संतरानगरी का आसमान अब होगा जादा साफl

नागपुर:- यदि आप सड़क से आसमान की ओर देखते हैं, तो आप पेड़ों, बिजली के खंभों, ऊंची इमारतों के आधार पर फैले केबल नेटवर्क के आड़े तिरछे वायर ही शहर के आकाश में लटके देख सकते हैं। हालांकि, स्मार्ट सिटी के तहत, शहर में एक भूमिगत केबल नेटवर्क स्थापित किया गया है और अब से, विभिन्न चैनलों का मनोरंजन खजाना इसके माध्यम से नागरिकों के घरों तक पहुंचाया जाएगा। केबल ऑपरेटरों को इसके लिए भुगतान करना होगा और इसे तय करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है।

जैसे-जैसे शहर स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ रहा है, केबल नेटवर्क संतानगरी को विस्थापित कर रहा पाया गया। नागपुर स्मार्ट एंड सस्टेनेबल सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NSSCDCL) ने केबल नेटवर्क की इस विकृति को रोकने के लिए पहल की है।

शहर ने सुरक्षित और स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करोड़ों की लागत से ऑप्टिकल केबलों का जाल बिछाया है। अब यह केबल नेटवर्क को शहर की केबल एजेंसियों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को पट्टे पर देने का प्रस्ताव है।

एनएसएससीडीसीएल के सीईओ महेश मोरोने ने हाल ही में शहर के प्रमुख केबल ऑपरेटरों के साथ एक बैठक की, जिसमें उम्मीद जताई गई कि भूमिगत केबल नेटवर्क के उपयोग से धीरे-धीरे ओवरहेड केबल के नेटवर्क में कमी आएगी और शहर का केबल जंजाल दूर होगा।‌‌

बैठक में महाप्रबंधक (ई-गवर्नेंस) शैल घुले ने भाग लिया। केबल ने शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया है। तूफान और बारिश के कारण टुटती केबलो से दुर्घटनाओं का खामियाजा भी भुगतना पड़ता है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत, पूरे शहर में भूमिगत केबल बिछाई गई हैं। इसके तहत शहर में कुल 700 जंक्शन बॉक्स लगाए गए हैं।

इन जंक्शन बॉक्स से केबल ऑपरेटर लोगों के घरों में भूमिगत केबल बिछाकर नागरिकों को सबसे अच्छी तरह की सेवा प्रदान कर सकेंगे। केबल ऑपरेटर को एनएसएससीडीसीएल के फाइबर नेटवर्क का उपयोग करने के लिए एक निर्धारित शुल्क देना होगा। इस संबंध में एक प्रस्ताव NSSCDCL के निदेशक मंडल की आगामी बैठक में आएगा।

फाइबर केबल नेटवर्क को ज़ोन के साथ-साथ वार्ड स्तर पर वर्गीकृत किया जाएगा। मोरोने ने लीज शुल्क का निर्धारण करने के लिए शील घुले की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है, जिसके अगले सप्ताह होने वाली स्मार्ट सिटी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में पक्का कर दिया जाएगा।

आणखी एका हिस्ट्रीशीटर वर एम पी डी ए

नागपूर:- पोलिस आयुक्त भूषणकुमार उपाध्याय यांनी पाचपावली पोलीस ठाण्यांतर्गतचा गुन्हेगार आरोपी टांडापेठ, कलकत्ता रेल्वे लाईन, मिलिंद नगर निवासी सूरज उर्फ ​​चिंदी सीताराम हेडाऊ (वय 21) वर एमपीडीए लादला आहे. सन 2018-19 च्या गुन्हेगारी घटनांच्या पार्श्वभूमीवर सूरजवर यापूर्वी तडिपारीची कारवाई झाली होती, परंतु त्याचा काही परिणाम झाला नाही. 13 फेब्रुवारी रोजी सूरजने कुरेशी नावाच्या 22 वर्षीय तरूणाला ठार मारण्याचा प्रयत्न केला. त्याच्यावर खुनाचा प्रयत्न, दरोडा, प्राणघातक हल्ला, बेकायदा शस्त्रे बाळगण्यासह अनेक गुन्हे दाखल आहेत.

