महापौर जोशी ने की अपील – घर में ही करें गणेश प्रतिमा विसर्जन

नागपुर:- विसर्जन के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ ना हो, इसके लिए सभी को घरेलू गणेश का विसर्जन घर में ही करें। इस समय कोरोना महामारी के चलते हर एक को संयम बरतना और नियमों का पालन करना जरूरी है।

बुधवार को नगर भवन में गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन की ओर से की जाने वाली तैयारियों के लिए विचार विमर्श और बैठक की गई। इस बैठक में उपमहापौर मनीषा कोठे, स्थायी समिति सभापति पींटू झलके, अति.आयुक्त संजय निपाने, प्रदीप दासवार, उपायुक्त मिलिंद मेश्राम, अधीक्षक अभियंता मनोज तालेवार आदि शामिल थे।

महापौर संदीप जोशी ने कहा कि सरकार के दिशा निर्देशों से गणेशोत्सव सार्वजनिक रूप से मनाते समय नियमों का पालन करना अति आवश्यक है। गणेश प्रतिमा 4 फूट से अधिक ऊंची नहीं होगी।और किसी भी तरह से सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन भी नहीं हो सकेगा।इसे मंडलों द्वारा गंभीरता से लेना होगा।गणेश पंडाल को लेकर भी नियम तय है, जिससे प्रशासन को कड़ी मुसीबत उठानी होगी। सभी लोग नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।इसका ध्यान रखने की हिदायत प्रशासन को दी।

सभी दूकानदारों को भी नियमों का पालन करना है।

ग्रीन विजिल फाऊंडेशन के कौस्तुभ चैटर्जी का कहना है – यदि पीओपी की प्रतिमा हो, तो घरेलू गणेश विसर्जन के दौरान विशेष ध्यान रखना होगा।इसके साथ ही पीओपी के विषय में नियमों का दूकानदारों को पालन करना होगा।  वृक्ष संवर्धन समिति के बाबा देशपांडे ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में बड़े पैमाने पर जनजागृति अभियान करना होगा।और अरविंदकुमार रतुडी ने सुझाव दिया कि निर्माल्य जमा कर उसका कम्पोस्ट खाद तैयार करने का होगा। विचार व चर्चा के दौरान संस्थाओं की ओर से कहा गया कि घरेलू गणेश विसर्जन के दौरान सोसाईटी में पूरी व्यवस्था करनी होगी। रोटरी क्लब आफ नागपुर विजन के दिनेश नायडू का सुझाव था के सभी तालाबों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई जानी चाहिए ।

पालकमंत्री नितिन राउत ने जिला और मनपा प्रशासन को दिये सख्त कार्यवाही के निर्देश

नागपुर:- बढ़ते कोरोना संक्रमण और कोरोना मृतकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन द्वारा हर स्तर पर उपाय योजना की जा रही है।पालकमंत्री नितिन राउत ने कहा कि अब लोगों को पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा और अपनी देखभाल की जिम्मेदारी खुद ही लेना होगी।ऐसा करने पर ही संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है।

कोरोना मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद भी कई लोग सोशल इश्यू का पालन नहीं कर रहे है ना ही मास्क लगा रहे हैं।बाजार, दुकानों, बैंको व जन कार्यालय सहित भीड़ की जगह पर नियमों का पालन बहुत जरूरी है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन द्वारा इन लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये।

शहर के जिन हॉस्पिटल्स में मध्यवर्ती ऑक्सिजन,ICU फैसिलिटी बेड्स हैं, यह अस्पताल अधिकाधिक मरीजों को भर्ती कर अच्छी सेवा प्रदान करे।इन अस्पतालों को ICMR की गाइड लाइन्स का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है।
और मनपा प्रशासन भी पूरी गंभीरता से मामले की ओर नजर रखे।मरीजों की बढ़ती संख्या से दवाई की कमी को देखते हुए कालाबाजारी की भी शिकायतें आ रही है। इस हालत में मरीजों को दोयम दर्जे की दवाई मिलने की संभावना संभावनाएं भी है।
इसके विषय में अन्न व औषधि शासन विभाग द्वारा तत्परता से कठोर कदम उठाते हुए प्रतिबंधात्मक उपाय योजना के निर्देश दिये।

