नई टेंडर प्रक्रिया से रोजगार आया खतरे में ,इसी वजह से वी एन आई टी में सुरक्षाकर्मियों ने छेड़ा आंदोलन

नागपुर :दरअसल वी एन आई टी बनाज नगर में कार्यरत सुरक्षाकर्मियों ने आंदोलन शुरू किया है जिसकी वजह यह है के इस वर्ष वी एन आई टी ने जो टेंडर निकाला है उसके अनुसार अब किसी दूसरी सुरक्षा एजेंसी को यह टेंडर मिला है।
बताया जा रहा है शायद नई सुरक्षा एजेंसी के साथ नए हाउसकीपिंग,मैंटेनेस और सुरक्षा कर्मी आयंगे किन्तु पुराने सुरक्षाकर्मियों का यह कहना है के हर बार कॉन्ट्रैक्टर बदलते हैं किन्तु स्टाफ वही रहता है तो इस साल ऐसा क्यों हो रहा है, के स्टाफ भी बदल रहा है?
हाउसकीपिंग,मैंटेनेस और सुरक्षाकर्मियों को मिलाकर लगभग 170 कर्मियों का ऐसे में रोजगार चले जाएगा। अब जबकि पूरे देश में कोरोना महामारी ने पैर पसार लिए है और लाखों लोगों को रोजगार की समस्या झेलनी पड़ रही है ऐसे में वह कहां जाएंगे ? कैसे अपना घर चलाएंगे ? यही उनका वी एन आई टी मैनेजमेंट से प्रश्न है ।
सुरक्षाकर्मियों का यह भी कहना है के यदि ऐसे ही हालात रहे तो उनके पास कोई रोजगार नहीं बचेगा और आत्महत्या के अलावा कोई उपाय नहीं होगा।
उनकी मांग यही है के उन्हें कंटिन्यू किया जाए । वरना जय जवान , जय किसान संघटना आंदोलन एक उग्र रूप लेलेगा। उनका यह भी कहना है के अभी तक वी एन आई टी के किसी भी प्रबंधक ने उनसे इस विषय में बात नहीं की है।

नागरी हक्क जनजागृति बाबत पोलिस विभागातर्फे मोहिम: महत्वाचे कार्यालयांत दर्शनी फलक लावणार

भ्रष्टाचारास पायबंद घालण्याकरिता लोकांनी पुढे यावे म्हणुन नागपूर पोलीस आयुक्तालया अंतर्गत जनतेस आवाहन करणारे फलक सर्व पोलीस स्टेशन्स व वरिष्ठ अधिका-यांच्या कार्यालयात दर्शनी भागात लावण्याकरिता मा. डाॅ. श्री. भूषण कुमार उपाध्याय, पोलीस आयुक्त, नागपूर यांचे हस्ते वितरित करण्यात आले. पोलीस आयुक्तांनी भ्रष्टाचाराच्या विरोधात उचलेले हे एक मोठे पाउल समजण्यात येते.

आपले कायदेशीर काम करण्याकरिता लोकसेवकाने लाच मागितल्यास त्याबाबत नेमकी कुठे तक्रार करावी? कोणत्या कार्यालयात जावे? याबाबत सर्व सामान्य जनता मोठया प्रमाणात अनभिज्ञ असतेे. जनतेस त्यांच्या कायदेशीर हक्काबाबत माहिती मिळण्याकरिता व दाद मागणे सोईचे जावे म्हणुन जनतेस आवाहन करणारे फलक तयार करण्यात आले आहेत.

या फलकामध्ये ”भ्रष्टाचार थांबविणे हे तुमच्या हाती आहे. भ्रष्टाचार नष्ट केला तरच देश मजबुत होवु शकतो, लाच घेणे आणि देणे हा गंभीर गुन्हा आहे. देशाच्या विकासाला खिळ घालणारा भ्रष्टाचार आपण सगळे मिळुन नष्ट करु. आपले कायदेशीर काम करण्याकरिता कोणि लाच मागितल्यास आपण खालील कार्यालयाशी संपर्क साधा.“ असे जनतेस आवाहन करण्यात आले असुन त्याखाली पोलीस अधीक्षक व अपर पोलीस अधीक्षक, लाच लुचपत प्रतिबंधक विभाग नागपूर यांचे कार्यालयाचे पत्ते व दूरध्वनी क्रमांक नमूद करण्यात आले आहे.

