आयुक्त मुंढे ने सत्तापक्ष पर तंज कसते हुए कहा – मुझ पर लगाए जा रहे हैं झूठे आरोप

नागपुर:- दरअसल मनपा आयुक्त मुंढे सत्तापक्ष पर तंज कसते हुए कहा के मुझ पर यदि झूठ बोलने का आरोप लगाने की किसी की आदत पड़ गई हो, तो खुशी से आरोप लगाए।

रविवार को आयुक्त मुंढे ने फेसबूक लाईव पर लोगों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि झूठ नहीं बल्की सत्य के साथ जनहितों में निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने दूकानदारों को राजनीति ना करने की सलाह देते हुए सत्तापक्ष पर निशाना भी साधा।ज्ञात हो कि हाल ही में हुई महानगर पालिका की आनलाईन महासभा में भाजपा के वरिष्ठ पार्षद दयाशंकर तिवारी तरफ से कोरोना पेशेंट्स के लिए बेड फैसिलिटी को लेकर मंत्री की बैठक में आयुक्त द्वारा झूठी जानकारी देने का आरोप लगाया गया था।

उनका कहना है कि शहर में 8086 बेड अवैलेबल है। इसके साथ ही अगर राधा स्वामी सत्संग न्यास के 5 हजार बेड जोड़े जाए, तो इसकी संख्या 13 हजार हो जाएगी।बेड की उपलब्धता को लेकर झूठ नहीं बोला जा रहा है।पर कुछ लोगों को छूठे आरोप लगाने की आदत सी हो गई है।आगे कहा कि मुझे सत्य के साथ चलने की आदत है।असल में जो हुआ ही नहीं,उसे ट्वीस्ट कर गलत डिटेलिंग की जा रही है।

उन्होंने कहा कि केअर सेंटर में 10 हजार से ज्यादा बेड उपलब्ध है।आगे सलाह देते कहा कि लोगों को भ्रमित करना और झूठे आरोप लगाना बंद करें।उन पर कि कोरोना संकटकाल में अज्ञातवास में जाने के भी आरोप लगाए जा रहे थे।इसके इतर विपरित परिस्थिति के होने पर भी कोरोना हॉस्पिटल्स और लोगों के बीच जाकर स्थिति का जायजा लेने का काम इन दिनों में हुआ है।महानगर पालिका का पूरा स्वास्थ्य विभाग में पूरे समर्पण से कामों में जुटा हुआ है।

आयुक्त ने कहा कि जनता नियमों का पालन नहीं कर रही है जिसकी वजह से केसेस बढ़ते जा रहे हैं और दूसरी ओर प्रशासन गहरी नींद में होने के उलटे आरोप लगाए जाते हैं।कई पेशेंट्स को घरों में ही रहकर उपचार करवा रहे हैं। हर पेशेंट् के घर डाक्टर भेजना संभव नहीं है। किसी भी व्यक्ति ने यदि एक बार कोरोना टेस्ट करवाने के बाद फिर से टेस्ट कराने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए बोला कि यदि एक बार पाजिटिव रिपोर्ट आई हो, तो वह व्यक्ति पाजिटिव ही है।

महापौर जोशी ने की मिशन विश्वास की समीक्षा कहा- कान्टैक्ट ट्रेसिंग पर विशेष ध्यान

नागपुर:- महापौर जोशी ने ,भविष्य में कोरोना महामारी का संक्रमण रोकने व स्थिति को कंट्रोल में रखने के लिए हर अधिकारी व पदाधिकारियों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने की सलाह दी गई है। नागपुर मनपा मिशन विश्वास’ अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ लोकसमस्या संशोधन और लोककल्याण समिति के पदाधिकारी कोरोना महामारी से निपटने को लेकर सेवाएं दें रहे है।

इन कामों में आ रही समस्या और उसे हल करने के लिए महापौर जोशी ने समीक्षा बैठक ली थी।उन्होंने इसके साथ ही विशेषकर से बढ़ती मृत्यु दर को कम करने के लिए कान्टैक्ट ट्रेसिंग पर ध्यान देने की निर्देश  भी दिए।

