9 कर्मचारियों को कमिश्नर ने किया सस्पेंड

नागपुर:- नगर आयुक्त मुंढे पहले ही जनप्रतिनिधियों के साथ विवाद मे हैं, शुक्रवार को उन्होंने कुछ कर्मचारियों को फटकार लगाई। मुंढे कल सुबह 6 बजे अचानक निगम मुख्यालय में गए। मुख्यालय के मुख्य द्वार के निकट कोरोना नियंत्रण कक्ष है। यह कमरा 24 घंटे खुला रहता है। यहां स्टाफ को शिफ्ट में बुलाया जाता है।

रात के शिफ्ट में कर्मचारी ठीक से ड्युटी नहीं बजा रहे थे। कर्तव्य नहीं निभा रहे इन चारो कर्मचारीयो को कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

इसके बाद मुंढे ने अटल बिहारी वाजपेयी सिटी ऑपरेशंस सेंटर का दौरा किया। वहां से, शहर के प्रत्येक क्षेत्र में सफाईकर्मी ड्यूटी के लिए मौजूद हैं या नहीं यह दिखाई देता हैं, उनका निरीक्षण किया। फोन लगाकर अचानक स्वच्छता निरीक्षकों को विभिन्न क्षेत्रों में जांचा और उनके लोकेशन चेक कीए।

उसके बाद पाचपावली, इंदौरा, धरमपेठ जैसे कुछ स्थानों पर उपस्थिति शेड का दौरा किया। वहां उपस्थिति रजिस्टर जांचे। वहां भी कुछ स्वच्छता निरीक्षक और अन्य कर्मचारी इमानदारी से ड्यूटी करते नहीं पाए गए। उन्हें भी तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया गया है।

आता हजार ऐवजी ₹१० हजार दंड

नागपूर:- आर्थिक प्रणाली पुन्हा रुळावर आणण्यासाठी कोविड -१९ विषयक च्या केंद्रीय मार्गदर्शक तत्त्वांचे अनुसरण करत काही अटींवर संचारबंदीत शिथिलता देण्यात आली होती. दुकान उघडण्याचे, बंद करण्याचे वेळोवेळी टाइम टेबलही निश्चित केले गेले आहे. दुकानदार व ग्राहकांचे मास्क परिधान करणे, सोशल डिस्टंसींग पाळणे, व ग्राहक गेल्यानंतर, सॅनिटाईजेशन, स्वच्छता करणे अनिवार्य केले गेले आहे, परंतु सर्व मार्गदर्शक सूचनांचे उघडपणे उल्लंघन केले जात असल्याचेच सर्वत्र निदर्शनास येत आहे.

अशा नियमबाह्य वागणूक असणा-या दुकानदारांविरूद्ध कठोर पावले उचलत मनपा प्रशासनाने स्वच्छता उपायुक्त ते निरीक्षक, एनडीएस जवान, पोलिस निरीक्षक व वरिष्ठ अधिकारी यांना कारवाई करण्याचे अधिकार दिले आहेत. अधिकारांचा वापर करून शहरातील विविध बाजारपेठांतील 56 दुकानदारांवर कारवाई करण्यात आली आणि 3 लाख 10 हजार रुपये दंड वसूल करण्यात आला.

आर पी एफ कॅन्टीन विस्तारीत: अर्धसैनिक बलों को भी लाभ

RPF सुविधा विस्तारित कैंटीनका शुभारंभ करने के संबध मे।  विगत दो साल से मोतीबाग रेलवे कॉलोनी में RPF जवानों एवम अन्य सभी तरह के अर्धसैनिक बलोंकी सुविधा के लिए RPF सुविधा कैंटीन सुरु की गई थी। लेकिन कम जगह होने के कारण जनाओ तथा उनके परिवारोंको काफी असुवधाएँ हो रही थी। इन असुविधा को दूर करने हेतु श्री अमर कुमार स्वामी मंडल सुरक्षा आयुक्त नागपुर द्वारा मंडल अभियांता दक्षिण, सहायक अभियंता मोतीबाग क्षेत्र के समन्वय से कर कैंटीन का विस्तार करने हेतु कहा गया। इन अधिकारियों से अच्छे प्रतिसाद मिलने से यह विस्तारीकरण कार्य 2 सप्ताह में पूर्ण हुआ। आज दिनांक 20 जुलाई 2020 को समय 10 बजे इस विस्तारीकृत सुविधा कैंटीन का शुभारंभ श्री अमर कुमार स्वामी मंडल सुरक्षा आयुक्त रेसुब दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा किया गया। इससे बल सदस्यों के साथ उनके परिवारों में भी उत्साह तथा खुशी व्याप्त हुई है। उद्घाटन के मौके पर गणेश गरकल, निरीक्षक प्रभारी मोतीबाग सह सुविधा कैंटीन मैनेजर एवम कैंटीन स्टाफ HC गजानन कोटले, आरक्षक वसीम खान एवं विकी पाल आदि उपस्थित थे।

