पालकमंत्री नितिन राउत ने जिला और मनपा प्रशासन को दिये सख्त कार्यवाही के निर्देश

नागपुर:- बढ़ते कोरोना संक्रमण और कोरोना मृतकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन द्वारा हर स्तर पर उपाय योजना की जा रही है।पालकमंत्री नितिन राउत ने कहा कि अब लोगों को पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा और अपनी देखभाल की जिम्मेदारी खुद ही लेना होगी।ऐसा करने पर ही संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है।

कोरोना मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद भी कई लोग सोशल इश्यू का पालन नहीं कर रहे है ना ही मास्क लगा रहे हैं।बाजार, दुकानों, बैंको व जन कार्यालय सहित भीड़ की जगह पर नियमों का पालन बहुत जरूरी है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन द्वारा इन लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये।

शहर के जिन हॉस्पिटल्स में मध्यवर्ती ऑक्सिजन,ICU फैसिलिटी बेड्स हैं, यह अस्पताल अधिकाधिक मरीजों को भर्ती कर अच्छी सेवा प्रदान करे।इन अस्पतालों को ICMR की गाइड लाइन्स का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है।
और मनपा प्रशासन भी पूरी गंभीरता से मामले की ओर नजर रखे।मरीजों की बढ़ती संख्या से दवाई की कमी को देखते हुए कालाबाजारी की भी शिकायतें आ रही है। इस हालत में मरीजों को दोयम दर्जे की दवाई मिलने की संभावना संभावनाएं भी है।
इसके विषय में अन्न व औषधि शासन विभाग द्वारा तत्परता से कठोर कदम उठाते हुए प्रतिबंधात्मक उपाय योजना के निर्देश दिये।

नागरिकों के लिए सबंधित हेल्प लाइन

०७१२-२५६२६६८, २५४५४७3 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों के लिए पोस्ट कोविड पुनवर्सन केंद्र शुरू कर लंग्स रिलेटेड एक्सरसाइज ,फूड व डाईट और निर्देशन कार्यक्रम चलाने के भी निर्देश प्रशासन को दिये है।

प्राइवेट हॉस्पिटल्स द्वारा मरीजों को एडमिट नहीं करने और करीब 2 से 3 लाख रुपये अग्रिम राशि के तौर पर लेने की भी शिकायतें मिल रही हैं।जिला प्रशासन को इन अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश राऊत ने दिये। आदेश दिए सभी अस्पतालों को कोविड और नॉन कोविड मरीजों का इलाज करना ही होगा।

आर्थिक कमजोर वर्ग के लिए सरकार से प्रॉपर्टी टैक्स में छूट की मांग

नागपूर:- कोरोना संक्रमण के इस वित्तीय संकटकाल में लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला देते हुए  सत्तापक्ष की ओर से आयुक्त पर प्रॉपर्टी टैक्स और वॉटर टैक्स में 50 प्रतिशत की कटौती करने का दबाव बनाया जा रहा था.

अब इस मामलें में सत्तापक्ष ने मानो यु-टर्न ले लिया हो 20 तारीख को होने जा रही मनपा की आम सभा में सत्तापक्ष नेता संदीप जाधव के प्रस्ताव के अनुसार सरकार की मंजूरी के हिसाब से सम्पत्ति कर में छूट देने की मांग की गई है।

सूत्रों के अनुसार सत्तापक्ष नेता संदीप जाधव ने सभा के लिए प्रस्ताव दिया है. जिसमें महानगर पालिका के अधिकार का रेफरेंस देते हुए जिन लोगों की आर्थिक  स्थिति काफी कमजोर है, ऐसे व्यक्ति वर्ग पर बाकी प्रॉपर्टी टैक्स में 50 प्रतिशत तक छूट देने का निर्णय मनपा की सभा में लेकर उसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाना है।

बताया जाता है कि प्रस्ताव में शहर के सभी सम्पत्तिधारकों को छूट देने का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया।यहां तक कि सरकार को प्रस्ताव भेजने के बाद सरकार जो छूट मान्य करेगी, उसके अनुसार ही व्यक्ति वर्ग को वित्तीय तंगी में राहत देने की मांग रखी गई है। जानकारों के अनुसार प्रस्ताव पर चर्चा के उपरांत भले ही मनपा की सभा में सरकार की ओर से मंजूरी मिलने तक वसूली पर रोक लगाने की मांग पार्षदों की ओर से की जाए, लेकिन सरकार की मंजूरी तक वसूली पर रोक लग पाना संभव नहीं है. ऐसे में मनपा की आय पर भारी विपरित परिणाम होंगे.

