स्कूल व्हॅन रुग्णवाहिकेत रुपांतरित करा

नागपुरात कोरोनाचे रुग्ण दिवसेंदिवस वाढत आहे. भविष्यात उद्‌भवणाऱ्या परिस्थितीला सामोरे जाण्यासाठी सोयी-सुविधा आणि साधनांची उपलब्धता करणे गरजेचे आहे. सध्या शाळा बंद असून स्कूल व्हॅन उपयोगात नाहीत. या स्कूल व्हॅनमध्ये किरकोळ बदल करून त्याचे रूग्णवाहिकेत रुपांतर केल्यास रुग्णांसाठी ते सोयीचे होईल. अशा स्कूल व्हॅनचे रुग्णवाहिकेत रुपांतर करण्यात यावे, असे आवाहन महापौर संदीप जोशी यांनी प्रादेशिक परिवहन अधिकाऱ्यांना केले.

कोरोनाची रुग्णसंख्या झपाट्याने वाढते आहे. वेळेवर उपचार मिळण्यास उशीर होत असल्याने मृत्यूसंख्याही वाढत आहे. यासाठी साधनांची उपलब्धता करणे गरजेचे आहे. नागपूर महानगरपालिका रुग्णवाहिकांसह अन्य साधनांची व्यवस्था करीत आहे. मात्र आता कोरोनाशी संघटित लढा देण्यासाठी लोकसहभागाची गरज आहे. स्कूल व्हॅनमध्ये किरकोळ बदल करून त्याचे रुग्णवाहिकेत रुपांतर करण्यात आले तर अनेक रूग्णांना रुग्णालयात दाखल होण्यासाठी तातडीची सेवा मिळू शकेल. तसेच गेल्या अनेक महीन्यांपासून बेरोजगारीचा सामना करणा-या व्हॅन चालकांना रोजगार उपलब्ध होईल. याची तात्काळ दखल घेण्याची विनंतीवजा सूचना महापौर श्री.संदीप जोशी यांनी पत्रातून केली आहे.
या सूचनेची सकारात्मक दखल घेत प्रादेशिक परिवहन अधिकाऱ्यांनी या सूचनेबद्दल अनुकूलता दर्शविली असल्याचे महापौर संदीप जोशी यांनी सांगितले.

कोरोना निर्देशांचे पालन करा: वाहतूक पोलीस आयुक्त विक्रम साळी यांचे नागपूरकरांस आवाहन

नागपूर: वाहतूक पोलीस आयुक्त विक्रम साळी यांनी नागरिकांनी कोरोना संबंधितचे गाईडलाइन नूसार वाहन चालवतांना मास्क लावणे, चारचाकी, दुचाकीवरील चालकांनी सोशल डिस्टेंस पालन करने कोरोनावायरस संसर्ग रोखथामासाठी खुप गरजेचे असल्याचे सांगितले.

सदर निर्देशांचे कोणी वाहनचालक पालन करीत नसल्यास त्यांचेवर वाहतूक विभागाची करडी नजर असेल व त्यांना मोठ्या दंडात्मक कार्यवाहीस सामोरे जावे लागेल, याविषयक कारवाई सुद्धा कालपासून सुरू झालेली आहे.

नागरी सुरक्षेस्तव, सर्वांचे काळजीसाठी सदर उपाय आवश्यक असल्याचे त्यांनी सांगीतले. कोरोना रोगाचे गांभीर्य ओळखून आपल्या जिवनशैलीत प्रतिबंधात्मक उपायांची सवय लावून घेणे आता गरजेचे आहे. त्यामुळे या विनंतीदाखल सुचनांस गंभीरतेने घ्यावे.

विभागांतर्गत जे पोलिस कर्मचारी कोरोनाबाधित आढळले आहेत त्यांचे उपचारादाखल होत असलेल्या प्रयत्नांचीही त्यांनी यावेळी माहिती दिली.