नागपुर सिटी सीपी पद की जिम्मेदारी नीलेश भरणे को

नागपुर:- पुलिस आयुक्त डॉ भूषण कुमार उपाध्याय छुट्टी पर गए हैं, इसकारण अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ नीलेश भरणे पर उक्त पद का प्रभार आ गया है। डॉ भरणे नागपुर के मूल निवासी हैं। IPS अधिकारी के रूप में नियुक्त होने के बाद, उन्हें उत्तराखंड कैडर मिला। उन्हें चार साल पहले प्रतिनियुक्ति पर नागपुर में पुलिस उपायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था। प्रारंभ में उन्हें एक विशेष शाखा दी गई। उसके बाद उन्होंने सर्कल -4 के पुलिस उपायुक्त के रूप में कार्यभार संभाला।

वहां से उन्हें परिवहन शाखा के उपायुक्त के रूप में स्थानांतरित किया गया। उनकी आक्रामक कार्यशैली को देखकर पुलिस आयुक्त डाॅ उपाध्याय ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर, अपराध शाखा में पुलिस उपायुक्त, नियुक्त किया। वहां छह महीने बाद, उन्हें बतौर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पदोन्नत किया गया।

डेढ़ महीने पहले, संयुक्त पुलिस आयुक्त रवींद्र कदम सेवानिवृत्त हुए। तब से, संयुक्त पुलिस आयुक्त के रूप में डॉ‌ भरणे जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। अब पुलिस आयुक्त डॉ उपाध्याय चार दिन की छुट्टी पर गए हैं, इसलिए उन्हें सिटी पुलिस फोर्स (प्रभारी के रूप में) के प्रमुख के पद की जिम्मेदारी भी दी गई है।

अधिकारी एक, जिम्मेदारियां कई:

गृह मंत्री के गृहनगर नागपुर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कई पद रिक्त हैं। इसलिए किसी एक अधिकारी को दो, तीन और तीन पद संभालने पड रहे हैं।

In breach of norms, Lady police personnel found living with lover at quarantine centre

Nagpur:- A case of an extramarital affair came to light at Regional Police Training School (RPTS) quarantine centre in the afterman of the wife of a missing man contacting Bajaj Nagar police station. It is learnt that the married man had allegedly been taken to the centre by a special branch woman constable who was ordered to undergo institutional quarantine along with some other police personnel when an officer tested Covid19 positive some days back. DCP Zone II Vivek Masal told reporters that an inquiry has been set up against the lady police constable for indiscipline.

“She had introduced the man as her husband to NMC health team who had come for contact tracing of the officer who tested positive,” he said. Posing as a couple, they lived for over three days in the RPTS centre. Masal said after it came to light that both are not married to each other and are merely in a state of the relationship, the man was shifted to VNIT hostel quarantine centre while the woman constable continues to serve at the place of her posting. As per sources said it was not confirmed if the woman constable is married or is separated from her husband.

The man is said to be working with the department of posts. His wife did not know about his admission at the quarantine centre. She somehow came to know about the affair of her husband. She even visited the RPTS but was turned away by the guards. Later, she lodged a complaint with the Bajaj Nagar police and met Police Commissioner Dr Bhushan Kumar Upadhyay, who ordered an inquiry into the matter. It is learnt that both of them know each other since October last year.

महामारी अधिनियम की धज्जियाँ उड़ाने वाले 26 लोगों पर कार्रवाई

नागपुर:- मास्क पहनने के आदेश को न मानने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करते हुए ज़ोन टू के पुलिस अधिकारीयों ने सख्त कार्रवाई की. इस कार्रवाई में डीसीपी विनीता साहू, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अंबाजरी विजय करे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गिट्टिखदान सुनील चव्हान समेत कई अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया.

फुटारा तलाव के निकट इस ऑपरेशन में 6 महिलाओं समेत 26 लोगों पर कार्रवाई की गई. कोरोना महामारी के समय महामारी अधिनियम तथा अन्य कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए इन लोगों ने सेल्फी खींचकर, सामाजिक दूरी न बरतते हुए, मास्क न पहनकर, ट्रिपल सीट की सवारी कर, अनुचित स्थान पर पार्किंग कर नियमों का उल्लंघन किया. पुलिस ने इस केस में महामारी क़ानून तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया. कार्रवाई के दौरान नियम तोड़ने वालों के वाहनों को भी जब्त कर लिया गया.