कोरोना की चैन ब्रेक करने के लिए पाजिटिव मरीजों के सम्पर्क में आनेवाले लोगों की खोजबीन कर उन्हें समय पर आवश्यक इलाज़ देने की जरूरत है। जिसके लिए महानगर पालिका की ओर से कार्यवाही की जा रही है।शहर में बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही को प्रगति देने के उद्देश्य से समिति के सहयोग से नागपुर महानगर पालिका मिशन विश्वास अभियान शुरू किया गया है।

महापौर ने कहा कि पीड़ितों से तुरंत सम्पर्क कर स्थिति का देखते हुए तुरंत उपचार उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।महानगर पालिका के धरमपेठ जोन, हनुमान नगर जोन व लकडगंज जोन में अभियान से संबंधित अधिकारी तथा संस्था के पदाधिकारियों की बैठकें ली।

ऐसा बताया जा रहा है कि महानगर पालिका के पास जोन स्तर पर उपलब्ध कोरोना पाजिटिव पेशेंट्स की लिस्ट के अनुसार मनपा के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ समिति पदाधिकारी , पेशेंट्स के सम्पर्क में आनेवाले लोगों की खोजबीन करते है।

संबंधित कोरोना पेशेंट के कॉन्टैक्ट में आए लोगों की सूची तैयार कर मनपा के संबंधित जोनल कार्यालय को दी जाती है।इसके साथ ही कोरोना पॉजिटिव के घर जाकर उसके परिवार की जानकारी ली जाती है। मनपा के अधिकारी और संस्था पदाधिकारी समन्वय से कोरोना पाजिटिव पेशेंट्स को उचित सलाह देकर उपचार उपलब्ध कराते हैं।

गैरजिम्मेदार और नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर भड़के महापौर

नागपुर:- कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए महानगर पालिका  और हैल्थ डिपार्टमेंट की तरफ से किए जा रहे भरसक प्रयासों के बावजूद लगातार मामले बढ़ते जा रहे हैं। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए महापौर जोशी की ओर से प्रतिदिन शहर के विभिन्न भागों में जाकर जनजागृति करने का निर्णय लिया गया है।

रविवार को इस अभियान के अन्तर्गत उन्होंने गोकुलपेठ, धरमपेठ आदि एरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण में दूकानदारों के साथ ही आमजन द्वारा भी सरकार के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने वालों पर जमकर बरसे।उनका कहना था कि न सिर्फ कोरोना पेशेंट्स की संख्या बढ़ती जा रही है, बल्की डैथ रेट भी बढ़ता जा रहा है।हर रोज़ 30 से 40 लोगों की मौत हो रही है।

कुछ गैरजिम्मेदार लोगों के चलते कोरोना का फैलाव हो रहा है लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।न सिर्फ खुद की जान खतरे में डाल रहे हैं, बल्की आप लोगों के लिए भी खतरनाक साबित हो रहे हैं। कई लोग वाहनों से शहर के अनेक हिस्सों में घूमते रहते हैं। महापौर ने लोगों से नियमों का फॉलो करने, सोशल डिस्टेन्सिंग का रखने, मास्क लगाने और दूकानों में 5 से ज्यादा लोगों की उपस्थिति नहीं रखने की हिदायत भी दी।

निरीक्षण के वक़्त उन्होंने यह भी पाया कि कुछ दूकानदारों ने मास्क नहीं पहना है इस पर एनडीएस दस्ते के माध्यम से जुर्माना की कार्रवाई भी की गई। शहर का पूरा दौरा लगाते वक़्त कई चौराहों और व्यापारिक एरियों में सड़कों के किनारे लोगों की भीड़ भी देखी गई।जिन्हें बेवजह घरों से बाहर ना निकलने की सलाह महापौर जोशी ने दी।

उनका कहा कि अब हर दिन एक हजार से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं।जिससे अब खुद की जिम्मेदारी समझकर पालन नहीं किया गया, तो अपने साथ ही दूसरों के परिवार के लिए भी खतरनाक साबित हो सकते हैं।निरीक्षण के वक़्त जिन दूकानों में भीड़ भी देखी गई और नियमों का पालन नहीं किए जाने पर दूकानदारों को भी भविष्य में कार्रवाई की चेतावनी दी गई। उन्होंने कोरोना पाजिटिव पेशेंट्स के कॉन्टैक्ट में आने से तुरंत कोरोना टेस्ट सेंटर जाकर टेस्ट करने की अपील भी की।

