नागपुर विद्यापीठ के प्रोफेसर डॉ संजय ढोबले का अनूठा प्रयोग “अल्ट्रा वायलेट यूनिट”, लॉक डाउन के समय आया था विचार

नागपुर विद्यापीठ के भौतिक शास्त्र विभाग ने एक नया उपकरण बनाया है जिसका नाम है अल्ट्रा वायलेट यूनिट और इसे नागपुर मेडिकल हॉस्पिटल को डोनेट भी किया है।इस बात की जानकारी भौतिक शास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ संजय ढोबले ने दी।

उन्होंने कहा के लॉक डाउन के समय उनके मन में विचार आया के कोरोना से मृत व्यक्ति के परिवार वालों को मृत देह के अंतिम दर्शन भी नहीं करने को मिल रहे और सिर्फ 4 मुनिसिपालिटी के व्यक्ति उसका अंतिम संस्कार कर रहे है।इसी लिए उन्होंने यह उपकरण बनाने का विचार किया जिसके माध्यम से आप किसी भी कोरोना मृत व्यक्ति के अंतिम दर्शन आसानी से कर पाएंगे।

डॉ संजय ढोबले ने यह भी बताया के इस उपकरण की टेकनोलॉजी के अनुसार यदि किसी कोरोना मृत व्यक्ति की प्लास्टिक पैक बॉडी रख दी जाए और 5मिनट के लिए लाईट चालू की जाए इससे कोरोना विषाणु अल्ट्रा वॉयलेट किरण से मर जाएगा और उसके बाद मृत व्यक्ति के परिवार के लोग उसके अंतिम दर्शन कर सकेंगे।आप मृत्य व्यक्ति को 2 मीटर की दूरी से श्रद्धा सुमन अर्पित कर सकेंगे।

उन्होंने बताया दरअसल अल्ट्रा वॉयलेट किरण की वेवलेंथ 210 – 280 नैनोमीटर विषाणु मर सकता है।इस उपकरण को बनाने में बहुत मुश्किलें आई लेकिन मुझे राष्ट्रीय संत तुकोजी महाराज विश्व विद्यालय के कुलगुरु डॉ संतोष चौधरी , सेवादान महाविद्यालय की डॉ निरुपमा ,दादा साहेब महापण्डित महाविद्यालय के डॉ नीलेश महाजन ने , व डॉ मनोज बालपांडे आदि ने बहुत मदद की इसके अलावा भी मुझे कई प्राचार्यों से मदद मिली ।

मुख्यमंत्री ठाकरे व उपमुख्यमंत्री अजित पंवार से विदर्भ और नागपुर स्वास्थ्य प्रणाली पर ध्यान देने का आग्रह करता हूं – भाजपा नेता बावनकुले

दरअसल दिनों दिन कोरोना के संक्रमण से लोग ग्रसित होते जा रहे हैं। आलम यह है कि अब ऐसी स्तिथि आग़ई है के ज्यादातर सरकारी व निजी अस्पतालों में आईसीयू बेड व जरूरी उपचारों के लिए मरीज़ को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है या दर ब दर भटकना पड़ रहा है।इसी बात को लेकर भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने अपना बयान जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि- विदर्भ और नागपुर स्वास्थ्य प्रणाली कोविद को नियंत्रित करने में विफल रही है।

अब तो विदर्भ भी कोरोना का एक गढ़ बना हुआ है। नागपुर में भी कोरोना से हालात गंभीर है। भाजपा नेता चंद्रशेखर का यह भी कहना था कि – ऐसी स्तिथि देखते हुए मैं राज्य के मुख्यमंत्री उद्घव ठाकरे जी से यह आग्रह करता हूं के वो इस मामले को गंभीरता से लें।वरना लोगों में यह संक्रमण भयावह रूप ले लेगा और मृत्यु दर भी बढ़ जाएगा।

यहां पर एक बढ़ा कोविड सेंटर बनाने की जरूरत है ताकि बढ़ी संख्या में आईसीयू बेड, दवाईयां, वेंटिलेटर उपलब्ध हो सकें। जैसी सुरक्षा प्रणाली मुंबई व पुणे में की जा रही है वैसी ही ध्यान रखना होगा विदर्भ और नागपुर का । इसी विषय में उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकरे व उपमुख्य मंत्री अजित पवार से आग्रह किया।

