अजनी पूल बांधकाम होऊनही उद्घाटनासाठीच बंद, तो तातडीने सुरू करा: करणी सेना

नागपूर:- अजनी पूल बांधकाम होऊनही उद्घाटनासाठीच बंद ठेवलेला आहे, तो तातडीने सुरु करावा व नागरिकांची होणारी गैरसोय दुर करावी अशी मागणी करणी सेना कार्यकर्तानी आज केली. करणी सेनेच्या पदाधिकारी व कार्यकर्त्यांसहित पूलाच्या कामांचा आढावा घेतला, त्यावेळी अनेक कार्यकर्ते उपस्थित होते.

करनी सेना जिल्हा प्रमुख पंजू तोतवानी यांनी सांगितले की आज आम्ही सर्व मिळून या मार्गाचे अवलोकन केले, फोनवर काहि अधिकारी काम पुर्ण झाल्याचे सांगतात तर काही अधिकारी ते थोडे बाकी असल्याचे सांगतात यामुळे निश्चित परिस्थिति काय हे जाणून घेण्यास्तव आम्ही आजचा हा दौरा केला यात काम पुर्ण असल्याचे आढळते.

वर्दळीची आजची समस्या लक्षात घेता नागरिकांची गैरसोय टळावी या हेतूने हा पूल तातडीने सुरू व्हायला हवा, अनेक नागरिक यासंबंधी तक्रारी घेऊन करनी सेनेकडे येत आहेत, क्रिया दस-याचे दिवशी आम्ही पूलावर गाड्या चालवून याचे उद्घाटन करू असा मनोदय आहे. केंद्रात एक, राज्यात एक व पालिकेत अन्य सत्ता असल्याने जनहिताची कामेही कशी उशीरा पर्यंत प्रलंबीत राखली जातात हे या उदाहरणातून पहावयास मिळते, राजकारणात सामान्यांचे काम अडते, करनी सेना हे हिंदू संगठन यापुढे जनतेच्या पाठी असणार आहे, अन्य हिंदू संगठन हिंदू पासून दुरावत आहेत, करणी सेनेचे काम पाहून यात जोड़ले जात आहेत. येत्या सहामाहीत ५० हजार नागरिक संगठनात जोडले जातील अशी अपेक्षा यावेळी व्यक्त केली.

द्वि साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेनें चलेगी 22 अक्टूबर से 2 दिसंबर तक

दरअसल कई समय से रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को लेकर प्रशासन चिंतित था अब यात्रियों की सुविधाएं देखते हुए और उनकी मांगो का ध्यान देते हुए प्रशासन ने दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे से व होकर गुजरने वाली भुवनेश्वर–लोकमान्य तिलक टर्मिनल-भुवनेश्वर, पूरी–सूरत-पूरी, पूरी–लोकमान्य तिलक टर्मिनल-पूरी, विशाखापट्टनम–निजामुद्दीन-विशाखापट्टनम एवं विशाखापट्टनम-लोकमान्य तिलक टर्मिनल- विशाखापट्टनम के साथ ही 5 पूजा स्पेशल ट्रेनों की शुरुआत की है।

इस योजना के तहत 02880 / 02879 भुवनेश्वर–लोकमान्य तिलक टर्मिनल-भुवनेश्वर द्वि- साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन 22 अक्टूबर से 02 दिसंबर तक चलेगी

गाड़ी नंबर 02827 पूरी–सूरत हर रविवार को पूरी से और विपरीत दिशा में 02828 सूरत-पूरी प्रत्येक मंगलवार को सूरत से 27 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक चलेगी। तीसरी ट्रेन नंबर 02866 /02865 पूरी–लोकमान्य तिलक टर्मिनल-पूरी स्पेशल ट्रेन 20 अक्टूबर से 26 नवंबर तक चलेगी।

गाड़ी 02880 भुवनेश्वर–लोकमान्य तिलक टर्मिनल द्वि- साप्ताहिक पूजा स्पेशल हर सोमवार व गुरुवार को भुवनेश्वर से और विपरीत दिशा में 02879 स्पेशल ट्रेन हर बुधवार एवं शनिवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनल से चलेगी।

गाड़ी नंबर 02827 / 02828 पूरी–सूरत-पूरी साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन 25 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक चलेगी।