कोरोना पर उपायों के लिए 21 सदस्यों की समन्वय समिति हुई घोषित

महानगर पालिका की पहली बार हो रही आनलाईन मीटिंग में भले ही पहले दिन कुछ टैक्निकल प्रोब्लेम्स के चलते उसे सस्पेंडेड रखी गई हो,लेकिन शुक्रवार को कुछ समय के लिए वरिष्ठ पार्षद दयाशंकर तिवारी ने स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा करने के दौरान फिर टैक्निकल प्रोब्लेम्स आई खैर सभी लोगों ने अपने अपने सुझाव दिए ।

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद प्रफुल्ल गुड्धे ने सभागृह लेने की तारिख तय करने से पहले कोरोना के विषय में उपयुक्त फैसिलिटीज सुनिश्चित करने की दिशा में एक समन्वय समिति का गठन करने का सुझाव दिया गया। सत्तापक्ष के नेता और विपक्ष नेता के सलाह के बाद महापौर जोशी ने कोरोना पर प्रशासन के साथ समन्वय के लिए एक समिति गठित करने के आदेश दिए।

महापौर जोशी के आदेश से उनकी अध्यक्षता में 21 सदस्यों की समिति का गठन हुआ है। 24 अगस्त 2020 को कोरोना पर समन्वय करने, चर्चा करने तथा निर्णय लेने के लिए शासन के साथ समिति की मीटिंग होगी।इसके बाद भी आवश्यकतानुसार मीटिंग्स ली जाएगी।

महापौर द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों से मीटिंग नियमित होने तक समिति कार्यान्वित रहेगी।शुक्रवार को फिर से एक बार आनलाईन महासभा की कार्यवाही की शुरुआत हुई थी।।जिसमें पार्षद तिवारी की तरफ से लगभग एक घंटे तीस मिनिट तक स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से कोरोना संक्रमण को लेकर शहर भर में हॉस्पिटल्स और पेशेंट्स की स्थिति तथा मनपा की ओर से किए जा रहे उपायों पर चर्चा की गई।

भाजपा के वरिष्ठ पार्षद दयाशंकर तिवारी के निशाने पर थे मनपा आयुक्त मुंढे।और इसके साथ ही वो शुक्रवार को भी कोरोना महामारी को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई।उन्होंने कहा कि जून में सभा में मामला उठाया गया उसके बाद कोविद केअर सेंटर का निर्माण किया गया।शहर में कोविड हॉस्पिटल्स की कैपेसिटी 2100 है।जबकि प्रतिदिन 1000 से ज्यादा मरीज निकल रहे हैं।

आगे उन्होंने कहा कि कुछ प्राइवेट संस्थाएं कोविड केयर चलाने की इच्छा ज़ाहिर कर रही है।लेकिन उन्हें खुद डॉक्टर्स और नर्सों का इंतजाम करने को कहा जा रहा है ,जबकि उन्हें महानगर पालिका की तरफ से डाक्टर्स उपलब्ध करवाना चाहिए।

आगे अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल्स ने मरीजों से लाखों रुपए वसूल किए हैं। लेकिन केवल 2 हॉस्पिटल्स पर ही कार्रवाई करके ही आयुक्त पीठ थपथपा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी थर्ड पार्टी की नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि सही तरीके से कार्यवाही हो सके।

तकनीकी खराबी के चलते स्थगित हुआ ऑनलाइन महासभा का संचालन

नागपुर:- स्टेट गवर्नमेंट के आदेश अनुसार भले ही गुरुवार को पहली बार आनलाईन मीटिंग रखी गई हो
परन्तु महासभा को नई तकनीक इतना नहीं भायी। इसका बात का पता ऐसे ही लगाया जा सकता है कि मीटिंग की शुरुआत होने के कुछ समय बाद ही टेक्निकल प्रॉब्लम का कारण देते हुए महापौर ने मीटिंग अगले दिन के लिए स्थगित कर दी।