नागरिकों के लिए सबंधित हेल्प लाइन

०७१२-२५६२६६८, २५४५४७3 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों के लिए पोस्ट कोविड पुनवर्सन केंद्र शुरू कर लंग्स रिलेटेड एक्सरसाइज ,फूड व डाईट और निर्देशन कार्यक्रम चलाने के भी निर्देश प्रशासन को दिये है।

प्राइवेट हॉस्पिटल्स द्वारा मरीजों को एडमिट नहीं करने और करीब 2 से 3 लाख रुपये अग्रिम राशि के तौर पर लेने की भी शिकायतें मिल रही हैं।जिला प्रशासन को इन अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश राऊत ने दिये। आदेश दिए सभी अस्पतालों को कोविड और नॉन कोविड मरीजों का इलाज करना ही होगा।

संजय राउत के बयान से आहत है आई एम ए और स्वास्थ्य कर्मी

पिछले दिनों संजय राऊत ने एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू देते हुए डॉक्टर्स, कंपांउडर्स और विश्व स्वास्थ्य संगठन के विषय में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

इससे संपूर्ण चिकित्सक समुदाय की भावनाओं को बहुत आहत हुआ है।डॉक्टरों के संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने शिवसेना के वरिष्ठ नेता व सांसद संजय राऊत के बयान का तीव्र विरोध किया है और नाराजगी जताई है।

आईएमए कार्यकारिणी की बैठक में राऊत के बयान के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया और उन्हें अपना बयान वापस लेकर माफी मांगने की मांग की गई है। इस विषय पर सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र भी भेजा गया है।

कोरोना संक्रमण से लड़ते लड़ते हजारों डॉक्टर्स जान गवां चुके है

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन नागपुर की अध्यक्ष डॉ. अर्चना कोठारी और सचिव डॉ. राजेश सावरबांधे ने कहा कि आज कोरोना महामारी का कहर सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में है।

कोरोना से जंग जीतने के लिए राज्य भर में तीन लाख डॉक्टर दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं।इसी कोशिश में अब तक करीब पचास डॉक्टर महामारी की चपेट में आकर जान गवां चुके हैं।आईएमए महाराष्ट्र राज्य की 216 शाखाओं और 45 हजार उच्चशिक्षित सदस्यों ने महाराष्ट्र सरकार के आह्वान को स्वीकारा है। मानवता के दृष्टिकोण और सामाजिक प्रतिबद्धता रखकर काम किया है और कर रहे हैं. सांसद संजय राऊत के इस तरह मजाक उड़ाने वाले बयान से राज्य के डॉक्टरों का धैर्य जवाब दे गया है.

डॉक्टरों पर विभिन्न प्रकार के अपमानजनक और उपहास करने वाले स्टेटमेंट्स समाचारपत्रों, मीडिया और सोशल मीडिया मे जैसे एक ट्रेंड सा चल रहा है। महाराष्ट्र के डॉक्टर जिस बात के लिए जिम्मेदार नहीं हैं उसके लिए भी उन्हें दोषी बताया जा रहा है जिससे डॉक्टरों का मनोबल टूट रहा है।

और उनका कहना है के यह कोरोना संक्रमण से भी जयादा खतरनाक है। ऐसी परिस्थिति के बीच काम करना असंभव होता जा रहा है। इसलिए डॉक्टरों के बारे में बिना विचार किए कोई भी स्टेटमेंट्स देना उचित नहीं है।

ऐवजदारांना नियमित करण्याचे निर्देश द्या: महापौरांनी दिला 10 दिवसांचा अल्टिमेटम

नागपूर:- शहर स्वच्छ आणि सुंदर बनविण्यासाठी कंत्राटी सफाई कामगार प्रयत्नरत आहेत. त्यांच्या या कार्याचा आदर करण्याच्या दृष्टीने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी २० वर्षे पूर्ण केलेल्या कामगारांना मनपामध्ये कायमस्वरुपी करण्याचा निर्णय घेण्यात आला होता.

