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Old Monk अभी भी महाराष्ट्र में बैन — Bombay High Court ने राहत देने से किया इनकार

अगर आप महाराष्ट्र में Old Monk रम ढूंढ रहे हैं और दुकानों में नहीं मिल रही — तो यह स्थिति अभी नहीं बदलने वाली। Bombay High Court ने Old Monk निर्माता Mohan Rocky Springwater को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। इसके अलावा, FSSAI के महाराष्ट्र में बिक्री प्रतिबंध के खिलाफ कोई स्टे नहीं मिला। इसलिए, Old Monk पूरे महाराष्ट्र में — नागपुर सहित — अभी भी दुकानों से गायब रहेगी।

यह मामला Acting Chief Justice Ravindra V. Ghuge और Justice Gautam Ankhad की Division Bench के सामने सुना गया। इसके अलावा, सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियां बेहद तीखी और यादगार रहीं। अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को होगी।

विवाद क्या है — असली मुद्दा समझें

यह सिर्फ लेबलिंग का मामला नहीं है। इसके अलावा, FSSAI की आपत्ति Old Monk की बुनियादी पहचान पर है।

FSSAI ने Bombay High Court को बताया कि Old Monk को “rum” के रूप में नहीं बेचा जा सकता। इसके अलावा, रेगुलेटर का कहना है कि यह उत्पाद neutral spirit में rum flavouring मिलाकर बनाया जाता है। इसलिए, FSSAI के अनुसार इसे “rum-flavoured spirit” कहना चाहिए — न कि सिर्फ “rum”।

यह फर्क बहुत महत्वपूर्ण है। असली rum गन्ने के किण्वन और आसवन से बनती है। इसके बाद उसे बैरल में पुराना किया जाता है। हालांकि, FSSAI के अनुसार Old Monk में neutral spirit का बड़ा हिस्सा है और उसमें rum flavour मिलाया जाता है। इसलिए, इसे rum कहकर बेचना उपभोक्ताओं को गुमराह करता है।

बोतल के बारे में कोर्ट ने क्या कहा — “मैग्नीफाइंग ग्लास” वाला पल

इस सुनवाई ने भारत के food law के इतिहास में सबसे यादगार टिप्पणियां दीं। इसके अलावा, कोर्ट ने Old Monk की पैकेजिंग की सीधे जांच की।

Bench ने बोतल पर दो खास शब्दों पर सवाल उठाया — “7 years old blended” और “very old vatted”। इसके अलावा, कोर्ट ने पूछा कि क्या इन शब्दों से आम उपभोक्ता को लगेगा कि पूरी बोतल की शराब 7 साल पुरानी है।

फिर Acting Chief Justice Ghuge ने एक ऐसी टिप्पणी की जो अब वायरल हो चुकी है। उन्होंने Old Monk की बोतल पर added flavouring की जानकारी खोजने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने कहा — “मैंने magnifying glass लगाया, फिर भी नहीं मिली।” इसके अलावा, कोर्ट ने कहा कि इस जानकारी को पढ़ना आम उपभोक्ता के लिए असंभव है।

कोर्ट ने एक और यादगार टिप्पणी की। “काश इस देश का हर नागरिक इतना पढ़ा-लिखा होता कि इन सब बातों को समझ सके!” इसलिए, कोर्ट ने साफ किया कि fine print में छिपी जानकारी वास्तविक पारदर्शिता नहीं है।

Old Monk निर्माता ने क्या माना

निर्माता ने कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दो महत्वपूर्ण बदलाव मानने का वादा किया। इसके अलावा, ये बदलाव बिक्री पुनः शुरू करने की कोशिश में किए गए।

पहला बदलाव — बोतल से “7 years old blended” शब्द पूरी तरह हटाए जाएंगे। यह एक बड़ा बदलाव है। इसके अलावा, यह Old Monk की दशकों पुरानी पहचान का हिस्सा था।

दूसरा बदलाव — “added flavor” की जानकारी बोतल पर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखी जाएगी। हालांकि, इन बदलावों से बिक्री तुरंत शुरू नहीं हुई। इसके अलावा, कोर्ट ने निर्माता को नए डिजिटल लेबल का ड्राफ्ट जमा करने को कहा है। इसलिए, अगली सुनवाई तक प्रतिबंध जारी रहेगा।

कोर्ट का फैसला — न पूरी तरह सही, न पूरी तरह गलत

कोर्ट ने अपनी interim observations में एक संतुलित लेकिन सख्त राय दी। इसके अलावा, Bench ने निर्माता को पूरी तरह गलत नहीं माना।

“हमारा prima facie view है कि कुछ बातों में आप सही हैं और कुछ में गलत। इसलिए हम आपको final relief नहीं दे सकते।” — यह कोर्ट की सीधी बात थी। हालांकि, इस संतुलित राय के बावजूद कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार किया।

इसके अलावा, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभी बिक्री की अनुमति देना final relief देने जैसा होगा। इसलिए, जब तक पूरा मामला ठीक से सुना न जाए, तब तक प्रतिबंध जारी रहेगा।

Old Monk महाराष्ट्र में कब वापस आएगी

अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को होगी। इसके अलावा, इस सुनवाई में Mohan Rocky Springwater का नया label draft कोर्ट के सामने रखा जाएगा। FSSAI भी अपनी प्रतिक्रिया देगी।

अगर कोर्ट नए label से संतुष्ट हो जाती है — तो हो सकता है कि Old Monk बदले हुए रूप में महाराष्ट्र में वापस आ जाए। हालांकि, यह निश्चित नहीं है। इसके अलावा, FSSAI की मुख्य आपत्ति — कि Old Monk को “rum-flavoured spirit” कहा जाए — अभी भी बनी हुई है। इसलिए, 11 सितंबर की सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण है।

Nagpur Updates इस सुनवाई की खबर तुरंत प्रकाशित करेगा।

नागपुर के उपभोक्ताओं और दुकानदारों के लिए जरूरी बात

नागपुर में Old Monk पीने वाले लोगों के लिए स्थिति अभी वही है जो पहले थी। इसके अलावा, जिन दुकानदारों के पास Old Monk का स्टॉक है — वे इसे बेच नहीं सकते।

हालांकि, कोर्ट की कार्यवाही से एक बात साफ है। निर्माता सक्रिय रूप से बैन को चुनौती दे रहा है और लेबलिंग में बदलाव के लिए भी तैयार है। इसलिए, कोई न कोई समाधान निकलने की संभावना है।

जैसा कि Nagpur Updates ने पहले रिपोर्ट किया था — FSSAI ने Royal Challenge, Antiquity Blue और Bagpiper पर भी इसी तरह की कार्रवाई की थी। Old Monk का मामला उसी बड़े enforcement campaign का हिस्सा है।

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