त्याच्या गुन्हेगारी कारवाया लक्षात घेता परिमंडळ 3 चे डीसीपी राहुल मकणीकर यांच्या मार्गदर्शनाखाली वरिष्ठ पीआय जयेश भंडारकर यांनी आरोपीची गुन्हेगारी नोंद काढून वरिष्ठांकडे फौजदारी कारवाई केल्याचा अहवाल पाठविला. अतिरिक्त सीपी निलेश भरणे आणि डीसीपी गजानन राजमन यांनी कागदपत्रांची छाननी करून एमपीडीएचा प्रस्ताव सीपी उपाध्याय यांना पाठविला.

सूरज उर्फ ​​चिंदी यांच्या गुन्हेगारी कारवाया लक्षात घेता सीपी उपाध्याय यांनी त्यांच्याविरोधात एमपीडीए लावण्याचे आदेश जारी केले. त्याला अटक करुन तुरूंगात पाठविण्यात आले आहे. सीपी उपाध्याय यांनी गेल्या 24 महिन्यांत शहरातील 52 गुन्हेगारांना एमपीडीएच्या अंतर्गत कारागृहात आणले. सर्व हिस्ट्रीशीटर गुन्हेगारांवर प्रतिबंधात्मक कारवाईचा प्रस्ताव तयार करण्याचे आदेश ठाणेदारांना देण्यात आले आहेत.

कोरोनाशी सामना करण्यासाठी ‘नागपूर पॅटर्न’: ध्वजारोहणानंतर पालकमंत्री राऊत यांचे आश्वासन

नागपूर:- पालकमंत्री नितीन राऊत म्हणाले की कोविड -१९ साथीच्या रोगाचा सामना करण्यासाठी नागपूर पॅटर्न विकसित करत यशस्वीरित्या राबविला जाईल. ते म्हणाले की राज्य सरकार नागरिकांच्या आरोग्यास प्राधान्य देत आहे. स्वातंत्र्यदिनानिमित्त राष्ट्रध्वज फडकवल्यानंतर विभागीय आयुक्त कार्यालयात ते बोलत होते.

यावेळी जि.प.अध्यक्ष रश्मी बर्वे, विभागीय आयुक्त संजीव कुमार, विशेष पोलिस महानिरीक्षक के.एम. मल्लिकार्जुन प्रसन्ना, सीपी डॉ बी.के. उपाध्याय, जिल्हाधिकारी रवींद्र ठाकरे, मनपा आयुक्त मुंढे, एनएमआरडीए सभापति शीतल उगले, मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेश कुंभेजकर, एसपी राकेश ओला, अतिरिक्त जिल्हाधिकारी श्रीकांत फडके, अतिरिक्त मनपा आयुक्त जलज शर्मा, रवींद्र खजांजी, गेव्ह आवारी आदी अधिकारी उपस्थित होते. पालकमंत्री म्हणाले की आज कोरोना साथीपासून मुक्त होणे हे सरकारचे पहिले उद्दीष्ट आहे. यासह उद्योग-व्यवसाय, शिक्षण, रोजगार इत्यादी सुरळीत करण्याकडे लक्ष दिले जात आहे.

नागरिकांचे सहकार्य महत्त्वपूर्ण: राऊत म्हणाले की कोरोना मुक्तीसाठी समाजातील सर्व घटकांचे, नागरिकांचे सहकार्य महत्त्वपूर्ण आहे. एकत्रितपणे एकत्रित प्रयत्नांनी लढल्यास आपण कोरोनाला हरवू शकू. ते म्हणाले की, जिल्हा देखील विकासात अग्रणी असेल. अनेक प्रकल्पांमुळे जिल्ह्याचे रूप पालटेल.

