मुंबई नागपुर हाई स्पीड रेलवे कोरिडोर के लिए सरकार ने दिया निविदा आमंत्रण, 7 मार्ग है प्रस्तावित

रेलवे द्वारा सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन को सौंपा गया है।
सरकार ने मुंबई से नागपुर तक 741 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर रूट पर बुलेट ट्रेन चलाने के लिए व एक सर्वेक्षण करने के लिए निविदाएं आमंत्रित कीं।यह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर महाराष्ट्र के नासिक से भी गुजरेगा।
प्रस्तावित मुंबई-नासिक-नागपुर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के साथ सर्वेक्षण, ओवरहेड, ओवरग्राउंड, भूमिगत उपयोगिताओं की पहचान और सबस्टेशन के लिए पावर सोर्सिंग विकल्पों की पहचान ’के लिए निविदा जारी की गई है।
राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने अपनी वित्तीय व्यवहार्यता और अनुमानित यातायात को आकर्षित करने के लिए सात अन्य संभावित उच्च गति  पर व्यवहार्यता अध्ययन भी शुरू कर दिया है। भारतीय रेलवे यह पता लगा रहा है कि क्या गलियारे 300 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति वाली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन चलाने के लिए व्यवहार्य होंगे।
सात प्रस्तावित मार्ग दिल्ली-वाराणसी (865 किमी) वाराणसी-हावड़ा (760 किमी), दिल्ली-अहमदाबाद, मुंबई-नागपुर (741 किमी), मुंबई-हैदराबाद (711 किमी), चेन्नई-मैसूर (435 किमी) और दिल्ली हैं। अमृतसर (459 किमी)।
( Image is the just used for representation )
एनएचएसआरसीएल ने दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी एचएसआर कॉरिडोर के लिए डेटा संग्रह से संबंधित निविदाएं मंगाई हैं।
886 किमी लंबी दिल्ली-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना राजस्थान के जयपुर और उदयपुर से होकर गुजरेगी।
एनएचएसआरसीएल के प्रवक्ता ने कहा, “जैसा कि उल्लेख किया गया है कि मार्गों की लंबाई अस्थायी है और वास्तविक सर्वेक्षण के अनुसार बदल सकती है।”
रेलवे द्वारा सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन  को सौंपा गया है।
राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने अपनी वित्तीय व्यवहार्यता और अनुमानित यातायात को आकर्षित करने के लिए सात अन्य संभावित उच्च गति मार्गों पर व्यवहार्यता अध्ययन भी शुरू कर दिया है। भारतीय रेलवे यह पता लगा रहा है कि क्या मार्ग 300 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति वाली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन चलाने के लिए कुशल साबित होंगे।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ वीके सिंह ने कहा –
अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की समयावधि को कोरोना संक्रमण के फैलाव के कारण फिर से शुरू करने की आवश्यकता होगी, लेकिन इसके पूरा होने की वास्तविक समय सीमा अगले तीन से छह महीनों के भीतर ही प्रदान की जा सकती है,
रेलवे के अनुसार, इस परियोजना के लिए अब तक 63 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
भारतीय रुपये और जापानी येन के बीच एक चौड़ी खाई के कारण परियोजना को भूमि मालिकों द्वारा विरोध से लेकर बढ़ती लागत तक के मुद्दों के साथ संघर्ष करना पड़ा है; परियोजना में किसी प्रकार की आर्थिक तंगी ना हो इसके लिए आवश्यक 1 ट्रिलियन रुपये का 80 प्रतिशत जापान के 20 वर्षीय अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जाइका) के ऋण से आएगा।