सूत्रों के अनुसार सत्तापक्ष नेता संदीप जाधव की ओर से रखे गए प्रस्ताव में वॉटर टैक्स रेट वृद्धि को लेकर किसी तरह का उल्लेख नहीं किया गया है। इसके अलावा प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं पाने के कारण जो जुर्माना लगाया जाता है, उसे माफ करने के अधिकार आयुक्त के होने से अब जुर्माना की राशी अंशत: या फिर पूरी माफ करने पर चर्चा की मांग की गई।

ऐवजदारांना नियमित करण्याचे निर्देश द्या: महापौरांनी दिला 10 दिवसांचा अल्टिमेटम

नागपूर:- शहर स्वच्छ आणि सुंदर बनविण्यासाठी कंत्राटी सफाई कामगार प्रयत्नरत आहेत. त्यांच्या या कार्याचा आदर करण्याच्या दृष्टीने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी २० वर्षे पूर्ण केलेल्या कामगारांना मनपामध्ये कायमस्वरुपी करण्याचा निर्णय घेण्यात आला होता.

या निर्णयानुसार 2 मार्च रोजी मनपाच्या स्थापना दिनी 2206 कामगारांना कायमस्वरुपी नियुक्तीसाठी आदेश देण्यात आले. परंतु उर्वरितना अद्याप नियुक्तीचे आदेश देण्यात आले नाहीत. याची गांभीर्याने दखल घेत महापौर संदीप जोशी यांनी 10 दिवसात 1138 शिल्लक कामगार कायम करण्याचे आदेश दिले.

सप्टेंबर 2019 पासून प्रस्ताव प्रलंबीत: या संदर्भात मनपा मुख्यालयात झालेल्या बैठकीत महापौर म्हणाले की, 20 सप्टेंबर 2019 पासून सर्व ऐवजदारांना कायमस्वरुपी करण्याच्या संदर्भात प्रस्ताव सुरू झाले. मनपाच्या स्थापना दिनानिमित्त 2206 कामगार नियमित केले गेले, दुर्दैवाने कोरोना साथीच्या आजारामुळे ज्यांनी या संक्रमणात 20 वर्षे सेवा पूर्ण केली आहेत त्यांना नियमित केले गेलेले नाही. असे बरेच कामगार सध्या प्रतीक्षा यादीकडे टक लावून बसले आहेत. म्हणूनच, या संदर्भात त्यांनी टप्प्याटप्प्याने कायम करण्याची प्रक्रिया पूर्ण करण्यासंदर्भात सूचनाही दिल्या.

प्रशासनाला अल्टीमेटम देताना जास्त वेळ घालवू नका, असे ते म्हणाले की कोरोनाच्या या संकटात गोरगरीब कामगार आधीच खूप त्रस्त आहे. अनेक प्रकारच्या शोकांतिका असूनही ते सेवा देत आहेत. त्यांचे सेवांच्या सन्मानार्थ उर्वरित 1138 स्वच्छता कामगारांना कायमस्वरुपी करण्यात यावे. त्यांनी प्रशासनाला 10 दिवसांपेक्षा जास्त वेळ न घेण्याच्या सूचना दिल्या.

आयुक्त मुंढे द्वारा स्थापित कोविड केंद्र में नही तो, यहां पर बनाया जाएगा कोविड अस्पताल

नागपुर:- कोरोना पीड़ितों को तुरंत बेड मिलने और चिकित्सा सुविधाएं मिलनब हेतु पालक मंत्री नितिन राउत ने आज कोविड जंबो अस्पताल के लिए मानकापुर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का चयन किया। कमिश्नर तुकाराम मुंढे द्वारा शुरू किए, कलमेश्वर मार्ग के राधास्वामी सत्संग ट्रस्ट अस्पताल, शालिनीताई मेघे मेडिकल कॉलेज, यशवंत स्टेडियम, पटवर्धन मैदान, वीसीए स्टेडियम का कोविड केंद्र स्थापित करने की दृष्टि से विचार किया गया। लेकिन डॉ राउत ने कहा कि मानकापुर स्टेडियम सभी तरह से सुलभ है।