कोराडीतील एनर्जी एज्युकेशनल पार्क, भव्य हनुमान मूर्ती स्मारक, सेल्फी पॉईंट, तलावाच्या सुशोभिकरण प्रस्ताव, फुटाळा तलाव, बौद्ध थीम पार्क, यशवंत स्टेडियम परिसरातील अत्याधुनिक नवीन स्टेडियम, वाहन विरहीतसंकुल केंद्र बांधले जातील. जिल्ह्यातील खरीप हंगामात शेतक-यांना आतापर्यंत 617.34 कोटी रुपयांचे कर्ज वितरित करण्यात आले आहे, अशी माहितीही त्यांनी दिली. कर्जमाफीची रक्कम 327.25 कोटीही जमा झाली आहे. महाजॉब्सच्या माध्यमातून तरुणांना रोजगार देण्याला प्राधान्य दिले जात आहे.

पालकमंत्र्यांचे हस्ते वरिष्ठ पीआय नरेंद्र हिवरे यांना केंद्रीय गृहमंत्री पदक, सहायक पोलिस उपनिरीक्षक मोहन शर्मा यांना गुणवत्ता सेवा पदक देण्यात आले. शंकर हिंगेकर, संतोष तोतवानी, अशोक हिंगेकर, पद्माकर हिंगेकर, प्रमोद पहाडे आणि मोहम्मद ओविस हसन या कोरोना योद्धयांचेही यावेळी सत्कार झाले. माजी स्वातंत्र्यसैनिकांना याप्रसंगी पालक मंत्री भेटले.

निगम के इतिहास में पहली बार ऑनलाइन बैठक

नागपुर:- अब तक, केवल नागरिकों से कॉल लेने, संदेश पढ़ने, फोटो देखने और सोशल मीडिया पढ़ने के काम आनेवाले मोबाइल का उपयोग सभी राजनीतिक दलों के नगरसेवक निगम की आम बैठक ऑनलाइन भाग लेने के लिए करने वाले हैं। निगम अधिकारी अपने मोबाइल और लैपटॉप से ​​अधिकारियों से सवाल पूछ सकेंगे। प्रशासन ऑनलाइन बैठक के लिए तैयार है; लेकिन यह सदस्यों के लिए एक अच्छी परीक्षा होगी।

कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण, राज्य सरकार ने नगरपालिका को सामान्य बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का विकल्प दिया है। 20 अगस्त को होने वाली बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी, क्योंकि पिछली बैठक मे सोशल डिस्टेंस में काफी गड़बड़ीया हुई थी। विभिन्न दलों के 156 निर्वाचित पार्षद और 5 मनोनीत पार्षद निगम में हैं और उन सभी को इस बैठक के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, निगम के ई-गवर्नेंस विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को बैठक की जानकारी और मार्गदर्शन भी दिया है। बैठक 20 अगस्त को सुबह 11 बजे शुरू होगी। यह बैठक विशेष महत्व की है क्योंकि यह निगम के इतिहास में पहली ऑनलाइन बैठक है। बैठक से 45 मिनट पहले बैठक की एक कड़ी सभी नगरसेवकों, पदाधिकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को भेजी जाएगी।‌‌

पहली बार, ऑनलाइन प्रश्न उत्तर सत्र होगा। यह न केवल अधिकारियों के लिए बल्कि नगरसेवकों और पदाधिकारियों के लिए भी एक परीक्षा होगी। चूंकि यह पहली ऑनलाइन बैठक है, इसलिए नगरसेवकों में भ्रम की संभावना है। इसी बैठक में, सत्तारूढ़ दल भी जल कर में कमी का प्रस्ताव लाएगा। कमिश्नर इसका विरोध कर रहे हैं। इसलिए, आयुक्त और निगम के बीच संघर्ष ऑनलाइन दिखाई देगा। अनुमोदन के लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रस्ताव लाए गए हैं। इस पर चर्चा होगी। ऑनलाइन चर्चा में क्या होगा, इसे लेकर सभी उत्सुक हैं।

ऑनलाइन मीटिंग के लिए नगरसेवकों को क्या करना होगा?