एम आय डी सी वाहतूक शाखेत विटॅमिन सी औषध वितरण

नागपूर: कोरोनावायरस संसर्ग काळात असलेल्या लॉकडाउन काळात अविरतपणे कर्तव्य बजावणा-या वाहतूक शाखेतील जवानांना कोरोनाचा सर्वाधिक धोका आहे, अनेक जवान या लढ्यात बाधित झाले, अनेक अद्याप काही रूग्णालयांत उपचार घेत आहेत, याची गंभीर दखल घेत नागपुरचे नवनियुक्त पोलीस आयुक्त अमितेश कुमार यांनी कर्मचा-यांची प्रतिकारक क्षमता वाढावी या हेतुने विटॅमिन सी औषधाचे वितरण केले जावे या सुचना निर्गमीत केल्या तद्नुसार एम आय डी सी वाहतूक परिमंडळ शाखेत आज विटॅमिन सी औषधाचे वितरण निरीक्षक संजय जाधव यांचेहस्ते केले गेले.

यावेळी जाधव म्हणाले, नवे आयुक्त अमितेश कुमार यांनी कार्यभार स्विकारताच पोलिस दलातील वाढत्या मृत्युसंदर्भात पाहनी केली व त्यानुषंगेच्या उपाय योजनांवर भर देण्याच्या सुचना दिल्यायत.

नुकतीच आयुक्त अमितेश कुमार यांनी पोलिस कर्मचा-यांना रूग्णालयात बेड उपलब्ध होत नाहीत म्हणून तिव्र नाराजी व्यक्त करून याविषयक कारवाई न केल्या गेल्यास मनपा आयुक्तांकडे जाण्याचा मार्ग पत्करत पालिका आरोग्य यंत्रणेस खडसावले होते यावरूनच ते या विषयास किती गंभीरतेने घेत आहे याची जणू झलकच त्यांनी दिली होती, तत्पश्चात प्रशासनासही याची दखल घ्यावी लागली

जाधव सांगतात, आयुक्तांनी दलात असलेले बाधित, संशयीत सर्वच‌ प्रकारच्या कर्मचा-यांवर लक्ष ठेऊन प्रतिबंधात्मक उपाय सुरू करण्याचे निर्देश दिले, दैनिक व आठवडी अशा मल्टीविटामिन औषधि गोळ्या ठराविक पद्धतीने घेण्यासंबंधीच्या सुचना सर्व कर्मचा-्यांस समजावून व आवश्यकतेने घेण्यासंबंधी माहिती व त्यांचे वितरण त्यानुसार केल्या गेले

विशेष असे की १५ दिवसांचा हा साठा एकत्र खरेदी केला गेलेला आहे व संबंधितचे बिल विभागास दिले गेले आहे. नव्या आयुक्तांनी एखाद्या जबाबदार कुटुंब प्रमुखासारखी भुमिका घेत परिवाराची काळजी वहन करणारं उदाहरण घालून दिलं आहे हे निश्चितच कौतुकास्पद व वेळेची गरज ओळखून घेतलेलं पाऊल आहे

सर्व नागरिकांनीही महामारीच्या या काळात त्यातलं गांभीर्य जसं सुरूवातीच्या काळात जाणत काळजी घेतली तशीच आताही राखावी, हलगर्जीपणा न करता सोशल डिस्टेंसींग, मास्क, इम्युनिटी वाढ, वेळोवेळी ऑक्सीजन पातळी परिक्षण, वाफारा, मल्टीविटामिन औषधं ई बाबी वर विशेष लक्ष द्यावे असे त्यांनी सांगीतले

जबरदस्त दबाव मुझे अपने रूटीन प्रैक्टिस में परेशान कर रहा है।कृपया मुझे इस कार्य से मुक्त करें – डॉ शाह

