कर्मचारियों की जाँच करनी होगी: मुंढे

नागपुर: नागपुर ३० लाख लोगों का शहर है। यह शहर व्यापारियों का नहीं बल्कि लोगों द्वारा चलाया जाता है। यदि आपको कोरोना के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो दुकानें बंद करें। दुकानदार और दुकान के कर्मचारी कोरोना प्रसारक हो सकते हैं। इसलिए दुकानदारों को अपने कर्मचारियों का परीक्षण करना ही होगा। जिनके पास नौकर रखने के लिए पैसे हैं, वे उनके परीक्षण के लिए पैसे का बहाना नहीं बना सकते हैं।

नागपुर में महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। इसलिए अब लाइसेंस पाने की निश्चित अवधि तय होगी। कमिश्नर ने कहा कि इस अवधि में दुकानें बिना लाइसेंस के नहीं चलेंगी, यह कोई धमकी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। उन व्यापारियों पर अच्छी तरह नज़र रखी गई है जो व्यवसाय का लाइसेंस प्राप्त करने के विरोध में है। राज्य भर के नगरपालिकाओं में व्यवसाय पंजीकृत किए गए हैं। लेकिन नागपुर में नहीं। ‘लाइसेंस राज’ का आरोप लगाकर इस कानून के कार्यान्वयन का विरोध किया जा रहा है। यदि मैं नियमों के अनुसार काम कर रहा हूं, तो इसे परमिट राज कैसे कहा जा सकता है? व्यापारी आवासीय भवनो में व्यापार कर रहे हैं, क्या उनकी मनमानी से काम चलेगा? इस तरह के एक प्रश्न को प्रस्तुत करते हुए, उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यवसाय तो पंजीकृत होगा ही।

उन्होंने लोगों को गुमराह करने से बचने और नियमों के अनुसार व्यापार करने की भी सलाह दी। कुछ व्यापार संघों ने व्यापारियों से लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करने की अपील की है। इसपर अब तक आवेदन करने की कोई निश्चित अवधि नहीं थी। लेकिन अब लाइसेंस के लिए आवेदन करने के लिए व्यापारियों को समय सीमा दी जाएगी। यदि इस अवधि के भीतर आवेदन नहीं किया गया तो दुकान नहीं खोल पा सकेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कोरोना के आधार पर नियमों को अस्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।‌‌

कमिश्नर मुंढे कोरोना पॉजिटिव: संपर्क में आए लोगों से अलगाव की अपील

नागपूर: शहर के कमिश्नर मुंढे स्वयं कोरोना पॉजिटिव पाए गए, उन्होंने खुद ट्वीट कर यह खबर साझा की।

हालांकि मुझे कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे, लेकिन मेरी जांच रिपोर्ट सकारात्मक थी, इसलिए मैंने खुद को नियमों के अनुसार आयसोलेट कर लिया है। उन्होंने उन लोगों से भी अपील की है जो पिछले चौदह दिनों में उनके संपर्क में आए उनके लिए खुद की देखभाल और कोविद की जाँच करें।‌‌ यह आवाहन किया गया है।

अब से कुछ समय पहले ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह जानकारी ट्वीट की थी
उन्होंने कहा, “मै आयसोलेट में हू और अगले 14 दिनों तक वर्क-फ्रॉम होम के आधार पर काम करना जारी रखुंगा।” इस जंग में हम जितेंगे यह विश्वास भी उन्होंने इस प्रसंग पर व्यक्त किया।

यह सुनिश्चित करने के लिए शहर में उनके नेतृत्व में एक विशेष समिति का गठन किया गया है कि कोरोना रोगियों को बेड उपलब्ध कराया जाता है, जहा उनका इलाज किया जा रहा है और किसी अस्पताल द्वारा उन्हें लूटा नही जा रहा है। यह सब कंट्रोल करने के लिए नगर निगम द्वारा यह कदम उठाया गया है। हाल ही में इस संबंध में दो अस्पतालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है‌‌।

गणेशोत्सव २०२०: कोरोना रुग्णालयाचाच सजावटीत देखावा

नागपूर:- देशभरात पसरलेलेल्या कोरोनामुळे सर्वसामान्य पठडीतले जिवन बदलले आहे. दरम्यान, यंदाच्या गणेशोत्सवालाही मर्यादा आखून दिल्या गेल्या आहेत. मंडळांना अनेक बंधने टाकत मंडप लावण्यास परवानगी देण्यात आली आहे, अशातही नागपूरच्या हिलटॉपच्या राजा च्या मंडपात कोरोना केअर हॉस्पिटलची संरचना देखावा करण्यात आला आहे.

