स्कूलों में तैयारी शुरू

नागपुर : ग्रामीण इलाकों में पांचवीं से सातवीं कक्षा 17 अगस्त से और शहरी इलाकों में आठवीं से बारहवीं कक्षा शुरू होगी. स्कूल खुलने में कुछ ही दिन है। लेकिन उससे पहले ही स्कूलों में तैयारी देख सकते हैं।

स्कूलों में तैयारी शुरू : हर क्लासरूम सैनिटाइज किया जा रहा है. कक्षाओं में साफ-सफाई पर जोर दिया जा रहा है। बेंचों के बीच नियमित अंतराल पर बैठक व्यवस्था आयोजित की जा रही हैं। स्कूल में छात्रों के स्कूल आने पर हर दो घंटे में उनके हाथों को साफ करने की व्यवस्था की जा रही है।

शिक्षकों का टीकाकरण: 17 अगस्त से स्कूल शुरू हो जाएंगे। लेकिन बहुत शिक्षकों को टीकाकरण की जरूरत है। अधिकांश शिक्षकों को टीका लगाया गया है, जबकि कुछ शिक्षकों को नहीं। ऐसे में क्या शिक्षक कोरोना महामारी में स्कूल शुरू करने को तैयार हैं?

सरकार की स्कूल शुरू करने की अनुमति: 17 अगस्त 2021 से ग्रामीण इलाकों में 5वीं से 7वीं और शहरी इलाकों में 8वीं से 12वीं की कक्षाएं शुरू करने की अनुमति सरकार ने दी है. कुछ दिन पहले, महाराष्ट्र राज्य स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य में स्कूल शुरू करने के लिए एक बड़े फैसले की घोषणा की थी। सरकार ने 17 अगस्त से स्कूल शुरू करने का फैसला स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी कर दिया है.

मुंबई, उपनगर और ठाणे का फैसला नगर आयुक्त करेंगे‌‌: इसमें ठाने की कोवीड स्थिति पर विचार किया जाएगा

जिला कलेक्टर पर जिम्मेदारी: कोल्हापुर, सांगली, सातारा, सोलापुर, अहमदनगर, बीड, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, रायगढ़, पालघर में भी कोवीड स्थिति पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा।

स्कूल शुरू करने से पहले बरती जाने वाली सावधानियां: (i) स्कूल शुरू करने से पहले कम से कम 1 महीने पहले कोविड की घटनाए कम होना चाहिए।

(ii) शिक्षकों को टीका लगाया जाना चाहिए। इस संबंध में कलेक्टर को योजना बनानी चाहिए। मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद / आयुक्त, नगर निगम / मुख्य अधिकारी, नगर परिषद और शिक्षा अधिकारी जिला कलेक्टर के साथ अनुवर्ती कार्रवाई करें।

(ii) भीड़ से बचने के लिए छात्रों के माता-पिता को स्कूल परिसर में अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

(iv) कोविड से संबंधित सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। उदा. छात्रों की संख्या अधिक होने वाले विद्यालयों में दो सत्रों में, एक बेंच पर एक छात्र, दो बेंच के बीच 6 फीट की दूरी, एक कक्षा में अधिकतम 15-20 छात्र, साबुन से बार-बार हाथ धोना, मास्क का उपयोग करना, कोई लक्षण होने पर छात्रों को घर भेजना और तुरंत कोरोना टेस्ट करवाना आदि।

(v) यदि छात्र कोवीड से पीड़ित पाया जाता है, तो प्रधानाध्यापक को तुरंत स्कूल बंद करना चाहिए और स्कूल को सॅनिटाईज करना चाहिए और छात्रों को अलगाव करना चाहिए और चिकित्सा अधिकारी की सलाह पर चिकित्सा उपचार शुरू करना चाहिए।

स्कूल शुरू करते समय बच्चों को चरणों में स्कूल बुलाया जाना चाहिए। उदा. कक्षाओं के आदान-प्रदान के दिन सुबह-दोपहर, कुछ मुख्य विषयों के लिए प्राथमिकता आदि। इसके लिए संलग्न एसओपी का पालन करें।

संबंधित विद्यालय के शिक्षकों को यथासम्भव एक ही शहर/गांव में आवास की व्यवस्था करनी चाहिए, या उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का यथासंभव उपयोग न करें।‌‌