या निर्णयानुसार 2 मार्च रोजी मनपाच्या स्थापना दिनी 2206 कामगारांना कायमस्वरुपी नियुक्तीसाठी आदेश देण्यात आले. परंतु उर्वरितना अद्याप नियुक्तीचे आदेश देण्यात आले नाहीत. याची गांभीर्याने दखल घेत महापौर संदीप जोशी यांनी 10 दिवसात 1138 शिल्लक कामगार कायम करण्याचे आदेश दिले.

सप्टेंबर 2019 पासून प्रस्ताव प्रलंबीत: या संदर्भात मनपा मुख्यालयात झालेल्या बैठकीत महापौर म्हणाले की, 20 सप्टेंबर 2019 पासून सर्व ऐवजदारांना कायमस्वरुपी करण्याच्या संदर्भात प्रस्ताव सुरू झाले. मनपाच्या स्थापना दिनानिमित्त 2206 कामगार नियमित केले गेले, दुर्दैवाने कोरोना साथीच्या आजारामुळे ज्यांनी या संक्रमणात 20 वर्षे सेवा पूर्ण केली आहेत त्यांना नियमित केले गेलेले नाही. असे बरेच कामगार सध्या प्रतीक्षा यादीकडे टक लावून बसले आहेत. म्हणूनच, या संदर्भात त्यांनी टप्प्याटप्प्याने कायम करण्याची प्रक्रिया पूर्ण करण्यासंदर्भात सूचनाही दिल्या.

प्रशासनाला अल्टीमेटम देताना जास्त वेळ घालवू नका, असे ते म्हणाले की कोरोनाच्या या संकटात गोरगरीब कामगार आधीच खूप त्रस्त आहे. अनेक प्रकारच्या शोकांतिका असूनही ते सेवा देत आहेत. त्यांचे सेवांच्या सन्मानार्थ उर्वरित 1138 स्वच्छता कामगारांना कायमस्वरुपी करण्यात यावे. त्यांनी प्रशासनाला 10 दिवसांपेक्षा जास्त वेळ न घेण्याच्या सूचना दिल्या.

मोठ्या संख्येत लोकांची चाचणी घेणे अनिवार्य: माजी मुख्यमंत्री फडणवीस यांनी व्यक्त केली चिंता

नागपूर:- शहरातील कोरोना संसर्गाची स्थिती आणि त्यामुळे होणा-या मृत्यूची संख्या रोखण्यासाठी मोठ्या प्रमाणात लोकांची चाचणी सुरू करावी. पुढील महिना नागरिकांसाठी खूपच गुंतागुंतीचा आहे. या महिन्यात पॉजिटिव्ह रूग्णांची संख्या वाढण्याची शक्यता नाकारता येत नाही. माजी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी पुरेशी व्यवस्था तयार ठेवण्याबाबत निर्देश दिले. सोमवारी त्यांनी मनपा मुख्यालयात असलेल्या कोरोना वॉर रूममध्ये आढावा बैठक घेतली.

महापौर संदीप जोशी, चंद्रशेखर बावनकुळे, परिणीता फुके, कृष्णा खोपडे, विकास कुंभारे, ना गो गाणार, अनिल सोले, मोहन मते, समीर मेघे, प्रवीण दटके, विजय झलके, मनपा आयुक्त मुंढे, जलज शर्मा, राम जोशी, संजय निपाणे, योगेंद्र सवाई आदी. यावेळी उपस्थित होते. पश्चात फडणवीस यांनी जिल्हाधिकारी कार्यालयात जाऊन जिल्ह्यातील कोरोना प्रकरणांची माहिती घेतल्यानंतर उचित उपाय योजनांची जिल्हाधिकारी ठाकरे यांना माहिती दिली.