मध्य रेलवे जल्द ही ले सकता है निर्णय , शुरू हो सकती है राज्य अन्तर्गत रेलवे सेवा

ट्रैन में सफर करने वालों के लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने सोमवार से फैसला लिया है और राज्य सरकार ने ई पास रद्द कर दिया है ।अब महाराष्ट्र में यात्रियों को एक ही राज्य में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए पास की जरूरत नहीं होगी। साथ ही रेलवे को लेकर भी बड़ा निर्णय हुआ है ।
एक ही राज्य में आवागमन के लिए मध्य रेलवे ने 2 सितंबर से बुकिंग की भी शुरुआत करने का फैसला लिया है।ज्ञात हो कि लॉकडाउन में रेलवे सेवा बंद कर दी गई थी और सिर्फ कुछ विशेष रेलवे सेवा दी जा रही थी।
बहरहाल एक ही राज्य के एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए ई पास की अब जरूरत नहीं है।
इसके साथ ही मध्य रेलवे ने फिर से सेवा शुरू करने और सीट आरक्षण पद्धति से बुकिंग प्रारंभ करने का फैसला लिया है।
राज्य सरकार के मिशन बिगिन अगेन के अन्तर्गत लॉकडाउन के वक़्त बंद हुई बहुत सी सेवाओं को अब फिर से शुरू किया जाएगा लेकिन इसके साथ राज्य में लॉकडाउन 30 सितम्बर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
क्या क्या शुरू होगा –
  • सामान्य दुकान,शराब दुकाने चालू रहेगी।
  • होटेल , लॉज पूरी तरह से फिर से चालू रहेंगे।
  • अंतरजिला प्रवास करने के लिए अब बिना ई पास के आवागमन हो सकेगा।
  • सरकारी ऑफिसेज कैपेसिटी के हिसाब से चालू रहेंगे।
  • निजी बस सेवाएं , मिनी बस सेवाएं आदि को परमिशन दे दी गई है।
  • टैक्सी -1+ 3 यात्री , रिक्शा – 1 + 2 यात्री , दोपहिया – 1 + 1 हेलमेट और मास्क के साथ परमिटेड है।
क्या क्या बन्द रहेगा –
  • स्कूल कॉलेज , इंस्टीट्यूट व क्लासेज बन्द लेकिन ऑनलाइन लर्निंग चालू रहेगी।
  • सिनेमा हॉल , स्विमिंग पूल , पार्क , थिएटर ,बार , ऑडिटोरियम आदि पहले कि तरह ही बन्द रहेंगे।
  • सामाजिक ,राजकीय, खेल , मनोरंजन ,सांस्कृतिक कार्यक्रम बंद रहेंगे।
  • मेट्रो सेवा भी बन्द रहेगी।
  • अंतरराष्ट्रीय विमान आवागमन बन्द रहेगा।

साऊथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों को किया 25.48 करोड़ का बुकिंग रिफंड

दरअसल कोरोना संक्रमण के चलते देशव्यापी लॉक डाउन होगया था।इसी कारणवश देशभर में सभी यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गई थी। इसके साथ ही लाखों सवारियों की बुकिंग कैंसल की गई जिनकी रिफंड प्रोसेस 22 मई से शुरू की गई।

रेलवे बोर्ड के आदेश अनुसार सवारियों की फैसिलिटी के लिए 22 मई से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा अब तक 3,95,436 यात्रियों को 25,48,66,612 रुपए रिफंड प्रदान हुआ है ।

रेलवे बोर्ड ने कुछ नियमों में फेर बदल करते हुए यात्रा तिथि से 06 महीने के भीतर रिफंड की सहुलियत दी है।इस समयावधि में दक्षिण पूर्व मध्य रेल जोन के तहत नागपुर के साथ ही रायपुर और बिलासपुर मंडलों में शुक्रवार तक 3,43, 404 यात्रियों ने टिकट कैंसल करवाए। इसके ऐवज में उन्हें 21,83,81,253 रुपए रिफंड दिया गया। इसी प्रकार ऑनलाइन एवं ई–टिकट से 52,032 यात्रियों ने बुकिंग कैंसल कैंसिल कराये।जिसमें 3,64,85,359 रुपए रिफंड रिटर्न किया गया । साऊथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने टोटल 3,95,436 यात्रियों ने टिकट कैंसल कराये और उन्हें 25,48,66,612 रुपए का रिफंड दिए गए ।

