FSSAI ने Royal Challenge, Old Monk पर लगाया बैन — नागपुर के दुकानों से हटेंगी ये बोतलें

Royal Challenge Old Monk ban: अगर आप Royal Challenge, Old Monk, Antiquity Blue या Bagpiper पीते हैं — तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इन मशहूर ब्रांड्स की कई वेरिएंट्स की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। इसके अलावा, Bagpiper और McDowell’s के कुछ वेरिएंट्स भी इस बैन में शामिल हैं।
यह भारत के घरेलू शराब बाजार में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई है। इसके साथ ही, नागपुर के बार, रेस्तरां और दुकानों में बिकने वाले ये ब्रांड्स आम उपभोक्ताओं में बेहद लोकप्रिय हैं। इसलिए नागपुर के लोगों को यह समझना जरूरी है कि आखिर हुआ क्या और कौन से उत्पाद बैन हुए हैं।
किन ब्रांड्स पर लगा बैन और कौन बनाता है इन्हें
FSSAI की कार्रवाई तीन बड़े उत्पादकों के खिलाफ हुई है — Diageo India का United Spirits, Inbrew Beverages और Mohan Rocky Springwater।
Diageo India के United Spirits से Antiquity Blue Whisky और Royal Challenge Whisky के कुछ वेरिएंट्स बैन हुए हैं। इसके अलावा, McDowell’s के कुछ वेरिएंट्स भी इस कार्रवाई में शामिल हैं।
Inbrew Beverages की Old Monk Rum के कुछ वेरिएंट्स पर प्रतिबंध लगाया गया है। Old Monk भारत के सबसे पुराने और पसंदीदा रम ब्रांड्स में से एक है। नागपुर और विदर्भ में इसके लाखों वफादार ग्राहक हैं।
Mohan Rocky Springwater के Bagpiper Whisky वेरिएंट्स भी इस बैन की जद में आए हैं। Bagpiper देश के सबसे ज्यादा बिकने वाले व्हिस्की ब्रांड्स में से एक है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि बैन सिर्फ कुछ खास वेरिएंट्स और खास फैक्ट्रियों पर लागू है। इसलिए इन कंपनियों के सभी उत्पाद बैन नहीं हुए हैं।
FSSAI ने क्यों की यह कार्रवाई — असली वजह क्या है
FSSAI ने आरोप लगाया है कि इन कंपनियों ने असली शराब बनाने की बजाय आर्टिफिशियल फ्लेवरिंग का इस्तेमाल किया।
असली व्हिस्की बनाने के लिए माल्टेड बार्ली या अनाज का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा, लंबे समय तक बैरल में पुराना करना जरूरी होता है। असली रम बनाने के लिए गुड़ आधारित किण्वन और आसवन की प्रक्रिया होती है। यह पूरा काम समय लेने वाला और महंगा होता है।
लेकिन FSSAI के अनुसार, इन कंपनियों ने एक शॉर्टकट अपनाया। वे न्यूट्रल अल्कोहल लेते थे और उसमें आर्टिफिशियल व्हिस्की या रम फ्लेवर मिला देते थे। फिर इसे असली व्हिस्की या रम बताकर बेचते थे। इसके अलावा, पैकेजिंग पर इसका कोई जिक्र नहीं होता था। नतीजा यह कि ग्राहक असली उत्पाद के पैसे देकर नकली चीज खरीद रहे थे।
FSSAI ने साफ कहा — “दुनिया में कहीं भी ऐसी मान्यता प्राप्त प्रक्रिया नहीं है जिसमें रम में रम फ्लेवर या व्हिस्की में व्हिस्की फ्लेवर मिलाया जाए।”
क्या अनुमति है और क्या नहीं — नियम समझें
FSSAI के Food Safety and Standards (Alcoholic Beverages) Regulations, 2018 के तहत कुछ फ्लेवर जोड़ने की अनुमति है। उदाहरण के लिए, वेनिला या कॉफी फ्लेवर मिलाना ठीक है।
हालांकि, उसी पेय का फ्लेवर उस पेय में मिलाना पूरी तरह वर्जित है। इसके अलावा, अगर कोई फ्लेवर मिलाया गया है तो उत्पाद को “Rum-flavoured Spirit” या “Whisky-flavoured Spirit” लिखकर बेचना जरूरी है। केवल “Rum” या “Whisky” लिखना गैरकानूनी है।
नागपुर की दुकानों में क्या हो रहा है अभी
यह सबसे जरूरी सवाल है। FSSAI का बैन बिक्री रोकने का आदेश है। इसलिए दुकानदारों को इन वेरिएंट्स को तुरंत हटाना होगा।
हालांकि, वितरण नेटवर्क में पहले से मौजूद स्टॉक को हटाने में थोड़ा समय लग सकता है। इसके अलावा, महाराष्ट्र के आबकारी विभाग की प्रक्रिया भी इसमें शामिल है। इसलिए कुछ दुकानों में ये बोतलें अभी भी दिख सकती हैं।
नागपुर में अगर कोई दुकानदार बैन हुई बोतल बेच रहा है तो उसकी शिकायत महाराष्ट्र FDA के नागपुर कार्यालय में की जा सकती है।
आपके उपभोक्ता अधिकार क्या हैं
अगर आपने हाल ही में इनमें से कोई बैन हुई बोतल खरीदी है और वह अभी खुली नहीं है तो आप इसे वापस कर सकते हैं। पहला काम यह करें कि दुकानदार को वापस करें और पूरे पैसे मांगें। अधिकतर दुकानदार FSSAI बैन की वजह से वापसी करेंगे।
दूसरा, अगर दुकानदार इनकार करे तो महाराष्ट्र FDA के नागपुर कार्यालय में लिखित शिकायत दें। इसके अलावा, जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग नागपुर में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
तीसरा, अगर किसी बार या रेस्तरां ने आपको यह प्रोडक्ट परोसा है तो FSSAI Food Safety Connect पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। हमने इस पोर्टल के बारे में पहले विस्तार से लिखा है।
यह बैन सिर्फ इन्हीं कंपनियों तक सीमित नहीं है
FSSAI की यह कार्रवाई केवल तीन कंपनियों तक सीमित नहीं है। इसके अलावा, FSSAI ने Diageo, Mohan Rocky Springwater, Inbrew Beverages और Associated Alcohol and Breweries सहित कई और कंपनियों को नोटिस भेजे हैं। इनके अलावा छह अन्य कंपनियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
इसके अलावा, FSSAI ने गोवा की Mandexi Distilleries and Breweries में निरीक्षण किया और महाराष्ट्र में छह अन्य निर्माताओं को नोटिस दिए हैं। इसलिए यह एक अलग-थलग मामला नहीं है। यह पूरे उद्योग में फ्लेवरिंग उल्लंघनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई है।
कंपनियों की प्रतिक्रिया क्या है
इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक Diageo India, Inbrew Beverages और Mohan Rocky Springwater ने कोई व्यापक सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, माना जा रहा है कि ये कंपनियां कानूनी और नियामकीय चैनलों के जरिए जवाब देंगी।