गाड़ी वाला आया घर से कचरा और क्यु आर कोड निकाल

नागपुर: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में नगर निगम ने कचरा संग्रहण के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था शुरू की है. मेयर दयाशंकर तिवारी ने बताया कि प्रायोगिक तौर पर 10 घरों में यह तरीका शुरू किया गया है. देखना होगा कि नागपुर नगर निगम का यह प्रयोग सफल होता है या नहीं।

नागपुर नगर निगम ने घर-घर जाकर कूड़ा उठाने की व्यवस्था की है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से कई लोगों की ओर से शिकायतें आ रही थीं कि कचरा ट्रक समय पर और नियमित रूप से नहीं आ रहा है. अब इस नई प्रक्रिया से इसपर काफी हद तक अंकुश रखा जा सकेगा.

कैसे चलेगा क्यूआर कोड प्रोसेस? कचरा ट्रक का चालक हर घर के क्यूआर कोड को स्कैन करेगा और फिर नगरपालिका प्रशासन को उस घर की सूचना मील जाएगी जहां से कचरा एकत्र किया गया था। इसकी शुरुआत 10 घरों में प्रायोगिक तौर पर हुई है। मेयर दयाशंकर तिवारी ने कहा कि प्रदेश में यह पहला ही प्रयोग है। यदि प्रयोग सफल होता है, तो इसे पूरे नागपुर में लागू किए जाने की संभावना है।‌‌

नागपुर में हुआ रिकॉर्ड वैक्सिनेशन,एक ही दिन में शहर में 36584 को लगा वैक्सीन

नागपुर: कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए वैक्सिनेशन और संबंधित गतिविधियां तीव्र हो गई है। इसी कड़ी में गुरुवार को शहर में 36584 लोगों का रिकॉर्ड वैक्सीनेशन हुआ। इसमें 33470 लोगों को महानगर पालिका तथा शासकीय केंद्र तथा 3114 को निजी केंद्रों पर वैक्सीन दिया गया।

45 से अधिक उम्र के लोगों के लिए 11 से 5 बजे तक वैक्सिनेशन किया जा रहा है। इसमें ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दाेनों तरह से रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।वर्तमान में 18 से 45 वर्ष के लोगों के लिए कोवैक्सीन मेडिकल,डॉ. बाबासाहब अंबेडकर हॉस्पिटल और स्व. प्रभाकर दटके महानगर पालिका महल रोग निदान केंद्र में सेकंड डोज के लिए उपलब्ध है।

१८ वर्षावरील व्यक्तींच्या लसीकरणासाठी मनपा सज्ज, शासनाच्या निर्देशाची प्रतीक्षा

पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी जाहीर केल्यानुसार २१ जूनपासून संपूर्ण देशात १८ वर्षांवरील सर्वांचे लसीकरण सुरू करण्यात येईल. मात्र यासंदर्भात अद्याप राज्य शासनाचे कुठलेही निर्देश नाहीत. तरीही लसीकरणाच्या दृष्टीने नागपूर महानगरपालिका सज्ज असून जर निर्देश प्राप्त झाले तर २१ जूनपासून लसीकरण सुरू करता येईल, यादृष्टीने संपूर्ण तयारी झाली असल्याची माहिती महापौर दयाशंकर तिवारी यांनी दिली.