ब्रेकिंग: खापरीत मालगाडी डिरेल

नागपूर: आत्ताच मिळालेल्या प्राथमिक माहितीनुसार खापरी रेल्वेस्थानक आऊटर परिसरात सायंकाळी ६:४५ वाजताचे दरम्यान मालवाहक रेल्वेगाडीच्या ३ वॅगन्स रूळावरून उतरल्या मात्र या अपघाताने मुख्य लाईनचे कुठलेही नुकसान झालेले नाही तसेच रेल्वे वाहतुकीवर कसल्याही प्रकारचा व्यत्यय अथवा परिणामाची यामुळे शक्यता नाही.अपघाताची वार्ता कळताच रेल्वेच्या अजनी ब्रेक डाउन चमुवतीने परिस्थिति सुस्थापित करण्याचे कार्यही तत्परतेने सुरू करण्यात आले व लवकरच ते पुर्ण होण्याची अपेक्षाही व्यक्त करण्यात आली

लॉक डाउन के बाद अब फिर से रेल प्रशासन ने शुरू की

देशव्यापी ऐतिहासिक लॉक डाउन के बाद अब धीरे धीरे रेल सेवा भी पटरी पर आने वाली है। आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ था जब सभी ट्रेन सेवाओं को रद्द किया गया था। 1 जून से रेलवे प्रशासन फिर से सेवाएं देना शुरू कर रहा है।

इन 200 ट्रेनों में से नागपुर स्टेशन पर कुल 14 ट्रेनें आएंगी जो की अप और डाउन दिशाओं से संचालित होंगी. सभी ट्रेनें अपने पूर्व निर्धारित समय पर चलेंगी.  तेलंगाना स्पेशल एक्सप्रेस के अलावा  दानापुर-सिकंदराबाद भी नागपुर पहुंचेगी. बाकी सभी ट्रेनों की आवाजाही की शुरुआत  2 जून से होगी. इन सबके बीच श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन भी जारी रहेगा। रेलवे ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के अगले दिन ही  23 मार्च से ही ट्रेनों की आवाजाही रोक दि थी।

हालांकि रेलवे द्वारा यात्री सेवा की श्रमिक और 15 जोड़ी राजधानी स्पेशल ट्रेनें पहले से ही संचालित की जा रही हैं. कुछ स्पेशल ट्रेनों में से 14 नागपुर होकर गुजरेंगी. इनमें कुछ ट्रेनें इस प्रकार हैं दानापुर-बंगलुरू-दानापुर स्पेशल,  हैदराबाद-दिल्ली-हैदराबाद तेलंगाना स्पेशल,  दानापुर-सिकंदराबाद-दानापुर,  मुंबई-हावड़ा-मुंबई मेल स्पेशल,  हावड़ा-अहमदाबाद-हावड़ा, विशाखापट्टनम-दिल्ली-विशाखापट्टनम एपी स्पेशल और  सिकंदराबाद-निजामुद्दीन-सिकंदराबाद दूरंतो स्पेशल एक्सप्रेस शामिल है.

  • रेल यात्रा करते वक़्त को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा
  • वातानुकूलित डब्बों में पर्दे नहीं लगाए जाएंगे तथा बेड रोल भी नहीं दिए जाएंगे।
  • प्रत्येक यात्री को अपने फोन में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा।
  • तेज़ बुखार की स्तिथि में यात्रा की अनुमति नहीं होगी ।

रेल्वेत पाळले जातेय सोशल डिस्टंसींग?

देशव्यापी लॉकडाउनदरम्यान भारतीय रेल्वेच्या सेवेने हळूहळू गती पकडणे सुरू केलेय. लॉकडाऊन दरम्यान रेल्वे बंद काळात कोरोना विषयक जागरूकतेसाठी कैक उपाय योजना पाळल्या गेल्या व अनेक कडक नियम बनले पण पुढेही यांचे पालन केले जाईल काय?

सर्व ट्रेनसिटचे बुकिंग फुल्ल, सुरक्षा, सावधगिरीचे काय?

नागपूर. देशव्यापी लॉकडाउनदरम्यान भारतीय रेल्वेने हळूहळू गती पकडणे सुरू केलेय. लॉकडाऊन दरम्यान रेल्वे बंद काळात कोरोना विषयक जागरूकतेसाठी व फैलाव आटोक्यासाठी कैक उपाय योजना पाळल्या गेल्या व अनेक कडक नियम बनले यातील सोशल डिस्टंसींग नियमास कायम ठेवण्याचा प्रयत्न केला गेला होता परंतु स्वत:  रेल्वे प्रशासनच याबाबत आता ईकडे आड तिकडे विहीर अशा पेचात सापडल्याची स्थिती उद्भवली दिसते आहे.