मुंढे के समर्थकों के खिलाफ आरोप दर्ज

नागपुर: पूर्व नगर आयुक्त मुंढे की विदाई के दौरान नारे लगाते हुए सड़क जाम करनेवाले मुंढे समर्थक और नगरसेवक कमलेश चौधरी और राकांपा के पूर्व उपाध्यक्ष वेद प्रकाश आर्य सहित 125 लोगों के खिलाफ सीताबर्डी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मुंढे के स्थानांतरण के बाद, वह शुक्रवार सुबह मुंबई के लिए नागपुर से रवाना हुए। आर्य और चौधरी सहित सैकड़ों समर्थक मुंडे के सिविल लाइंस स्थित “तपस्या” आवास के सामने एकत्रित हुए और उन्हें विदाई दी। इस समय समर्थकों ने हाथ में बैनर लेकर जमकर घोषणाए दि। इससे यातायात भी बाधित हुआ। उस समय उन्होंने सोशल डिस्टेंस का भी पालन नहीं बरता। इतना ही नहीं, कुछ समर्थकों ने पुलिस से बहस भी की। सीताबर्डी पुलिस ने समर्थकों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत बगैर अनद भीड़ इकट्ठा करने, घोषणाएं करने, सड़कों को अवरुद्ध करने, नियमों का उल्लंघन करने और पुलिस के साथ बहस करने के लिए मामले दर्ज किए हैं। नगर आयुक्त के रूप में कोरोना प्रसार को नियंत्रित करने की कोशिश करते मुंढे का, राज्य सरकार ने 26 अगस्त को महाराष्ट्र जीवन सचिव के सदस्य सचिव के रूप में स्थानांतरन कर दिया। अचानक हुए बदलाव से वह खुद और नागपुर के लोग भी हैरान रह गए। इससे पहले, 24 अगस्त को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव्ह आई थी और वह नागपुर में ही कॉरंटाइन थे। हाल ही में दोबारा परीक्षण के बाद कोरोना की रिपोर्ट नकारात्मक आई। अब मुंढे को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण सचिव के सदस्य सचिव के रूप में किया स्थानांतरण भी रद्द कर दिया गया है।‌‌

12 सप्टेंबर पासून नागपूर मार्गे 18 विशेष रेल्वेगाड्या

नागपुर: रेल्वे प्रवासी वहातुकीस वेग देण्याचे उद्देश्याने मध्य रेल्वे तर्फे नव्या विशेष गाड्यांचे परिचलन केले जात आहे त्यामुळे नागपूर मध्यवर्ती रेल्वे स्थानकावरून 18 विशेष गाड्यांचा पर्याय आता उपलब्ध असेल. म्हणूनच शनिवारला 18 विशेष गाड्या नागपुर स्थानकावरून सुटल्या, मध्य विभागातील सहाय्यक वाणिज्य व्यवस्थापक आणि जनसंपर्क अधिकारी यांनी प्रवास हेतुने स्थानकावर येणा-या लोकांना विनंती केली. स्टेशनवर कोरोना विषयक निर्देशांचे पालन करणे अनिवार्य आहे तसेच मास्क, सोशल डिस्टेंस पालन, थर्मल स्क्रिनींग तपासणी ई. अनिवार्य आहे, त्याचबरोबर रेल्वेस्थान कावर दिड तास आधी येथे उपस्थित राहणे अनिवार्य आहे, एंट्री व एक्झिट गेट वर थर्मल स्क्रिनींग तपासणीचा उपयोग करून प्रवाशांची तपासणी केली जाईल आणि त्याच बरोबर कॉरंटाइन स्टॅम्प लावला जाईल. ते म्हणाले, आजपासून काही नव्या गाड्यांचे परिचलन सुरू केले गेलेय, आधी 16 व आता नव्या 18 गाड्यांची व्यवस्था आता नागपूर स्थानकाहून आहे, या गाड्या विभिन्न दिशांत धावणा-या आहेत जसे गांधीधाम, चेन्नई, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, जयपुर, मैसूर, पूरी या प्रकारे सर्व परिचालन सुरू झालेय त्यानुषंगे आता ज्यांचे कंफर्म वा आरएसी तिकीट आहे तेच प्रवासी यात्रा करू शकतील, वेटिंग असणा-यांना आता आधिप्रमाणे यात्रा करता येणार नाही, चार्ट तयार होताच ते ड्रॉप होऊन त्यांचे तिकिटाचे पैसे परत होतील. स्थानकावरही एक दीड तास आधी पोचने आता क्रमप्राप्त असून, सर्व स्क्रिनींग प्रकिया पुर्ण करणे बंधनकारक आहे, प्रवासादरम्यानही पुर्णवेळ मास्क लावणे व सोशल डिस्टेंस पालन करणे गरजेचे असल्याचे त्यांनी सांगीतले, स्थानकांवर आता आत्मा थर्मल तपासनी संयंत्र लागले आहे, नागपूर पासूनच याची सुरूवात झालीय क्या दरम्यानच तिकिट तपासनीही होते. सर्व प्रक्रीया पार केल्यानंतरच आत स्टेशनात प्रवेश मिळतो, चेक आऊट वरही अशीच थर्मल स्क्रिनींग व कॉरंटाइन स्टॅम्प लावण्याची प्रक्रीया असणार आहे.