१८ ते ४४ वर्षावरील नागरिकांच्या लसीकरणासंदर्भात एक विशेष बैठक शुक्रवारी (ता. १८) महापौर दयाशंकर तिवारी यांच्या अध्यक्षतेखाली छत्रपती शिवाजी महाराज मुख्य प्रशासकीय इमारतीच्या सभागृहात पार पडली. बैठकीला उपमहापौर मनीषा धावडे, माजी महापौर तथा आमदार प्रवीण दटके, सत्तापक्ष नेते अविनाश ठाकरे, विरोधी पक्ष नेते तानाजी वनवे, आयुक्त राधाकृष्णन बी., आरोग्य समिती सभापती संजय महाजन, ज्येष्ठ नगरसेवक सुनील अग्रवाल, स्थायी समितीचे माजी सभापती विजय (पिंटू) झलके, माजी सत्तापक्ष नेता संदीप जाधव, अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी, संजय निपाणे, उपायुक्त राजेश भगत, निगम सचिव डॉ. रंजना लाडे, वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. संजय चिलकर, लसीकरण नोडल अधिकारी डॉ. गोवर्धन नवखरे आदी उपस्थित होते.
यासंदर्भात अधिक माहिती देताना महापौर दयाशंकर तिवारी म्हणाले, १८ ते ४४ वर्षादरम्यान असलेल्या नागरिकांमध्ये लसीकरणाबाबत उत्साह आहे. त्यामुळे गर्दीचे नियोजन करणे अत्यावश्यक आहे. लसीकरणासाठी सध्या १०४ केंद्र तयार असून सर्व नगरसेवकांशी चर्चा केल्यानंतर पुन्हा आठ ते दहा केंद्रांची वाढ करण्यात येत आहे. प्रथम नोंदणी केल्यानंतर स्लॉट आणि केंद्र ज्याप्रकारे मिळेल त्यानुसारच नागरिकांना लसीकरण केंद्रावर जायचे आहे. केंद्रांची संख्या अधिक असल्यामुळे गर्दी होणार नाही, अशी अपेक्षा आहे. त्यादृष्टीनेच हे नियोजन असल्याचे त्यांनी सांगितले. अशी संपूर्ण तयारी नागपूर महानगरपालिकेने करून ठेवलेली आहे. शासनाचे जसे आदेश येतील तसे लसीकरण सुरू करण्यात येईल, असेही त्यांनी यावेळी सांगितले. भविष्यात कोरोनावर नियंत्रण असावे यासाठी आतापासून प्रत्येक व्यक्तीची चाचणी व्हावी यादृष्टीने प्रयत्न सुरू आहे. प्रशासनाने नुकताच ‘चाचणी आपल्या दारी’ असा उपक्रम सुरू केला. कॉर्पोरेट सेक्टर, बँका, खासगी कार्यालये, व्यापारी प्रतिष्ठाने ज्या ठिकाणी एकत्र २० च्या वर लोकांची चाचणी करायची आहे त्या संस्थांनी आपली मागणी मनपाकडे नोंदवावी. मनपाची चमू तेथे जाऊन चाचणी करेल. या उपक्रमाबद्दल त्यांनी प्रशासनाचे कौतुक केले. या योजनेचा अधिकाधिक लाभ देण्यासाठी व्यापारी संघटनांना लेखी पत्र पाठविण्याचे निर्देश महापौरांनी दिले. याप्रमाणेच ४५ वर्षांवरील व्यक्तींच्या लसीकरणाचेही नियोजन करण्यात येणार आहे. फक्त कमीत कमी ५० ऐवजी ती अट २५ ची करावी, अशी सूचना महापौर दयाशंकर तिवारी यांनी केली. मुस्लीम समाजात लसीकरणाचे प्रमाण अत्यंत कमी आहे. त्यामुळे या समाजातील धर्मगुरुंच्या माध्यमातून लसीकरणाच्या संदर्भात जनजागृती करण्यावर भर देण्याचे निर्देशही त्यांनी यावेळी दिले.
महापौरांनी सांगितले की, लसीकरणाला गति देण्यासाठी एक संस्था स्लम भागात जाऊन नागरिकांना एक महिन्याचे राशन देण्यास तयार आहे. यासाठी मनपा तर्फे त्यांना लसीकरणासाठी मदत केली जाईल.
बैठकीत माहिती देताना मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी. म्हणाले, १८ ते ४४ वर्ष वयोगटातील लसीकरणासंदर्भात अद्याप कुठलेही निर्देश नाहीत. परंतु मनपा प्रशासनाची संपूर्ण तयारी आहे. सध्या मनपाकडे ३५ ते ४० हजार डोज उपलब्ध आहेत. राज्य शासनाच्या निर्देशाशिवाय लसीकरण करणे शक्य होणार नाही. साठा उपलब्ध होताच कुठल्याही क्षणी लसीकरण सुरू करता येईल. होणारी गर्दी लक्षात घेता शंभरावर केंद्र सुरू करण्यात येत आहे. ३०० केंद्रांचे उद्दिष्ट असून लसीकरण सुरू झाल्यानंतर ते मागणीनुसार वाढविण्यात येईल तसेच यासाठी जनप्रतिनिधी यांची सुध्दा मदत घेण्यात येईल, असेही त्यांनी यावेळी सांगितले. बैठकीत सत्ता पक्ष नेते अविनाश ठाकरे, विरोधी पक्ष नेते तानाजी वनवे, स्थायी समितीचे माजी सभापती विजय झलके यांनीही यावेळी सूचना मांडल्या. आमदार प्रवीण दटके यांनी लसीकरणाच्या नोंदणीसंदर्भात सूचना केली. ऑनलाईन नोंदणीत अनेक अडचणी असल्यामुळे सर्व केंद्रांवर एक दिवस अगोदर नोंदणी करण्यात यावी, जेणेकरून दुसऱ्या दिवशी नागरिकांची फरफट होणार नाही, अशी सूचना केली.