दिनांक 03/09/2020 रोजी संध्याकाळी 04.00 वाजता पोलीस आयुक्त कार्यालयात कोविड-19 बाबत सर्व खबरदारी बाळगुन आवाहनाचे फलक वितरित करण्याचा एक छोटेखानी कार्यक्रम आयोजीत करण्यात आला. या प्रसंगी मा. डाॅ. श्री. भूषण कुमार उपाध्याय, पोलीस आयुक्त नागपूर शहर यांनी पोलीस उपायुक्त श्री. राजमाने व श्री. साळी यांना फलक वितरित केले. यावेळी लाच लुचपत प्रतिबंधक विभागाचे प्रभारी पोलीस अधीक्षक श्री. राजेश दुद्दलवार हे उपस्थित होते.

या प्रसंगी बोलतांना मा. डाॅ. श्री. भूषण कुमार उपाध्याय, पोलीस आयुक्त नागपूर शहर यांनी भ्रष्टाचारा विरुध्द तक्रार करण्याकरिता सर्वसामान्य नागरिकांस त्यांच्या अधिकाराची जाणिव होवुन त्याबाबत व्यापक जनजागृती होणे अंत्यत आवश्यक असल्याचे सांगितले. जनतेस आवाहन करणारे फलक नागपूर पोलीस आयुक्तालयातील सर्व वरिष्ठ अधिका-यांची कार्यालये, सर्व पोलीस स्टेशन्स, वाहतुक शाखा, विशेष शाखा, गुन्हे शाखेसह ईतर सर्व कार्यालयात लावण्यात येणार आहे. लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग नागपूर तर्फे दरवर्षी राबविण्यात येणा-या जनजागृती सप्ताह कार्यक्रमा दरम्यान आयोजित करण्यात येणा-या विविध कार्यक्रमांचे व जनतेस आवाहन करणा-या फलकाचे त्यांनी कौतुक केले. या फलकाच्या माध्यमातुन लोकांमध्ये मोठी जनजागृती घडावी ही अपेक्षा त्यांनी यावेळी व्यक्त केली तर लाच लुचपत प्रतिबंधक विभागाचे प्रभारी पोलीस अधीक्षक श्री. राजेश दुद्दलवार यांनी नागपूर शहर पोलिसांप्रमाणे ईतर शासकीय विभागांनी सुद्धा असे फलक आपआपल्या कार्यालयात लावुन भ्रष्टाचार निर्मुलनाच्या लढाईत सहभाग घ्यावा असे आवाहन केले.

शराब दुकानों को शराब बिक्री संबंधित आदेशों का करना होगा पालन अन्यथा हो सकती है कड़ी कार्यवाही

नागपुर :दरअसल कोविड के बढ़ते संक्रमण के चलते नागपुर जिला प्रशासन ने शराब बिक्री संबंधित महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है।
शासन के द्वारा जारी अधिसूचना को जो की 4 जून 2020 के तहत शराब बिक्री क्षेत्र एफएल , ई -1, ई-2 क्षेत्रों में सील बंद शराब बेची जा सकती है। ( एस पर कंटेंटमेंट जोन रूल)
एफएल-2 ,एफएल -3, एफएल बीआर -2 ,सीएल -3  जोन में रात्रि 9 बजे तक शराब बेची जा सकती है।
एफ एल -1 व सीएल -1 में शराब बिक्री समय रात्रि 8 बजे तक ही रहेगा ।
इसके साथ ही होम डिलीवरी भी दे सकेंगे और काउंटर सेल भी चालू रहेगी। हालाकि देशी शराब की घर पहुंच बिक्री बन्द रहेगी।
सिर्फ विदेशी शराब ही होम डिलीवरी दी जाएगी। लेकिन यह बिक्री बॉटल सील्ड होना जरूरी है।
उपरोक्त सभी नियमों का पालन का करना जरूरी है। अन्यथा शासन द्वारा दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी ।