एकीकडे स्टेशन परिसरात प्रवेशासाठीचे अल्प प्रवाशांत रेल्वे सुरक्षा बलातर्फे सोशल डिस्टंसींग सक्ति केली जातेय तर दुस-या बाजूस 1 जूनपासून सुरू होणा-या 200 ट्रेन्समधे सर्व बुकिंग खुली केलेली आढळतेय, सर्व सीटस्  बुकही झाल्यायत. म्हणजे आता प्रवासी 1 मिटर अंतराऐवजी 1 फूटही अंतर डिस्टंसींग पाळू शकतील वा नाही अशी वेळ आलीय.

नागपूर स्थानकावरही प्रवेश द्वार ते प्लॅटफॉर्मवर प्रत्येक कोचनिहाय 1-1 मिटर वर चिन्हांकन केलेले आहे. शुक्रवारपासून सुरू आरक्षित तिकिट काउंटर वर देखील अशाच प्रकारे चिन्हांकन केलेले आहे. पण प्रवासी कोचात दाखल झाले तर ही डिस्टंसींग लोप पावेल कारण बर्थवर अर्ध्या मिटरवर त्यांना सहप्रवासी लाभणार असतील, अश्या प्रकारे स्टेशनपासून सुरू ही सोशल डिस्टंसिंग कोचात जाऊन -हास पावणार. नागपूरप्रमाणेच देशातील इतर सर्व स्थानकांवरही हाच देखावा आहे.

स्वगृहीच तुटतायत नियम:

रेल्वेने सक्तीचा नियम बनवलाय, प्रत्येक प्रवाश्याची थर्मल स्क्रीनिंग होईल. शारीरिक तापमान सामान्यपेक्षा जराही जास्त आढळले तरी प्रवास करता येणार नाही. श्रमिक स्पेशल आणि राजधानी स्पेशल नंतर 1 जून पासून अधिक ट्रेन संख्येने अधिक प्रवाश्यांची रहदारी वाढेल. अशात लोको पायलट, टीटीई, गार्ड्स, आरपीएफ जवानांसाठी सावधगिरी आणि धोक्यातही जास्त वाढ होणार. प्रत्येक प्रवाश्यांची स्क्रीनिंग करणा-या रेल्वे प्रशासनाने अद्याप रेल्वे कर्मचारी किंवा सुरक्षा कर्मचार्‍यांची  स्क्रीनिंग केलेली नाही.

प्रवाश्यांना कोरोनापासून बचावासाठी क्राउड मॅनेजमेंटवर अधिक जोर दिला गेला परंतु त्यासह स्वत:चे कर्मचार्यांसाठी क्राईसेस मॅनेजमेंटवर देखील लक्ष हवे. स्थानकांवर सोशल डिस्टेंसिंग पालनाचा उपाय नागपूर स्थानकावर यथायोग्य रूजूवल्या जात होता, मात्र रेल्वेत बसताक्षणीच त्याचा बट्टयाबोळ होतो आहे.

रनिंग स्टाफसह १२-१२ तास कार्यरत असणा-या आरपीएफच्या जवानांपैकी कोणाचीही आरोग्य तपासनीची नोंद झालेली नाही, या काळात लाखोंच्या आसपासच्या नागरिक, प्रवाश्यांबरोबर त्यांचा संबंध आलाय व हा क्रम सुरूच आहे. कोरोना संसर्गकाळातील शारीरिक थकवा रेल्वेकर्मचारी आणि सुरक्षाकर्मचा-यांस मोठा धोका पोहोचवू शकतो. या सर्वांमुळे रेल्वेंतर्गतच कोरोना बाँब फुटेल कि काय? असे म्हटल्यास वावगे ठरणार नाही.

1 जून पासून कायम असतील नियम

  •  प्रवाशांना प्रवासाआधीच 90 मिनिटांपूर्वी स्थानकावर पोचणे सक्तीचे.
  •  प्रत्येक प्रवाशाची थर्मल स्क्रीनिंग होईल.
  •  लक्षणे नसलेल्या प्रवाश्यांसच प्रवासाची परवानगी असेल.
  •  स्थानकावरून परत पाठविल्यास संपूर्ण भाडे राशीचा परतावा मिळेल.
  •  वातानुकूलित कोचांत चादर वा ब्लँकेटची सुविधा नाही.