कोरोना रोगियों के लिए मुंबई और पुणे में स्थापित ‘जंबो हॉस्पिटल’ की तर्ज पर शहर में एक हजार मरीजों के लिए एक अस्पताल की स्थापना के संबंध में, संरक्षक मंत्री डॉ राउत की अध्यक्षता में संभागीय आयुक्त कार्यालय में बैठक हुई। बढ़ती कोरोना पेशंट आबादी के लिए अतिरिक्त और साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण करके सरकारी अस्पतालों पर तनाव को कम करने के लिए एक जंबो अस्पताल की स्थापना की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जंबो अस्पताल के निर्माण से डॉक्टरों को कोरोना रोग के अलावा अन्य रोगियों का इलाज करना आसान हो जाएगा। जंबो हॉस्पिटल ’स्थापित करने की दृष्टि से, डॉ। शालिनीताई मेघे मेडिकल कॉलेज, यशवंत स्टेडियम, पटवर्धन मैदान, वीसीए स्टेडियम, मानकापुर स्टेडियम आदी की डॉ राउत ने जानकारी ली।‌‌

इसके अलावा नगर आयुक्त मूंढे ने कलमेश्वर मार्ग पर राधास्वामी सत्संग ट्रस्ट में स्थापित कोविड केयर सेंटर के बारे में भी जानकारी ली। लेकिन आयुक्त की अवधारणा को पीछे धकेलते हुए, पालक मंत्री डॉ राउत ने मानकापुर में खेल कॉम्प्लेक्स को प्राथमिकता दी। कमिश्नर द्वारा निर्मित कलमेश्वर मार्ग पर कोविड केयर सेंटर मूसलाधार बारिश के कारण बाधित हो गया है।

इस कोविड केंद्र को अस्पताल में बदलना था।

बैठक में एएए स्वास्थ्य कन्सल्टन्सी सर्विस के डॉ अहमद मैकलाई , डॉ अमृता सुचक, संभागीय आयुक्त डॉ संजीव कुमार, कलेक्टर रविंद्र ठाकरे, नगर आयुक्त मूंढे, मेयो के अधीक्षक डॉ अजय केवलीया, मेडिकल के अधीक्षक डॉ सजल मित्रा, शालिनीताई मेघे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य दिलीप गोड़, स्वास्थ्य उप निदेशक डॉ संजय जायसवाल, जिला फिजिशियन डॉ देवेंद्र पातूरकर, डॉ दीपक सेलोकर, नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ रवि चव्हाण और अन्य इस अवसर पर उपस्थित थे।‌‌

निगम के इतिहास में पहली बार ऑनलाइन बैठक

नागपुर:- अब तक, केवल नागरिकों से कॉल लेने, संदेश पढ़ने, फोटो देखने और सोशल मीडिया पढ़ने के काम आनेवाले मोबाइल का उपयोग सभी राजनीतिक दलों के नगरसेवक निगम की आम बैठक ऑनलाइन भाग लेने के लिए करने वाले हैं। निगम अधिकारी अपने मोबाइल और लैपटॉप से ​​अधिकारियों से सवाल पूछ सकेंगे। प्रशासन ऑनलाइन बैठक के लिए तैयार है; लेकिन यह सदस्यों के लिए एक अच्छी परीक्षा होगी।

कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण, राज्य सरकार ने नगरपालिका को सामान्य बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का विकल्प दिया है। 20 अगस्त को होने वाली बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी, क्योंकि पिछली बैठक मे सोशल डिस्टेंस में काफी गड़बड़ीया हुई थी। विभिन्न दलों के 156 निर्वाचित पार्षद और 5 मनोनीत पार्षद निगम में हैं और उन सभी को इस बैठक के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, निगम के ई-गवर्नेंस विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को बैठक की जानकारी और मार्गदर्शन भी दिया है। बैठक 20 अगस्त को सुबह 11 बजे शुरू होगी। यह बैठक विशेष महत्व की है क्योंकि यह निगम के इतिहास में पहली ऑनलाइन बैठक है। बैठक से 45 मिनट पहले बैठक की एक कड़ी सभी नगरसेवकों, पदाधिकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को भेजी जाएगी।‌‌

