नागरिकांनी जबाबदारी करावा मास्कचा वापर: वाहतूक उपआयुक्त साळी

नागपूर: कोरोना महामारीचा रोगप्रसार रोखथामाकरिता व स्वत:चा यापासून बचाव करण्याकरता मास्क वापर करणे बंधनकारक केले गेले आहे, यासाठी नागपुरात महानगरपालिका चमूसह, वाहतूक पोलीस विभागही मास्कचा वापर न करणाऱ्यांवर दंडात्मक कारवाई करत आहे. उपायुक्त विक्रम साळी यांनी या संबंधित जनतेला आवाहन केले आहे, वाहतूक पोलीस विभागाने आतापर्यंत सहा हजार मास्क न वापरता वाहन चालवीत आढळलेल्या लोकांवर कारवाई करून दंड ठोठावला आहे.

पोलीस उपायुक्त विक्रम साळी यांनी याबाबत माहिती देतांना नागरिकांना मास्कचा वापर जरूर करण्याचे आवाहन केले आहे, संपूर्ण पोलीस दल माननीय आयुक्त अमितेश कुमार यांच्या मार्गदर्शनाखाली मोठ्या प्रमाणात नो मास्क वावरणा-यांर कारवाई करत आहे. विदाऊट मास्कचे आतापर्यत सहा हजार चलान केले गेले आहेत, कोवीड पासून दुर रहायचं तर मास्क, सॅनिटाईजर व सोशल डिस्टेंस हि त्रिसुत्री पाळावीच लागणार असल्याचे ते म्हणाले. मास्क पेहराव हा केलाच पाहिजे दुचाकी, चारचाकी वा पायी जरी फिरणार असाल तर मास्कशिवाय फिरत असल्यास दंडाचा सामना करावा लागेल.

जिल्ह्यातील सर्व कार्डधारकांना धान्य वाटप: पुरवठाधिकारी भास्कर तायडे

नागपूर: शहर व जिल्ह्यातील सर्व शिधापत्रधारकांना अन्नधान्याचे वाटप व केंद्र शासनाकडून प्राप्त मोफत धान्याचेही वाटप करण्यात आले आहे अशी माहिती नागपूर जिल्ह्याचे पुरवठा अधिकारी भास्कर तायडे यांनी दिली. जीवनावश्यक धान्य किट वाटपही यादरम्यान करण्यात आलं असल्याचे ते म्हणाले. ३ लाख ८१ हजार लाभार्थ्यांना प्राधान्याने हे वाटप केले गेले.

अंत्योदय मधे ७७ हजार १८३ लोक व प्राधान्य गट असे ३ लाख ५ हजार ८४६ यात कार्डधारक असे तीन लाख 25 हजार 989 १३११२७५ असे एकंदर १६ लाख 37 हजार 264 ग्रामीण नागपूर जिल्ह्याच्या लोकांत हे अन्नधान्याचे वाटप झालेले आहे. हा नियमीत लाभ आहे हे विशेष, याशिवाय आत्मनिर्भर योजनेअंतर्गत व पीएनजी योजनेअंतर्गत तांदूळ जे पाच किलो प्रती व्यक्ती होते त्याप्रमाणे वाटप केलेला आहे तसेच ज्यांचेकडे शिधापत्रिका नव्हत्यी त्यांचेसाठी सुद्धा प्रतिव्यक्ती पांच किलो तांदूळ व एक किलो चना असं धान्य वितरण केलेलं आहे, ५७,४९४ लाभार्थ्यांनी या सेवेचा लाभ घेतला आहे.

उत्तर नागपूरात आपचे ऑक्सिमिटर अभियान आयोजित

नागपूर: covid-19 पासून बचाव करण्यासाठी आप’ तर्फे जनजागृति अभियान सोमवारी उतर नागपूरातील विद्या नगर येथे आयोजित करण्यात आले.

विद्या नगरातील व अन्य ठिकाणी आम आदमी पक्षाच्या पिंकी कोल्हे यांच्या नेतृत्वाखाली कार्यकर्त्यांनी सकाळी नऊ ते दुपारी दीड वाजेपर्यंत घरोघरी जाऊन या वेळी नागरिकांची ऑक्सिजनची तपासणी केली व तत्संबंधी मार्गदर्शन केले.

