Police issue 4,076 passes to citizens to operate essential services

Nagpur: A pharmacist, a hospital food contractor and a grocery store owner were among the 4,076 people who approached police stations and had passes given to travel around the city for critical services.

City commissioner BK Upadhyay had said on Monday that after providing legitimate purpose, people who need to move in town for any emergency should approach the nearby police station and collect passes. People lined up at police stations on Tuesday to get passes so they can drive to town for their jobs. In order to get the passes, many government officials, physicians, pharmacists, families of people admitted to hospital approached police station.

The passes had been issued from various police stations after verifying credentials and reasons provided by the resident.

Police officials from Sitabuldi went one step further and installed a booth at Variety Square to issue passes. Many people were lined up to get passes at the stand.

Manoj Chandak, a pharmaceutical store owner, who has a Dhantoli office, said, “I need to go regularly to Gandhibagh to buy pharmaceutical goods. I wanted the pass so I could legally go shopping for products without any hiccups. “Another resident, Pranita Deshpande, had come to the police station with her husband to get a pass as the couple runs a Sitabuldi grocery store. “I needed the transfer, so I could function properly. I had a job at the bank as well, so if I have the pass I can go there without any trouble, “she said.

Dr Abhay Pathak, who had gone to Sitabuldi police station, said he was dismayed by police conduct and language against common citizens. “I got the pass, but the cops yelled at the people, which isn’t right,” he said.

A senior police officer told TOI there had been many people coming to the police station saying they wanted the pass. “Most of them used as the excuse for receiving a pass medical emergency, so we had to issue it,” he said.

जानें- क्या खुला रहेगा, क्या होगा बंद- लॉकडाउन

क्या है पूरी तरह बंद?

सभी फैक्ट्रियां, वर्कशॉप, ऑफिस, गोदाम, हफ्ते में लगने वाली मार्केट बंद रहेंगी।
कर सकेंगे ट्रैवल?
सभी तरीके के पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होंगे। बस या ट्रेन सेवाएं नहीं चलेंगी।
कहां जाने की इजाजत नहीं?
सार्वजनिक स्थान जैसे मॉल, हॉल, जिम, स्पा, स्पोर्ट्स क्लब बंद रहेंगे।
कौन सी दुकानें खुलेंगी?
हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बंदी नहीं होगी। मेडिकल शॉप और राशन की दुकानें खुली रहेंगी। डॉक्टर के यहां जाने की इजाजत होगी। सभी रेस्तरां, दुकानें, इटरी बंद रहेंगी।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ऐलान किया है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए देश को 21 दिन के लिए लॉकडाउन किया जाएगा। इस खतरनाक वायरस के खिलाफ सबसे अहम हथियार सोशल डिस्टेंसिंग को सख्त तरीके से लागू करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

*महत्वाची सूचना:-*

नागपूरकर जनतेला कळविण्यात येते की,सद्या नागपूर शहरात संचारबंदी, जमावबंदी लागू करण्यात आली आहे, तरी नागरिकांना काही अडी-अडचणी, समस्या किंवा प्रश्न निर्माण झाले असतील किंवा त्यांना काही माहिती,सूचना द्यायची असेल तर त्यांनी कृपया नागपूर शहर पोलीस नियंत्रण कक्षाच्या व्हाट्सएप नंबर – *9823300100*  यावर शेअर करावे.
    तसेच,शहरातील वाहतूक व्यवस्थाबाबत काही समस्या,प्रश्न असतील त्याकरिता वाहतूक शाखेकडील मोबाईल क्रमांक *9011387100* यावर माहिती शेअर करावी.

आदेश झुगारुन काम सुरू ठेवणाऱ्या ठवकर, बजाज शोरूमवर लाखोंचा दंड

एकीकडे कोरोनाचा संसर्ग वाढू नये यासाठी जिल्हा आणि मनपा प्रशासन दिवसरात्र एक करीत आहे तर दुसरीकडे प्रशासनाच्या आदेशाला झुगारून काही खासगी कंपन्यांकडून कर्मचाऱ्यांना कामावर बोलावले जात आहे. असा आदेश झुगारणाऱ्या दोन कंपन्यांना सोमवारी (ता. २४) मनपाच्या उपद्रव शोध पथकाने दीड लाखांचा दंड ठोठावला.