जो सर्वांसाठीच आकर्षणाचे केंद्र ठरत आहे, या सजावटीमध्ये भगवान गणेश कोरोना संसर्ग झालेल्या रुग्णावर उपचार करीत आहेत, भगवान गणेशाला डॉक्टर म्हणून चित्रित केले आहे, भगवान गणेशाच्या पुढे पॅरामेडिकल कर्मचारी तसेच पोलिस कर्मचारी आहेत. , कोरोना रूग्ण ज्यांच्यावर भगवान गणेश डॉक्टर म्हणून उपचार करीत आहेत, तो रुग्ण ऑक्सिजनवर आहे, संपुर्ण मंडप कोरोना केअर हॉस्पिटल नावाचा म्हणून तयार करण्यात आला आहे, कोरोनाशी लढ्यात देव मानवाच्या बाजूने आहे असे दाखविले गेले आहे.

शहिदांनी बलिदान दिलं, आपण रक्तदान करू!

नागपुर:- नागपुर सिटी पुलिस ने नागपुर शहरों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया है ताकि मरीजों को खून की कमी महसूस न हो। * हम रक्तदान कर रहे हैं, आप भी शहीद सैनिकों की याद में रक्तदान शिविर में भाग लें।

आप अपना नाम निम्न Google फ़ॉर्म लिंक पर पंजीकृत कर सकते हैं।
https://forms.gle/1mUVPF46VYgJMdT5A

जब आप Google फ़ॉर्म पर पंजीकरण करते हैं, तब आपको संदेश द्वारा सूचित किए जाने वाले समय के भीतर रक्त दान करने में सक्षम होगा; ताकि सामाजिक दूरी को बनाए रखा जा सके। Nagpurupdates इस कदम के लिए नागपुर पुलिस की सराहना करता है और साथ ही आमजन से ब्लड डोनेशन कैंप में पूरी तरह सहयोग देने के लिए आवाहन करता है।

गैरजिम्मेदार और नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर भड़के महापौर

नागपुर:- कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए महानगर पालिका  और हैल्थ डिपार्टमेंट की तरफ से किए जा रहे भरसक प्रयासों के बावजूद लगातार मामले बढ़ते जा रहे हैं। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए महापौर जोशी की ओर से प्रतिदिन शहर के विभिन्न भागों में जाकर जनजागृति करने का निर्णय लिया गया है।

रविवार को इस अभियान के अन्तर्गत उन्होंने गोकुलपेठ, धरमपेठ आदि एरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण में दूकानदारों के साथ ही आमजन द्वारा भी सरकार के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने वालों पर जमकर बरसे।उनका कहना था कि न सिर्फ कोरोना पेशेंट्स की संख्या बढ़ती जा रही है, बल्की डैथ रेट भी बढ़ता जा रहा है।हर रोज़ 30 से 40 लोगों की मौत हो रही है।

कुछ गैरजिम्मेदार लोगों के चलते कोरोना का फैलाव हो रहा है लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।न सिर्फ खुद की जान खतरे में डाल रहे हैं, बल्की आप लोगों के लिए भी खतरनाक साबित हो रहे हैं। कई लोग वाहनों से शहर के अनेक हिस्सों में घूमते रहते हैं। महापौर ने लोगों से नियमों का फॉलो करने, सोशल डिस्टेन्सिंग का रखने, मास्क लगाने और दूकानों में 5 से ज्यादा लोगों की उपस्थिति नहीं रखने की हिदायत भी दी।