दररोज 5000 चाचण्या आवश्यक: फडणवीस म्हणाले की कोरोना संसर्गाच्या सुरुवातीच्या काळात नियंत्रण चांगले होते. त्या काळात मृत्यूचे प्रमाणही खूप कमी होते. परंतु गेल्या 2 महिन्यांत कोरोना बाधितांची संख्या लक्षणीय वाढली आहे. ऑगस्टमध्ये मृत्यूची संख्याही खूप वेगात वाढली आहे.

जर कोरोना नियंत्रित करायचा असेल तर दररोज 5 हजार चाचण्यांची एक प्रणाली बनवावी लागेल. तसेच, नजीकच्या काळात कोरोना रूग्णांची संख्या वाढल्यामुळे कोविड केअर सेंटर, ऑक्सिजन व पुरेशी बेडची व्यवस्था करावी लागेल. व्हिडीओ कॉन्फरन्सिंगद्वारे होम आयसोलेशनच्या रूग्णांना डॉक्टरांचा सल्ला देणे आणि स्वयंसेवी संस्थांच्या सहकार्याने कोरोनाची लढाई लढणे देखील सूचविले.

आरटी-पीसीआर चाचणीकडे अधिक लक्ष:  मनपा आयुक्त मुंढे म्हणाले की, मिशन बिगीन अगेन अंतर्गत सूट दिल्यानंतर रुग्णांची संख्या वाढली आहे. सध्या दररोज 3 हजार चाचण्या होत आहेत. भविष्यातील परिस्थितीचा सामना करण्यासाठी प्रत्येक संभाव्य व्यवस्था तयार केली जात आहे. आतापर्यंत 70 हजाराहून अधिक चाचण्या झाल्या आहेत. त्यापैकी 11894 रुग्ण सकारात्मक आढळले आहेत.

सध्या आरटी-पीसीआर चाचणी घेण्यावर भर दिला जात आहे. आता लोकांना जीवनशैली आणि राहणीमानात बदल करावे लागतील. तरच कोरोनावर नियंत्रण शक्य होईल. नगराध्यक्ष जोशी म्हणाले की कोरोनावर नियंत्रण ठेवण्यासाठी मनपाने यंत्रणा सुसज्ज ठेवणे आवश्यक आहे. त्यासाठी त्यांनी औरंगाबाद पॅटर्न लावण्याचीही माहिती दिली. उपमहापौर मनीषा कोठे, दयाशंकर तिवारी, नरेंद्र बोरकर, धरमपाल मेश्राम, निर्भय जैन, विजय जोशी आदी याप्रसंगी उपस्थित होते.

हम राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेते: फडणवीस

नागपुर:- पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कल के बयान पर मजा लिया है, जिन्होंने फेसबुक पर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नियंत्रण में रहने का आरोप लगाया है।

वर्तमान में, राहुल के बयान से राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। आरोप प्रत्यारोप भी लगाए जा रहे हैं। फेसबुक ने खुद इस पर ध्यान दिया है। “हमारे पास कोई राजनीतिक विचारधारा नहीं है और विवादास्पद कंटेंट को हटा दिया जाता है,” फेसबुक ने कहा।

फड़णवीस आज कोरोना का निरीक्षण करने नागपुर आए थे। राहुल गांधी के ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ ही मगर तिव्र शब्दों में प्रतिक्रिया दी। फड़नवीस ने कहा, ” हम राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेते, आप भी मत लिजीए।

सोच समझकर बोलें: भाजपा पर पहले से ही सोशल मीडिया का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने का आरोप है। कई लोगों ने यह भी माना है कि 2014 के चुनावों में भाजपा को इसका फायदा हुआ है। फडणवीस ने संभागीय आयुक्त कार्यालय में कोरोना के संबंध में आयुक्त संजीव कुमार के साथ चर्चा की। जब मीडिया ने फडणवीस से इस बारे में बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने इस मामले पर आगे टिप्पणी करने से परहेज किया।