यह महाराष्ट्र का पहला मामला है जहां एक प्राइवेट डॉक्टर, जिसका हॉस्पिटल कोविड हॉस्पिटल के रूप में नामित किया गया है उसने खुलकर अपनी परेशानियों को जिक्र उस चिट्ठी में किया है।
यवतमाल के जिला कलेक्टर एम देवेंद्र सिंह को लिखे एक पत्र में, डॉक्टर ने अपने फैसले के पीछे कारणों को सूचीबद्ध किया, जिसमें से राजनेताओं द्वारा मरीजों के प्रवेश के लिए बहुत दबाव है। “जबरदस्त दबाव मुझे अपने रूटीन प्रैक्टिस में परेशान कर रहा है। कृपया मुझे इस कार्य से मुक्त करें। आपके आदेश तक, मैं केवल अपने भर्ती मरीजों को देखूंगा, ”डॉ शाह
डॉ शाह ने कहा –
“कुछ लोग मेरे खिलाफ व्हाट्सएप और ट्विटर पर मेरी कठिन परिस्थितियों का लाभ उठा रहे हैं और सोशल मीडिया अभियान चला रहे हैं जो मेरी छवि को खराब कर रहा है। यह मेरे और मेरे हॉस्पिटल के लिए अच्छा नहीं है, ”
वास्तव में, पिछले तीन दिनों से, कुछ व्यक्ति डॉ शाह के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर रहे हैं। उन्होंने इलाज के लिए भारी रकम वसूलने और एक कोविड नेगेटिव पेशेंट को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराने के लिए कहने का आरोप लगाया है।
हालांकि, नकारात्मक मीडिया अभियान चलाने वालों ने डॉ शाह के खिलाफ कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं की है और न ही उन्होंने आईएमए या मेडिकल काउंसिल से संपर्क किया है।
डॉ शाह –
“यह मुझे ब्लैकमेल करने का एक असफल प्रयास था,” मै पहले से ही चिकित्सा बिरादरी से समर्थन प्राप्त करना शुरू कर चुका हूं”
“यह अफ़सोस की बात है।और इस साहसिक सार्वजनिक कदम के लिए डॉ महेश शाह को बधाई। यह अधिकारियों और जनता को जगाएगा, ”आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रवि वानखेडकर ने कहा। शहर के कई डॉक्टरों ने डॉ शाह द्वारा उठाए गए कदम  को सही और वास्तविक करार दे रहे है।

डॉक्टर्स को मरीज़ के स्वास्थ्य के बारे में सचेत के करने के लिए आया “रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम “

गंभीर और अति गंभीर कोरोना संक्रमितों की दिन ब दिन बढ़ती संख्या और कोविड हॉस्पिटल्स में उपलब्ध डॉक्टरों और स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं की सीमित संख्या से निपटने के लिए, जल्द ही विदर्भ के तीन जिलों में अलार्म के साथ दूरस्थ रोगी निगरानी प्रणाली की एक नवीन अवधारणा का उपयोग किया जाएगा।
नागपुर,अमरावती और अकोला के कोविड हॉस्पिटल्स में ये सिस्टम मिलेंगे।यह सिस्टम भारत में विभिन्न स्टार्ट-अप द्वारा विकसित किए गए हैं, जिनमें से कुछ विदेशी कंपनियों के सहयोग से हैं।
जहां तक नागपुर का सवाल है, इंदिरा गांधी सरकारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (IGGMCH) पहले से ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत 25 ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है। जिला प्रशासन ने इस परियोजना के लिए धन आवंटित किया है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ रवि चौहान ने बताया कि पहले 25 उपकरणों का उपयोग गंभीर रोगियों की निगरानी के लिए किया जा रहा है और उनके परिणाम ठीक थे।
“डिवाइस को रोगी के बेड के नीचे रखा जाता है, जबकि इसकी जांच रोगी की उंगलियों में से एक पर तय की जाती है। डिवाइस रक्त ऑक्सीजन स्तर, पल्स दर, स्लीप एपनिया और श्वसन दर का वास्तविक समय रिकॉर्ड रखता है। यदि इनमें से कोई भी महत्वपूर्ण पैरामीटर गंभीर अवस्था में प्रवेश करता है, तो डिवाइस डॉक्टरों को सचेत करने के लिए अलार्म है। डॉ चव्हाण ने कहा कि तत्काल चिकित्सा सहायता गंभीर रोगियों को बचा सकती है।”
IGGMCH को 150 और सिस्टम मिलेंगे जबकि GMCH को 100 मिलेंगे। जिला कलेक्टर ने इस परियोजना के लिए रु 83 लाख की मंजूरी दी है।
इस प्रणाली की स्थापना के कई लाभ हैं। यह स्वास्थ्य कर्मचारियों को अपने स्मार्टफोन, लैपटॉप या केंद्रीय मॉनिटर पर रोगियों की दूरस्थ रूप से निगरानी करने की अनुमति देता है। यह कोविद -19 रोगियों के साथ संपर्क की फ्रीक्वेंसी को कम करता है। इसके कारण डॉक्टर सुरक्षित रहते हैं। नागपुर में दोनों जीएमसी पहले से ही डॉक्टरों की कमी का सामना कर रहे हैं और उनमें से कई कोविद -19 पॉजिटिव हैं।
चूंकि डॉक्टरों को महत्वपूर्ण मापदंडों के रिमोट अलर्ट मिलेंगे, इसलिए वार्डों में उनका बिना वजह जाना भी कम हो जाएगा, जिससे पीपीई की आवश्यकता भी कम हो जाएगी। अगले संस्करण में, यह उपकरण रोगियों के रक्तचाप की निगरानी भी करेगा।