गाड़ी नंबर 02866 पूरी–लोकमान्य तिलक टर्मिनल प्रत्येक मंगलवार को पूरी से 20 अक्टूबर से 24 नवंबर तक और विपरीत दिशा में 02865 लोकमान्य तिलक टर्मिनल-पूरी प्रत्येक गुरुवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 22 अक्टूबर से 26 नवंबर तक चलेगी।

गाड़ी नंबर 02817 / 02818 विशाखापट्टनम–निजामुद्दीन-विशाखापट्टनम स्पेशल ट्रेन की सुविधा 20 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक होगी। 02817

विशाखापट्टनम–निजामुदिन स्पेशल ट्रेन प्रत्येक मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शनिवार एवं रविवार को विशाखापट्टनम से 20 अक्टूबर से 29 नवंबर तक चलेगी और विपरीत दिशा में भी 02818 निजामुदिन-विशाखापट्टनम स्पेशल ट्रेन प्रत्येक गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार, सोमवार एवं मंगलवार को निजामुदिन से 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक चलेगी. गाड़ी नंबर 02857 / 02858 विशाखापट्टनम- लोकमान्य तिलक टर्मिनल-विशाखापट्टनम साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की सुविधा 25 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक रहेगी।गाड़ी 02857 विशाखापट्टनम- लोकमान्य तिलक टर्मिनल प्रत्येक रविवार को विशाखापट्टनम से 25 से 29 नवंबर तक चलेगी।

विपरीत दिशा में 02858 लोकमान्य तिलक टर्मिनल- विशाखापट्टनम प्रत्येक मंगलवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 27 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक चलेगी. गाड़ी नंबर 02817 / 02818 सांतरागाछी-पुणे-सांतरागाछी साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन 24 अक्टूबर से 30 नवंबर चलेगी।

02815 दुर्ग–जम्मूतवी दुर्ग से प्रत्येक बुधवार को 21 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगी वहीं 02816 जम्मूतवी-दुर्ग जम्मूतवी से प्रत्येक शुक्रवार को 23 अक्टूबर से 27 नवंबर तक चलेगी।

02817 संतरागाछी-पुणे सांतरागाछी से प्रत्येक शनिवार को 24 अक्टूबर से 28 नवंबर तक चलेगी।

विपरीत दिशा में गाड़ी संख्या 02818 पुणे-सांतरागाछी पुणे से प्रत्येक सोमवार को 26 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगी. 02815/02816 दुर्ग–जम्मूतवी-दुर्ग साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन 21 अक्टूबर से 27 नवंबर तक चलेगी।

20 ऑक्टोबर रोजी मनपाचे बजेट: प्रथमच ऑनलाइन सादर केले जाईल

नागपूर: कोरोना संकटकाळात जरी मनपाच्या उत्पन्नावर मोठा विपरीत परिणाम झाला असेल, तरीही नियमांनुसार आता स्थायी समिती सभापती मनपाचा सर्वसाधारण अर्थसंकल्प सादर करत आहेत. मनपाच्या इतिहासात प्रथमच 20 ऑक्टोबरला होणा-या ऑनलाईन बैठकीत अध्यक्ष पिंटू झलके 2020-21 या आर्थिक वर्षाचे सर्वसाधारण अर्थसंकल्प सादर करतील. तसेच अर्थसंकल्पाबरोबर मनपाची सर्वसाधारण सभादेखील आयोजित केली जात आहे.

आमसभा देखील ऑनलाईन असेल. विशेषत: तत्कालीन आयुक्त मुंडे यांच्या कार्यकाळात ऑनलाइन बैठकीत इंटरनेट यंत्रणेची कमतरता असल्याचे सांगून सुरेश भट सभागृहात पुरेशा प्रमाणात लोकांची व्यवस्था असल्याने तेथे सभा घेण्याविषयी सत्ताधारी व विरोधकांकडून मागणी केली जात आहे. आता अर्थसंकल्प ऑनलाईन पद्धतीने सादर केला जात आहे. यामुळे नगरसेवकांमध्ये अर्थसंकल्पावरील चर्चेबाबत संभ्रमाची स्थिती आहे.