पुलिस ने किया गिरफ्तार ,नागपुर में प्लंबर ने किया ‘नागोबा बाबा’ बनने का ड्रामा,कोरोना रोगी ठीक करने का दावा करता था

नागपुर की MIDC पुलिस ने भोंडूबाबा को गिरफ्तार कर लिया, यह नागोबा कोरोना का इलाज करने का दावा करता था । दरअसल 32 वर्षीय शुभम तायडे नागपुर के पंचशील नगर में अपना दरबार चला रहा था।नागोबा बाबा बन के भक्तो को धोखा दे रहा था इस बात का पता चलने पर अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्यकर्ताओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसके बाद नागपुर पुलिस ने जाल बिछाकर इस फर्जी पिता को गिरफ्तार कर लिया है.

दावा था कि यह कोरोना तभी ठीक होता है जब कोई सांप उसके शरीर में फैलता है। इसके लिए वह मंत्रतंत्र का प्रयोग करता था। उसके पास भी बड़ी संख्या में मरीज आए थे। हालांकि, एक महिला को धोखा देने के बाद, यह घटना एएनआईएस कार्यकर्ताओं के संज्ञान में आई, जिन्होंने तब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जाल बिछाकर इस फर्जी बाबा को किया गिरफ्तार।

यह धोखेबाज बाबा कोरोना का इलाज करने के अलावा पैसे कमाने, पारिवारिक कलह दूर करने, छुपे हुए खजाने को खोजने के नाम पर ठगी कर रहा था। 

पेशे से प्लंबर का काम करने वाले भोंडुबाबा पिछले दो साल से भोंडुगिरी कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उनके भक्त उन्हें छुड़ाने के लिए थाने पहुंचे। वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है और एएनएनआईएस कार्यकर्ताओं ने भोंडु बाबा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कोरोनावायरस वैक्सीन उपलब्ध होने के साथ, और दुनिया भर में अन्य दवाओं पर बहुत अधिक शोध किए जाने के साथ, कई रोगी विज्ञान की ओर मुड़ने के बजाय नागोबा बाबा की तरह झूठ के जाल में फंस जाते हैं। इसके बाद वे अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालते हैं। जैसा कि आज भी हो रहा है, नागरिकों में जागरूकता फैलाना आवश्यक है।

गुरु नानक देवजी से प्रेरित हो नागपुर के जमशेद सिंह कपूर चला रहे हैं लंगर ऑन व्हील्स

मानव की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है नागपुर के एक सिख जिनकी आयु 41वर्ष है जिनका नाम है जमशेद सिंह कपूर आप इन्हे नागपुर की सड़कों पर टू व्हीलर पर रोज जरूरतमंदों को खिचड़ी बांटते देख सकते हैं। दरअसल कपूर ये मोबाइल लंगर सेवा पिछले कई वर्षों से चला रहे हैं।यहां तक कि कोरोना जैसी इतनी बड़ी महामारी के दौरान भी उनका यह मिशन जारी है।

जमशेद जमशेद सिंह ने नागपुर में यह सेवा सन 2013 में शुरू की थी।पहले सिर्फ गरीब और वंचित लोग ही उनसे खाना लेते थे. किंतु कोरोना लॉकडाउन में रेस्तरां-होटल बंद होने की वजह अब सभी वर्गों के लोगों को इस मोबाइल लंगर से दाल-खिचड़ी लेते देखा जा सकता है.कपूर इस लंगर के तहत जगह-जगह जाकर हर दिन सैकड़ों लोगों को दाल खिचड़ी बांटते हैं. उनका कहना है की कुछ लोग कच्चे चावल और दाल से उनकी मदद करते हैं जिससे की उनका मिशन चलता रहे.   