नए नगर आयुक्त देंगे मुंढे के अधूरे कामो को पूरा अंजाम

नागपुर: नागपुर महानगरपालिका के नए आयुक्त राधाकृष्णन बी पद ग्रहण करने के बाद से ही एक्शन मोड में हैं। कुख्यात डॉन संतोष अम्बेकर के दूसरे बंगले पर कमिश्नर ने कार्रवाई की। इससे पहले, पूर्व नगर आयुक्त मुंढे ने अम्बेकर के एक बंगले के खिलाफ कार्रवाई की थी।

राधाकृष्णन बी ने  संतोष अम्बेकर के अवैध बंगले को गिराने का आदेश दिया था। आयुक्त के आदेश के बाद अम्बेकर के बंगले को कल ढहा दिया गया। नगरपालिका ने ढाई हजार वर्ग फुट के क्षेत्र में अवैध बंगले के खिलाफ कार्रवाई की। संतोष अम्बेकर की पत्नी के नाम चार मंजिला बंगला है।

इससे पहले फरवरी में तत्कालीन कमिश्नर मुंढे ने एक बंगले पर कार्रवाई की थी। गौरतलब है कि पद संभालने के बाद पहले महीने में उन्होंने अम्बेकर के किले को ढहा दिया था। संतोष अम्बेकर के ईतवारी स्थित एक अनधिकृत बंगला था। अम्बेकर इसी बंगले से अपना गिरोह चला रहा था।‌‌

नागपुर महानगरपालिका ने संतोष अम्बेकर को एक कानूनी नोटिस जारी कह इसे हटाने कहा था। हालांकि, चूंकि उन्होंने खुद अतिक्रमण नहीं हटाया, मुंढे ने बंगले को गिराने का आदेश दिया था। एक बंगला ढहाए जाने के बाद अब कमिश्नर राधाकृष्णन बी ने दूसरे बंगले पर कार्रवाई की है।

डॉन संतोष अम्बेकर, जो नागपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं, भी कोरोना से संक्रमित थे। संक्रमण के बाद कुछ दिनों तक जेल के अस्पताल में उनका इलाज चला। बाद में उनका इलाज मेयो के कोविड अस्पताल में किया गया।

लेटलतीफोंको झटका: मुंढे की ही तरह, राधाकृष्णन ने पदभार ग्रहण करने के कुछ दिनों के भीतर अम्बेकर को झटका दिया। नागपुर नगर आयुक्त के पद से मुंढे के स्थानांतरण के बाद, निगम के कर्मचारी काम पर वापस देर से आने लगे। इसलिए, राधाकृष्णन बी भी मुंढे के नक्शेकदम पर चलते हुए, निगम के 66 कर्मचारियों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किए थे।‌‌ कल की कारवाई के बाद उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि नागपूर में अपराध और अनर्गल बातें अब नहीं चलने वाली।