भट सभागृहात करावी चर्चा: आमसभेच्या संदर्भात काही नगरसेवकांनी आक्षेप घेतले नाही, परंतु अर्थसंकल्प ऑनलाईन मांडण्यास तीव्र विरोध दर्शविला. आतापर्यंतच्या परंपरेनुसार पहिले स्थायी समिती सभापती सभागृहासमोर अर्थसंकल्प सादर करतात, असे नगरसेवकांचे मत होते. त्यासाठी नगरसेवकांना काही दिवसांचा कालावधी दिल्यानंतर पुन्हा चर्चा आयोजित केली जाते. त्याचप्रमाणे ऑनलाइन बजेट सादर केले गेले तरी भट सभागृहात चर्चा व्हायला हवी. जेणेकरून प्रत्येक नगरसेवकांना त्याबद्दल सविस्तरपणे बोलण्याची संधी मिळू शकेल.

अनलॉक गाइडलाइंस में फिर से शुरू होगी महा मेट्रो सेवाएं – विशेष सुरक्षा उपायों का रखा जाएगा ध्यान

अनलॉक दिशा-निर्देशों के अनुसार, मेट्रो सेवाओं को क्रमबद्ध तरीके से शुरू किया जाना है। इसलिए, शुरू में लोकमान्य नगर मेट्रो स्टेशन और सीताबुलडी इंटरचेंज के बीच III एक्वा लाइन में सेवाएं शुरू होंगी। इसके बाद ऑरेंज लाइन पर सेवाएं शुरू की जाएंगी।सर्विस सुबह 8 से रात 8 बजे तक चालू रहेंगी। ग्लोबल महामारी को देखते हुए किए जा रहे विशेष उपायों को सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है।

महा-मेट्रो नागपुर इस लंबे समय के अनलॉक के बाद कल (16 अक्टूबर 2020) से शुरू होने वाली सेवाओं के लिए तैयार है।इसके साथ ही कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यात्रियों और महा मेट्रो के अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षित और सुरक्षित रहें। जबकि इस तरह की सभी सावधानियां बरती जाती रहेंगी, यात्रियों के लिए अन्य महत्वपूर्ण उपायों की एक श्रृंखला भी की जा रही है।

स्टेशन के एंट्री गेट पर स्टेशन सिक्योरिटी स्टाफ  सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की करेगा इसके साथ ही 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले व्यक्तियों को यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। छींकने, खांसी और सांस लेने में कठिनाई के अन्य लक्षण दिखाने वाले यात्रियों को भी यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।

मास्क वाले यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। सभी यात्रियों को हैंड सैनिटाइज़र प्रदान किए जाएंगे और मेट्रो परिसर में प्रवेश करने से पहले उन्हें हाथ धोना होगा। सभी स्टेशनों पर यात्रियों के डे-बोर्डिंग के बाद ही यात्रियों को बोर्डिंग ट्रेन के लिए अनुमति दी जाएगी। यात्रियों से लिफ्ट और अन्य विद्युत उपकरणों के स्विच को नहीं छूने की उम्मीद की जाएगी , इसी तरह उन्हें एस्केलेटर के साइड बार छूने से भी बचना चाहिए।

लाइन प्रबंधक, स्पैस जैसे पर्याप्त संसाधनों को प्लेटफॉर्म पर क्षेत्रों को जैसे काउंटर,स्क्रीनिंग पॉइंट्स, बोर्डिंग / डिबोर्डिंग पॉइंट्स आदि करने सभी पर यात्रियों में सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए चिह्नित किया गया है।

सभी ट्रेनों और मेट्रो स्टेशनों को खोलने से पहले कीटाणुरहित किया जाएगा।मेट्रो कर्मचारी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण(पीपीई) का सामना करेंगे जैसे फेस मास्क, हैंड ग्लव्स।एंट्री प्वाइंट पर प्रदान किए जाएंगे  हैंड सैनिटाइजर।स्टेशन के प्रवेश द्वार, क्रू कंट्रोल रूम, बेबी केयर रूम, टीओएम रूम, ईएफओ क्यूबिकल, स्टेशन कंट्रोल रूम को नियमित अंतराल पर साफ किया जाएगा।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा: यात्रियों को डिजिटल मोड के माध्यम से यात्रा किराया के लिए भुगतान करने का संकेत दिया जाएगा।भुगतान के विभिन्न तरीकों के माध्यम से भुगतान, नकद के अलावा, डिजिटल माध्यम को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस तरह के कदम से शारीरिक संपर्क कम से कम होगा और बीमारी के प्रसार में काफी कमी आएगी। इसमें महा मेट्रो मोबाइल ऐप के माध्यम से भुगतान करना भी शामिल है। इस प्रकार उत्पन्न ई-टिकट को एएफसी गेट पर स्कैन किया जा सकता है।