गुरु नानक देव जी से मिलती है प्रेरणा 

उन्होंने बताया कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी 1512 में नागपुर आए थे एवम यहां स्थानीय आदिवासियों को उन्होंने लंगर की सेवा उपलब्ध कराई थी .

और जमशेद सिंह ने एक और बात सांझा की जिसमे बताया की उनसे खाना लेने वाले एक भिखारी ने कपड़ों से भरा एक थैला सौंपा था और कहा था कि उसकी मौत के बाद ये थैला खोलें और इसमें जो कपड़े हैं वो जरूरतमंदों को बांट दिए जाएं. भिखारी की मौत के बाद कपूर ने वो थैला खोला तो हैरान रह गए, थैले में कपड़ों के साथ 25,000 रुपए भी थे. अब उसी राह पर चल दिए हैं जमशेद सिंह कपूर जिन्हें लगता है कि लोगों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और किसी का पेट भरना सबसे बड़ा पुण्य और वे ऐसा करके समाज के प्रति अपना उत्तरदायित्व निभा रहें हैं।

ताडोबात प्रवेश बंब, बुकिंगचा परतावा मिळेल

नागपूर: कोरोना ची शृंखला तोडण्यासाठी, प्रशासन पातळीवर बरेच प्रयत्न केले जात आहेत, ताडोबा टाइगर रिझर्व्ह प्रथम लॉकडाउनमध्ये 15 ते 30 एप्रिल पर्यंत बंद ठेवले आहे. परंतु कोरोनाचा संसर्ग अजूनही त्याच प्रकारे वाढत आहे. हे पहाता, व्यवस्थापनाने आणखी पुढे बंद ठेवण्याचा निर्णय घेतला आहे.

विभागाच्या वतीने असे म्हटले गेले आहे की संक्रमणाच्या साखळीस तोडण्यासाठी ताडोबाला बंद करणे चांगले होईल. विभागाने बंद तारखेपासून पुढे 17 मे पर्यंत बंद कायम करण्याचे ठरविले आहे. या काळात, सर्व प्रकारच्या क्रियाकलाप बंदी असेल, जंगल सफारी 17 मे पर्यंत बंद ठेवली जाईल.

आगाऊ बुकिंगचे पैसे परत: पर्यटकांनी ज्यांनी 15 एप्रिल ते 15 मे दरम्यान जंगल सफारीसाठी बुकिंग केलेय त्या पर्यटकांचे सर्व बुकिंग रद्द करण्यात आले आहे. आगाऊ बुकिंगचा परतावा विभाग पूर्ण करेल. हा परतावा त्यांच्या ई-वैलेट बँक खात्यावर वळता होईल. 30 जूनपर्यंत परतावा परत केला जाईल. इतर कोणत्याही माहितीसाठी, हेल्पलाइन नंबरवर देखील संपर्क केला जाऊ शकतो.

नागपूर-हावडा, मुंबई-हावडा आणि हावडा-नागपूर दरम्यान सुपर फास्ट स्पेशल ट्रेन

नागपूर: हावडा-मुंबई मार्गावरील प्रवाशांच्या गर्दीचा विचार करत रेल्वेने विशेष सुपर फास्ट ट्रेन चालविण्याचा निर्णय घेतला आहे. नागपूर-हावडा, छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई-हावडा आणि हावडा-नागपूर या मार्गातील प्रवाशांच्या होणा-या विलक्षण गर्दीस निवारण्यासाठी रेल्वेने सुपर फास्ट विशेष गाड्या चालविण्याचा निर्णय घेतला आहे. कोरोना दृष्टीने, या मार्गावर प्रवाशांची गर्दी सर्वोच्च आहे. प्रवाशांना वाचवण्यासाठी, गाड्यांत गर्दी कमी करणे फार महत्वाचे होते, रेल्वेला आता या मार्गावर चालण्यासाठी सुपर फास्ट स्पेशल ट्रेनची परवानगी आहे. या तीन विशेष गाड्या वन वे असतील.