मास्क न लावणारे, सोशल डिस्टंसिंग न पाळणा-यांविरोधात आता कडक कारवाई

नागपूर: शहराचे महापौर संदीप जोशी यांनी नागपूर शहराचे नवनियुक्त मनपा आयुक्त व नवनियुक्त पोलीस आयुक्त यांचेसोबत आज संयुक्त बैठकीस हजेरी लावली, दोघेही नव्याने आलेयत व सर्वप्रतिनिधीसह बैठकीत झालेल्या चर्चांबाबत माहिती देताना जोशी यांनी सांगितले की कोरोना लढ्यात निर्देशानुसार न वागणाऱ्या, नियमांचे पालन न करणाऱ्या शहरातील नागरिकांवर यापुढे सक्तीने कारवाई करण्यात येईल. तोंडावर मास्क न वापरता फिरणा-या, सोशल डिस्टंसिंगचे पालन न करणा-या अशा उल्लंघनकर्त्यां विरोधात कठोर कारवाईचे संकेत त्यांनी दिले.

कोरोना प्रसार विरोधात, रोखथामात एकत्रितपणे कोणकोणत्या उपाययोजना करू शकतो याबाबतची या बैठकीत चर्चा झाली. महानगरपालिकेने अशी ही कारवाई सुरू केली आहे, व उद्यापासून पोलिस विभागातर्फेही अशाच कठोर कारवाईची सुरुवात होणार आहे.
याबाबत प्रसिद्धी विभाग माहिती देईलच, बैठकीत कोरोना प्रसार रोखथामात कोणकोणत्या उपाययोजना करता येतील याबाबत चाचपणी केली गेली, जनता कर्फ्यू, लॉकडाऊन अशा संबंधित उपायांचेही प्रसंगी नियोजन केले जाईल याबाबत चर्चा झाली.

कोरोना विरोधातील या लढ्यात संयुक्त प्रयत्नांची शिकस्त राखण्याचा सर्व मिळून प्रयत्न करू व कोरोनास दूर सारू असा निर्धार त्यांनी यावेळी व्यक्त केला.

नवनिर्माणाचा प्रण करीत युवक कार्यकर्त्यांचा मनसेत प्रवेश

महाराष्ट्र नवनिर्माण विध्यार्थी सेना नागपुर मध्ये आज मा. राज साहेब ठाकरे च्या नेतृत्वावर विश्वास ठेऊन व मनसे नेते बाळासाहेब नांदगावकर व मनसे प्रदेश सरचिटणीस हेमंत गडकरी आणि मनवीसे अध्यक्ष आदित्यजी शिरोडकर ह्यांच्या मार्गदर्शनात तसेच  मनवीसे नागपुर जिल्हा अध्यक्ष दिनेश ईलमे ह्यांच्या प्रमुख उपस्थितीत,व मनवीसे उत्तर नागपुर विधानसभा अध्यक्ष मनोज काहलकर ह्यांच्या नेतृत्वात,अंकुश आंबूलकर,रोहित तारेकर,विवेक खैरकर,प्रज्वल खैरकर, प्रशिक खैरकर, हर्ष पाटील ,प्रतीक फुलझले आदी युवकांनी आज पक्ष प्रवेश केले व मा.राज साहेब ठाकरेंच्या नवनिर्माणाचे स्वप्न पूर्ण करण्याचे प्रण घेतले.

कोरोना वॉरियर्स पोलिसांनाच नाहीत शहरात बेड उपलब्ध: आयुक्त अमितेश कुमार यांची नाराजी

नागपूर: कोरोनाचा प्रादुर्भाव दिवसेंदिवस वाढतो आहे व कोरोना रुग्ण संबंधित बातम्या व अफवांचं पेव शहरभरात पसरत आहे, अशात परवा नागपुरात खुद्द पोलिसांसाठीच बेड उपलब्ध नसल्याची वार्ता शहराचे नवे पोलिस आयुक्त अमितेश कुमार यांचे कानावर गेली, यासंदर्भात त्यांनी तातडीची कारवाई करत सदर बाधित पोलिस कर्मचा-यांना रूग्णालयात बेड उपलब्ध होईल यासंबंधी यंत्रणेस खडसावून जागे केले.