कोरोना काळात शहीद झालेल्या पोलिस कर्मचा-यांच्या वारसांना प्रत्येकी 50 लाख रुपयांचे विमा कवच प्रदान

नागपूर: राज्यातील पोलिस दल कोरोना विरुद्ध लढाईत आपले कर्तव्य बजावत असताना आपल्या प्राणांची पर्वा न करणार्‍या पोलिसांचा दुर्दैवी मृत्यू झाल्यास त्यांच्या कुटुंबाच्या पाठीशी उभे राहण्यासाठी महाराष्ट्र शासन वित्त विभाग यांचेकडील शासन निर्णयानुसार अधिकृत वारसांना सानुग्रह अनुदान म्हणून 50 लाख रुपये प्रदान करण्याचा महाराष्ट्र शासनाने निर्णय घेतला आहे त्याच अनुषंगाने नागपूर शहर पोलिस दलात कार्यरत, शहीद झालेल्या दोन पोलिस कर्मचाऱ्यांच्या परिवाराला प्रत्येकी 50 लाख रुपयांचा धनादेश आज प्रदान करण्यात आले. नागपूर शहर पोलीस आयुक्तालयाचे आस्थापनेवरील कार्यरत पोलिस कर्मचारी व पोलीस मुख्यालय नागपूर शहर येथे नेमणुकीस असलेले सहायक फौजदार भगवान सखाराम शेजुळ व धंतोली पोलीस स्टेशन येथे नेमणुकीत असलेले पोलीस हवालदार सिद्धार्थ हरिभाऊ सहारे हे दोन्ही पोलिस कर्मचारी आपले कर्तव्य बजावत असताना त्यांना covid-19 संक्रमण होऊन आजारी पडल्याने व त्यांचा वैद्यकीय उपचारादरम्यान मृत्यू होऊन ते शहिद झाले. नमूद पोलीस कर्मचाऱ्यांना सानुग्रह सहाय्य प्रस्ताव पोलीस आयुक्त नागपूर शहर यांच्या आदेशान्वये पोलिस समाधान कक्ष पोलीस आयुक्त कार्यालय नागपूर यांनी मुदतीत कागदोपत्री कारवाई पूर्ण करून, पोलीस महासंचालक मुंबई यांच्यामार्फत, महाराष्ट्र शासनाला विनाविलंब सादर करून प्रत्येकी 50 लाख रुपये रक्कम मंजूर करून घेतली व आज शनिवार दिनांक 12 सप्टेंबर रोजी पोलीस कर्मचार्‍यांचे वारसदारांस, पत्नी श्रीमती कुसुम भगवान शेजुळ व श्रीमती ईरा सिद्धार्थ सहारे यांना प्रत्येकी 50 लाख रुपयांचे धनादेश नागपूरचे पोलीस आयुक्त अमितेशकुमार व सह पोलीस आयुक्त श्री नीलेश भरणे यांच्या हस्ते प्रदान करण्यात आले. या प्रसंगी पोलीस आयुक्त अमितेश कुमार यांनी नमूद पोलीस कर्मचार्‍यांचे वारसांना त्यांना भविष्यात काही अडचणी आल्यास नागपूर शहर पोलीस सदैव पाठीशी राहून सहकार्य करेल असे आश्वासन दिले. याप्रसंगी श्री अमितेशकुमार पोलीस आयुक्त नागपूर शहर व सह पोलीस आयुक्त निलेश भरणे यांचे आदेशान्वये श्री गजानन राजमाने पोलीस उपायुक्त मुख्यालय यांचे मार्गदर्शनाखाली श्री राम शास्त्रकार, रिता कोहरे पोलीस समाधान कक्ष यांनी महत्त्वपूर्ण कामगिरी पार पाडली.