निरीक्षण के वक़्त उन्होंने यह भी पाया कि कुछ दूकानदारों ने मास्क नहीं पहना है इस पर एनडीएस दस्ते के माध्यम से जुर्माना की कार्रवाई भी की गई। शहर का पूरा दौरा लगाते वक़्त कई चौराहों और व्यापारिक एरियों में सड़कों के किनारे लोगों की भीड़ भी देखी गई।जिन्हें बेवजह घरों से बाहर ना निकलने की सलाह महापौर जोशी ने दी।

उनका कहा कि अब हर दिन एक हजार से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं।जिससे अब खुद की जिम्मेदारी समझकर पालन नहीं किया गया, तो अपने साथ ही दूसरों के परिवार के लिए भी खतरनाक साबित हो सकते हैं।निरीक्षण के वक़्त जिन दूकानों में भीड़ भी देखी गई और नियमों का पालन नहीं किए जाने पर दूकानदारों को भी भविष्य में कार्रवाई की चेतावनी दी गई। उन्होंने कोरोना पाजिटिव पेशेंट्स के कॉन्टैक्ट में आने से तुरंत कोरोना टेस्ट सेंटर जाकर टेस्ट करने की अपील भी की।

कोरोना पर उपायों के लिए 21 सदस्यों की समन्वय समिति हुई घोषित

महानगर पालिका की पहली बार हो रही आनलाईन मीटिंग में भले ही पहले दिन कुछ टैक्निकल प्रोब्लेम्स के चलते उसे सस्पेंडेड रखी गई हो,लेकिन शुक्रवार को कुछ समय के लिए वरिष्ठ पार्षद दयाशंकर तिवारी ने स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा करने के दौरान फिर टैक्निकल प्रोब्लेम्स आई खैर सभी लोगों ने अपने अपने सुझाव दिए ।

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद प्रफुल्ल गुड्धे ने सभागृह लेने की तारिख तय करने से पहले कोरोना के विषय में उपयुक्त फैसिलिटीज सुनिश्चित करने की दिशा में एक समन्वय समिति का गठन करने का सुझाव दिया गया। सत्तापक्ष के नेता और विपक्ष नेता के सलाह के बाद महापौर जोशी ने कोरोना पर प्रशासन के साथ समन्वय के लिए एक समिति गठित करने के आदेश दिए।

महापौर जोशी के आदेश से उनकी अध्यक्षता में 21 सदस्यों की समिति का गठन हुआ है। 24 अगस्त 2020 को कोरोना पर समन्वय करने, चर्चा करने तथा निर्णय लेने के लिए शासन के साथ समिति की मीटिंग होगी।इसके बाद भी आवश्यकतानुसार मीटिंग्स ली जाएगी।

महापौर द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों से मीटिंग नियमित होने तक समिति कार्यान्वित रहेगी।शुक्रवार को फिर से एक बार आनलाईन महासभा की कार्यवाही की शुरुआत हुई थी।।जिसमें पार्षद तिवारी की तरफ से लगभग एक घंटे तीस मिनिट तक स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से कोरोना संक्रमण को लेकर शहर भर में हॉस्पिटल्स और पेशेंट्स की स्थिति तथा मनपा की ओर से किए जा रहे उपायों पर चर्चा की गई।

भाजपा के वरिष्ठ पार्षद दयाशंकर तिवारी के निशाने पर थे मनपा आयुक्त मुंढे।और इसके साथ ही वो शुक्रवार को भी कोरोना महामारी को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई।उन्होंने कहा कि जून में सभा में मामला उठाया गया उसके बाद कोविद केअर सेंटर का निर्माण किया गया।शहर में कोविड हॉस्पिटल्स की कैपेसिटी 2100 है।जबकि प्रतिदिन 1000 से ज्यादा मरीज निकल रहे हैं।

आगे उन्होंने कहा कि कुछ प्राइवेट संस्थाएं कोविड केयर चलाने की इच्छा ज़ाहिर कर रही है।लेकिन उन्हें खुद डॉक्टर्स और नर्सों का इंतजाम करने को कहा जा रहा है ,जबकि उन्हें महानगर पालिका की तरफ से डाक्टर्स उपलब्ध करवाना चाहिए।

