कोरोना रुग्णांसाठी खाजगी रुग्णालयात ५७५ खाटा उपलब्ध

नागपूर:- नागपूरमध्ये कोव्हिडचा प्रादुर्भाव दररोज वाढत चालला आहे. तसेच मृत्यू संख्या ५०० च्या घरात पोहचली आहे. कोव्हिड रुग्णांसाठी खासगी आणि शासकीय रुग्णालयांमध्ये खाटा उपलब्ध नाही, असा आरोप नागरिकांकडून केला जात आहे. कोविड केयर सेंटरमध्ये पण रुग्णांना पाठविले जात नाही. मनपा प्रशासनाचा दावा आहे की, कोरोना रुग्णांसाठी खाटांची उपलब्धता पुरेशा प्रमाणात आहे.
नागपूर महानगरपालिकेद्वारे नागपूर मध्ये कोविड-१९ च्या रुग्णांसाठी खासगी आणि शासकीय रुग्णालयांमध्ये केलेली खाटांची व्यवस्था, कोव्हिड केअर सेंटरमध्ये उपलब्ध खाटांची संख्या, हॉटेल्स आणि मनपाच्या रुग्णालयात खाटांची व्यवस्था याची पाहणी करण्यासाठी महापौर श्री. संदीप जोशी यांनी वेगवेगळया समिती घोषित केल्या आहेत. ह्या सर्व समिती उपरोक्त व्यवस्थेची पाहणी करुन आपला अहवाल मंगळवारी २५ ऑगस्टला दुपारी ४ वाजता आयोजीत बैठकीत सादर करतील.
नागपूर महानगरपालिकेच्या महासभेमध्ये ज्येष्ठ नगरसेवक श्री. दयाशंकर तिवारी यांनी मांडलेल्या स्थगन प्रस्तावावर महापौर श्री.संदीप जोशी यांनी कोव्हीड – १९ बददल समन्वय करण्यासाठी सर्वपक्षीय नगरसेवकांची समिती गठित केली आहे. समितीची बैठक सोमवारी (२४ ऑगस्ट) ला मनपाच्या डॉ.पंजाबराव देशमुख सभाकक्षात आयोजित करण्यात आली होती.

बैठकीच्या सुरुवातीला वैद्यकीय अधिकारी (आरोग्य) डॉ.योगेन्द्र सवाई यांनी खासगी आणि शासकीय रुग्णालयांमध्ये उपलब्ध खाटांची माहिती दिली. त्यांनी सांगितले की, २४ खासगी रुग्णालयांमध्ये १८७६ खाटांची व्यवस्था करण्यात आली आहे. सध्या सद्य:स्थितीत खासगी रुग्णालयात ५७५ बेडस उपलब्ध आहेत. इंदिरा गांधी शासकीय रुग्णालय आणि शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व रुग्णालयांमध्ये १२०० खाटांची व्यवस्था आहे. जीएमसी मध्ये ६०० बेडस आहे त्यात ३४० रुग्ण भरती आहे, आयजीएमसी मध्ये ६०० बेडस आहे त्यात २९५ रुग्ण भरती आहे, दोन्ही हॉस्पीटलमध्ये ऑक्सीजन ची व्यवस्था उपलब्ध आहे. तसेच त्यांनी मनपा व्दारा संचालित कोव्हिड टेस्टींग सेंटरची सुद्धा माहिती दिली.

कोव्हिड केअर सेंटरचे बाबतीत अतिरिक्त आयुक्त श्री.राम जोशी यांनी सांगितले की, आमदार निवास, पोलिस क्वॉर्टर पाचपावली, व्हीएनआयटी होस्टेल, सिम्बॉयसीस होस्टल आणि वनामतीमध्ये २८०० खाटांची व्यवस्था रुग्णांसाठी करण्यात आली आहे. याव्यतिरिक्त ४७३० खाटांची व्यवस्था रुग्णांसाठी तयार करण्यात आली आहे. तसेच ३३५६ खाटांची व्यवस्था प्रस्तावित आहे. हॉटेल्समध्ये सुद्धा कोविड केअर सेंटरची परवानगी देण्यात आली आहे.

महापौर श्री.संदीप जोशी यांनी सांगितले की, प्रशासनाचे दावे आणि वर्तमान परिस्थीतीमध्ये मोठी तफावत दिसत आहे. याबददल सत्य परिस्थिती जाणण्यासाठी ही समिती गठीत करण्यात येत आहे. समिती सत्य परिस्थितीची पाहणी करुन आपला रिपोर्ट देतील.