सुरक्षा कर्मचारी स्टेशनों में पर्याप्त रूप से पोस्टिंग, प्रवेश और निकास के लिए स्टेशन पर सामाजिक सुरक्षा आवश्यकताओं को सुनिश्चित करेंगे। वे स्टेशन से बाहर निकलने और प्रवेश करने आदि के लिए यात्रियों का मार्गदर्शन करेंगे, और यह सुनिश्चित करेंगे कि स्टेशनों और ट्रेनों में जनता द्वारा नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाता है।

अनलॉक गाइडलाइंस में फिर से शुरू होगी महा मेट्रो सेवाएं – विशेष सुरक्षा उपायों का रखा जाएगा ध्यान

अनलॉक दिशा-निर्देशों के अनुसार, मेट्रो सेवाओं को क्रमबद्ध तरीके से शुरू किया जाना है। इसलिए, शुरू में लोकमान्य नगर मेट्रो स्टेशन और सीताबुलडी इंटरचेंज के बीच III एक्वा लाइन में सेवाएं शुरू होंगी। इसके बाद ऑरेंज लाइन पर सेवाएं शुरू की जाएंगी।सर्विस सुबह 8 से रात 8 बजे तक चालू रहेंगी। ग्लोबल महामारी को देखते हुए किए जा रहे विशेष उपायों को सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है।

महा-मेट्रो नागपुर इस लंबे समय के अनलॉक के बाद कल (16 अक्टूबर 2020) से शुरू होने वाली सेवाओं के लिए तैयार है।इसके साथ ही कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यात्रियों और महा मेट्रो के अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षित और सुरक्षित रहें। जबकि इस तरह की सभी सावधानियां बरती जाती रहेंगी, यात्रियों के लिए अन्य महत्वपूर्ण उपायों की एक श्रृंखला भी की जा रही है।

स्टेशन के एंट्री गेट पर स्टेशन सिक्योरिटी स्टाफ  सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की करेगा इसके साथ ही 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले व्यक्तियों को यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। छींकने, खांसी और सांस लेने में कठिनाई के अन्य लक्षण दिखाने वाले यात्रियों को भी यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।

मास्क वाले यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। सभी यात्रियों को हैंड सैनिटाइज़र प्रदान किए जाएंगे और मेट्रो परिसर में प्रवेश करने से पहले उन्हें हाथ धोना होगा। सभी स्टेशनों पर यात्रियों के डे-बोर्डिंग के बाद ही यात्रियों को बोर्डिंग ट्रेन के लिए अनुमति दी जाएगी। यात्रियों से लिफ्ट और अन्य विद्युत उपकरणों के स्विच को नहीं छूने की उम्मीद की जाएगी , इसी तरह उन्हें एस्केलेटर के साइड बार छूने से भी बचना चाहिए।

लाइन प्रबंधक, स्पैस जैसे पर्याप्त संसाधनों को प्लेटफॉर्म पर क्षेत्रों को जैसे काउंटर,स्क्रीनिंग पॉइंट्स, बोर्डिंग / डिबोर्डिंग पॉइंट्स आदि करने सभी पर यात्रियों में सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए चिह्नित किया गया है।

सभी ट्रेनों और मेट्रो स्टेशनों को खोलने से पहले कीटाणुरहित किया जाएगा।मेट्रो कर्मचारी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण(पीपीई) का सामना करेंगे जैसे फेस मास्क, हैंड ग्लव्स।एंट्री प्वाइंट पर प्रदान किए जाएंगे  हैंड सैनिटाइजर।स्टेशन के प्रवेश द्वार, क्रू कंट्रोल रूम, बेबी केयर रूम, टीओएम रूम, ईएफओ क्यूबिकल, स्टेशन कंट्रोल रूम को नियमित अंतराल पर साफ किया जाएगा।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा: यात्रियों को डिजिटल मोड के माध्यम से यात्रा किराया के लिए भुगतान करने का संकेत दिया जाएगा।भुगतान के विभिन्न तरीकों के माध्यम से भुगतान, नकद के अलावा, डिजिटल माध्यम को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस तरह के कदम से शारीरिक संपर्क कम से कम होगा और बीमारी के प्रसार में काफी कमी आएगी। इसमें महा मेट्रो मोबाइल ऐप के माध्यम से भुगतान करना भी शामिल है। इस प्रकार उत्पन्न ई-टिकट को एएफसी गेट पर स्कैन किया जा सकता है।