अधिकांश पार्षदों की ओर से ऑनलाइन सभा में उपस्थिति दर्ज की गई। हालाकि आनलाईन सभा की शुरुआती कार्यवाही में शोक व अभिनंदन प्रस्ताव होने के बाद ही महापौर जोशी ने स्थगन प्रस्ताव पर विचार विमर्श करना चालू कर दिया। वरिष्ठ पार्षद दयाशंकर तिवारी की ओर से स्थगन प्रस्ताव की चर्चा की गई इसी बीच कुछ पार्षदों ने आवाज़ नहीं आने की शिकायत की।

भाजपा के वरिष्ठ पार्षद प्रवीण दटके की तरफ से भी टेक्निकल प्रॉब्लम्स के कारण सही तरीके से की संचालन नहीं हो पाने का मुद्दा उठाया।थोड़ी देर बाद ही महापौर जोशी की तरफ से दस मिनट के लिए सभा की कार्यवाही स्थगित की गई।हालांकि फिर भी कुछ मिनटों बाद मीटिंग की कार्यवाही फिर से शुरू हुए पर टेक्निकल प्रॉब्लम्स सॉल्व नहीं हो पाई।जिसके चलते शुक्रवार तक के लिए सभा को टाला गया।

कोरोना के इस संकटकाल में सुरेश भट सभागृह में लगातार 5 दिनों तक सभा का आयोजन किया गया था।इसी तरह कुछ पार्षदों का मानना था कि इस महासभा का भी भट सभागृह में आयोजन होना चाहिए था क्योंकि पूर्व में कोरोना के चलते 5 दिवसीय सभा इसी में आयोजित हुई थी।

चर्चा में महापौर की तरफ से सभी पार्षदों को अपनी आवाज़ें बंद रखने के निर्देश दिए गए।पर पार्षदों द्वारा नियमित सभा के जैसे बीच बीच में बोलने से चर्चा में व्यवधान होता रहा। आखिर में महापौर जोशी ने प्रशासन को तकनीकी खामियां सुधारने और बेहतर करने का निर्देश दे कर शुक्रवार तक के लिए सभा स्थगित की।

स्वछता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सुधरी,महापौर जोशी ने किया मनपा का अभिनंदन

केंद्र सरकार की ओर चलाए जाने वाले हर साल स्वच्छ भारत अभियान में पिछले साल की अपेक्षा इस बार नागपुर की रैंकिंग में सुधार आया है। जहां पिछले वर्ष स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में नागपुर शहर की रैंकिंग 58 थी वहीं आज शहर की रैंकिंग सुधार कर 18होगयी है। यह संभव इसलिए हो पाया क्योंकि के लगातार सफाई की दिशा में कार्य होता रहा। यह सर्वेक्षण जनवरी 2020 में हुआ था।केंद्र सरकार के गृह निर्माण और शहरीय विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को दिल्ली से सर्वेक्षण के परिणाम घोषित किए।

घोषित हुए परिणामों के अनुसार पूरे राज्य में 10 शहरों को इसमें शामिल किया गया।इसी के अन्तर्गत शहर 5वें स्थान पर होने की घोषणा हुई।

सर्वेक्षण स्पर्धा में सिटी को 4345 अंक प्राप्त हुए हैं। इसी के साथ सर्विस लेवल प्रोग्रेस में 1500 में से 1208 अंक, सर्टिफिकेशन में 1500 में से  500 अंक, प्रत्यक्ष निरीक्षण में 1500 में से 1354 अंक, और नागरिकों के प्रतिसाद श्रेणी में 1500 में से 1283 अंक प्राप्त हुए।पिछले साल शहर को 63.22 प्रतिशत अंक मिले थे।जबकि इस वर्ष सुधार के साथ 72.4 अंक प्राप्त हुए।

महापौर ने शहर को 18वां स्थान मिलने की बधाई दी। और साथ ही मनपा के सभी अधिकारी और कर्मचारियों का भी बधाई दी। उनका कहना था के तत्कालीन आयुक्त अभिजीत बांगर की लीडरशिप में मनपा के हैल्थ डिपार्टमेंट के साथ अन्य सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने शहर को स्वच्छ रखने में काफी प्रयास किए।