खासगी रुग्णालयासाठी उपमहापौर श्रीमती मनीषा कोठे यांच्या नेतृत्वात आरोग्य समिती सभापती श्री.वीरेन्द्र कुकरेजा, नगरसेवक श्री.संदीप सहारे, श्री.संजय बंगाले, श्री.दुनेश्वर पेठे व अति.आयुक्त श्री.संजय निपाणे यांच्या समितीची घोषणा केली. शासकीय रुग्णालयांसाठी श्री.दयाशंकर तिवारी यांचा नेतृत्वात श्री.सुनील अग्रवाल, श्री.प्रफुल गुडधे, श्रीमती वैशाली नारनवरे व डॉ.भावना सोनकुसळे तसेच कोव्हिड टेस्ट सेंटरसाठी श्रीमती वर्षा ठाकरे यांचा नेतृत्वात श्रीमती दिव्या धुरडे आणि संचालक, घनकचरा व्यवस्थापन व उपायुक्त डॉ.प्रदीप दासरवार तसेच कोव्हिड केअर सेंटरसाठी व हॉटेल याची पाहणी करण्यासीठी स्थायी समिती सभापती श्री.विजय झलके यांच्या नेतृत्वात सत्तापक्ष नेता श्री. संदीप जाधव, विरोधी पक्ष नेता श्री.तानाजी वनवे, श्री.किशोर कुमेरिया, संजय महाकाळकर, विधी व सामान्य प्रशासन समिती सभापती श्री.धर्मपाल मेश्राम व उपायुक्त श्री.निर्भय जैन यांची समितीची घोषणा केली असून ही समिती संबंधित संस्था/केंद्राची पाहणी करतील.

महापौरांनी सांगितले की, नागरिकांना दिलासा देण्यासाठी एन.जी.ओ.ची मदत कशी घेता येईल याबाबत प्रशासनाने आपले मत दयावे. कोरोना प्रादुर्भाव वाढत चालला आहे आणि या रुग्णांना वाचविण्यासाठी सगळयांनी समोर येण्याची गरज आहे. त्यांनी टेस्टींगची संख्या वाढविणे आणि आशा वर्कर्सना रु. १००० चा अतिरिक्त मानधन देण्याचे निर्देश दिले.

बैठकीत आमदार व माजी महापौर श्री.प्रवीण दटके, उपमहापौर श्रीमती मनीषा कोठे, स्थायी समिती सभापती श्री.विजय (पिंटु) झलके, सत्तापक्ष नेता श्री.संदीप जाधव, विरोधी पक्ष नेता श्री. तानाजी वनवे, ज्येष्ठ नगरसेवक श्री.दयाशंकर तिवारी, आरोग्य समिती सभापती श्री.वीरेन्द्र कुकरेजा, विधी व सामान्य प्रशासन समिती सभापती श्री. धर्मपाल मेश्राम, नगरसेवक सर्वश्री प्रफुल गुडधे, किशोर कुमेरिया, संदीप सहारे, संजय महाकाळकर, सुनील अग्रवाल, संजय बंगाले, दुनेश्वर पेठे, अतिरिक्त आयुक्त श्री. जलज शर्मा, श्री. राम जोशी, श्री. संजय निपाणे व वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. योगेन्द्र सवाई उपस्थित होते.

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मैं सच्चाई के आधार पर जनहित में फैसले करता हूं, दुकानदारों को राजनीति नहीं करनी चाहिए।’ : मुंढे

नागपुर:- नगर निगम सीमा के भीतर दुकानदारों को महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के अनुसार नगरपालिका कार्यालय में पंजीकरण करना और लाइसेंस प्राप्त करना चाहिए उसके बाद ही व्यापार करना चाहिए। लेकिन व्यापारी लाइसेंस के लिए विरोध कर रहे हैं। यह सही नहीं, यदि शहर के विकास के लिए नियमों को लागू करने में कोई बाधा होंगी, तो कार्रवाई जरूर की जाएगी। मैं सत्य के आधार पर जनहित में निर्णय लेता हूं। आयुक्त मुंढे ने शहर के दुकानदारों को राजनीति नहीं करने की चेतावनी दी।

मंत्रीयो के बैठक में जो हुआ ही नहीं, उसकी जानकारी बाहर दी जा रही है। शहर में कोरोना पीड़ितों के लिए दस हजार से अधिक बेड उपलब्ध हैं। वास्तविकता की गहराई में जाए और जानकारी प्राप्त करे उसके बाद ही मुझ पर झूठ बोलने का आरोप लगाए, पर यदि किसी को ऐसी कोआदत ही हो तो वही जारी रखे। यह कहते हुए, आयुक्त ने सत्तापक्ष के भ्रमित कराने के प्रयासो को निर्देशित किया।