आगे अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल्स ने मरीजों से लाखों रुपए वसूल किए हैं। लेकिन केवल 2 हॉस्पिटल्स पर ही कार्रवाई करके ही आयुक्त पीठ थपथपा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी थर्ड पार्टी की नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि सही तरीके से कार्यवाही हो सके।

यापुढे निवडणुक लढवणार नाही: संदीप जोशी

नागपूर: शहराचे महापौर संदीप जोशी नेहमी चर्चेत असतात. अगदी प्रारंभीचे त्यांचेवर गोळीबाराचे प्रकरण असो तर कधी त्यांच्या निर्णयांमुळे तर कधी आयुक्त मुंढेसोबतच्या संघर्षामुळे. मात्र आता जोशी वेगळ्याच कारणाने चर्चेत आले आहे. काल (ता. २०) संदीप जोशी यांचा वाढदिवस होता. वाढदिवसाआधीच फक्त डिजिटल शुभेच्छांचा स्विकार करू असे त्यांनी बजावले होते, पण त्याहीपुढे वाढदिवसानिमित्त त्यांनी आगळीच भुमिका घेतलीय, फेसबुक लाईव्हच्या माध्यमातून त्यांनी काल चाहत्यांशी, कार्यकर्त्यांशी संवाद साधला.

यादरम्यान एका कार्यकर्त्याने, “आपण चौथ्यांदा नगरसेवक म्हणून निवडून आला आहात. यापुढे आपण पुन्हा निवडणूक लढवणार की सर्वसामान्य कार्यकर्त्याला निवडणुकीची संधी द्याल?” असा सवाल केला. त्यावर उत्तर देताना महापौर जोशी यांनी, “प्रश्न अत्यंत वास्तविक आणि खरा असल्याचे प्रतिपादन केले. अनेकदा नेत्यांनीच लढायचं आणि कार्यकर्त्यांनी फक्त सतरंज्याच उचलत राहायचं हे बरोबर नाही. मला वाढदिवसानिमित्त तुम्ही शुभेच्छा दिल्या आणि हा प्रश्नदेखील विचारलात. त्यामुळे वाढदिवसाच्या दिवशी आज मी कॅमेऱ्यासमोरच जाहीर करतोय की, यानंतर मी महापालिकेची निवडणूक लढवणार नाही. माझ्यानंतरचा जो कुणी कार्यकर्ता असेल, जो पक्षासाठी मेहनत करतोय, तो कार्यकर्ता माझ्या जागेवर लढेल. मी त्याचं काम करेन. पण यापुढे महापालिकेची कोणतीही निवडणूक लढवणार नाही.”

जोशी यांच्या या निर्णयामुळे अनेक लोक अचंभित आहेत, राजकीय वातावरणही ढवळून निघाले आहे. काहींनी या निर्णयाचे कौतुक केले तर काहींनी हा निर्णयाची वेळ चुकीची असे मत व्यक्त केले आहे. काही का असेना! असे जाहिर करण्यासही धैर्य असावे लागते. महापौरांचा हा निर्णय चुक की बरोबर हे तर काळच ठरवेल, तुर्त विद्यमान जवाबदा-्यांस ते कसे पार पाडतात याकडेच सर्वांचे लक्ष लागून आहे.

जिला परिषद् में कोरोना इफेक्ट , केवल अधिकारियों को प्रवेश की अनुमति

नागपूर:- जिला परिषद के लगभग 3-4 विभागों में कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से ही सीईओ योगेश कुंभेजकर ने मुख्यालय में अधिकारियों, पदाधिकारियों व जिप सदस्यों व ड्यूटीरत कर्मचारियों को छोड़कर बाकी किसी के भी प्रवेश पर रोक लगा दी है।सिटी में तेजी से बढ़ते कोरोना प्रभाव और मौतों के चलते जिप के कर्मचारियों में भी डर का माहौल बन गया है।