शहरातील सर्व खासगी, कॉर्पोरेट व अन्य आस्थापना ३१ मार्चपर्यंत बंद ठेवण्याचे निर्देश मनपा आयुक्तांनी दिलेले आहेत. असे असतानाही वर्धमान नगर येथील ठवकर कंपनीतील सुमारे ६०-७० लोकांना कामावर बोलावण्यात आले होते. कंपनीचे शटर बंद ठेवून त्यांच्याकडून काम करवून घेतले जात होते.

मनपाच्या नियंत्रण कक्षाकडे याबाबत माहिती मिळताच मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे यांच्या निर्देशानुसार लकडगंज झोनचे सहायक आयुक्त सुभाष जयदेव आणि उपद्रव शोध पथकाच्या चमूने सदर कंपनीवर धाड टाकली. तक्रारीनुसार तेथे सुमारे ६० ते ७० कर्मचारी काम करताना आढळून आले. कोरोना संदर्भात साथ रोग नियंत्रण कायद्याखाली मनपा आयुक्तांनी काढलेल्या आदेशाचे उल्लंघन झाल्याचे लक्षात येताच मनपाच्या अधिकाऱ्यांनी सदर कंपनीवर एक लाख रुपयांचा दंड ठोठावला.

बजाज शो रुमवरही कारवाई
वर्धमान नगरमधीलच हनी सागर अपार्टमेंट येथे बजाजचे शो रुम आहे. याठिकाणीसुद्धा मागील गेटने कामगारांना आत घेऊन तेथे काम सुरू ठेवण्यात आले होते. याबाबतही मनपाच्या नियंत्रण कक्षाला माहिती मिळताच अधिकाऱ्यांनी तेथेही धाड मारली. आदेशाचे उल्लंघन झाल्याचे लक्षात येताच शो रुम मालकाला ५० हजार रुपयांचा दंड ठोठावण्यात आला. वेळोवेळी सांगूनही जर नागरिक कायद्याचे उल्लंघन करीत असेल तर यापेक्षाही कडक कारवाई करण्यात येईल, असा इशारा मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी दिला आहे.

लाकडाउन : सख्ती से निपटे मनपा और पुलिस

नागपुर. कोरोना के लगातार बढ़ते प्रभाव और तीसरे चरण में जाने से रोकथाम को लेकर मनपा, जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस ने धारा 144 लागू कर लोगों की भीड़ जमा होने पर रोक लगाने का प्रयास भी किया है, लेकिन तीसरे चरण में जाने से यदि बचना हो तो सोशल डिस्टेंसिंग को लागू करना अनिवार्य है, जिसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए. तमाम प्रयासों के बावजूद सड़कों पर लोगों को आने से रोकने के लिए उपाय पर्याप्त दिखाई नहीं दे रहे हैं.

इससे सड़कों पर एक व्यक्ति भी न आ सके तथा वाहनों पर भी इस तरह की पाबंदी लगाने के लिए कड़े कदम उठाने के आदेश न्यायाधीश सुनील शुक्रे और न्यायाधीश अविनाश घारोटे ने पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी को जारी किए. अदालत ने आदेश में कहा कि समय रहते यदि इस तरह के आदेश जारी किए गए तो लंबे समय तक कोरोना से बचा जा सकेगा.