पहली बार, ऑनलाइन प्रश्न उत्तर सत्र होगा। यह न केवल अधिकारियों के लिए बल्कि नगरसेवकों और पदाधिकारियों के लिए भी एक परीक्षा होगी। चूंकि यह पहली ऑनलाइन बैठक है, इसलिए नगरसेवकों में भ्रम की संभावना है। इसी बैठक में, सत्तारूढ़ दल भी जल कर में कमी का प्रस्ताव लाएगा। कमिश्नर इसका विरोध कर रहे हैं। इसलिए, आयुक्त और निगम के बीच संघर्ष ऑनलाइन दिखाई देगा। अनुमोदन के लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रस्ताव लाए गए हैं। इस पर चर्चा होगी। ऑनलाइन चर्चा में क्या होगा, इसे लेकर सभी उत्सुक हैं।

ऑनलाइन मीटिंग के लिए नगरसेवकों को क्या करना होगा?

  • Webex मीटिंग ऐप को प्लेस्टोर से डाउनलोड करना होगा।
  • हेडफोन का उपयोग
  • इंटरनेट और मोबाइल बैटरी का सुनिश्चितीकरण।
  • बैठक से 20 मिनट पहले उपस्थिति आवश्यक।‌‌

सर्व मिळून कोरोनाविरुद्ध एकत्रित लढा देऊया : महापौर संदीप जोशी

कोरोनाचे संकट अजूनही संपलेले नाही. कधीपर्यंत राहणार हे सांगता येत नाही.त्यामुळे या विषाणूच्या गडद छायेतच आपल्याला जगण्याची सवय करायची आहे. हा लढा कुण्या एकट्याचा नाही. त्यामुळे यापुढे सर्वांनी शासनाच्या दिशानिर्देशांचे पालन करीत एकत्रितपणे लढा देऊन कोरोनावर मात करू, असे आवाहन महापौर संदीप जोशी यांनी केले.

नागपूर महानगरपालिका मुख्यालयात स्वातंत्र्यदिन सोहळ्याचे आयोजन करण्यात आले होते. ध्वजवंदनानंतर आयोजित कार्यक्रमात ते उपस्थितांना संबोधित करीत होते. यावेळी मंचावर उपमहापौर मनीषा कोठे, आयुक्त तुकाराम मुंढे, विरोधी पक्ष नेते तानाजी वनवे, अतिरिक्त आयुक्त जलज शर्मा, राम जोशी, संजय निपाने,

नगरसेवक जितेंद्र घोडेस्वार उपस्थित होते.

पुढे बोलताना महापौर संदीप जोशी म्हणाले, नागपूर शहराच्या विकासात लोकसहभाग वाढावा या उद्देशातून अनेक उपक्रम राबविण्यात आले. यातून पुढे आलेल्या नागरिकांच्या सूचनांच्या आधारे विकासकामांचा आढावा तयार करण्यात आला. महापौर निधीतून शहरभरात सुलभ शौचालय उभारण्याचा संकल्प केला.

मात्र याच काळात कोरोनाचे संकट समोर उभे राहिले आणि विकासकामांना ब्रेक लागला. जीव वाचविणे ही प्राथमिकता झाली. मनपाचे पदाधिकारी, नगरसेवक, अधिकारी, कर्मचारी, आरोग्य यंत्रणा, मेयो, मेडिकल, पोलिस, जिल्हा प्रशासन यांनी या काळात केलेले आणि करीत असलेले कार्य इतिहासात नोंद व्हावे असेच आहे, असे म्हणत त्यांनी या सर्व योद्धांना मानाचा मुजरा केला.

तत्पूर्वी महापौर संदीप जोशी यांनी ध्वजारोहण केले. त्यानंतर अग्निशमन दलाच्या परेडचे निरीक्षण केले. नेहरूनगर झोन सभापती समिता चकोले, सतरंजीपुरा झोन सभापती अभिरुची राजगिरे,, उपायुक्त निर्भय जैन, सुभाष जयदेव, डॉ. प्रदीप दासरवार, अमोल चोरपगार, सहायक आयुक्त महेश धामेचा, अधीक्षक अभियंता मनोज तालेवार, श्वेता बॅनर्जी, नगररचना सहायक संचालक प्रमोद गावंडे, वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. योगेंद्र सवाई, शिक्षणाधिकारी प्रीती मिश्रिकोटकर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र उचके यांच्यासह सर्व झोन सहायक आयुक्त, विभागप्रमुख, कार्यकारी अभियंता, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित होते. कार्यक्रमाचे संचालन एनएसएसडीसीएलचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा उपायुक्त महेश मोरोणे यांनी केले.