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने दिए निर्देश – अब शनिवार व रविवार को भी आरटीओ ऑफिस चालू रहेंगे

कोरोना संक्रमण के चलते शहर भर में कई सरकारी व प्राइवेट ऑफिसेज आंशिक रूप से या रोटेशनल शिफ्ट में काम कर रहे थे।उसी तरह आरटीओ ऑफिस में भी लाइसेंस बनवाने संबंधी प्रक्रिया अवलंबित हो रही थीं ।
इस के साथ ही शहर में परमानेंट लाइसेंस और लरनिंग लाइसेंस बनवाने के लिए नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने आरटीओ सिटी कार्यालय को शनिवार व रविवार खुला रखने के आदेश दिए हैं।जिससे सभी ग्राहक अपने जरूरत संबंधी लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन व अपॉइंटमेंट ले सकते हैं।

“आप जो प्यार दिखाते हैं वह अभूतपूर्व है। शब्दों में वर्णन करना असंभव है – मुंढे “

नगर आयुक्त तुकाराम मुंढे शुक्रवार को नागपुर से जाते समय नागपुर के लोगों द्वारा दी गई सहज भावपूर्ण विदाई से अभिभूत हो गए हैं।
मुंबई रवाना होने के बाद, उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए शनिवार दोपहर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया।
मुंढे – नागपुर को अलविदा कहते समय मैं स्तब्ध था। लोगों ने मुझमें एक सख्त अधिकारी का अनुभव किया है।
हालांकि, मीडिया ने विश्लेषण किया कि नागपुरवासीयों ने उनकी भावनात्मकता का अनुभव  किया।
“मेरे जीवन में इससे पहले कभी भी मैं इतना इमोशनल नहीं हुआ।नागपुर से बाहर निकलने पर मेरा हृदय भारी होगया था।”
उसके लिए कारण वही था।मेरे कार्यकाल के दौरान, नागरिक मुझे रोकने के लिए चार घंटे तक बंगले के दरवाजे पर बैठे रहते हैं।
मैं नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करता हूं। हालाँकि, मैं केवल एक बहाना था। एक अधिकारी के रूप में, मेरा प्रतिस्थापन निश्चित है। इसलिए, नागरिकों के रूप में, हमें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को पहचानना चाहिए। आप जो प्यार दिखाते हैं वह अभूतपूर्व है। शब्दों में वर्णन करना असंभव है।
मैं इस प्रेम और आपके द्वारा दिखाए गए विश्वास को अस्वीकार नहीं कर सकता।मैं हमेशा तुम्हारे प्यार के कर्ज में डूबा रहूंगा। फिर से शुक्रिया मेरे तहे दिल से नीचे से…!

पोलिस ठाण्यातील कर्मचाऱ्यांची कुटुंबासारखी काळजी घ्या: वरिष्ठ पोलिस निरीक्षक हेमंत कुमार खराबे

नागपुर:- एमआयडीसी पोलिस ठाण्यातील वरिष्ठ पोलिस निरीक्षक हेमंत कुमार खराबे यांनी कर्मचाऱ्यांची कुटुंबासारखी काळजी घेण्यावर भर राबविण्यात येत असल्याची माहिती नुकतीच कळवीली आहे. कोरोनावायरस संसर्गात पोलिस कर्मचा-यांना सर्वात जास्त जनसंपर्कामुळे संभाव्य धोका असतो करिता अलीकडेच कर्मचाऱ्यांना औषधी व पल्स मीटरचे त्यांनी ठाण्यात केलं.