लॉकडाऊनमुळे अडकलेल्या नागरिकांसाठी श्रमिक रेल्वेचे नियोजन

नागपुर:- विशेष श्रमिक रेल्वे सोडण्यासाठीचे नियोजन करताना यापुढे संबंधित राज्याच्या ना हरकत प्रमाणपत्राची आवश्यकता राहणार नाही. तसेच श्रमिक रेल्वेचा संपूर्ण खर्च केंद्र शासनाच्या वतीने रेल्वेला अदा करण्यात येणार आहे.

प्रशासनातर्फे विशेष श्रमिक रेल्वे सोडण्याचे नियोजन करण्यात येणार असून यासाठी नागरिकांना जिल्हाधिकारी कार्यालयातील नियंत्रण कक्षाला आपली संपूर्ण माहिती देण्यात यावी. यामध्ये दूरध्वनी क्रमांक (मोबाईल क्रमांक) आवश्यक आहे. आपल्या जाण्याच्या प्रवासानुसार संबंधित श्रमिक रेल्वे संबंधी संपूर्ण माहिती आपणास मोबाईलवर अथवा दूरध्वनीवर कळविण्यात येईल. यामध्ये रेल्वेची जाण्याची दिनांक, वेळ आदी संपूर्ण माहिती कळविण्यात येईल.

लॉकडाऊनमध्ये अडकलेल्या सर्व नागरिकांसाठी बिहार, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड आदी राज्यासाठी प्रशासनातर्फे विशेष श्रमिक रेल्वे सोडण्यात येणार आहेत. नागरिकांनी संबंधित जिल्हयाच्या जिल्हाधिकारी यांच्या नियंत्रण कक्षासोबत संपर्क साधावा, असे आवाहन विभागीय आयुक्त डॉ. संजिव कुमार यांनी केले आहे.

तरी श्रमिक रल्वेचा लाभ घेण्यासाठी नागरिकांनी जिल्हा नियंत्रण कक्षाच्या दूरध्वनी क्रमांकावर संपर्क साधावा व आपली नोंदणी प्रक्रिया पूर्ण करावी, असे आवाहन विभागीय आयुक्त डॉ. संजिव कुमार यांनी केले आहे.

In the second day, MSRTC moves over 800 migrants

Nagpur:- Even as migrants from other states are in full swing by the railways and the Maharashtra State Road Transport Corporation (MSRTC), daily passengers are scheduled to take advantage of eight trains going north, south, and east via Nagpur.

On Monday, MSRTC had moved over 800 migrants to the MP border near Khawasa and the Chhattisgarh border at Shirpur (Deori) in 40 buses until 9 pm. A ‘Shramik Special’ train likewise carried 1,600 passengers from Nagpur to Darbhanga.

To a question about dropping migrants in between to their destinations of choice, divisional MSRTC controller Nilesh Belsare said, “We can’t do that as per government orders. This is an inter-state arrangement where officials from other states will quarantine these migrants.

“Earlier, plans were made to introduce inter-district migrant transportation but this move could have led to people moving from the red zone to orange and green zones, causing Covid-19 cases to spread. There are proposals to implement this kind of travel, but it’ll be a paid service, Belsare said.

“In the respective district, there are orders to depot managers that if Maharashtra migrants arrive at the state frontiers they will be dropped to their villages. We dropped five such passengers from the Chhattisgarh border into Gondia on Monday, “said Belsare.

Meanwhile, Maharashtra, the Indian Medical Association (IMA), has requested that all passengers arriving in the state undergo a swab test upon arrival, and that they are sent for quarantine. This can take care of people with symptoms and without them.

“These people ‘s thermal scanning, which is being done right now, should be discarded, as it is completely not a reliable screening process,” said IMA president Dr. Avinash Bhondwe.

The Indian Railways declared operation of 15 pairs of trains on Monday after train traffic closed during a lockdown. Of these, Bengaluru-Delhi (02691) will arrive in Nagpur on May 13 at 3.35 pm and Delhi-Bengaluru (02692) will arrive the same day at 10.40 am.

Railway officials said that there would be no counters for general quota passengers except for such groups, such as VIPs, freedom fighters and free railway employee passes. Sources said the incoming and outgoing passengers would undergo thermal scanning and sanitization.