आशा वर्कर्सचे मानधन वाढावे

कोरोनाकाळातील कार्यात आशा वर्कर्सचे कार्य दखल घेण्याजोगे आहे. आरोग्य यंत्रणेच्या खांद्याला खांदा लावून तळागाळात जाऊन, स्वतःचा जीव धोक्यात घालून अगदी तुटपुंज्या मानधनावर त्या आजही कार्य करीत आहे. त्यांचे मानधन डिसेंबर महिन्यापर्यंत एक हजार रुपयांनी वाढविण्याची सूचना त्यांनी केली.

‘कोरोना योद्धांचा सत्कार

गेल्या पाच महिन्यांपासून कोरोनाशी लढणाऱ्या योद्धांचा यावेळी महापौर संदीप जोशी, उपमहापौर मनीषा कोठे, आयुक्त तुकाराम मुंढे विरोधी पक्ष नेते तानाजी वनवे यांच्या हस्ते सत्कार करण्यात आला. सत्कार करण्यात आलेल्या योद्धांमध्ये डॉ. मिनाक्षी सिंग, डॉ. स्वाती गुप्ता, डॉ. विजय जोशी, डॉ. बालाजी मंगम, डॉ. शुभम मनगटे, डॉ. सागर नायडू, डॉ. मिनाक्षी माने, डॉ. नितीन गुल्हाने, डॉ. दानिश इकबाल, डॉ. शीतल गोविंदवार, डॉ. टिकेश बिसेन, सुकेशिनी मून, जया कांबळे, छाया मेश्राम, अंकिता बरडे, वर्षा चव्हाण, सोहेल अली, राहुल निनावे, ईश्वर चहांदे, आकाशचंद्र समुद्रे, संदीप बनसोड, शेखर रामटेके, महेंद्र वानखेडे यांचा समावेश आहे.

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‘पॉझिटिव्ह’च्या संपर्कात आला असाल तर स्वत: विलगीकरणात जा!

एका ठिकाणी केलेली टेस्ट निगेटिव्ह येते आणि दुसऱ्या ठिकाणी टेस्ट केली तर पॉझिटिव्ह येते यामुळे नागरिकांमध्ये शंका निर्माण झाल्या. त्यातून भीतीचे वातावरण तयार होते. यासंदर्भात नेमके काय आहे, हे जाणून घेण्याकरिता महापौर संदीप जोशी यांच्या अध्यक्षतेखाली मनपा मुख्यालयातील महापौर कक्षात गुरुवारी (ता. १३) बैठक पार पडली. यासंदर्भातील शास्त्रीय कारण जाणून घेतले आणि टेस्ट निगेटिव्ह आली असेल तरी पॉझिटिव्ह व्यक्तीच्या संपर्कात आले असेल तर नागरिकांनी स्वत:ला विलगीकरणात ठेवावे, असे आवाहन महापौर संदीप जोशी यांनी केले आहे.