कोरोना प्रसार रोखथामासाठी जनजागृतीसाठी आम आदमी पार्टी नागपूरचे कार्यकर्ते थेट जनतेशीच संपर्क साधत आहेत. शहरात कोरोना वाढ चरम पदावर आहे आणि यामध्ये आरोग्य यंत्रणा ही कुठेतरी अडखळत आहे, त्यास हातभाराकरिता आणि प्रसाराचा वेग पाहता पक्षप्रमुख व दिल्ली चे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल यांनी सांगितल्याप्रमाणे ऑक्सिमिटर वापर व ऑक्सिजन पातळी तपासणी गरजेची असल्याने त्यास अनुसरून कार्यकर्ते घरोघर तशी ऑक्सिजन पातळी तपासत आहेत ज्यायोगे कुणाची पातळी कमी आढळताच त्यास योग्य आरोग्य सुविधा उपचारांचे निर्देश दिले जाऊन जीव वाचविले जाऊ शकतात.

याच उद्देशाने घरोघरी जाऊन ऑक्सिमिटर वापरत ऑक्सिजनची पातळी तपासणी केली जात आहे, या पद्धतीने सुरू हि मोहिम एक चांगला उपक्रम ठरतो आहे.

नागपुर पुलिस डिपार्टमेंट ने रेडी किया खुद का कोविड सेंटर,आज सीपी करेंगे उदघाटन

नागपुर शहर में बढ़ते कोरोना मामलों के चलते पुलिस विभाग भी धीरे धीरे इसकी चपेट में आते जा रहा है।अब तक कोरोना 1386 वॉरियर्स पुलिस कर्मी संक्रमित हो चुके हैं।इसके साथ ही कोरोना संक्रमण से कुल 15 पुलिस ऑफिसर्स की मौत हो चुकी है।यहां तक कि प्राइवेट हॉस्पिटल्स में पुलिस कर्मियों के लिए बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी मृत्यु हो रही थी इसी वजह से पुलिस विभाग ने अपना कोविड सेंटर रेडी किया है (Image used for representation purpose only)

एडवांस सुविधाओं से लेस यह सेंटर के बन जाने से पुलिस डिपार्टमेंट के कर्मचारियों को काफी राहत मिल सकती है।सीपी अमितेशकुमार के आदेश पर डीसीपी (क्राइम ब्राच) गजानन राजमाने और पुलिस वैद्यकिय अधिकारी डॉ. संदीप शेंडे ने पुलिस हॉस्पिटल में 5 दिनों के अंदर कोविड सेंटर का निर्माण किया । 

पुलिस हॉस्पिटल के कोविड केयर सेंटर में टोटल 16 बेड की फैसिलिटी की गई है, जिसमें 3 बेड कैज्यूल्टी और 13 बेड आईसीयू में रहेगे।इसके अलावा 2 वेन्टीलेटर, ऑक्सीजन की नई सेंटर लाइन तैयार की गई है।मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की मुश्किलें नहीं आए इसलिए अतिरिक्त 8 स्टाफ हायर किया गया है।जिसमे 1 फिजिशियन, 2 बीएमएएस डॉक्टरों समेत कुल 16 लोगों को स्टाफ पेशेंट्स की सेवा में दिन रात लगा रहेगा।वर्तमान में ‘बी’ और ‘सी’ कैटिगिरी के पेशेंट्स को किसी हॉस्पिटल में बेड की समस्याओं से टाइम पर इलाज़ नहीं मिलने के कारण कई लोगों की घर में ही मौत हो गई थी। ऐसा न हो इसलिए ‘बी’ श्रेणी के सर्दी, खासी, बुखार वाले मरीजों को और ‘सी’ श्रेणी में आने वाले क्रिटिकल कोविड मरीजों को ही सेंटर में उपचार दिया जाएगा। 