हमारे डॉक्टर आज बहुत मेहनत कर रहे हैं। वे  दिन-रात लोगों की सेवा करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। राउत के बयान ने डॉक्टरों के मन को आघात दिया है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि आज सब जिस स्थिति से गुजर रहे हैं उस स्थिति में किसी भी बयान को करते समय ध्यान रखा जाना चाहिए।‌‌

कोरोनाशी सामना करण्यासाठी ‘नागपूर पॅटर्न’: ध्वजारोहणानंतर पालकमंत्री राऊत यांचे आश्वासन

नागपूर:- पालकमंत्री नितीन राऊत म्हणाले की कोविड -१९ साथीच्या रोगाचा सामना करण्यासाठी नागपूर पॅटर्न विकसित करत यशस्वीरित्या राबविला जाईल. ते म्हणाले की राज्य सरकार नागरिकांच्या आरोग्यास प्राधान्य देत आहे. स्वातंत्र्यदिनानिमित्त राष्ट्रध्वज फडकवल्यानंतर विभागीय आयुक्त कार्यालयात ते बोलत होते.

यावेळी जि.प.अध्यक्ष रश्मी बर्वे, विभागीय आयुक्त संजीव कुमार, विशेष पोलिस महानिरीक्षक के.एम. मल्लिकार्जुन प्रसन्ना, सीपी डॉ बी.के. उपाध्याय, जिल्हाधिकारी रवींद्र ठाकरे, मनपा आयुक्त मुंढे, एनएमआरडीए सभापति शीतल उगले, मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेश कुंभेजकर, एसपी राकेश ओला, अतिरिक्त जिल्हाधिकारी श्रीकांत फडके, अतिरिक्त मनपा आयुक्त जलज शर्मा, रवींद्र खजांजी, गेव्ह आवारी आदी अधिकारी उपस्थित होते. पालकमंत्री म्हणाले की आज कोरोना साथीपासून मुक्त होणे हे सरकारचे पहिले उद्दीष्ट आहे. यासह उद्योग-व्यवसाय, शिक्षण, रोजगार इत्यादी सुरळीत करण्याकडे लक्ष दिले जात आहे.

नागरिकांचे सहकार्य महत्त्वपूर्ण: राऊत म्हणाले की कोरोना मुक्तीसाठी समाजातील सर्व घटकांचे, नागरिकांचे सहकार्य महत्त्वपूर्ण आहे. एकत्रितपणे एकत्रित प्रयत्नांनी लढल्यास आपण कोरोनाला हरवू शकू. ते म्हणाले की, जिल्हा देखील विकासात अग्रणी असेल. अनेक प्रकल्पांमुळे जिल्ह्याचे रूप पालटेल.

कोराडीतील एनर्जी एज्युकेशनल पार्क, भव्य हनुमान मूर्ती स्मारक, सेल्फी पॉईंट, तलावाच्या सुशोभिकरण प्रस्ताव, फुटाळा तलाव, बौद्ध थीम पार्क, यशवंत स्टेडियम परिसरातील अत्याधुनिक नवीन स्टेडियम, वाहन विरहीतसंकुल केंद्र बांधले जातील. जिल्ह्यातील खरीप हंगामात शेतक-यांना आतापर्यंत 617.34 कोटी रुपयांचे कर्ज वितरित करण्यात आले आहे, अशी माहितीही त्यांनी दिली. कर्जमाफीची रक्कम 327.25 कोटीही जमा झाली आहे. महाजॉब्सच्या माध्यमातून तरुणांना रोजगार देण्याला प्राधान्य दिले जात आहे.