परीक्षा को लेकर खड़ा हो रहा था विवाद ,पर NTA ने सोशल डिस्टैंसिंग के साथ करवाई JEE की परीक्षा

दरअसल पिछले दिनों पूर्व विदर्भ में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हुए थे जिसके मद्देनजर शैक्षणिक कार्यकर्ता नितेश बावनकर ने जेईई परीक्षा आगे बढ़ाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल की थी। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई लेकिन आदेश में कोई परिवर्तन की राहत नहीं मिली।जो विद्यार्थी बाढ के कारण परीक्षा नहीं दे पाए,उन्हें जिलाधिकरी के पास आवेदन करने के आदेश देते हुए केंद्र व राज्य सरकार को डिसिजन लेने का स्पष्ट किया।मंगलवार व बुधवार को प्रात: 9 बजे से शहर के 2 सेंटर्स पर JEE परीक्षा हुई। इसमें बहुत से छात्रों ने हिस्सा लिया।कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी नियमों निर्देशों का पालन किया गया।
नेशनल टेस्टिंग एजेन्सी (NTA) ने केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सोशल डिसटेंसिंग सहित अन्य नियमों व निर्देशों का पालन किया।पहले दिन आर्किटेक्ट विषय की प्रवेशपरीक्षा हुई पर विद्यार्थियों की संख्या कम थी, किन्तु बुधवार को बीई, बीटेक विषय के लिए परीक्षा होने से विद्यार्थियों की भारी भीड़ उमड़ी।परीक्षा में सेनेटाइजेशन सहित अन्य सतर्कता भी बरती गई।इसी कारणवश विद्यार्थियों को भी परेशानी नहीं हुई।
IITसहित समकक्ष पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए JEE Mains ली जाती है।इसमें सिलेक्टेड स्टूडेंट्स JEE ADVANCE  के लिए क्वालिफाय होगे।
अभी स्टूडेंट्स गत 2 दो वर्षों से JEE की तैयारी में लगे हुए थे, पर अब कोरोना की वजह से अनिश्चिता की स्तिथि बन गई है।यह परीक्षा लगभग चार महीने लेट हो रही है जिससे बहुत से छात्रों उदासी आ गयी है।
वैसे कई पॉलिटिकल पार्टीज ने परीक्षा पोस्टपोन करने की भी मांग की थी। परन्तु सभी तैयारी पूरी होने की वजह से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को अधिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा ।

बेहतर उपचार उपलब्ध हो इस उद्देश्य से मनपा ने लिया अहम फैसला , शुरू होंगे 16 नए कोरोना टेस्ट सेंटर्स