नागरी समस्या सोडविण्यास थेट करा डीसीपीशी संपर्क : सीपी उपाध्याय

नागपूर:- शहरातील बहुतेक पोलिस ठाण्यांमध्ये नागरिकांना त्यांच्या समस्या व तक्रारी नोंदवण्यासाठी अनेक दिवस चकरा माराव्या लागतात. या दरम्यान लोकांना अनेक प्रकारच्या समस्यांना सामोरे जावे लागते. नागरिकांच्या अशा समस्या लक्षात घेऊन सी. पी. बि. के. उपाध्याय यांनी समस्येचे निराकरण न झाल्यास संबंधित पोलिस स्टेशनला झोनच्या डीसीपीशी संपर्क साधण्याचे आवाहन केले आहे.

त्यांनी सर्व झोनच्या डीसीपीच्या कार्यालयाचे नाव व पत्ता असलेले एक पत्रक जारी केले, ते म्हणाले की, पोलिस ठाण्यातील कोणताही अधिकारी व कर्मचारी समस्या सोडवत नसल्यास डीसीपीशी संपर्क साधून त्यांना समस्या सांगा. असे केल्याने नागरिकांचे प्रश्न लवकरात लवकर सुटू शकतील. यानंतरही या समस्येचे निराकरण झाले नाही तर ते पोलिस आयुक्तांना भेटू शकतात.

येथे संपर्क साधा:

युनिट क्रमांक डीसीपी नाव फोन नंबर कार्यालयाचा पत्ता

  • 1 डीसीपी विवेक मासाल                     0712-25443953 एनआईटी मार्डन शाळेजवळ, राणाप्रतापनगर
  • 2 डीसीपी विनिता साहु                        0712-2559922 सिताबर्डी पो स्टे, मॉरिस टीप्वाइंट चौक
  • 3 डीसीपी राहुल माकणीकर                 0712-2738282 कोतवाली पोलिस स्टेशन महाल
  • 4 डीसीपी विवेक मासाल (अति. चार्ज)    0712-2747753 अजनी रेलवे स्टेशन जवळ
  • 5 डीसीपी निलोत्पल                            0712-2632665 पंचम ईस्टेट, दिक्षीत नगर, नारी रोड, जरीपटका

शहर पुलिस बल में जल्द बड़े बदलाव!

नागपुर: कोरोना काल स्थिति के कारण रुकी हुई शहर पुलिस बल की स्थानांतरण प्रक्रिया अब गति पकड़ती हुई दिखाई दे रही है। राज्य में कुछ IPS अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर दो सत्ताधारी दलों के बीच विवाद के बावजूद, नागपुर शहर पुलिस बल में बड़ा फेरबदल होनेवाले है एसका पता चला है, थानेदारी पाने के लिए कुछ अधिकारी मैदान में उतर भी गए हैं। पुलिस बल में कई पुलिस निरीक्षक वर्तमान में साईड पोस्टिंग जिसे “डंपिंग यार्ड” कहा जाता, में काम कर रहे हैं, जबकि कुछ जूनियर अधिकारी थानेदार के रूप में काम कर रहे हैं। ईस वजह शहर पुलिस ने दो पात बने हैं, कार्यकाल समाप्ती के बावजूद, कुछ थानेदार अभी भी “फेविकोल” की तरह ठाणे से चिपके हुए हैं। तो कुछ को सालों से साइड ब्रांच में रखा गया है। थानेदारी पाने की दौड़ में हाल ही में पदोन्नत हुए पुलिस अधिकारियों भी है।

चूंकि सीनियर्स कुछ पुलिस स्टेशनों की कार्य प्रणाली से असंतुष्ट हैं, इसलिए उन पुलिस स्टेशनों में सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति की जा सकती है। साथ ही, कुछ विवादास्पद कर्मियों ने विभाग को विवाद में डाल दिया है। इसलिए, ऐसे पुलिसकर्मियों को भी तबादले की संभावना है। कुछ कर्मियों की कई शिकायतें पुलिस आयुक्त के साथ-साथ पुलिस उपायुक्तों के पास भी दर्ज कराई गई हैं। आयुक्त ने आम नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों पर भी ध्यान दिया है। इसलिए, कुछ पुलिसकर्मियों के डंपिंग यार्ड में जाने की संभावना है। तो कुछ नए पुलिस निरीक्षकों को अपने वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों से नई जिम्मेदारियों के संकेत हैं।

ट्रांसपोर्ट में भी होंगे बदलाव: पुलिस निरीक्षकों के तबादले के साथ, परिवहन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की संभावना है। संकेत हैं कि पुलिस स्टेशनों में काम करने वाले पुलिस निरीक्षकों को यातायात शाखा में स्थानांतरित किया जाएगा। परिवहन क्षेत्र के विवादास्पद अधिकारियों को हटाया जा सकता है।

Rs10.85 cr fine recovered at Maha for violations of lockout, 29k arrested

Nagpur:- State-wide citizens have paid Rs10.85 crore in fines for more than 1,45 lakh offenses reported during the lockdown period for infringement of various norms. During this time the police had to arrest 29,607 people under various acts of force.