स्वच्छता बनाए रखने के लिए ‘मम्मी पापा यू टू’ जैसी मुहिम भी छेड़ी थी।इस मुहिम में 3लाख से ज्यादा स्कूल स्टूडेंट्स ने भाग लिया था।मनपा द्वारा इस साल भी अच्छे कार्य करने और रैंकिंग में इसी तरह सुधार करने की अपील की।मनपा आयुक्त मुंढे ने भी मनपा टीम का बधाईयां दी। और भविष्य में भी ऐसे ही अच्छी रैंकिंग मिलने की आशा जताई।

नागपुरातील १६ खासगी रुग्णालये आता ‘कोव्हिड हॉस्पीटल्स

शासकीय रुग्णालयांसोबतच आता कोव्हिड-१९च्या रुग्णांवर उपचार करण्यासाठी खासगी रुग्णालयांनाही मान्यता देण्यात आली आहे. नागपुरातील १६ खासगी रुग्णालये आता पूर्णत: कोव्हिड हॉस्पीटल्स बनले असून या संपूर्ण रुग्णालयात एकूण १८७६ बेड्‌स उपलब्ध करून देण्यात आले आहे. यासंदर्भातील आदेश नुकतेच निर्गमित करण्यात आले आहेत. नागपूर महानगरपालिकेचे आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी सर्व रुग्णालयांचे स्वतंत्र आदेश काढून या सर्व रुग्णालयांना कोव्हिड हॉस्पीटल म्हणून मान्यता दिली आहे. या संपूर्ण रुग्णालयांमध्ये एकूण १८७६ एकूण बेड्‌सची उपलब्धता आहेत. यामध्ये २५६ बेडस्‌ अतिदक्षता कक्षातील आहेत. ऑक्सीजनची उपलब्धता असलेली ९९७ बेड्‌स आहेत तर ६२३ ऑक्सीजन नसलेले बेड्‌स आहेत. संपूर्ण रूग्णालय मिळून एकूण ९० व्हेन्टिलेटरची व्यवस्था आहे.

हे राहतील आता कोव्हिड हॉस्पीटल

ज्या १६ हॉस्पीटल्सला कोव्हिड हॉस्पीटल म्हणून मान्यता मिळाली यामध्ये ऑरेंज सिटी हॉस्पीटल ॲण्ड रिसर्च सेंटर, सावरकर चौक (१५० बेड्‌स), सेव्हन स्टार हॉस्पीटल, जगनाडे चौक (१०५), श्री भवानी मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पीटल ॲण्ड रिसर्च इंस्टिट्युट, पुनापूर (११०), गंगा केअर हॉस्पीटल, रामदासपेठ (१०५), श्री राधाकृष्ण हॉस्पीटल ॲण्ड रिसर्च इंस्टिट्युट, पूर्व वर्धमान नगर (१५०), लता मंगेशकर हॉस्पीटल, सीताबर्डी (१५०), कुणाल हॉस्पीटल, मानकापूर (१००), होप हॉस्पीटल, टेका नाका (१००), सेंट्रल हॉस्पीटल, रामदासपेठ (५०), वोक्हार्ट हॉस्पीटल, गांधीनगर (४५), रेडिअन्स हॉस्पीटल, वर्धमाननगर (६५), वोक्हार्ट हॉस्पीटल, नॉर्थ अंबाझरी रोड (११८), किंग्जवे हॉस्पीटल, कस्तुरचंद पार्क जवळ (२२८), अलेक्सिस मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पीटल प्रा.लि.,मानकापूर (२००), न्यू एरा हॉस्पीटल, टेलिफोन एक्स्चेंज चौक (१००), व्हिम्स हॉस्पीटल (१००) या रुग्णालयांचा समावेश आहे.

हॉस्पीटल्सच्या जबाबदाऱ्या काय?