  • Webex मीटिंग ऐप को प्लेस्टोर से डाउनलोड करना होगा।
  • हेडफोन का उपयोग
  • इंटरनेट और मोबाइल बैटरी का सुनिश्चितीकरण।
  • बैठक से 20 मिनट पहले उपस्थिति आवश्यक।‌‌

No water shortage in city as full of Pench dam

Nagpur:- Pench River dams of Totladoh and Kamptee Khairi, the main source of water supply for the city, have filled up to brim leading to the opening of their gates. In Pench, it also means that there will be no shortage of raw drinking water for the town and there will be enough water available for irrigation in Nagpur and Bhandara districts. There will also be enough water available for Koradi and Khaparkheda thermal power stations.

Jayant Gavli, Water Resources Department (WRD) Superintendent Engineer, “On Sunday 10 of the 14 Totladoh Reservoir gates and 12 of the 16 Kamptee Khairi gates were opened. The dams have been filled with rains received in their own catchment up to 95%.

4 Totladoh gates were opened on Saturday. We were informed that the government of Madhya Pradesh (MP) had opened Chaurai dam gates upstream of Totladoh. Therefore, on Sunday, we opened more gates. “Gavli added that there would be enough raw drinking water for the Nagpur Municipal Corporation (NMC), irrigation, and other consumers for a year, especially next summer. “Yet there are more than 45 days left of monsoon which means more rains,” he said.

Totladoh reservoir ‘s live storage capacity is 1.017 million cubic meters (MMC) and the Kamptee Khairi reservoir ‘s capacity is 142 MMC for a total of 1.159 MMC.

कोविड रुग्णांसाठी मानकापूर येथे जम्बो हॉस्पिटल

नागपूर:- विदर्भातील कोविड रुग्णांना तातडीने वैद्यकीय मदत मिळावी, यासाठी शहरात अत्याधुनिक वैद्यकीय सोयी-सुविधांनी सुसज्ज असे ‘जम्बो रुग्णालय’ मानकापूर येथे उभारण्यात येणार असून सुमारे एक हजार रुग्णांसाठी सुविधा येथे उपलब्ध होईल, अशी माहिती आज पालकमंत्री डॉ. नितीन राऊत यांनी दिली.

विभागीय आयुक्त कार्यालयाच्या सभाकक्षात नागपूर येथे ‘जम्बो कोविड हॉस्पिटल’साठी शहरातील योग्य जागा सुलभ होईल, यादृष्टीने डॉ. राऊत यांच्या अध्यक्षतेखाली बैठक आयोजित करण्यात आली होती. त्यावेळी ते बोलत होते.

एएए हेल्थ कन्संटन्सी सर्विसेसचे डॉ. अहमद मेकलाई, डॉ. अमृता सूचक, विभागीय आयुक्त डॉ. संजीव कुमार, महापालिका आयुक्त तुकाराम मुंढे, जिल्हाधिकारी रविंद्र ठाकरे, इंदिरा गांधी शासकीय महाविद्यालयाचे अधिष्ठाता डॉ. अजय केवलीया, शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालयाचे अधिष्ठाता डॉ. सजल मित्रा, शालिनीताई मेघे वैद्यकीय महाविद्यालयाचे प्राचार्य दिलीप गोडे, आरोग्य उपसंचालक डॉ. संजय जायस्वाल, जिल्हा चिकीत्सक डॉ. देवेंद्र पातुरकर, डॉ. दीपक सेलोकर, मनपा अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी, वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. रवि चव्हाण आदी मान्यवर यावेळी उपस्थित होते.