Similarly, Chennai-Delhi (02433) runs from May 15 on Friday and Sunday, while Delhi-Chennai (02434) runs twice a week, reaching Nagpur at 5.50 pm on Thursday and Saturday.

A biweekly train between Bilaspur and Delhi has also started from May 14. The Bilaspur-Delhi 02441 runs Mondays and Thursdays and enters Nagpur at 9.15 pm. Similarly, on Tuesdays and Wednesdays 02442 Delhi-Bilaspur will run on. It will hit Nagpur at 6:10 am on Wednesday and Monday

Covid-19: Indian Railways to restart train services from 12 May

Union Railway Minister Piyush Goyal said in a tweet on Sunday that Indian Railways plans to slowly reboot passenger train services from May 12, with 15 pairs of special trains initially connecting New Delhi to other cities in India.

Passenger train services have remained suspended since a national shutdown was imposed in March to combat the coronavirus. The lockout, twice extended, is scheduled to close on May 17.

“These trains will be run as special trains from New Delhi Station connecting Dibrugarh, Agartala, Howrah, Patna, Bilaspur, Ranchi, Bhubaneswar, Secunderabad, Bengaluru, Chennai, Thiruvananthapuram, Madgaon, Mumbai Central, Ahmedabad and Jammu Tawi,” a press release from the Government said.

The reservations can be made Monday from 4 pm only through the Indian Railway Catering and Tourism Corporation website, the order said. Ticket booking counters shall remain closed at railway stations.

The government added that all travelers will need to wear face masks, and will be checked for signs of coronavirus. It will only require asymptomatic passengers to board the trains. “In due course, further specifics will be released separately including train schedule,” the order said.

After May 12, the press release added, further special services will begin on new routes. After reserving 20,000 coaches for coronavirus care centers, the Government said, these special services will be focused on the available coaches. The 300 Shramik Special trains will also be considered for running every day to ferry stranded migrant labourers to their hometowns.

Shramik Special Trains Goyal said earlier on Sunday that the Railways have been designed to run up to 300 “Shramik Special” trains a day over the past six days to take migrants from their workplace to their hometowns. He added that 366 Shramik Special Trains with over 3,60,000 migrant workers had been operated by the Railways to date. Goyal said that 287 trains have reached their destinations, while 79 are now in transit.

“I appeal to all states to give permission to evacuate and bring back their stranded refugees so that in the next 3-4 days we can get them all back to their homes,” the railway minister said in another tweet. The Center had first announced on April 29 that trains “Shramik Special” will start ferrying migrant workers home.

Rlys packs 4,800 meals on 4 Shramik trains

Nagpur:- The Indian Railways, which keeps migrants shifting in a low-key affair at Shramik Special trains, also ensures that none of the passengers go hungry. On Friday four end-to-end trains passed through the division of Nagpur with at least 1,200 migrants carrying each train. IRCTC, Indian Railways’ arm, supplied those migrants with 4,800 meal packets.

Lingampalli near Hyderabad to Varanasi in UP, Ghatkesar in Telangana to Vidisha in MP, and Lingampalli to Gonda in UP comprised three of the four trains that passed via Nagpur.

“While at Nagpur station 3,600 meal packets were supplied, at Ballarshah station a further 1,200 were distributed. Both Nagpur and Ballarshah have base kitchens which were handed over as per policy decision to the Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC),’ officials said.

Meanwhile, the inflow of migrants from Andhra Pradesh to the Gadchiroli and Chandrapur tribal districts continued with 686 more migrants from Rayanapadu in Andhra Pradesh arriving on Friday morning by a special train at Nagbhid station.

The Nagpur division of the South East Central Railway (SECR) adhered strictly to social distancing and did thermal passenger scanning before enabling them to depart. Rayanapadu train brought 1,004 laborers to Wadsa earlier on May 6. These laborers were from the towns of Bhandara, Gadchiroli, Gondia, and others.

Central Railway’s Nagpur division also clarified that it did not refund Rs12.28 lakh as stated by in a news story on May 7, when two trains left from Wardha and Nagpur for Barauni and Muzaffarpur on May 6, respectively. “The district administration pays the fare after which tickets are released,” Railway officials said.

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