In the district, traffic police collected Rs1.86 crore fine under CP BK Upadhyay, and detained 6,415 vehicles. Under DCP Vikram Sali, the traffic police reported 1,20 lakh cases during the lockdown for violations of rules.
City police have also been pressing charges on 3,336 people for not wearing masks. A total of 4,882 cases against violators were reported for violation of several lockdown norms.

State home minister Anil Deshmukh, releasing data on Saturday’s state police action, said people disobeyed laws amid repeated appeals and knowledge of the crowd.

“Government had made every effort to emphasize compliance with safety rules, but masses roamed without helmets, gathered in crowds, and carried out other activities that forced police to take stern action,” he said.
Deshmukh said it was a Herculean task for him to keep the morale of cops high with 64 police officers dead and more than 4,000 Covid-19 tests positive (1,040 active). “As a home minister, I moved around, meeting cops at barricades, hospitals, Covid centers, and roads to assure them of our government’s full support. I shared tea with them at the boundaries of the district and also wished them birthdays when they were posted on the highways, “he said.

The home minister stressed that Maharashtra police had made every effort from day one to impose the lockdown. The 64 Covid-19 staff members who died included four officers. Cops have also faced 292 assaults in which 86 have been wounded.

With the lockout causing economic hardship, senior police officers seemed bemused that people took the rules lightly and preferred paying fines while not paying heed to police and other agencies’ calls to ‘keep home.’
Upadhyay said the police action in Maharashtra as a whole has been exemplary in every aspect, from policing to awareness-raising and helping migrants.

“Police created social media awareness and held one-to-one interactions through different programmes. From CP to constables, all tried to warn people not to violate lockdown rules, as it posed a threat to spread the disease in society, “the CP said.

Nagpur police have also checked 60,136 vehicles in the city throughout nakabandis. Around 737 cases of illegal possession and liquor ferrying were registered, and confiscated materials worth more than Rs1.51 crore.
Upadhyay said that while managing duties such as stepping up surveillance and tightening security around containment zones and Covid hospitals, police have to take those actions.

“We had to implement lockdowns and also counter crimes through vigorous drives such as ‘Operation Shutdown Phase II’ and ‘Operation Hands off’ focusing on goons. During the bandobast three constables and one officer were contaminated but the behavior persisted, “he said.

  • Cases registered | 1.45 lakh
  • Covid related calls to ‘100’ | 1.05 lakh
  • Assault on police | 292
  • Cops injured | 86
  • Vehicles seized | 88,306

COPS & CORONA

  • Deaths | 64
  • Active cases | 1,040

 

 

मुंडे के खिलाफ जल्द कार्रवाई होनी चाहिए: भाजपा विधायकों द्वारा पुलिस आयुक्त को ज्ञापन

नागपुर:- 21 जून को मेसर और स्मार्ट सिटी परियोजना के निदेशक संदीप जोशी और सत्तारूढ़ दल के नेता संदीप जाधव ने डीसीपी के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि नागपुर में विकास कार्य के तकरिबन 20 करोड़ रुपये एक निजी ठेकेदार को दिए गए। इसपर वित्तीय अपराध विभाग को भेजने पर डिसीपी ने संदीप जाधव और जोशी दोनों को आश्वासन दिया गया था। हालांकि, 10 दिन बाद भी इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई इसकारण पुलिस आयुक्त डॉ भूषण कुमार उपाध्याय को लिखित ज्ञापन दिया गया।

शिकायत के अनुसार, यदि नगर आयुक्त की बजाय किसी आम नागरिक या राजनीतिक दल के किसी नेता या कार्यकर्ता के खिलाफ ऐसी शिकायत दर्ज की गई होती, तो अब तक तत्काल कार्रवाई की जाती। यह उल्लेख किया गया था कि सबूतों के साथ सब कुछ होने पर भी अब तक कुछ नहीं किया गया, यह समानता के न्याय के खिलाफ है।

पुलिस आयुक्त डॉ भूषण कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि इस मामले की जल्द ही पूरी जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय जनता पार्टी के विधायक और शहर अध्यक्ष प्रवीण दटके, विधायक ना गो गाणार, विधायक गिरीश व्यास, विधायक अनिल सोले, विधायक विकास कुंभारे, विधायक मोहन मते और अन्य लोग शामिल थे।‌‌

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