ते सातत्याने कर्मचार्‍यांच्या फिटनेस व प्रश्नांकडे लक्ष ठेवून आहेत त्यांनी ठाण्यातील प्रत्येक खोलीत कर्मचाऱ्यांसाठी वाफारा व सॅनिटाईजेशन यंत्रे ठेवली आहेत शिवाय प्रत्येक कर्मचाऱ्याला ते दर तासाला गरम पाणी पिण्यासाठी सांगतात, आता एकत्र जेवण करू नका, सामाजिक अंतर पाळा अशा प्रकारच्या सूचनाही त्यांनी सर्व कर्मचाऱ्यांना दिल्या आहेत. कर्मचाऱ्याला अस्वस्थ वाटत असल्यास ताबडतोब ते त्यांना रुग्णालयात जाण्याचा सल्ला देतात. व फॉलो अपही घेतात, त्यांच्या नेतृत्वात एमआयडीसी पोलिस ठाण्याअंतर्गत गुन्हे आलेख कमी झाला असून कर्मचाऱ्यांसाठीही ते वडिलकिच्या भूमिकेतून वागून असतात.

कोरोना कालावधीत आजपर्यंत पोलिस कर्मचार्‍यांनी आणि सर्व लोकांनी एकत्रित काम केले, प्रथम आम्ही लॉकडाऊन मधे राशन वितरण केले. आमचा भाग औद्योगिक असल्याने परप्रांतीय मजुर बहुसंख्येत येथे वास्तव्यास आहेत, त्यांसाठीची जेवण व्यवस्था ई.

राबविली, ज्यामुळे आमचे क्षेत्रातील लाखो कामगार त्यांच्या गावी परत गेले नाहीत, आता विद्यमान परिस्थितित कोरोनावायरस प्रादुर्भाव तिव्र आहे यामुळे आम्ही बाह्यभागातच पल्स ऑक्सिमिटर वगैरे सामग्री लावली आहे, ठाण्यात येणा-या प्रत्येकाचाच सॅनिटाईजेशन व पल्स ऑक्सीमीटरने ऑक्सिजनची पातळी तपासतो, ज्यांची कमी आढळली, शरिराचे तापमान जास्त आढळले तर त्यास हॉस्पिटलला पाठविण्यात मार्गदर्शन व मदत करतो आणि त्यासाठी, आम्ही सर्वांना निवारक औषधही दिले आहे, जे कर्मचारी पॉजिटिव्ह आहेत, त्यांच्या घरीच ऑक्सिमीटर, प्रतिबंधक औषधं पाठवले आणि ति घेण्याविषयक मार्गदर्शन केले जाते, नागपूरचे नवे आयुक्त अमितेश कुमार यांनी याविषयक कोणत्याही प्रकारची कमतरता कर्मचा-यास भासू नये असे निर्देश दिलेले आहेत. त्यानुसार सर्व कार्यवाही चालू असल्याचे हेमंत कुमार खराबे यांनी सांगितले

गांधीबाग थोक कापड मार्केट पाळणार आठवडाभराचा कर्फ्यु

नागपुर:- शहरातील कोवीड-19 ची वाढती प्रकरणं लक्षात घेता गांधीबाग येथील घाऊक कापड बाजार संघटनेने 13 सप्टेंबर पासून 20 सप्टेंबर पर्यंत, आठवडाभर गांधीबाग कापड बाजार बंद राखण्याचा आज निर्णय घेतला आहे.

शहरातील कोवीड-19 ची वाढती परिस्थिती लक्षात घेता खबरदारीचा उपाय म्हणून हा निर्णय घेण्यात आला आहे. घाऊक कापड बाजार संघटनेला शहराच्या विविध व्यवसायीकांकडून एक आठवडा बाजार बंद ठेवण्याच्या सूचना व पत्र मिळाल्यानंतर हा निर्णय घेण्यात आला आहे. तो संघटनेने आज प्रसिद्ध केला.

स्वयंस्फुर्तपणे यात सहभागी होण्यास विविध कापड विक्रेता व्यावसायिकांनी हमी दिली आहे याविषयीचा पुढाकार खरोखरच कौतुकास्पद आहे. अन्य व्यवसाईकांनीही हा आदर्श बाळगत कोरोनावायरस संसर्ग लढ्यात आपलेही शक्य तितके योगदान द्यावे अशी मागणी होते आहे.