सुरक्षा कर्मचारी स्टेशनों में पर्याप्त रूप से पोस्टिंग, प्रवेश और निकास के लिए स्टेशन पर सामाजिक सुरक्षा आवश्यकताओं को सुनिश्चित करेंगे। वे स्टेशन से बाहर निकलने और प्रवेश करने आदि के लिए यात्रियों का मार्गदर्शन करेंगे, और यह सुनिश्चित करेंगे कि स्टेशनों और ट्रेनों में जनता द्वारा नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाता है।

देशात पहिल्यांदाच रेल्वे मार्गावर मेट्रो धावणार: इतर शहरांस जोडण्याच्या प्रकल्पाला राज्य मंत्रिमंडळाची मान्यता

नागपूर: देशात आतापर्यंत आपण मेट्रो स्वत: च्या मार्गावर धावताना पाहिले आहे. पण नागपुरात प्रथमच मेट्रो रेल्वेच्या मार्गावर धावताना दिसणार आहे. कारण महाराष्ट्र राज्य सरकारने ब्रॉडगेज मेट्रो प्रकल्पाला मान्यता दिली आहे. या प्रकल्पातून नागपूर आसपासच्या शहरांशी जोडले जाईल.

राज्य मंत्रिमंडळाने बुधवारी या प्रकल्पाला मंजुरी दिली. नरखेड, वर्धा, भंडारा, रामटेक ही शहरे 333 कोटी रुपयांच्या या प्रकल्पातून नागपूर महानगरासमवेत जोडली जातील. या नवीन प्रकल्पाचा पहिला टप्पा 2031 मध्ये पूर्ण होईल असा दावा केला जात आहे.

उल्लेखनीय असे की या संदर्भात, 2018 रोजी सामंजस्य करार झाला होता. बुधवारी हा प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडळासमोर मांडण्यात आला. हा प्रकल्प महाराष्ट्र सरकार, केंद्र सरकार आणि महामेट्रो यांच्या संयुक्त विद्यमाने साकारला जाईल. ‘केएफडब्ल्यू’ नावाच्या संस्थेकडून यासाठी कर्ज घेण्याचे ठरल्यानंतर त्याची जबाबदारी महामेट्रोवर टाकण्यात आली आहे. याचा फायदा नागपूर ते नरखेड, वर्धा, रामटेक आणि भंडारा या शहरांत आवागमन करणार्‍या प्रवाशांना होणार आहे. पहिला टप्पा 2021 मध्ये सुरू होईल आणि 2031 मध्ये पूर्ण होईल. दुसरा टप्पा 2031 नंतर सुरू होईल.

हे असतील नवीन मार्ग: या प्रकल्पांतर्गत नागपूर-नरखेड 85.53 कि.मी., नागपूर-वर्धा. 78.8 किमी, नागपूर-रामटेक 41.6 किमी व नागपूर-भंडारा 62.7 किमी मार्ग बनविण्यात येतील. राज्याचे गृहमंत्री अनिल देशमुख म्हणाले की, महामेट्रो प्रकल्पामुळे नरखेड व काटोल परिसरच्या विकासाला वेग येईल. अनेक वर्षांपासून नागपूरला मेट्रोमार्गे अन्य शहरांशी जोडण्याची मागणी होत होती. या संदर्भात त्यांनी अनेकदा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांना विनंती केली होती. आज हा प्रयत्न यशस्वी झाला.

ट्रेनचा वेग 120 किमी प्रती तास असेल: यात सर्व सुसज्ज आधुनिक कोच असतील. सुरुवातीला नागपूरला चार ठिकाणाहून जोडण्यासाठी चार गाड्या दिल्या जातील आणि हळूहळू त्या वाढतील आणि ठराविक अंतराने त्या आठपर्यंत जातील.

राज्य सरकार आणि भारतीय रेल्वेचे आभार: ब्रॉडगेज मेट्रोचा प्रस्ताव पुढे नेण्यात भारतीय रेल्वेने महत्त्वपूर्ण भूमिका बजावली आहे. ब्रॉडगेज मेट्रो प्रकल्प मंजूर झाल्याबद्दल महा मेट्रोने भारतीय रेल्वे व महाराष्ट्र सरकारचे आभार मानले आहेत.