नागपुर. शहर में फैलती कोरोना महामारी के चलते अब पहल से और ज्यादा जांच केंद्र खोल कर संक्रमितों को समय पर सही उपचार व देखभाल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से महानगर पालिका ने नए 16 टेस्ट सेंटर्स की शुरुआत करने का निर्णय लिया है।
इन नए सेंटर्स को मिलाकर अब शहर के अलग अलग हिस्सों में कुल 50 सेंटर्स पर कोरोना का टेस्ट होगा। कोरोना पेशेंट्स की बढ़ती संख्या और डेथ रेट को कंट्रोल में लाने के लिए मनपा नव नियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन की ओर से सेंटर्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
जांच का समय – इन सभी 50 टेस्ट सेंटर्स पर सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक ही टेस्ट होंगे।
ज्ञात हो कि कोरोना टेस्ट सेंटर्स पर कहीं एन्टीजेन तो  कहीं पर आरटीपीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं।अब आरटीपीसीआर टेस्ट सेंटर्स की भी संख्या बढ़ाई जाएगी ।
एन्टीजेन टेस्ट में 30 मिनट के अंदर ही टेस्ट रिपोर्ट आती है।और आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लगता है।
फिलहाल शहर में 4000 टेस्ट हो रहे है ।अब इसकी संख्या बढ़ाकर रोज़ 5000 टेस्ट कराने का लक्ष्य निर्धारित हुआ है।
आरटीपीसीआर टेस्ट – जोनल सेंटर्स
धरमपेठ – ला कालेज छात्रावास, रवि भवन, मारिस कालेज छात्रावास
लक्ष्मीनगर – पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (आरपीटीएस)
मंगलवारी – राज नगर
आसीनगर – पांचपावली पुलिस क्वार्टर्स
एन्टीजेन टेस्ट – जोनल सेंटर्स
धंतोली – काटन मार्केट पीएचसी, आयसोलेशन अस्पताल, बाबुलखेडा पीएचसी
लक्ष्मीनगर – जयताला पीएचसी, सोमलवाडा पीएचसी,
धरमपेठ – केटी नगर पीएचसी, फुटाला, तेलंगखेडी, हजारी पहाड पीएचसी, इंदिरा गांधी अस्पताल, डीक अस्पताल, बुटी अस्पताल
हनुमाननगर – हुडकेश्वर-नरसाला पीएचसी, मानेवाडा पीएचसी
नेहरूनगर – नंदनवन पीएचसी, दिघोरी हेल्थ पोस्ट, बीडीपेठ पीएचसी, बड़ा ताजबाग
गांधीबाग – मोमीनपुरा पीएचसी, नेताजी अस्पताल, डायग्नेटीक सेंटर महल पीएचसी, भालदारपुरा पीएचसी, दाजी अस्पताल
सतरंजीपुरा – मेहंदीबाग पीएचसी, बिनाकी फिमेल अस्पताल, जागनाथ बुधवारी पीएचसी, शांतिनगर पीएचसी, सतरंजीपुरा अस्पताल
मंगलवारी  – नारा पीएचसी, जरीपटका अस्पताल, इंदोरा पीएचसी, झींगाबाई टाकली और गोरेवाडा पीएचसी, सदर रोगनिदान केंद्र
लकडगंज – चकोले अस्पताल, डिप्टी सिग्नल और आदिवासी छात्रों के छात्रावास, पारडी पीएचसी
आसीनगर – कपीलनगर और शेंडे नगर पीएचसी गरीब नवाज नगर, कुंदनलाल नगर, बंदे नवाज नगर
महानगर पालिका आयुक्त और महापौर व  जनप्रतिनिधियों के साथ कोरोना को लेकर की गई थी बैठक।इस मीटिंग में हुई चर्चा के हिसाब से टेस्ट की संख्या बढ़ाने की सूचनाएं दी गई।अब उसी के अनुसार प्रशासन द्वारा जरूरी कार्यवाही की जा रही है और बड़े फैसले लिए जा रहे हैं।