हाल ही में हुई एक आम सभा में, वरिष्ठ भाजपा पार्षद दयाशंकर तिवारी ने आयुक्त पर आरोप लगाया था कि वे मंत्रियों को शहर में उपलब्ध बिस्तरों के बारे में गलत जानकारी देते हैं। आयुक्त कि फेसबुक लाइव के दौरान एक नागरिक ने भी इस संदर्भ में पूछे सवाल का जवाब देते समय उन्होंने सत्तापक्ष की इस झूठ बोलने की आदत का हवाला दिया था।

वर्तमान में, शहर में 8086 बिस्तर उपलब्ध हैं। राधास्वामी सत्संग ट्रस्ट के 5,000 बिस्तरों को इसमें शामिल किया जाता है, तो 13,000 कुल बेड होंगे, यह आयुक्त ने स्पष्ट किया था। मैं बेड की उपलब्धता के बारे में झूठ नहीं बोला लेकिन कुछ एक की झूठ बोलने की, आरोप लगाने की ही प्रवृत्ति होती है, ऐसा उन्होंने नाम लिए बगैर कहा।‌‌

मुझे सच्चाई पकड़ रखने की आदत है। “अगर कोई मुझ पर झूठ बोलने का आरोप लगाता है, तो यह उनकी आदत होगी,” उन्होंने कहा। आइए वास्तविकता की गहराई में जाएं, उन्होंने कहा। कोविड केयर सेंटर में दस हजार से अधिक बेड उपलब्ध हैं। इसलिए, लोगों को गुमराह करना बंद करो, झूठे आरोप लगाना बंद करो, यह सलाह भी उन्होंने दी।

उन्होंने कहा कि व्यापार पंजीकरण प्रक्रिया नियमों के अनुसार कि जा रही है और यदि कोई भी कार्यान्वयन में बाधा डाल रहा है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मूल रूप से, कई व्यापार संघों ने इस बारे में महापौर से मुलाकात की। तो यह चेतावनी महापौर के लिए तो नहीं? ऐसी चर्चाए चल रही है।

महापौर ने दुकानदारों एवं कर्मचारियों के परीक्षण पर आयुक्त द्वारा लगाए गए शर्तों का विरोध किया। पर आजकी आयुक्त की खरी खरी से परिक्षण कराने ही होगे यह साफ हो गया, उन्होंने पानी की दरों में 5 प्रतिशत की वृद्धि को रद्द करने और संपत्ति कर से छूट की मांग को भी खारिज कर दिया। यह मांग सत्तापक्ष ने की थी।

सभी के घर डॉक्टर भेजना संभव नहीं, नागरिक नियमों का पालन नहीं कर रहे तो क्या प्रशासन सो रहा है? कमिश्नर ने अफसोस जताया कि इस तरह का सवाल पूछा जा रहा है। कई मरीज इलाज के लिए घर पर हैं। सभी को डॉक्टर भेजना संभव नहीं है। इसलिए, उन लोगों को सलाह दी जा रही है जो घर पर है और बुखार और ऑक्सीजन की जांच के लिए घर पर इलाज चाहते हैं।

उन्होंने इस तथ्य पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि नागरिक एक बार परीक्षण करने के बाद कोरोना का पुन:परीक्षण करा रहे हैं, एक बार पॉजिटिव्ह रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, रोगी पॉजिटिव्ह ही होता है। उन्होंने कहा बहुतायत में बेड उपलब्ध हैं और नागरिकों को कोरोना के नियमों का पालन करना चाहिए।‌‌

कर्मचारियों की जाँच करनी होगी: मुंढे

नागपुर:- नागपुर ३० लाख लोगों का शहर है। यह शहर व्यापारियों का नहीं बल्कि लोगों द्वारा चलाया जाता है। यदि आपको कोरोना के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो दुकानें बंद करें। दुकानदार और दुकान के कर्मचारी कोरोना प्रसारक हो सकते हैं। इसलिए दुकानदारों को अपने कर्मचारियों का परीक्षण करना ही होगा। जिनके पास नौकर रखने के लिए पैसे हैं, वे उनके परीक्षण के लिए पैसे का बहाना नहीं बना सकते हैं।

नागपुर में महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। इसलिए अब लाइसेंस पाने की निश्चित अवधि तय होगी। कमिश्नर ने कहा कि इस अवधि में दुकानें बिना लाइसेंस के नहीं चलेंगी, यह कोई धमकी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है।

उन व्यापारियों पर अच्छी तरह नज़र रखी गई है जो व्यवसाय का लाइसेंस प्राप्त करने के विरोध में है। राज्य भर के नगरपालिकाओं में व्यवसाय पंजीकृत किए गए हैं। लेकिन नागपुर में नहीं। ‘लाइसेंस राज’ का आरोप लगाकर इस कानून के कार्यान्वयन का विरोध किया जा रहा है। यदि मैं नियमों के अनुसार काम कर रहा हूं, तो इसे परमिट राज कैसे कहा जा सकता है? व्यापारी आवासीय भवनो में व्यापार कर रहे हैं, क्या उनकी मनमानी से काम चलेगा? इस तरह के एक प्रश्न को प्रस्तुत करते हुए, उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यवसाय तो पंजीकृत होगा ही।