इसके बाद प्राथमिक इलाज़ देने के बाद अन्य हॉस्पिटल्स में बेड मिलने पर उन्हें वहां शिफ्ट किया जाएगा।प्राइवेट हॉस्पिटल्स में फोन करने पर उन्हें बेड उपलब्ध होने की जानकारी मिलती है, लेकिन 3-4 घंटे की यात्रा करने के बाद नागपुर पहुंचने तक बेड फूल हो जाते है। ऐसे में संक्रमित और परिवार को हॉस्पिटल्स के चक्कर काटने पड़ते है।इसी बात को नज़र में रखते हुए विदर्भ के किसी भी पुलिस कर्मी और उसके परिवार को पुलिस कोविड केयर सेंटर में निशुल्क उपचार देने की फैसिलिटी की गई है।   और तो और सिर्फ नागपुर के ही नहीं बल्कि विदर्भ के किसी भी जिले से आने वाले कोरोना पीढ़ित पुलिस कर्मी का इलाज किया जाएगा।कई पुलिस कर्मी अकोला, अमरावती, यवतमाल से शहर में इलाज़ करवाने आते है।

मेडिकल में होगा कोविशिल्ड का मानवी परीक्षण: १०० व्यक्तियों को चुना जाएगा

नागपुर: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में विकसित हो रहे कोविशिल्ड कोरोना वैक्सीन का जल्द ही नागपुर के मेडिकल अस्पताल में मानवील परीक्षण किया जाएगा।

वैक्सीन का विकास ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, अस्ताज़नेका और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के संयुक्त प्रयासों से पुणे में किया जा रहा है। इसका परीक्षण देश भर के 17 स्थानों के साथ-साथ नागपुर मेडिकल अस्पताल में भी किया जाएगा। पहले चरण में, 100 लोगों पर परीक्षण किया जाएगा। इच्छुक का पंजीकरण अगले सप्ताह शुरू होगा।

एक ओर, जहा पूरी तरह से भारत में निर्मित होने वाले कोवाक्सीन वैक्सीन का मानव परीक्षण नागपुर में चल रहा है और दूसरा चरण पूरा हो चुका है। और अब कोव्हीशिल्ड भी नागपूर में परिक्षण चलाएगी यह खबर काफी राहत दिलाने वाली हैं

हालांकि, कोविशिल्ड वैक्सीन का अंतिम परीक्षण 22 अगस्त से शुरू भी हो गया है। यह पूरे भारत में 17 स्थानों पर कुल 1600 रोगियों पर किया जाएगा। यह प्रत्येक स्थान पर 100 रोगियों पर किया जाएगा। 18 से 60 वर्ष के आयु वर्ग के स्वस्थ लोगों को इसके लिए चुना जाएगा। पहले दिए जाने के 28 दिन बाद दूसरा दिया जाएगा। वह सब लोग 56 वें दिन अस्पताल में चिकित्सा परीक्षा से गुजरेंगे। 90 वें दिन टेलीफोनीक जांच होगी और 180 वें दिन अस्पताल में एक और जांच होगी।

इस बीच, उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जाएगी। नागपुर में, टीके की सुरक्षा और प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने की इसकी क्षमता का परीक्षण किया जानेवाला है यह जानकारी प्रमुख अन्वेषक डॉ. सुशांत मेश्राम ने दी। ट्रायल छह महीने तक चलेगा। अधिष्ठाता डॉ सजल मित्रा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ अविनाश गावंडे, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ शिल्पा गुप्ता, डाॅ सुशांत मुळे, डॉ रवि यादव, डाॅ अलीना एलेक्जेंडर इस परीक्षण की सह-अन्वेषक हैं। वर्तमान में प्रभारी डॉ। सुधीर गुप्ता भी इसमें सहयोग कर रहे हैं।‌‌

मनकापुर डिवीजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में जल्द ही शुरू हो सकता है 1000 बेड वाला जंबो कोविड सेंटर

पालक मंत्री नितिन राउत ने मनकापुर में डिवीजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के विशाल परिसर में 1,000 बेड की क्षमता वाला एक जंबो कोविड हॉस्पिटल विकसित करने की योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है।फिलहाल सरकारी और निजी-संचालित डेडिकेटेड कोविद हॉस्पिटल्स (DCHs) में समय पर प्रवेश और उपचार प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है।