बैठकीला ज्येष्ठ नगरसेवक दयाशंकर तिवारी, अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी, संजय निपाने, उपायुक्त निर्भय जैन, वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. योगेंद्र सवाई उपस्थित होते. चाचणीसंदर्भात विरोधाभास आणि शंका निर्माण होत असल्याची माहिती ज्येष्ठ नगरसेवक दयाशंकर तिवारी यांनी दिली. नागरिकांमध्ये यामुळे संभ्रमाचे वातावरण निर्माण झाले असून यासंदर्भात नेमके काय कारण आहे, हे जनतेसमोर जायला हवे, अशी सूचना केली. यावर माहिती देताना डॉ. योगेंद्र सवाई यांनी सांगितले की, कोव्हिड-१९ विषाणूचे संक्रमण झाले अथवा नाही हे तपासण्यासाठी ज्या चाचण्या केल्या जातात, त्या दोन प्रकारच्या आहेत. एक चाचणी म्हणजे ‘ॲण्टीजिन टेस्ट’ तर दुसरी चाचणी म्हणजे ‘आर.टी.-पीसीआर टेस्ट. यातील ॲण्टीजिन टेस्ट ही रॅपिड टेस्ट आहे. हे स्क्रीनिंग टेक्निक आहे. एखादे प्रतिबंधित क्षेत्र असेल, हाय रिस्क पेशंट असेल, अथवा चाचणी अत्यंत तातडीने करवून घ्यायची असेल तर ॲण्टीजिन टेस्ट करण्यात येते. या चाचणीत जर व्यक्ती पॉझिटिव्ह आला तर तो पॉझिटिव्हच असतो. त्यानंतर मग आर.टी.-पीसीआर टेस्ट करण्याची गरज नाही. परंतु ॲण्टीजिन टेस्टमध्ये जर व्यक्ती निगेटिव्ह आला असेल तर त्याला संक्रमण झाले नसेल म्हणूनच निगेटिव्ह आला असेल किंवा त्याला केवळ लक्षणे आहेत म्हणून तो निगेटिव्ह आला असेल. लक्षणे असूनही ॲण्टीजिन टेस्टमध्ये व्यक्ती निगेटिव्ह आला तर त्याने आर.टी.-पीसीआर टेस्ट करणे आवश्यक आहे.
आर.टी.-पीसीआर टेस्ट ही निदानाचे निश्चितीकरण करणारी टेस्ट आहे. याला गोल्ड स्टॅण्डर्ड फ्रंटलाईन टेस्ट फॉल डायग्नोसीस ऑफ कोव्हिड-१९ असेही म्हटले जाते. ॲण्टीजिन टेस्ट मध्ये लक्षणे असतानाही निगेटिव्ह आलेल्या व्यक्तीने निश्चितीकरण करण्यासाठी आर.टी.-पीसीआर चाचणी करून घेणे आवश्यक आहे. पॉझिटिव्ह व्यक्तीच्या शरीरात पुढील ६० दिवसापर्यंत विषाणूंचे अस्तित्व असू शकेल व तो पुढेसुद्धा कधीही पॉझिटिव्ह येईल. परंतु लक्षणांच्या दोन दिवस अगोदर व लक्षणांच्या पाच दिवसानंतर असे सात दिवस व्यक्ती हा विषाणूचा संसर्ग देऊ शकेल व तद्‌नंतर त्याला पुढील तीन दिवसांत लक्षणे नसल्यास तो विषाणूचा संसर्ग त्याच्याकडून इतरांना होऊ शकणार नाही. त्यामुळे लक्षणे नसलेल्या पॉझिटिव्ह व्यक्तींना दहा दिवसानंतर घरी सोडण्याबाबतचा निर्णय भारत सरकारद्वारे घेण्यात आलेला असल्याचे त्यांनी सांगितले.
पुण्याच्या धर्तीवर व्हिटॅमिन सी आणि डी च्या गोळ्या नागरिकांना वितरीत करता येतील का, याबाबतही महापौर संदीप जोशी आणि ज्येष्ठ नगरसेवक दयाशंकर तिवारी यांनी माहिती जाणून घेतली. औरंगाबाद येथे गृह विलगीकरणात असलेल्या नागरिकांवर देखरेख ठेवण्यासाठी आणि त्यांची तपासणी करण्यासाठी खासगी डॉक्टरांची चमू तयार करण्यात आली आहे. त्यासाठी केवळ १० हजार रुपये आकारले जातात. असा पॅटर्न नागपुरातही राबविता येईल का, जेणेकरून गृह विलगीकरणात असलेल्या नागरिकांमध्ये भीती राहणार नाही, यावर विचारविनिमय करून निर्णय घेण्याचे निर्देश महापौर संदीप जोशी यांनी दिले. गड्डीगोदाम आणि इतर काही भागात पॉझिटिव्ह आल्यानंतरही गृह विलगीकरणात असलेले रुग्ण बाहेर फिरत असल्याच्या तक्रारी सामाजिक संस्थांनी केल्या आहेत. यावर तातडीने आरआरटी पथकाच्या माध्यमातून कार्यवाही करावी, असे निर्देशही महापौर संदीप जोशी यांनी दिले. कोव्हिड-१९ संक्रमणाच्या सुरुवातीच्या काळापासून आशा वर्कर इमानेइतबारे काम करीत आहे. त्यांना मनपाकडून वाढीव प्रोत्साहन भत्ता देता येईल का, याचीही तपासणी करण्याची सूचना महापौरांनी केली.