डिवाइडर वाली सड़कों के पास स्तिथ दुकानों पर अब नहीं लगेगा ऑड इवन रूल – एनएमसी

नागपुर: तीन महीने के  के बाद, नागपुर नगर निगम सभी गैर-जरूरी दुकानों को 2 सितंबर से सभी दिनों में खुली रहने की अनुमति देगा।
अब, सड़क के दोनों किनारों पर दुकानें, जहां सड़क विभाजित है, को कार्य करने की अनुमति होगी। नया नियम उन सभी गैर-जरूरी दुकानों के लिए भी लागू होगा जब वे स्टैंड-अलोन हैं, मंगलवार को नगरपालिका आयुक्त राधाकृष्णन बी द्वारा जारी अधिसूचना।
यह नया नियम इतवारी, महल, गांधीबाग आदि क्षेत्रों में स्थित दुकानों पर लागू नहीं होगा जहाँ सड़कें संकरी हैं और वहाँ कोई डिवाइडर नहीं है।वे दुकानें 30 सितंबर तक ऑड इवन के रूल का पालन करना होगा।
सभी गैर-जरूरी दुकानों को उन सड़कों पर पूरे दिन खुला रहने दिया जाएगा, जहां दूसरी तरफ दुकानें नहीं हैं। अन्य सभी सड़कों पर ऐसी गैर-जरूरी दुकानों को पहले के दिशानिर्देशों के अनुसार वैकल्पिक दिनों (पी 1 और पी 2 आधार) पर खोलने की अनुमति होगी।
अलग-अलग स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर के अनुसार 100% कैपेसिटी से हॉटेल्स और लॉज खुले रहेंगे लेकिन आवश्यक सावधानियों के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी की गाइडलाइन्स का ध्यान रखना जरूरी है।
ऐसी सभी गैर-आवश्यक दुकानों को अब मौजूदा शाम 7 बजे तक ही खुला रहने दिया जाएगा ना की 9 बजे तक।
शराब की दुकानें पहले के दिशानिर्देशों के अनुसार काम करती रहेंगी।
सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर (मॉल और बाजार परिसर में शामिल हैं), बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और इसी तरह के स्थान भी अभी बंद ही रहेंगे।
स्कूल,कॉलेजेस,एजुकेशनल और कोचिंग इंस्टीट्यूशन 30 सितंबर तक ऑनलाइन /डिसटेंस लर्निंग की अनुमति जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसके साथ ही सामाजिक,राजनीतिक, खेल,मनोरंजन, एकेडमिक,सांस्कृतिक,धार्मिक कार्यों और अन्य बड़ी सभाओं के साथ-साथ मेट्रो रेल के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।
अधिसूचना के अनुसार सभी आवश्यक दुकानें जिन्हें इन आदेशों से पहले खुले रहने की अनुमति है, वो पहले की तरह ही खुली रहेंगी ।

इस साल अगस्त महीने में नागपुर में हुई सामान्य से अधिक बारिश ,मौसम रहा खुशगवार

दरअसल क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC), नागपुर द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, शहर में इस महीने कुल 437 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अगस्त महीने के लिए नागपुर जिले के लिए बारिश  280.6 मिमी है।
इस अगस्त में, शहर के जिलों में इस महीने सामान्य से डेढ़ गुना अधिक बारिश हुई।
28 अगस्त को शहर में भारी बारिश हुई, जो दिन-रात रुक-रुक कर जारी रही। उस पूरे दिन में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र अधिकारियों ने आगे बताया कि अगस्त में शहर में 20 दिनों तक बारिश हुई।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में विदर्भ के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
इन सब में एक अच्छी खबर यह है कि बार, नागपुर में इस मौसम में 14% अधिक बारिश हुई है। भंडारा और गोंदिया में 10 से 2% अधिक बारिश हुई है, जबकि बुलढाणा और वाशिम में क्रमशः 5 और 11% अतिरिक्त बारिश हुई है।
पिछले साल के विपरीत, इस क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। अकोला और अमरावती इस क्षेत्र में सबसे शुष्क रहे हैं, दोनों में 26% बारिश की कमी है। सितंबर के पहले सप्ताह में शहर में अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम पारा स्तर 25-27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

महापौरांनी मानले नागपूरकरांचे आभार

नागपूर महानगरपालिकेतर्फे वारंवार करण्यात आलेल्या आवाहनाला नागपूरकर जनतेने भरभरून प्रतिसाद दिला. यंदा सार्वजनिकरित्या गणेशोत्सव साजरा न करणे, चार फुटांपेक्षा जास्त उंचीची मूर्ती ठेवू नये तसेच गणेश मूर्तींचे विसर्जन प्राधान्याने घरीच करण्याचे आवाहन महापौर संदीप जोशी यांनी केले होते. नागपूर महानगरपालिकेतर्फे करण्यात येणा-या या आवाहना नागपूरकरांनी उत्स्फूर्त प्रतिसाद दर्शविला. अनंत चतुर्दशीला अनेक नागपूरकरांनी घरीच विघ्नहर्त्या गणरायाच्या मूर्तीचे विसर्जन करून आपल्या जबाबदारपणाची प्रचिती दिली. या संकटप्रसंगी नागपूरकर जनतेने दाखविलेली सामंजस्याची भूमिका कौतुकास्पद असून शहराचा प्रथम नागरिक या नात्याने समस्त नागपूरकरांचे आभार मानतो, अशा शब्दांत महापौर संदीप जोशी जनेतेच्या सहकार्याप्रती कृतज्ञता व्यक्त केली.