विदर्भातील वाढत्या कोविड रुग्णांसाठी अतिरिक्त तसेच तातडीची आरोग्य सुविधा निर्माण करणे तसेच शासकीय रुग्णालयांवरील ताण कमी करण्यासाठी ‘जम्बो हॉस्पिटल’ची निर्मिती करण्यात येत आहे.’ जम्बो हॉस्पिटल’च्या निर्मितीमुळे कोविड व्यतिरिक्त इतर रुग्णांवर उपचार करणे डॉक्टरांना सोयीचे होईल, असा विश्वास डॉ. राऊत यांनी यावेळी व्यक्त केला.

कोवीड रुग्णांसाठी मुंबई तसेच पुणे येथे ‘जम्बो हॉस्पिटल’ची स्थापना करण्यात आली आहे. त्याच पद्धतीने शहरात देखील एक हजार रुग्णांसाठी ‘जम्बो हॉस्पिटल’ची स्थापना करण्याच्या दृष्टीने राधास्वामी सत्संग (कळमेश्वर), शालिनीताई मेघे वैद्यकीय महाविद्यालय, यशवंत स्टेडियम, पटवर्धन मैदान, व्हीसीए स्टेडियम, मानकापूर स्टेडियम या ठिकाणांची डॉ. राऊत यांनी माहिती घेतली. मानकापूर स्टेडियम सर्व दृष्टीने सुलभ असल्याचे डॉ. राऊत यांनी यावेळी सांगितले.

आयुक्त के प्रति क्यों बढ़ रहा व्यापारियों में गुस्सा?

नागपुर:- आयुक्त मुंढे ने व्यापारियों को 18 अगस्त तक कोरोना परीक्षण करने का आदेश जारी करने के बाद, परीक्षण के लिए केंद्र में जाने वाले व्यापारियों और उनके कर्मचारियों को किट उपलब्ध नहीं होने के कारण वापस भेज दिया गया। तो व्यापारियों ने कहना है, “पहले परीक्षण की सुविधाए रखे, फिर धमकी दें।” कुछ व्यापारियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आयुक्त के निर्णय का स्वागत है, लेकिन उनको तथ्यो से अवगत भी होना चाहिए।

मुंढे ने व्यापारियों को 18 अगस्त तक कर्मचारियों के साथ खुद का परीक्षण करने के निर्देश दिए है। अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी भी दी। कोरोना के मद्देनजर, कुछ महीनों की आय पहले ही कम हो गई है, और अब ऑड इवन से यह जारी ही है जिससे असंतुष्ट व्यापारी आयुक्त के फैसले से नाराज हैं।

परीक्षण केंद्र पर परीक्षण किट की अनुपलब्धता से यह गुस्सा और अधिक बढ़ गया। कमिश्नर के आदेश के बाद, व्यापारियों ने कल से परीक्षण के लिए निगम के परीक्षण केंद्र जाना शुरू कर दिया। लक्ष्मीनगर जोन में आरपीटीएस परीक्षण केंद्र पर क्षेत्र के कुछ व्यापारी और कर्मचारी भी परीक्षण के लिए गए। लेकिन वहां मौजूद महिला चिकित्सा अधिकारी ने व्यापारियों को बताया कि परीक्षण के लिए आवश्यक किट उपलब्ध नहीं।‌‌

निर्देशों का पालन करने वाले व्यापारियों को परीक्षण की सुविधा नहीं होने के कारण वापस लौटना पड़ा। कल भी, कुछ व्यापारी इस केंद्र पर गए। उन्हें भी किट नहीं बताया गया। इसलिए, चूंकि लगातार दो दिनों तक परीक्षण केंद्र में कोई किट नहीं, तो 18 अगस्त तक परीक्षण कैसे होगा? इस सवाल ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। व्यापारी आयुक्त के निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार है। पर प्रशासन कि भी कुछ जिम्मेदारियां हैं जो पुरी होती दिखाई नहीं दे रही।

इधर 18 अगस्त नजदीक आ रहा, व्यापारियों ने आयुक्त को तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने की आवश्यकता व्यक्त की। अगर कोई सुविधा नहीं है, तो 18 वीं तक कैसे जांच करवाए? व्यापारियों द्वारा इस तरह के सवालो से गुस्सा जाहिर किया जा रहा है।