ज्या हॉस्पीटल्सना आता नवे कोव्हिड हॉस्पीटल म्हणून मान्यता देण्यात आली आहे, त्या रुग्णालयात येणाऱ्या प्रत्येक रुग्णाप्रति काही जबाबदाऱ्या निश्चित करण्यात आल्या आहेत. या रुग्णालयात जो कोणी रुग्ण येईल तो जर अतिगंभीर असेल तर त्याला सर्वप्रथम उपचार देणे, आवश्यकता असेल तर व्हेंटिलेटरवर ठेवणे आणि त्या रुग्णाला स्टेबल करणे, हे त्या रुग्णालयाचे प्रथम कर्तव्य राहील. ज्या रुग्णांकडे थर्ड पार्टी विमा आहे, त्यांच्यावर उपचार करून क्लेमसाठी रुग्णालयानेच विमा कंपनींना पाठवावे. शासनाच्या परिपत्रकानुसार ८० टक्के बेड्‌स हे आरक्षित ठेवावे आणि त्यावर शासनाने निर्धारित केलेल्या दरानुसारच बिल आकारावे. रुग्णालयात येणाऱ्या रुग्णांना हे बेड्‌स पूर्ण होईपर्यंत तेथेच दाखल करावे. त्यानंतरच २० टक्के बेड्‌स ज्यावर रुग्णालयाच्या दरानुसार बिल आकारता येईल, तेथे दाखल करावे.

केंद्रीय कॉल सेंटर

रुग्ण पॉझिटिव्ह आल्यानंतर त्याने कुठे जावे, कुठल्या रुग्णालयात उपचार घ्यावेत, याबाबत रुग्णांमध्येच संभ्रम असतो. मात्र, नागपूर महानगरपालिकेने आता यापुढे ही व्यवस्था केंद्रीय पद्धतीने केली आहे. मनपात सध्या असलेल्या कोव्हिड कॉल सेंटरचा विस्तार करीत केंद्रीय कॉल सेंटर (Centralised Call Center) कार्यान्वित केले आहे. त्याचा क्रमांक ०७१२-२५६७०२१ असा आहे. जो रुग्ण पॉझिटिव्ह आला त्याने सर्वप्रथम संबंधित क्रमांकावर याबाबत माहिती द्यावी. तेथून त्यांनी होम आयसोलेशन अथवा रुग्णालयातील उपचार याबाबत मार्गदर्शन करण्यात येईल.

या कॉल सेंटरच्या माध्यमातून नागरिकांना खासगी रुग्णालय आणि शासकीय रुग्णालयांमध्ये किती बेड उपलब्ध आहे, त्यांना कुठे भरती करु शकतो याबद्दल माहिती दिली जाणार आहे. या कॉल सेंटरची जबाबदारी मनपाचे डॉ. लाड व इतर शासकीय कर्मचाऱ्यांना देण्यात आली आहे. मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी बुधवारी (ता. १९) केंद्रीय कॉल सेंटरची पाहणी केली. या व्यवस्थेमुळे रुग्णांचा त्रास कमी होईल आणि पॉझिटिव्ह आल्यानंतर उपचार कुठे घ्यायचा याविषयी निर्माण होणारा संभ्रम दूर होईल, असा विश्वास त्यांनी व्यक्त केला. यावेळी त्यांच्यासोबत अतिरिक्त आयुक्त जलज शर्मा, राम जोशी, वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. योगेंद्र सवाई उपस्थित होते.

३४ कोव्हिड चाचणी केंद्र

ज्या व्यक्तीला कोव्हिडसदृश लक्षणे आहेत अथवा जे व्यक्ती पॉझिटिव्ह रुग्णाच्या संपर्कात आले आहेत, त्यांनी तातडीने चाचणी करून घेणे बंधनकारक आहे. यासाठी मनपाने झोननिहाय ३४ कोव्हिड चाचणी केंद्राची व्यवस्था केली आहे. सहा कोव्हिड चाचणी केंद्रावर आर.टी.-पीसीआर चाचणीची व्यवस्था आहे. आर.टी.पी.सी.आर. चाचणी ज्या केंद्रांवर होते त्या केंद्रांमध्ये पोलिस प्रशिक्षण केंद्र (आर.पी.टी.एस.), लॉ कॉलेज वसतिगृह, रवि भवन, मॉरिस कॉलेज वसतिगृह, पाचपावली पोलिस वसाहत आणि राज नगर या केंद्रांचा समावेश आहे.