स्वास्थ्य,शिक्षा,सामान्य प्रशासन विभाग में कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद से ही बाकी कर्मचारियों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि कार्यालय में जो बाहरी व्यक्तियों का अपने कार्य के लिए बड़ी तादात में आना हो रहा है उससे वो भी जोखिम में है ।

कुछ विभागों के कर्माचारियों में तो इसलिए रोष में थे कि सरकार ने 15 फीसदी या 15 कर्मचारियों को ही रोटेशनल शिफ्ट में बुलाया जाना चाहिए लेकिन 1-2 विभागों में उससे अधिक लोगों की ड्युटी लगाई जा रही थी।

अब जब जोखिम बढ़ गया तब जिला परिषद मुख्य कार्यालय में अन्य लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया।

फोन से संपर्क

सीईओ द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार कहा गया है कि जिन्हें जरूरी काम है वे उन विभागों के विभाग प्रमुख से फोन, मोबाइल, ई-मेल, मैसेज आदि के जरिए संपर्क कर जानकारी जुटा सकते हैं।इससे पहले भी मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रिनिंग, सेनिटाइनजर व आने-जाने वालों के नाम-काम आदि नोट करने के लिए कर्मचारियों को बिठाया गया था ।लेकिन कुछ दिनों के बाद यहां लापरवाही होने लगी थी।

बिना स्क्रिनिंग के बिना कोई डिटेल लिए ही लोगों को धड़ल्ले से कार्यालय में प्रवेश दिया जा रहा था ।सबसे ज्यादा खतरा समाज कल्याण विभाग में नजर आ रहा था वहां विविध योजनाओं के अनुदान के लिए आवेदकों की भारी भीड़ मिल रही थी।इसी तरह बांधकाम विभाग में ठेकेदारों का जमघट नजर आ रहा था।

नागपुर में 16000 के नजदीक पहुंचा संक्रमण, लापरवाही से बड़ रहे मामले

नागपुर:- एक तरफ तो कोरोना संक्रमण के आंकडें रोज़ नया रिकार्ड छू रहे है पर दूसरी तरफ आम जनता लापरवाही भी चरम सीमा पर है। अब तो बहुत से लोग बिना मास्क के ही घुम रहे है। कई स्थानों पर सोशल डिसडेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा है।

इसी कारण से कि ज्यादातर लोग पाजिटिव हो रहे हैं। इस बीच मंगलवार को 37 लोगों की मौत हो गई। अब तक मरने वालों की 549 हो चुकी है।और 1024 नये पाजिटिव मरीज मिलने के साथ ही कुल मरीजों की संख्या 15637 हो गई है। अनुमान है कि यह संख्या अगले दिनों में और तेजी से बढ़ेगी।

डाक्टरों ने पहले भी अनुमान लगाया था व्यक्त कि अगस्त में मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी। फिलहाल इन हालातों में सतर्कता और सावधानी पहले कि अपेक्षा ज्यादा रखनी चाहिए थी।

परन्तु लेकिन स्थिति इसके ठीक विपरीत है।कई जगह तो इतनी लापरवाही हो रही है मानो कोरोना संक्रमण खत्म हो गया है। लापरवाही लोगों पर बहुत भारी पड़ रही हैं। वाइरस कब हमला बोल रहा है किसी को भी पता नहीं चल रहा है।

मंगलवार को जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनमें 62 वर्षीय लाकडीपुल निवासी महिला, 73 वर्षीय महात्मा गांधी हाईस्कूल के पास जरीपटका निवासी, 66 वर्षीय बांग्लादेश नाईक तालाब निवासी, 50 वर्षीय मीनीमाता नगर पारडी निवासी, 49 वर्षीय सिंधीवन ताजबाग निवासी, 79 वर्षीय पवार नगर हुडकेश्वर रोड निवासी, 75 वर्षीय रामा नगर कामठी निवासी, 57 वर्षीय चिखली निवासी, 67 वर्षीय मोहन नगर निवासी, 65 वर्षीय पाचपावली निवासी और 62 वर्षीय नंदनवन निवासी का समावेश रहा।मंगलवार तक जिले में 176991 लोगों की जांच हो चुकी है।

