शर्थीचे प्रयत्न सुरू आहेत. ही आग स्पेसवूड कंपनी पुरती मर्यादीत ठेवण्यात अग्निशमन दलाच्या जवानांना यश आलं आहे. स्पेसवूड कंपनीच्या अवतीभवती ही आग पसरली नाही. सुमारे दिड तासापासून अग्निशमन दलाच्या कर्मचार्‍यांचे आग विझवण्यासाठी प्रयत्न सुरू आहेत.

आजपासून होईल महाराजबाग प्राणीसंग्रहालय सुरू: जिल्हाधिका-यांनी दिले आदेश

नागपूर: कोरोनाच्या संकटामुळे लॉकडाऊनमुळे महाराजबाग प्राणिसंग्रहालय आणि उद्यान मार्चपासून बंद होते. काही महिने परिस्थिती ठीक राहिली असली तरी, गेल्या 2 महिन्यांपासून दैनंदिन वेतन मिळणा-यांचा पगार रोखण्यात आला होता. याचे मुख्य कारण म्हणजे महाराजबागचे दरमहा प्रेक्षकांकडून मिळणारे उत्पन्न.

यासंदर्भात दोन महिन्यांपूर्वी महाराजबाग प्रशासनाच्या वतीने जिल्हा दंडाधिका-यांना प्राणिसंग्रहालय सुरू करण्यास मान्यता देण्याचे पत्र पाठविण्यात आले होते. परंतु आतापर्यंत हे प्रकरण प्रलंबित होते. शनिवारी जिल्हा दंडाधिकारी कार्यालयाने आर्थिक परिस्थिती लक्षात घेता एक पत्र जारी करून महाराजबाग उघडण्यास मान्यता दिली.

कार्यालय बंद असल्याने व ऑर्डरला उशीर झाल्याने शनिवारी संग्रहालय सुरू होऊ शकले नाही, परंतु आता रविवारपासून प्रेक्षकांसाठी महाराजबाग खुले होणार आहे. गेल्या 9 महिन्यांपासून बंद असलेले हे दालन उघडले जाईल, परंतु कोविड काळातील सर्व नियम तेथे पाळावे लागतील. पर्यटनासंदर्भात शासनाच्या वतीने जारी करण्यात आलेल्या एसओपीचे पालन करावे लागेल. प्रवेशद्वारावर, सर्वांचे तापमान थर्मामीटर गनद्वारे घेतले जाईल. तसेच ऑक्सिजन पातळी देखील तपासली जाईल. प्रशासनाला सॅनिटायझरचीही व्यवस्था करावी लागेल. प्राणीसंग्रहालयात सामाजिक अंतराचे पालन करणे अनिवार्य असेल.

मुलांना प्रवेश मिळणार नाही: महाराजबाग हे मुलांच्या आकर्षणाचे केंद्र आहे. प्राणीसंग्रहालयात वन्यजीव पाहण्यास मुलांना विशेष आकर्षण असते. बागेत असणारे झुले आणि घसरण पट्टीवर मुलं धमाल मजा करतात, परंतु जिल्हा दंडाधिका-यांनी काढलेल्या आदेशानुसार 10 वर्षांखालील आणि 65 वर्षांपेक्षा कमी वयाच्या लोकांना प्रवेश दिला जाणार नाही. म्हणजेच, जे सहकुटुंब येतील त्यांचे पदरी निराशा पडणार आहे.

परदेशी प्रवाश्यांसाठी व्हीएनआयटीत विलगीकरण केंद्रः पहिल्याच दिवशी 2 संशयित सौदीहून

नागपूर: कोरोनाच्या नव्या स्ट्रेननंतर केंद्र सरकारने जारी केलेल्या नवीन मार्गदर्शक सूचनांनुसार 25 नोव्हेंबर ते 23 डिसेंबर या कालावधीत परदेशातून येणा-या सर्व प्रवाशांची माहिती काढून त्यांची तपासणी सक्तीचे करण्यात आले आहे. दरम्यान, मनपा प्रशासनाने पुन्हा व्हीएनआयटी कोविड सेंटरचे विलगीकरण केंद्रात रूपांतर केले आहे. आता परदेशातून येणार्‍या प्रवाशांना या केंद्रात ठेवण्यात येणार आहे. शनिवारी दुबईहून परत आलेल्या 2 तरुणांना केंद्रात आणले गेले. दोघेही दिल्लीमार्गे नागपूर विमानतळावर पोहोचले. आता 7 दिवसांनी त्यांची तपासणी केली जाईल.