नागपुर को यह जंबो कोविद सेंटर चलाने की परमिशन भी मिल गई है।लगभग 85 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई यह परियोजना यह भी बताती है कि महामारी के जल्द ही खत्म होने की संभावना नहीं है।

राउत ने रविवार को एक बैठक की और परियोजना को अंतिम रूप दिया।”एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) जल्द ही मंगाई जाएगी। संभागीय खेल परिसर में उपलब्ध खुली जगह में निजी एजेंसी द्वारा कोविद अस्पताल विकसित किया जाएगा।डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वच्छता कर्मचारियों और अन्य सहायक श्रमशक्ति को निजी एजेंसी द्वारा प्रदान किया जाएगा। ” ( Image is just for representation)

परियोजना के लिए छह स्थानों को शॉर्टलिस्ट किया गया था – संभागीय खेल परिसर,राधा सौमी सत्संग ब्यास,शालिनीताई मेघे अस्पताल,यशवंत स्टेडियम, पटवर्धन ग्राउंड और वीसीए स्टेडियम।

राउत ने कहा, “कोविद अस्पताल पूरे विदर्भ के रोगियों को भी सहायता देगा।इसे इस तरह से विकसित किया जाएगा कि एयरोसोल बूंदों में वायरस नष्ट हो जाए। ” मंत्री ने यह भी कहा कि कोविद अस्पताल मध्यम और महत्वपूर्ण कोविद -19 रोगियों के लिए होगा। “इसमें आईसीयू और सभी आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी,” उन्होंने कहा।

राउत ने मुंबई में अवधारणा के सफलतापूर्वक लागू होने के बाद शहर के जंबो कोविद अस्पताल के लिए योजना बनाई है। मुंबई में पांच जंबो कोविद अस्पताल कथित तौर पर ऑपरेशन में हैं। राज्य की राजधानी की तर्ज पर, पुणे तीन ऐसे अस्पताल विकसित कर रहा है – दो शहर में और एक पिंपरी-चिंचवाड़ में – जो अब अंतिम चरण में हैं।

संभागीय आयुक्त संजीव कुमार, नगर निगम आयुक्त तुकाराम मुंढे, कलेक्टर रवींद्र ठाकरे और स्वास्थ्य विभाग और सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों के अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया और कथित तौर पर जंबो कोविद अस्पताल के लिए सहमति प्रदान की।जिले ने अगस्त की शुरुआत से कोरोनवायरस मामलों में रिकॉर्ड स्पाइक देखना शुरू कर दिया है।11 मार्च से 31 जुलाई के बीच 143 दिनों में 5,392 मामले सामने आए। अगस्त के 16 दिनों में जिले में 10,527 मामले दर्ज किए गए। बढ़ती संख्या में लक्षणात्मक और गंभीर रोगियों के प्रवेश और उपचार में बाधा आ रही है।

शनिवार को, हृदय रोगी  एक 14 वर्षीय लड़के को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।जब उसने पॉजिटिव परीक्षण किया, तो अस्पताल ने उसे वेंटिलेटर पर रखा और वहां के अधिकारियों को सूचित किए बिना आईजीजीएमसीएच भेज दिया। वेंटिलेटर सपोर्ट पर मौजूद मरीज को एम्बुलेंस में करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा क्योंकि IGGMCH ने वेंटिलेटर के साथ बेड उपलब्ध नहीं होने का हवाला दिया।हालांकि बाद में लड़के को भर्ती कर लिया गया, लेकिन रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।

ऐसी ही स्थिति अन्य पाँच निजी DCH पर भी है। लक्षणों से पीड़ित एक 74 वर्षीय महिला को ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसने रविवार की उसका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया। शाम 6 बजे तक मरीज को निजी DCH में प्रवेश नहीं मिला। मरीज के बेटे को उसे वापस घर ले जाना पड़ा।