पालकमंत्र्यांचे हस्ते वरिष्ठ पीआय नरेंद्र हिवरे यांना केंद्रीय गृहमंत्री पदक, सहायक पोलिस उपनिरीक्षक मोहन शर्मा यांना गुणवत्ता सेवा पदक देण्यात आले. शंकर हिंगेकर, संतोष तोतवानी, अशोक हिंगेकर, पद्माकर हिंगेकर, प्रमोद पहाडे आणि मोहम्मद ओविस हसन या कोरोना योद्धयांचेही यावेळी सत्कार झाले. माजी स्वातंत्र्यसैनिकांना याप्रसंगी पालक मंत्री भेटले.

20 लाख करोड़ कहां गए? यूथ कांग्रेस का आंदोलन

नागपुर:- मोदी सरकार द्वारा कोरोना और लॉकडाउन द्वारा प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की जो घोषणा की थी वह पॅकेज गया कहा? इसका जवाब देने की मांग करते शहर युवा कांग्रेस ने शुक्रवार को बीजेपी के गणेशपेठ कार्यालय के सामने आंदोलन किया।

आंदोलन का नेतृत्व राष्ट्रीय युवा कांग्रेस सचिव बंटी शेलके, शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष तौसीफ खान, प्रदेश युवा कांग्रेस सचिव सागर चव्हाण और वसीम शेख ने किया। घोषित पैकेज कहां गया, 18,700 करोड़ रुपये किन किसानों के बैंक खातों में जमा किए गए? डेयरी व्यवसाय पर घोषित 15,000 करोड़ रुपये और मत्स्य पालन पर घोषित 2500 करोड़ रुपये कहा खर्च किए गए? यह सवाल केंद्र सरकार को किए गए।

इस आंदोलन में स्वप्निल ढोके, हेमंत कातुरे, राज बोकड़े, राज संतापे, मुबाशिर अहमद, फिरोज खान, अतुल मेश्राम, कुणाल खड़गी, अभिषेक पाटिल, विजय मिश्रा, शोएब अंसारी, आदित्य जेठे, शोएब खान, केदार गुप्ता, प्रथम उइके, आशीष ब्राह्मणे, योगेश वहाणे, अमन लुटे आदि शामिल थे।‌‌

शहरात आता गुन्हेगारांनी थारा नाही: गृहमंत्री अनिल देशमुखांचे कठोर कारवाईचे संकेत

नागपूर:- राज्याखेरीज देशातही नागपूर शहरास क्राइम कॅपिटल म्हणून ओळखले जात असे, परंतु गृहमंत्री म्हणून मी शहराची बदनामी दूर करण्यासाठी सर्वतोपरी प्रयत्न करीत आहे. अलीकडच्या काळात प्रसिद्ध गुन्हेगारांवर कठोर कारवाई करून त्यांना तुरूंगात पाठविण्यात आले आहे. आता शहरात गुन्हेगारांना थारा नाही.

पुढेही अशीच सक्त कार्यवाही करत रहाण्याचे पोलिस विभागास कठोर पावले उचलण्याचे आदेश दिल्याचे आश्वासन गृहमंत्री अनिल देशमुख यांनी दिले.

ते म्हणाले की सीपी बी.के. उपाध्याय यांच्या मार्गदर्शनाखाली गुन्हेगारांना अटक करण्यासाठी उत्कृष्ट काम केले जात आहे. शहरातील 118 गुन्हेगारांवर मोका अंतर्गत कारवाई करत आतापर्यंत 51 आराेपींवर कारवाई झाली. संतोष आंबेकर असो वा साहिल सय्यद, कोणीही पोलिसांच्या तावडीतून सुटलेला नाही. पोलिसांनी दोन्ही गुन्हेगारांचे भव्य बंगले नष्ट केले आहेत.

याशिवाय रोशन शेख, प्रीती दास, मंगेश कडव, तपन जयस्वाल आणि मादकपदार्थ गॅगस्टर अबू अण्णा यांच्याविरूद्ध कठोर कारवाई केली जात आहे. मी स्वतःहून अनेक वेळा शहरात घडणार्‍या गुन्हेगारी घटनांचा आढावा घेतला आहे. शहरात मोकळेपणाने फिरणा-या बदमाशांची माहिती पोलिस अधिका-यांकडून मागवली गेली आहे, उत्तम गोष्ट म्हणजे आता शहरात असे गुन्हेगार उरले नाहीत.