येथे सकाळी १० ते २ या वेळेत चाचणी सुरू राहील. अन्य २८ केंद्रांमध्ये जयताळा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, फुटाळा, तेलंगखेडी, हजारी पहाड प्राथमिक आरोग्य केंद्र, बाबुळखेडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, नंदनवन प्राथमिक आरोग्य केंद्र, बिडीपेठ नागरी प्राथमिक आरोग्य केंद्र, मोमीनपुरा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, भालदारपुरा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, जागनाथ बुधवारी प्राथमिक आरोग्य केंद्र, शांतीनगर प्राथमिक आरोग्य केंद्र, डिप्टी सिग्नल प्राथमिक आरोग्य केंद्र, पारडी प्राथमिक आरोग्य केंद्र, इंदोरा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, झिंगाबाई टाकळी प्राथमिक आरोग्य केंद्र, हुडकेश्वर प्राथमिक आरोग्य केंद्र, नरसाळा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, सोमलवाडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, गोरेवाडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, मानेवाडा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, नारा प्राथमिक आरोग्य केंद्र, कपिल नगर प्राथमिक आरोग्य केंद्र, मेहंदीबाग प्राथमिक आरोग्य केंद्र, शेंडेनगर प्राथमिक आरोग्य केंद्र, डायग्नोस्टिक सेंटर महाल प्राथमिक आरोग्य केंद्र, आदिवासी बॉईज होस्टल कळमना, कॉटन मार्केट प्राथमिक आरोग्य केंद्र, के.टी. नगर प्राथमिक आरोग्य केंद्र या २८ केंद्रांचा समावेश आहे. येथे सकाळी १० ते दुपारी २ या वेळेत चाचणी करता येईल.

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जिम व बॉडी बिल्डर संचालकों का प्रदर्शन ,महापौर जोशी भी हुए शामिल

जिम संचालकों द्वारा से बुधवार को किए गए प्रदर्शन में महापौर जोशी ने भी भाग लिया व सरकार की कुछ नीतियों का विरोध भी किया।
दरअसल बिगीन अगेन की तर्ज पर अनलाक में देशभर में जिम फिर से शुरू किए गए।किंतु राज्य में अबतक जिम शुरू करने के विषय में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से संविधान चौक पर कुछ जिम संचालकों ने प्रतिकात्मक रूप से महापौर के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का पूर्णतः पालन किया गया।

हालांकि संभावनाएं ऐसी थी के प्रदर्शन में कई विधायक शामिल होंगे,लेकिन सोशल डिस्टेन्सिंग के चलते विधायकों ने अपने क्षेत्र में हुए आंदोलन में हिस्सा लिया ।

जिम व बॉडी बिल्डर एसोसिएशन के प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शापिंग माल में जैसे भीड़ होती है, उससे शहर का हर व्यक्ति अच्छे से जानता है। जबकि जिम में आनेवाला हर व्यक्ति जिम्मेदारी से सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन कर सकता है।
इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आए।जहां सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसी जगहों पर अनलाक हो रहा है जहां लोग सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन नहीं कर रहे ।
जिम में सोशल डिस्टेन्सिंग का पूर्णतः पालन करने का भी आश्वासन दिया जा रहा है। किंतु सरकार की ओर से इसे मंजूरी नहीं आ रही है।

शहर के लगभग 222 जिम के सामने संचालकों द्वारा सोशल डिस्टेन्सिंग के साथ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बहुत समय से जिम बंद होने से कई परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हो गए हैं।जिसे प्रशासन की ओर से नजरंदाज किया जा रहा है।ऐसे ही पाबंदी जारी रही, तो कड़ा विरोध होने की संभावनाएं भी कुछ संचालकों
द्वारा व्यक्त की गई।

ऑनलाइन होने जा रही है मनपा की महासभा – प्रशासन पर साधेंगे निशाना

नागपुर:- इतिहास में पहली बार गुरुवार को मनपा की आनलाईन महासभा का आयोजन किया जा रहा है।मार्गदर्शक सूचनाओं के अनुसार यह निर्णय कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देख कर लिया गया है। वैसे पहले भी मनपा की विभिन्न आनलाईन बैठकों के अनुभव अनुसार कई समस्याओं के बावजूद इस तरह से हो रही सभा पर सभी की नजरें टिकी हुई है।

गुरुवार को होने जा रही इस महासभा में प्रॉपर्टी टैक्स में छूट, वॉटर बिल रेट वृद्धि से लेकर कई अहम विषयों को लेकर प्रशासन को घेरने की रणनीति तैयार की गई है।सूत्रों के हवाले से आनलाईन मीटिंग के लिए 2 दिन पहले ही डेमो लिया गया है।खैर इसका आवश्यकता जैसे प्रतिफल तो नहीं मिला ,लेकिन नियमों के अनुसार आनलाईन मीटिंग होने से प्रशासन द्वारा सभी पार्षदों को पूर्ण जानकारी भेजी गई है।