कोरोना बधित पोलीस कर्मचाऱ्यांना रुग्णालयात बेड का उपलब्ध होत नाहीत? त्याविषयक यंत्रणेतील झोनल अधिका-यांची कान उघडणी नवे पोलिस आयुक्त अमितेश कुमार यांना करावी लागली आहे. कोरोना वरियर्स म्हणून महत्वाची कामगिरी बजावणारे पोलिसांनाच जर अशी वागणूक मिळत असेल तर हा प्रकार अत्यंत वाईट आहे असे त्यांनी म्हटले आहे.

यासंबंधित त्यांची संभाषणाची एक ऑडिओ क्लिपच सोशल मीडियावर सध्या व्हायरल झालेली आहे, यात त्यांनी अधिकाऱ्यांस याबाबत विचारणा केली असल्याचे आढळते.
बाधित कर्मचाऱ्यांची माहिती सांगत त्यांना सायंकाळपर्यंत बेड उपलब्ध झाले नाही तर ते स्वतः जातीने मनपा आयुक्तांकडे जाऊन याबाबतची तक्रार करणार असल्याची त्यांनी सांगितले

अशाप्रकारे कोरोना लढ्यात अग्रभागी लढा देणाऱ्या व्यक्तींनाच जर बेड मिळत नाही हे चित्र दुर्दैवी आहे, कुटुंब फक्त आपल्यालाच आहे काय त्यांना कुटुंब नाहीत काय? अशी विचारणाही त्यांनी केली. अशा लोकांना प्राथमिकतेने बेड मिळणे ही भविष्यासाठीचीही तजवीज असावी असा सल्लाही त्यांनी यावेळी दिला. शिवाय दाखल करतांना रूग्णालयाचे फी म्हणजे संबंधित ची रक्कम भरण्याची प्रक्रिया ही पोलिस विभागाची असेल अशी त्यांनी खात्री दिली.

एका चमूचे नेतृत्व करत असताना टिमलिडर कसा असावा याचं उदाहरणच आयुक्त अमितेश कुमार यांनी दाखवून दिले आहे.

अभ्यासिका तात्काळ सुरु करा अंकुर फाऊंडेशनची मागणी,अतिरिक्त जिल्हाधिकारी रवींद्र खजानी यांना दिले निवेदन

कोरोना वायरस या महामारीने संपूर्ण जनजीवन विस्कळीत झाले होते. आता हळू हळू सरकार त्यामध्ये शिथीलता आणतांना दिसत आहे. परंतु रखडलेल्या अंतिम वर्षाच्या परीक्षा, राज्यसेवेच्या आणि केंद्राच्या परीक्षा लवकरच घेण्याचे नियोजन राज्य सरकार करते आहे. पण विद्यार्थ्यांना अभ्यास करण्यासाठी अजून पर्यत अभ्यासिका सुरू न झाल्याने विद्यार्थ्यांना मोठा अडचणींचा सामना करावा लागत आहे. तसेच अनेक विद्यार्थ्यांच्या घरी अभ्यास करण्याकरिता व्यवस्था सुद्धा नसल्याने त्यांच्या समोर अडचणीत वाढ होत आहे. या संपूर्ण परिस्तिथीचे गांभीर्य लक्षता घेऊन राज्य सरकारने तात्काळ शासकीय व खाजगी अभ्यासिका सोशल डिस्टनसिंग, मास्क आणि सॅनेटायजरचे या नियम व अटीचे पालन करून विद्यार्थ्या समोरची अडचण दूर करून अभ्यासिका लवकरात लवकर सुरू करण्याची मागणी अंकुर फाऊंडेशनच्या वतीने अतिरिक्त जिल्हाधिकारी रवींद्र खजानजी यांच्या  महाराष्ट्र राज्याचे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांच्या पर्यत  गिरीश कुबडे, शुभम महारतळे, प्रवीण कुरस्कर, रक्षित सावला, अमोल पोहाणे व तुषार धारकर यांनी यावेळी निवेदनातून मागणी केली.
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