उन्होंने लोगों को गुमराह करने से बचने और नियमों के अनुसार व्यापार करने की भी सलाह दी। कुछ व्यापार संघों ने व्यापारियों से लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करने की अपील की है। इसपर अब तक आवेदन करने की कोई निश्चित अवधि नहीं थी। लेकिन अब लाइसेंस के लिए आवेदन करने के लिए व्यापारियों को समय सीमा दी जाएगी। यदि इस अवधि के भीतर आवेदन नहीं किया गया तो दुकान नहीं खोल पा सकेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कोरोना  के आधार पर नियमों को अस्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।‌‌

कर्मचारियों की जाँच करनी होगी: मुंढे

नागपुर: नागपुर ३० लाख लोगों का शहर है। यह शहर व्यापारियों का नहीं बल्कि लोगों द्वारा चलाया जाता है। यदि आपको कोरोना के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो दुकानें बंद करें। दुकानदार और दुकान के कर्मचारी कोरोना प्रसारक हो सकते हैं। इसलिए दुकानदारों को अपने कर्मचारियों का परीक्षण करना ही होगा। जिनके पास नौकर रखने के लिए पैसे हैं, वे उनके परीक्षण के लिए पैसे का बहाना नहीं बना सकते हैं।

नागपुर में महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। इसलिए अब लाइसेंस पाने की निश्चित अवधि तय होगी। कमिश्नर ने कहा कि इस अवधि में दुकानें बिना लाइसेंस के नहीं चलेंगी, यह कोई धमकी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। उन व्यापारियों पर अच्छी तरह नज़र रखी गई है जो व्यवसाय का लाइसेंस प्राप्त करने के विरोध में है। राज्य भर के नगरपालिकाओं में व्यवसाय पंजीकृत किए गए हैं। लेकिन नागपुर में नहीं। ‘लाइसेंस राज’ का आरोप लगाकर इस कानून के कार्यान्वयन का विरोध किया जा रहा है। यदि मैं नियमों के अनुसार काम कर रहा हूं, तो इसे परमिट राज कैसे कहा जा सकता है? व्यापारी आवासीय भवनो में व्यापार कर रहे हैं, क्या उनकी मनमानी से काम चलेगा? इस तरह के एक प्रश्न को प्रस्तुत करते हुए, उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यवसाय तो पंजीकृत होगा ही।

उन्होंने लोगों को गुमराह करने से बचने और नियमों के अनुसार व्यापार करने की भी सलाह दी। कुछ व्यापार संघों ने व्यापारियों से लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करने की अपील की है। इसपर अब तक आवेदन करने की कोई निश्चित अवधि नहीं थी। लेकिन अब लाइसेंस के लिए आवेदन करने के लिए व्यापारियों को समय सीमा दी जाएगी। यदि इस अवधि के भीतर आवेदन नहीं किया गया तो दुकान नहीं खोल पा सकेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कोरोना के आधार पर नियमों को अस्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।‌‌

कमिश्नर मुंढे कोरोना पॉजिटिव: संपर्क में आए लोगों से अलगाव की अपील

नागपूर: शहर के कमिश्नर मुंढे स्वयं कोरोना पॉजिटिव पाए गए, उन्होंने खुद ट्वीट कर यह खबर साझा की।

हालांकि मुझे कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे, लेकिन मेरी जांच रिपोर्ट सकारात्मक थी, इसलिए मैंने खुद को नियमों के अनुसार आयसोलेट कर लिया है। उन्होंने उन लोगों से भी अपील की है जो पिछले चौदह दिनों में उनके संपर्क में आए उनके लिए खुद की देखभाल और कोविद की जाँच करें।‌‌ यह आवाहन किया गया है।

अब से कुछ समय पहले ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह जानकारी ट्वीट की थी
उन्होंने कहा, “मै आयसोलेट में हू और अगले 14 दिनों तक वर्क-फ्रॉम होम के आधार पर काम करना जारी रखुंगा।” इस जंग में हम जितेंगे यह विश्वास भी उन्होंने इस प्रसंग पर व्यक्त किया।

यह सुनिश्चित करने के लिए शहर में उनके नेतृत्व में एक विशेष समिति का गठन किया गया है कि कोरोना रोगियों को बेड उपलब्ध कराया जाता है, जहा उनका इलाज किया जा रहा है और किसी अस्पताल द्वारा उन्हें लूटा नही जा रहा है। यह सब कंट्रोल करने के लिए नगर निगम द्वारा यह कदम उठाया गया है। हाल ही में इस संबंध में दो अस्पतालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है‌‌।

प्रशासन तत्पर; प्राण वाचविणे हीच प्राथमिकता…!