बचाव किट की किल्लत
सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत मित्र की ओर से बताया गया कि कोरोना से बाधित मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं देनेवाले डाक्टरों, नर्स स्टाफ और सफाई कर्मचारियों को बाधित होने से बचने के लिए हजमेट किट की आवश्यकता होती है, लेकिन वर्तमान में बचाव के इस किट की काफी किल्लत है. इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने राज्य सरकार को किल्लत की ओर विशेष रूप से ध्यान देने और संभवत: एक सप्ताह के भीतर इस तरह की किट प्रत्येक स्वास्थ्य सुविधा के अस्पतालों तथा एमएलए होस्टल में निर्मित किए गए आइसोलेशन वार्ड में उपलब्ध कराने के आदेश दिए.

अदालत को बताया गया कि कोरोना की जांच के लिए लैब स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके अनुसार अकोला और मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के लिए राज्य सरकार की ओर से मंजूरी प्रदान की गई है. इसी तरह यवतमाल, गड़चिरोली, चंद्रपुर जैसे क्षेत्रों में भी 2 सप्ताह के भीतर लैब सुनिश्चित करने के आदेश सरकार को दिए.

विदर्भ के जेलों में बनाएं आइसोलेशन वार्ड
अदालत मित्र की ओर से बताया गया कि न तो सेंट्रल जेल में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया और न ही घरेलू उड़ानों से नागपुर एयरपोर्ट पर आनेवाले यात्रियों की स्क्रिनिंग की जा रही है, जिसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने यदि सेंट्रल जेल और विदर्भ के अन्य जेलों में आइसोलेशन वार्ड निर्मित नहीं किए गए हो तो एक सप्ताह के भीतर विदर्भ के सभी जेलों में आइसोलेशन वार्ड निर्मित करने की दिशा में कदम उठाने के आदेश राज्य सरकार को दिए.

साथ ही अदालत ने नागपुर एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानों से आ रहे यात्रियों की स्क्रीनिंग स्थिति में सुधार होने तक सुनिश्चित करने के आदेश भी सरकार को दिए. अदालत ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को पुणे की नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलाजी के साथ समन्वय रखते हुए पर्याप्त मात्रा में टेस्टिंग किट सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए.

Practice self-quarantine or face action with the citizens, ADDI Commissioner Bharne

Nagpur: While the administration and the city police ensure that every effort is made to break the transmission of the novel Corona Virus(Covid-19) among the Nagpurians, some quarantined people find themselves roaming around, visiting families and friends who pose a severe threat to others and accepting norms as granted.

But enough is enough, says Dr. Nilesh Bharne, Additional Commissioner (Crime) and that punishment would reward such obstinacy.

“To date, the town has about 500 quarantined workers on record. They were advised to self-quarantine for at least 14 days, to contain the outbreak of novel Corona Virus, for the benefit of themselves and the society.

We were amused to see the person wandering around, hanging out with family and friends, though. These actions poses danger not only to them but to society itself, “Bharne said.

“If any offenders of Covid-19 or self-quarantined workers find breaching the regulations laid down by the District Administration, they will be booked under section 188 of the IPC,” added Additional Commissioner.

The administration needs your support: Bharne urged citizens to contribute for their own good while the country faces the worst global epidemic.

“Those who were quarantined within the home also tested negative. They were kept under watch, however. We asked them to be in quarantine for 14 days to ensure there was no symptom.

Civic bodies track everyone who has been quarantined while the health of cops ensues. Even physicians are on call if home quarantined individuals need any support, guidance or advice, “he said, urging people to assist the administration.

नागपुर पुलिस प्रशाशन ने ट्वीट कर की जनता से लॉक डाउन को गंभीरता से लेने की अपील

Nagpur updates:सबसे पहले तो हम सरल शब्दों में यह जान लेते हैं के लॉक डाउन दरअसल है क्या? लॉकडाउन का सीधा अर्थ समझें तो “तालाबंदी”होता है ,यहां शहर लॉक डाउन है मतलब सभी लोगों को घर पर ही रहना है।एक तरह से सुरक्षा की दृष्टि से शहर में हर गैर जरूरी गतिविधियों को कुछ दिनों के लिए बंद किया गया है।ताकि लोग एक दूसरे के संपर्क में ना आएं और कोरोना संक्रमण से बच पाएं।