देरी से शुरू होने के बाद, जिला प्रशासन ने रविवार को हिंगना के लता मंगेशकर अस्पताल में कोविद रोगियों को भर्ती करना शुरू किया, जो मध्यम लक्षणों वाले रोगियों के लिए एक समर्पित कोविद स्वास्थ्य केंद्र के रूप में काम करेंगे। एक अन्य ट्रस्ट-संचालित संस्थान – शालिनीताई मेघे अस्पताल – स्पर्शोन्मुख रोगियों के लिए कोविद केयर सेंटर के रूप में कार्य कर रहा है, लेकिन अपनी पूर्ण क्षमता के लिए नहीं।

एक और निजी अस्पताल ने रविवार को कोविद -19 प्रवेश शुरू किया, जिसमें कोरोनोवायरस रोगियों का इलाज करने वाले निजी अस्पतालों की संख्या छह थी, हालांकि 10 निजी अस्पतालों के लिए नागपुर महानगर पालिका द्वारा तय की गई समयसीमा एक पखवाड़े पहले ही समाप्त हो गई है।

जीवन सुरक्षित रखना जरूरी ,2 दिवसीय जनता कर्फ्यू को 100% सफल बनाने की जनता से विनती- विधायक कृष्णा खोपले

शहर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए महापौर संदीप जोशी ने जनता से 2 दिवसीय जनता कर्फ्यू का आग्रह किया था। उसी को लेकर विधायक कृष्णा खोपले ने चर्चा की उनका कहना था के कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक बैठक भी हुई थी जिसमें गृह राज्यमंत्री अनिल देशमुख व पालक मंत्री नितिन राउत ने और बाकी सभी ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।कई व्यापारी संगठनों ने और भी अलग अलग संगठनों से पत्र भी आए थे कर्फ्यू को ले कर सभी अपनी राय व्यक्त कर रहे थे।

इसके साथ ही महापौर संदीप जोशी ने शनिवार व रविवार को 2 दिवसीय जनता कर्फ्यू का जनता से आग्रह किया था। जिससे जनता भीड़भाड़ में जाने से बचे।व सोशल डिस्तंसिंग का पालन भी हो। उन्होंने जनता से आवाहन किया के वो इस जनता कर्फ्यू को सफल बनाएं

ऑक्सी मिटर जनजागृतीसाठी आम आदमी पार्टीचे नागपूरात अभियान

नागपूर: शहरात व ग्रामीण परिसरांत ऑक्सीजन पातळी तपासणी व ऑक्सि मिटरबाबत जनजागृति व्हावी या उद्देश्याने एक अभिनव अभियान आम आदमी पार्टीचे पदाधिकारी व कार्यकर्ते जोमाने राबवत आहेत. कोरोना प्रसार रोखथामासाठी जनजागृतीसाठी आम आदमी पार्टी नागपूरचे कार्यकर्ते थेट जनतेशीच संपर्क साधत आहेत. शहरात कोरोना वाढ चरम पदावर आहे आणि यामध्ये आरोग्य यंत्रणा ही कुठेतरी अडखळत आहे, त्यास हातभाराकरिता आणि प्रसाराचा वेग पाहता पक्षप्रमुख व दिल्ली चे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल यांनी सांगितल्याप्रमाणे ऑक्सिमिटर वापर व ऑक्सिजन पातळी तपासणी गरजेची असल्याने त्यास अनुसरून कार्यकर्ते घरोघर तशी ऑक्सिजन पातळी तपासत आहेत ज्यायोगे कुणाची पातळी कमी आढळताच त्यास योग्य आरोग्य सुविधा उपचारांचे निर्देश दिले जाऊन जीव वाचविले जाऊ शकतात. याच उद्देशाने घरोघरी जाऊन ऑक्सिमिटर वापरत ऑक्सिजनची पातळी तपासणी केली जात आहे, या पद्धतीने सुरू हि मोहिम एक चांगला उपक्रम ठरतो आहे

आजही ३५३ नागरिकांस मास्कचा दंड: ११ दिवसांत ६४४२ कारवायांपश्चातही लोक जुमानत नाहियत!