कोव्हिड-१९ ची परिस्थिती हाताळण्यासाठी नागपूर महानगरपालिका प्रशासन पूर्णपणे तत्पर आहे. लक्षणे असतानाही चाचणी न करणे आणि परिस्थिती हाताबाहेर गेल्यानंतर उपचारासाठी धावपळ करणे, यामुळे मृत्यूची संख्या वाढली आहे. आता रुग्णांचे प्राण वाचविणे हीच प्राथमिकता आहे. त्यामुळे लवकर चाचणी व्हावी यादृष्टीने नागरिकांना घराजवळ चाचणीची सोय उपलब्ध करून देण्यात आली आहे.

रुग्णालयातील बेडची उपलब्धता जाणून घेण्यासाठी केंद्रीय कॉल सेंटर कार्यान्वित करण्यात आले आहे. केवळ आणि केवळ नागरिकांच्या तत्परतेची आणि सहकार्याची गरज आहे, असे विधान नागपूर महानगरपालिकेचे आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी रविवारी (ता. २३) फेसबुक लाईव्हदरम्यान केले.‘कोव्हिड ब्लास्ट’ या विषयावर रविवारी मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी ‘फेसबुक लाईव्ह’च्या माध्यमातून नागरिकांशी संवाद साधला. यावेळी ते बोलत होते. ते म्हणाले, मागील साडे पाच महिन्यांपासून प्रशासनातील सर्व अधिकारी, कर्मचारी, वैद्यकीय अधिकारी, पॅरामेडिकल कर्मचारी, स्वच्छता कर्मचारी, आशा वर्कर्स आणि सर्व कोरोना वॉरिअर्स प्रयत्नांची पराकाष्टा करीत आहे. आता सणासुदीचे दिवस आले आहे. ‘लॉकडाऊन’ हा कोरोनाचे संक्रमण थांबविण्यासाठी अखेरचा उपाय नाही. त्यामुळे नागरिकांनी स्वत:च्या विचारांचे लॉकडाऊन करू नये.

स्वत:चे कुटुंब आणि या शहराला सुरक्षित ठेवायचे असेल तर नियम पाळायलाच हवे. प्रत्येक व्यक्ती हा कोरोनाबाधीत असू शकतो, असे समजून वागायला हवे. नियम पाळायला हवे. सण साजरे करायलाच हवे. परंपरा, संस्कृती जपायलाच हवी. मात्र, हे करताना नियम पाळायलाच हवे. केवळ प्रशासनाकडे बोट दाखवून चालणार नाही. प्रशासन त्यांचे काम करीत आहे. काळजी घेणे आपलेही कर्तव्य आहे. त्यामुळे लक्षणे असतील तर तातडीने चाचणी करा, उपचार घ्या. पॉझिटिव्ह व्यक्तीच्या संपर्कात आले असाल तरीही चाचणी करून घ्या आणि कोरोनाचे संक्रमण थांबवा, असे आवाहन त्यांनी केले.

बेडची उपलब्धता मुबलक

कोरोना रुग्णांची संख्या वाढत आहे. त्या तुलनेत बेडची उपलब्धता नागपूर शहरात नाही, या अफवांना भीक घालू नका, असेही ते म्हणाले. बेडच्या उपलब्धतेबाबत आपण नेहमीच खरी माहिती दिली. नागपूर शहरात सुमारे मेडिकल, मेयो, एम्स व्यतिरिक्त २४ खासगी रुग्णालयांना कोव्हिड रुग्णालयांना मानांकित करण्यात आले आहे. यातील १९ रुग्णालयांत १०० च्या वर बेड आहेत. पाच रुग्णालयांमध्ये ५० ते १०० बेड आहेत. या रुग्णालयांमध्ये एकूण २४४६ बेड आहेत. त्यापैकी ११७० बेड ऑक्सीजनची उपलब्धता असलेली आहेत तर ३६० बेड आयसीयूचे आहेत. १११ व्हेन्टिलेटर आहेत. या २४ हॉस्पीटलपैकी १५ रुग्णालये कार्यान्वित करण्यात आले आहेत. मेडिकल, मेयो, एम्स येथेही एकूण १२०० बेडस्‌ची उपलब्धता आहे. जे कोव्हिड केअर सेंटर आहेत, तेथेही सुमारे १० हजारांवर बेडस्‌ची उपलब्धता आहे. त्यापैकी पाच हजार बेडस्‌ रेडी आहेत. केवळ ३०० बेडस्‌वर रुग्ण आहेत. त्यामुळे बेडस्‌ नसण्यासंदर्भातील अफवांवर विश्वास ठेवू नका, असे आवाहनही त्यांनी केले.