बात करें प्राइवेट लैब की तो वहां से 337 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। और रैपिड टेस्ट में 370 लोग पाजिटिव मिले।गंभीर मरीजों को हॉस्पिटल तथा बिना लक्षण वालों को घरों में ही आयसोलेट होने की सलाह दी गई है।

इन हालातों में सावधानी और सतर्कता ही सिर्फ अपने आप को सुरक्षित रखने का उपाय है 

  • नागपुर सिटी में वर्तमान स्थिति
  • 15637 कुल संक्रमित
  • 549 की मौत
  • 1024 मंगलवार को पाजिटिव
  • 7196  रिकवरी

मॅट कार्यालय 14 दिवसांसाठी बंद: अधिकारी कोरोना पॉजिटिव्ह मिळाल्यानंतर निर्णय

नागपूर:- महाराष्ट्र प्रशासकीय प्राधिकरणाच्या नागपूर युनिट ऑफिसमधील एका अधिका-यास कोरोना पॉजिटिव्ह निदानानंतर मॅटचे चेरमन आणि डेप्युटी चेयरमन यांच्यात झालेल्या चर्चेनंतर नागपुरातील महाराष्ट्र प्रशासकीय प्राधिकरण कार्यालय 14 दिवसांसाठी बंद ठेवण्याचा निर्णय घेण्यात आला.

या संदर्भात जारी केलेल्या नोटिसनुसार, मॅट कार्यालयास सेवा देणा-या वकिलास कोवीड बाधा झाली. 10 ऑगस्ट रोजी त्यांचे निधन झाले. त्याचप्रमाणे 14 ऑगस्ट रोजी प्राप्त झालेल्या अहवालानुसार मॅटचे अधिकारी कोरोना पॉझिटिव्ह आढळले आहेत. म्हणूनच कोरोनाचा संसर्ग कार्यालयात पसरू नये म्हणून 28 ऑगस्टपर्यंत प्रशासकीय व न्यायालयीन काम बंद करण्याचा निर्णय घेण्यात आला आहे.

घरातून तातडीची कामे: मॅटच्या उपाध्यक्षांनी जारी केलेल्या नोटीसनुसार कार्यालयातील कर्मचा-यांना या प्रसारापासून वाचविण्यासाठी घरातूनच वेतन व इतर बिले तयार करणे, सारखे तातडीची कामे, विशेषत: वित्त विभागाच्या कर्मचार्‍यांना तातडीची कामे पूर्ण करण्याच्या सूचना देण्यात आल्या.

तसेच टाळता न येण्यासारख्या कामांसाठी आणि कार्यालयात आल्यानंतरच पूर्ण होणारी कामे करण्यासाठी विशेष परवानगी घ्यावी लागेल. महसूल विभागाला पगाराची व इतर बिले पाठविण्यासही मॅटच्या रजिस्ट्रारला परवानगी देण्यात आली. राज्य सरकारच्या मार्गदर्शक सूचनांनुसार संबंधित अधिका-याच्या संपर्कात आलेल्या कार्यालयातील प्रत्येक व्यक्तीला सूचना देण्यात आल्या.

फोनवर असतील उपलब्ध: या कालावधीत देण्यात आलेल्या सूचनांनुसार कार्यालयातील सर्व कर्मचारी फोनवर उपलब्ध असतील. तसेच कोणालाही परवानगीशिवाय मुख्यालय सोडण्याची परवानगी दिली जाणार नाही. मॅटमधील सुनावणीदरम्यान, 14 ऑगस्ट ते 28 ऑगस्ट दरम्यानच्या प्रकरणांमध्ये अंतरिम सवलत देण्यात आली आहे, ती प्रकरणे 30 सप्टेंबरपर्यंत चालवण्याचे आदेश देण्यात आले. तसेच 17 ऑगस्टला सुनावणीसाठी ठेवण्यात येणा-यआ खटल्यांची सुनावणी आता 3 सप्टेंबरला होणार आहे.

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