व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता लागू किए जाने को लेकर भी शासन को से सवाल जवाब की रणनीति बनाई गई है।ट्रेड लाईसेंस को लेकर ट्रेडर्स द्वारा किए गए एक दिवसीय बंद आंदोलन को भाजपा की ओर से पहले ही समर्थन घोषित किया गया है।जिससे प्रॉपर्टी टैक्स और वॉटर रेट में बढ़ोतरी के साथ ही इस मामले के महासभा में गरमाने की संभावना जताई जा रही है।

सभा की कार्यवाही के साथ अभिनंदन प्रस्ताव, शोक प्रस्ताव तथा सदस्यों द्वारा किए गए प्रश्नों को लेकर नियमों की जानकारी देने की अनिवार्यता को देखते हुए निगम सचिव की भी स्थायी समिति मीटिंग हॉल में व्यवस्था की गई है।

स्थायी समिति सभागार में रहेंगे महापौर संदीप जोशी, उपमहापौर मनपा की ओर से भले ही नियमों के अनुसार आनलाईन महासभा का आयोजन किया जा रहा हो, लेकिन महापौर, उपमहापौर मुख्यालय स्थित स्थायी समिति सभागृह से सभा का संचालन करेंगे।
इसके साथ ही मनपा आयुक्त मुंढे और अन्य अधिकारी अपने कक्ष से मोबाईल फोन से महासभा में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे ।

महापौर जोशी ने की अपील – घर में ही करें गणेश प्रतिमा विसर्जन

नागपुर:- विसर्जन के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ ना हो, इसके लिए सभी को घरेलू गणेश का विसर्जन घर में ही करें। इस समय कोरोना महामारी के चलते हर एक को संयम बरतना और नियमों का पालन करना जरूरी है।

बुधवार को नगर भवन में गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन की ओर से की जाने वाली तैयारियों के लिए विचार विमर्श और बैठक की गई। इस बैठक में उपमहापौर मनीषा कोठे, स्थायी समिति सभापति पींटू झलके, अति.आयुक्त संजय निपाने, प्रदीप दासवार, उपायुक्त मिलिंद मेश्राम, अधीक्षक अभियंता मनोज तालेवार आदि शामिल थे।

महापौर संदीप जोशी ने कहा कि सरकार के दिशा निर्देशों से गणेशोत्सव सार्वजनिक रूप से मनाते समय नियमों का पालन करना अति आवश्यक है। गणेश प्रतिमा 4 फूट से अधिक ऊंची नहीं होगी।और किसी भी तरह से सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन भी नहीं हो सकेगा।इसे मंडलों द्वारा गंभीरता से लेना होगा।गणेश पंडाल को लेकर भी नियम तय है, जिससे प्रशासन को कड़ी मुसीबत उठानी होगी। सभी लोग नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।इसका ध्यान रखने की हिदायत प्रशासन को दी।

सभी दूकानदारों को भी नियमों का पालन करना है।

ग्रीन विजिल फाऊंडेशन के कौस्तुभ चैटर्जी का कहना है – यदि पीओपी की प्रतिमा हो, तो घरेलू गणेश विसर्जन के दौरान विशेष ध्यान रखना होगा।इसके साथ ही पीओपी के विषय में नियमों का दूकानदारों को पालन करना होगा।  वृक्ष संवर्धन समिति के बाबा देशपांडे ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में बड़े पैमाने पर जनजागृति अभियान करना होगा।और अरविंदकुमार रतुडी ने सुझाव दिया कि निर्माल्य जमा कर उसका कम्पोस्ट खाद तैयार करने का होगा। विचार व चर्चा के दौरान संस्थाओं की ओर से कहा गया कि घरेलू गणेश विसर्जन के दौरान सोसाईटी में पूरी व्यवस्था करनी होगी। रोटरी क्लब आफ नागपुर विजन के दिनेश नायडू का सुझाव था के सभी तालाबों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई जानी चाहिए ।

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