मंगळवारी (ता.१) महापौर संदीप जोशी यांनी शहरातील विसर्जनस्थळी भेट देउन परिस्थितीचा आढावा घेतला. शहरातील फुटाळा, गांधीसागर आणि सक्करदरा तलाव परिसरातील कृत्रिम टँकची व्यवस्था केलेल्या विसर्जनस्थळाची पाहणी केली. याप्रंसगी स्थायी समिती सभापती विजय (पिंटू) झलके, क्रीडा समिती सभापती प्रमोद चिखले, पोलिस उपायुक्त विनीता शाहू, उपायुक्त घनकचरा व्यवस्थापन डॉ. प्रदीप दासरवार, पोलिस निरीक्षक राघवेंद्रसिंग क्षीरसागर आदी उपस्थित होते.

महापौरांनी सर्वच ठिकाणी सेवाकार्य बजावणा-या मनपाच्या कर्मचा-यांसह, पोलिस कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थांच्या प्रतिनिधींसोबत यावेळी संवाद साधला. फुटाळा तलावात सेवा देत असलेल्या ग्रीन व्हिजील फाउंडेशन आणि मर्चंट नेव्ही ऑफीसर्स वेलफेअर असोसिएशनच्या स्वयंसेवकांकडूनही महापौर संदीप जोशी यांनी आढावा घेतला. शहरातील विसर्जनस्थळी मागील वर्षीच्या तुलनेत यावर्षी अत्यंत कमी प्रमाणात गणेश मूर्ती विसर्जीत करण्यात आल्या आहेत. परिसरात येणारे प्रत्येक नागरिक नियमांचे पालन करूनच येत आहेत. प्रत्येक जण स्वत:ची काळजी घेत असल्याची माहिती फुटाळा तलाव परिसरात सेवाकार्य बजावत असलेल्या ग्रीन व्हिजील फाउंडेशनचे संस्थापक कौस्तभ चॅटर्जी यांनी दिली. फुटाळा तलाव परिसरातील विसर्जन स्थळी ग्रीन व्हिजील फाउंडेशनच्या स्वयंसेवकांमार्फत पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव व कोरोना संबंधी जनजागृती करणारे संदेशाचे फलक दर्शविण्यात आले होते. ग्रीन व्हिजीलचे कौस्तभ चॅटर्जी यांच्यासह सुरभी जायस्वाल, मेहुल कोसुरकर, विष्णूदेव यादव, शीतल चौधरी, नम्रता जवेरी, विकास यादव आदी स्वयंसेवकांनी मंगळवारी (ता.१) सकाळपासून विसर्जन पूर्ण होईपर्यंत सेवाकार्य बजावले.

दरवर्षीच्या तुलनेत यावर्षी शहरात २५० कृत्रिम टँक कमी लावण्यात आल्या आहेत. मात्र यानंतरही कोणत्याही स्थळी विसर्जनासाठी नागरिकांची गर्दी दिसत नाही. हा नागपूरकर जनतेद्वारे मिळालेला सामंजसपणाचा संदेश आहे. अशीच खबरदारी आपण पुढेही घेत अनावश्यक गर्दी टाळण्याची तत्परता दाखविल्यास लवकरच कोरोनाला हद्दपार करू, असा विश्वासही यावेळी महापौर संदीप जोशी यांनी व्यक्त केला.

दुर्गोत्सवातही नियमांचे पालन व्हावे

गणेशोत्सवानंतर सर्वत्र दुर्गोत्सवाची तयारी केली जाणार आहे. कोरोनाच्या या संकटकाळात सर्वच उत्सव साजरे करताना काळजी घेणे आवश्यक आहे. गणेशोत्सवाप्रमाणेच दुर्गोत्सवही सार्वजनिकरित्या साजरा करण्याचे टाळण्यात यावे. उत्सव साजरा करताना मूर्तीची उंची चार फुटांपेक्षा जास्त असू नये, याची काळजी घ्यावी. एकूणच गणेशोत्सवाप्रमाणेच दुर्गोत्सवातही सर्व नियमांचे काटेकोर पालन केले जावे, असे आवाहनही महापौर संदीप जोशी यांनी केले.