‘वह’ कोरोना पर मेरी पहली प्रतिक्रिया थी, किसी ने छेड़छाड़ से बतंगड़ बनाया है!:- मुंढे

नागपुर:- मेरा एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर घूम रहा है। इसमें, मैंने कहा, ‘अपने हाथों को बार-बार धोएं, मास्क का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं है।’ यह वीडियो ‘मास्क का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं’ ऐसा एडिट करके अब वायरल हुआ है। मार्च के पहले सप्ताह में कोरोना पर पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस का ‘वह’ बाइट है नगर आयुक्त ने बताया कि किसी शरारती व्यक्ति द्वारा आज की स्थिति में काटछाट कर पुराना वीडियो गलत अर्थ से वायरल किया जा रहा है।

उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुझसे मास्क के इस्तेमाल के बारे में पूछा गया था। उस समय सरकार के दिशा-निर्देश थे कि कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ मरीजों के लिए मास्क अनिवार्य हैं।

इसके अलावा, किसी और को मास्क पहनने की आवश्यकता नहीं थी, जो उस समय स्पष्ट रूप से निर्देशीत था। इस पर ही मैंने यह बयान दिया था। ICMR और सरकार ने तब इन दिशानिर्देशों को बदल दिया, जिसमें कहा गया था कि सभी को मास्क पहनना आवश्यक है। “मैंने अपने फेसबुक लाइव में भी यह स्पष्ट किया था,” आयुक्त मुंडे ने कहा।

“मैंने कहा है कि मास्क पहनना अनिवार्य नहीं” पर यह उस वक्त की बात थी। अब उस पुराने वीडियो को जारी कर मेरे गलत बताने की कोशिशे कि जा रही है, ऐसा करके जनता को गुमराह करना सही नहीं है। यह लोगों की जान के साथ खेलने जैसा है। अप्रैल के बाद से, सभी को बाहर जाते समय मास्क पहनना आवश्यक किया गया है।

मास्क वायरस के प्रसार को रोक सकते हैं, संक्रमण को कम कर सकते हैं। इसलिए आज मैं फिर से सभी से आग्रह करता हूं कि घर से बाहर न जाएं, जब तक कि कोई बहुत महत्वपूर्ण कार्य न हो और घर से बाहर जाते समय मास्क का उपयोग करें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि घर में एक से अधिक व्यक्ति हैं, तो भी मास्क का उपयोग घर में भी किया जाना चाहिए।‌‌

आयुक्त मुंढे के कक्ष क्यों पहुंचे सत्तापक्ष वालें?

नागपुर:- जल कर वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं ऐसा कहने वाले आयुक्त के कक्ष के बाहर लगभग 70 नगरसेवकों ने भौतिक दूरी का पालन करते हुए एक आंदोलन किया, और आयुक्त को चेताया। हाल के दिनों में यह पहली बार है जब सभी आयुक्त के खिलाफ आंदोलन कर रहे है।

कोरोना ने शहर के नागरिकों की आर्थिक स्थिति को गंभीर बना दि है। इसलिए, नगरसेवकों ने अब मांग की है कि इस साल वार्षिक जल कर नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। मेयर जोशी ने बुधवार को प्रशासन को 20 अगस्त को होने वाले निगम के सभा में इस संबंध में एक प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। हालांकि, आयुक्त कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए, नगरसेवकों ने आज अगले तूफानी सभा का संकेत दिया।

वर्तमान में कोरोना युग के दौरान कईयो की नौकरियां चली गई हैं। जो नौकरी पेशा हैं उन्हें पूरा वेतन नहीं मिल रहा। बिजली कंपनी ने बिल को तीन गुना कर दिया। इसलिए मध्यम वर्ग और गरीबों मे परेशानिया है। हर साल टैरिफ के 5 प्रतिशत बढ़ाने के निर्णय होने के बावजूद, वरिष्ठ नगरसेवक दयाशंकर तिवारी और सत्तारूढ़ दल के नेता संदीप जाधव के नेतृत्व में लगभग 70 नगरसेवकों ने सिविल लाइंस स्थित नगर आयुक्त कार्यालय के सामने आंदोलन किया कि इस विपदा अवधि के दौरान ऐसा नहीं किया जाना चाहिए यही उनकी मांग रही।‌‌