नागपुरात वातानुकूलित ब्रॉडगेज मेट्रो: ठाकरे सरकारने 333 कोटींच्या योजनेस दिली मान्यता

मुंबई: आघाडी सरकारने नागपूरकरांना मोठी भेट देण्याची घोषणा केली आहे. नागपूर शहराच्या आसपास राहणा-या लोकांच्या सोयीसाठी, प्रवासी गाड्यांच्या जागी आधुनिक वातानुकूलित ब्रॉडगेज मेट्रो ट्रेन सुरू करण्यास मान्यता देण्यात आली आहे. बुधवारी झालेल्या मंत्रिमंडळाच्या बैठकीत या योजनेस मंजुरी देण्यात आली. ही सेवा फीडर सेवेद्वारे नागपूर मेट्रो लाइनला जोडली जाईल.

या योजनेसाठी महामेट्रोने 333.60 कोटी रुपयांचा प्रकल्प सादर केला आहे. या प्रकल्पाच्या अंमलबजावणीसाठी राज्य सरकारकडून 21.30 कोटी रुपये व्याजमुक्त दुय्यम कर्ज सहाय्य म्हणून देण्यात येणार आहे. यासाठी महामेट्रो, राज्य सरकार आणि भारतीय रेल्वे यांच्यात सामंजस्य करारही मंजूर झाला आहे. नागपूर मेट्रो रेल्वे फेज -1 प्रकल्पासाठी 305.20 कोटी रुपयांच्या कर्जासाठी केएफडब्ल्यू आणि इतर वित्तीय संस्थांची मदत घेण्याचा प्रस्ताव आहे.

अनेक शहरांना जोडेल: ब्रॉडगेज मेट्रो नेटवर्क हे नागपूर ते वर्धा, नागपूर ते काटोल, नरखेड, नागपूर ते रामटेक, नागपूर ते भंडारा, नागपूर ते वडसा, देसाईगंज, चंद्रपूर असे आहेत. ब्रॉडगेज मेट्रोवरून अर्ध्या वेळेत या ठिकाणी प्रवास करणे शक्य होईल. वर्धा फक्त 35 मिनिटांत पोहोचू शकते. शहरातील खापरी, अजनी आणि नागपूर रेल्वे स्थानकांत इंटरचेंज साठी जवळच्या मेट्रो स्टेशनवर एकत्र केले जाईल. या प्रवासादरम्यान 42 स्थानके असतील.

गडकरी यांची संकल्पना: ब्रॉडगेज मेट्रोची संकल्पना नागपूरपासून सुरू व्हावी आणि आजूबाजूची सुमारे 100 किमी अंतरावरील गावे जोडली जावी ही केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी यांची संकल्पना होती. ही संकल्पना प्रत्यक्षात येण्यासाठी गडकरी यांनीही प्रयत्न केले. बुधवारी गडकरी यांनी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, मंत्री एकनाथ शिंदे आणि संपूर्ण मंत्रिमंडळाचे राज्य सरकारने ब्रॉडगेज मेट्रो प्रकल्प मंजूर केल्याबद्दल आभार मानले.

शहरातील महामेट्रोचा खर्च 350 कोटी रुपये प्रति कि.मीटर आहे. ब्रॉडगेज मेट्रोसाठी फक्त 5 कोटी रुपये प्रति किलो मीटर असेल. मध्य रेल्वेचे ट्रॅक, सिग्नल आणि स्थानके ब्रॉडगेज मेट्रोसाठी वापरली जातील. ही मेट्रो ताशी १२० किमी वेगाने धावेल आणि प्रत्येक स्थानकात दीड ते दीड मिनिटांसाठी (मुंबई लोकल समान) थांबेल

अनलॉक पश्चातही बँकांबाहेर गर्दी, बराच काळ आपल्या पाळीचे प्रतिक्षेत लोक, तासंतास उभे राहिल्यानंतरही परतावे लागते.

नागपूर: शहरात अनलॉक झाल्यानंतरही एप्रिल आणि मे सारख्या लांबच लांब रांगा अजूनही बँकांच्या बाहेर दिसत आहेत. बँकांमधून पैसे काढण्यासाठी येणा-या ग्राहकांची रांग अद्याप बँकेच्या आवार बाहेरील रस्त्यावर पोहोचत आहे. बरेच तास उभे राहिल्यानंतरही त्यांना रिकाम्या हातांनी परतावे लागतेय. या प्रकरणात बँकेच्या कामकाजाविषयी ग्राहकांमध्ये रोष वाढत आहे. बँकांमध्ये जशी लॉकडाऊनची स्थिती अजूनही कायम आहे.