नागपूर-मुंबई सुपर फास्ट स्पेशल ट्रेन (वन-वे): नागपूरपासून 01460 सुपर-फास्ट स्पेशल ट्रेन 3 में रात्रौ 11.30 वाजता आणि दुसऱ्या दिवशी दुपारी 2.15 वाजता छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबईपर्यंत पोहोचेल. ही गाडी वर्धा, बडनेरा, अकोला, भुसावळ, नाशिकरोड, कल्याण आणि दादर असे थांबे घेईल. या गाडीत प्रथम एसी, तीन एसी 2 टियर, 8 एसी 3 टायर आणि 8 स्लीपर वर्ग असतील.

मुंबई-हावडा सुपर-फास्ट स्पेशल ट्रेन (एकेरी):
ट्रेन नंबर 01325 सुपर-फास्ट स्पेशल छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबईहून 17.15 वाजता मुंबईहून निघेल. ही गाडी पुढील दिवशी 20.15 वाजता हावडा येथे पोहोचेल. कल्याण, भुसावळ, नागपूर, रायपूर, बिलासपुर आणि टाटा नगर असे थांबे असतील. ट्रेन प्रथम एसी, तीन एसी 2 टियर, 8 एसी 3 टायर आणि 8 स्लीपर क्लास बोगिज असतिल.

हावडा-नागपूर सुपर-फास्ट स्पेशल ट्रेन (वन वे):
ट्रेन क्रमांक 01220 सुपर-फास्ट स्पेशल ट्रेन हावडा 23.05 वाजता चालविली जाईल आणि दुसऱ्या दिवशी नागपूर स्टेशनवर 17.30 पर्यंत पोहोचेल. दरम्यान, टाटा नगर, बिलासपुर आणि रायपूर मार्गे नागपूरला पोहोचेल. ट्रेनमधील पहिला एसी तीन एसी 2 टायर, 8 एसी 3 टियर आणि 8 स्लीपर क्लास बोगी असेल.

सोलापूर – हावडा विशेष ट्रेन (वन मार्ग): ट्रेन नंबर 01327 विशेष गाडी सोलापूरपासून 3 मे रोजी 13:30 वा निघेल आणि कुर्दुवाडी, दौंड, अहमदनगर, मनमाड, भुसावळ, अकोला, बडनेरा, वर्धा, नागपूर, गोंदिया, दुर्ग, रायपूर, बिलासपुर, रायगड, झार्सुगुरा, रोर्केला, चक्रधरपूर, टाटानगर, खरगपूर, मार्गे तिसऱ्या दिवशी 00.50 वाजता हावड़ा येथे पोहोचेल. ट्रेनमधील 2 एसी टियर 19 द्वितीय वर्गाची व्यवस्था असेल.

या मार्गावर सर्वात जास्त गर्दी आहे: मुंबई-हावडा मार्गावर सर्वात जास्त प्रवासी आहेत. कोरोना संक्रमण ची सामना चिंता नाही. या मार्गावर चालणार्या सर्व गाड्यांमध्ये आसन मिळवणे खूप कठीण आहे. प्रवाशांना या मार्गावर चालणार्या ट्रेनमध्ये शौचालयाजवळ बसून प्रवास करावा लागतो. या गोष्टी लक्षात घेवून, रेल्वेने विशेष गाड्या प्रवाशांच्या सुरक्षिततेची काळजी घेण्यासाठी चालविण्याचा निर्णय घेतला आहे.

केवळ कंफर्म सीटचे प्रवासीच सक्षम: या विशेष गाड्या केवळ कंफर्म सीटवरच प्रवास करू शकतात. आरक्षित सुपर-फास्ट स्पेशल ट्रेन सर्व संगणकीकृत आरक्षण केंद्रे विशेष शुल्कासह www.irctc.co.in वर आरक्षण असेल. या विशेष गाडीच्या सर्व तपशिलासाठी www.enquiry.indianrail.gov.in ला भेट देऊ शकता किंवा एनटीईएस अॅपला भेट देऊन माहिती करून घेऊ शकता. या विशेष गाड्यांमध्ये प्रवाशांना केवळ कंफर्म असल्यासच परवानगी दिली जाईल. बोर्डिंग, प्रवास आणि गंतव्यस्थानाच्या भेटीदरम्यान कॉव्हिड -19 शी संबंधित सर्व नियमांचे अनुसरण करणे प्रवाशांना अनिवार्य असेल.