 

नागपुर नगर आयुक्त ने 66 कर्मचारियों को नोटिस दिया।

नागपुर: नागपुर नगर आयुक्त के पद से आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंधे के तबादले के बाद निगम के कर्मचारियों ने देर से कार्यालय आना शुरू किया है। इसलिए, नव नियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन । पदभार संभालने के बाद से वह एक्शन मोड में हैं। पूर्व आयुक्त तुकाराम मुंधे के नक्शेकदम पर चलते हुए, उन्होंने निगम के 66 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है (नागपुर नगर आयुक्त 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस)।
आयुक्त राधाकृष्णन ने आज (1 सितंबर) को निगम मुख्यालय में विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया। यह पाया गया कि कई कर्मचारी बिना अनुमति के अवकाश पर चले गए। उसी समय, राधाकृष्णन ने देखा कि कुछ कर्मचारी देर से आ रहे हैं। नव नियुक्त आयुक्त ने निगम कर्मचारियों के गैर जिम्मेदार प्रबंधन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की। 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
आयुक्त राधाकृष्णन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी निगम कार्यालय में देरी से आता है तो कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को हमेशा समय पर पहुंचना चाहिए। यदि आप छुट्टी चाहते हैं, तो आपको नियमानुसार स्वीकृति मिलनी चाहिए, राधाकृष्णन ने चेतावनी दी है।
तुकाराम मुंधे के नागपुर नगर आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालने के अगले दिन, चार कर्मचारियों की पिटाई की गई। तुकाराम मुंडे ने लेखा और वित्त विभाग के चार कर्मचारियों को काम में अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था। उन्होंने अपनी नियुक्ति के अगले दिन ही लेखा और वित्त विभाग का निरीक्षण किया था। उसके बाद अब नागपुर निगम के नवनियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन । ने 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है ।

नव नियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन बी ने पदभार सँभालते ही एक्शन मोड में,निगम के 66 कर्मचारियों को जारी किया नोटिस

नागपुर नगर आयुक्त के पद से आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के तबादले के बाद निगम के कर्मचारियों ने देर से कार्यालय आना शुरू किया है। इसलिए, नव नियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन बी , पदभार संभालने के बाद से वह एक्शन मोड में हैं। पूर्व आयुक्त तुकाराम मुंधे के नक्शेकदम पर चलते हुए, उन्होंने निगम के 66 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है (नागपुर नगर आयुक्त 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस)।

आयुक्त राधाकृष्णन ने आज (1 सितंबर) को निगम मुख्यालय में विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। यह पाया गया कि कई कर्मचारी बिना अनुमति के अवकाश पर चले गए। उसी समय, राधाकृष्णन ने देखा कि कुछ कर्मचारी देर से आ रहे हैं। नव नियुक्त आयुक्त ने निगम कर्मचारियों के गैर जिम्मेदार प्रबंधन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की। 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
आयुक्त राधाकृष्णन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी निगम कार्यालय में देरी से आता है तो कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को हमेशा समय पर पहुंचना चाहिए। यदि आप छुट्टी चाहते हैं, तो आपको नियमानुसार स्वीकृति मिलनी चाहिए, राधाकृष्णन ने चेतावनी दी है।

तुकाराम मुंढे के नागपुर नगर आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालने के अगले दिन, चार कर्मचारियों की पिटाई की गई। तुकाराम मुंढे ने लेखा और वित्त विभाग के चार कर्मचारियों को काम में अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था। उन्होंने अपनी नियुक्ति के अगले दिन ही लेखा और वित्त विभाग का निरीक्षण किया था। उसके बाद अब नागपुर निगम के नवनियुक्त आयुक्त राधाकृष्णन बी  ने 66 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है .

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