केवळ 4 ते 5 ग्राहक इतके वेळ घेतात की बाहेर उभे असलेले उर्वरित 30 ते 40 ग्राहक अस्वस्थ होतात. बर्‍याच वेळा सर्व्हर लिंक नसल्याचे सांगून अनेक तास ग्राहकांना ताटकळत उभे ठेवले जाते. जेव्हा सर्व्हरची लिंक येते आणि ग्राहक आत येण्यास प्रारंभ करतात, तेव्हा दुपारच्या जेवणाची वेळ होते. दुपारचे जेवण सुटी एक तासही घेऊ शकते, रांगेत उभे असलेले ग्राहक त्रस्त आहेत. दुपारच्या जेवणानंतरही 8 ते 10 ग्राहकांचीच कामे होतात आणि इतरांना रिकाम्या हाताने परत जावे लागते.

छोट्या छोट्या गोष्टी होतत नाहीत: शहराच्या एक किंवा दोन नव्हे तर कैक बँकात हेच चित्र आहे, लांबच लांब रांगा दिसू शकतात. छोट्या छोट्या कामांसाठीसुद्धा ग्राहकांना तासनतास उन्हात उभे राहावे लागते आहे. बाहेरील इतक्या मोठ्या गर्दीमुळे सामाजिक अंतर नियमाची पूर्णपणे ऐसी-तैसी केली जातेय. बर्‍याच लोकांना गर्दीत मास्क घालायचा नसतो, त्याने इतरांना बर्‍याच अडचणींचा सामना करावा लागतो. अनेक बँकाबाहेर गर्दीवर नियंत्रण ठेवण्यास गार्ड नसतात. अशा प्रकारे, कोरोनाचा प्रादुर्भाव होण्याचा धोका वाढत आहे. ज्याप्रमाणे आज सर्व काही सामान्य होत आहे त्याच प्रकारे बँकांनाही सामाजिक अंतराचा व ईतर नियम दिले जावेत जेणेकरुन गर्दी त्यांच्या बँकांसमोर रस्त्यांपर्यंत पोहोचू शकणार नाही.

उघडण्यापूर्वी लागतात रांगा: बँक उघडण्याआधीच लोक आपल्या नंबरसाठी तेथे पोहोचतात, ज्यामुळे बँक उघडणीचे वेळी रांग खूप लांब होते. बँकांच्या बाहेर सुविधा नसल्याने कडक उन्हात लोकांना त्रास सहन करावा लागत आहे. या रांगेत पेन्शनसाठी येणा-या वृद्धापासून तरूणापर्यंत अनेक जण असतात, आपल्या पाळीची वाट पाहताना दिसतात. एका महिला ग्राहकाने सांगितले की ती गेल्या 2 दिवसांपासून बँकेच्या चकरा करीत आहे, परंतु नंबरची वाट पाहत असताना दुपारचे जेवणाची सुटी होते, व परतावे लागत आहे. घर सांभाळत बाहेरची कामं ही दुहेरी कसरत आहे त्यातही असे होत असल्याचे तिने सांगितले

मंदिरे खुली करण्यासाठी भाजपा मध्य नागपूर ने केली निदर्शने

नागपूर:- राज्यातील सर्व मंदिरे भविकांसाठी तात्काळ सुरू करण्यात यावी या मागणीसाठी भाजपा मध्य नागपूर च्या वतीने महालातील कल्यानेश्वर मंदिर येथे निदर्शने करण्यात आली महाविकास आघाडीच्या अतिरेकी निर्णया मूळे जनता त्रस्त झालेली आहे, मंदिर बंद असल्यामुळे भाविक हैराण झाले आहे या पार्श्वभूमीवर मंदिर ताबडतोब खुली करून भाविकांना मोकळीक देण्याचा इशारा आंदोलना दरम्यान देण्यात आला जमलेला असंख्य कार्यकर्त्यांनी टाळा च्या गजरात जयघोषात सरकारला जागे होण्याचे आवाहन केले.