इस समय, कुछ ने डिमांड बोर्डों पर लिखी घोषणाएं भी पकड़ी हुई थी। इसलिए, संकेत हैं कि आयुक्त और पार्षदों के बीच संघर्ष तेज होगा। आंदोलन में परिवहन समिति के अध्यक्ष बाल्या बोरकर, विधी सभापति अॅड धर्मपाल मेश्राम, वरिष्ठ पार्षद डॉ छोटू भोयर, सभापति अभय गोटेकर, पार्षद वर्षा ठाकरे, प्रगति पाटिल, दिव्या धुरडे आदि उपस्थित थे।

हाल के दिनों में आयुक्त के खिलाफ अधिकारियों द्वारा आंदोलन की यह पहली ही घटना है। इससे पहले टी चंद्रशेखर जब कमिश्नर थे, तब उन्होंने खेल सामान घोटाले में सत्तापक्ष को जेल का रास्ता दिखाया था ऐसा ही आंदोलन हुआ था।

कमिश्नर का बयान गलत: मेयर जोशी कहते हैं

आयुक्त का कहना गलत है कि जल कर को कम नहीं किया जा सकता है। कोरोना ने सभी की वित्तीय स्थिति को बदतर बना दिया है। आयुक्त को मूल्य वृद्धि पर जोर नहीं देना चाहिए। टैक्स का फैसला एक साल के लिए टाल दिया जाना चाहिए। हाउस टैक्स कम करने का फैसला करेगा। आयुक्त को यह प्रस्ताव सरकार से मंजूर करवाना चाहिए। सरकार दरबार में अपने वजन का लाभ उठा उसका फायदा नागपुर के लोगों को देना चाहिए।‌‌

अत्यावश्यक कामाखेरीज म.न.पा. मध्ये येण्याचे टाळावे

नागपूरात दररोज कोरोनाचा प्रादुर्भाव वाढत आहे तसेच पॉझिटिव्ह रुग्णांची संख्या वाढत चालली आहे. याचा शिरकाव आता महानगरपालिकेच्या मुख्यालय व झोन कार्यालय पर्यंत झालेला आहे. अधिकारी व कर्मचारी मध्ये सुध्दा कोरोना पॉझिटिव्ह रुग्ण आढळून आले आहे.

महानगरपालिकेच्या मुख्य कार्यालय व झोनमध्ये दररोज विविध कामासाठी मोठया प्रमाणात नागरिक येत असतात. विविध भागातील नागरिकांच्या येण्यामुळे संसर्ग वाढण्याची शक्यता नाकारता येत नाही. म.न.पा.चे स्वच्छता विभाग, आरोग्य विभाग, अग्निशामण इ.विभागाव्दारा नागरिकांना अत्यावश्यक सेवा दिला जातात. सदर सेवा काही प्रमाणात बाधीत होण्याची शक्यता नाकारता येत नाही. सदर बाधीत होवू नये यासाठी सर्व संबंधित अधिकारी/कर्मचारी यांच्या सुरक्षेचे दृष्टीने सदर प्रतिबंधात्मक उपाययोजना करण्यात येत आहे.

उपरोक्त वस्तुस्थिती लक्षात घेता म.न.पा. आयुक्त तुकाराम मुंढे यांनी महानगरपालिकेच्या मुख्यालय तसेच झोन कार्यालयामध्ये नागरिकांना अत्यावश्यक कामाशिवाय येण्याचे टाळावे असे आवाहन केले आहे. तसेच नागरिकांना मनपाच्या कोणत्याही अत्यावश्यक कामाविषयी तक्रार असल्यास ते मनपाचे “नागपूर लाईव्ह सिटी “ मोबाईल ॲप वर तक्रार नोंदवू शकतात.

या ॲपव्दारे नागरिकांच्या तक्रारी सोडविण्याबाबत मनपा प्रयत्नशील असून त्यासाठी नागरिकांना मनपा मध्ये येण्याची कोणतीही आवश्यकता राहणार नाही, असेही त्यांनी स्पष्ट केले आहे. कोरोना कोव्हिड-१९ संबंधी तक्रार असल्यास म.न.पा. आपत्ती व्यवस्थापन नियंत्रण कक्षातील दुरध्वनी क्र. ०७१२-२५६७०२१, २५५१८६६ तसेच पाणी पुरवठा व चोकेज संबंधी तक्रारी असल्यास ०७१२-२५६५५०९ वर संपर्क साधावा असेही आवाहन करण्यात येत आहे.

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