आयुक्त का दावा झूठा: आयुक्त ने 3 अगस्त को शहर में 21 स्थानों पर कोरोना परीक्षण के लिए सेवा केंद्रों का लाभ उठाने के लिए नागरिकों से अपील की थी। हालांकि, पिछले दो दिनों से आरपीटीएस परीक्षण केंद्र में किटों की कमी के कारण आयुक्त का यह दावा फेल होता दिख रहा है।

पूर्व पार्षद, गोपाल बोहरे कहते हैं व्यापारियों के तकरारें आने पर परीक्षण केंद्र का दौरा किया। वहा अधिकारियों ने कोई किट नहीं होने की बात बताई थी। नगर निगम को दुकानदारों के साथ-साथ उनके कर्मचारियों का परीक्षण करने के लिए एक वैन में एक मोबाइल परीक्षण केंद्र शुरू करना चाहिए।

एएसआय संदीप शर्मा यांना राष्ट्रपति पदक

नागपूर:- ७४ व्या स्वातंत्र दिन औचित्यावर सहाय्यक उपनिरीक्षक संदीप मनोहर लाल शर्मा यांना पोलिस सेवेत उत्कृष्ट कामगिरी केल्याबद्दल राष्ट्रपती पोलिस पदकाने सन्मानीत करण्यात आले. केंद्रीय गृह मंत्रालयाने त्यांना राष्ट्रपती पोलिस पदक जाहीर केले आहे. या व्यतिरिक्त गडचिरोलीच्या १४ पोलिस कर्मचा-यांना विशेष कामगिरीसाठी पोलिस शौर्य पदक देऊन सन्मानित करण्याची घोषणा करण्यात आली आहे. नागपूरचे संदीप शर्मा यांच्यासह विदर्भातील ४ पोलिस अधिका-यांना राष्ट्रपती पदक देण्यात येणार आहे.

३९ वर्षांच्या सेवेत २७० पुरस्कार व प्रमाणपत्रे:

संदीप शर्मा सध्या गुन्हे शाखेत (शोध) कार्यरत आहेत. क्राईम डेटा, क्राईम अ‍ॅनालिसिस आणि गुन्हेगारीशी संबंधित सर्व बाबींत त्यांनी उत्कृष्ट काम केले आहे. १९८२ मध्ये त्यांची पोलिस हवालदार म्हणून नियुक्ती झाली. यासह शहरातील अनेक पोलिस ठाण्यांमध्ये त्यांना क्राईम संबंधि उल्लेखनीय कामांसाठी अनेक वेळा सन्मानित करण्यात आले आहे. २००६ साली झालेल्या अखिल भारतीय पोलिस ड्यूटी मिट मेळाव्यात त्यांनी भाग घेतला. त्याच वर्षी महाराष्ट्र पोलिस ड्यूटी मीट गुन्हे निरीक्षणामध्ये सुवर्ण पदक प्रदान करण्यात आले.

2012 मध्ये त्यांनी मानवाधिकार

आयोगाच्या वादविवाद स्पर्धेत तिसरा क्रमांक मिळविला. सन २०१८ मध्ये महाराष्ट्र पोलिस महाव्यवस्थापक राज्यात मुंबईला इन्सिग्निआ पदक देण्यात आले. ३९ वर्षांच्या सेवेत त्यांना २७० हून अधिक पुरस्कार व प्रशस्तिपत्रे मिळाली आहेत. या कर्तृत्वावर सी.पी. उपाध्याय, माजी जॉइंट सीपी रवींद्र कदम, जॉइंट सीपी निलेश भरणे, डीसीपी गजानन राजमाने, मकणीकर, संभाजी कदम, श्वेता खेडकर, एसीपी नंदनवार, जाधव यांच्यासह सर्व अधिकारी व कर्मचार्‍यांवतीने शुभेच्छा देण्यात आल्या.