मध्य नागपूर अध्यक्ष किशोर पालनंदूरकर,महांत्री सुबोध आचार्य,विनायकराव डेहनकर,नगराचे संपर्क प्रमुख विलासजी त्रिवेदी,माजी अध्यक्ष बंडू राऊत गांधीबाग झोन सभापती वंदना यंगटवार,नगरसेविका श्रद्धा पाठक, नगरसेवक प्रमोद चिखले,स्नेहा वाघमारे,सुभाष पारधी यांच्या नेतृत्वात झालेल्या आंदोलनाला अनिल मानापुरे ,रामभाऊ अंबुलकर,धीरज चव्हाण,सचिन नाईक,सचिन सावरकर,आशिष भुते,जयंत पाध्ये,दशरथ मस्के, अक्षय काळे,अथर्व त्रिवेदी,नंदू जाधव,मकरंद भालेराव,शेषराव पाठराबे,प्रेमलाल भांदककर,दिलीप भोसले,रवी रेवतकर,सुनील नांदूरकर, हरीश महाजन, पंकज साळुंके,नयन घोडे,रोशन कथाले, राजेश देशमाने,सुरज ढोमणे,किरण पेशकर,विवेक दहिकर,सोनू शेट्टीयार,अंकुर थेरे,पवन खंडेलवाल,गुड्डू उमरेडकर, रोशन किताडीकर,उमेश साठवणे कविता इंगळे,निकिता पराये,नीरजा पाटील,सरोज तलमले,मोना तारेकर,मेघना गिरीपुंजे,प्रामुख्याने उपस्थित होते.

पॉजिटिव संख्या कमी होत आहे, रिकवरीचा दर वेगाने वाढला

नागपूर: डॉक्टरांनी 15 ऑक्टोबरपर्यंत हळूहळू कोरोनाचे कहर कमी करण्याची अपेक्षा केली होती. ती योग्य ठरत आहे. डॉक्टरांचे मत एकदम बरोबर ठरत आहे. शहरासह जिल्ह्यात कोरोना पॉझिटिव्ह रूग्णांची संख्या वेगाने कमी होत असून मृतांचा आकडादेखील नियंत्रित होत आहे.

जिल्ह्यात रविवार रोजी एकुण 482 तर ग्रामीण भागातील 337, शहर भागातील 139 आणि जिल्ह्यातील बाहेरील 6 नवीन रुग्ण आढळले. त्याच वेळी, शहरातील 10, ग्रामीण भागातील 7 आणि जिल्ह्याच्या बाहेरील 6 लोकांसह 23 जणांचा मृत्यू झाला.

आता जिल्ह्यात एकूण पॉजिटिव्ह संख्या, 86,572 पर्यंत पोहोचलीय, तर मृतांचा आकडा 2790 वर पोहोचला आहे. पॉजिटिव रूग्णांची आणि मृत्यूची संख्या कमी झाल्याने प्रशासनासही दिलासा वाटू लागला आहे. परंतु डॉक्टर म्हणतात की कोरोना चेन तुटलेली नाही. जरी ती कमकुवत झाली, तरीही कोविड 19 टाळण्यासाठी नियमांचे पालन करणे फार महत्वाचे आहे.

सक्रीय केसेसही कमी: जिल्ह्यात सक्रिय केसेसही कमी झाल्या आहेत. रविवारी मिळालेल्या आकडेवारीनुसार जिल्ह्यात आता 8138 सक्रिय केस असून त्यापैकी 5354 शहरातील आणि 2784 जिल्ह्यातील ग्रामीण भागातील आहेत. विविध पॅथॉलॉजी लॅबमध्ये रविवारच्या 5959 नमुन्यांमध्ये चाचणी घेण्यात आली, त्यापैकी फक्त 482 पॉजिटिव्ह आढळले. कोरोनाची तीव्रता कमी झाल्यामुळे शहरातील लोकांचा नित्यक्रमही सामान्य झाला आहे. आतापर्यंत संक्रमित 86572 पैकी एकूण 75644 रुग्ण निरोगी झाले आहेत. रविवारीसुद्धा, 927 रुग्ण निरोगी होऊन परतले. आता रिकवरी दरही वाढला आहे. एकेकाळी निरोगी लोकांची टक्केवारी खाली 60~65 टक्क्यांवर आली होती पण आता ती 87.37 टक्के झाली आहे. यामुळे डॉक्टरांमध्येही उत्साह आहे.

एकूण संक्रमित 86,572.
आतापर्यंत 75,644 निरोगी
आतापर्यंत 2790 मृत्यू
रविवारी 482 पॉझिटिव्ह

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