इसी के चलते नागपुर पुलिस प्रशाशन ने भी ट्वीट कर आमजन से अपील की है के सभी लोग सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। अपना और दूसरे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ ना करें।सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रहेंगी।कोरोना के खिलाफ इस जंग में प्रशाशन का सहयोग करें।निर्देशों का पालन ना करने वाले पर कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है।

बेफिजूल घूम रहे लोगों पर इमामबाड़ा पुलिस की कार्रवाई

Nagpur updates:कोरोना के बढ़ते मामले धीरे धीरे देश के बहुत से राज्यों को चपेट में लेते जा रहे हैं।फिलहाल महाराष्ट्र,आंध्रप्रदेश,गुजरात,राजस्थान,पंजाब, दिल्ली तमिलनाडु,बिहार,उत्तरप्रदेश आदि राज्यों में बहुत से कोरोना के मरीज़ मिले हैं।इसलिए ज्यादातर राज्यों में लॉक डाउन करदिया गया है।ताकि स्तिथि को नियंत्रण में किया जा सके।

इसी तरह नागपुर शहर पर भी प्रशाशन ने कड़ी नजर रखी है लॉक डाउन का पालन करवाया जा रहा है।किन्तु शहर के कुछ युवा इस महामारी और स्तिथि को गंभीरता से लेने की बजाए सिर्फ घूमने और मौज मस्ती का समय सोच कर मनमानी करने पर तुले हैं।

अभी ताज़ा घटना को देखा जाए तो ऐसा ही कुछ शहर के इमामबाड़ा इलाके में देखने को मिला ।आप दी हुई तस्वीरों में कुछ बेफिजूल घूमते युवाओं को पुलिस द्वारा दंडित करते देख सकते हैं।

पुलिस प्रशाशन का भी यही कहना है यदि इस स्तिथि को गंभीरता से नहीं लिया गया तो उसपर पुलिस कार्यवाही करेगी।बेहतर है के हम देश के इस संकट की स्तिथि में एक अच्छे नागरिक होने का परिचय देते हुए,सरकारी आदेशों और प्रतिबंधों का पालन करें।

एक तरफ दीवार फिल्म के अमिताभ और शशि कपूर और दूसरी तरफ नागपुर पुलिस ऑफिसर डी सी पी राजमाने कोरोना से जंग में सामने आया नया वीडियो

नागपुर :दरअसल कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए नागपुर पुलिस ने अनोखा तरीका निकाला है ।जिसमें नागपुर पुलिस ने एक वीडियो जारी किया है जिसके तहत एक मज़ेदार वीडियो बनाया है जिसमें दीवार फिल्म के एक दृश्य को फिल्माया गया है ।

उसके साथ ही दूसरे दृश्य में कोरोना से बचने का संदेश और जागरूकता का संदेश देते हुए एक पुलिस ऑफिसर दिखाई दे रहा है।इस तरह के नए और अनोखे तरीकों को अपनाकर नागपुर पुलिस लोगों को सचेत करना चाहती है।यह वीडियो सही मायने में बहुत सराहनीय कदम है।

Lockdown in town, police urge people to empty public spaces in the midst of the scare of Coronavirus

Nagpur updates: With an increasing threat of novel coronavirus, Maharashtra police in Nagpur called on people to vacate public spaces on Friday. All private and corporate facilities in the city have been shut down except those that provide critical services.

Police, who were seen patrolling the streets, advised people to remain indoors until 31 March in an effort to avoid the spread of the deadly coronavirus.

Since the growing number of COVID-19 incidents, major cities in Maharashtra were locked down extensively. With more than 50 coronavirus cases, the state has become the worst hit in the world.

So far, four people have been screened positive for Nagpur coronavirus. It seems that the outbreak, which has caused countless people to work from home, has not been able to stop Nagpur police officers from appearing in their workplace.

On Friday, police in Nagpur vowed to combat the coronavirus before it stops. A photo of uniform officials in front of helmets “working out of the police station” was posted on Twitter by the police.

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