नागपूर:- नागपूर महानगरपालिकेच्या उपद्रव शोध पथकाचे जवानांनी शुक्रवारी (१८ सप्टेंबर) ला मास्क शिवाय फिरणा-या बेजबाबदार ३५३ नागरिकांविरुध्द कारवाई केली असून त्यांच्याकडून रुपये ५०० प्रमाणे १ लक्ष ७६ हजार ५०० रुपयांचा दंड वसूल केला. मागील काही दिवसात शोध पथकांनी ६४४२ नागरिकांविरुध्द कारवाई करुन रु. १५,८०,०००/- चा दंड वसूल केला आहे.

नागपूरात रुग्णांची संख्या सतत वाढत आहे तसेच मृतांची संख्या पण वाढत चालली आहे. यावर नियंत्रण करण्यासाठी महानगरपालिकेचे उपद्रव शोध पथक दररोज दहा ही झोनमधील मास्क शिवाय फिरणा-या बेजबाबदार नागरिकांविरुध्द कारवाई करत आहे. नागरिकांना कोरोनापासून बचाव करण्यासाठी वारंवार मास्क लावणे, सामाजिक अंतराचे पालन करणे, हात स्वच्छ धुणे इ. ची सूचना नागपूर मनपा व्दारे वारंवार केली जात आहे.

तरीसुध्दा नागरिक मास्क शिवाय फिरत आहेत. त्यामुळे त्यांच्याकडून मास्क न घातल्याबददल रु ५००/- दंड आकारण्यात येत आहे.लक्ष्मीनगर झोन अंतर्गत ३९, धरमपेठ झोन अंतर्गत ४१, हनुमाननगर झोन अंतर्गत २४, धंतोली झोन अंतर्गत ४२, नेहरुनगर झोन अंतर्गत १६, गांधीबाग झोन अंतर्गत २०, सतरंजीपूरा झोन अंतर्गत २७, लकडगंज झोन अंतर्गत ११, आशीनगर झोन अंतर्गत २६, मंगळवारी झोन अंतर्गत १०५ आणि मनपा मुख्यालयात २ जणांविरुध्द शुक्रवारी ही कारवाई शोध पथकाचे प्रमुख विरसेन तांबे यांच्या मार्गदर्शनात करण्यात आली.

आतापर्यंत लक्ष्मीनगर झोन अंतर्गत ६६७, धरमपेठ झोन अंतर्गत १२८९, हनुमाननगर झोन अंतर्गत ५८८, धंतोली झोन अंतर्गत ७१४, नेहरुनगर झोन अंतर्गत ३९५, गांधीबाग झोन अंतर्गत ४११, सतरंजीपूरा झोन अंतर्गत ४००, लकडगंज झोन अंतर्गत ३७७, आशीनगर झोन अंतर्गत ६७५, मंगळवारी झोन अंतर्गत ८७८ आणि मनपा मुख्यालयात ४८ जणांविरुध्द कारवाई करण्यात आली आहे.

लकड़गंज में SAW मिल में लगी भयानक आग , कुल 20 फायर टेंडर्स लगे आग बुझाने में

यह घटना गुरुवार सुबह को घटित हुई दरअसल नागपुर के लकडगंज इलाके में SAW मिल में भीषण आग लग गई।सूत्रों के अनुसार यह भी बताया जा रहा है के वहां पर मिल के कुछ वर्कर्स मौजूद थे हालांकि सिर्फ एक वर्कर सामान्य रूप से घायाल हुआ है।वहां चीफ़ फायर ऑफिसर राजेन्द्र उचाके भी उपस्थित थे। फिलहाल मिल मालिकों से कुल आर्थिक क्षति का अनुमान लगाया गया।उनका कहना है के लाखों का नुकसान हुआ है ।

वैसे अभी आग लगने का सटीक कारण सामने नहीं आया है।फायर ब्रिगेड के लोग आग को बुझाने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे थे लेकिन आग इतनी भयानक थी के दूसरे फायर स्टेशन जैसे कल्मना,सक्करदरा व सिविल लाइंस से और फायर टेंडर्स को इस कार्य में लगाया गया। कुल 20 फायर टेंडर ने 3 घंटे में आग पर नियंत्रण पाया ।

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