‘ई-संजीवनी ओपीडी’ ॲप डाऊनलोड करा

कोव्हिड संदर्भात माहिती हवी असेल किंवा डॉक्टरांशी सल्लामसलत करायची असेल तर केंद्र शासनाने ‘ई-संजीवनी ओपीडी’ ॲप उपलब्ध करून दिले आहे. ह्या ॲपच्या माध्यमातून आपण डॉक्टरांची अपॉईंटमेंट घेऊ शकता. ऑनलाईन सल्लामसलत करून उपचार घेऊ शकता. या ॲपवरूनच आपल्याला करावयाच्या उपचारांची माहिती मिळेल. औषधींची नावे मिळेल. ते दाखवून मेडिकल स्टोअर्समधून औषधी घेऊ शकता. हे नागरिकांच्या सोयीसाठी असल्यामुळे प्रत्येकाने ‘ई-संजीवनी ओपीडी’ ॲप डाऊनलोड करा, असे आवाहन आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी यावेळी केले.

व्यापाऱ्यांना परवाना आवश्यकच

फेसबुक लाईव्हदरम्यान विचारलेल्या प्रश्नाला उत्तर देताना आयुक्त तुकाराम मुंढे म्हणाले, नागपूर महानगरपालिकेने व्यापाऱ्यांना मनपाकडून परवाना घेणे बंधनकारक केले आहे. मनपा हे स्थानिक प्रशासन आहे. त्यामुळे शहरात किती दुकाने आहेत, ते कुठे सुरू आहेत, ज्या इमारतीत ते आहे, त्या इमारतींना परवानगी आहे का, ह्या सगळ्या बाबी जाणून घेण्यासाठी परवान्याची अट घातली आहे आणि ती कायद्याला धरून आहे. यापूर्वी ती नव्हती, यात आपला दोष नाही. इतर शहरात हा नियम आहे, मग आपल्या शहरात तो केल्यावर त्याला विरोध का, असा प्रतिप्रश्न आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी केला.

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आयुक्त मुंढे ने सत्तापक्ष पर तंज कसते हुए कहा – मुझ पर लगाए जा रहे हैं झूठे आरोप

नागपुर:- दरअसल मनपा आयुक्त मुंढे सत्तापक्ष पर तंज कसते हुए कहा के मुझ पर यदि झूठ बोलने का आरोप लगाने की किसी की आदत पड़ गई हो, तो खुशी से आरोप लगाए।

रविवार को आयुक्त मुंढे ने फेसबूक लाईव पर लोगों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि झूठ नहीं बल्की सत्य के साथ जनहितों में निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने दूकानदारों को राजनीति ना करने की सलाह देते हुए सत्तापक्ष पर निशाना भी साधा।ज्ञात हो कि हाल ही में हुई महानगर पालिका की आनलाईन महासभा में भाजपा के वरिष्ठ पार्षद दयाशंकर तिवारी तरफ से कोरोना पेशेंट्स के लिए बेड फैसिलिटी को लेकर मंत्री की बैठक में आयुक्त द्वारा झूठी जानकारी देने का आरोप लगाया गया था।

उनका कहना है कि शहर में 8086 बेड अवैलेबल है। इसके साथ ही अगर राधा स्वामी सत्संग न्यास के 5 हजार बेड जोड़े जाए, तो इसकी संख्या 13 हजार हो जाएगी।बेड की उपलब्धता को लेकर झूठ नहीं बोला जा रहा है।पर कुछ लोगों को छूठे आरोप लगाने की आदत सी हो गई है।आगे कहा कि मुझे सत्य के साथ चलने की आदत है।असल में जो हुआ ही नहीं,उसे ट्वीस्ट कर गलत डिटेलिंग की जा रही है।

उन्होंने कहा कि केअर सेंटर में 10 हजार से ज्यादा बेड उपलब्ध है।आगे सलाह देते कहा कि लोगों को भ्रमित करना और झूठे आरोप लगाना बंद करें।उन पर कि कोरोना संकटकाल में अज्ञातवास में जाने के भी आरोप लगाए जा रहे थे।इसके इतर विपरित परिस्थिति के होने पर भी कोरोना हॉस्पिटल्स और लोगों के बीच जाकर स्थिति का जायजा लेने का काम इन दिनों में हुआ है।महानगर पालिका का पूरा स्वास्थ्य विभाग में पूरे समर्पण से कामों में जुटा हुआ है।