मनपाने व्हीएनआयटीशिवाय काही हॉटेल्समध्ये क्वारंटाईन सेंटरही बनवले आहे. शासन पातळीवर व्हीएनआयटीची सेवा दिली जाईल. सरकारने जारी केलेल्या मार्गदर्शक मार्गांनुसार पॉजिटिव्ह अहवाल असणा-या प्रवाशांना रुग्णालय विलगीकरणात ठेवले जाईल. त्यांची आरटीपीसीआर तपासणी 14 व्या दिवशी डिस्चार्जच्या वेळी बंधनकारक करण्यात आला आहे. जर ते 14 व्या दिवशी पुन्हा पॉजिटिव असतील तर 24 तासांच्या आत दोन नमुने निगेटिव झाल्याशिवाय त्यांना सोडण्यात येणार नाही. व्हीएनआयटीमध्ये ठेवलेले दोन्ही तरुण दुबईहून आले आहेत. हे दोघेही मंगळवारी, सदर आणि नारी रोड येथील तरुण आहेत. त्याचबरोबर हॉटेलमध्ये अन्य 2 प्रवाश्यांना ठेवण्यात आले आहे.

पाचपावली मधे कोविड सेंटर: आता मनपा कडून कोविड सेंटर म्हणून पाचपावली यथास्थितित ठेवले गेले आहे. तर पॉजिटिव प्रवाश्यांना थेट मेडिकलमध्ये पाठवले जाईल. मेडिकलमध्ये परदेशातून येणा-यांना वेगळे ठेवले जात आहे. या पॉजिटिव रूग्णांना आधीच दाखल झालेल्या रूग्णांशी संपर्क साधू नये अशा सूचना देण्यात आल्या आहेत. दरम्यान, अशी माहिती मिळाली की 25 नोव्हेंबर ते 23 डिसेंबरदरम्यान परदेशातून एकूण दीडशे प्रवासी नागपुरात आले आहेत.

हे सर्व जिल्ह्यातील रहिवासी आहेत. या सर्वांची यादी मनपाला देण्यात आली आहे. आता मनपाकडून या लोकांची माहिती गोळा केली जात आहे. तसेच त्यांच्या संपर्कात येणार्‍या लोकांचा शोधही घेण्यात येत आहे. यातून कोणीही पॉजिटिव आढळल्यास त्यांच्या संपर्कात येणा-या 20 जणांची तपासणी करावी लागेल. तसेच, इतर लोकांचा पाठपुरावा करणे देखील अनिवार्य आहे.

विमानतळावरील सज्जतेचा आयुक्तांकडून आढावा: दौ-यादरम्यान दिल्या आवश्यक सुचना

नागपूर, : नागपूर विमानतळावर येणारे प्रवाशांपैकी ज्यांनी मागील ४ आठवडयात परदेश प्रवास केला आहे अश्या प्रवाशांची तपासणी करून त्यांना विलगीकरणात पाठविण्याचे शासनाचे आदेश असल्याच्या पार्श्वभूमीवर नागपूर महानगरपालिकेचे आयुक्त राधाकृष्णन बी. यांनी गुरुवारी (ता. २४) विमानतळावर जाऊन तेथील व्यवस्थेची पाहणी केली. संबंधित अधिकाऱ्यांना आवश्यक त्या सूचनाही केल्या.
यावेळी त्यांच्यासोबत अतिरिक्त आयुक्त जलज शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त संजय निपाणे, पब्लिक हेल्थ इंस्टिट्यूचे डॉ. संजय चिलकर, मिहान विमानतळाचे संचालक आबीद रुही, टर्मिनल मॅनेजर अमित कासटवार उपस्थित होते.
विमानाने परदेशातून येणाऱ्या नागरिकांची तपासणी करून त्यांना विलगीकरणात पाठविण्याचे शासनाचे निर्देश आहेत. त्या अनुषंगाने विमानतळावर त्यांच्या तपासणीची व्यवस्था, सोशल डिस्टंसिंगचे पालन कशा प्रकारे करण्यात येते, त्यावर नियंत्रण कसे आहे, याबाबत त्यांनी आढावा घेतला. यासोबतच प्रशासनाने परदेशातून येणाऱ्या प्रवाशांसाठी हॉटेलमध्ये विलगीकरणाची व्यवस्था करण्यात आली आहे. ज्यांनी हॉटेलमध्ये त्यांच्यासाठी व्हीएनआयटी येथे विलगीकरणाची व्यवस्था आहे. या दोन्ही व्यवस्थेचा मनपा आयुक्तांनी आढावा घेतला. विलगीकरणात जाणाऱ्या प्रवाशांसाठी विमानतळावरून दोन बसेसची व्यवस्थाही प्रशासनातर्फे करण्यात आल्याची माहिती संबंधित अधिकाऱ्यांनी दिली.
या व्यवस्थेच्या अनुषंगाने आयुक्त राधाकृष्णन बी. यांनी संबंधितांना आवश्यक त्या सूचना दिल्या.

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