रुग्णांसाठी 11 कोच तयार, मनपा आणि मध्य रेल्वे एकत्र करतील उपचार

नागपूर: उच्च न्यायालयाच्या आदेशानंतरच का असेना, परंतु आता नागपूर बोर्ड सेंट्रल रेल्वेनेही कोरोना रुग्णांना मदतीचा हात दिला आहे. मध्य रेल्वेच्या वतीने अजनी कंटेनर डेपोमध्ये 11 कोच तयार आहेत. मनपा आणि मध्य रेल्वे या 176 बेडांवर कोव्हिड रुग्णांवर उपचार करतील. बुधवारी, महापौर दयाशंकर तिवारी, मध्य रेल्वे नागपूर मंडळाचे व्यवस्थापक, रिचा खरे, मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी., अति. कमिशनर जलज शर्मा, राम जोशी, जयसिंह, चंपक बिस्वास, अखिलेश चौबे, वैशाली लांढेकर, रोहित ठवरे, विपुल सुसकर आणि मनपा आरोग्य अधिकारी नरेंद्र बहिरवार यांनी तेथील पुनरावलोकन केले.

22 ऑक्सिजन सिलेंडर व्यवस्था: मनपा वतीने डॉक्टर, नर्स, ऑक्सिजन, फार्मा आणि अन्न व्यवस्था केल्या गेल्या आहेत. रुग्णास वापरण्यासाठी प्रशासनास सर्व सुविधा पूर्ण केल्या गेलेल्या असल्याचे महापौराने नमुद केले. मध्य रेल्वेने 11 कोच रुग्ण आणि 1 प्रशिक्षकांसाठी व डॉक्टर आणि इतर कर्मचार्यांसाठी ठेवलेला आहे. प्रत्येक कोच, 8 कूलर्स आणि 22 ऑक्सिजन सिलेंडर सर्व व्यवस्थेसह आहेत.

रेल्वेने कोच तयार करण्यासाठी काम युद्ध पातळीवर ठेवले आहे. मध्य रेल्वेचे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार म्हणाले की, मनपा वतीने आइसोलीशन कोचच्या मागणीनंतर अजनी आयसीडीमध्ये 11 आइसोलेशन कोच उपलब्ध आहेत. सेंट्रल रेल्वे नागपूर विभागातील स्टेशनवर एक आकस्मिकता कोच उपलब्ध आहे. राज्य सरकारची मागणी येईल तेव्हा आइसोलेशन कोच दिली जाऊ शकते.

रेल्वेच्या मंगल-मंडपमधील कोव्हिड हॉस्पिटल: एका बाजूला, कोरोना रुग्णांसाठी 11 कोच पुरवले जात आहेत, दुसरीकडे, कडबी चौक येथे स्थित मंगल-मंडप, या दपुमरे च्या उपक्रमातही. 80 बेडांच्या या हॉस्पिटलमध्ये, 20 बेड रेल्वे कर्मचार्यांसाठी राखीव असतील. या हॉस्पिटलसाठी महापौर रेल्वे व्यवस्थापक मनींद्र उप्पाल यांनी चर्चा केली.

रेल्वेच्या वतीने वीज, पाणी, 3 डॉक्टर आणि 6 नर्सची व्यवस्था केली जाईल, तर मनपा ऑक्सिजन लाइन, ऑक्सिजन सिलेंडर, औषधे, डॉक्टर आणि नर्सची व्यवस्था करेल. या हॉस्पिटलमध्ये, कोव्हीडच्या सामान्य रूग्णांचा उपचार केला जाईल. महापौरांनी शक्य तितक्या लवकर सुरू करण्याचे निर्देश दिले.

22 ऑक्सिजन सिलेंडर व्यवस्था: मनपा वतीने डॉक्टर, नर्स, ऑक्सिजन, फार्मा आणि अन्न व्यवस्था केल्या गेल्या आहेत. रुग्णास वापरण्यासाठी प्रशासनास सर्व सुविधा पूर्ण केल्या गेलेल्या असल्याचे महापौराने नमुद केले. मध्य रेल्वेने 11 कोच रुग्ण आणि 1 प्रशिक्षकांसाठी व डॉक्टर आणि इतर कर्मचार्यांसाठी ठेवलेला आहे. प्रत्येक कोच, 8 कूलर्स आणि 22 ऑक्सिजन सिलेंडर सर्व व्यवस्थेसह आहेत.