आयुक्त ने कहा कि जनता नियमों का पालन नहीं कर रही है जिसकी वजह से केसेस बढ़ते जा रहे हैं और दूसरी ओर प्रशासन गहरी नींद में होने के उलटे आरोप लगाए जाते हैं।कई पेशेंट्स को घरों में ही रहकर उपचार करवा रहे हैं। हर पेशेंट् के घर डाक्टर भेजना संभव नहीं है। किसी भी व्यक्ति ने यदि एक बार कोरोना टेस्ट करवाने के बाद फिर से टेस्ट कराने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए बोला कि यदि एक बार पाजिटिव रिपोर्ट आई हो, तो वह व्यक्ति पाजिटिव ही है।

महापौर जोशी ने की मिशन विश्वास की समीक्षा कहा- कान्टैक्ट ट्रेसिंग पर विशेष ध्यान

नागपुर:- महापौर जोशी ने ,भविष्य में कोरोना महामारी का संक्रमण रोकने व स्थिति को कंट्रोल में रखने के लिए हर अधिकारी व पदाधिकारियों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने की सलाह दी गई है। नागपुर मनपा मिशन विश्वास’ अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ लोकसमस्या संशोधन और लोककल्याण समिति के पदाधिकारी कोरोना महामारी से निपटने को लेकर सेवाएं दें रहे है।

इन कामों में आ रही समस्या और उसे हल करने के लिए महापौर जोशी ने समीक्षा बैठक ली थी।उन्होंने इसके साथ ही विशेषकर से बढ़ती मृत्यु दर को कम करने के लिए कान्टैक्ट ट्रेसिंग पर ध्यान देने की निर्देश  भी दिए।

कोरोना की चैन ब्रेक करने के लिए पाजिटिव मरीजों के सम्पर्क में आनेवाले लोगों की खोजबीन कर उन्हें समय पर आवश्यक इलाज़ देने की जरूरत है। जिसके लिए महानगर पालिका की ओर से कार्यवाही की जा रही है।शहर में बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही को प्रगति देने के उद्देश्य से समिति के सहयोग से नागपुर महानगर पालिका मिशन विश्वास अभियान शुरू किया गया है।

महापौर ने कहा कि पीड़ितों से तुरंत सम्पर्क कर स्थिति का देखते हुए तुरंत उपचार उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।महानगर पालिका के धरमपेठ जोन, हनुमान नगर जोन व लकडगंज जोन में अभियान से संबंधित अधिकारी तथा संस्था के पदाधिकारियों की बैठकें ली।

ऐसा बताया जा रहा है कि महानगर पालिका के पास जोन स्तर पर उपलब्ध कोरोना पाजिटिव पेशेंट्स की लिस्ट के अनुसार मनपा के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ समिति पदाधिकारी , पेशेंट्स के सम्पर्क में आनेवाले लोगों की खोजबीन करते है।

संबंधित कोरोना पेशेंट के कॉन्टैक्ट में आए लोगों की सूची तैयार कर मनपा के संबंधित जोनल कार्यालय को दी जाती है।इसके साथ ही कोरोना पॉजिटिव के घर जाकर उसके परिवार की जानकारी ली जाती है। मनपा के अधिकारी और संस्था पदाधिकारी समन्वय से कोरोना पाजिटिव पेशेंट्स को उचित सलाह देकर उपचार उपलब्ध कराते हैं।

गैरजिम्मेदार और नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर भड़के महापौर

नागपुर:- कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए महानगर पालिका  और हैल्थ डिपार्टमेंट की तरफ से किए जा रहे भरसक प्रयासों के बावजूद लगातार मामले बढ़ते जा रहे हैं। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए महापौर जोशी की ओर से प्रतिदिन शहर के विभिन्न भागों में जाकर जनजागृति करने का निर्णय लिया गया है।

रविवार को इस अभियान के अन्तर्गत उन्होंने गोकुलपेठ, धरमपेठ आदि एरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण में दूकानदारों के साथ ही आमजन द्वारा भी सरकार के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने वालों पर जमकर बरसे।उनका कहना था कि न सिर्फ कोरोना पेशेंट्स की संख्या बढ़ती जा रही है, बल्की डैथ रेट भी बढ़ता जा रहा है।हर रोज़ 30 से 40 लोगों की मौत हो रही है।

कुछ गैरजिम्मेदार लोगों के चलते कोरोना का फैलाव हो रहा है लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।न सिर्फ खुद की जान खतरे में डाल रहे हैं, बल्की आप लोगों के लिए भी खतरनाक साबित हो रहे हैं। कई लोग वाहनों से शहर के अनेक हिस्सों में घूमते रहते हैं। महापौर ने लोगों से नियमों का फॉलो करने, सोशल डिस्टेन्सिंग का रखने, मास्क लगाने और दूकानों में 5 से ज्यादा लोगों की उपस्थिति नहीं रखने की हिदायत भी दी।