अनिल देशमुख यांनी नागरिकांना आवाहन करत गुन्ह्यांविषयी, दोषींविषयी मला माहिती द्या अये सांगितले, परिसरामध्ये असा कुणी गुंड असेल तर त्यांची कुंडली घेऊन माझ्याकडे या. आरोपींविरूद्ध कठोर कारवाई करण्याचे आश्वासन त्यांनी नागरिकांना दिले. जर एखादा गुन्हेगार तुम्हाला त्रास देत असेल तर तुम्ही रविभवनच्या कक्ष क्र .११ मधील शिबीर कार्यालयात ठाम पुराव्यांसह तक्रार देऊ शकता. 20 ते 25 ऑगस्ट रोजी दुपारी 3 ते 4 या कालावधीत विशेष कार्य अधिकारी डॉ.संजय धोटे यांच्याकडे तक्रार करून पुरावे सादर करु शकता. तक्रारदाराची माहिती, पुरावे आणि त्यांची ओळख गोपनीय ठेवली जाईल. संबंधित प्रकरणांचा बारकाईने तपास करून आरोपींना तुरुंगात पाठवण्याचे आश्वासन त्यांनी दिले.

अब किस बात पर महापौर और आयुक्त के बिच फिर बनी नाराजगी?

नागपुर:- शहर में सभी व्यापारियों को 18 अगस्त तक अपने कर्मचारियों के कोरोना परीक्षण करवाना चाहिए, अन्यथा वे अपनी दुकानों को खोल नहीं पाएंगे, आयुक्त के इस बयान पर नाराज मेयर संदीप जोशी ने जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरेंगे ऐसा कहा।

शहर में सभी व्यापारियों और उनके कर्मचारियों की संख्या 5 लाख तक है। अब छह दिनों में 50 लाख टेस्ट कैसे करें? महापौर ने अपील की कि आयुक्त इस तरह का स्टैंड लेकर शहर में माहौल प्रदूषित नहीं करना चाहिए।

आयुक्त मुंढे ने शहर के व्यापारियों से कहा है कि वे 18 अगस्त तक सभी कर्मचारियों के कोरोना का परीक्षण करें, अन्यथा दुकानें बंद करेंगे। इस पर मेयर संदीप जोशी ने कहा कि शहर में 50,000 व्यापारी हैं और उनमें से प्रत्येक में औसतन 10 कर्मचारी हैं। नतीजतन, 18 अगस्त तक 5 लाख परीक्षण करने होंगे। क्या यह संभव है? आयुक्त का यह निर्णय न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि व्यापारियों के साथ-साथ कर्मचारियों पर भी लागू होता है जो अल्प वेतन पर अपने घर चलाते हैं। आयुक्त ने दुकानदारों को हर कर्मचारी का परीक्षण करने का भी निर्देश दिया है।

दुकानदारों की स्थिति भी नाजुक है। वे इतना पैसा कहां से लाएंगे। 5 लाख परीक्षणों के लिए प्रति परीक्षण 1900 रुपये के अनुसार 95 करोड़ रुपये का व्यवसाय होगा। आयुक्त को शहर में भय का माहौल नहीं बनाना चाहिए। व्यापारियों के साथ संवाद बनाकर भी रास्ता निकाला जा सकता है।

यदि किसी व्यापारी का एक कर्मचारी पॉजिटिव्ह आता है, तो संपर्क में आए दूसरों का परीक्षण करना भी उचित है। लेकिन, सभी व्यापारियों को चेतावनी देना उचित नहीं है। मेयर ने चेतावनी दी कि वह बिना किसी राजनीति के लोगों के लिए सड़कों पर उतरेंगे।‌‌

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