कोरोना नागपुर की 136 साल की गौरवशाली परंपरा तुटेगी: बैल पोला, तान्हा पोला सार्वजनिक मनाने पर प्रतिबंध

नागपुर: राज्य की उप-राजधानी की एक विशेषता और संस्कृति वाले मारबत-बडग्या जुलूस को इस साल प्रतिबंधित कर दिया गया है। कोविड नियमों का पालन करते केवल पांच लोगों को ही मारबत दहन की अनुमति दी जाएगी। पीली मारबत के 136 साल के इतिहास में पहली बार जुलूस की परंपरा खंडित होने जा रही है।

विदर्भ की सांस्कृतिक गरिमा में काली-पीली मारबत और उनके मिलन का क्षण इस बार तान्हा पोलाको अनुभव नहीं कर सकेंब। इस साल मारबत जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोविड स्थिति के कारण, आयुक्त मुंढे ने कोरोना प्रसार को रोकने के हेतु उक्त जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया है। परंपरा के अनुसार, मारबत जलाने की अनुमति कोविड नियमों का पालन करते हुए पांच लोगों को दी गई। पीली मारबत के 136 साल के इतिहास में पहली बार, मारबत का जुलूस नहीं निकलेगा। पीली मारबत उत्सव कमेटी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह कोविड संबंध में सभी नियमों का पालन करेगी।

कृष्ण हत्या की कोशिश करनेवाली पूतना मौसी का प्रतीक जागनाथ बुधवारी से पीली मारबत, और अंग्रेजों का समर्थन करने वाली बाकाबाईके प्रतीक के रूप नेहरू पुतला से काली मारबत जुलूस निकाला जाता है, समाज में अवांछनीय प्रथाओं को मिटाने के लिए, यह इनमें बडग्या भी जुड़ते हैं, तान्हा पोला के दिन प्रतीकात्मक व्यंग्य संदेश लिखे जुलूस सभी का ध्यान आकर्षित करता है। हालांकि, कोविड ने इस साल मारबत-बडगा जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया है और साथ ही तान्हा पोला को सार्वजनिक रूप से मनाए जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।‌‌

राज्य में कोरोना दवाओं की कमी है? सच क्या है?

नागपुर:- एक ओर जहां कोरोना का प्रचलन बढ़ रहा है, वही उपराजधनी सहित विदर्भ में चिकित्सा व्यवस्था अपर्याप्त होती जा रही है। जिला बार एसोसिएशन (डीबीए) ने इस मुद्दे पर मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना की दवा के कमी के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है और एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति रवि देशपांडे और न्यायमूर्ति नितिन सूर्यवंशी के समक्ष इस मामले की सुनवाई गुरुवार को हुई। DBA के अध्यक्ष एड कमल सतुजा ने यह याचिका दायर की है। नागपुर सहित पूरे विदर्भ में कोरोना के रोगियों के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं की कमी है। यहां तक ​​कि प्रशासनिक उपाय भी पर्याप्त नहीं हैं। संदिग्ध मरीजों को जांच के लिए घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है।

इन त्रुटियों के कारण, सुनील मिश्रा और अॅड. शशिकांत बोरकर का निधन हुआ। रोगियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए, उपचार के लिए तैयार कक्ष में स्थान अपर्याप्त है। यही नहीं, अलग-अलग जगह जांचों की रिपोर्ट भी अलग-अलग होती है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निजी अस्पतालों में इलाज के लिए मनमाना शुल्क लिया जा रहा है।

याचिकाकर्ता ने आवश्यक दवाओं के साथ पर्याप्त चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए एक आदेश देने का अनुरोध किया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन, नगर आयुक्त, मंडल आयुक्त, कलेक्टर, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद, चिकित्सा अधीक्षक और मेयो अधीक्षक को भी मामले में बचाव पक्ष के रूप में नामित किया गया है।‌‌

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