निरीक्षण के वक़्त उन्होंने यह भी पाया कि कुछ दूकानदारों ने मास्क नहीं पहना है इस पर एनडीएस दस्ते के माध्यम से जुर्माना की कार्रवाई भी की गई। शहर का पूरा दौरा लगाते वक़्त कई चौराहों और व्यापारिक एरियों में सड़कों के किनारे लोगों की भीड़ भी देखी गई।जिन्हें बेवजह घरों से बाहर ना निकलने की सलाह महापौर जोशी ने दी।

उनका कहा कि अब हर दिन एक हजार से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं।जिससे अब खुद की जिम्मेदारी समझकर पालन नहीं किया गया, तो अपने साथ ही दूसरों के परिवार के लिए भी खतरनाक साबित हो सकते हैं।निरीक्षण के वक़्त जिन दूकानों में भीड़ भी देखी गई और नियमों का पालन नहीं किए जाने पर दूकानदारों को भी भविष्य में कार्रवाई की चेतावनी दी गई। उन्होंने कोरोना पाजिटिव पेशेंट्स के कॉन्टैक्ट में आने से तुरंत कोरोना टेस्ट सेंटर जाकर टेस्ट करने की अपील भी की।

कोरोना पर उपायों के लिए 21 सदस्यों की समन्वय समिति हुई घोषित

महानगर पालिका की पहली बार हो रही आनलाईन मीटिंग में भले ही पहले दिन कुछ टैक्निकल प्रोब्लेम्स के चलते उसे सस्पेंडेड रखी गई हो,लेकिन शुक्रवार को कुछ समय के लिए वरिष्ठ पार्षद दयाशंकर तिवारी ने स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा करने के दौरान फिर टैक्निकल प्रोब्लेम्स आई खैर सभी लोगों ने अपने अपने सुझाव दिए ।

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद प्रफुल्ल गुड्धे ने सभागृह लेने की तारिख तय करने से पहले कोरोना के विषय में उपयुक्त फैसिलिटीज सुनिश्चित करने की दिशा में एक समन्वय समिति का गठन करने का सुझाव दिया गया। सत्तापक्ष के नेता और विपक्ष नेता के सलाह के बाद महापौर जोशी ने कोरोना पर प्रशासन के साथ समन्वय के लिए एक समिति गठित करने के आदेश दिए।

महापौर जोशी के आदेश से उनकी अध्यक्षता में 21 सदस्यों की समिति का गठन हुआ है। 24 अगस्त 2020 को कोरोना पर समन्वय करने, चर्चा करने तथा निर्णय लेने के लिए शासन के साथ समिति की मीटिंग होगी।इसके बाद भी आवश्यकतानुसार मीटिंग्स ली जाएगी।

महापौर द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों से मीटिंग नियमित होने तक समिति कार्यान्वित रहेगी।शुक्रवार को फिर से एक बार आनलाईन महासभा की कार्यवाही की शुरुआत हुई थी।।जिसमें पार्षद तिवारी की तरफ से लगभग एक घंटे तीस मिनिट तक स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से कोरोना संक्रमण को लेकर शहर भर में हॉस्पिटल्स और पेशेंट्स की स्थिति तथा मनपा की ओर से किए जा रहे उपायों पर चर्चा की गई।

भाजपा के वरिष्ठ पार्षद दयाशंकर तिवारी के निशाने पर थे मनपा आयुक्त मुंढे।और इसके साथ ही वो शुक्रवार को भी कोरोना महामारी को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई।उन्होंने कहा कि जून में सभा में मामला उठाया गया उसके बाद कोविद केअर सेंटर का निर्माण किया गया।शहर में कोविड हॉस्पिटल्स की कैपेसिटी 2100 है।जबकि प्रतिदिन 1000 से ज्यादा मरीज निकल रहे हैं।

आगे उन्होंने कहा कि कुछ प्राइवेट संस्थाएं कोविड केयर चलाने की इच्छा ज़ाहिर कर रही है।लेकिन उन्हें खुद डॉक्टर्स और नर्सों का इंतजाम करने को कहा जा रहा है ,जबकि उन्हें महानगर पालिका की तरफ से डाक्टर्स उपलब्ध करवाना चाहिए।

आगे अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल्स ने मरीजों से लाखों रुपए वसूल किए हैं। लेकिन केवल 2 हॉस्पिटल्स पर ही कार्रवाई करके ही आयुक्त पीठ थपथपा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी थर्ड पार्टी की नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि सही तरीके से कार्यवाही हो सके।

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