रेल्वेने कोच तयार करण्यासाठी काम युद्ध पातळीवर ठेवले आहे. मध्य रेल्वेचे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार म्हणाले की, मनपा वतीने आइसोलीशन कोचच्या मागणीनंतर अजनी आयसीडीमध्ये 11 आइसोलेशन कोच उपलब्ध आहेत. सेंट्रल रेल्वे नागपूर विभागातील स्टेशनवर एक आकस्मिकता कोच उपलब्ध आहे. राज्य सरकारची मागणी येईल तेव्हा आइसोलेशन कोच दिली जाऊ शकते.

रेल्वेच्या मंगल-मंडपमधील कोव्हिड हॉस्पिटल: एका बाजूला, कोरोना रुग्णांसाठी 11 कोच पुरवले जात आहेत, दुसरीकडे, कडबी चौक येथे स्थित मंगल-मंडप, या दपुमरे च्या उपक्रमातही. 80 बेडांच्या या हॉस्पिटलमध्ये, 20 बेड रेल्वे कर्मचार्यांसाठी राखीव असतील. या हॉस्पिटलसाठी महापौर रेल्वे व्यवस्थापक मनींद्र उप्पाल यांनी चर्चा केली.

रेल्वेच्या वतीने वीज, पाणी, 3 डॉक्टर आणि 6 नर्सची व्यवस्था केली जाईल, तर मनपा ऑक्सिजन लाइन, ऑक्सिजन सिलेंडर, औषधे, डॉक्टर आणि नर्सची व्यवस्था करेल. या हॉस्पिटलमध्ये, कोव्हीडच्या सामान्य रूग्णांचा उपचार केला जाईल. महापौरांनी शक्य तितक्या लवकर सुरू करण्याचे निर्देश दिले.

कामठी एरिया में रिमेडिसिविर की कालाबाजारी करते हुए एक डॉक्टर सहित चार गिरफ्तार

नागपुर शहर की पुलिस ने एक जाल बिछाया और एक व्यक्ति को काला बाजारी करते हुए पाया गया। कामठी स्थित आशा हॉस्पिटल में काम करने वाले एक डॉक्टर को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस उपायुक्त नीलोत्पल तथा पुरानी कामठी पुलिस की एक स्पेशल टीम ने नागपुर व कामठी में रेमेडिसवीर की काले बाजार का पर्दाफाश करते हुए एक डॉक्टर सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।इन लोगों के पास से 15 रेमेडीसिविर जब्त किए गए हैं। नागपुर पुलिस की इस कार्रवाई से मेडिकल क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई है।पकड़े गए आरोपी लोकेश शाहू, शुभम मोहदारे, कुणाल कोहले तथा सुमित भंगड़े हैं।

पुलिस के अनुसार, लोकेश आशा हॉस्पिटल में एक डॉक्टर हैं, शुभम तथा कुणाल वर्धा मार्ग पर स्वस्तम हॉस्पिटल में हैं एवम सुमित वानडोंगरी के शालिनीताई मेघे हॉस्पिटल में वार्ड ब्वॉय है।जब पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को पता चला कि लोकेश शाहू रेमेडिसवीर की कालाबाजारी कर रहा था और इसे 16,000 रुपये में बेचा जा रहा है। अमितेश कुमार एवम पुलिस उपायुक्त नीलोत्पल ने डॉक्टर को अरेस्ट  करने का ऑर्डर दिया।

दरअसल उपायुक्त नीलोत्पल के विशेष दस्ते तथा कामठी पुलिस ने एक जाल बिछाया। कोरोना पेशेंट का रिश्तेदार बनकर पुलिस ने डॉ लोकेश से कॉन्टैक्ट किया । लोकेश ने 16,000 रुपये में एक इंजेक्शन मिलेगा,इस तरह की जानकारी दी और साथ ही  पुलिस को कामठी के ड्रैगन पैलेस एरिया में बुलाया।

एक पुलिसकर्मी पेशेंट के रिश्तेदार के रूप में वहां गया था।उसने लोकेश से रेमेडिसविर ले लिया और वहीं गिरफ्त में लेलिया। फिलहाल आरोपियों से पुलिस ने गहन पूछताछ कर रही है।इस मामले में एक नर्स की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। अधिक जानकारी प्राप्त नहीं की जा सकी क्योंकि देर रात पुलिस की कार्यवाही चलती  रही।

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