अलविदा नागपुर: यादों के साथ मुंढे द्वारा फेसबुक पोस्ट

नागपुर:- अनुशासन प्रिय आईएएस अधिकारी मुंढे को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण में सदस्य सचिव के रूप में स्थानांतरित किया गया। हालांकि, राज्य सरकार ने मात्र 15 दिनों में वह आदेश वापस ले लिया है। इस समय यह अज्ञात है कि उनका स्थानांतरण कहा किया जाएगा, पर अब इस स्थानांतरण के बाद मुंढे ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर एक वीडियो पोस्ट किया। जिसमे उन्होंने नागपुर के लोगों को धन्यवाद दिया। मुंढे ने नागपुर के लोगों को अलविदा कहा।

ऐसी है नागपुर छोड़ने से पहले तुकाराम मुंडे नई फेसबुक पोस्ट:

“नागपुर में सात महीने रहने के बाद आपको अलविदा कह रहा हूँ। इन सात महीनों के दौरान, मैंने इस शहर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की कोशिश की। इसमें कुछ परियोजनाएँ पूरी हुईं। कुछ शुरू हो रहे हैं। तो कुछ अभी तक शुरू नहीं हुए हैं। लेकिन दरमियान मेरा ट्रांसफर हुआ। अब मुझे अपने रास्ते चलना होगा। नियम अनुसार, मैं आगे के काम के लिए सभी को अलविदा कह रहा हूं।

हाल ही में कोविड वायरस के संक्रमण से मुक्त हुआ हू। कई लोग मुझसे मिलना चाहते थे और मैं भी जितना हो सके हर आने जाने वाले से मिलने की कोशिश करता था। मैं अपने प्रति सभी की भावनाओं का सम्मान करता हूं। मैं गवाही देता हूं कि आपने मुझे जो प्यार दिया है, उसे मैं हमेशा साथ रखुंगा, ऋणी रहूंगा।

नागपुर नगर निगम के आयुक्त के रूप में मेरे सात महीने मेरे लिए बहुत शिक्षाप्रद थे। कोविड महामारी के अवसर पर नगरपालिका आयुक्त के रूप में अर्जित अधिकारो का सर्वोत्तम उपयोग करने का मैंने प्रयास किया। कई अवसर पर कठोर निर्णय लिया गया। इनकी आलोचना हुई। हालाँकि, यह लोगों की भलाई के लिए लिया गया था तो निश्चित रूप से संतोषजनक हू। इस अवधि का अनुभव कोई संदेह नहीं होगा कि जीवनभर शिक्षा के रूप में काम करेगा।‌‌

जो जो अच्छा सीखने मिला वह सिखा। भले ही कुछ कड़वे अनुभव हों; लेकिन इससे भी सीख ली। कल नई जगह स्थानांतरित होने मुंबई के रवाना हो रहा हू। आपका प्यार हमेशा साथ रहेगा। इस शहर के लिए कुछ अच्छा करने की कोशिश की, इस पर गर्व रहेगा। नागपुर नगर निगम को यादों के साथ अलविदा। आपने जो समर्थन दिया, उसके लिए आपका धन्यवाद! अलविदा! ”

नागपुर में कोरोना का प्रचलन बढ़ा, तब मुंढे ने नगर आयुक्त के रूप में सख्त प्रतिबंध लगाए थे। हालांकि, इससे मुंढे और मेयर जोशी के बीच तीखे मतभेद हो गए।

एक कर्तव्यनिष्ठ आईएएस अधिकारी, मुंढे, इस साल की शुरुआत में राज्य के एड्स नियंत्रण परियोजना के निदेशक के रूप में काम कर रहे थे। नागपुर नगर आयुक्त के रूप में उनका तबादला जनवरी में किया गया था। केवल सात महीनों में, उनके स्थानांतरण आदेश का फिर नवीनीकरण किया गया। अब उसपर एक बार फिर नया आदेश है। नागपुर नगर आयुक्त का पद राधाकृष्णन बी के को सौंपा गया है।

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